Elect a Government That Is Concerned About Security of People in Punjab: PM Modi

Published By : Admin | January 29, 2017 | 13:38 IST
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Punjab needs a Government that was committed to welfare of its people and had the vision of development: PM
Shri Parkash Singh Badal is a tall leader who only thinks about developing Punjab: PM
PM: Congress leaders labelled youth of Punjab as terrorists. How can that be accepted?
There can be political differences in thinking but protecting democratic values must be at the core: PM
Centre wants overall development of farmers and is undertaking several measures for their welfare: PM

मंच पर विराजमान पंजाब के  मुख्यमंत्री आदरणीय सरदार प्रकाश सिंह जी बादल, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान विजय सांपला जी, उप-मुख्यमंत्री सरदार सुखबीर सिंह जी,  केंद्र में मंत्री परिषद की मेरी साथी हरसिमरत जी,  जत्थेदार तोता सिंह जी,  श्री अविनाश राय खन्ना जी, श्रीमान मंतर सिंह बरार जी, श्रीमान स्वरूप सिंह सिंगला जी, श्रीमान एच.आर कलेर जी, श्रीमान तीरथ जी महाला जी, परमभव श्री बंटी रूबाना जी, पूर्व सांसद बीबी गुरुचरण कौर जी, फरीदकोट भाजपा के अध्यक्ष श्रीमति सुनीता जी, मोगा से उम्मीदवार सरदार बरजिंदर सिंह जी, सरदार कंवरजीत सिंह जी, सरदार चरणजीत सिंह जी, सरदार सूबा सिंह जी और विशाल संख्या में पधारे हुए पंजाब के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों

चार तारीख को आप सब पंजाब के भाग्य का फैसला करने वाले हैं, लेकिन मेरे पंजाब के भाइयों-बहनों जब आप पंजाब में सरकार चुनते हैं तब सिर्फ पंजाब के लोगों के भाग्य के लिए नहीं चुनते, पंजाब में जब सरकार चुनी जाती है, तो उसके साथ हिन्दुस्तान का भी भाग्य जुड़ा हुआ होता है। ये सरहदी राज्य है। पाकिस्तान पंजाब की धरती का उपयोग हिन्दुस्तान को तबाह करने के लिए, मौके की तलाश में रहता है, और अगर यहां सरकार ढीली-ढाली आ जाए, सरकार बाहरी लोगों की आ जाए, सरकार ऐशो-आराम करने वालों की आ जाए, तो सिर्फ पंजाब के लोगों का नुकसान होगा ऐसा नहीं, पूरे हिन्दुस्तान को एक संकट के दौर से गुजरना पड़ेगा।

इसलिए मेरे प्यारे भाइयों बहनों।

भारत की सुरक्षा के लिए, भारत की सुरक्षा को कोई चोट ना पंहुचे। इसलिए भी पंजाब में ऐसी सरकार चाहिए, जो सरकार देश की सुरक्षा की भी गारंटी हो

भाइयों बहनों।

अभी मैं हरसिमरत जी को सुन रहा था। वो अपनी पीड़ा व्यक्त कर रही थी, कि बादल साहेब जैसे बुजुर्ग व्यक्ति के लिए, ना जाने कैसी-कैसी भाषा बोली जाती है।

भाइयों बहनों।

मैं सार्वजनिक जीवन में कई वर्षों से मैंने अनेक दलों के राजनेता देखे हैं। अनेक दल के राजनेताओं को सुनने का मुझे अवसर भी मिला है। मेरे इतने जीवन के कालखंड में दो नेता, जिनका मैं ज़िक्र करना चाहता हूं।  एक अटल बिहारी वाजपेयी और दूसरे सरदार प्रकाश सिंह बादल। ये दो ऐसे नेता कि जिनके मुंह से कभी भी हल्का शब्द नहीं निकलता है। किसी की आलोचना करनी है, कितना ही छोटा व्यक्ति क्यूं ना हो लेकिन ये दो नेताओं का उनके मुंह से कभी भी कटुता प्रकट नहीं हुई है।

भाइयों बहनों।

सार्वजनिक जीवन में बोलचाल कैसी हो, भाषा कैसी हो, ये अगर सीखना है, तो अटल बिहारी वाजपेयी से सीखने को मिलता है, प्रकाश सिंह जी बादल से सीखने को मिलता है।

लेकिन भाइयों बहनों।

जब बादल साहेब के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया। किया जा रहा है। दुख पहुंचना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन मैं हरसिमरत जी से कहना चाहता हूं, सुखबीर जी से कहना चाहता हूंआप ऐसे लोगों से अपेक्षा क्यूं करते हो। जो लोग किसी के लिए भी, कुछ भी बोलने के आदि हो गये हैं। जिन्होंने अन्ना हजारे के साथ ऐसा किया, वो बादल साहेब के साथ न्याय करेंगे। ऐसी आशा करते हैं आप, ऐसे लोगों से। मैं हैरान हूं। हम भी कांग्रेस के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी है। हम ये कहते थे कि हम फलानी बात की जांच कराएंगे। दोषियों को कानून के दायरे में लाएंगे और कानून दोषियों को छोड़े नहीं, इतनी बारीकी से सच्चाई को लाकर रहेंगे। हम कभी ये नहीं कहते, फलाने को जेल में भर देंगे। धिकने को जेल में भर देंगे। अरे देश ने हमें ये सत्ता नहीं दी है। देश ने हमें सत्ता दी है, कानून का पालन करने की, लेकिन आजकल भाषा बोली जा रही है। हम आकर के इसको ...। वो शीला दीक्षित को भी जेल में भेजने वाले थे। अभी शीला दीक्षित उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित हो गई।

अब बताइए।

हम कहते हैं, गुरुग्रंथ साहब का जो अपमान हुआ है। मामला सरकार ने सीबीआई को दिया है। सीबीआई पूरी गहराई से जांच करेगी और मैं कहता हूं। मैं ये नहीं कहता हूं कि उसको जेल में डाल दूंगा। मैं यह कहता हूं कि सीबीआई पूरी बारीकी से जांच करेगी। गुरुग्रंथ साहब का अपमान करने वालों को खोज के निकालेगी, कानून के हवाले करेगी और न्याय तंत्र न्याय करेगा और गुरुग्रंथ साहब का अपमान करने वालों को सजा मिलेगी। हर चीज कानून से ही चलती है, लेकिन ये डिक्टेटर की भाषा है। फलाना को जेल में ठोक देंगे, धिकने को ये कर देंगे। क्या लोकतंत्र इस प्रकार से चलता है?

भाइयों बहनों।

मतभेद हो सकते हैं। राजनीतिक विरोध हो सकता है लेकिन लोकतंत्र की मर्यादाएं टूट जाएगी तो देश का बहुत नुकसान होने वाला है और उसको संभाल के रखना ये हम सब का दायित्व है।

भाइयों बहनों।

अभी मैं गोवा गया था। गोवा के अखबार में, मैंने एक चीज पढ़ी। कुछ लोगों को जब पता चल जाता है कि पराजय सामने दिख रहा है तो अभी से माहौल बनाने में लग जाते हैं, तरीके ढूंढते हैं। गोवा में क्या भाषण किया, अखबारों को इंटरव्यू दिया? उन्होंने कहा ये इलेक्शन कमीशन जो है मोदी नचाता है वैसे नाचता है, अब बताओ भाई हिन्दुस्तान में कोई इलेक्शन कमीशन पर झूठे आरोप नहीं लगाता है, लेकिन इलेक्शन कमीशन भी बेकार, और गुनाह क्या इलेक्शन कमीशन का। उसका गुनाह ये है कि पंजाब और गोवा के चुनाव की एक ही तारीख क्यूं तय की। दूसरी शिकायत है पंजाब और गोवा के चुनाव सबसे पहले क्यूं करवाए। तीसरी उनकी शिकायत है कि एक ही समय पंजाब और गोवा के चुनाव इसलिए करवाए गये कि हमारा दल चुनाव हार जाए। भाई हारने के लिए तारीख कारण नहीं है हारने का कारण तो दिल्ली के आपके कारनामे हैं, जिन कारनामों के कारण आपका हारना तय है।

भाइयों बहनों।

ये जो तरीका है। ये तरीका कभी देश में लोकतंत्र का भला नहीं कर सकता, और इसलिए भाइयों-बहनों में आप सब से आग्रह करने आया हूं कि चुनाव में पंजाब के भविष्य को फिर एक बार उस अंधेरी गली में घसीटने वालों से पंजाब को बचाइए भाइयों-बहनों।

मैं ये भी बात पंजाब के लोगों को याद कराना चाहता हूं कि सत्ता पाने के गुरूर में इसी पंजाब में भाइयों-बहनों। जब आतंकवाद के दिन थे, कुछ लोग आतंकवादी हरकतें करके, इस पंजाब की धरती, जो हरी भरी धरती थी, उसको खून से रंगने का प्रयास किया था। उस समय, ये कांग्रेस पार्टी, उसके नेता सारी दुनिया में जा-जाकर पंजाब के हर नौजवान को आतंकवादी कह दिया। हिन्दुस्तान के किसी भी कोने में कोई सरदार नजर आए, तो उसको वो सरदार, देश के लिए मरने वाला भगत सिंह का वंश नहीं नजर आता था। उसको लगता था, कहीं ये आतंकवादी तो नहीं होगा? ट्रेन के डिब्बे में कोई सरदार मिल जाए तो बाकी पैसेंजर एक-दूसरे के साथ सुगबुगाहट करते हैं कि पता नहीं यह कौन होगा। ये हर पंजाबी को, हर सरदार को, हर पंजाब के नौजवान को, आतंकवादी पेंट करने का पाप कांग्रेस पार्टी ने करके देश में हमारे दूध में दरार करने का प्रयास इन कांग्रेस वालों ने किया था। दूध में कभी दरार नहीं हो सकती है, लेकिन यह पाप उन लोगों ने किया था। आज दूसरे आये हैं, उन्होंने पंजाब के हर नौजवान को नशेड़ी कह दिया। कल्पना नहीं है हिंदुस्तान में हर व्यक्ति जब पंजाब का नौजवान मिलेगा, नौकरी के लिए आया होगा, व्यापार के लिए आया होगा, तो उसको यह लगेगा कहीं ये नशेड़ी तो नहीं होगा। कितना नुकसान पंजाब का इस भाषा ने किया है। अरे राजनीति अपनी जगह पे है। पंजाब के नौजवानों का भविष्य तो बर्बाद मत करो, वो पाप तो मत करो लेकिन यह पाप इन लोगों ने किया है भाइयों। समाज में नशे के खिलाफ मिलजुल कर के लड़ना होगा, सामाजिक बुराई के खिलाफ हर किसी को एकजुट होना होगा लेकिन हर जवान को, हर नौजवान को नशेड़ी कह कर के हम देश के नौजवानों को बचा नहीं सकते।

भाइयों-बहनों।

आजादी के बाद हमारे देश में महात्मा गांधी को जब भी याद करते हैं। महात्मा गांधी हमेशा कहते थे, हिंदुस्तान गांवों का देश है। हिंदुस्तान कृषि-प्रधान देश है। कृषि हमारी आत्मा है। खेती हमारी जिंदगी है। खेती हमारी आर्थिक उन्नति है। लेकिन भाइयों-बहनों आजादी के बाद जितने नेता हो गए।


मैं कह सकता हूं, इस देश ने तीन नेता देखे, जिन नेताओं का जीवन, जिन नेताओं का जहन, किसानी के भरा हुआ हो। एक चौधरी चरण सिंह, दूसरे चौधरी देवी लाल, और तीसरे प्रकाश सिंह बादल। ये तीनों नेता देश ने सच्चे अर्थ में खेत से निकल हुआ, खलिहान से निकला हुआ, किसान की जिंदगी जीने वाला अगर देश ने तीन नेता देखे तो तीसरे नेता हैं और आज सिर्फ एक ही देश में मौजूद हैं वो सरदार प्रकाश सिंह बादल हैं। प्रकाश सिंह बादल ये सिर्फ पंजाब के किसानों के नेता नहीं वो हिंदुस्तान के किसानों के नेता हैं। हिंदुस्तान के किसान का भला कैसे हो, इस सोच के इंसान हैं। मैंने देखा है। मैं भी मुख्यमंत्री था। बादल साहब भी मुख्यमंत्री थे। हम लगातार भारत सरकार जब मीटिंग बुलाती थी तो हम बैठते थे, जब में गुजरात से आता था तो मुझे लगता था कि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार है। सरदार प्रधानमंत्री है, तो यह प्रकाश सिंह बादल साहेब को तो बल्ले-बल्ले होगा। उनको तो जो चाहिए मिल जाता होगा लेकिन जब मीटिंग होती थी और बादल साहब जब पंजाब का ब्यौरा देते थे, इतनी पीड़ा होती थी कि दिल्ली में बैठी सरकार ने बादल साहेब को दस साल यहां जनता ने मौका दिया, आठ साल, आठ साल तक दिल्ली में बैठी हुई कांग्रेस सरकार ने बादल साहेब को हर काम में रोड़े अटकाए, रूकावटें डाली, कोई काम करने नहीं दिया। उसके बावजूद भी बादल साहब ने मीटिंग में कभी मर्यादा नहीं तोड़ी, विवेक नहीं तोड़ा, अपनी बात बताते थे किसानों की बात बताते थे, लेकिन ये कांग्रेस सरकार आठ साल तक बादल साहब की बात नहीं सुनती थी। आज दिल्ली में वो सरकार बैठी है, बादल साहब की साथी सरकार है। दो साल में हमने वो काम किये हैं, वो मदद की है, पंजाब के सारे पुराने मसले हमने सुलझा दिए और बादल साहब पंजाब की प्रगति के लिए जो चाहते थे, हमने वो रास्ते खोल दिए। अगर यही बात शुरू से हमारी सरकार होती तो आज पंजाब कहां-कहां पहुंच जाता लेकिन आठ साल तक कांग्रेस सरकार ने रूकावटें डाली और उसका परिणाम ये हुआ कि बादल साहेब को काम नहीं करने दिया। दो साल में भरपूर काम करने का अवसर मिला है। आपको दिखाई देता है, विकास की नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में बादल साहब ने कोई कसर नहीं छोड़ी है  और आज भी हर पल मेरा पंजाब, मेरा किसान, मेरे पंजाब का नौजवान, उसका भला कैसे हो, नई-नई चीजें सोचते रहना, नई चीजें करते रहना, ये बादल साहेब की शख्सियत का परिणाम है।

... और इसलिए मेरे भाइयों-बहनों।

इस चुनाव में पंजाब को बर्बाद करना पंजाब का कुछ भी हो जाये, हमारी दुनिया खड़ी हो जाये, ये सपने लेकर जो लोग चल रहे हैं, उनको जिस रास्ते से वो आये, उसी रास्ते से वापस दिल्ली भेज दो और उनको कहो की वहां की पहले जिम्मेवारी पूरी करो, जनता से जो वादे किये थो वो पूरे करो।  

भाइयों-बहनों।

आज दिल्ली में ऐसी सरकार आपने बिठाई है, जो काम आपने मुझे दिया है, मेरा सपना है, हिन्दुस्तान के किसानों को 2022 जब भारत की आजादी के 75 साल होंगे, हम 2022 तक में हिन्दुस्तान के किसान की आय दोगुना करना चाहते हैं, डबल करना चाहते हैं। जो काम 70 साल में नहीं हुआ, वो काम 7 साल में पूरा करने का बीड़ा उठाया है।

... और भाइयों-बहनों।

जिस तरीके से हम आगे बढ़ रहे हैं, हम सफलता प्राप्त करके रहेंगे, ये आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं, हमने ऐसे नए इनिशिएटिव लिए हैं, हमने ऐसे निर्णय लिए हैं, ऐसी नई योजनाएं बनी हैं जिसके कारण किसान का भाग्य सुनिश्चित होगा और किसान अपनी आय दोगुना कर पायेगा।

भाइयों-बहनों।

आप मुझे बताएं। अगर किसान को पानी मिले तो मेरा पंजाब का किसान मिट्टी में से सोना पैदा कर देता है। वो पानी से भी ज्यादा अपना पसीना बहाता है। वो अपने सपने खेत की मिट्टी में मिला मिलाकर हिंदुस्तान के सपने को सजाता है। ये मेरे पंजाब का किसान है। हिंदुस्तान का पेट भरता है, वो मेरा पंजाब का किसान है।

भाइयों-बहनों।

हमने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना बनाई है। हजारों करोड़ों रुपए खर्च करके हर खेत को पानी मिले, उस दिशा में बीड़ा उठाया है। नब्बे ऐसी योजनाएं उसको हाथ में लिया है। लाखों हेक्टर भूमि को तुरंत पानी पहुंचे। इसके लिए चारो तरफ देश में काम चल रहा है। पंजाब में पानी की नहरें बहुत पुरानी हो गई है, अगर उन नहरों की मरम्मत हो जाये तो जो पानी आखिर में पहुंचता नहीं है उसको उठाने के लिए बादल साहब पूरी ताकत से लगे हैं। दिल्ली सरकार पूरी मदद कर रही है। पानी पहुंचाने का काम चल रहा है।

हमने पूरे देश में अभियान चलाया है ‘Per Drop More Crop’, एक-एक बूंद से  ज्यादा फसल कैसे मिले, इसका बीड़ा उठाया है। ... और इसलिए Per Drop More Crop, Micro Irrigation, टपक सिंचाई, बूंद-बूंद पानी से खेती इसका एक बड़ा अभियान और मुझे खुशी है, इतने कम समय में करीब 15 लाख हेक्टेयर धरती आज Micro Irrigation की ओर कवर हुई है, अगर पंजाब में भी हम यह Micro Irrigation को लागू कर पाए, जितने ज्यादा किसानों को लेते हैं, हम पानी भी बचाएंगे, मजदूरी भी बचाएंगे, ज्यादा फसल होगी, अच्छी फसल होगी, उस दिशा में हम काम कर रहे हैं।

भाइयों-बहनों।

आज भारत सरकार पंजाब के किसानों की पैदावार को दाम जो बाजार में चलते हैं, उससे ज्यादा देकर के उस फसल की खरीदी करती है, ताकि कभी किसान को परेशानी के दिन न आये।

भाइयों-बहनों।

हमने एक और निर्णय किया है कि हमारा किसान जो धान पैदा करता है, उसके बाद जो वेस्ट रहता है, जो जला देता है। हमने उसमें से हम एथेनॉल बनाने के कारखाने पंजाब की धरती पे लगाने वाले हैं, जो आज जला देते हैं आप, उसमें से एथेनॉल निकालेंगे और किसान को उसमें से भी इनकम होगी। एक-एक हेक्टर पर 2 हजार, 5 हजार, 15 हजार तक इनकम हो सकती है। ये नई इनकम किसान की बढाने की दिशा में हम काम कर रहे हैं और देश की उर्जा की आवश्यकता को भी हम पूरा कर रहे हैं। हम किसान को वैल्यू एडिशन, फूड प्रोसेसिंग उसके लिए बल देना चाहते हैं। किसान जो पैदा करता है, उसका अगर वैल्यू एडिशन होता है तो उसकी इनकम बढ़ती है। अगर वो टमाटर पैदा करता है लेकिन टमाटर का कैचप बिकता है तो ज्यादा कमाई होती है। वो दूध पैदा करता है लेकिन अगर दूध में से मिठाई बनाकर के बिकती है, मक्खन या चीज बनाकर बिकती है तो ज्यादा पैसा मिलता है। हम फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन उस पर ज्यादा बल दे रहे है ताकि हमारे किसान को उसकी ज्यादा इनकम मिले, ज्यादा कमाई हो दुनिया के बाजार में कमाई हो।

भारत सरकार ऑर्गेनिक फार्मिंग उस पर बल दे रही है। आज दुनिया में जो माल यहां एक रुपए में बिकता है, वो अगर ऑर्गेनिक है तो दुनिया में एक डॉलर में बिकता है। कितना गुना इनकम हो सकती है किसान को। हमारे देश में एक राज्य सिक्किम पूरा ऑर्गेनिक स्टेट बना दिया है।

भाइयों-बहनों।

पंजाब भी इस स्पर्धा में आ सकता है। हम पूरे देश में ऑर्गेनिक सर्टिफाई करने के लिए लैब खड़ी करना चाहते हैं और जो भी किसान ऑर्गेनिक फार्मिंग की ओर जाना चाहता है। उसको मदद करना चाहते हैं और उस ऑर्गेनिक खेती से पैदावार जो हो उससे उसको एक रुपए के सामने एक डॉलर की कमाई हो, इस दिशा में हम ले जाना चाहते हैं। हमने किसान को प्राकृतिक आपदाओं से जूझते देखा है। ओले गिर जाए, वर्षा आ जाए, बीमारी आ जाए, किसान की मेहनत पानी में जाती है। हमने किसान को ऐसा फसल बीमा योजना दिया है कि इन सारे संकटों से उसकी रक्षा करता है और पहले कोई संकट आ जाए तो 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हो तो सरकार देखती थी हमने नियम बदल दिया। अगर नुकसान 30 प्रतिशत भी हो जाये तो सरकार उसको नुकसान मानेगी और किसान को भुगतान करेगी, फैसला इतना बड़ा हमने किया है।

फसल बीमा योजना के द्वारा किसान को खेत में खड़ी फसल हो, काटकर के रखी हुई फसल हो, बाजार जाने की  तैयारी हो, अगर कोई पानी गिर जाये और फसल ख़राब हो गई तो उसके भी पैसे देने का काम फसल बीमा योजना में किया है। कभी मानो पानी नहीं आया, बरसात नहीं गिरी, जून महीने में बोना है, नहीं बो पाया जुलाई महीने में बोना है, नहीं हो पाया अगस्त में बोना है नहीं हो पाया, किसान एक दाना भी नहीं बो पाया तो भी फसल बीमा योजना से उसका पिछले साल का हिसाब देख कर के पैसे देने का प्रबंध फसल बीमा योजना में किया है। कोई सोच सकता है इस देश में किसानों के लिए ऐसी फसल बीमा योजना हो सकती है। ये दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी अकाली दल की सरकार रहती है कि जिसने किसानों को केंद्र में रखते हुए योजनाओं को बनाने का प्रयास किया है।

भाइयों-बहनों।

ये योजना किसानों की भलाई के लिए हैं। हम चाहते हैं कि दूध उत्पादन में भी हमारे पंजाब का किसान पशु पालन के काम में भी आगे आये। आज हमारी गाय और भैंस जो दूध देती है, उसकी सही परवरिश हो, वैज्ञानिक परवरिश हो, आरोग्य की चिंता की जाये, व्यवस्था की जाए तो वो डबल-ट्रिपल दूध दे सकती है। हमारे पशु कम भी हो, तो भी ज्यादा दूध की पैदावार संभव है, उस दिशा में वैज्ञानिक तरीके से काम करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

फिशरीस हो, पोल्ट्री फॉर्म हो ये भी एक प्रकार से कृषि के क्षेत्र को मदद करने वाला कारोबार है। उसको भी हम, हनी, पंजाब में कुछ किसान है जो शहद के काम में लग गए हैं। हम हर खेत में हनी के काम को पहुंचाना चाहते हैं, मधु, शहद पूरी दुनिया में बहुत बड़ा मार्केट है। अगर सच्चा और पक्का हनी दुनिया को हम दे सकते हैं तो दुनिया हिदुस्तान का हनी खरीदने के लिए लालाहित है, हमारे किसान की जेब भर जाएगी उस दिशा में हम काम कर रहे हैं।

भाइयों-बहनों।

किसान के जिंदगी को बदलना एक वैज्ञानिक तरीका हमने आज पूरे देश में एक कॉमन मार्केट का बीड़ा उठाया, e-NAM  नाम की योजना लगाई है। कोई भी किसान मोबाइल फोन पे तय कर सकता है किस बाजार में ज्यादा दाम है वो मोबाइल फ़ोन पे माल बेच सकता है और वो कमाई कर सकता है। जहां सबसे ज्यादा दाम मिलेगा वहां किसान माल बेचने के लिए उसको माहौल मिलेगा,। ये टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए किसान को e-NAM नाम की मार्केटिंग की सुविधा देने का काम हमारी सरकार ने किया है। मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि हम कृषि को आधुनिक बनाना चाहते हैं, हम कृषि को वैज्ञानिक बनाना चाहते हैं, हम कृषि में टेक्नोलॉजी लाना चाहते हैं, हम कृषि से रोजगार के नए अवसर पैदा करना चाहते हैं, हम कृषि से किसान की आय दोगुना करना चाहते हैं। हम गांव के जीवन को बदलना चाहते हैं और इसलिए भाइयों-बहनों।

प्रकाश सिंह बादल आज जितने नेता पंजाब में दिखाई देते हैं कोई कह सकता है कि कांग्रेस को कोई नेता है जिसको किसान नेता कहेंगे और छोटे मोटे लोग जो खड़े हो गए उनमें भी कोई किसान है, एक अकेला अकाली दल है, एक अकेला अकाली दल है जो किसानों का दल है जो किसानों के लिए काम करने वाला दल है और इसलिए मेरे भाइयों-बहनों हिंदुस्तान का पेट भरने वाला किसान पंजाब का किसान सुरक्षित रहे तो वो ही रख सकते हैं जो खुद किसानी से जुड़े हुए हैं और वो सिर्फ और सिर्फ बादल साहब हैं।  

और इसलिए भाइयों-बहनों में आपसे आग्रह करने आया हूं कि चार तारीख को चुनाव है। बहुत बड़ी मात्रा में मतदान करके फिर एक बार इसी क्षेत्र से मुख्यमंत्री बनाइये। बादल साहब को फिर से मुख्यमंत्री बनाइये किसानों का भाग्य बदलने का दिल्ली सरकार का जो सपना है उसको पूरा करने के लिए बादल साहब को ताकत मिलनी चाहिए और इसलिए में आप सब से आग्रह करता हूं (आने वाली चार फरवरी नु तकरी के कमल दा बटन नब के अकाली भाजपा नु एक बार फिर सेवा दा मौका दे) बहुत-बहुत धन्यवाद।

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“Sacrifice of Sahibzadas of Guru Gobind Singh Ji for India's civilization, culture, faith and religion is incomparable”
“Today we feel proud when we see the youth of India excelling in the world of startups. We feel proud when we see that the youth of India are innovating and taking the country forward”
“This is New India, which does not hold back from innovating. Courage and determination are the hallmark of India today”
“Children of India have shown their modern and scientific temperament in the vaccination program and since January 3, in just 20 days, more than 40 million children have taken the corona vaccine”

कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रीपरिषद के हमारे साथी स्मृति ईरानी जी, डॉक्टर महेंद्रभाई, सभी अधिकारीगण, सभी अभिभावक एवं शिक्षकगण, और भारत के भविष्य, ऐसे मेरे सभी युवा साथियों!

आप सबसे बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। आपसे आपके अनुभवों के बारे में जानने को भी मिला। कला-संस्कृति से लेकर वीरता, शिक्षा से लेकर इनोवेशन, समाजसेवा और खेल, जैसे अनेकविध क्षेत्रों में आपकी असाधारण उपलब्धियों के लिए आपको अवार्ड मिले हैं। और ये अवार्ड एक बहुत बड़ी स्‍पर्धा के बाद आपको मिले हैं। देश के हर कोने से बच्‍चे आगे आए हैं। उसमें से आपका नंबर लगा है। मतलब कि अवार्ड पाने वालों की संख्‍या भले कम है, लेकिन इस प्रकार से होनहार बालकों की संख्‍या हमारे देश में अपरम्‍पार है। आप सबको एक बार फिर इन पुरस्कारों के लिए बहुत बहुत बधाई। आज National Girl Child Day भी है। मैं देश की सभी बेटियों को भी बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों

आपके साथ-साथ मैं आपके माता-पिता और टीचर्स को भी विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ। आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं, इसके पीछे उनका भी बहुत बड़ा योगदान है। इसीलिए, आपकी हर सफलता आपके अपनों की भी सफलता है। उसमें आपके अपनों का प्रयास और उनकी भावनाएं शामिल हैं।

मेरे नौजवान साथियों,

आपको आज ये जो अवार्ड मिला है, ये एक और वजह से बहुत खास है। ये वजह है- इन पुरस्कारों का अवसर! देश इस समय अपनी आज़ादी के 75 साल का पर्व मना रहा है। आपको ये अवार्ड इस महत्वपूर्ण कालखंड में मिला है। आप जीवन भर, गर्व से कहेंगे कि जब मेरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, तब मुझे ये अवार्ड मिला था। इस अवार्ड के साथ आपको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी मिली है। अब दोस्तों की, परिवार की, समाज की, हर किसी की आपसे अपेक्षाएँ भी बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं का आपको दबाव नहीं लेना है, इनसे प्रेरणा लेनी है।

युवा साथियों, हमारे देश के छोटे छोटे बच्चों ने, बेटे-बेटियों ने हर युग में इतिहास लिखा है। हमारी आज़ादी की लड़ाई में वीरबाला कनकलता बरुआ, खुदीराम बोस, रानी गाइडिनिल्यू जैसे वीरों का ऐसा इतिहास है जो हमें गर्व से भर देता है। इन सेनानियों ने छोटी सी उम्र में ही देश की आज़ादी को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, उसके लिए खुद को समर्पित कर दिया था।

आपने टीवी देखा होगा, मैं पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गया था। वहां मेरी मुलाकात श्रीमान बलदेव सिंह और श्रीमान बसंत सिंह नाम के ऐसे वीरों से हुई जिन्होंने आज़ादी के तुरंत बाद जो युद्ध हुआ था कश्‍मीर की धरती पर, अभी तो इनकी उम्र बहुत बड़ी है, तब वो बहुत छोटी उम्र के थे और उन्‍होंने उस युद्ध में बाल सैनिक की भूमिका निभाई थी। और हमारी सेना में पहली बार बाल-सैनिक के रूप में उनकी पहचान की गई थी। उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए उतनी कम उम्र में अपनी सेना की मदद की थी।

इसी तरह, हमारे भारत का एक और उदाहरण है- गुरु गोविन्द सिंह जी के बेटों का शौर्य और बलिदान! साहिबज़ादों ने जब असीम वीरता के साथ, धैर्य के साथ, साहस के साथ पूर्ण समर्पण भाव से बलिदान दिया था तब उनकी उम्र बहुत कम थी। भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था और धर्म के लिए उनका बलिदान अतुलनीय है। साहिबज़ादों के बलिदान की स्मृति में देश ने 26 दिसम्बर को 'वीर बाल दिवस' की भी शुरुआत की है। मैं चाहूँगा कि आप सब, और देश के सभी युवा वीर साहिबज़ादों के बारे में जरूर पढ़ें।

आपने ये भी जरूर देखा होगा, कल दिल्ली में इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नेताजी से हमें सबसे बड़ी प्रेरणा मिलती है- कर्तव्य की, राष्ट्रप्रथम की! नेताजी से प्रेरणा लेकर हम सबको, और युवा पीढ़ी को विशेष रूप से देश के लिए अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ना है।

साथियों,

हमारी आजादी के 75 साल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आज हमारे सामने अपने अतीत पर गर्व करने का, उससे ऊर्जा लेने का समय है। ये समय वर्तमान के संकल्पों को पूरा करने का है। ये समय भविष्य के लिए नए सपने देखने का है, नए लक्ष्य निर्धारित करके उन पर बढ़ने का है। ये लक्ष्य अगले 25 सालों के लिए हैं, जब देश अपनी आज़ादी के सौ साल पूरे करेगा।

अब आप कल्‍पना कीजिए, आज आप में से ज्‍यादातर लोग 10 और 20 के बीच की उम्र के हैं। जब आजादी के सौ साल होंगे तब आप जीवन के उस पड़ाव पर होंगे, तब ये देश कितना भव्‍य, दिव्‍य, प्रगतिशील, ऊंचाइयों पर पहुंचा हुआ, आपका जीवन कितना सुख-शांति से भरा हुआ होगा। यानी, ये लक्ष्य हमारे युवाओं के लिए हैं, आपकी पीढ़ी और आपके लिए हैं। अगले 25 सालों में देश जिस ऊंचाई पर होगा, देश का जो सामर्थ्य बढ़ेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारी युवा पीढ़ी की है।

साथियों,

हमारे पूर्वजों ने जो बोया, उन्‍होंने जो तप किया, त्‍याग किया, उसके फल हम सबको नसीब हुए हैं। लेकिन आप वो लोग हैं, आप एक ऐसे कालखंड में पहुंचे हैं, देश आज उस जगह पर पहुंचा हुआ है कि आप जो बोऐंगे उसके फल आपको खाने को मिलेंगे, इतना जल्‍दी से बदलाव होने वाला है। इसीलिए, आप देखते होंगे, आज देश में जो नीतियाँ बन रही हैं, जो प्रयास हो रहे हैं, उन सबके केंद्र में हमारी युवा पीढ़ी है, आप लोग हैं।

आप किसी सेक्टर को सामने रखिए, आज देश के सामने स्टार्टअप इंडिया जैसे मिशन हैं, स्टैंडअप इंडिया जैसे प्रोग्राम चल रहे हैं, डिजिटल इंडिया का इतना बड़ा अभियान हमारे सामने है, मेक इन इंडिया को गति दी जा रही है, आत्मनिर्भर भारत का जनआंदोलन देश ने शुरू किया है, देश के हर कोने में तेजी से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर विस्तार ले रहा है, हाइवेज़ बन रहे हैं, हाइस्पीड एक्सप्रेसवेज़ बन रहे हैं, ये प्रगति, ये गति किसकी स्पीड से मैच करती है? आप लोग ही हैं जो इन सब बदलावों से खुद को जोड़कर देखते हैं, इन सबके लिए इतना excited रहते हैं। आपकी ही जेनेरेशन, भारत ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी इस नए दौर को लीड कर रही है।

आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों के CEO, हर कोई उसकी चर्चा कर रहा है, ये CEO कौन हैं, हमारे ही देश की संतान हैं। इसी देश की युवा पीढ़ी है जो आज विश्‍व में छाई हुई है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि भारत के युवा स्टार्ट अप की दुनिया में अपना परचम फहरा रहे हैं। आज हमें गर्व होता है, जब हम देखते हैं कि भारत के युवा नए-नए इनोवेशन कर रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं। अब से कुछ समय बाद, भारत अपने दमखम पर, पहली बार अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने वाला है। इस गगनयान मिशन का दारोमदार भी हमारे युवाओं के पर ही है। जो युवा इस मिशन के लिए चुने गए हैं, वो इस समय कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

साथियों,

आज आपको मिले ये अवार्ड भी हमारी युवा पीढ़ी के साहस और वीरता को भी celebrate करते हैं। ये साहस और वीरता ही आज नए भारत की पहचान है। कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई हमने देखी है, हमारे वैज्ञानिकों ने, हमारे वैक्सीन Manufacturers ने दुनिया में लीड लेते हुये देश को वैक्सीन्स दीं। हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी बिना डरे, बिना रुके देशवासियों की सेवा की, हमारी नर्सेस गाँव गाँव, मुश्किल से मुश्किल जगहों पर जाकर लोगों को वैक्सीन लगा रही हैं, ये एक देश के रूप में साहस और हिम्मत की बड़ी मिसाल है।

इसी तरह, सीमाओं पर डटे हमारे सैनिकों की वीरता को देखिए। देश की रक्षा के लिए उनकी जांबाजी हमारी पहचान बन गई है। हमारे खिलाड़ी भी आज वो मुकाम हासिल कर रहे हैं, जो भारत के लिए कभी संभव नहीं माने जाते थे। इसी तरह, जिन क्षेत्रों में बेटियों को पहले इजाजत भी नहीं होती थी, बेटियाँ आज उनमें कमाल कर रही हैं। यही तो वो नया भारत है, जो नया करने से पीछे नहीं रहता, हिम्मत और हौसला आज भारत की पहचान है।

साथियों,

आज भारत, अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। इससे आपको पढ़ने में, सीखने में और आसानी होगी। आप अपनी पसंद के विषय पढ़ पाएं, इसके लिए भी शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश भर के हजारों स्कूलों में बन रही अटल टिंकरिंग लैब्स, पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही बच्चों में इनोवेशन का सामर्थ्य बढ़ा रही हैं।

साथियों,

भारत के बच्चों ने, युवा पीढ़ी ने हमेशा साबित किया है कि वो 21वीं सदी में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कितने सामर्थ्य से भरे हुए हैं। मुझे याद है, चंद्रयान के समय, मैंने देशभर के बच्चों को बुलाया था। उनका उत्साह, उनका जोश मैं कभी भूल नहीं सकता। भारत के बच्चों ने, अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी अपनी आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है। 3 जनवरी के बाद से सिर्फ 20 दिनों में ही चार करोड़ से ज्यादा बच्चों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ये दिखाता है कि हमारे देश के बच्चे कितने जागरूक हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का कितना एहसास है।

साथियों,

स्वच्छ भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा श्रेय भी मैं भारत के बच्चों को देता हूं। आप लोगों ने घर-घर में बाल सैनिक बनकर, स्‍वच्‍छाग्रही बनकर अपने परिवार को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित किया। घर के लोग, स्वच्छता रखें, घर के भीतर और बाहर गंदगी ना हो, इसका बीड़ा बच्चों ने खुद उठा लिया था। आज मैं देश के बच्चों से एक और बात के लिए सहयोग मांग रहा हूं। और बच्‍चे मेरा साथ देंगे तो हर परिवार में परिवर्तन आएगा। और मुझे विश्‍वास है ये मेरे नन्‍हें-मुन्‍हें साथी, यही मेरी बाल सेना मुझे इस काम में बहुत मदद करेगी।

जैसे आप स्वच्छता अभियान के लिए आगे आए, वैसे ही आप वोकल फॉर लोकल अभियान के लिए भी आगे आइए। आप घर में बैठ करके, सब भाई-बहन बैठ करके एक लिस्‍ट बनाइए, गिनती करिए, कागज ले करके देखिए, सुबह से रात देर तक आप जो चीजों का उपयोग करते हैं, घर में जो सामान है, ऐसे कितने Products हैं, जो भारत में नहीं बने हैं, विदेशी हैं। इसके बाद घर के लोगों से आग्रह करें कि भविष्य में जब वैसा ही कोई Product खरीदा जाए तो वो भारत में बना हो। उसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो, जिसमें भारत के युवाओं के पसीने की सुगंध हो। जब आप भारत में बनी चीजें खरीदेंगे तो क्‍या होने वाला है। एकदम से हमारा उत्‍पादन बढ़ने लग जाएगा। हर चीज में उत्पादन बढ़ेगा। और जब उत्पादन बढ़ेगा, तो रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। जब रोजगार बढ़ेंगे तो आपका जीवन भी आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए आत्मनिर्भर भारत का अभियान, हमारी युवा पीढ़ी, आप सभी से भी जुड़ा हुआ है।

साथियों,

आज से दो दिन बाद देश अपना गणतन्त्र दिवस भी मनाएगा। हमें गणतन्त्र दिवस पर अपने देश के लिए कुछ नए संकल्प लेने हैं। हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए, और पूरे विश्व के भविष्य के लिए हो सकते हैं। जैसे कि पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है, और इसका लाभ पूरे विश्व को मिलेगा।

मैं चाहूँगा कि आप उन संकल्पों के बारे में सोचें जो भारत की पहचान से जुड़े हों, जो भारत को आधुनिक और विकसित बनाने में मदद करें। मुझे पूरा भरोसा है, आपके सपने देश के संकल्पों से जुड़ेंगे, और आप आने वाले समय में देश के लिए अनगिनत कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

इसी विश्वास के साथ आप सभी को एक बार फिर बहुत बहुत बधाई,

सभी मेरे बाल मित्रों को बहुत-बहुत प्‍यार, बहुत-बहुत बधाई, बहुत बहुत धन्यवाद !