Every citizen of Delhi is saying – AAP-da Nahin Sahenge…Badal Ke Rahenge: PM Modi
When Delhi was fighting for oxygen and medicines, AAP-da leader’s focus was on ‘sheesh mahal’: PM
Delhi deserves a government that listens, cares, and acts. Only BJP can make that vision a reality: PM

भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।

मैं देख रहा हूं दो बहनें यहां चित्र बनाकर के ले आई हैं। कोई छोटा बच्चा गुलदस्ता लेकर आया है। जरा हमारे साथियों से आग्रह करूंगा उनसे ले लीजिए। आप अपना अता-पता इस पर लिख देना मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। कोई इनको कलेक्ट कर लीजिए भाई ताकि... वह कब से अपना हाथ ऊपर करके खड़े हैं। भारत माता की।

मैं अभी दिल्ली के विकास से जुड़ी हज़ारों करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करके यहां आया हूं। दिलवालों की दिल्ली का ये उत्साह, ये उमंग, ये हौसला वाकई अद्भुत है। आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन !

साथियों,

हम 2025 में हैं। 21वीं सदी को पच्चीस साल बीत चुके हैं…यानि एक चौथाई सदी गुज़र चुकी है। इस दौरान, दिल्ली में नौजवानों की शायद दो या तीन पीढ़ी जवान हो चुकी है। अब आने वाले 25 साल, भारत के भविष्य के लिए, दिल्ली के भविष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। ये 25 साल भारत को विकसित राष्ट्र बनते हुए देखेंगे। अपनी आंखों के सामने विकसित भारत की ये यात्रा हम देख पाएंगे, हम उसके भागीदार होंगे। ये भारत को आधुनिकता के एक नए दौर से गुज़रते हुए देखेंगे। विकसित भारत के इस सफर का एक बहुत बड़ा पड़ाव जल्द ही आने वाला है। जब भारत, दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा। इस गौरवशाली यात्रा में, देश की राजधानी...हमारी दिल्ली का कदम से कदम मिलाकर चलना बहुत ज़रूरी है। हमें अपनी दिल्ली को, विकसित भारत की राजधानी के रूप में डवलप करना है। करना है न, करेंगे, मेरे साथ जुड़ जाएंगे। ये दिल्ली के हर नागरिक की इच्छा है, हम सभी का सपना है। और इसलिए, इक्कीसवीं सदी के इस पड़ाव पर, मैं दिल्ली के लोगों से एक विशेष आग्रह करने आया हूं। मैं दिल्लीवासियों से दिल्ली के उज्जवल भविष्य के लिए, आपके संतानों के उज्जवल भविष्य के लिए भाजपा को अवसर देने का आग्रह करने आया हूं। ये भाजपा ही है जो दिल्ली का विकास कर सकती है।

साथियों,

बीते 10 साल में दिल्ली ने जिस तरह की राज्य सरकार देखी है...वो किसी आप-दा से कम नहीं है। ये ऐहसास आज दिल्लीवालों को अच्छे से हो चुका है। इसलिए अब दिल्ली में एक ही आवाज़ गूंज रही है- आप-दा नहीं सहेंगे...बदल के रहेंगे ! आप-दा नहीं सहेंगे... आप-दा नहीं सहेंगे... आप-दा...। अब दिल्ली, विकास की धारा चाहती है। और मुझे खुशी है कि दिल्ली का विश्वास भाजपा पर है। भाजपा पर ये विश्वास इसलिए है क्योंकि भाजपा सुशासन लाने वाली पार्टी है। भाजपा सपनों को पूरा करने वाली पार्टी है। भाजपा राष्ट्र प्रथम के भाव पर चलने वाली पार्टी है। भाजपा विकास के लिए समर्पित भाव से जन-जन का कल्याण करते हुए आगे बढ़ने वाली पार्टी है। इसलिए, देश भी भाजपा पर इतना विश्वास जता रहा है, बार-बार अवसर दे रहा है। बीते वर्षों में दिल्ली के लोगों ने देखा है, नॉर्थ ईस्ट में कमल खिला। पूर्वी भारत में, ओडिशा में कमल खिला। अभी हाल में ही देखिए, पड़ोस में हरियाणा ने लगातार तीसरी बार भाजपा को पूर्ण बहुमत से चुना है। महाराष्ट्र ने भाजपा को इतिहास का सबसे बड़ा जनादेश दिया है। देश के लोगों ने भी लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाई है। इसमें दिल्ली ने भी एक बार फिर हमारे सभी सांसदों को अपना आशीर्वाद दिया। और अब मुझे विश्वास है, दिल्ली विधानसभा में भी कमल खिलने वाला है! मैं दिल्ली भाजपा के सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं से कहूंगा, पूरी निष्ठा के साथ, दिल्ली के हर मतदाता से मिलिए। उन्हें आने वाले वर्षों के लिए भाजपा के संकल्प से परिचित कराइए, उन्हें विकास का रोडमैप बताइए। ये भाजपा ही है, जो दिल्ली को दुनिया की बेहतरीन राजधानी का गौरव दिला सकती है। दिल्ली में भाजपा ने अपने बेहतरीन उम्मीदवार उतारे हैं। मैं सभी उम्मीदवारों से भी कहूंगा कि ये दिल्ली का दिल जीतने का सबसे स्वर्णिम अवसर है। जुट जाइए, खूब मेहनत करिए और दिल्ली को आप-दा से मुक्ति दिलाइए।

साथियों,

अपनी दिल्ली को दुनिया के बेस्ट शहरों में एक बनाना हमारा संकल्प है। दिल्ली गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के सपनों को पूरा करने वाला शहर बने। दिल्ली नौजवानों के लिए नए भविष्य के निर्माण का शहर बने। दिल्ली में स्पोर्ट्स से लेकर स्टार्ट अप्स तक, नौजवानों के लिए खुला मैदान हो, अवसरों का असीम आसमान हो, इसके लिए भाजपा पूरे समर्पण के साथ काम करने में जुटी है। पिछले साल केंद्र की भाजपा सरकार ने दिल्ली की सुरक्षा के लिए, स्वास्थ्य के लिए, विकास कार्यों के लिए 75 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा दिए हैं।

साथियों,

हम दिल्ली को दुनिया की एक ऐसी राजधानी बनाना चाहते हैं, जिसमें भारत की विरासत का विराट स्वरूप दिखे, जो नए वर्ल्ड ऑर्डर के हिसाब से बनने वाली नई वैश्विक व्यवस्थाओं का सेंटर हो। दिल्ली को ऐसे विकास की ज़रूरत है, जो दुनिया के लिए अर्बन डवलपमेंट का मॉडल बने। ये तभी हो सकता है, जब दिल्ली में केंद्र और राज्य, दोनों में भाजपा की सरकार काम करे। जिस आपदा सरकार के पास दिल्ली के लिए कोई विजन ना हो, जिसे दिल्ली की परवाह ना हो, वो दिल्ली के लोगों का विकास नहीं कर सकती।

साथियों,

आज भी दिल्ली को आधुनिक बनाने के लिए जितने भी काम हैं, वो केंद्र की भाजपा सरकार ही कर रही है। दिल्ली में जो बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, संस्थान और संस्थाएं हैं, उनका जिम्मा केंद्र सरकार के पास है। अब जैसे दिल्ली मेट्रो चप्पे-चप्पे तक पहुंची, तो ये काम भाजपा की केंद्र सरकार ने किया। बीते एक दशक में, दिल्ली-NCR में मेट्रो नेटवर्क दोगुने से भी अधिक हो चुका है। आज, जनकपुरी और कृष्णा पार्क के लिए भी मेट्रो शुरु हो चुकी है। रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर पर भी काम शुरु हुआ है। ये जो नमो रेल प्रोजेक्ट है, ये भी केंद्र सरकार बना रही है। दिल्ली और आसपास में ये six lane, eight lane की सड़कें भी केंद्र सरकार बना रही है। दिल्ली में जाम की परेशानी कम करने के लिए ही भाजपा सरकार, 55 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट यहां लाई है। DDA के माध्यम से गरीब और मिडिल क्लास के लिए घर बनाने का काम भी केंद्र सरकार कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के घर बनाने के लिए पैसा भी केंद्र सरकार देती है।

और साथियों,

अभी दो दिन पहले मैं अशोक विहार में था। वहां स्वाभिमान अपार्टमेंट झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवारों को दिए। आप मेरा एक काम करेंगे दोस्तों। पूरी ताकत से बताइए करेंगे, जरा हाथ ऊपर करके बताए करेंगे। आप एक काम कीजिए दिल्ली के जिस-जिस इलाके में झुग्गी-झोपड़ी कच्ची आबादी जहां-जहां है। ये स्वाभिमान अपार्टमेंट की फोटो लेकर के जाइए। स्वाभिमान अपार्टमेंट के लोग जो मैसेज दे रहे हैं वह वीडियो लेकर के जाइए। और हर झुग्गी-झोपड़ी को बताइए कि मोदी की गारंटी है आपको भी ऐसा ही पक्का मकान मिलेगा। बताएंगे? हर परिवार को बताएंगे? गरीब से गरीब मिडिल क्लास के लोग जिसके पास पक्का घर नहीं है उसको गारंटी देकर के आइए। मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं।

साथियों,

यहां दिल्ली में देश के बड़े-बड़े अस्पताल हैं। डीयू, JNU, IIT जैसे अनेक बड़े शिक्षण संस्थान हैं। ये भी केंद्र सरकार के ज़िम्मे हैं। ऐसे अनेक काम हैं, जिन्हें केंद्र सरकार संभाल रही है। पूरी दिल्ली को भारत मंडपम पर गर्व है, यशोभूमि पर गर्व है, कर्तव्य पथ पर नेशनल वॉर मेमोरियल पर आज दिल्ली के कितने ही परिवार, यानि एक प्रकार से वहां भरा रहता है। हजारों की तादाद में लोग आते हैं वहां। यानि दिल्ली में जितने भी बड़े-बड़े काम हो रहे हैं, जो बहुत बड़ा खर्च होता है, बजट लगाया जाता है, वो यहां केंद्र सरकार करती है। और मुझे ये देखकर दुख होता है कि यहां आपदा वालों ने दिल्ली के 10 साल बर्बाद कर दिए। आपदा वालों को कोई भी दायित्व मिलने का मतलब है, दिल्ली के लोगों को दंड मिलना। आप जैसे ही मेट्रो से उतरते हैं, नेशनल हाईवे से अंदर कॉलोनियों की तरफ रिक्शा लेते हैं, तो हालत खराब हो जाती है। रोड में गड्ढे, गलियों में बहता सीवर का गंदा पानी, चारों तरफ गंदगी, दिल्ली का ये हाल बनाकर रख दिया है आपदा वालों ने। यहां पार्किंग के अभाव में, आए दिन लड़ाई-झगड़े होते हैं, आस-पड़ोस का माहौल खराब होता है, तनाव रहता है। दिल्ली के अनेक इलाके हैं, जहां कैब वाले, ऑटो वाले जाने से बचते हैं क्योंकि लंबा-लंबा जाम रहता है। इससे सामान्य नागरिक तो परेशान होते ही हैं, दिल्ली में जो लाखों दुकानदार हैं, जो व्यापारी-कारोबारी हैं, वे साथी भी आप-दा से तंग आ चुके हैं।

साथियों,

दिल्ली पर आप-दा लाने वाले ये झूठा आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार उन्हें काम नहीं करने देती, केंद्र सरकार उन्हें पैसे नहीं देती। ये कितने बड़े झूठे हैं, इसका उदाहरण इनका शीशमहल है। आज ही एक बड़े अखबार ने CAG रिपोर्ट के आधार पर शीशमहल पर हुए खर्च का खुलासा किया है। और साथियों, आपको ये जानकर पीड़ा होगी, दर्द होगा, अरे पूरे देश के लोग चौंक जाएंगे। जब दिल्ली के लोग कोरोना से जूझ रहे थे, जब दिल्ली के लोग ऑक्सीजन और दवाओं के लिए भटक रहे थे, तब इन लोगों का पूरा फोकस अपना शीशमहल बनवाने में था। इन्होंने शीशमहल का भारी भरकम बजट बनाया। और आज इस अखबार ने खुलासा किया है कि कैसे इस शीशमहल पर उस बजट से भी तीन गुना ज्यादा पैसे खर्च किए गए। यही इनकी सच्चाई है। इन्हें दिल्ली के लोगों की परवाह नहीं है, दिल्ली के विकास की चिंता नहीं है। इसलिए ही आज हर दिल्लीवाला कह रहा है- आप-दा नहीं सहेंगे...बदल के रहेंगे !

साथियों,

ये भाजपा सरकार ही है, जो दिल्ली को तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जोड़ रही है। केंद्र की भाजपा सरकार की fame योजना की वजह से दिल्ली में 1200 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चलने लगी हैं। वहीं आपदा वालों ने दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को तबाह करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी है। ये आपदा वाले बसों की मेनटेन्स पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका नुकसान दिल्ली के सामान्य नागरिकों को उठाना पड़ा है।

साथियों,

जबसे मैंने, आप-दा का कच्चा-चिट्ठा खोला है, तबसे ये आपदा वाले तिलमिलाए हुए हैं। इन लोगों ने 10 साल तक दिल्ली को बेहाल रखा और आज लोग इन्हें आप-दा कहते हैं, तो ये मुझ पर भड़क रहे हैं। देखिए तो सही, क्या हाल बना रखा है दिल्ली का। गर्मी आती है, तो पीने के पानी के लिए मारामारी, बरसात आती है, तो जलभराव से परेशानी, सर्दी आती है, तो प्रदूषित हवा में सांस लेना मुश्किल। दिल्ली के लिए इन लोगों ने हर सीज़न, हर मौसम, आप-दा काल बना दिया है। दिल्ली वालों की ऊर्जा, सालभर, 365 दिन आप-दा से ही निपटने में लगी रहती है। इसलिए, दिल्ली से आप-दा हटेगी, तो ही विकास का, सुशासन का डबल इंजन आएगा।

साथियों,

आप-दा कैसे गरीब और मिडिल क्लास की सुविधा को रोकती है, ये भी दिल्लीवालों के लिए जानना ज़रूरी है। आप-दा सरकार, यहां प्रधानमंत्री आवास योजना तक को ठीक से लागू नहीं कर रही। यानि गरीबों के लिए पक्के घर बनाने में रोड़े अटका रही है। दिल्ली में पुरानी योजनाओं के तहत बने करीब 30 हज़ार घर खाली पड़े हैं। आप-दा वालों ने दिल्ली के लोगों को ये घर आवंटित नहीं किए। भाजपा ने सैकड़ों अनाधिकृत कॉलोनियों को रेगुलर किया। ताकि लाखों लोगों का जीवन आसान हो। लेकिन आप-दा सरकार, इन कॉलोनियों में पानी और सीवर की समस्या का समाधान नहीं कर रही है।

साथियों,

आप-दा तो दिल्लीवालों के जीवन पर भी छाई हुई है। देशभर में करोड़ों परिवारों को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज मिल रहा है। देशभर में हर परिवार के करोड़ों बुजुर्गों को भी मुफ्त इलाज मिलना तय हो चुका है। लेकिन आप-दा वाले, अभी भी अड़े हुए हैं कि आयुष्मान योजना यहां लागू नहीं होने देंगे। ये दिल्ली के हर परिवार का, यहां के हज़ारों बुजुर्गों का बहुत बड़ा नुकसान है, इतना ही नहीं ये हमारे बुजुर्गों का अपमान है।

साथियों,

राजनीति में नीयत, निर्णय, नीति और निष्ठा- इनका बहुत महत्व होता है। लेकिन आप-दा वालों की नीयत और निष्ठा पर ही सबसे बड़ा सवाल है। आप याद करिए, जनलोकपाल के मुद्दे पर इस पार्टी का जन्म हुआ। भ्रष्टाचार हटाना, ये इनका मुख्य मुद्दा था। लेकिन आज इस पार्टी के ज्यादातर नेताओं पर करोड़ों के भ्रष्टाचार के मुकदमे हैं। दिल्ली में शराब घोटाला किसने किया? आपदा वालों ने। दिल्ली में स्कूल घोटाला किसने किया? आपदा वालों ने। दिल्ली में गरीबों के इलाज के नाम पर किसने जनता के पैसे लूटे? आपदा वालों ने। दिल्ली में प्रदूषण से लड़ाई के नाम पर किसने करोड़ों का खेल किया? आपदा वालों ने। इनका मूल एजेंडा था। और इसलिए अनैतिकता के साथ कारनामे करने वाले लोग, दिल्ली को आपदा बना करके, दिल्ली में आपदा लाकर के, दिल्ली को आपदा में घेर कर के तबाही की ओर ले जा रहे हैं। लेकिन आज उनकी वो सारी बातें जो पार्टी के जन्म से पहले करते थे सबकुछ धरा का धरा रह गया है। आपदा वालों के काम का कोई हिसाब नहीं है, लेकिन इनके कारनामे बेहिसाब हैं। ये तब होता है जब नीयत में खोट होता है, और निष्ठा जनता के प्रति नहीं होती।

साथियों,

ये आप-दा वाले, दिल्ली चुनाव में अपनी हार सामने देखकर बौखला गए हैं, झूठ फैला रहे हैं। ये दिल्ली वालों को डरा रहे हैं कि बीजेपी आएगी, तो ये बंद हो जाएगा, वो बंद हो जाएगा। लेकिन मैं दिल्ली वालों को विश्वास दिलाने आया हूं। भाजपा सरकार में दिल्ली में जनहित की कोई योजना बंद नहीं होगी, लेकिन उसमें बेईमानों का जो ठेका है उनको निकाला जाएगा। पिछले 10 साल में राज्य सरकार की जो योजनाएं सिर्फ कागज पर चली हैं, जिन योजनाओं में आपदा वालों ने जनता का पैसा लूटा है, उन्हें भी भाजपा सरकार द्वारा पूरी ईमानदारी के साथ, और ये आपदा वालों को भगा करके और ईमानदार लोगों को बिठा करके कल्याण के काम आगे बढ़ाए जाएंगे। बल्कि केंद्र सरकार की जो योजनाएं इन आप-दा वालों ने रोक रखी हैं, जैसे आयुष्मान भारत। ऐसी हर योजना का लाभ भी भाजपा की डबल इंजन की सरकार में दिल्ली के लोगों को मिलेगा।

साथियों,

बीते दशक में भाजपा, देश की माताओं-बहनों-बेटियों की पहली पसंद बनी है। इसके पीछे, भाजपा की नीतियां हैं। महिलाओं के लिए करोड़ों शौचालयों का निर्माण हो, उज्ज्वला गैस का कनेक्शन देना हो, करोड़ों घरों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर हो, सुकन्या समृद्धि योजना हो, गर्भवती महिला के खाते में 6 हजार रुपए की मदद भेजना हो, महिलाओं के हित में केंद्र सरकार अनेकों योजनाएं चला रही है। भाजपा की अनेक राज्य सरकारें भी माताओं-बहनों के लिए विशेष योजनाएं चला रही हैं। आज दिल्ली के 75 लाख जरूरतमंदों को मुफ्त राशन भाजपा सरकार ही दे रही है। दिल्ली में बनने वाली भाजपा सरकार सुनिश्चित करेगी कि माताओं-बहनों को घर चलाना आसान हो। दिल्ली में बेटियों की पढ़ाई-लिखाई और नौकरी, ये सहज हो, सुरक्षित हो, दिल्ली वालों की कमाई बढ़े, जेब में बचत अधिक हो, दिल्ली के लोगों का जीवन आसान हो, इसके लिए दिल्ली में भाजपा का मुख्यमंत्री ज़रूरी है।

साथियों,

मुझे पूरा विश्वास है कि दिल्ली के लोग, भ्रष्टाचारी और विकास विरोधी आप-दा पर लगाम लगाएंगे। मुझे विश्वास है, दिल्ली के लोग 21वीं सदी की आधुनिक राजधानी बनाने के लिए भाजपा को जरूर अवसर देंगे। एक बार फिर इतनी विशाल संख्या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए यहां आने के लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं।

मेरे साथ बोलिए... भारत माता की ! दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिए... भारत माता की ! भारत माता की ! भारत माता की !

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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PM chairs 53rd PRAGATI Meeting
August 25, 2026
PM reviews six key infrastructure projects across the Railway, Road and Power sectors
Projects reviewed span across 9 States with cumulative investment of more than ₹30,000 crore
PM says Infrastructure projects should be viewed as an integrated whole, rather than as individual sections or packages
PM calls for continuous reforms across all stages of project implementation and a proactive work culture across Ministries and States
PM says Speed must go hand-in-hand with quality
While reviewing AgriStack, PM emphasises the need to leverage the latest digital technologies including AI to derive greater value from agricultural data
On cyber fraud and ‘digital arrest’, PM stresses training, public awareness, cyber-safety education and coordinated action

Prime Minister Shri Narendra Modi chaired the 53rd meeting of PRAGATI, the ICT-enabled, multi-modal platform for Pro-Active Governance and Timely Implementation, at Seva Teerth earlier today.

During the meeting, Prime Minister reviewed six key infrastructure projects across the Railway, Road and Power sectors, spanning nine States with a cumulative cost of more than ₹30,000 crore. The projects, significant for strengthening connectivity, supporting industrial and economic activity and improving public services, were reviewed with particular emphasis on adherence to timelines, inter-agency coordination, resolution of pending issues and expeditious completion.

Prime Minister emphasised that delays in infrastructure projects have consequences beyond cost escalation, as they also postpone the benefits intended for citizens, businesses and the economy. He said that infrastructure projects should be viewed and monitored as an integrated whole, rather than as isolated sections, stretches or packages. He noted that progress in individual packages should ultimately translate into timely completion and operationalisation of the entire project. Ministries and States were therefore asked to adopt an end-to-end approach, and address critical gaps that could delay the overall commissioning and delivery of benefits. He called for fostering a proactive work culture across Ministries and State Governments, with greater ownership at every level of project implementation.

Prime Minister stressed the need to explore common utility corridors for infrastructure services, wherever feasible, particularly while planning major transport and infrastructure projects. He called upon Ministries and States to examine such integrated approaches at the planning stage itself, keeping in view their technical and economic feasibility.

Prime Minister said that speed of execution must be accompanied by uncompromising quality. He called upon Ministries, States and implementing agencies to adopt modern technologies and strengthen quality assurance and supervision at every stage.

While reviewing AgriStack under the Digital Agriculture Mission, Prime Minister emphasised the need to leverage the latest digital technologies, including Artificial Intelligence, to derive greater value from agricultural data. He stressed that the data ecosystem should be effectively utilised across the agricultural value chain, from input planning to processing, enabling more informed interventions, better targeting and data-driven decision-making. He appreciated the efforts of the States and the Central Government in building the AgriStack ecosystem and called for further strengthening its use for delivering better outcomes for farmers.

During the review of cyber fraud cases, including incidents of digital arrest, Prime Minister said that prevention must be strengthened through a sustained focus on training, awareness and education. He stressed the need for continuous and targeted public-awareness campaigns, particularly for senior citizens, youth and other vulnerable sections, to familiarise them with common fraud techniques, warning signs and safe digital practices. He also called for regular capacity-building of personnel involved so that emerging modes of cyber fraud are identified and acted upon swiftly.