Congress has only appeased in the name of governance: PM Modi

Published By : Admin | April 29, 2023 | 11:30 IST
Karnataka is ready for the BJP government again, says PM Modi at public meeting in Humnabad
Congress has only divided in the name of caste religion and community Congress has only appeased in the name of governance: PM Modi
Congress has once again started abusing me; till now they have abused me 91 times in different ways, PM Modi in Humnabad

भारत माता की..
जगद्गुरु बसवेश्वरा मत्तू शिव-शरणरा भूमिगे नन्ना नमस्कारगळू
मंच पर विराजमान कर्नाटक के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान बोम्मई जी, हमारे सांसदगण, भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण, इस चुनाव में आप सबने जिनको विधायक बनाने का निर्णय कर लिया है ऐसे मेरे सभी उम्मीदवार और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों, बहनों और साथियो..
ये मेरा सौभाग्य है कि इस विधानसभा चुनाव में मेरी इस यात्रा की शुरुआत बीदर से हो रही है। भगवान बसवेश्वरा के आशीर्वाद और आप सभी के स्नेह ने मुझे हमेशा आपके लिए काम करने की ताकत दी है। ‘कर्नाटकदा किरीटा’ बीदर का आशीर्वाद मुझे तब भी मिला था, जब मैं प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना था। मैं बीदर-कलबुर्गी रेलवे लाइन के लोकार्पण के लिए भी आपके बीच आया था। समय के साथ बीदर के लोगों का अपनापन लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आज, इतनी बड़ी संख्या में यहां आकर आपने पूरे देश को संदेश दे दिया है-ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा! कर्नाटक का ये चुनाव केवल 5 वर्ष के लिए सरकार बनाने मात्र का चुनाव नहीं है। ये कर्नाटक को देश का नंबर वन राज्य बनाने का चुनाव है। ये विकसित भारत के लिए, कर्नाटक की बड़ी भूमिका तय करने वाला चुनाव है। और भारत विकसित तभी होगा, जब कर्नाटक का कोना-कोना विकसित होगा। विकसित कर्नाटक यानि कर्नाटका के हर अंचल का संतुलित विकास। विकसित कर्नाटक यानि राज्य में विकास के ढेर सारे ग्रोथ सेंटर्स। कर्नाटक की जनता अब अपने इस सपने से पीछे नहीं हटना चाहती। मैं जानता हूं, आप सब एक ऐसा कर्नाटक चाहते हैं जहां हाईवे और एक्सप्रेसवे का विस्तार होता रहे। आप एक ऐसा कर्नाटक चाहते हैं, जहां मेट्रो की सुविधा और ज्यादा जिलों तक हो। आप एक ऐसा कर्नाटक चाहते हैं जहां अधिक संख्या में वंदेभारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चलें। आप एक ऐसा कर्नाटक चाहते हैं, जहां हर खेत में सिंचाई की आधुनिक सुविधाएं हों। पिछले 5 वर्षों में सामान्य मानवी ने कर्नाटक में विकास की जो रफ्तार देखी है, उसके बाद वो रुकना नहीं चाहते। और आपके इस सपने को पूरा करने का बीड़ा बीजेपी ने उठाया है।

साथियों,
कर्नाटक को देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए यहां डबल इंजन सरकार का बने रहना जरूरी है। जब केंद्र की बीजेपी सरकार और राज्य की बीजेपी सरकार की डबल शक्ति लगेगी, तो कर्नाटक को नंबर वन बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। डबल इंजन सरकार से जो फायदा होता है, उसका एक उदाहरण कर्नाटक में आया विदेशी निवेश है। भाजपा सरकार की वजह से देश में विदेशी निवेश में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से कर्नाटक में भी रिकॉर्ड विदेशी निवेश आया है। कांग्रेस की सरकार में हर साल 30 हजार करोड़ रुपए के आसपास विदेशी निवेश कर्नाटक में आता था। बीजेपी की सरकार में अब हर साल करीब 90 हजार करोड़ रुपए का विदेशी निवेश कर्नाटक में आ रहा है। ये कांग्रेस सरकार के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा है। और आपको ध्यान रखना है कि ये उपलब्धि किस समय हुई, इतना बड़ा महामारी का संकट था, युद्ध चल रहे थे, इसके बावजूद भी ये हासिल किया है।

साथियों,
डबल इंजन सरकार का मतलब होता है- डबल बेनिफिट, डबल स्पीड। जब कर्नाटक में डबल इंजन सरकार नहीं थी, तो छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में सालों लग जाते थे। पानी की कमी क्या होती है, ये कर्नाटका के किसानों, यहां की माताओं-बहनों से बेहतर कोई नहीं जान सकत? कांग्रेस सरकार के समय देशभर में 100 से ज्यादा ऐसी सिंचाई परियोजनाएं थीं, जो दशकों से लटकी हुई थीं। बीते 9 वर्षों में दशकों से अधूरी 60 से ज्यादा सिंचाई परियोजनाओ को हम पूरा कर चुके हैं। इनमें से अनेक प्रोजेक्ट कर्नाटक के भी हैं। यहां बीदर में भी मेहकर लिफ्ट इरीगेशन परियोजना जैसे अनेक सिंचाई के प्रोजेक्ट्स पर आज तेज गति से काम चल रहा है। आज आप सभी देखते हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि ने किसानों का कितना लाभ किया है। अब छोटे-छोटे खर्चों के लिए किसानों को यहां-वहां भटकना नहीं पड़ता। लेकिन मैं आज आपको एक और बात बताना चाहता हूं। जब हमने ये योजना शुरू की थी, तो यहां कांग्रेस और जेडीएस की ही सरकार थी। लेकिन ये लोग लाभार्थी किसानों की सूची केंद्र सरकार को भेजने में ही रुकावटें पैदा करते थे। लिस्ट नहीं भेजते थे, बताओ, आप सोच सकते हैं, कांग्रेस-जेडीएस को किसानों से कितनी नफरत है। राज्य सरकार को एक नया पैसा नहीं देना था, पैसा हम दिल्ली से भेज रहे थे, उनको तकलीफ ये थी कि बीच में कोई कटकी नहीं हो रही है, माल खाने को मिल नहीं रहा है, ये सीधा उनके बैंक खाते में जा रहा है। इसलिए लिस्ट ही नहीं देते थे।



साथियों,
जब कर्नाटक में भाजपा की सरकार यहां आई, तो उसने यहां के लाखों किसानों के नाम, केंद्र की हमारी सरकार को भेजे। आज उसी वजह से यहां के लाखों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के पैसे मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने अगर हर किसान के लिए 6 हजार रुपए भेजे, तो यहां की भाजपा सरकार ने उसमें 4 हजार रुपए और जोड़ दिए। यानि किसानों को और ज्यादा मदद। मुझे खुशी है कि पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ कर्नाटक के लगभग 60 लाख किसानों को मिला है। उन्हें केंद्र और राज्य सरकार से मिलाकर 18 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। जिसमें से लगभग 400 करोड़ रुपए तो यहां बीदर के किसानों को दिए गए हैं। आप जरा याद कीजिए, कि कैसे कांग्रेस की सरकार भोले-भाले किसानों को हर चुनाव के पहले कर्जमाफी के नाम पर धोखा देती थी। चुनाव से ठीक पहले वो कर्जमाफी का ड्रामा करने लग जाते थे। और कर्जमाफी कभी धरती पर उतरती ही नहीं थी। इन्होंने छत्तीसगढ़ में वादा किया राजस्थान में वादा किया अभी तक किसानों के खातों में कुछ गया नहीं है। और जो जाता भी उन्हीं की पार्टी से जुड़े कुछ ही किसानों को जाता था। ऐसे किसान जिनका बैंक में खाता हो, जिन्होंने बैंक से लोन लिया हो, उन्हीं के नसीब में ये कुछ दान-पानी डाल देते हैं। जबकि सच्चाई ये थी कि जिन करोड़ों छोटे किसानों को सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी, उनका तो न कभी बैंक में कोई खाता था, न बैंक ने कभी उनको एक रुपये का लोन दिया था। वो तो बेचारे बाहर से बाजर से, साहुकार के पास से महंगे ब्याज से कर्ज उठाते थे, और कर्जमाफी का फायदा तो उन्हें कभी नसीब मिला ही नहीं। कांग्रेस का यही असली चेहरा है।

साथियों,
इस क्षेत्र में गन्ना भी बहुत होता है। कांग्रेस ने गन्ना किसानों को भी अपने हाल पर छोड़ दिया था। हम गन्ना किसानों की समस्याओं को भी प्राथमिकता पर दूर कर रहे हैं। गन्ना किसानों की मदद के लिए ही हमने पेट्रोल में इथेनॉल की ब्लेंडिंग बढ़ाने का फैसला लिया। आज देश पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस सरकार के समय देश में सिर्फ 40 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन होता था। अब हमारी सरकार में इथेनॉल का उत्पादन बढ़कर 400 करोड़ लीटर से भी ज्यादा का हो गया है। इथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से, पेट्रोल में उसकी ब्लेंडिंग बढ़ने से सबसे ज्यादा लाभ गन्ना किसानों को ही हुआ है। इस बजट में हमारी सरकार ने गन्ना किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला लिया है। हमने गन्ना कॉपरेटिव्स को, यूपीए सरकार ने जो चूना लगाया था, 10 हजार करोड़ का चूना. हमने इस बजट के अंदर उस दस हजार का, जो उन पर चूना लगाया था, वो भी माफ कर दिया और हमने राहत भी दे दी। इसका भी लाभ देश के गन्ना किसानों को मिलेगा। हमारी सरकार ने मिलेट्स- श्रीअन्न को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का भी अभियान चलाया है। हमारे यहां तो ज्वार की रोटी, आप लोगों को बहुत पसंद है, घर-घर में खाई जाती है। ये ज्वार और उसकी रोटी, जब दुनिया के कोने-कोने में पहुंचेगी, तो उसका भी लाभ यहां के किसानों को होगा।

साथियों,
गरीब की तकलीफ कांग्रेस को कभी समझ नहीं आई। उन्होंने गरीबी देखी नहीं और कांग्रेस वो दल है जो विकास में भी राजनीति करती है। रोड़े अटकाती है, नकारात्मकता में भरी-पड़ी है। इसका एक उदाहरण गरीबों को पक्के घर देने की योजना भी है। ये योजना तो 2019 से भी पहले से चल रही थी। लेकिन जब तक कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार रही, उसने गरीबों के घर बनाने की स्पीड धीमी कर दी। गरीबों के साथ कांग्रेस के इस अत्याचार को भी बीजेपी सरकार ने ही रोका। डबल इंजन की सरकार बनने के बाद हमने यहां घर बनाने की स्पीड को और तेज किया। देखते ही देखते 9 लाख के आसपास पक्के घर मिलना गरीबों को तय हुआ। इस योजना के तहत करीब 30 हजार घर यहीं बीदर में ही बन रहे हैं। 30 हजार घर आप कल्पना कर सकते हैं। इनमें से हर घर कई-कई लाख रुपए का है और वो भी हम घर महिलाओं के नाम पर करते है। यानि भाजपा सरकार ने यहां बीदर में ही 30 हजार बहनों को, जिनके घर की कीमत लाखों में है, 30 हजार बहनों को लखपति दीदी बना दिया है। हमारे देश में गांवों के घरों में नल से पानी ना आने की वजह से भी माताओं-बहनों-बेटियों ने दशकों तक बहुत कष्ट उठाया है। भाजपा की सरकार ने उन्हें इस तकलीफ से मुक्ति दिलाने के लिए ही हर घर जल योजना शुरू की। आज देशभर में 9 करोड़ नए परिवारों को पाइप कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है। यहां कर्नाटका के भी 40 लाख से ज्यादा परिवारों को अब नल से जल मिलने लगा है।

साथियों,
शौचालय के अभाव में, गैस कनेक्शन के अभाव में, अच्छे इलाज के अभाव में सबसे अधिक परेशान हमारी माताएं-बहनें होती हैं। गरीब परिवारों की इन बहनों की सुध कांग्रेस ने इतने दशकों तक नहीं ली। लेकिन आपका ये बेटा दिल्ली में बैठा है। करोड़ों माताओं-बहनों के बैंक अकाउंट बीजेपी ने खुलवाए। उसमें सरकारी मदद डायरेक्ट पहुंचे, ये व्यवस्था बीजेपी ने की। बहनों को बिना गारंटी मुद्रा लोन मिले, ये व्यवस्था बीजेपी सरकार ने की। गरीब मां को अपने परिवार के लिए राशन की चिंता ना करनी पड़े, इसके लिए मुफ्त राशन का प्रबंध हमारी सरकार ने किया। दूसरे शहरों में भी फ्री राशन मिल सके, इसके लिए वन नेशन, वन राशन कार्ड भी, बीजेपी सरकार ने दिया। हमारे बंजारा साथी, उनकी भी सुध कांग्रेस ने कभी नहीं ली। ये बीजेपी सरकार है, जिसने उन्हें प्रॉपर्टी का अधिकार दिया। उन्हें विकास के अवसरों से जोड़ा। यही सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का सुशासन है। और साथियों, बीजेपी के इन सेवा कार्यों के बीच कांग्रेस ने क्या किया? कांग्रेस ने सिर्फ समाज को बांटा। जाति-मत-पंथ के नाम पर बंटबारा किया। कांग्रेस ने शासन के नाम पर सिर्फ तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया। कांग्रेस की बेरुखी का सबसे बड़ा प्रमाण, हमारी बीदरी आर्ट है। कुछ दिन पहले बिदरी आर्ट की दशकों तक सेवा करने वाले साथी शाह रशीद अहमद कादरी को पद्म पुरस्कार मिला। कांग्रेस की सरकार ने उन्हें सिर्फ हताशा दी थी, निराशा दी थी। भाइयों और बहनों, बीदर, एक भारत श्रेष्ठ भारत की भी तीर्थस्थली है। गोराटा यहां से ज्यादा दूर नहीं है। गोराटा में किसानों के बलिदान को कांग्रेस ने भुला दिया था। सिर्फ इस डर से कि कहीं कांग्रेस का वोट बैंक नाराज़ ना हो जाए। वहां जो शहीदों का स्मारक पत्थर था, वहां धूल सफाई का काम इसे भी बीजेपी ने ही किया। अब तो दर्जनों बलिदानियों को समर्पित शहीद स्मारक वहां बन गया है और तिरंगा शान से लहरा रहा है।

साथियों,
अस्थिर सरकार, जोड़तोड़ से बनी सरकार के दुष्परिणाम कर्नाटक ने बहुत भुगते हैं। एक अस्थिर सरकार का फोकस लोगों की सेवा पर नहीं होता है। आपको याद होगा कि कांग्रेस-जेडीएस सरकार के मुखिया ने माना था कि वो कांग्रेस की दया पर चल रहे हैं। जेडीएस की जवाबदेही कांग्रेस के प्रति है, कर्नाटक के लोगों के प्रति नहीं है। ये जो उनका सत्ता प्रेम है, ये जो उनका कुर्सी गंवाने का डर है, ये उन्हें आपके लिए कुछ करने नहीं देगा। कांग्रेस हर उस व्यक्ति से नफरत करती है जो सामान्य मानवी की बात करता है। जो उनके भ्रष्टाचार को सामने लाता है, जो उनकी स्वार्थ भरी राजनीति पर प्रहार करता है, कांग्रेस की नफरत उससे परमानेंट हो जाती है। अभी इस चुनाव में भी कांग्रेस ने फिर से मुझे गालियां देने का काम शुरू कर दिया है। मैंने देखा किसी ने उन गालियों की लिस्ट बनाई है, और वो गालियों की लिस्ट मुझे दी है। अब तक मुझे ये कांग्रेस के लोगों ने 91 टाइम अलग गालियां दी है। अगर कांग्रेस गालियों की डिक्शनरी में टाइम खराब करने की बजाय अगर इतनी मेहनत कांग्रेस ने good governance के लिए की होती कांग्रेसियों का उत्साह बढ़ाने में किया होता तो आज उसकी ऐसी दुर्दशा न हुई होती, ऐसी दयनीय स्थिति नहीं आती। लेकिन साथियों, जो भी गरीब के लिए काम करता है, जो देश के लिए काम करता है, उसे अपमानित करना ये कांग्रेस का इतिहास है। मैं अकेला नहीं हूं जिस पर इस तरीके से हमले किए गए। आपको मालूम है पिछले चुनाव में चौकीदार चोर चलाया, फिर आगे बढ़ गए मोदी चोर चलाया, फिरा सारा ओबीसी समाज चोर है वो चलाया, और अभी तो चुनाव की शुरुआत हुई कर्नाटक में और मेरे लिंगायत भाइओं-बहनों को भी चोर कहने की हिम्मत कर दी। कांग्रेस के लोग कान खोलकर सुन लें आप ने जब-जब जिसको गाली दी है, उन्होंने आपको ऐसी सजा दी है कि आप दोबारा खड़े नहीं हो पाए हैं। इस बार कर्नाटक में भी इस गाली का जवाब, इनके सम्मान पर जो चोट पहुंची है उसका जवाब वोट से दिया जाएगा। भाइयो-बहनों जब ये लोग मुझे गाली देते हैं, अब इतनी गालियां हो गई-91 और उनके टॉप मोस्ट नेता देते रहे हैं कोई छोटे-मोटे कार्यकर्ता नहीं। तब मैं सोचता हूं कि ये कांग्रेस ऐसी पार्टी है, उसने तो संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर को भी ऐसी-ऐसी गालियां दी थी, बाबासाहेब को छोड़ा नहीं था। एक बार बाबासाहेब ने सार्वजनिक तौर पर विस्तार से बताया था कि कांग्रेस उन्हें बार-बार गालियां देती है। कांग्रेस ने बाबासाहेब को क्या-क्या नहीं कहा। कांग्रेस ने बाबा साहेब को राक्षस, राष्ट्रद्रोही, दगाबाज दोस्त, आप सुनकर के हैरान हो जाएंगे, उस जमाने में बाबासाहेब जैसे महापुरुष को कांग्रेस ने ऐसी-ऐसी गालियां दी थी। ऐसे कितने ही अपमानजनक शब्दों से आए दिन बाबासाहेब को अपमानित करती रही। आज भी हम लोग देखते हैं कि कांग्रेस कैसे वीर सावरकर जी को गालियां देती रहती है। कांग्रेस ने देश के जिन महान सपूतों को गालियां दी हैं, बडे-से बड़े महापुरुष उनकी गालियों के शिकार हुए हैं। और जब मैं ये सब देखता हूं तो मुझे लगता है चलिए कांग्रेस भी मुझे इतना उन लोगों की तरह सम्मान देती है। जो उन्होंने बाबासाहेब आंबेडकर को दिया, जो उन्होंने वीर सावरकर को दिया, ऐसी ही गालियां मोदी को दे रहे हैं। बाबासाहेब और वीर सावरकर की तरह अगर वो मोदी को गाली देते हैं तो मैं उसे उपहार मानता हूं। और कांग्रेस गाली देने में समय बर्बाद करती रहेगी और मैं जनता जनार्दन की सेवा में अपने आपको खपाता रहूंगा। दिन-रात काम करूंगा ज्यादा काम करूंगा और आपके आशीर्वाद से सारी गालियां मिट्टी में मिल जाएगी दोस्तों सारी गालियां मिट्टी में मिल जाएगी। और कांग्रेस वाले लिखकर के रखें, आप जितना कीचड़ उछालोगे कमल उतना ही ज्यादा खिलने वाला है। भाइयों-बहनों आपके आशीर्वाद से मुझे कर्नाटक की सेवा करने से रुकना नहीं है, और ज्यादा सेवा करनी है, पूरी दिल्ली को आपकी सेवा के लिए लगाना है। इस बार फिर एक बार कर्नाटक को तेज विकास के लिए पूर्ण बहुमत की, ये मेरे शब्द हैं याद रखिए, पूर्ण बहुमत की स्थाई और मजबूत बीजेपी सरकार चाहिए। और इसलिए एक ही बात मैं बार-बार कहता हूं - ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा’! कर्नाटक को डबल इंजन सरकार चाहिए, ताकि केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल रहे, हर जगह रुकावटें ना आएं। कर्नाटक को डबल इंजन सरकार चाहिए, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट तेज़ी से पूरे हों। कर्नाटक को डबल इंजन सरकार चाहिए, ताकि विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत हो। कर्नाटक को डबल इंजन सरकार चाहिए, ताकि कर्नाटक कांग्रेस का ATM नहीं, बल्कि देश का ग्रोथ इंजन बना रहे। कर्नाटक को डबल इंजन सरकार चाहिए, ताकि केंद्र की गरीब कल्याण की योजनाएं बंद ना हों।

भाइयों और बहनों,
मुझे पूरा विश्वास है कि 10 मई को भारी संख्या में आप पोलिंग बूथ तक पहुंचेंगे और कमल के फूल पर बटन दबाएंगे। इस बार का वोट- विकास के अमृतकाल के लिए। इस बार का वोट- कर्नाटक को देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए।आप सभी का बहुत आशीर्वाद हम सबको मिलता रहे। कर्नाटक में भाजपा के उम्मीदवारों को आपका आशीर्वाद, उन्हें आपकी सेवा में और ज्यादा परिश्रम के लिए प्रेरित करेगा। इतनी शानदार सभा कर दी, अब ऐसा तो नहीं होगा कि अब तो काम हो गया है, चलो जाओ सो जाओ, अब तो जीत जाएंगे, आप ऐसा नहीं करेंगे ना.. जरा जवाब दीजिए नहीं करोगे ना.. बूथ में जाओगे..हर घऱ जाओगे.. मतदाताओं को मतदान के लिए निकालोगे..भाजपा की बात बताओगे.. पक्का करोगे... अच्छा मेरा एक काम करोगे आपलगो.. करोगे तो बताइए.. पक्का करोगे.. ईमानदारी से करोगे.. हर घर जाकर के करोगे.. तो एक काम करिए 10 मई के पहले सभी मतदाताओं के घर जाइए.. और जाकर के उनको कहिएगा कि आपके सेवक मोदी जी बीदर जिले में आए थे और आपके सेवक मोदी जी ने आपको नमस्कार कहा है। ये मेरे नमस्कार उनको पहुंचाओगे, हर माता और बहनों को पहंचाओगे। मेरे नमस्कार अगर आप पहुंचाओगे न तो मुझे उनके आशीर्वाद मिल जाएंगे, और उनके आशीर्वाद से मेरी ऊर्जा इतनी बढ़ जाती है कि दिन-रात मैं और ज्यादा काम कर सकता हूं और इसलिए मेरे लिए आपको ये काम करना है। हर घर जाकर के कहना है कि आपका सेवक मोदी आया था, मोदी ने आपको नमस्कार कहा है।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister welcomes Param Vir Gallery at Rashtrapati Bhavan as a tribute to the nation’s indomitable heroes
December 17, 2025
Param Vir Gallery reflects India’s journey away from colonial mindset towards renewed national consciousness: PM
Param Vir Gallery will inspire youth to connect with India’s tradition of valour and national resolve: Prime Minister

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, has welcomed the Param Vir Gallery at Rashtrapati Bhavan and said that the portraits displayed there are a heartfelt tribute to the nation’s indomitable heroes and a mark of the country’s gratitude for their sacrifices. He said that these portraits honour those brave warriors who protected the motherland through their supreme sacrifice and laid down their lives for the unity and integrity of India.

The Prime Minister noted that dedicating this gallery of Param Vir Chakra awardees to the nation in the dignified presence of two Param Vir Chakra awardees and the family members of other awardees makes the occasion even more special.

The Prime Minister said that for a long period, the galleries at Rashtrapati Bhavan displayed portraits of soldiers from the British era, which have now been replaced by portraits of the nation’s Param Vir Chakra awardees. He stated that the creation of the Param Vir Gallery at Rashtrapati Bhavan is an excellent example of India’s effort to emerge from a colonial mindset and connect the nation with a renewed sense of consciousness. He also recalled that a few years ago, several islands in the Andaman and Nicobar Islands were named after Param Vir Chakra awardees.

Highlighting the importance of the gallery for the younger generation, the Prime Minister said that these portraits and the gallery will serve as a powerful place for youth to connect with India’s tradition of valour. He added that the gallery will inspire young people to recognise the importance of inner strength and resolve in achieving national objectives, and expressed hope that this place will emerge as a vibrant pilgrimage embodying the spirit of a Viksit Bharat.

In a thread of posts on X, Shri Modi said;

“हे भारत के परमवीर…
है नमन तुम्हें हे प्रखर वीर !

ये राष्ट्र कृतज्ञ बलिदानों पर…
भारत मां के सम्मानों पर !

राष्ट्रपति भवन की परमवीर दीर्घा में देश के अदम्य वीरों के ये चित्र हमारे राष्ट्र रक्षकों को भावभीनी श्रद्धांजलि हैं। जिन वीरों ने अपने सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा की, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन दिया…उनके प्रति देश ने एक और रूप में अपनी कृतज्ञता अर्पित की है। देश के परमवीरों की इस दीर्घा को, दो परमवीर चक्र विजेताओं और अन्य विजेताओं के परिवारजनों की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्र को अर्पित किया जाना और भी विशेष है।”

“एक लंबे कालखंड तक, राष्ट्रपति भवन की गैलरी में ब्रिटिश काल के सैनिकों के चित्र लगे थे। अब उनके स्थान पर, देश के परमवीर विजेताओं के चित्र लगाए गए हैं। राष्ट्रपति भवन में परमवीर दीर्घा का निर्माण गुलामी की मानसिकता से निकलकर भारत को नवचेतना से जोड़ने के अभियान का एक उत्तम उदाहरण है। कुछ साल पहले सरकार ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कई द्वीपों के नाम भी परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे हैं।”

“ये चित्र और ये दीर्घा हमारी युवा पीढ़ी के लिए भारत की शौर्य परंपरा से जुड़ने का एक प्रखर स्थल है। ये दीर्घा युवाओं को ये प्रेरणा देगी कि राष्ट्र उद्देश्य के लिए आत्मबल और संकल्प महत्वपूर्ण होते है। मुझे आशा है कि ये स्थान विकसित भारत की भावना का एक प्रखर तीर्थ बनेगा।”