Entire Rajasthan is saying the Congress is going and BJP is coming back to power: PM Modi
Congress has deprived people of Rajasthan of basic drinking water by siphoning off funds meant for the Jal Jeevan Mission through corruption and commission: PM Modi
On one hand, the BJP promotes respect and dignity towards women, and on the other hand, CM Gehlot calls violence against women baseless in Rajasthan: PM Modi
The Lal Diary, Paper-leak Mafia, crores worth scams, and scandals have become a reality owing to the Congress-led anarchy in Rajasthan: PM Modi
Unlike Congress-led governance of fear, BJP’s governance is driven by confidence. When terror strikes us, we strike back at them harder: PM Modi

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

सिद्ध श्री लोकदेवता खेमाबाबा की पावन धरा बायतू में आना मेरा सौभाग्य है। यहां रैलीस्थल के पास में ही उनका मंदिर भी है। मैं उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। धोरों के गढ़, बाड़मेर की आप सभी जनता जनार्दन को भी मेरा प्रणाम। थां सगला र बीच आर, म्हारों मन खूब राजी हुयो!

पूरा राजस्थान कह रहा है- जा रही है कांग्रेस, आ रही है भाजपा पूरे राजस्थान ने ऐलान कर दिया है- गहलोत जी...कोनी मिले वोट जी। एमपी और छत्तीसगढ़ में तो, कांग्रेस का डिब्बा गोल है। अब राजस्थान की बारी है। अब राजस्थान की बारी है। कांग्रेस साफ हो जाएगी ना? पोलिंग बूथ में साफ होगी कि नहीं होगी? अगर साफ करने का मज़ा तो तब आता है, जब पोलिंग बूथ में साफ करें। हमारी माताएं-बहनें दिवाली में जब घर की सफाई करती है न तो कमरे का ऊपर-ऊपर से सफाई नहीं करती है, कोने-कोने में जाकरके सफाई कर देती है, वैसे ही सफाई होनी चाहिए। हमें माताओं-बहनों से सीखना है कि सफाई कैसे होती है? सीखोगे? शर्माओगे तो नहीं ना? सीखोगे?

मेरे परिवारजनों,
पूरा देश आज भाई दूज का त्योहार मना रहा है। ये मेरा सौभाग्य है कि आज मैं राजस्थान की अपनी बहनों के बीच आया हूं। मेरा भी निरंतर प्रयास रहा है कि बहनों की हर समस्या, हर संकट को दूर कर सकूं, मेरी बहनों का जीवन आसान बना सकूं। मुझे आपके स्वास्थ्य की चिंता थी, इसलिए हमने मुफ्त गैस कनेक्शन दिए, पहले जब लकड़ी का चूल्हा जलाते थे ना, माताएं- बहनें, ये आपका बेटा ये आपका भाई एक-एक चीज़ में कितना बारीकी से सोचता है देखो। जब लकड़ी का या उपले का चूल्हा जलाते हैं और खाना पकाते हैं तो रोजना 4 सौ सिगरेट का धुआं जाता है। आप मुझे कहिए अगर दो सिगरेट भी पीते हैं तो डॉक्टर कहता है कि भाई तुझे मरना है है क्या? तू सिगरेट बंद कर। मेरी माताएं-बहनें आपको गरम खाना मिले इसलिए हर दिन चूल्हे से जो धुआं निकलता था वो 4 सौ सिगरेट जितना धुआं वो आपकी खुशी के लिए झेलती थी। माताएं-बहने आपने तो कभी कहा नहीं ना ही हमने चुनाव संकल्प पत्र भी लिखा था। लेकिन आपका ये भाई, आपका ये बेटा तय करके बैठा है। मैं हर परिवार को मुफ्त गैस कनेक्शन देकरके मेरी माताओं-बहनों को मुक्ति दूंगा। मैंने मेरी माताओं-बहनों के इलाज की मुफ्त सुविधा दी। मुझे आपकी गरिमा की, इज्जत की चिंता थी, इसलिए हमने देशभर में करोड़ों शौचालय बनवाए। ये शौचालय सिर्फ चारदीवारी का मुद्दा नहीं है। 25-50 हजार का मुद्दा नहीं है। एक भाई बहन की इज्जत का कितना खयाल रखता है उस संवेदना का मुद्दा है। मैं गरीब के घर से आया हूँ। मैं जानता हूं हमारी माताएं बहनें प्राकृतिक क्रिया करने के लिए कुदरती क्रिया करने के लिए या तो सूरज उगने से पहले लोटा लेके जंगल चली जाती थी। दिन में जाना पड़े तो सहन करती थी। रात के अंधेरे का इंतजार करती थी और तब जा कर के लोटा ले करके शौच के लिए जाती थी। उसको इज्जत की भी चिंता रहती थी ये आपका भाई आपका बेटा उसने करोड़ो-करोड़ो शौचालय बनाए ताकि मेरी माताओं और बहनो को इज्जत मिले। मैं चाहता था कि महिलाओं के नाम भी संपत्ति हो, आज भाई दूज का त्योहार है मेरे देश के माताएं-बहने सुनें. परंपरा से हमारे देश में अगर घर होता है तो पति के नाम पर या पिता के नाम पर, खेत पति के नाम पर पिता के नाम पर। दुकान पति के नाम पिता के नाम पर। गाड़ी लाए स्कूटर लाए वो भी पिता के नाम पर पति के नाम पर। और पिता और पति ना हो तो बेटे के नाम पर। महिला के नाम कुछ नहीं। होता है कुछ महिलाओं के नाम पर? होता है क्या? आपका भाई, आपका बेटा इस स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकता है। और इसलिए आपके इस भाई ने तय किया, भाई दूज का दिन है मेरी माताएं-बहनें पीएम आवास योजना के जो मकान देते है ना वो घऱ का मालिकी हक उस परिवार के महिला के नाम किया जाता है और मालकिन मेरी माताएं और बहनें बनती हैं। राजस्थान की मेरी गरीब माताओं-बहनों को राशन की चिंता से मुक्ति भी आपके भाई ने अपना कर्तव्य निभाया है। याद करो, कोरोना का कैसा काल था मौत मंडरा रही थी कोविड में, हर परिवार चिंता में था। कहीं घर में कोविड आ गया, तो पता नहीं किसको ले जाएगा। यमराज बनकर भटक रहा था सबकुछ ठप पड़ा था रोजी रोटी कमाने बाहर गए बच्चे भी घऱ लौटकर आ गए थे। मां भी कहती थी बाहर नहीं जाना है। सहन कर लेंगे भूखे रह लेंगे लेकिन बाहर मत जाओ अभी कुछ नहीं करना है ऐसे ही गुजारा कर लेंगे। आपका ये दर्द आपकी ये पीड़ा आपके बेटे ने आपके भाई ने सुनी, और मैंने तय किया कि एक भी गरीब का चूल्हा बूझने नहीं दूंगा। मरे देश का कोई बच्चा भूखा नहीं सोएगा। बच्चे को भूखा देखकर किसी मां की आंखों से आंसू नहीं बहेंगे। ये स्थिति करूंगा और तब जाकर के अनाज के भंडार खोल दिए। 80 करोड़ लोगों को, 80 करोड़ भाई-बहन को मुफ्त में अनाज देना शुरू कर दिया। हम वो राजस्थान के लोग हैं दया-पुणय में विश्वास करते हैं। आपके घऱ पर यदि कोई गरीब आ जाए या अरोस-पड़ोस में कोई गरीब है उसको अगर रोटी खिलाते हैं तो मन में संतोष होता है कि नहीं होता है? जरा सब के सब जवाब दो, जिसने नहीं खिलाई है मत देना, जिसने अपने जीवन में ऐसा कुछ काम किया है वो बताइए, संतोष होता है कि नहीं होता है? जब ऐसा पुण्य काम करते हैं तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है? पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है? जब मोदी ने 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया तो 80 करोड़ लोग आशीर्वाद देंगे कि नहीं देंगे? इसका पुण्य मिलेगा कि नहीं मिलेगा? ये पुण्य किसको मिलेगा? ये पुण्य किसको मिलेगा? ये पुण्य किसको मिलेगा? बस यहीं गलती हो जाती है। ये पुण्य मोदी को नहीं ये पुण्य आपको मिलेगा। क्योंकि आपने वोट दिया मोदी को और मोदी जाकर के यह काम कर रहा है। ये आपको वोट की ताकत है कि 80 करोड़ लोगों के पेट में अनाज जा रहा है और उसके पुण्य के हकदार आप सब मेरे भाई-बहन हैं। इसका हक आपका है। हर गरीब को अन्न मिले आप सबको पुण्य मिले, इसलिए, ये योजना दिसंबर महीने में पूरी होने वाली थी, लेकिन आपके बेटे ने आपके भाई ने ये तय किया कि पांच साल और आगे बढ़ा दूंगा।

साथियों,
बीते 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने जितनी भी योजनाएं बनाई हैं, उसमें नारी सुरक्षा, नारी सशक्तिकरण को ही सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
अब मेरा मिशन, माताएं-बहनें ये आपका भाई भाई-दूज को कह रहा है। मेरा मिशन बहनों को पानी की समस्या से निजात दिलाने का है। अभी तक राजस्थान में लगभग 50 लाख घरों को पाइप से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा चुकी है। लेकिन साथियों, मुझे इस बात की भी तकलीफ है कि कांग्रेस सरकार ने यहां इस योजना को भी लूट लिया। पता नहीं यह पंजा कहां-कहां जाकर के लूट करता है। ये पंजे की आदत हो गई है कि कहीं पर भी हाथ मारो। मैं दिल्ली से जल जीवन मिशन का पैसा भेजता हूं, लेकिन ये कांग्रेस के लोग आदतन मजबूर, उसमें भी कमीशन खा जाते हैं। अरे ये भूमि तो हर गांव लाखा बंजारा को याद करने वाले लोग हैं। लाखा बंजारा, जिसने कहीं एक बाबरी भी बना दी तो आज सदियों के बाद भी लाखा बंजारा को याद करते हैं। जिन्होंने पानी का प्रबंध करके पुण्य कमाया। दूसरी तरफ ये कांग्रेस के लोग हैं, जो पानी जैसे पुण्य के काम में भी पैसे कमाने का कारोबार करत हैं, भ्रष्टाचार करते हैं। मुझे बताया गया है कि बाड़मेर-जैसलमेर में अनेक गांवों में काम भी नहीं हुआ और पेमेंट भी हो गया। गरीब को धोखा देने वाली कांग्रेस को यहां एक पल भी सरकार में रहने का हक नहीं है। आप मुझे बताइए, ऐसे लोग जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए? जो आपका हक लूटते है उन्हें जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए? जो जनता के पैसे चोरी करते हों वो जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए?

साथियों,
गरीब को सुविधा देने वाली हर योजना का लाभ हर लाभार्थी तक पहुंचे, इसके लिए केंद्र सरकार आपके गांव, आपके दरवाजे पर आ रही है।आज ही, मैं अभी झारखंड रांची से आ रहा हूं। आज ही एक बहुत बड़ा अभियान भारत सरकार ने शुरू किया है। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ उसमें भारत सरकार, देश के हर गांव तक जाएगी...हर लाभार्थी से संपर्क करेगी। मेरे जो गरीब भाई-बहन अब तक सरकार की योजनाओं से वंचित हैं...अब सामने जाकर के उनका हक उनको दिया जाएगा। इतना बड़ा काम मैंने आज आरंभ किया है। सरकारी योजनाओं के लाभ से कोई ना छूटे...यही हमारा प्रयास है। और यही.. यही.. यही मोदी की गारंटी है। औऱ, मोदी की गारंटी का मतलब क्या है, मोदी की गारंटी का मतलब हर गारंटी पूरा होने की गारंटी।

मेरे परिवारजनों,
डाली बाई की इस पावन धरा पर माताओं-बहनों के मान-सम्मान के लिए जान की बाजी लगा दी जाती है। लेकिन ऐसे राजस्थान को कांग्रेस ने महिलाओं पर अत्याचार के मामले में सबसे आगे ला दिया है। हमारी बहन-बेटियों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। यहां मासूम बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं... कांग्रेस विधायकों के रिश्तेदारों पर आरोप लगते हैं... कांग्रेस विधायक महिलाओं के खिलाफ खुलकर बयानबाजी करते हैं...जब मुख्यमंत्री ऐसे हों, जो महिलाओं के खिलाफ अपराधों को फर्जी बता दें तो अत्याचारियों के हौसले बुलंद ही हो जाते हैं। जब कांग्रेस के मंत्री विधानसभा में राजस्थान को मर्दों का प्रदेश बताकर महिला अपराध की पैरवी करे, तो आपराधियों के हौसले बुलंद हो ही जाते हैं। आपने राजस्थान की मर्दानगी का, राजस्थान की वीरता का, नारी सम्मान के लिए सर कटवा देने वाले मेरे राजस्थान के वीरों का अपमान किया है आपने अपमान किया है। क्या ये अपमान सहेंगे आप? कोई मर्द ऐसा अपमान सहेगा क्या? क्या मर्द माताओं की रक्षा करता है कि नहीं करता है? मर्द माताओं की रक्षा करता है कि नहीं करता है? क्या कोई मर्द मर्द इसलिए कहलाता है कि किसी मां-बेटी की बेइज्जती करे। ये पाप राजस्थान की धऱती पर हो रहा है। और ऐसे लोगों के सम्मान में बोनस में टिकट भी दे दी जाती है। कोई परवाह नहीं है इनको। और इसलिए पूरा राजस्थान कह रहा है- बहनों-बेटियों का अपमान- नहीं सहेगा राजस्थान। बहनों-बेटियों का अपमान... बहनों-बेटियों का अपमान... बहनों-बेटियों का अपमान...

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस ने बहनों-बेटियों के सम्मान के साथ-साथ इस वीरधरा के मान सम्मान को भी ठेस पहुंचाई है। बीते 5 वर्षों में आप लोग राजस्थान में कोई भी तीज-त्योहार शांति से नहीं मना पाए। कभी दंगे, कभी पत्थरबाज़ी, कभी कर्फ्यू, कांग्रेस के 5 साल की यही तस्वीर रही है।
दंगों के कारण, बार-बार लगते कर्फ्यू के कारण, सबका नुकसान होता है। जब अपराध बढ़ता है तो गरीब, मजदूर की दिहाड़ी नहीं लग पाती है। जब अपराध बढ़ता है तो व्यापारियों-दुकानदारों का काम रुक जाता है। दुकाने लूट ली जाती है आग लगा दी जाती है। इसलिए कांग्रेस को यहां सरकार से हटाना बहुत जरूरी है।

साथियों,
यहां के वीर कल्ला रायमलोत की वीरता के किस्से हम सभी ने सुने हैं। आप मेरे साथ बोलिए- बाबा रामदेवजी की.. बाबा रामदेवजी की...
हिंगलाज माता की...वीर तेजाजी महाराज की... मल्लिनाथ महाराज की... तनोट माता की... नागणेची माता की... नाकोड़ा भैरव जी की... जंभेश्वर भगवान की... जसोल माता की... विरात्रा माता की... हम इन सभी आराध्यों का जयघोष करके सुख-संतोष पाते हैं। लेकिन अब राजस्थान में आतंकवाद समर्थक ऐसे नारे लगने लगे हैं, जिसकी किसी ने कभी कल्पना तक नहीं की थी। आप सोचिए, जहां-जहां कांग्रेस आती है, वहां आतंकी, दबंग और दंगाई, इनके हौसले क्यों बढ़ते हैं? इसका जवाब है- कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति...कांग्रेस, राजस्थान को उस दिशा की तरफ ले जा रही है जहां राजस्थान की संस्कृति ही, राजस्थान की परंपरा ही खतरे में पड़ जाएगी। राजस्थान की संस्कृति की रक्षा के लिए राजस्थान में भाजपा जरूरी है। है... भाजपा जरूरी है... भाजपा जरूरी है... भाजपा जरूरी है...

मेरे परिवारजनों,
जब मुख्यमंत्री अपने पूरे कार्यकाल में सिर्फ और सिर्फ एक ही काम करते रहे, कुर्सी कैसे बचे, पांच साल कुर्सी बचाने में लगे रहे। जब दिल्ली दरबार, राजस्थान में अपने ही नेता की कुर्सी गिराने में जुटा रहेगा। तब गली-गली, गांव-गांव में ऐसी ही अराजकता फैलेगी, जैसी राजस्थान में फैल रही है। कांग्रेस ने राजस्थान के नौजवानों को पूरी तरह से पेपरलीक माफिया के हवाले छोड़ दिया। राजस्थान में परीक्षा हो और पेपरलीक ना हो...ये असंभव सा हो गया है। पेपरलीक माफिया के तार सीधे-सीधे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से जुड़े हैं। अभी तक तो काले कारनामों की लाल डायरी के ही चर्चे थे। अब लाला डायरी खुलने लगी है, आपने पढ़ा कि नहीं पढ़ा? पढ़ा है कि नहीं पढा? वो तो कहते थे कि लाल डायरी फेक है। अब उन्हीं के अक्षरों में लाल डायरी बढ़-चढ़ कर बोल रही है। क्या ये लाल डायरी पढ़ने के बाद एक भी कांग्रेसी जीतना चाहिए क्या... एक भी कांग्रेसी जीतना चाहिए क्या... मैं तो कहूंगा राजस्थान के लोग इस चुनाव में कांग्रेस का कोई भी व्यक्ति आए तो उससे दो सवाल जरूर पूछे- एक लाल डायरी का माजरा क्या है बताओ.. ये लाल डायरी है क्या.. ये लाल डायरी किसकी है? पहले तो ये लाल डायरी के बारे में तुम मना करते थे, अब तो सब निकलने लगा है। पूछोगे? हर कांग्रेस वाले घर-घर आएं तो पूछोगे? आप तो देखे होंगे कि कुछ लोग जब ऐसे मैदान में उतरते हैं तो कभी-कभी बात करते हैं कि भाई तुम्हे क्या लगता है चुनाव में... देखो मेहनत तो करता हूं आखिर तो लक पर है। क्या कहते हैं... लक पर है... लक की बात करते हैं ना.. नसीब.. कहते हैं कि नहीं कहते हैं... भाई मैं तो इग्जाम देकर के आया बाकी तो लक पर है कि कितने मार्क्स आएंगे... ऐसा ही कहते हैं ना... अब कांग्रेस में ऐसा नहीं कहते हैं... अब कांग्रेस वाले कहते हैं कि यार लॉकर तो नहीं खुलेगा ना.. अब वो लक की बात नहीं करते, उन्हें चिंता इस बात की है कि लॉकर न खुल जाए...और कहीं मोदी की नजर न पड़ जाए... लॉकर खुल रहे हैं लॉकर... और लूटा हुआ माल नजर आने लगा है...यहां राजस्थान में भी लॉकर से रुपयों का ढेर और खाली रुपये ही नहीं, ढेर सारा सोना, किलो-किलो के हिसाब से सोना। आपको विश्वास है ना ये सोना आलू वाला सोना नहीं है। ये चोरी किया हुआ सोना है आलू वाला सोना नहीं है वरना ये जाकर के लिखवा देंगे.. ये तो मैंने आलू से बनाया हुआ सोना रखा था। मुझे बताइए...ये लूट करने वालों को सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? आपको सजा देने का मौका मिला है। सबसे पहले सजा देने का मौका आपको मिला है। कमल के निशान पर ऐसे बटन दबाओ.. ऐसे बटन दबाओ.... कि उनकी सजा पक्की हो जाए। जैसे उनको फांसी दे रहे हो ना ऐसे कमल के निशान पर बटन दबाओ... जब मोदी इस घोटाले की जांच करवा रहा है, तो हमारे गहलोत साहब मुझे ही कोस रहे हैं। अब ये लोग चाहे कितनी ही गालियां दें...भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई तो होकर ही रहेगी। जिन्होंने लूटा है, उन्हे लोटाना पड़ेगा कि नहीं पड़ेगा? जिन्होंने लूटा है उन्हे जेल जाना पड़ेगा कि नहीं पड़ेगा? उनका हिसाब पक्का होगा कि नहीं होगा? ये काम मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? आपलोग मुझे इसी काम के लिए बैठाया है ना.. तो मैं जो कर रहा हूं, सही कर रहा हूं या गलत कर रहा हूं? सही कर रहा हूं या गलत कर रहा हूं? ये मोदी की आपको गारंटी है, जो आपने कहा है वो मोदी कर के रहेगा।

साथियों,
राजस्थान वीरों और वीरांगनाओं का प्रदेश है। बहादुरी, वीरता, शौर्य यहां के रगों में है यहां की मिट्टी में है। हर माता की कोख से वीरता पैदा होती है। लेकिन कांग्रेस ने राजस्थान से कुछ नहीं सीखा। कांग्रेस जब केंद्र में थी, तो डर-डर कर सरकार चलाती थी। कांग्रेस राज में आतंकी हमले के बाद विदेश से, विदेश ऐसे जाते थे... हमारे यहां बम फूट गया, हमारे यहां लोगों को मार दिया... हमारे यहां गोली चल गई...मदद की गुहार लगाई जाती थी। आज भाजपा सरकार में आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारा जाता है। ये हमारी ही सरकार है जिसने वीरता को पचाना भी सीखा है और वीरों का सम्मान भी सीखा है...और इसलिए हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन का वायदा पूरा किया है। कांग्रेस सिर्फ 500 करोड़ का बजट दिखाकर वन रैंक वन पेंशन का झूठा वायदा करती थी। भाजपा सरकार वन रैंक वन पेंशन लाकर अब तक 90 हजार करोड़ रुपए हमारे जवानों के खाते में जमा करा चुकी है।

मेरे परिवारजनों,
इस मरुधरा में अदभुत संभावनाएं हैं, बाड़मेर और जैसलमेर का सामर्थ्य अथाह है। राजस्थान के इतने बड़े सीमा क्षेत्र को भाजपा समृद्धि का क्षेत्र बनाना चाहती है। इस मरुभूमि को समृद्धि का प्रवेश द्वार बनाना चाहती है। पेट्रोकेमिकल हब के रूप में इस क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। पचपदरा में HPCL रिफाइनरी का काम भी जल्द पूरा होने वाला है, जिसे कांग्रेस ने दशकों तक लटकाया हुआ था। राजस्थान की भाजपा सरकार यहां तेजी से उद्योग-धंधे और रोजगार विकसित करेगी। राजस्थान की नई भाजपा सरकार, यहां रोजगार के नए अवसर बनाएगी, सबका जीवन आसान बनाएगी।

साथियों,
कुछ महीने पहले ही हमारी सरकार ने पूरे देश में पीएम विश्वकर्मा योजना शुरु की है। इस योजना के तहत हमारे कारीगरों पर, हमारे कुम्हार, मूर्तिकार, सुनार...बाल काटने वाले, कपड़े धुलने वाले...ऐसे हर भाई बहन को 13 हजार करोड़ रुपए उसके पीछे खर्च करके उनके जीवन को उनके काम को आधुनिक बनाया जाएगा। इस योजना का लाभ बाड़मेर और जैसलमेर के गांव-गांव में रहने वाले हस्तशिल्पी कारीगरों को भी मिलेगा।

साथियों,
सीमा पर बसे जिन गांवों को कांग्रेस ने देश का आखिरी गांव मानकर छोड़ दिया था, उन्हें भाजपा सरकार देश के पहले गांव के रूप में विकसित कर रही है। हमने सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम शुरु किया है। केन्द्र सरकार ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में हाइवे का शानदार जाल भी बिछाया है। आज जामनगर-अमृतसर हाईवे बन रहा है, जिससे राजस्थान की कनेक्टिविटी गुजरात से होते हुए समंदर तक हो जाएगी। यानि दुनिया के साथ मेरा यह राजस्थान सीधे जुड़ जाएगा। इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को भी सशक्त किया जा रहा है। ऐसे कामों पर केंद्र सरकार हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रही है। लेकिन यहां की कांग्रेस सरकार मोदी के काम को, हर कदम को रोकना ही उनका काम है, रोकने में ही जुटी हुई है।

मेरे परिवारजनों,
आप जब वोट डालने जाएं तो, याद रखना कि कांग्रेस की सरकार ने गौमाता को भी लंपी की बीमारी के दौरान कष्ट में छोड़ दिया था। ये मोदी ही है, जो पूरे देश में पशुधन को मुफ्त टीकाकरण का अभियान चला रहा है। 2014 से पहले कांग्रेस आपकी मूंग दाल भी एमएसपी पर नहीं खरीदती थी। पिछले 9 वर्षों में भाजपा सरकार ने मूंग के MSP में करीब साढ़े 3 हज़ार रुपए की वृद्धि की है। लेकिन यहां की कांग्रेस सरकार ने मूंग किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं दिया। बाड़मेर और जैसलमेर, पत्थर की कला और पत्थर के कलाकारों के लिए भी जाने जाते हैं। सैकड़ों वर्षों बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, तो उसमें भी मरुधरा का पत्थर ही लग रहा है।

मेरे परिवारजनों,
ये चुनाव सिर्फ विधायक या मंत्री बनाने के लिए नहीं है। ये चुनाव राजस्थान में कानून व्यवस्था की वापसी के लिए है, भाजपा सरकार की वापसी के लिए है। राजस्थान के हर मतदाता को याद रखना है और कांग्रेस को हटाने का जो लक्ष्य है, उसमें चूक नहीं होनी चाहिए।
मेरा भी आपको एक काम करना है। घर-घर जाना है, जाओगे? ऐसा तो नहीं कि इतनी बड़ी विराट सभा हो गई और यहां इतनी दूर इतनी बड़ी सभा होना, मतलब अब चुनाव जीत गए, चलो सो जाओ, ऐसा तो नहीं करोगे ना? जरा पूरी ताकत से बताइए, ऐसा तो नहीं करोगे ना? घर-घर जाओगे? कमल खिलाओगे? हर बूथ में से कांग्रेस को साफ करोगे? अच्छा मेरा एक काम करोगे? करोगे? क्यो आवाज धीमी हो गई? ऐसे नहीं जी-जान से बताओ.. करोगे मेरा काम? पक्का करोगे? लेकिन ये चुनावी काम नहीं है। फिर भी करोगे? ये मेरा निजी काम है फिर भी करोगे? पक्का करोगे? तो एक काम बताऊं? जरा हाथ ऊपर करके बताइए बताऊं? करोगे? एक काम करना। घऱ-घऱ जाकर के सबको प्रणाम करना और प्रणाम करके कहना कि मोदी जी अपने बाड़मेर इलाके में आए थे। और अपने मोदी जी ने आपको राम-राम कहा है। इतना मेरा काम कर दोगे? हर घऱ मेरा राम-राम पहुंचा दोगे? हर बुजुर्ग को मेरा राम-राम कहोगे? हर परिवार को मेरा राम-राम कहोगे? देखिए, अगर आप मेरा राम-राम पहुंचाओगे ना तो हर परिवार मुझे आशीर्वाद देगा और हर परिवार जब मुझे आशीर्वाद देगा ना तो उस आशीर्वाद में इतनी ताकत होती है मैं ऊर्जा से भर जाऊंगा और मैं थकूंगा नहीं, कभी रुकूंगा नहीं.. और ये आशीर्वाद की ताकत है कि कभी झुकूंगा भी नहीं... और इसलिए.. मुझे हर परिवार का आशीर्वाद चाहिए। क्या घऱ-घऱ जाकर मेरा राम-राम पहुंचाएगे?

अच्छा एक बात.. आप मेरा एक और संदेशा लोगों को देंगे? मोदीजी ने कहा है, जरूर कहना कि इस समय शादी-ब्याह का मौसम है, शादी-ब्याह है, बड़े मजे से करिए, लेकिन कितना भी काम हो, वोट देना ना भूलिए... कहोगे ना? क्योंकि राजस्थान के सुनहरे भविष्य के लिए जरूरी है। लेकिन राजस्थान और देश के सुनहरे भविष्य के लिए मतदान भी उतना ही जरूरी है। बहू लाने के उत्साह में या बेटी की विदाई देने के उत्साह में पांच साल कहीं डूब ना जाए इसलिए कितना ही शादी का काम क्यो ना हो 25 नवम्बर को राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए आप सभी अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें और भाजपा उम्मीदवारों जीताए।

अब मैं अपनी बात समाप्त करूं उससे पहले मैं कुछ बात बताना चाहता हूं... बताऊ... आप जमकर के जवाब देंगे? तो जवाब देने से पहले अपना मोबाइल फोन निकालिए, अपने मोबाइल फोन का फ्लैश लाइट चालू कीजिए... बराबर सभी की फ्लैश लाइट चालू कीजिए... और जो मैं बोलूंगा वो आपको बोलना होगा..बोलोगे? मैं जो कहूंगा वही बोलोगे... मैं कुछ भी बोलूंगा आपको बोलना है कमल चुनेगा राजस्थान। क्या बोलेंगे? कमल चुनेगा राजस्थान। क्या बोलेंगे? पक्का एक साथ बोलेंगे? अब मैं बुलवाता हूं... धोरो की धरती महान... धोरो की धरती महान... कमल चुनेगा हिंदुस्तान...
धोरों की धरती महान.................कमल चुनेगा राजस्थान
सुरक्षित सरहद, खुशहाल जवान....कमल चुनेगा राजस्थान
बहन बेटियों का सम्मान..............कमल चुनेगा राजस्थान
सबको पानी सबको मान...............कमल चुनेगा राजस्थान
हस्तशिल्प की बढ़ेगी शान............कमल चुनेगा राजस्थान
भ्रष्टाचारियों पर कसेगी लगाम.......कमल चुनेगा राजस्थान
दुनिया में गूंजे राजस्थानी तान.......कमल चुनेगा राजस्थान
कमल चुनेगा... कमल चुनेगा.. कमल चुनेगा...
वोलिए भारत माता की...भारत माता की...भारत माता की..
बहुत-बहुत धन्यवाद

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।