Congress is not even ready to consider India a nation: PM Modi

Published By : Admin | February 12, 2022 | 13:31 IST
Congress is not even ready to consider India a nation: PM Modi
Under ‘Parvatmala’ project, ropeway connectivity will be provided in remote areas via the national ropeway development programme: PM Modi
They lie about removing poverty, but their truth is that they are engaged in removing the poor, not poverty: PM Modi slams the opposition in Uttarakhand

भारत माता की...भारत माता की...

जय मां नैना देवी!

मैं मानसखंड की पवित्र भूमि से मां पूर्णागिरि देवी, चैती देवी, मोटेश्वर महादेव और पंच मंदिर को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। मैं रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब को आज सिर झुका करके प्रणाम करता हूं। यहां गुरुनानक देव जी के चरण पड़े थे, उनके चरणों से ये धरती पवित्र हुई है। मैं वीर उधम सिंह जी को भी नमन करता हूं, जिनके नाम पर उधमसिंह नगर जिला बसा है।

आजादी के अमृत महोत्सव में ऊधम सिंह जी जैसे शहीद देश के लिए बड़ी प्रेरणा हैं। आप हम सभी को अपना स्नेह देने के लिए, इतनी बड़ी मात्रा में यहां आए हो, मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मैं देवभूमि के आप सब लोगों का कोटि-कोटि अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,
उधमसिंह नगर में एक तरह से मिनी इंडिया की झलक दिखती है। हिंदुस्तान का ऐसा कोई कोना नहीं होगा, जहां के लोग यहां नहीं रहते हों, यहां अपना भाग्य आजमाने नहीं आते हों। आप एक भारत, श्रेष्ठ भारत की जीवंत तस्वीर हैं। आपने आज उत्तराखंड में एक बार फिर डबल इंजन की सरकार पर मुहर लगा दी है। चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है और मेरी उत्तराखंड में इस चुनाव अभियान कि आखिरी प्रचार सभा आपके आशीर्वाद के साथ पूरी होने वाली है।

मैं आज देख रहा हूं पूरे रास्ते भर और यहां पर भी आज जो उत्साह उमंग आप लोगों में है। इससे देख कर ऐसा लग रहा कि आप मेरी सभा सुनने नहीं आए हैं। आप तो मुझे चुनाव नतीजे से बाद भारतीय जनता पार्टी की धामी सरकार के शपथ ग्रहण का निमंत्रण देने आए हैं। 14 फरवरी को आपको, पूरे उत्तराखंड को घर से जरूर निकलना है, कमल के निशान पर बटन दबाना है।

साथियों,

कोरोना महामारी के चलते शुरू में लग रहा था कि इस बार इस तरह से रैली करना संभव होगा की नहीं होगा। लेकिन देश की ताकत, उत्तराखंड के लोगों की ताकत ने आज इस रैली को सच कर दिखाया। ये इसलिए मुमकिन हो रहा है, क्योंकि आज उत्तराखंड के पास वैक्सीन का सुरक्षा कवच है। हमारे उत्तराखंड ने रिकॉर्ड समय में शत प्रतिशत आबादी का सिंगल डोज वैक्सीनेशन करके दिखाया है। मैं इस जागरूकता और निष्ठा के लिए आप सभी नागरिक भाईयों और बहनों को हृदयपूर्वक बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

मैं आपके युवा मुख्यमंत्री श्रीमान धामी जी को उनकी पूरी सरकार की टीम को भी बधाई देता हूं कि उन्होंने वैक्सीनेशन का काम गांव-गांव , घर-घर पहुंचाया, कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पहुंचाया। धामी जी के काम ने ऐसे लोगों का मुंह बंद कर दिया है, जो कहते थे कि दूर-सुदूर पहाड़ों में इतनी ऊंचाइयों पर वैक्सीन तो पहुंच ही नहीं सकती है। आपको मालूम है न ऐसी बातें कौन करते थे, जानते हो न आप लोग, निराशा से भरी हुई बातें किसकी होती थीं। उनको भलीभांति पहचानते हो न। ये वही लोग हैं, जिन्होंने वैक्सीनेशन अभियान के दौरान भारत की वैक्सीन को लगातार बदनाम किया। लगातार बदनाम किया। ये वही लोग हैं जो वैक्सीन को लेकर चारों तरफ, दिन-रात अफवाहें फैलाने में लगे थे।

साथियों,

आप एक बात और सोचिए। वैक्सीन तो सबके लिए होती है, फिर इनको वैक्सीन से क्या तकलीफ थी? इनको तकलीफ ये थी कि वैक्सीन की वजह से हर देशवासी सुरक्षित हो जाएगा। और सुरक्षित हो जाएगा तो ये पहले भी मोदी का जय जयकार करते थे, अब तो और ज्यादा जोर से मोदी का जयकारा करेंगे और साथ-साथ धामी जी का भी जय जयकारा करेंगे। ये लोग नहीं चाहते थे कि उत्तराखंड में फिर से, भाइयों और बहनों ये ऐसे विकृत राजनीति वाले लोग हैं कि वे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए औरों का बुरा सोचते हैं, बुरा देखते हैं , ये लोकतंत्र में नहीं चल सकता है।

भाइयों और बहनों,

वो तो नहीं चाहते थे कि वैक्सीन लग जाएगी तो फिर बद्रीनाथ , केदारनाथ, मसूरी, नैनीताल, यात्री आना शुरू हो जाएंगे टूरिस्ट शुरू हो जाएंगे। फिर उनकी राजनीति की खिचड़ी कैसे पकेगी और इसलिए वो वैक्सीन के लिए लोगों को गुमराह करते थे। ये नहीं चाहते थे कि वैक्सीन का कवच पाने के बाद रोजगार और उद्योग धंधे फिर से चल पड़े। आप उधमसिंह नगर के लोग तो अच्छी तरह समझते हैं कि इन्होंने कितना खतरनाक खेल खेला। और इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह जानते हैं क्या थी? ये सोचते थे कि सब कुछ पटरी पर आ जाएगा तो ये मोदी को गाली कैसे देंगे? फिर ये भारत को बदनाम कैसे करेंगे? लेकिन ये लोग उत्तराखंड का सामर्थ्य भूल जाते हैं।

मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,

ये नया दशक उत्तराखंड का दशक है। ये दस साल उत्तराखंड के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज जो 18 साल के नौजवान हैं, बहनें-बेटियां हैं, उनके लिए ये 10 साल उनकी जिंदगी का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है। हमारा देश, हमारा उत्तराखंड ऐसे लोगों से रुकने वाला नहीं है। आज उत्तराखंड में पर्यटन रोजगार फिर से पटरी पर लौटने लगा है। उधमसिंह नगर के उद्योगों ने फिर से गति पकड़नी शुरू कर दी है।

साथियों,

सौ साल में ऐसी महामारी दुनिया भर ने नहीं देखी है। पूरी मानव जाति को दो साल से इस महामारी ने अपनी चपेट में लिया हुआ है। भाइयों और बहनों भारत में हमारी सरकार ने लगातार प्रयास किया कि कोरोना की वजह से तबाही कम से कम हो। हमारे जो छोटे उद्यमी हैं, जो MSME सेक्टर है, उसे विशेष तौर पर इस संकट के समय में ढाई लाख करोड़ रुपए की मदद दी गई।

एक रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत सरकार की इस योजना के कारण MSME’s को समय पर मदद मिलने के कारण लाखों MSME’s इस कोरोना के कारण बंद होने की कगार पर थे। ये लाखों MSME’s बंद होने से बच गए और लाखों लोगों का रोजगार भी सुरक्षित हो गया। हमारी सरकार ने जो MSME’s की परिभाषा बदली है, उसका भी लाभ यहां के छोटे उद्यमियों को हुआ है।

साथियों,

कोरोना के इस काल में डबल इंजन की सरकार ने उत्तराखंड में विकास को भी रफ्तार दी है, और गरीबों की चिंता भी की है। इतना बड़ा संकट आया, सौ साल की सबसे बड़ी वैश्विक महामारी आई, लेकिन यहां के तराई क्षेत्र से लेकर पहाड़ों पर बसे गांवों तक, हमारी सरकार ने किसी भी गरीब को भूखे नहीं सोने दिया।

हमने चिंता की गरीब के घर का चूल्हा जलते रहना चाहिए। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के जरिए, आज भी हर गरीब को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। और मैं तो देख रहा हूं, कभी-कभी सोशल मीडिया पर नजर करता हूं तो उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के दूरसुदूर गावों की गरीब महिलाएं खेत में काम करती हो, रास्ते से गुजर रही हो, सर पर बोझा ढोया हुआ हो।

और कोई पूछ ले चुनाव के विषय में और वो जिस प्रकार से मोदी को आशीर्वाद देती हैं। एक मां की वीडियो मेरे दिल को छू गया है। उत्तराखंड के दूर-सुदूर गांव से वो मां बोल रही थी। यहां की लोकल भाषा में वो बोल रही थी, उसने कहा हमने हमारे बच्चों को 9 महीने हमारे पेट में पाला। बड़े होकर ये अपने-अपने में खो गए, लेकिन ये मोदी है जो हमारी चिंता करता है, हमें हमारा बेटा अगर सच्चा कोई है। वो मां कह रही है अगर मेरा कोई सच्चा बेटा है तो वो मोदी है।

भाईयों-बहनों,

माताओं-बहनों का इतना आशीर्वाद, इतना बड़ा सामर्थ्य आज मोदी के साथ खडा़ है तो मोदी जी-जान से माताओं-बहनों के कल्याण के लिए उत्तराखंड के कल्याण के लिए, उत्तराखंड के नौजवानों के कल्याण के लिए कभी पीछे नहीं हटेगा।

भाईयों-बहनों,

कोरोना के कारण पर्यटन प्रभावित होने की वजह से जिन लोगों पर असर पड़ा था, उनके लिए भी धामी जी की सरकार ने आर्थिक सहायता भी जारी की। आज गरीब, मजदूर कह रहा है, महिलाएं कह रही हैं कि अगर कांग्रेस के शासनकाल में ऐसी महामारी आती तो न जाने क्या होता! मैं भी आपसे पूछता हूं, ये मुफ्त राशन क्या पहले की सरकार होती तो क्या आप तक पहुंचता क्या?

आप तक पहुंचता क्या? आप तक पहुंचता क्या? कहीं और बिक जाता कि नहीं बिक जाता, घोटाला करते कि नहीं करते। उत्तराखंड की बहनों को जो मुफ्त सिलेंडर मिले, आप कल्पना कर सकते हैं कि आजादी के इतने साल बाद भी, वो रहते तो आपको पहुंचता क्या। उत्तराखंड की लाखों बहनों के बैंक खातों में जो रुपये भेजे गए। क्या ये कांग्रेस को लोग होते तो बैंक के खाते खुलते क्या। खुलते क्या।, क्या इन खातों में पैसे आते क्या। ये पैसे आप के काम आते क्या।

भाईयों-बहनों,

सरकार के खजाने से निकल जाता आप तक नहीं पहुंचता कहीं बाहर चला जाता। उत्तराखंड के हजारों किसानों के बैंक खातों में साल में तीन बार, भारत सरकार की ओर से सीधे पैसे पहुंच रहे हैं क्या कांग्रेस के जमाने में कोई सोच सकता है किसी के खाते में सीधे पैसे पहुंच जाएं।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस पार्टी की दशकों से एक ही पॉलिसी रही है। चुनाव में वादे करो, सरकार बनाओ और घोटाले करो, भ्रष्टाचार करो। चुनाव आए तो फिर नए वादे करो। इस बार भी जो वादे इन्होंने किए हैं, वो झूठ का पुलिंदा हैं। ये गरीबी हटाने का झूठ बोलते हैं। 40 साल से गरीबी हटाओ कहते रहे हैं गरीबों को और गरीबी में धकेलने के लिए काम करते रहते हैं।

लेकिन इनकी सच्चाई ये है कि ये गरीब को ही हटाने में लगे रहते हैं। दशकों तक इन लोगों ने पहाड़ के लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा, गरीबों को पलायन के लिए मजबूर किया। गरीबों को पक्का घर, गरीब बहनों को गैस कनेक्शन, गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन, टॉयलेट की सुविधा, नल से जल की सुविधा, ऐसी मूल सुविधाएं देने के लिए डबल इंजन की सरकार ही आपके लिए काम कर रही है। माताओं और बहनों, इन सुविधाओं का सबसे बड़ा लाभ हमारी उत्तराखंड की माताओं को, बहनों-बेटियों को हो रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड के विकास के लिए हम कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे। धामी जी की सरकार ने यहां नई सड़कों का रिकॉर्ड बनाया है। चार धाम प्रोजेक्ट के तहत ऑल वेदर रोड का काम भी पूरा होने वाला है। इसका लाभ पर्यटन और उद्योग, दोनों ही क्षेत्रों को मिलेगा। केदारखंड की तर्ज पर ही कुमाऊं क्षेत्र के लिए मानसखंड का विकास करने का संकल्प धामी सरकार ने लिया है। टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन के जरिए उन इलाकों में भी रेल पहंचने जा रही है, जहां पहले लोग सोचते भी नहीं थे।

कांग्रेस की सरकारों ने दशकों तक इस परियोजना को लटकाए रखा था। हल्द्वानी, काठगोदाम और लालकुआं में 2300 करोड़ रुपये की लागत से बाइपास भी बनाया जा रहा है। ताकि यहां के नागरिकों को गति भी मिले और बाकियों को सुविधा भी मिले। रामपुर से रुद्रपुर के बीच फोरलेन सड़क का भी काम जल्दी ही पूरा होने वाला है। इस क्षेत्र को हरिद्वार और देहरादून से जोड़ने के लिए नगीना- हरिद्वार और नगीना-काशीपुर के बीच 4 लेन हाईवे भी बन रहा है। यहां पंतनगर एयरपोर्ट को भी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना है।

यही फर्क है हमारी और उनकी सोच में, उनकी सरकार ने उत्तराखंड को सड़कों तक से वंचित रखा। वो कहते थे पहाड़ी राज्य में आधुनिक हाइवेज कहां बनेंगे। हम यहां हाइवे भी बना रहे हैं, रेलवे से भी जोड़ रहे हैं, और एयरपोर्ट भी विकसित कर रहे हैं। इस बार के बजट में पर्वतमाला परियोजना की घोषणा भी की गई है। जहां सड़क चाहिए वहां सड़क बनेगी, जहां सड़क नहीं बन सकती वहां रोपवे बनेंगे। उत्तराखंड के बहनों-भाइयों को हम हर हाल में हर जरूरी सुविधा पहुंचाएंगे।

साथियों,

उत्तराखंड में फूलों की खेती की भी अपार सम्भावनाएं हैं। वैली ऑफ फ्लावर दुनियाभर के लोगों को आकर्षित कर रही है। और अब हम वहां गुरुद्वारा तक जाने के लिए रोपवे बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, भाइयों और बहनों, जो पहाड़ के किसान हैं, उनके लिए भी फूलों की खेती के अनेक अवसर जुड़े हुए हैं।

भारत का शहद, अब विदेशी बाजारों में भी आसानी से पहुंच रहा है। इसलिए मधुमक्खी पालन, शहद-Honey का उत्पादन, ये कमाई का नया जरिया बन रहे हैं। बी वैक्स की भी बहुत मांग है। मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार 500 करोड़ रुपए की लागत से राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन औऱ शहद मिशन भी चला रही है।

इसका भी लाभ उत्तराखंड के, इस हिमालय की पहचान वाले इलाके के लोगों को इसका विशेष लाभ मिलने वाला है और देखना, देखते ही देखते दुनिया में इसकी एक नई पहचान बनने वाली है। देहरादून के सेलाकुई में सगंध पौधा केंद्र की शुरुआत भी हो गई है। इसी प्रयास को आगे बढ़ाते हुए सिडकुल द्वारा काशीपुर में एरोमा पार्क विकसित किया जा रहा है। एरोमा पार्क भी यहां ने नौजवानों के लिए नए उद्योग का क्षेत्र बनने वाला है। सितारगंज के सिडकुल में 40 एकड़ में प्लास्टिक औद्योगिक पार्क भी स्थापित किया जा रहा है।

साथियों,

आज ये आपके बीच आकर झूठ का चौका लगा रहे हैं। लेकिन इसकी सच्चाई यही है कि ये उत्तराखंड में घोटालों के चौके-छक्के लगाते रहे हैं। ऐसा ही उनका चरित्र है, ये तो वो लोग हैं जिन्होंने खनन माफियाओं के साथ मिलकर मां गंगा को ही नहर घोषित कर दिया था।

ये लोग मां गंगा को भी लूटने में लग गए थे! यही उनमें और हमारे में फर्क है। हम मां गंगा की स्वच्छता के लिए काम करते हैं, ये गंगा पर हाथ चालाकी करके, वहां की रेत में से खनन करके, रुययों की चोरी करने में लगे रहते हैं। उधमसिंह नगर जिले में नदियों में प्रदूषण को रोकने के लिए 17 नालों को बंद करने का काम भी किया जा रहा है। इन नालों के पानी को साफ करने के लिए करोड़ों की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जा रहे हैं।

भाइयों बहनों,

भाजपा और उत्तराखंड के बीच का रिश्ता, हमारी विरासत है। अटल जी ने उत्तराखंड बनाया और उनके प्रयासों से ऊधमसिंह नगर और इस इलाके में नए उद्योग आए। हम आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के नेटवर्क से इन उद्योगों की ताकत और आगे बढ़ा रहे हैं। अटल जी ने ऋषिकेश के लिए एम्स दिया था। हमने ऊधमसिंह नगर में एम्स का सैटेलाइट सेंटर खोलकर सेवा का विस्तार किया है। भइयों, इस क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता था। अब यहीं बेहतर इलाज होगा, हर सुविधा मिलेगी। हम उत्तराखंड में चार और मेडिकल कॉलेज भी खोल रहे हैं।

पांच नए डिग्री कॉलेज का काम भी प्रगति पर है। साथियों मेडिकल कॉलेज बनने के कारण, अन्य डिग्री कॉलेज बनने के कारण, गरीब का बेटा भी पढ़-लिख करके डॉक्टर बनना चाहता है तो उसे अपने ही राज्य में डॉक्टर बनने की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं, हमने तो ये भी कहा है कि मेडिकल इंजीनियरिंग लोगों को उनकी भाषा में पढ़ाना चाहिए, ताकि अंग्रेजी के अभाव के कारण, गरीब का बेटा-बेटी डॉक्टर बनने से रूक न जाए, ये काम हम कर रहे हैं। विकास के कामों को लेकर कुछ लोग भाजपा की डबल इंजन सरकार का मुक़ाबला नहीं कर पा रहे हैं।

ये लोग अपने समय की लूट-खसोट और भ्रष्टाचार पर जवाब नहीं दे पा रहे हैं। अचानक इन्हें उत्तराखंड की संस्कृति भी याद आने लगी है। जिन लोगों को देश की विरासत कभी समझ नहीं आई, जिन लोगों ने कभी मां भारती की रक्षा के लिए मरने-मिटने वालों का सम्मान नहीं किया, वो आज संस्कृति की बात कर रहे हैं। इतने सालों तक राज किया मेरे इस क्षेत्र में लाखों बंगाली परिवार रहते हैं। बंगाली परिवारों ने जिंदगी अपनी यहां लगा दी है।

लेकिन, देखिए, हिंदुस्तान के लोग भी सुन कर के हैरान हो जाएंगे। आजादी के बाद से लेकर के हमारे बंगाली भाई-बहन यहां रहते हैं लेकिन उनके पहचान पत्र में ये लिखा हुआ रहता था, पूर्वी पाकिस्तान, पूर्वी पाकिस्तान, आजादी के इतने सालों के बाद भी मेरे बंगाली भाई, उनको मैं मां भारती का बेटा हूं, ये हक पाने के लिए लड़ते रहना पड़ा। मैं धामी जी की सरकार को बधाई देता हूं कि उन्होंने मेरे बंगाली भाईयों के इस हक को स्वीकार किया, आज पूर्वी पाकिस्तान जो लिखा गया था पहचानों में, उसे हटाने का काम कर दिया।

भाइयों-बहनों।

इन लोगों ने आज संस्कृति याद आ रही, विरासत याद आ रही है, अरे जरा देखो हमारे गुरुओं ने हमें कितनी बड़ी शिक्षा दी। गुरु गोविंद सिंह जी ने आदर्शों के लिए, मूल्यों के लिए कितना बड़ा बलिदान दिया। वीर साहिबजादों का बलिदान हिंदुस्तान के बच्चों-बच्चों को आने वाली सदियों तक प्रेरणा देने की ताकत रखता है।उसे भी भुला दिया गया उन्हें वीर साहिबजादों का बलिदान कभी नजर नहीं आया। ये भाजपा की ही सरकार है जिसने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है।

मैं इन लोगों से पूछना चाहता हूं क्या तुष्टिकरण के लिए यूनिवर्सिटी की स्थापना देवभूमि की संस्कृति को ताकत देने वाली है? क्या मां गंगा का अपमान देवभूमि की संस्कृति का अपमान क्या आपलोग सहन करेंगे? क्या आप सहन करेंगे? आप देखिए इसी धरती की संतान, और यहां तो कोई घर ऐसा नहीं, जहां का कोई न कोई परिवार जन फौज में देश के लिए मर मीटने के लिए तैयार न हो। उस सेना के सेनापति को, इसी धरती की संतान बिपिन रावत को ये लोग क्या कहते थे मालूम है वे उनको ‘सड़क का गुंडा’ बोल दिए थे।

सेना के जवान का ये अपमान सिर्फ बिपिन रावत जी का अपमान नहीं है। सेना के यूनिफॉर्म को आप सड़क का गुंडा कहते हो। मेरे उत्तराखंड का एक-एक नौजवान जो सेना में है उन हरेक दिल को चोट पहुंचाते हो, उसके परिवार के दिल को चोट पहुंचाते हो। जो लोग उत्तराखंड की पहचान को ही खत्म करने के लिए साजिश कर रहे हैं, वो लोग उत्तराखंड की संस्कृति के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।

बहुत पुरानी कहावत है भाइयों- मुंह में राम, बगल में छुरी। ये लोग तो ऐसे हैं जिनके मुंह से तो राम कभी निकलता ही नहीं है। लेकिन ये उत्तराखंड को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। और आपने अभी सुना होगा, ये कांग्रेसी अब भारत को भी राष्ट्र मानने के लिए तैयार नहीं हैं। आप मुझे बताइये, उत्तराखंड की इस वीर धरती के घर-घर से सेना में नौजवान जाते हैं, देश की हिफाज़त के लिए जाते हैं, देश पर मर मिटने के लिए जाते हैं।

वो सिर्फ उत्तराखंड की सीमाओं पर नहीं बैठते, वो हिंदुस्तान के किसी भी कोने में जाते हैं। नॉर्थ-ईस्ट में दिखेंगे, जम्मू-कश्मीर देखो तो वहां दिखेंगे। लेह-लद्दाख देखो तो वहां दिखेंगे। गहरे समुंदर में देखो तो मेरे उत्तराखंड के जवान दिखेंगे। भाइयों-बहनों उत्तराखंड का कोई ऐसा कोना नहीं है, हिंदुस्तान की सीमा का कोई क्षेत्र नहीं है जिसकी रक्षा में कहीं न कहीं मेरे उत्तराखंड का नौजवान न हो उत्तराखंड की मेरी बहन-बेटियां न हो। उत्तराखंड की माताओं की दशकों की तपस्या को नकार देने का अधिकार इन कांग्रेसियों को किसने दिया? भाइयों-बहनों, भारत एक है, ये देश एक है, हिंदुस्तान एक है।

इसलिए उत्तराखंड के पहाड़ का बच्चा, केरल के अंदर समुद्री तट पर बैठकर के मां भारती की रक्षा का काम करता है, क्योंकि ये देश उनके दिल में बसा हुआ है। और कांग्रेस वाले कहते हैं राष्ट्र है ही नहीं। जो लोग भारत को राष्ट्र ही न मानते हों, राष्ट्र की भावना का अपमान करते हों, राष्ट्र के लिए शहीद होने वाले वीरों का अपमान करते हों, वो लोग उत्तराखंड को तबाह करने के इरादे से यहां आए हैं। उत्तराखंड की सेवा तो आप तभी कर पाएंगे जब आपमें इस धरती के लिए आस्था हो।ये आस्था भाजपा को है। ये धरती हमारे ऋषियों मुनियों की धरती है। हमने अपने दृष्टिपत्र में कहा है कि भाजपा सरकार देवभूमि ‘उत्तराखंड के देवत्व की रक्षा’ करेगी। मैं उत्तराखंड के हर विरोधी को डंके की चोट पर कह रहा हूं- उत्तराखंड के देवत्व के साथ हम कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे।

भाइयों बहनों,

14 तारीख को आपको उत्तराखंड में तुष्टीकरण के मंसूबों को चूर-चूर कर देना है, करारा जवाब देना है, ये सपने उनका हमेशा के लिए चूर-चूर हो जाने चाहिए। आने वाली 14 तारीख को आपको कांग्रेस के हर झूठ, फरेब और षड्यंत्रों का जवाब देना है और साथियों आपको याद रखना है कि पूरे देश में कांग्रेस को लोग लगातार नकार रहे हैं और आज से ही नहीं दशकों से देश के अलग-अलग राज्यों में यही हो रहा है। मैंने अभी संसद में भी विस्तार से बताया था कि एक बार जिस राज्य ने कांग्रेस को बाहर निकाला, वहां दोबारा घुसने नहीं दिया।

बंगाल के लोगों ने 50 साल हो गए 50 साल कांग्रेस को पैर रखने नहीं दिया है, कांग्रेस को वहां से खेदड़ा है। उसके बाद बंगाल में कभी कांग्रेस वापस नहीं आ पाई। तमिलनाडु में छह दशक से वहां के लोगों ने कांग्रेस को वहां की सरकार को वापस नहीं करने दिया है। त्रिपुरा हो, उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, गुजरात हो ऐसे अनेक राज्य हैं जहां तीन-तीन, चार-चार दशक हो गए, एक बार कांग्रेस गई, मतलब गई।

भाइयों-बहनों बहुत से राज्यों ने कांग्रेस से कह चुके हैं कि आजादी के बाद बहुत समय दे दिया आपको काम करने का, अब आप पर भरोसा नहीं कर सकते, आपके वादों पर भरोसा नहीं कर सकते। अब हम आपको घुसने नहीं देंगे। उत्तराखंड के पास भी अवसर है कि वो भी कांग्रेस को यहां से बेदखल करें। उत्तराखंड के पास आज भाजपा जैसा भरोसेमंद सेवक है। तो मुझे पूरा विश्वास है कि वो कांग्रेस को हमेशा-हमेशा के लिए उत्तराखंड से विदा करेंगे साथियों 14 फरवरी को आपका भाजपा के पक्ष में दिया गया एक-एक वोट एक नया इतिहास बनाएगा।

आप इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए, आप सभी का एक बार फिर से मैं बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरी और एक बात आप याद जरूर रखिएगा कि पहले मतदान फिर जलपान।

आपको आपने तो वोट करना ही है अपने अड़ोस-पड़ोस के लोगों से भी वोट करवाना है– बहुत-बहुत धन्यवाद मेरे साथ बोलिए

भारत माता की…भारत माता की...भारत माता की...

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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PM Modi's Interview to Navbharat Times
May 23, 2024

प्रश्न: वोटिंग में मत प्रतिशत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। क्या, कम वोट पड़ने पर भी बीजेपी 400 पार सीटें जीत सकती है? ये कौन से वोटर हैं, जो घर से नहीं निकल रहे?

उत्तर: किसी भी लोकतंत्र के लिए ये बहुत आवश्यक है कि लोग मतदान में बढ़चढ कर हिस्सा लें। ये पार्टियों की जीत-हार से बड़ा विषय है। मैं तो देशभर में जहां भी रैली कर रहा हूं, वहां लोगों से मतदान करने की अपील कर रहा हूं। इस समय उत्तर भारत में बहुत कड़ी धूप है, गर्मी है। मैं आपके माध्यम से भी लोगों से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भूमिका जरूर निभाएं। तपती धूप में लोग ऑफिस तो जा ही रहे हैं, हर व्यक्ति अपने काम के लिए घर से बाहर निकल रहा है, ऐसे में वोटिंग को भी दायित्व समझकर जरूर पूरा करें। चार चरणों के चुनाव के बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पा लिया है, आगे की लड़ाई 400 पार के लिए ही हो रही है। चुनाव विशेषज्ञ विश्लेषण करने में जुटे हैं, ये उनका काम है, लेकिन अगर वो मतदाताओं और बीजेपी की केमिस्ट्री देख पाएं तो समझ जाएंगे कि 400 पार का नारा हकीकत बनने जा रहा है। मैं जहां भी जा रहा हूं, बीजेपी के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को महसूस रहा हूं। एनडीए को 400 सीटों पर जीत दिलाने के लिए लोग उत्साहित हैं।

प्रश्न: लेकिन कश्मीर में वोट प्रतिशत बढ़े। कश्मीर में बढ़ी वोटिंग का संदेश क्या है?

उत्तर: : मेरे लिए इस चुनाव में सबसे सुकून देने वाली घटना यही है कि कश्मीर में वोटिंग प्रतिशत बढ़ी है। वहां मतदान केंद्रों के बाहर कतार में लगे लोगों की तस्वीरें ऊर्जा से भर देने वाली हैं। मुझे इस बात का संतोष है कि जम्मू-कश्मीर के बेहतर भविष्य के लिए हमने जो कदम उठाए हैं, उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। श्रीनगर के बाद बारामूला में भी बंपर वोटिंग हुई है। आर्टिकल 370 हटने के बाद आए परिवर्तन में हर कश्मीरी राहत महसूस कर रहा है। वहां के लोग समझ गए हैं कि 370 की आड़ में इतने वर्षों तक उनके साथ धोखा हो रहा था। दशकों तक जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास से दूर रखा गया। सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार से वहां के लोग त्रस्त थे, लेकिन उन्हें कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा था। परिवारवादी पार्टियों ने वहां की राजनीति को जकड़ कर रखा था। आज वहां के लोग बिना डरे, बिना दबाव में आए विकास के लिए वोट कर रहे हैं।

प्रश्न: 2014 और 2019 के मुकाबले 2024 के चुनाव और प्रचार में आप क्या फर्क महसूस कर रहे हैं?

उत्तर: 2014 में जब मैं लोगों के बीच गया तो मुझे देशभर के लोगों की उम्मीदों को जानने का अवसर मिला। जनता बदलाव चाहती थी। जनता विकास चाहती थी। 2019 में मैंने लोगों की आंखों में विश्वास की चमक देखी। ये विश्वास हमारी सरकार के 5 साल के काम से आया था। मैंने महसूस किया कि उन 5 वर्षों में लोगों की आकांक्षाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने और बड़े सपने देखे हैं। वो सपने उनके परिवार से भी जुड़े थे, और देश से भी जुड़े थे। पिछले 5 साल तेज विकास और बड़े फैसलों के रहे हैं। इसका प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ा है। अब 2024 के चुनाव में मैं जब प्रचार कर रहा हूं तो मुझे लोगों की आंखों में एक संकल्प दिख रहा है। ये संकल्प है विकसित भारत का। ये संकल्प है भ्रष्टाचार मुक्त भारत का। ये संकल्प है मजबूत भारत का। 140 करोड़ भारतीयों को भरोसा है कि उनका सपना बीजेपी सरकार में ही पूरा हो सकता है, इसलिए हमारी सरकार की तीसरी पारी को लेकर जनता में अभूतपूर्व उत्साह है।

प्रश्न: 10 साल की सबसे बड़ी उपलब्धि आप किसे मानते हैं और तीसरे कार्यकाल के लिए आप किस तरह खुद को तैयार कर रहे हैं?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। हमारे कार्यों का प्रभाव हर वर्ग, हर समुदाय के लोगों पर पड़ा है। आप अलग-अलग क्षेत्रों का विश्लेषण करेंगे तो हमारी उपलब्धियां और उनसे प्रभावित होने वाले लोगों के बारे में पता चलेगा। मुझे इस बात का बहुत संतोष है कि हम देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर ला पाए। करोड़ों लोगों को घर, शौचालय, बिजली-पानी, गैस कनेक्शन, मुफ्त इलाज की सुविधा दे पाए। इससे उनके जीवन में जो बदलाव आया है, उसकी उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी। आप सोचिए, कि अगर करोड़ों लोगों को ये सुविधाएं नहीं मिली होतीं तो वो आज भी गरीबी का जीवन जी रहे होते। इतना ही नहीं, उनकी अगली पीढ़ी भी गरीबी के इस कुचक्र में पिसने के लिए तैयार हो रही होती।

हमने गरीब को सिर्फ घर और सुविधाएं नहीं दी हैं, हमने उसे सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। हमने उसे हौसला दिया है कि वो खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके। हमने उसे एक विश्वास दिया कि जो जीवन उसे देखना पड़ा, वो उसके बच्चों को नहीं देखना पड़ेगा। ऐसे परिवार फिर से गरीबी में न चले जाएं, इसके लिए हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। इसीलिए, आज देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी आय अपनी दूसरी जरूरतों पर खर्च कर सकें। हम कौशल विकास, पीएम विश्वकर्मा और स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं। हमने घर की महिला सदस्य को सशक्त बनाने के भी प्रयास किए। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। मेरी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इन योजनाओं को और विस्तार मिलेगा, जिससे ज्यादा महिलाओं तक इनका लाभ पहुंचेगा।

प्रश्न: हमारे रिपोर्टर्स देशभर में घूमे, एक बात उभर कर आई कि रोजगार और महंगाई पर लोगों ने हर जगह बात की है। जीतने के बाद पहले 100 दिनों में युवाओं के लिए क्या करेंगे? रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को कोई भरोसा देना चाहेंगे?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हम महंगाई दर को काबू रख पाने में सफल रहे हैं। यूपीए के समय महंगाई दर डबल डिजिट में हुआ करती थी। आज दुनिया के अलग-अलग कोनों में युद्ध की स्थिति है। इन परिस्थितियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ा है। हमने दुनिया के ताकतवर देशों के सामने अपने देश के लोगों के हित को प्राथमिकता दी, और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने नहीं दीं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़तीं तो हर चीज महंगी हो जाती। हमने महंगाई का बोझ कम करने के लिए हर छोटी से छोटी चीज पर फोकस किया। आज गरीब परिवारों को अच्छे से अच्छे अस्पताल में 5 लाख रुपये तक इलाज मुफ्त मिलता है। जन औषधि केंद्रों की वजह से दवाओं के खर्च में 70 से 80 प्रतिशत तक राहत मिली है। घुटनों की सर्जरी हो या हार्ट ऑपरेशन, सबका खर्च आधे से ज्यादा कम हो गया है। आज देश में लोन की दरें सबसे कम हैं। कार लेनी हो, घर लेना हो तो आसानी से और सस्ता लोन उपलब्ध है। पर्सनल लोन इतना आसान देश में कभी नहीं था। किसान को यूरिया और खाद की बोरी दुनिया के मुकाबले दस गुना कम कीमत पर मिल रही है। पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए मौके बने हैं। EPFO के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं।

PLFS का डेटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वो अब 3% रह गई है। हमारी माइक्रो फाइनैंस की नीतियां कितनी प्रभावी हैं, इस पर SKOCH ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए हैं। युवाओं के पास अब स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर, गेमिंग सेक्टर में भी आगे बढ़ने के अवसर हैं। देश में डिजिटल क्रांति से भी युवाओं के लिए अवसर बने हैं। आज भारत में डेटा इतना सस्ता है तभी देश की क्रिएटर इकनॉमी बड़ी हो रही है। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। हमने अपनी सरकार के पहले 100 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें हमने अलग से युवाओं के लिए 25 दिन और जोड़े हैं। हम देशभर से आ रहे युवाओं के सुझाव पर गौर कर रहे हैं, और नतीजों के बाद उस पर तेजी से काम शुरू होगा।

प्रश्न: सोशल मीडिया में एआई और डीपफेक जैसे मसलों पर आपने चिंता जताई है। इस चुनाव में भी इसके दुरुपयोग की मिसाल दिखी हैं। मिसइनफरमेशन का ये टूल न बने, इसके लिए क्या किया जा सकता है? कई एक्टिविस्ट और विपक्ष का कहना रहा है कि इन चीजों पर सख्ती की आड़ में कहीं फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन पर पाबंदी तो नहीं लगेगी? इन सवालों पर कैसे आश्वस्त करेंगे?

उत्तर: तकनीक का इस्तेमाल जीवन में सुगमता लाने के लिए किया जाना चाहिए। आज एआई ने भारत के युवाओँ के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं। एआई, मशीन लर्निगं और इंटरनेट ऑफ थिंग्स अब हमारे रोज के जीवन की सच्चाई बनती जा रही है। लोगों को सहूलियत देने के लिए कंपनियां अब इन तकनीकों का उपयोग बढ़ा रही हैं। दूसरी तरफ इनके माध्यम से गलत सूचनाएं देने, अफवाह फैलाने और लोगों को भ्रमित करने की घटनाएं भी हो रही हैं। चुनाव में विपक्ष ने अपने झूठे नरैटिव को फैलाने के लिए यही करना शुरू किया था। हमने सख्ती करके इस तरह की कोशिश पर रोक लगाने का प्रयास किया। इस तरह की प्रैक्टिस किसी को भी फायदा नहीं पहुंचाएगी, उल्टे तकनीक का गलत इस्तेमाल उन्हें नुकसान ही पहुंचाएगा। अभिव्यक्ति की आजादी का फेक न्यूज और फेक नरैटिव से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने एआई के एक्सपर्ट्स के सामने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डीप फेक के गलत इस्तेमाल से जुड़े विषयों को गंभीरता से रखा है। डीप फेक को लेकर वर्ल्ड लेवल पर क्या हो सकता है, इस पर मंथन चल रहा है। भारत इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए ही मैंने खुद सोशल मीडिया पर अपना एक डीफ फेक वीडियो शेयर किया था। लोगों के लिए ये जानना आवश्यक है कि ये तकनीक क्या कर सकती है।

प्रश्न:देश के लोगों की सेहत को लेकर आपकी चिंता हम सब जानते हैं। आपने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस शुरू किया, योगा प्रोटोकॉल बनवाया, आपने आयुष्मान योजना शुरू की है। तीसरे कार्यकाल में क्या इन चीज़ों पर भी काम करेंगे, जो हमारी सेहत खराब होने के मूल कारक हैं। जैसे लोगों को साफ हवा, पानी, मिट्टी मिले।

उत्तर: देश 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस सपने को शक्ति तभी मिलेगी, जब देश का हर नागरिक स्वस्थ हो। शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो। यही वजह है कि हम सेहत को लेकर एक होलिस्टिक अप्रोच अपना रहे हैं। एलोपैथ के साथ ही योग, आयुर्वेद, भारतीय परंपरागत पद्धतियां, होम्योपैथ के जरिए हम लोगों को स्वस्थ रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। राजनीति में आने से पहले मैंने लंबा समय देश का भ्रमण करने में बिताया है। उस समय मैंने एक बात अनुभव की थी कि घर की महिला सदस्य अपने खराब स्वास्थ्य के बारे छिपाती है। वो खुद तकलीफ झेलती है, लेकिन नहीं चाहती कि परिवार के लोगों को परेशानी हो। उसे इस बात की भी फिक्र रहती है कि डॉक्टर, दवा में पैसे खर्च हो जाएंगे। जब 2014 में मुझे देश की सेवा करने का अवसर मिला तो सबसे पहले मैंने घर की महिला सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता की। मैंने माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया और 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए। मैंने बुजुर्गों की सेहत पर भी ध्यान दिया है। हमारी सरकार की तीसरी पारी में 70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने लगेगा। यानी उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। साफ हवा, पानी, मिट्टी के लिए हम काम शुरू कर चुके हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक पर हमारा अभियान चल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हम देश के लाखों गांवों तक साफ पानी पहुंचा रहे हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड, आर्गेनिक खेती की दिशा में काम हो रहा है। हम मिशन लाइफ को प्राथमिकता दे रहे हैं और इस विचार को आगे बढ़ा रहे हैं कि हर व्यक्ति पर्यावरण के अनुकूल जीवन पद्धति को अपनाए।

प्रश्न: विदेश नीति आपके दोनों कार्यकाल में काफी अहम रही है। इस वक्त दुनिया काफी उतार चढ़ाव से गुजर रही है, चुनाव नतीजों के तुरंत बाद जी7 समिट है। आप नए हालात में भारत के रोल को किस तरह देखते हैं?

उत्तर: शायद ये पहला चुनाव है, जिसमें भारत की विदेश नीति की इतनी चर्चा हो रही है। वो इसलिए कि पिछले 10 साल में दुनियाभर में भारत की साख मजबूत हुई है। जब देश की साख बढ़ती है तो हर भारतीय को गर्व होता है। जी20 समिट में भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना, अब जी7 में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है। आज दुनिया का हर देश जानता है कि भारत में एक मजबूत सरकार है और सरकार के पीछे 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन है। हमने अपनी विदेश नीति में भारत और भारत के लोगों के हित को सर्वोपरि रखा है। आज जब हम व्यापार समझौते की टेबल पर होते हैं, तो सामने वाले को ये महसूस होता है कि ये पहले वाला भारत नहीं है। आज हर डील में भारतीय लोगों के हित को प्राथमिकता दी जाती है। हमारे इस बदले रूप को देखकर दूसरे देशों को हैरानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। ये नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा भारत है। आज भारत संकट में फंसे हर भारतीय की मदद के लिए तत्पर रहता है। पिछले 10 वर्षों में अनेक भारतीयों को संकट से बाहर निकालकर देश में ले आए। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को भी देश में वापस ला रहे हैं। युद्ध में आमने-सामने खड़े दोनों देशों को भारत ने बड़ी मजबूती से ये कहा है कि ये युद्ध का समय नहीं है, ये बातचीत से समाधान का समय है। आज दुनिया मानती है कि भारत का आगे बढ़ना पूरी दुनिया और मानवता के लिए अच्छा है।

प्रश्न: अमेरिका भी चुनाव से गुजर रहा है। आपके रिश्ते ट्रम्प और बाइडन दोनों के साथ बहुत अच्छे रहे हैं। आप कैसे देखते हैं अमेरिका के साथ भारतीय रिश्तों को इन संदर्भ में?

उत्तर: हमारी विदेश नीति का मूल मंत्र है इंडिया फर्स्ट। पिछले 10 वर्षों में हमने इसी को ध्यान में रखकर विभिन्न देशों और प्रभावशाली नेताओं से संबंध बनाए हैं। भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का आधार 140 करोड़ भारतीय हैं। हमारे लोग हमारी ताकत हैं, और दुनिया हमारी इस शक्ति को बहुत महत्वपूर्ण मानती है। अमेरिका में राष्ट्रपति चाहे ट्रंप रहे हों या बाइडन, हमने उनके साथ मिलकर दोनों देशों के संबंध को और मजबूत बनाने का प्रयास किया है। भारत-अमेरिका के संबंधों पर चुनाव से कोई अंतर नहीं आएगा। वहां जो भी राष्ट्रपति बनेगा, उसके साथ मिलकर नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

प्रश्न: BJP का पूरा प्रचार आप पर ही केंद्रित है, क्या इससे सांसदों के खुद के काम करने और लोगों के संपर्क में रहने जैसे कामों को तवज्जो कम हो गई है और नेता सिर्फ मोदी मैजिक से ही चुनाव जीतने के भरोसे हैं। आप इसे किस तरह काउंटर करते हैं?

उत्तर: बीजेपी एक टीम की तरह काम करती है। इस टीम का हर सदस्य चुनाव जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा है। चुनावी अभियान में जितना महत्वपूर्ण पीएम है, उतना ही महत्वपूर्ण कार्यकर्ता है। ये परिवारवादी पार्टियों का फैलाया गया प्रपंच है। उनकी पार्टी में एक परिवार या कोई एक व्यक्ति बहुत अहम होता है। हमारी पार्टी में हर नेता और कार्यकर्ता को एक दायित्व दिया जाता है।

मैं पूछता हूं, क्या हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोज रैली नहीं कर रहे हैं। क्या हमारे मंत्री, मुख्यमंत्री, पार्टी पदाधिकारी रोड शो और रैलियां नहीं कर रहे। मैं पीएम के तौर पर जनता से कनेक्ट करने जरूर जाता हूं, लेकिन लोग एमपी उम्मीदवार के माध्यम से ही हमसे जुड़ते हैं। मैं लोगों के पास नैशनल विजन लेकर जा रहा हूं, उसे पूरा करने की गारंटी दे रहा हूं, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने का भरोसा दे रहा है। हमने उन्हीं उम्मीदवारों का चयन किया है, जो हमारे विजन को जनता के बीच पहुंचा सकें। विकसित भारत की सोच से लोगों को जोड़ने के लिए जितनी अहमियत मेरी है, उतनी ही जरूरत हमारे उम्मीदवारों की भी है। हमारी पूरी टीम मिलकर हर सीट पर कमल खिलाने में जुटी है।

प्रश्न: महिला आरक्षण पर आप ने विधेयक पास कराए। क्या नई सरकार में हम इन पर अमल होते हुए देखेंगे?

उत्तर: ये प्रश्न कांग्रेस के शासनकाल के अनुभव से निकला है, तब कानून बना दिए जाते थे लेकिन उसे नोटिफाई करने में वर्षों लग जाते थे। हमने अगले 5 वर्षों का जो रोडमैप तैयार किया है, उसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडी गठबंधन की पार्टियों ने दशकों तक महिलाओं को इस अधिकार से वंचित रखा। सामाजिक न्याय की बात करने वालों ने इसे रोककर रखा था। देश की संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से महिला सशक्तिकरण का एक नया दौर शुरू होगा। इस परिवर्तन का असर बहुत प्रभावशाली होगा।

प्रश्न: महाराष्ट्र की सियासी हालत इस बार बहुत पेचीदा हो गई है। एनडीए क्या पिछली दो बार का रिकॉर्ड दोहरा पाएगा?

उत्तर: महाराष्ट्र समेत पूरे देश में इस बार बीजेपी और एनडीए को लेकर जबरदस्त उत्साह है। महाराष्ट्र में स्थिति पेचीदा नहीं, बल्कि बहुत सरल हो गई है। लोगों को परिवारवादी पार्टियों और देश के विकास के लिए समर्पित महायुति में से चुनाव करना है। बाला साहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने वाली शिवसेना हमारे साथ है। लोग देख रहे हैं कि नकली शिवसेना अपने मूल विचारों का त्याग करके कांग्रेस से हाथ मिला चुकी है। इसी तरह एनसीपी महाराष्ट्र और देश के विकास के लिए हमारे साथ जुड़ी है। अब जो महा ‘विनाश’ अघाड़ी की एनसीपी है, वो सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए वोट मांग रही है। लोग ये भी देख रहे हैं कि इंडी गठबंधन अभी से अपनी हार मान चुका है। अब वो चुनाव के बाद अपना अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस में विलय की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मतदान करना, अपने वोट को बर्बाद करना है। इस बार हम महाराष्ट्र में अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं।

प्रश्न: पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी ने बहुत प्रयास किए हैं। पिछली बार बीजेपी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। बाकी राज्यों की तुलना में यह आपके लिए कितना कठिन राज्य है और इस बार आपको क्या उम्मीद है?

उत्तर: TMC हो, कांग्रेस हो, लेफ्ट हो, इन सबने बंगाल में एक जैसे ही पाप किए हैं। बंगाल में लोग समझ चुके हैं कि इन पार्टियों के पास सिर्फ नारे हैं, विकास का विजन नहीं हैं। कभी दूसरे राज्यों से लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, आज पूरे बंगाल से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। जनता ये भी देख रही है कि बंगाल में जो पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं, दिल्ली में वही एक साथ नजर आ रही हैं। मतदाताओं के साथ इससे बड़ा छल कुछ और नहीं हो सकता। यही वजह है कि इंडी गठबंधन लोगों का भरोसा नहीं जीत पा रहा। बंगाल के लोग लंबे समय से भ्रष्टाचार, हिंसा, अराजकता, माफिया और तुष्टिकरण को बर्दाश्त कर रहे हैं। टीएमसी की पहचान घोटाले वाली सरकार की बन गई है। टीएमसी के नेताओं ने अपनी तिजोरी भरने के लिए युवाओं के सपनों को कुचला है। यहां स्थिति ये है कि सरकारी नौकरी पाने के बाद भी युवाओं को भरोसा नहीं है कि उनकी नौकरी रहेगी या जाएगी। लोग बंगाल की मौजूदा सरकार से पूरी तरह हताश हैं।अब उनके सामने बीजेपी का विकास मॉडल है। मैं बंगाल में जहां भी गया, वहां लोगों में बीजेपी के प्रति अभूतपूर्व विश्वास नजर आया। विशेष रुप से बंगाल में मैंने देखा कि माताओं-बहनों का बहुत स्नेह मुझे मिल रहा है। मैं उनसे जब भी मिलता हूं, वो खुद तो इमोशनल हो ही जाती हैं, मैं भी अपने भावनाओं को रोक नहीं पाता हूं। इस बार बंगाल में हम पहले से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेंगे।

प्रश्न: शराब मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा है। उनका कहना है कि ईडी ने जबरदस्ती उन्हें इस मामले में घसीटा है जबकि अब तक उनके पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ?

उत्तर: आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति को सुना है जो आरोपी हो और ये कह रहा हो कि उसने घोटाला किया था। या कह रहा हो कि पुलिस ने उसे सही गिरफ्तार किया है। अगर एजेंसियों ने उन्हें गलत पकड़ा था, तो कोर्ट से उन्हें राहत क्यों नहीं मिली। ईडी और एजेसिंयो पर आरोप लगाने वाला विपक्ष आज तक एक मामले में ये साबित नहीं कर पाया है कि उनके खिलाफ गलत आरोप लगा है। वो कुछ दिन के लिए जमानत पर बाहर आए हैं, लेकिन बाहर आकर वो और एक्सपोज हो गए। वो और उनके लोग गलतियां कर रहे हैं और आरोप बीजेपी पर लगा रहे हैं। लेकिन जनता उनका सच जानती है। उनकी बातों की अब कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई है।

प्रश्न: इस बार दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इससे क्या लगातार दो बार से सातों सीटें जीतने के क्रम में बीजेपी को कुछ दिक्कत हो सकती है? इस बार आपने छह उम्मीदवार बदल दिए

उत्तर: इंडी गठबंधन की पार्टियां दिल्ली में हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके सामने अपना अस्तित्व बचाने का संकट है। चुनाव के बाद वैसे भी इंडी गठबंधन नाम की कोई चीज बचेगी नहीं। दिल्ली की जनता ने बहुत पहले कांग्रेस को बाहर कर दिया था, अब दूसरे दलों के साथ मिलकर वो अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं। क्या कभी किसी ने सोचा था कि देश पर इतने लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस के ये दिन भी आएंगे कि उनके परिवार के नेता अपनी पार्टी के नहीं, बल्कि किसी और उम्मीदवार के लिए वोट डालेंगे।

दिल्ली में इंडी गठबंधन की जो पार्टियां हैं, उनकी पहचान दो चीजों से होती है। एक तो भ्रष्टाचार और दूसरा बेशर्मी के साथ झूठ बोलना। मीडिया के माध्यम से ये जनता की भावनाओं को बरगलाना चाहते हैं। झूठे वादे देकर ये लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। ये जनता के नीर-क्षीर विवेक का अपमान है। जनता आज बहुत समझदार है, वो फैसला करेगी। बीजेपी ने लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी में कोई लोकसभा सीट नेता की जागीर नहीं समझी जाती। जो जनहित में उचित होता है, पार्टी उसी के अनुरूप फैसला लेती है। हमारे लिए राजनीति सेवा का माध्यम है। यही वजह है कि हमारे कार्यकर्ता इस बात से निराश नहीं होते कि टिकट कट गया, बल्कि वो पूरे मनोयोग से जनता की सेवा में जुट जाते हैं।

प्रश्न: विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में है और अगर बीजेपी जीतती है तो लोकतंत्र औपचारिक रह जाएगा। आप उनके इन आरोपों को कैसे देखते हैं?

उत्तर: कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम झूठ और अफवाह के सहारे चुनाव लड़ने निकला है। पुराने दौर में उनका यह पैंतरा कभी-कभी काम कर जाता था, लेकिन आज सोशल मीडिया के जमाने में उनके हर झूठ का मिनटों में पर्दाफाश हो जाता है।

उन्होंने राफेल पर झूठ बोला, पकड़े गए। एचएएल पर झूठ बोला, पकड़े गए। जनता अब इनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती है। देश जानता है कि कौन संविधान बदलना चाहता है। आपातकाल के जरिए देश के लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश किसने की थी। कांग्रेस के कार्यकाल में सबसे ज्यादा बार संविधान की मूल प्रति को बदल दिया। कांग्रेस पहले संविधान संसोधन का प्रस्ताव अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगाने के लिए लाई थी। 60 वर्षों में उन्होंने बार-बार संविधान की मूल भावना पर चोट की और एक के बाद एक कई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाने का रेकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। उनकी जो असल मंशा है, उसके रास्ते में संविधान सबसे बड़ी दीवार है। इसलिए इस दीवार को तोड़ने की कोशिश करते रहते हैं। आप देखिए कि संविधान निर्माताओं ने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था। लेकिन कांग्रेस अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए बार-बार यही करने की कोशिश करती है। अपनी कोई कोशिशों में नाकाम रहने के बाद आखिरकार उन्होंने कर्नाटक में ओबीसी आरक्षण में सेंध लगा ही दी।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन वास्तविकता ये है कि लोकतंत्र को कुचलने के लिए, जनता की आवाज दबाने के लिए ये पूरी ताकत लगा देते हैं। ये लोग उनके खिलाफ बोलने वालों के पीछे पूरी मशीनरी झोंक देते हैं। इनके एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। इस काम में ये लोग खुलकर एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। जनता ये सब देख रही है, और समझ रही है कि अगर इन लोगों के हाथ में ताकत आ गई तो ये देश का, क्या हाल करेंगे।

प्रश्न: आप एकदम चुस्त-दुरुस्त और फिट दिखते हैं, आपकी सेहत का राज, सुबह से रात तक का रूटीन?

उत्तर: मैं यह मानता हूं कि मुझ पर किसी दैवीय शक्ति की बहुत बड़ी कृपा है, जिसने लोक कल्याण के लिए मुझे माध्यम बनाया है। इतने वर्षों में मेरा यह विश्वास प्रबल हुआ है कि ईश्वर ने मुझे विशेष दायित्व पूरा करने के लिए चुना है। उसे पूरा करने के लिए वही मुझे सामर्थ्य भी दे रहा है। लोगों की सेवा करने की भावना से ही मुझे ऊर्जा मिलती है।

प्रश्न: प्रधानमंत्री जी, आप काशी के सांसद हैं। बीते 10 साल में आप ने काशी को खूब प्रमोट किया है। आज काशी देश में सबसे प्रेफर्ड टूरिज्म डेस्टिनेशमन बन रही है। इसके अलावा आप ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर के काम किए हैं, उससे भी बनारस में बहुत बदलाव आया है। इससे बनारस और पूर्वांचल की इकोनॉमी और रोजगार पर जो असर हुआ है, उसे आप कैसे देखते हैं?

उत्तर: काशी एक अद्भूत नगरी है। एक तरफ तो ये दुनिया का सबसे प्राचीन शहर है। इसकी अपनी पौराणिक मान्यता है। दूसरी तरफ ये पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की आर्थिक धुरी भी है। 10 साल में हमने काशी में धार्मिक पर्यटन का खूब विकास किया। शहर की गलियां, साफ-सफाई, बाजारों में सुविधाएं, ट्रेन और बस के इंतजाम पर फोकस किया। गंगा में सीएनजी बोट चली, शहर में ई-बस और ई-रिक्शा चले। यात्रियों के लिए हमने स्टेशन से लेकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर तमाम सुविधाएं बढ़ाई।

इन सब के बाद जब हम बनारस को प्रमोट करने उतरे, तो देशभर के श्रद्धालुओं में नई काशी को देखने का भाव उमड़ आया। यह यहां सालभर पहले से कई गुना ज्यादा पर्यटक आते हैं। इससे पूरे शहर में रोजगार के नए अवसर तैयार हुए।

हमने बनारस में इंडस्ट्री लानी शुरू की है। TCS का नया कैंपस बना है, बनास डेयरी बनी है, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बना है, काशी के बुनकरों को नई मशीनें दी जा रही है, युवाओं को मुद्रा लोन मिले हैं। इससे सिर्फ बनारस ही नहीं, आसपास के कई जिलों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।

प्रश्न: आपने कहा कि वाराणसी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक धुरी जैसा शहर है। बीते 10 वर्षों में पू्र्वांचल में जो विकास हुआ है, उसको कैसे देखते हैं?

उत्तर: देखिए, पूर्वांचल अपार संभावनाओं का क्षेत्र है। पिछले 10 वर्षों में हमने केंद्र की तमाम योजनाओं में इस क्षेत्र को बहुत वरीयता दी है। एक समय था, जब पूर्वांचल विकास में बहुत पिछड़ा था। वाराणसी में ही कई घंटे बिजली कटौती होती थी। पूर्वांचल के गांव-गांव में लालटेन के सहारे लोग गर्मियों के दिन काटते थे। आज बिजली की व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है, और इस भीषण गर्मी में भी कटौती का संकट करीब-करीब खत्म हो चला है। ऐसे ही पूरे पूर्वांचल में सड़कों की हालत बहुत खराब थी। आज यहां के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सुविधा मिली है। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, चंदौली जैसे टियर थ्री कहे जाने वाले शहरों में हजारों की सड़कें बनी हैं।

आजमगढ़ में अभी कुछ दिन पहले मैंने एयरपोर्ट की शुरुआत की है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाई गई है। पूरे पूर्वांचल में नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। बनारस में इनलैंड वाटर-वे का पोर्ट बना है। काशी से ही देश की पहली वंदे भारत ट्रेन चली थी। देश का पहला रोप-वे ट्रांसपोर्ट सिस्टम बन रहा है।

कांग्रेस की सरकार में पूर्वांचल के लोग ऐसी सुविधाएं मिलने के बारे में सोचते तक नहीं थे। क्योंकि लोगों को बिजली-पानी-सड़क जैसी मूलभूत सुविआधाओं में ही उलझाकर रखा गया था। यह स्थिति तब थी जब इनके सीएम तक पूर्वांचल से चुने जाते थे। तब पूर्वांचल में सिर्फ नेताओं के हेलिकॉप्टर उतरते थे, आज जमीन पर विकास उतर आया है।

प्रश्न: आप कहते हैं कि बनारस ने आपको बनारसी बना दिया है। मां गंगा ने आपको बुलाया था, अब आपको अपना लिया है। आप काशी के सांसद हैं, यहां के लोगों से क्या कहेंगे?

उत्तर: मैं एक बात मानता हूं कि काशी में सबकुछ बाबा की कृपा से होता है। मां गंगा के आशीर्वाद से ही यहां हर काम फलीभूत होते हैं! 10 साल पहले मैंने जब ये कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, तो वो बात भी मैंने इसी भावना से कही थी। जिस नगरी में लोग एक बार आने को तरसते हैं, वहां मुझे दो बार सांसद के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। जब पार्टी ने तीसरी बार मुझे काशी की उम्मीदवारी करने को कहा, तभी मेरे मन में यह भाव आया कि मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। काशी ने मुझे अपार प्रेम दिया है। उनका यह स्नेह और विश्वास मुझ पर एक कर्ज है। मैं जीवनभर काशी की सेवा करके भी इस कर्ज को नहीं उतार पाऊंगा।

Following is the clipping of the interview:

 

 

Source: Navbharat Times