Congress is not even ready to consider India a nation: PM Modi

Published By : Admin | February 12, 2022 | 13:31 IST
Congress is not even ready to consider India a nation: PM Modi
Under ‘Parvatmala’ project, ropeway connectivity will be provided in remote areas via the national ropeway development programme: PM Modi
They lie about removing poverty, but their truth is that they are engaged in removing the poor, not poverty: PM Modi slams the opposition in Uttarakhand

भारत माता की...भारत माता की...

जय मां नैना देवी!

मैं मानसखंड की पवित्र भूमि से मां पूर्णागिरि देवी, चैती देवी, मोटेश्वर महादेव और पंच मंदिर को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। मैं रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब को आज सिर झुका करके प्रणाम करता हूं। यहां गुरुनानक देव जी के चरण पड़े थे, उनके चरणों से ये धरती पवित्र हुई है। मैं वीर उधम सिंह जी को भी नमन करता हूं, जिनके नाम पर उधमसिंह नगर जिला बसा है।

आजादी के अमृत महोत्सव में ऊधम सिंह जी जैसे शहीद देश के लिए बड़ी प्रेरणा हैं। आप हम सभी को अपना स्नेह देने के लिए, इतनी बड़ी मात्रा में यहां आए हो, मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मैं देवभूमि के आप सब लोगों का कोटि-कोटि अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,
उधमसिंह नगर में एक तरह से मिनी इंडिया की झलक दिखती है। हिंदुस्तान का ऐसा कोई कोना नहीं होगा, जहां के लोग यहां नहीं रहते हों, यहां अपना भाग्य आजमाने नहीं आते हों। आप एक भारत, श्रेष्ठ भारत की जीवंत तस्वीर हैं। आपने आज उत्तराखंड में एक बार फिर डबल इंजन की सरकार पर मुहर लगा दी है। चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है और मेरी उत्तराखंड में इस चुनाव अभियान कि आखिरी प्रचार सभा आपके आशीर्वाद के साथ पूरी होने वाली है।

मैं आज देख रहा हूं पूरे रास्ते भर और यहां पर भी आज जो उत्साह उमंग आप लोगों में है। इससे देख कर ऐसा लग रहा कि आप मेरी सभा सुनने नहीं आए हैं। आप तो मुझे चुनाव नतीजे से बाद भारतीय जनता पार्टी की धामी सरकार के शपथ ग्रहण का निमंत्रण देने आए हैं। 14 फरवरी को आपको, पूरे उत्तराखंड को घर से जरूर निकलना है, कमल के निशान पर बटन दबाना है।

साथियों,

कोरोना महामारी के चलते शुरू में लग रहा था कि इस बार इस तरह से रैली करना संभव होगा की नहीं होगा। लेकिन देश की ताकत, उत्तराखंड के लोगों की ताकत ने आज इस रैली को सच कर दिखाया। ये इसलिए मुमकिन हो रहा है, क्योंकि आज उत्तराखंड के पास वैक्सीन का सुरक्षा कवच है। हमारे उत्तराखंड ने रिकॉर्ड समय में शत प्रतिशत आबादी का सिंगल डोज वैक्सीनेशन करके दिखाया है। मैं इस जागरूकता और निष्ठा के लिए आप सभी नागरिक भाईयों और बहनों को हृदयपूर्वक बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

मैं आपके युवा मुख्यमंत्री श्रीमान धामी जी को उनकी पूरी सरकार की टीम को भी बधाई देता हूं कि उन्होंने वैक्सीनेशन का काम गांव-गांव , घर-घर पहुंचाया, कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पहुंचाया। धामी जी के काम ने ऐसे लोगों का मुंह बंद कर दिया है, जो कहते थे कि दूर-सुदूर पहाड़ों में इतनी ऊंचाइयों पर वैक्सीन तो पहुंच ही नहीं सकती है। आपको मालूम है न ऐसी बातें कौन करते थे, जानते हो न आप लोग, निराशा से भरी हुई बातें किसकी होती थीं। उनको भलीभांति पहचानते हो न। ये वही लोग हैं, जिन्होंने वैक्सीनेशन अभियान के दौरान भारत की वैक्सीन को लगातार बदनाम किया। लगातार बदनाम किया। ये वही लोग हैं जो वैक्सीन को लेकर चारों तरफ, दिन-रात अफवाहें फैलाने में लगे थे।

साथियों,

आप एक बात और सोचिए। वैक्सीन तो सबके लिए होती है, फिर इनको वैक्सीन से क्या तकलीफ थी? इनको तकलीफ ये थी कि वैक्सीन की वजह से हर देशवासी सुरक्षित हो जाएगा। और सुरक्षित हो जाएगा तो ये पहले भी मोदी का जय जयकार करते थे, अब तो और ज्यादा जोर से मोदी का जयकारा करेंगे और साथ-साथ धामी जी का भी जय जयकारा करेंगे। ये लोग नहीं चाहते थे कि उत्तराखंड में फिर से, भाइयों और बहनों ये ऐसे विकृत राजनीति वाले लोग हैं कि वे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए औरों का बुरा सोचते हैं, बुरा देखते हैं , ये लोकतंत्र में नहीं चल सकता है।

भाइयों और बहनों,

वो तो नहीं चाहते थे कि वैक्सीन लग जाएगी तो फिर बद्रीनाथ , केदारनाथ, मसूरी, नैनीताल, यात्री आना शुरू हो जाएंगे टूरिस्ट शुरू हो जाएंगे। फिर उनकी राजनीति की खिचड़ी कैसे पकेगी और इसलिए वो वैक्सीन के लिए लोगों को गुमराह करते थे। ये नहीं चाहते थे कि वैक्सीन का कवच पाने के बाद रोजगार और उद्योग धंधे फिर से चल पड़े। आप उधमसिंह नगर के लोग तो अच्छी तरह समझते हैं कि इन्होंने कितना खतरनाक खेल खेला। और इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह जानते हैं क्या थी? ये सोचते थे कि सब कुछ पटरी पर आ जाएगा तो ये मोदी को गाली कैसे देंगे? फिर ये भारत को बदनाम कैसे करेंगे? लेकिन ये लोग उत्तराखंड का सामर्थ्य भूल जाते हैं।

मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,

ये नया दशक उत्तराखंड का दशक है। ये दस साल उत्तराखंड के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज जो 18 साल के नौजवान हैं, बहनें-बेटियां हैं, उनके लिए ये 10 साल उनकी जिंदगी का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है। हमारा देश, हमारा उत्तराखंड ऐसे लोगों से रुकने वाला नहीं है। आज उत्तराखंड में पर्यटन रोजगार फिर से पटरी पर लौटने लगा है। उधमसिंह नगर के उद्योगों ने फिर से गति पकड़नी शुरू कर दी है।

साथियों,

सौ साल में ऐसी महामारी दुनिया भर ने नहीं देखी है। पूरी मानव जाति को दो साल से इस महामारी ने अपनी चपेट में लिया हुआ है। भाइयों और बहनों भारत में हमारी सरकार ने लगातार प्रयास किया कि कोरोना की वजह से तबाही कम से कम हो। हमारे जो छोटे उद्यमी हैं, जो MSME सेक्टर है, उसे विशेष तौर पर इस संकट के समय में ढाई लाख करोड़ रुपए की मदद दी गई।

एक रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत सरकार की इस योजना के कारण MSME’s को समय पर मदद मिलने के कारण लाखों MSME’s इस कोरोना के कारण बंद होने की कगार पर थे। ये लाखों MSME’s बंद होने से बच गए और लाखों लोगों का रोजगार भी सुरक्षित हो गया। हमारी सरकार ने जो MSME’s की परिभाषा बदली है, उसका भी लाभ यहां के छोटे उद्यमियों को हुआ है।

साथियों,

कोरोना के इस काल में डबल इंजन की सरकार ने उत्तराखंड में विकास को भी रफ्तार दी है, और गरीबों की चिंता भी की है। इतना बड़ा संकट आया, सौ साल की सबसे बड़ी वैश्विक महामारी आई, लेकिन यहां के तराई क्षेत्र से लेकर पहाड़ों पर बसे गांवों तक, हमारी सरकार ने किसी भी गरीब को भूखे नहीं सोने दिया।

हमने चिंता की गरीब के घर का चूल्हा जलते रहना चाहिए। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के जरिए, आज भी हर गरीब को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। और मैं तो देख रहा हूं, कभी-कभी सोशल मीडिया पर नजर करता हूं तो उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के दूरसुदूर गावों की गरीब महिलाएं खेत में काम करती हो, रास्ते से गुजर रही हो, सर पर बोझा ढोया हुआ हो।

और कोई पूछ ले चुनाव के विषय में और वो जिस प्रकार से मोदी को आशीर्वाद देती हैं। एक मां की वीडियो मेरे दिल को छू गया है। उत्तराखंड के दूर-सुदूर गांव से वो मां बोल रही थी। यहां की लोकल भाषा में वो बोल रही थी, उसने कहा हमने हमारे बच्चों को 9 महीने हमारे पेट में पाला। बड़े होकर ये अपने-अपने में खो गए, लेकिन ये मोदी है जो हमारी चिंता करता है, हमें हमारा बेटा अगर सच्चा कोई है। वो मां कह रही है अगर मेरा कोई सच्चा बेटा है तो वो मोदी है।

भाईयों-बहनों,

माताओं-बहनों का इतना आशीर्वाद, इतना बड़ा सामर्थ्य आज मोदी के साथ खडा़ है तो मोदी जी-जान से माताओं-बहनों के कल्याण के लिए उत्तराखंड के कल्याण के लिए, उत्तराखंड के नौजवानों के कल्याण के लिए कभी पीछे नहीं हटेगा।

भाईयों-बहनों,

कोरोना के कारण पर्यटन प्रभावित होने की वजह से जिन लोगों पर असर पड़ा था, उनके लिए भी धामी जी की सरकार ने आर्थिक सहायता भी जारी की। आज गरीब, मजदूर कह रहा है, महिलाएं कह रही हैं कि अगर कांग्रेस के शासनकाल में ऐसी महामारी आती तो न जाने क्या होता! मैं भी आपसे पूछता हूं, ये मुफ्त राशन क्या पहले की सरकार होती तो क्या आप तक पहुंचता क्या?

आप तक पहुंचता क्या? आप तक पहुंचता क्या? कहीं और बिक जाता कि नहीं बिक जाता, घोटाला करते कि नहीं करते। उत्तराखंड की बहनों को जो मुफ्त सिलेंडर मिले, आप कल्पना कर सकते हैं कि आजादी के इतने साल बाद भी, वो रहते तो आपको पहुंचता क्या। उत्तराखंड की लाखों बहनों के बैंक खातों में जो रुपये भेजे गए। क्या ये कांग्रेस को लोग होते तो बैंक के खाते खुलते क्या। खुलते क्या।, क्या इन खातों में पैसे आते क्या। ये पैसे आप के काम आते क्या।

भाईयों-बहनों,

सरकार के खजाने से निकल जाता आप तक नहीं पहुंचता कहीं बाहर चला जाता। उत्तराखंड के हजारों किसानों के बैंक खातों में साल में तीन बार, भारत सरकार की ओर से सीधे पैसे पहुंच रहे हैं क्या कांग्रेस के जमाने में कोई सोच सकता है किसी के खाते में सीधे पैसे पहुंच जाएं।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस पार्टी की दशकों से एक ही पॉलिसी रही है। चुनाव में वादे करो, सरकार बनाओ और घोटाले करो, भ्रष्टाचार करो। चुनाव आए तो फिर नए वादे करो। इस बार भी जो वादे इन्होंने किए हैं, वो झूठ का पुलिंदा हैं। ये गरीबी हटाने का झूठ बोलते हैं। 40 साल से गरीबी हटाओ कहते रहे हैं गरीबों को और गरीबी में धकेलने के लिए काम करते रहते हैं।

लेकिन इनकी सच्चाई ये है कि ये गरीब को ही हटाने में लगे रहते हैं। दशकों तक इन लोगों ने पहाड़ के लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा, गरीबों को पलायन के लिए मजबूर किया। गरीबों को पक्का घर, गरीब बहनों को गैस कनेक्शन, गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन, टॉयलेट की सुविधा, नल से जल की सुविधा, ऐसी मूल सुविधाएं देने के लिए डबल इंजन की सरकार ही आपके लिए काम कर रही है। माताओं और बहनों, इन सुविधाओं का सबसे बड़ा लाभ हमारी उत्तराखंड की माताओं को, बहनों-बेटियों को हो रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड के विकास के लिए हम कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे। धामी जी की सरकार ने यहां नई सड़कों का रिकॉर्ड बनाया है। चार धाम प्रोजेक्ट के तहत ऑल वेदर रोड का काम भी पूरा होने वाला है। इसका लाभ पर्यटन और उद्योग, दोनों ही क्षेत्रों को मिलेगा। केदारखंड की तर्ज पर ही कुमाऊं क्षेत्र के लिए मानसखंड का विकास करने का संकल्प धामी सरकार ने लिया है। टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन के जरिए उन इलाकों में भी रेल पहंचने जा रही है, जहां पहले लोग सोचते भी नहीं थे।

कांग्रेस की सरकारों ने दशकों तक इस परियोजना को लटकाए रखा था। हल्द्वानी, काठगोदाम और लालकुआं में 2300 करोड़ रुपये की लागत से बाइपास भी बनाया जा रहा है। ताकि यहां के नागरिकों को गति भी मिले और बाकियों को सुविधा भी मिले। रामपुर से रुद्रपुर के बीच फोरलेन सड़क का भी काम जल्दी ही पूरा होने वाला है। इस क्षेत्र को हरिद्वार और देहरादून से जोड़ने के लिए नगीना- हरिद्वार और नगीना-काशीपुर के बीच 4 लेन हाईवे भी बन रहा है। यहां पंतनगर एयरपोर्ट को भी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना है।

यही फर्क है हमारी और उनकी सोच में, उनकी सरकार ने उत्तराखंड को सड़कों तक से वंचित रखा। वो कहते थे पहाड़ी राज्य में आधुनिक हाइवेज कहां बनेंगे। हम यहां हाइवे भी बना रहे हैं, रेलवे से भी जोड़ रहे हैं, और एयरपोर्ट भी विकसित कर रहे हैं। इस बार के बजट में पर्वतमाला परियोजना की घोषणा भी की गई है। जहां सड़क चाहिए वहां सड़क बनेगी, जहां सड़क नहीं बन सकती वहां रोपवे बनेंगे। उत्तराखंड के बहनों-भाइयों को हम हर हाल में हर जरूरी सुविधा पहुंचाएंगे।

साथियों,

उत्तराखंड में फूलों की खेती की भी अपार सम्भावनाएं हैं। वैली ऑफ फ्लावर दुनियाभर के लोगों को आकर्षित कर रही है। और अब हम वहां गुरुद्वारा तक जाने के लिए रोपवे बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, भाइयों और बहनों, जो पहाड़ के किसान हैं, उनके लिए भी फूलों की खेती के अनेक अवसर जुड़े हुए हैं।

भारत का शहद, अब विदेशी बाजारों में भी आसानी से पहुंच रहा है। इसलिए मधुमक्खी पालन, शहद-Honey का उत्पादन, ये कमाई का नया जरिया बन रहे हैं। बी वैक्स की भी बहुत मांग है। मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार 500 करोड़ रुपए की लागत से राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन औऱ शहद मिशन भी चला रही है।

इसका भी लाभ उत्तराखंड के, इस हिमालय की पहचान वाले इलाके के लोगों को इसका विशेष लाभ मिलने वाला है और देखना, देखते ही देखते दुनिया में इसकी एक नई पहचान बनने वाली है। देहरादून के सेलाकुई में सगंध पौधा केंद्र की शुरुआत भी हो गई है। इसी प्रयास को आगे बढ़ाते हुए सिडकुल द्वारा काशीपुर में एरोमा पार्क विकसित किया जा रहा है। एरोमा पार्क भी यहां ने नौजवानों के लिए नए उद्योग का क्षेत्र बनने वाला है। सितारगंज के सिडकुल में 40 एकड़ में प्लास्टिक औद्योगिक पार्क भी स्थापित किया जा रहा है।

साथियों,

आज ये आपके बीच आकर झूठ का चौका लगा रहे हैं। लेकिन इसकी सच्चाई यही है कि ये उत्तराखंड में घोटालों के चौके-छक्के लगाते रहे हैं। ऐसा ही उनका चरित्र है, ये तो वो लोग हैं जिन्होंने खनन माफियाओं के साथ मिलकर मां गंगा को ही नहर घोषित कर दिया था।

ये लोग मां गंगा को भी लूटने में लग गए थे! यही उनमें और हमारे में फर्क है। हम मां गंगा की स्वच्छता के लिए काम करते हैं, ये गंगा पर हाथ चालाकी करके, वहां की रेत में से खनन करके, रुययों की चोरी करने में लगे रहते हैं। उधमसिंह नगर जिले में नदियों में प्रदूषण को रोकने के लिए 17 नालों को बंद करने का काम भी किया जा रहा है। इन नालों के पानी को साफ करने के लिए करोड़ों की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जा रहे हैं।

भाइयों बहनों,

भाजपा और उत्तराखंड के बीच का रिश्ता, हमारी विरासत है। अटल जी ने उत्तराखंड बनाया और उनके प्रयासों से ऊधमसिंह नगर और इस इलाके में नए उद्योग आए। हम आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के नेटवर्क से इन उद्योगों की ताकत और आगे बढ़ा रहे हैं। अटल जी ने ऋषिकेश के लिए एम्स दिया था। हमने ऊधमसिंह नगर में एम्स का सैटेलाइट सेंटर खोलकर सेवा का विस्तार किया है। भइयों, इस क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता था। अब यहीं बेहतर इलाज होगा, हर सुविधा मिलेगी। हम उत्तराखंड में चार और मेडिकल कॉलेज भी खोल रहे हैं।

पांच नए डिग्री कॉलेज का काम भी प्रगति पर है। साथियों मेडिकल कॉलेज बनने के कारण, अन्य डिग्री कॉलेज बनने के कारण, गरीब का बेटा भी पढ़-लिख करके डॉक्टर बनना चाहता है तो उसे अपने ही राज्य में डॉक्टर बनने की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं, हमने तो ये भी कहा है कि मेडिकल इंजीनियरिंग लोगों को उनकी भाषा में पढ़ाना चाहिए, ताकि अंग्रेजी के अभाव के कारण, गरीब का बेटा-बेटी डॉक्टर बनने से रूक न जाए, ये काम हम कर रहे हैं। विकास के कामों को लेकर कुछ लोग भाजपा की डबल इंजन सरकार का मुक़ाबला नहीं कर पा रहे हैं।

ये लोग अपने समय की लूट-खसोट और भ्रष्टाचार पर जवाब नहीं दे पा रहे हैं। अचानक इन्हें उत्तराखंड की संस्कृति भी याद आने लगी है। जिन लोगों को देश की विरासत कभी समझ नहीं आई, जिन लोगों ने कभी मां भारती की रक्षा के लिए मरने-मिटने वालों का सम्मान नहीं किया, वो आज संस्कृति की बात कर रहे हैं। इतने सालों तक राज किया मेरे इस क्षेत्र में लाखों बंगाली परिवार रहते हैं। बंगाली परिवारों ने जिंदगी अपनी यहां लगा दी है।

लेकिन, देखिए, हिंदुस्तान के लोग भी सुन कर के हैरान हो जाएंगे। आजादी के बाद से लेकर के हमारे बंगाली भाई-बहन यहां रहते हैं लेकिन उनके पहचान पत्र में ये लिखा हुआ रहता था, पूर्वी पाकिस्तान, पूर्वी पाकिस्तान, आजादी के इतने सालों के बाद भी मेरे बंगाली भाई, उनको मैं मां भारती का बेटा हूं, ये हक पाने के लिए लड़ते रहना पड़ा। मैं धामी जी की सरकार को बधाई देता हूं कि उन्होंने मेरे बंगाली भाईयों के इस हक को स्वीकार किया, आज पूर्वी पाकिस्तान जो लिखा गया था पहचानों में, उसे हटाने का काम कर दिया।

भाइयों-बहनों।

इन लोगों ने आज संस्कृति याद आ रही, विरासत याद आ रही है, अरे जरा देखो हमारे गुरुओं ने हमें कितनी बड़ी शिक्षा दी। गुरु गोविंद सिंह जी ने आदर्शों के लिए, मूल्यों के लिए कितना बड़ा बलिदान दिया। वीर साहिबजादों का बलिदान हिंदुस्तान के बच्चों-बच्चों को आने वाली सदियों तक प्रेरणा देने की ताकत रखता है।उसे भी भुला दिया गया उन्हें वीर साहिबजादों का बलिदान कभी नजर नहीं आया। ये भाजपा की ही सरकार है जिसने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है।

मैं इन लोगों से पूछना चाहता हूं क्या तुष्टिकरण के लिए यूनिवर्सिटी की स्थापना देवभूमि की संस्कृति को ताकत देने वाली है? क्या मां गंगा का अपमान देवभूमि की संस्कृति का अपमान क्या आपलोग सहन करेंगे? क्या आप सहन करेंगे? आप देखिए इसी धरती की संतान, और यहां तो कोई घर ऐसा नहीं, जहां का कोई न कोई परिवार जन फौज में देश के लिए मर मीटने के लिए तैयार न हो। उस सेना के सेनापति को, इसी धरती की संतान बिपिन रावत को ये लोग क्या कहते थे मालूम है वे उनको ‘सड़क का गुंडा’ बोल दिए थे।

सेना के जवान का ये अपमान सिर्फ बिपिन रावत जी का अपमान नहीं है। सेना के यूनिफॉर्म को आप सड़क का गुंडा कहते हो। मेरे उत्तराखंड का एक-एक नौजवान जो सेना में है उन हरेक दिल को चोट पहुंचाते हो, उसके परिवार के दिल को चोट पहुंचाते हो। जो लोग उत्तराखंड की पहचान को ही खत्म करने के लिए साजिश कर रहे हैं, वो लोग उत्तराखंड की संस्कृति के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।

बहुत पुरानी कहावत है भाइयों- मुंह में राम, बगल में छुरी। ये लोग तो ऐसे हैं जिनके मुंह से तो राम कभी निकलता ही नहीं है। लेकिन ये उत्तराखंड को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। और आपने अभी सुना होगा, ये कांग्रेसी अब भारत को भी राष्ट्र मानने के लिए तैयार नहीं हैं। आप मुझे बताइये, उत्तराखंड की इस वीर धरती के घर-घर से सेना में नौजवान जाते हैं, देश की हिफाज़त के लिए जाते हैं, देश पर मर मिटने के लिए जाते हैं।

वो सिर्फ उत्तराखंड की सीमाओं पर नहीं बैठते, वो हिंदुस्तान के किसी भी कोने में जाते हैं। नॉर्थ-ईस्ट में दिखेंगे, जम्मू-कश्मीर देखो तो वहां दिखेंगे। लेह-लद्दाख देखो तो वहां दिखेंगे। गहरे समुंदर में देखो तो मेरे उत्तराखंड के जवान दिखेंगे। भाइयों-बहनों उत्तराखंड का कोई ऐसा कोना नहीं है, हिंदुस्तान की सीमा का कोई क्षेत्र नहीं है जिसकी रक्षा में कहीं न कहीं मेरे उत्तराखंड का नौजवान न हो उत्तराखंड की मेरी बहन-बेटियां न हो। उत्तराखंड की माताओं की दशकों की तपस्या को नकार देने का अधिकार इन कांग्रेसियों को किसने दिया? भाइयों-बहनों, भारत एक है, ये देश एक है, हिंदुस्तान एक है।

इसलिए उत्तराखंड के पहाड़ का बच्चा, केरल के अंदर समुद्री तट पर बैठकर के मां भारती की रक्षा का काम करता है, क्योंकि ये देश उनके दिल में बसा हुआ है। और कांग्रेस वाले कहते हैं राष्ट्र है ही नहीं। जो लोग भारत को राष्ट्र ही न मानते हों, राष्ट्र की भावना का अपमान करते हों, राष्ट्र के लिए शहीद होने वाले वीरों का अपमान करते हों, वो लोग उत्तराखंड को तबाह करने के इरादे से यहां आए हैं। उत्तराखंड की सेवा तो आप तभी कर पाएंगे जब आपमें इस धरती के लिए आस्था हो।ये आस्था भाजपा को है। ये धरती हमारे ऋषियों मुनियों की धरती है। हमने अपने दृष्टिपत्र में कहा है कि भाजपा सरकार देवभूमि ‘उत्तराखंड के देवत्व की रक्षा’ करेगी। मैं उत्तराखंड के हर विरोधी को डंके की चोट पर कह रहा हूं- उत्तराखंड के देवत्व के साथ हम कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे।

भाइयों बहनों,

14 तारीख को आपको उत्तराखंड में तुष्टीकरण के मंसूबों को चूर-चूर कर देना है, करारा जवाब देना है, ये सपने उनका हमेशा के लिए चूर-चूर हो जाने चाहिए। आने वाली 14 तारीख को आपको कांग्रेस के हर झूठ, फरेब और षड्यंत्रों का जवाब देना है और साथियों आपको याद रखना है कि पूरे देश में कांग्रेस को लोग लगातार नकार रहे हैं और आज से ही नहीं दशकों से देश के अलग-अलग राज्यों में यही हो रहा है। मैंने अभी संसद में भी विस्तार से बताया था कि एक बार जिस राज्य ने कांग्रेस को बाहर निकाला, वहां दोबारा घुसने नहीं दिया।

बंगाल के लोगों ने 50 साल हो गए 50 साल कांग्रेस को पैर रखने नहीं दिया है, कांग्रेस को वहां से खेदड़ा है। उसके बाद बंगाल में कभी कांग्रेस वापस नहीं आ पाई। तमिलनाडु में छह दशक से वहां के लोगों ने कांग्रेस को वहां की सरकार को वापस नहीं करने दिया है। त्रिपुरा हो, उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, गुजरात हो ऐसे अनेक राज्य हैं जहां तीन-तीन, चार-चार दशक हो गए, एक बार कांग्रेस गई, मतलब गई।

भाइयों-बहनों बहुत से राज्यों ने कांग्रेस से कह चुके हैं कि आजादी के बाद बहुत समय दे दिया आपको काम करने का, अब आप पर भरोसा नहीं कर सकते, आपके वादों पर भरोसा नहीं कर सकते। अब हम आपको घुसने नहीं देंगे। उत्तराखंड के पास भी अवसर है कि वो भी कांग्रेस को यहां से बेदखल करें। उत्तराखंड के पास आज भाजपा जैसा भरोसेमंद सेवक है। तो मुझे पूरा विश्वास है कि वो कांग्रेस को हमेशा-हमेशा के लिए उत्तराखंड से विदा करेंगे साथियों 14 फरवरी को आपका भाजपा के पक्ष में दिया गया एक-एक वोट एक नया इतिहास बनाएगा।

आप इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए, आप सभी का एक बार फिर से मैं बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरी और एक बात आप याद जरूर रखिएगा कि पहले मतदान फिर जलपान।

आपको आपने तो वोट करना ही है अपने अड़ोस-पड़ोस के लोगों से भी वोट करवाना है– बहुत-बहुत धन्यवाद मेरे साथ बोलिए

भारत माता की…भारत माता की...भारत माता की...

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Cabinet approves Minimum Support Price for Copra for 2026 season
December 12, 2025

The Cabinet Committee on Economic Affairs chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi, has given its approval for the Minimum Support Price (MSP) for copra for 2026 season. In order to provide remunerative prices to the cultivators, Government had announced in the Union Budget of 2018-19, that MSP of all the mandated crops will be fixed at levels of at least 1.5 times of all India weighted average cost of production. The MSP for Fair Average Quality of milling copra has been fixed at Rs.12,027/- per quintal and for ball copra at Rs.12,500/- per quintal for 2026 season.

The MSP for 2026 season is an increase of Rs.445/- per quintal for milling copra and Rs.400/- per quintal for ball copra over the previous season. The Government has increased MSP for milling copra and ball copra from Rs.5,250 per quintal and Rs.5,500 per quintal for the marketing season 2014 to Rs.12,027 per quintal and Rs.12,500 per quintal for the marketing season 2026, registering a growth of 129 percent and 127 percent, respectively.

A higher MSP will not only ensure better remunerative returns to the coconut growers but also incentivize farmers to expand copra production to meet the growing demand for coconut products both domestically and internationally.

National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India Ltd. (NAFED) and National Cooperative Consumers’ Federation (NCCF) will continue to act as Central Nodal Agencies (CNAs) for procurement of copra under Price Support Scheme (PSS).