We have spent the last five years in infusing vigour and strength in our armed forces and developing a coherent policy on national security that ensures greater security for all Indians: PM Modi
We conducted surgical strikes and air strikes against Pakistan-based terrorists to send our message to the world that India is well capable of defending itself: PM Modi in Haryana
The BJP government in Haryana has been continuously carrying out development and providing a clean and transparent government for every community in the state: PM Modi

भारत माता की जय
भारत माता की जय

मंच पर विराजमान हरियाणा के लोकप्रिय और यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमान मनोहर लाल जी, मंच पर उपस्थित सभी वरिष्ठ नेतागण, इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के तीनों प्रत्याशी और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयो और बहनो।

न्याय और ज्ञान की धरती पर कुरुक्षेत्र के अलावा करनाल और अंबाला से पधारे सभी साथियों का बहुत-बहुत अभिनंदन। आपकी यही ऊर्जा, यही आशा, आकांक्षा ही मुझे दिन-रात मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है।

साथियो, भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है की, नियतं कुरु कर्म त्वं, कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः। यानी व्यक्ति को अपना कर्म करते रहना चाहिए, क्योंकि कुछ ना करने से कुछ करना हमेशा श्रेष्ठ होता है। यही प्रयास आपके इस सबसे बड़े सेवक का, इस कामगार का हमेशा रहा है। मैं 130 करोड़ सपनों के लिए अपने जीवन को समर्पित कर देश को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा हूं। इसीलिए फिर से एक बार, फिर से एक बार आपका आशीर्वाद लेने आया हूं। भाइयो और बहनो, बीते 5 वर्षों में गांव की सड़क से लेकर सैटेलाइट तक, हाईवे से लेकर आई-वे तक इनफार्मेशन वे तक, मोबाइल से लेकर मिसाइल तक, शौचालय से लेकर कार्यालय तक, सफाई से लेकर दवाई तक, सिपाही से लेकर, सिंचाई से लेकर EMI तक, सामान्य मानवी के जीवन को आसान बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास हुआ है। पहले के मुकाबले दो गुनी गति से काम हुआ है। जैसे मनोहर लाल जी ने बताया हरियाणा आना मतलब मेरे लिए अपने घर आने वाली बात है। कभी यहां स्कूटर पर दौरा करता रहता था, कभी झोला लेकर के कभी बस से उतर कर के पैदल चला आता था। यहां की हर गली मोहल्ले से वाकिफ रहा हूं। मैं जब हरियाणा आया हूं तो आपसे पूछना चाहता हूं, आप बताएंगे, पूरी ताकत से जवाब देंगे? ऐसे ढीला-ढीला बोल रहे हो यार। गर्मी बहुत लग रही है क्या? मैंने सारे काम अभी गिनाए, आप मुझे बताइए सब कुछ किसने किया? किसने किया? मैं हरियाणा से हूं एक प्रकार से लेकिन आपका जवाब गलत है। आप बुरा मान गए, आप कह रहे हैं मोदी, मोदी, मोदी। मैं कह रहा हूं आपका जवाब गलत है, सही जवाब बता दूं, बता दूं? ये मोदी ने नहीं ये आपके एक वोट ने किया है।

साथियो, 2014 में आपके एक वोट ने देश के लोगों तक जरूरी सुविधाओं को पहुंचाने का काम किया। अब आपका अगला वोट 12 तारीख को चुनाव है ना, 12 तारीख को आपका कमल के फूल का आपका अगला वोट एक वैभवशाली भारत के निर्माण का रास्ता मजबूत करेगा।

साथियो, हम भारत के ज्ञान-विज्ञान और अध्यात्म की समृद्ध परंपरा को साथ लेते हुए नए भारत के निर्माण के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। योग और आयुर्वेद को लेकर देश और दुनिया में जो जागरूकता बढ़ी है, वो इसी का परिणाम है। कुरुक्षेत्र को तो अब आयुष यूनिवर्सिटी के रूप में एक नई पहचान भी मिल रही है और यहां मनोहर लाला जी की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती की महोत्सव की भी आन-बान और शान के साथ शुरुआत की है। लेकिन साथियो, जब भारत की संस्कृति की बात आती है तो न जाने क्यों कांग्रेस के मुंह पर वोट बैंक का ताला लग जाता है। ध्यान रखिएगा, इनकी मानसिकता क्या है? रामायण और महाभारत को दिन-रात गाली देने वालों के समर्थक आज भी ये महामिलवटियों के बीच में हैं। भगवान का नाम लेने पर जेल भेजने की मानसिकता, ये मानसिकता वाले लोगों के साथ ये लोग मंच पर बैठ करके हाथ पकड़ के नाचते हैं। 

साथियो, इन लोगों को पाकिस्तान की हरकतें पसंद हैं, लेकिन देश के गौरव को स्थापित करने वालों को ये दिन रात गलियां देते हैं। पाकिस्तान से तो इनको इतना लगाव है की ये भारत की कुशलता का श्रेय भी ये पाकिस्तान को देते हैं। आप याद कीजिए एयर स्ट्राइक के बाद याद है ना? याद है की नहीं है? एयर स्ट्राइक के बाद जब भारत ने आतंकियों को घर में घुसकर मारा तब हमारे एक वीर सपूत को पाकिस्तान ने कब्जे में ले लिया था। 48 घंटे के भीतर-भीतर पाकिस्तान को उसे छोड़ना पड़ा था। वाघा बॉर्डर तक छोड़ने आना पड़ा था और तब आपने उनकी मुंडी देखी होगी टीवी पर। आपको, आपको गर्व हुआ की नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ की नहीं हुआ, आपका माथा ऊंचा हुआ की नहीं हुआ? भारत की आन, बान और शान इसका अनुभव हुआ की नहीं हुआ? लेकिन ये कांग्रेस और उसके रागदरबारियों ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के नाम के कसीदे पीटना शुरू कर दिया। यहां तक कह दिया की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। भारत की कूटनीतिक सफलता से हमारा सपूत सकुशल वापस आया, लेकिन कांग्रेस और उसके राग दरबारी पाकिस्तानी सरकार का गुणगान करने लग गए।

साथियो, यही इनकी सच्चाई है, बल्कि इन्होंने तो उल्टा, भारत की संस्कृति और परंपरा को बदनाम करने का अभियान छेड़ा हुआ है।
साथियो, पानीपत के पास जब समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट हुआ था? याद है आपको? याद है की भूल गए? कांग्रेस ने हिन्दू आतंकवाद का झूठ गढ़ने के लिए निर्दोष लोगों को सालों तक जेलों में बंद रखा था। लेकिन कांग्रेस के इस झूठ का, इस साजिश का पर्दाफाश हो गया।

साथियो, कांग्रेस द्वारा हमारी हजारों वर्ष पुरानी महान संस्कृति को दाग लगाने की कोशिश में असली आतंकवादियों के बचने का रास्ता खोल दिया। भारत को बदनाम करने वाली कांग्रेस को देश कभी माफ नहीं करेगा, माफ करेगा क्या, करेगा क्या?आप माफ करेंगे क्या?

साथियो, कांग्रेस सिर्फ एक ही परिवार की चिंता में डूबी रहती है, इसलिए भारत के हितों की रक्षा करने में कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई। भारत ने भाइयो-बहनो, भारत ये अनेक नदियां, पाकिस्तान से जाकर के आगे बढ़ती हैं। वहां की जमीन को सोना बनाती हैं और ये सच्चाई है की हमारे हक का पानी पाकिस्तान की नदियों में जा रहा है। देश आजाद हुआ तब से अब तक हिंदुस्तान के किसानों के हक का पानी पाकिस्तान में जा रहा है। लेकिन हमारे हक के पानी को रोकने का काम भी ये कांग्रेस सरकार ने दशकों तक उस नदी का न भी नहीं बोले, नदी का न भी नहीं बोले। अब आपका ये चौकीदार भारत के हक का एक-एक बूंद, भारत के किसान तक पहुंचाने के लिए संकल्प लेकर के बैठा है और काम कर के रहेगा। अब एक बूंद पानी जो हिंदुस्तान के हक का है वो पाकिस्तान नहीं जाएगा दोस्तों। इसके लिए अनेक परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। आने वाले पांच वर्षों में ऐसे अनेक प्रोजेक्ट हम खड़े करेंगे। जिससे हरियाणा सहित देश के अनेक हिस्सों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो पाएगा।
साथियो, हरियाणा जय जवान-जय किसान का एक प्रकार से स्वर्ग है। यहां के अन्नदाता हमारे किसान, पूरे देश के लिए एक मिसाल हैं। हम कृषि व्यवस्था को कम लागत और पारदर्शी बनाने का काम कर रहे हैं। हरियाणा कि सभी मंडियों को ऑनलाइन यानी E-NAM प्लेटफॉर्म से जोड़ने का प्रयास चल रहा है। इसी तरह छोटे किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधी मदद आनी शुरु हो चुकी है। भाइयो और बहनो, किसानों के साथ-साथ जो हमारे व्यापारी साथी हैं उनका भी ध्यान है। हमने तय किया है, पहली बार देश में एक राष्ट्रीय व्यापारी आयोग बने इतना ही नहीं। व्यापारियों, उद्यमियों के लिए 50 लाख रुपए तक के बिना गारंटी के ऋण की सुविधा भी देने वाले हैं। वहीं छोटे दुकानदारों को, छोटे किसानों को, खेत मजदूरों को, 60 वर्ष के बाद पेंशन की व्यवस्था भी हम करने वाले हैं।

भाइयो और बहनो, मैं बहुत ईमानदारी से, बहुत परिश्रम से, दिन रात एक करके आपकी सेवा में जुटा हूं। आप ही मेरा परिवार हैं, आपकी ही खुशहाली यही मेरा कर्तव्य है। लेकिन क्योंकि मैं कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों को उनकी मनमानी नहीं करने देता, उनके भ्रष्टाचार को रोकता हूं, उनके वंशवाद को चुनौती देता हूं, इसलिए ये लोग बार-बार प्रेम, प्रेम, प्रेम का नकाब पहनकर मुझे गालियां देते रहते हैं। इनके प्रेम की डिक्शनरी में इस गरीब मां के बेटे के लिए इस चाय वाले के लिए किस तरह का प्यार उमड़ा है, कैसे ये प्यार जताने में एक-दूसरे से होड़ लगाते हैं। आज मैं अपने घर आया हूं हरियाणा आया हूं, कुरुक्षेत्र सत्य की भूमि है वहां आया हूं तो मैं आज कुरुक्षेत्र की इस धरती से देशवासियों को खुद बताना चाहता हूं की इनकी प्रेम की डिक्शनरी क्या है? उनकी प्रेम की डिक्शनरी में शब्द कौन से है? ये प्रेम वर्षा मोदी पर कैसे करती हैं, सुनाऊं? 

साथियो, कांग्रेस के एक नेता ने मुझे गंदी नाली का कीड़ा कहा, तो दूसरा मुझे गंगू तेली कहने आ गया। इनके एक नेता ने मुझे पागल कुत्ता कहा, तो दूसरा नेता सामने आया और मुझे भस्मासुर की उपाधि दे दी। कांग्रेस के एक और नेता है, देश के विदेश मंत्री रह चुके हैं, उन्होंने मुझे बंदर कहा। इनके और एक मंत्री ने मुझे वायरस कहा तो दूसरे ने दाऊद इब्राहिम का दर्जा दे दिया। इनके एक नेता ने मुझे हिटलर कहा तो दूसरे ने मुझे बदतमीज नालायक बेटा कहा। इतना ही नहीं, मुझे रेबीज बीमारी से पीड़ित बंदर बोला गया, चूहा बोला गया, लहू पुरुष बोला गया, असत्य का सौदागर बोला गया।

साथियो, कांग्रेस के नेताओं ने मुझे रावण, सांप, बिच्छू, गंदा आदमी, जहर बोने वाला तक बोला। कांग्रेस के नेता जिसके सामने नतमस्तक हैं, उन्होंने भी मुझे मौत का सौदागर कहा। ये इनका प्रेम करने का तरीका है, ये इनकी प्रेम की डिक्शनरी है। ये मुझ पर हो रहा प्रेम वर्षा का ये सैंपल है और भाइयो और बहनो, सुनिए जरा देश सुन रहा है सुनें।

भाइयो-बहनो, इनकी ख्वाहिश तो इनकी सोच तो मोदी की बोटी-बोटी करने की भी रही हैं। खुले आम मेरे खिलाफ मोदी की बोटी-बोटी करने वालों की घोषणा करने को कांग्रेस ने हमेशा आगे बढ़ाया है, चुनाव में टिकट देकर उनका मनोबल भी बढ़ाया है क्योंकि वो मोदी की बोटी-बोटी करना चाहते हैं। मुझे पता है की सार्वजनिक मंच से इस तरह के शब्द बोलना सही नहीं है। परिवार में भी छोटे-छोटे बच्चे आठवीं, दसवीं, बारहवीं कक्षा में जाने वाले बच्चे कॉलेज के छात्रा-छात्राएं। वो भी आज ये सब सुन रहे हैं, इस तरह की भाषा न उन बच्चों को ना सुननी चाहिए ना सीखनी चाहिए। लेकिन कांग्रेस के नामदार जिस तरह अपने प्रेम की डिक्शनरी दिखा रहे हैं और कोई ये बड़े देश की लोकतंत्र की मजा देखिए, कोई उन पर सवाल नहीं उठा रहा है, इसलिए आज मैं देश के सामने सारी सच्चाई रख रहा हूं। भाइयो और बहनो, मुझे गाली देते हुए इन लोगों ने कितनी बार मर्यादा तार-तार की है, ये भी इनकी प्रेम वाली डिक्शनरी से पता चलता है। और साथियो, अब जो शब्द मैं आपको गिनाने जा रहा हूं वो भी सब नहीं थोड़े बहुत सैंपल, अब वो शब्द मैं गिनाने जा रहा हूं, ये सारे ये चाय वाला प्रधानमंत्री बना उसके बाद बोले गए हैं। ये दावा करते हैं की ये प्रधानमंत्री पद की बहुत इज्जत करते हैं, बहुत सम्मान देते हैं। इसीलिए उन्होंने मुझे प्रधानमंत्री बनने के बाद क्या-क्या उपहार दिए, कैसी प्रेम वर्षा की है, कैसी सौगातें दी हैं। मैं आज, मेरे अपने घर आया हूं तो मेरे देशवासियों को कुरुक्षेत्र की सत्या की इस धरती से फिर बताना चाहता हूं। ये सारे चैप्टर नंबर-2 पीएम बनने के बाद का प्रेम क्या बोला। मुझे बताया गया मोस्ट स्टुपिड पीएम कहा गया, मुझे कहा गया जवानों के खून का दलाल है। इनके प्रेम की डिक्शनरी से मेरे लिए गद्दाफी, मुसोलिनी, हिटलर जैसे शब्द भी चलते रहते हैं। भाइयो और बहनो, इनके बड़े-बड़े नेताओं ने मुझे मानसिक तौर पर बीमार बताया, नीच आदमी बताया, यहां तक की ये भी पूछा गया कि मेरे पिता कौन थे ये नहीं मालूम, मेरे दादा कौन थे, ये नहीं मालूम।


साथियो, याद रखिएगा, मुझे ये सारे उपहार प्रधानमंत्री बनने के बाद इनकी प्रेम वर्षा निमित्त आज भी दिए जा रहे हैं। निकम्मा, नशेड़ी, औरंगजेब से भी क्रूर तानाशाह, अनपढ़, गंवार, नमक हराम, नालायक बेटा, तुगलक, नटवरलाल, नकारा बेटा, सब कुछ ये प्रेम वर्षा नामदार की और उसके साथियों की प्रेम वर्षा देखो।


साथियो, इन लोगों ने मेरी मां को गाली दी, ये भी पूछा की मेरे पिता कौन हैं। और याद रखिएगा, ये सब कुछ कहा गया मेरे प्रधानमंत्री बनने के बाद। बहुत अच्छे संस्कार हैं कांग्रेस और उसके नेताओं के और ये हैं उनके प्रेम की डिक्शनरी का सच। मेरे देश के लोगों से बस यही प्रार्थना है की कांग्रेस की ये प्रेम की डिक्शनरी अपने बच्चों के हाथ न लग जाए बस इतनी चिंता करना। मुझे मेरी नहीं आपके बच्चों की चिंता है, उनके संस्कार की चिंता हैं, उनके भविष्य की चिंता है, भाइयो।

साथियो, इन लोगों की गलियों की परवाह न करते हुए, पूरी शक्ति से देश की सेवा कर रहा हूं। हरियाणा भी बीते 5 वर्षों में एक बहुत बड़े परिवर्तन का गवाह रहा है। पानीपत से ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान मैंने शुरु किया था। हरियाणा ने इन 5 वर्षों में बेटियों का बहुत ध्यान रखा है। आपने मेरी बात का, देश की भावना का मान रखा है, इसके लिए हर हरियाणा वासी, हर हरियाणा वासी का मैं शीष झुकाकर वंदन करता हूं। भाइयो और बहनो, हरियाणा की बेटियां भारत को गौरवान्वित कर रही हैं। मेरा तो सपना है की भारत स्पोर्टिंग सुपर पावर बने। इसमें हरियाणा के सपूतों विशेष तौर पर बेटियों की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है। हमने फाइटर पायलट और मिलिट्री पुलिस तक के रास्ते भी बेटियों के लिए खोल दिए हैं। नए भारत को विकसित और सुरक्षित बनाने में हमारी वीर बेटियां और हमारे वीर बेटों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। मुझे विश्वास है की कुरुक्षेत्र, अंबाला और करनाल का एक-एक बटन कमल के फूल पर दबेगा। आपका हर वोट सीधा मोदी के खाते में आएगा।
भाइयो-बहनो, मेरा एक काम करोगे? आवाज नहीं आई। मेरा एक काम करोगे, करोगे? आज मैंने पहली बार मेरे सार्वजनिक जीवन में मैं बहुत लंबा समय मुख्यमंत्री रहा हूं, पांच साल से प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहा हूं। मैंने ये दर्द भरी दास्तां अपनी जुबान से पहले कभी नहीं बोली है। आज मैंने अपने घर आया तो ऐसे ही मेरा दिल खुल गया जी भर के बहुत कुछ कह दिया। मैं नहीं जनता हूं जो मैं ये चीज, ये जो विस्तार से मैंने प्रेम वर्षा की कथा बताई है। ये मीडिया के लोग आने वाले 10 दिन तक इसको बताने की हिम्मत करेंगे की नहीं करेंगे मुझे मालूम नहीं है। क्योंकि ये परिवार ये परिवार इन लोगों को बड़ी कृपा रही है वो करें या ना करें, करें तो उनको मैं एडवांस में बहुत धन्यवाद करता हूं। लेकिन क्या आप इन बातों को सोशल मीडिया में मोबाइल फोन पर हिंदुस्तान के कोने-कोने पहुंचा सकते हो?

भाइयो-बहनो, एकतरफा जो मुझ पर जुल्‍म हो रहा है। इसीलिए देश को सच बताना जरूरी है। मैं जनता हूं ये मैं पहली बार नहीं मीडिया में कही ना कही ढूंढो तो कुछ नजर आएगा लेकिन दबा दिया गया है। सबूत के साथ चीजे मौजूद है। भाइयो-बहनो, आप सच्चे दिल में मोदी, मोदी करते हो मोदी को सच्चा प्यार करते हो, सच्चा प्यार करते हो? वो झूठी प्रेम वर्षा, झूठी प्रेम वर्षा नहीं गलियों को छुपाने के लिए बताई गई प्रेम वर्षा नहीं दिल से प्रेम वर्षा करते हो?ये मेरा छोटा सा वीडियो घर-घर पहुंचाओगे, पूरे हिंदुस्तान में जहां भी रिश्तेदार हो पहुंचाओगे? मैं आज विशेष रूप से चाहता हूं क्योंकि इतना झूठ, इतना झूठ चलाया जा रहा है तब जाकर के भाइयो और बहनो, मैं जनता हूं हरियाणा मेरे साथ पूरी तरह खड़े रहने वाला है, हरियाणा में सब की सब सीटों पर कमल खिलने वाला है, मुझे विश्वास है। इसी मिट्टी ने मुझे पाला पोसा बड़ा बनाया है, जिस मिट्टी ने मुझे बड़ा बनाया है उस मिट्टी के लिए मैं जीना मरना भी जनता हूं, दोस्तो। और इसीलिए भाइयो-बहनो, मैं आपसे आग्रह करता हूं 12 तारीख तक चैन से बैठना नहीं है। घर-घर जाएंगे, घर-घर जाएंगे? ऐसा जवाब नहीं चाहिए। घर-घर जाएंगे, सब के सब जाएंगे, पोलिंग बूथ मजबूत बनाएंगे, लोगों को मतदान करवाएंगे? सुबह कितनी गर्मी क्यों ना हो 10 बजे से पहले ज्यादा से ज्यादा मतदान करवा दोगे, सब जगह पर कमल खिलेगा। बहुत बहुत धन्यवाद भाइयो। मेरे साथ हाथ ऊपर कर के बोलिए, भारत माता की जय। दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए

भारत माता की… जय
भारत माता की… जय
भारत माता की… जय
बहुत बहुत धन्यवाद।

Explore More
శ్రీరామ జన్మభూమి ఆలయ ధ్వజారోహణ ఉత్సవం సందర్భంగా ప్రధానమంత్రి ప్రసంగం

ప్రముఖ ప్రసంగాలు

శ్రీరామ జన్మభూమి ఆలయ ధ్వజారోహణ ఉత్సవం సందర్భంగా ప్రధానమంత్రి ప్రసంగం
Govt directs faster processing of city gas projects, hikes commercial LPG allocation to ease supply stress

Media Coverage

Govt directs faster processing of city gas projects, hikes commercial LPG allocation to ease supply stress
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!