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For 70 years, the Congress party thought only about its own welfare, betrayed the farmers and used them as a vote ban: PM Modi
NDA Government is committed to welfare of farmers and hence has fulfilled the promise regarding the Minimum Support Price: PM Modi in Punjab
Historic increase of 1.5 times in the MSP for kharif crops would significantly add to farmers’ income and empower them: PM Modi
Congress is spreading lies and rumours regarding Minimum Support Price: PM Modi
Initiatives like Jan Dhan Yojana, Ujjwala Yojana, Mudra Yojana and Fasal Bima Yojana have benefitted farmers immensely: PM Modi

हरियाणा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान मनोहर लाल जी खट्टर, पंजाब के पूर्व सीएम और हम सबके मार्गदर्शक, सच्चे अर्थ में किसानों के मसीहा परम आदरणीय श्रीमान प्रकाश सिंह जी बादल, पंजाब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और संसद में मेरे साथी श्रीमान श्वेत मलिक जी, पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री और मेरे मित्र श्रीमान सुखदेव सिंह जी बादल, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमान अविनाश राय जी खन्ना, केंद्र में मंत्री परिषद की मेरी साथी बहन हरसिमरत जी कौर बादल, सांसद श्रीमान सुखदेव सिंह जी ढींढसा, केंद्र में मंत्री मंडल के मेरे साथी श्रीमान विजय सांपला जी, सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदुमाजरा जी, भाजपा राष्ट्रीय सचिव श्रीमान तरुण चुघ जी, सांसद श्रीमान रणजीत सिंह जी ब्रह्मपुरा, हरियाणा भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्रीमान सुभाष बराला जी, सांसद बलविन्दर सिंह भुंदर, राजस्थान सरकार के मंत्री सुरेन्द्र सिंह जी टीटी।

पंजाब दी नरमे दी बेलदे इक खास मुकाम मलोट दी। ऐ जमीन ते मौजूद मेरे धाराओं दी बैरों। गज के फतेह बुलानी, वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी फतह। मक्कों की धरती,  बलिदान और त्याग की सर्वोच्च त्याग की इस भूमि को मेरा नमन। गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चालीस शिष्यों की शौर्य की गाथाएं यहां के कण-कण में रची बसी है। वीरता और साहस की यही परिपाटी इस पूरे माड़वा को, पंजाब को, देश और दुनिया में बसी पूरी सिख परंपरा को प्रेरित कर रही है। सीमाओं की रक्षा हो, खाद्य सुरक्षा हो या फिर श्रम उद्यम का क्षेत्र हो, पंजाब ने हमेशा से देश को प्रेरित करने का काम किया है। पंजाब ने हमेशा खुद से पहले देश के लिए सोचा है।

साथियो।

आज भी देश ही नहीं बल्कि दुनिया का शायद ही कोई ऐसा कोना हो, जहां पंजाब से निकले भाई-बहन अपनी श्रमशीलता का लोहा नहीं मनवा रहे हों।  

साथियो।

ये मेरा सौभाग्य रहा है कि पंजाब की जो परंपराएं हैं, जिस माटी की महक है, उससे जुड़ने का एक लंबा अनुभव मुझे भी सौभाग्य मिला है। बीते चार वर्षों के दौरान भी अनेक बार मुझे आप सबके बीच आने का अवसर मिला है। मैं सभी किसान भाई बहनों, पंजाब भारतीय जनता पार्टी, एनडीए के हमारे विश्वस्त सहयोगी शिरोमणि अकाली दल, विशेष तौर पर सरदार प्रकाश सिंह बादल जी का अंत:करणपूर्वक आभारी हूं, जो आज उन्होंने मुझे आप सब किसानों के दर्शन करने का मौका दिया है। मैं आज मलोट दी जमीन पर आह्या। मलोट जी जमीन जो मशहूर है सबसे ज्यादा कपास दी पैदावार लेई। मलोट पंजाब को राजस्थान और हरियाणा से जोड़ता है। और मुझे खुशी है कि आज यहां हरियाणा और राजस्थान से भी बहुत बड़ी संख्या में मेरे किसान भाई-बहन पहुंचे हैं। मलोट में आज एक प्रकार से किसानों का कुंभ लगा है।

साथियो।

बीचे चार वर्षों में जिस तरह आप देश के अन्न भंडारों को रिकार्ड पैदावार से भर रहे हैं। उसके लिए मैं मेरे देश के किसानों को, आप सबको नमन करता हूं। गेहूं हो, धान हो, चीनी हो, कपास हो या फिर दालें उत्पादन के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। इस वर्ष भी नए रिकॉड बनने का अनुमान लगाया जा रहा है।

श्रम की पराकाष्ठा करने वाले मेरे किसान भाइयो बहनो।

आपने कभी भी मेहनत करने में कमी नहीं छोड़ी। स्थित कैसी भी रही है, प्रकृति ने जो भी मुश्किल पैदा की हो, आपने मेहनत की है, पसीना बहाया। लेकिन इतने परिश्रम के बावजूद जिस किसान का जीवन खुशहाल होना चाहिए था, उसे दशकों तक निराशा और हताशा का जीवन जीना पड़ा।

इसकी वजह यही थी कि बीते 70 वर्षों में अधिकतर समय जिस पार्टी पर देश के किसानों ने जीवन स्तर को उठाने की जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने किसान को, उसकी मेहनत को उसकी कभी इज्जत नहीं दी, उसको मान नहीं दिया।

किसानों से सिर्फ वादे किए गए और चिंता अगर की गई ...। 70 साल का इतिहास बताता है सिर्फ और सिर्फ एक परिवार की ही चिंता की गई। उसके सुख की ही परवाह की गई। किसानों के लिए अवैज्ञानिक तरीके से बेसिर-पैर ऐसी-ऐसी योजनाएं बनाई गईं, लेकिन व्यवस्थाएं खुद के परिवार के लिए तो व्यवस्थाएं बेहतरीन से बेहतरीन बनाते चले गए। किसानों के लिए घोषणाएं तो बहुत की गई लेकिन कांग्रेस ने सपने एक ही देखे। वो सपने भी एक ही परिवार को पूरा करने के लिए काम आते रहे। पूरा देश इस सच्चाई को भलीभांति जानता है।

भाइयो और बहनो।

मैं जानता हूं कि इतने वर्षों तक आपको लागत के सिर्फ दस प्रतिशत के लाभ तक सीमित क्यों रखा गया। आखिर क्यों? इसके पीछे क्या स्वार्थ था।

भाइयो बहनो।

किसान हमारे देश की आत्मा है। किसान हमारा अन्नदाता है। कांग्रेस ने हमेशा किसान के साथ धोखा किया, झूठ बोला। कांग्रेस ने किसानों के सशक्तिकरण पर नहीं, किसानों को वोट बैंक बनाने के लिए अपनी राजनीति करते रहे। लेकिन केंद्र में एनडीए की सरकार स्थिति को बदलने में जुटी हुई है। सीमा पर खड़ा जवान हो या खेत में जुटा मेरा किसान भाई हो, दोनों का सम्मान बढ़ाने का काम हमारी सरकार ने किया है।

साथियो।

ये हमारी ही सरकार है जिसने वन रैंक वन पेंशन पूरा किया। ये भी हमारी ही सरकार है जिसने एमएसपी पर अपना वादा निभाया है। चालीस साल तक वन रैंक वन पेंशन को लागू करने की जिनको फुर्सत नहीं थी। सत्तर साल तक जिन्हें किसानों का हक देने की फुर्सत नहीं थी, वो आज किसानों को गुमराह करने पर जुटे हुए हैं। लागत का डेढ़ गना मूल्य सुनिश्चित करने का काम आपके आशीर्वाद से हमारी सरकार कर पाई है।

भाइयो और बहनो।

खरीद की 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की बहुत बड़ी बढ़ोतरी की गई है। आपका धान हो, कपास हो, मक्का हो, बाजरा हो, तूर, उड़द, मूंग हो, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन या तिल हो समर्थन मूल्य में 200 रुपये से लेकरके 1800 रुपये तक की वृद्धि की गई है। और कई फसलों में तो लगभग लागत का 100 प्रतिशत तक यानि दोगुना तक मूल्य मिलना तय किया गया है।

भाइयो और बहनो।

इस फैसले से पंजाब को बहुत ज्यादा लाभ होने वाला है। पंजाब के किसान हो, हरियाणा के किसान हो, राजस्थान के किसान हो, सर्वाधिक लाभ यहां होने वाला है। आपका ये मलोट, पंजाब का ये क्षेत्र तो सफेद सोने के लिए जाना जाता है। आपका नरमा, आपका कपास देश और दुनिया में मशहूर है। उसमें भी 1100 रुपए की बढ़ोतरी की है।  

किसान भाइयो बहनो।

कपास पर जो लागत आती है वो लगभग 3400 रुपये प्रति क्विंटल मानी जाती है। अब जो सरकारी भाव तय किया गया है वो छोटे रेशे के लिए 5150 रुपए और बड़े रेशे के लिए 5450 रुपए तय किया गया है। यानि अब तक जितना सरकारी भाव आपको मिलता था, उससे 1130 रुपए अधिक आपको अधिक मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

साथियो।

कपास की तरह ही धान का समर्थन मूल्य भी पहले की तुलना में सीधे 200 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। एक क्विटंल धान उसकी जो लागत आंकी जाती है, वो है लगभग 1150 रुपए और धान का जो समर्थन मूल्य तय हुआ है 1750 रुपए। कहां 1150 और कहां 1750 यानि सीधे-सीधे 50 प्रतिशत का लाभ तय है। इससे पंजाब के साथ-साथ हिरयाणा के भी मेरे किसान भाइयो-बहनो को बहुत लाभ होने वाला है।

साथियो।

मक्के दी रोटी ते सरसों दा साग। ये तो दुनियाभर में आज ब्रांड पंजाब की एक नई पहचान बन चुका है। मक्के के एमएसपी में 275 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। लगभग ग्यारह सौ रुपए प्रति क्विंटल लागत के ऊपर मक्के का समर्थन मूल्य 1700 रुपये किया गया है।

साथियो।

मक्के के अलावा ज्वार, रागी जैसे पौष्टिक और फाइबर से परिपूर्ण अनाज के लिए भी 50 प्रतिशत से अधिक का लाभ सुनिश्चित किया गया है। बाजरा उगाने वाले छोटे-छोटे किसान होते हैं। बाजरा उगाने वाले भाइयों के लिए तो लागत की लगभग दो गुना कीमत तय की गई है। बाजरे पर लागत लगभग 1 हजार रुपये आती है लेकिन इसका समर्थन मूल्य 1950 रुपए तय किया गया है। इसी प्रकार रागी के एमएसपी में भी लगभग 1000 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।

भाइयो और बहनो।

ये जो मोटा अनाज है, जो कभी हमारे खान-पान का अहम हिस्सा था। औषधीय गुणों के चलते आज इसकी डिमांड फिर से बढ़ने लगी है। देश में ही नहीं, दुनिया के दूसरे देशों में भी हमारे इस पौष्टिक खाद्यान्न की मांग बढ़ रही है। ऐसे में जो ये कीमत तय की गई है। ये उसका बाजार संभावनाओं से भरा हुआ है।

भाइयो बहनो।

ये जो फैसला लिया गया है। इससे अपनी जमीन पर खेती करने वालों को तो लाभ मिलने ही वाला है। जो पट्टे पर खेती करते हैं उन श्रमशील भाइयो-बहनो को भी पूरा फायदा होने वाला है। क्योंकि जो लागत जोड़ी गई है, उसमें पट्टे वाले किसान का भी पूरा ध्यान रखा गया है। खेती में जो भी श्रम लगा, चाहे आपका अपना हो, अपने परिवार का हो, आपने जो मजदूरी दी हो, पशुओं का जो श्रम हो या मशीन का किराया हो, जमीन का पट्टा या किराया हो, बीज-खाद उर्वरक की कीमत हो, सिंचाई पर हुआ खर्च हो, ऐसे सभी खर्चों को लागत में जोड़ा गया है।

साथियो।

जब से सरकार ने ये फैसला लिया तब से देश के किसान की एक बहुत बड़ी चिंता दूर हुई है। उसको विश्वास है कि जो निवेश उसने किया है, जो श्रम लगाया है। अब उसको उसका फल मिलने वाला है। लेकिन कांग्रेस को और उनके सहयोगियों की नींद उड़ गई है। किसान चैन से सो जाएं, ये कांग्रेस को मंजूर नहीं है। और इसलिए कांग्रेस की नींद खराब हो गई है। उन्हें ये समझ ही नहीं आ रहा है कि 70 साल तक उन्होंने ऐसा निर्णय करने की हिम्मत नहीं दिखाई ...। इसकी चर्चा पहले नहीं हुई, ऐसा नहीं है। इसकी मांग पहले नहीं उठी, ऐसा नहीं है। किसानों ने आंदोलन नहीं किया, ऐसा भी नहीं है। हर किसी ने कोशिश की लेकिन कांग्रेस उन सारी मांगों को दबाकरके बैठ जाती थी, फाइलों को दबा कर बैठ जाती थी। इतने वर्षों तक जिस मांग पर वो बैठे हुए थे वो ये सरकार कैसे पूरी कर दी। उनके दिमाग में नहीं बैठ रहा है। यही कारण है कि वो अब नई-नई अफवाहें और कुतर्क गढ़ने में जुटे हैं। लेकिन ये कितनी भी कोशिश कर लें। आप सभी के लिए देश के गांव, गरीब किसान के लिए हमारे इरादे इससे और मजबूत होते हैं। और हम किसान की भलाई के रास्ते को कभी छोड़ने वाले नहीं है।

साथियो।

डेढ़ गुना समर्थन मूल्य का हमने वायदा किया था। लेकिन इसको एक संकल्प के तौर पर हमने इसको विस्तार दिया। आपके समर्थन के बाद केंद्र में एनडीए की सरकार बनी तो तय किया कि 2022 तक हमारे किसानों की आय, आप सभी की आय, देश की किसानों की आय को दोगुना करने की हम कोशिश करेंगे। बीते चार वर्षों में इसी दिशा में प्रयास हो रहे हैं। और इसके लिए बीज से बाजार तक एक व्यापक रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। फसल की तैयारी से लेकर मार्केट में बिक्री तक आऩे वाली हर समस्या का समाधान करने के लिए एक के बाद एक कदम उठाए जा रहे हैं।

किसान भाइयो और बहनो।

स्वायल हेल्थ कार्ड की योजना सरकार की इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। देश में अब तक 15 करोड़ किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड बांटे जा चुके हैं। जिसमें पंजाब में भी लाखों किसानों को इसका लाभ मिला है। ये स्वायल हेल्थ कार्ड असल आपकी जमीन, आपकी मिट्टी का रिकॉर्ड है। इसके आधार पर आपको पता चलता है कि आपको जमीन पर कौन सी फसल उगानी चाहिए। उसमें कौन सा उर्वरक डाला जाना चाहिए। इतना ही नहीं, मिट्टी की टेस्टिंग में किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए जांच केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया है।

भाइयो बहनो।

पिछली सरकार ने ...। इतना बड़ा देश ...। आप सुनिए। इतना बड़ा देश ...। स्वायल टेस्टिंग कोई नई विज्ञान नहीं थी। लेकिन पिछली सरकार ने सिर्फ 40-45 लैब बनाई थी, 40-45। हमने देशभर में 9 हजार से अधिक जांच केंद्रों को मंजूरी दे दी है। कांग्रेस ने जहां इस पर सिर्फ ...। कांग्रेस ने इतने वर्षों में इस पर 50-55 करोड़ का खर्च किया। वहीं, एनडीए सरकार ने 22 गुना अधिक यानि करीब-करीब 1200 करोड़ का निवेश किसानों के खेत की मिट्टी की जांच के लिए किया है। मिट्टी के साथ-साथ बीज का भी उतना ही महत्व है। सरकार ने सुनिश्चित किया कि किसानों को अच्छी क्वालिटी का बीज मिले। बीते चार वर्षों में करीब पौने दो लाख सिड विलेज कार्यक्रम चलाए गए हैं, जिसका सीधा लाभ करोड़ों-करोड़ों किसानों को हुआ है। पहले की सरकार के दौरान जहां 4 वर्ष में बीजों की लगभग 450 वैरायटी जारी हुई थी। वहीं, हमारी सरकार ने बीते चार वर्षों में 800 से अधिक बीजों की वैरायटी आज किसानों तक पहुंचाई है। अगर आज धान का उत्पादन पहले के मुकाबले 300 प्रतिशत बढ़ा है तो उसके पीछे नए और अच्छी क्वालिटी के बीज का बहुत बड़ा योगदान है।

भाइयो और बहनो।

पहले की सरकार के समय यूरिया की कमी वाले पुराने दिन का दौर याद दिलाना चाहता हूं। एक दौर वो था, जब यूरिया किसानों के बजाय फैक्टरियों में चला जाता था, कहीं ओर चला जाता था। किसानों को यूरिया के लिए लाठी खानी पड़ती थी, कालेबाजारी में खरीदना पड़ता था। लेकिन यूरिया की शत प्रतिशत नीम कोटिंग कर इस बेईमानी को रोका। और आज पर्याप्त मात्रा में यूरिया आपको उपलब्ध हो रहा है। खेत में फसल तब और अच्छी उगती है जब सिंचाई की उचित व्यवस्था हो। पानी किसान के खेतों तक पहुंचे इसके लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत देश की 25 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन को माइक्रो इरिगेशन के दायरे में लाया गया है। पंजाब में भी इसका विस्तार जब बादल साहब थे तब तेज गति से हो रहा था।

साथियो।

जब फसल तैयार हो जाती है तो उसके लिए बाजार की चुनौती रहती है। देश के लगभग 22 हजार ग्रामीण हाटों को, उसको अपग्रेड करने का काम हो रहा है। एक वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयारी की गई है।

ई-नाम को लेकर आज देशभर में चर्चा है। जिन्होंने अभी इसका उपयोग नहीं किया है, वैसे सभी किसान भाइयो को बता दूं कि इंटरनेट पर फसल बेचने की एक बेहतरीन व्यवस्था हुई है। इसके अंतर्गत देशभर की 600 से ज्यादा मंडियां जिसमें पंजाब की 19 मंडियां जुड़ चुकी हैं। इन मंडियों में अब आप कहीं पर भी घर बैठे-बैठे अपने मोबाइल फोन से या फिर नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपने फसल को बेच सकते हैं। ये योजना किसानों को बिचौलियों से बचाने में प्रभावी सिद्ध होने वाली है।

इसके अलावा किसान की फसल विशेष तौर पर सब्जियां और फल बर्बाद न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना चल रही है। इसके तहत देशभर में आधुनिक तकनीक से युक्त नए गोदाम बनाए जा रहे हैं। फूड पार्क बनाए जा रहे हैं। पूरी सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है। और ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसान को उसकी फसल नष्ट होने की वजह से नुकसान न झेलना पड़े। अनाज, फलों और सब्जियों में वैल्यू एडिशन से किसान की आय को कैसे बढ़ाया जा सकता है। इस दिशा में हमारे मंत्रि-परिषद की साथी हरसिमत जी और उनकी टीम लगातार प्रयास कर रही है।

फूड प्रोसेसिंग में 100 प्रतिशत एफडीआई का जो फैसला लिया गया है। उससे किसानों को और अधिक लाभ होने वाला है।

किसानों को अपनी उपज मंडियों तक लाने ले जाने में समस्या न हो, इसके लिए कनेक्टिविटी पर भी ध्यान दिया जा रहा है। आपका जो एनएच 54 है, उसको भारत माला परियोजना के तहत फोर लेन किया जा रहा है। वहीं, हिसार में एक बड़ा एयरपोर्ट बन रहा है। इससे हरियाणा के साथ-साथ पंजाब के हिस्से और राजस्थान को भी लाभ मिलने वाला है।

साथियो।

पंजाब ने तो खेती किसानी में हमेशा नए प्रयोग किए हैं। नए-नए मॉडल विकसित किए हैं। हरित क्रांति में पंजाब के किसानों की भूमिका रही, वैसा ही योगदान पंजाब में किसानों की नई पीढ़ी को दे सकती है। अब देश में दूसरी क्रांति का आधार ब्लू रिवोल्यूशन यानी मछली पालन, व्हाइट रिवोल्यूशन यानी दूध का उत्पादन, स्वीट रिवोल्यूशन यानी मधुमक्खी पालन हो सकता है। इसमें सरकार का पूरा साथ आपको मिलने वाला है। क्योंकि आय दोगुनी करने के लिए सिर्फ पारंपरिक खेती पर ही बल नहीं दिया जा रहा है। बल्कि इससे जुड़े दूसरे व्यवसाय जैसे ऑर्गेनिक फार्मिंग, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मछली पालन या फिर मुर्गी पालन इन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते चार वर्षों में पहले की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक दूध का उत्पादन हुआ। वहीं, यूपीए में चार वर्षों में जितना शहद पैदा हुआ उससे लगभग 30 प्रतिशत अधिक शहद बीते चार वर्षों में उत्पादन हुआ है।

साथियो।

आज इस मंच पर से एक और महत्वपूर्ण विषय पर बात करना चाहता हूं। ये विषय है पराली जलाने की समस्या। केद्र सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है ताकि आपको फसल काटने के बाद उसके बचे हुए हिस्से को जलाने के लिए मजबूर न होना पड़े। इसके लिए पंजाब, हरियाणा, यूपी, दिल्ली के लिए 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रावधान किया गया है। योजना का बजट का आधे से ज्यादा पंजाब पर केंद्रित है। आपको पराली जलानी न पड़े इसके लिए जो मशीनें चाहिए उसकी खरीदारी के लिए 50 प्रतिशत की सहायता भी सरकार आपको दे रही है।

मेरी अपील है ...। आप सबसे मेरी अपील है कि पंजाब और आस-पास के लोगों के स्वास्थ्य की चिंता को देखते हुए पराली को न जलाएं। एक अनुमान है पराली को न जलाकर उसे खेत में ही मिला दें तो खाद के खर्च पर प्रति हेक्टेयर 2000 रुपये बचते हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि इस योजना का भी लाभ उठाएं। इससे जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहेगी और धुएं से जो प्रदूषण फैलता है, उससे मुक्ति मिलेगी।

प्रदूषण की जब बात आती है तो पंजाब को बहुत ज्यादा भुगतना पड़ रहा है। मालवा के इस इलाके में तो कैंसर की गंभीर समस्या है। इसी को देखते हुए भटिंडा में एम्स का फैसला लिया गया। मेरा पंजाब सरकार से अनुरोध है कि उससे जुड़े कार्यों में जरा तेजी लाएं।

साथियो।

हमारी सरकार गरीब को सस्ती और अच्छी स्वास्थ्य सेवा देने के लिए कार्य कर रही है। जनऔषधि केंद्र हो या अमृत फार्मेसी। केंद्र कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवा पर 50 प्रतिशत तक छूट दे रही है। बहुत जल्द सरकार एक ऐसी व्यवस्था करने जा रही है कि देश के लगभग 50 करोड़ गरीब भाई बहन को एक साल में 5 लाख रुपए तक का इलाज की मुफ्त में व्यवस्था हो जाएगी।

साथियो।

गांव, गरीब और किसान के जीवन को सरल और सुगम बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी भावना के तहत राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान पूरे देश में चलाया चलाया जा रहा है। सबके पास जन धन बैंक खाते हो, उज्ज्वला का गैस कनेक्शन हो, हर घर में बिजली कनेक्शन हो, बीमा सुरक्षा हो, सभी का टीकाकरण किया हुआ हो, हर घर में एलईडी बल्ब हो, ये सुनिश्चित करने का एक बहुत बड़ा अभियान चलाया जा रहा है।

जनहित की जो योजनाएं, बड़ी योजनाएं सरकार चला रही है। इनसे पंजाब को, गांव, गरीब, किसान को सर्वाधिक लाभ हुआ है। आज यहां 60 लाख से अधिक जन धन खाते खुल चुके हैं। उज्ज्वला के तहत 7.5 लाख गैस कनेक्शन मिल चुके हैं। मुद्रा योजना से 23.5 लाख लोगों को बिना गारंटी कर्ज मिल चुका है, जिसमें से 13 लाख से अधिक तो पंजाब की हमारी माताएं बहनें हैं। लगभग 40 लाख लोग जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजना से जुड़े हैं। इसके तहत 50 करोड़ का क्लेम भी मिल चुका है। गांव का गौरव और किसान का सम्मान फिर से स्थापित करने की दिशा में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि मोदी को ये सब करते देख विरोधियों की नींद उड़ती ही जा रही है। उनकी रातें खराब हो रही है। किसी भी तरह झूठ फैलाकर, अफवाह फैलाकर लोगों को भड़काने में लगे हुए हैं।

भाइयो बहनो।

अगले वर्ष गुरु नानकदेव जी का 550वां प्रकाश पर्व है। ये प्रकाश पर्व के साथ ही हम सभी देशवासियों के लिए पूरी दुनिया की मानव जाति के लिए गुरु नानकदेव जी का प्रकाश पर्व एक प्रकार से प्रेरणा पर्व भी है। पूरी मानवता को उन्होंने जो रास्ता दिखाया। किसान, गरीब, पिछड़े, शोषित, उनके हक में जो आवाज उन्होंने उठाई। वो हम सभी के लिए जीवन पर्यंत मार्गदर्शक का काम करती है। वो इस महान धरती को जिस दिव्य और भव्य रूप में देखना चाहते थे। गरीब को किसान को जिस तरह से सशक्त देखना चाहते थे वो न्यू इंडिया का अहम संकल्प है। आइए इस संकल्प को साथ मिलकरके सिद्ध करें, नए भारत का निर्माण करें।

और मैं हरियाणा के मुख्यमंत्री जी को, हरियाणा की सरकार को और वहां की जनता को विशेष रूप से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। कल जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस वर्ल्ड बैंक के साथ जो मिलकरके जो रिपोर्ट प्रकट हुई है। उसमें हरियाणा प्रांत ने पूरे देश में बहुत बड़ी छलांग लगाकरके तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। मैं इसके लिए मनोहर लाल जी खट्टर को, उनकी सरकार को और हरियाणा की जनता को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। और मैं पंजाब के लोगों को कहना चाहता हूं कि पंजाब के लोग जरा यहां की सरकार को पूछो तो, कांग्रेस को तो जरा पूछो तो वर्ल्ड बैंक ने जो रिपोर्ट दी है। उसमें पंजाब क्यों पिछड़ गया। बादल साहब जहां छोड़कर गए थे, वहां से गिरता ही चला जा रहा है, गिरता ही चला जा रहा है। जरा पंजाब की जनता इनसे भी जवाब मांगे कि इतने कम समय में पंजाब का क्या हाल बनाकर रख दिया है।

मेरा यह सौभाग्य है कि जब भी किसान के विषय पर मुझे किसी से कुछ मार्गदर्शन चाहिए तो आज मैं कह सकता हूं कि प्रकाश सिंह जी बादल साहब वो ऐसे किसानों के समर्पित नेता हैं जो किसान की हर कठिनाई भलीभांति जानते हैं और समस्याओं के समाधान के रास्ते जानते हैं और हमें मार्गदर्शन करते रहे हैं। आज समय निकालकरके हमें आशीर्वाद देने के लिए स्वयं प्रकाश सिंह जी बादल साहब पधारे। मैं अंतकरणपूर्वक उनका ह्रदय से मैं आभार प्रकट करता हूं। और मैं आपका भी जो इतनी गर्मी में और एक प्रकार के किसानी के काम का समय होता है, उस समय भी आप आशीर्वाद देने के लिए पधारे, गर्मजोशी से हम सबको आशीर्वाद दिए, सत्कार सम्मान किया। इसके लिए मैं आप सबका फिर एक बार ह्रदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, धन्यवाद करता हूं। जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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With end of Articles 370 and 35 (A), there’s peace, hope and democracy in J&K

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Text of PM’s speech at interaction with the beneficiaries of Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana in Uttar Pradesh
August 05, 2021
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August 5 is becoming a significant date in the Indian History as abrogation of 370, and Ram Mandir are associated with this: PM
Our youth has taken a big step in re-establishing the glory of our national game hockey today: PM
Our youth is scoring goal of victory whereas some are doing self-goal due to political selfishness: PM
India’s youth has firm belief that both they and India are on the move.: PM
This great country cannot become hostage to selfish and anti-national politics: PM
Double engine government has ensured that the schemes made for the poor, downtrodden, backward, tribals are implemented expeditiously in UP: PM
Uttar Pradesh was always seen through the prism of politics. The confidence that UP can become the powerhouse of India's growth engine has emerged in recent years: PM
This decade is the decade of making up for the shortfall of the last 7 decades for Uttar Pradesh: PM

नमस्ते,

आज आप सभी से बात करके बहुत संतोष हो रहा है। संतोष इस बात का, कि दिल्ली से अन्न का जो एक-एक दाना भेजा गया, वो हर लाभार्थी की थाली तक पहुंच रहा है। संतोष इस बात का कि पहले की सरकारों के समय उत्तर प्रदेश में गरीब के अनाज की जो लूट हो जाती थी उसके लिए अब वो रास्ता नहीं बचा है। यूपी में जिस तरह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को लागू किया जा रहा है, वो नए उत्तर प्रदेश की पहचान को और मजबूत करती है। मुझे आप से बात करकर के बहुत अच्छा लगा, और जिस हिम्मत के साथ आप बोल रहे थे, जिस विश्वास के साथ बोल रहे थे। और सच्चाई, आपके हर शब्द में सचचाई निकलती थी। उससे मुझे इतना संतोष मिला। आप लोगों के लिए काम करने के लिए मेरा उत्साह आज बढ़ गया है। चलिए आपसे बात करके तो बात जितनी बात करे कम पड जाएगी। आईए अब कार्यक्रम की और चलते हैं।

आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी भी हैं, कर्मयोगी भी हैं। ऐसे हमारे योगी आदित्यनाथ जी, यूपी सरकार के हमारे सभी मंत्रिगण, संसद में मेरे सभी सहयोगी, सभी सांसद विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष और विशाल संख्या में उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में आज इकटठे हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, अगस्त का ये महीना भारत के इतिहास में उसकी शुरूआत ही देखिए, एक प्रकार से उपलब्धियां लेकर के आई है। ऐसा लग रहा है कि भारत की विजय की शुरूआत हो चुकी है। इसमें भी आज की ये 5 अगस्त की तारीख बहुत विशेष बन गई है। बहुत महत्वपूर्ण बन गयी है। इतिहास इसको सालों तक दर्ज करेगा। ये 5 अगस्त ही है, जब 2 साल पहले देश ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को और सशक्त किया था। करीब – करीब सात दशक के बाद दो साल पहले 5 अगस्त को ही, आर्टिकल-370 को हटाकर जम्मू कश्मीर के हर नागरिक को हर अधिकार, हर सुविधा का पूरा भागीदार बनाया गया था। यही 5 अगस्त है जब पिछले साल कोटि-कोटि भारतीयों ने सैकड़ों साल बाद भव्य राम मंदिर के निर्माण की तरफ पहला कदम रखा। आज अयोध्या में तेजी से राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। और आज 5 अगस्त की तारीख, फिर एक बार हम सभी के लिए, उत्साह और उमंग लेकर आई है। आज ही, ओलंपिक के मैदान पर देश के युवाओं ने हॉकी के अपने गौरव को फिर से स्थापित करने की तरफ बड़ी छलांग लगाई है। करीब 4 दशक के बाद ये सवर्णिम पल आई है। जो हॉकी हमारी राष्ट्रीय पहचान रही है। आज हमारे युवाओं ने उस गौरव को पुन: हासिल करने की तरफ बहुत बड़ा देश को तोहफा दिया है। और ये भी संयोग है, कि आज ही यूपी के 15 करोड़ लोगों के लिए इतना पुण्य आयोजन हो रहा है। मेरे गरीब परिवार के भाइयों – बहनों को, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को, अनाज तो करीब - करीब एक साल से ज्यादा समय से मुफ्त में मिल रहा है। लेकिन मुझे उसमे शरीक होकर के इस पुण्य कार्यक्रम में आकर के आप सबके दर्शन करने का आज मुझे अवसर मिला है।

भाइयों और बहनों,

एक तरफ हमारा देश, हमारे युवा, भारत के लिए नई सिद्धियां प्राप्त कर रहे हैं, जीत का Goal के बाद Goal कर रहे हैं, तो वहीं देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो राजनीति स्वार्थ में डूबकर ऐसी चीजें कर रहे हैं। लगता है Self Goal करने में जुटे हैं। देश क्या चाहता है, देश क्या हासिल कर रहा है, देश कैसे बदल रहा है इसमे इनको कोई सरोकार नहीं। ये लोग अपने स्वार्थ के लिए देश का समय और देश की भावना, दोनों को आहत करने में जुटे हैं। भारत की संसद का, जनभावनाओं की अभिव्यक्ति के पावन स्थान का, ये लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से निरंतर अपमान कर रहे हैं। आज पूरा देश, मानवता पर आए सबसे बड़े संकट से 100 साल में आया हुआ पहली बार आया हुआ इतने बड़े संकट से बाहर निकलने के लिए जी-जान से देश का हर नागरिक जुटा है। प्रयास कर रहा है। और ये लोग, कैसे देशहित के काम को रोका जाए, इसकी स्पर्धा में लगे हैं। इस होड़ में जुटे हैं। लेकिन साथियों, ये महान देश, इस देश की महान जनता ऐसी स्वार्थ और देशहित विरोधी राजनीति का बंधक नहीं बन सकता। ये लोग देश को, देश के विकास को रोकने की कितनी भी कोशिश कर लें, ये देश इनसे रुकने वाला नहीं है। वो संसद को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन 130 करोड़ की जनता देश को रुकने न देने में लगे हुए हैं। हर कठिनाई को चुनौती देते हुए, देश हर मोर्चे पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सिर्फ बीते कुछ हफ्तों के कीर्तिमान ही देखें, और जरा देखिए जब देश नए किर्तिमान स्थापित कर रहा था। और कुछ लोग दिल्ली में संसद को रोकने में लगे हुए थे। कुछ ही सप्तहों में जो हमने किर्तिमान देखे तो भारतीयों का सामर्थ्य और सफलता चारों तरफ नजर आता है। ओलंपिक में अभूतपूर्व प्रदर्शन को पूरा देश उत्साहपूर्व देख रहा है। भारत टीकाकरण के मामले में भी 50 करोड़ के पड़ाव के बिल्कुल दरवाजे पर आकर के खड़ा हो गया है। देखते ही देखते उसको भी पार कर जाएगा। इस कोरोना कालखंड में भी भारतीयों का उद्यम नए प्रतिमान गढ़ रहा है। जुलाई में GST का कलेक्शन हो या हमारा एक्सपोर्ट हो, ये नई ऊंचाई छू रहे हैं। जुलाई में 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपए का GST कलेक्शन होना ये बताता है कि अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है। वहीं आजादी के बाद पहली बार किसी एक महीने में भारत का एक्सपोर्ट ढाई लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो गया। ढाई लाख करोड़ से भी पार कर गया। ढाई लाख करोड़ रुपए से पार होना आजादी के बाद पहली बार इस महीने में हुआ है। कृषि निर्यात में हम दशकों बाद दुनिया के टॉप-10 देशों में शामिल हुए हैं। भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। लेकिन दशकों बाद टॉप-10 में हमारा नाम आया है। भारत का गौरव, देश का पहला मेड इन इंडिया, विमान वाहक पोत विक्रांत, समंदर में अपना ट्रायल शुरु कर चुका है। हर चुनौती को चुनौती देते हुए भारत ने लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड का निर्माण पूरा किया है। हाल ही में भारत ने e-RUPI लॉन्च किया है, जो आने वाले समय में डिजिटल इंडिया को मजबूती देगा और welfare scheme को बिल्कुल targeted और purpose को परिपूर्ण करेगा।

साथियों,

जो लोग सिर्फ अपने पद के लिए परेशान हैं, वो अब भारत को रोक नहीं सकते। नया भारत, पद नहीं पदक जीतकर के दुनिया में छा रहा है। नए भारत में आगे बढ़ने का मार्ग परिवार नहीं, बल्कि परिश्रम से तय होगा। और इसलिए, आज भारत का युवा कह रहा है- भारत चल पड़ा है, भारत का युवा चल पड़ा है।

साथियों,

इस कड़ी में योगी जी और उनकी सरकार ने जो आज का ये कार्यक्रम रखा है वो और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। इस मुश्किल समय में, एक भी गरीब ऐसा ना हो, जिसके घर में राशन ना हो, ये सुनिश्चित करना बहुत ज़रूरी है।

साथियों,

सौ साल का ये सबसे बड़ा संकट सिर्फ महामारी का ही नहीं है। बल्कि इसने कई मोर्चों पर देश और दुनिया की अरबों की आबादी को, पूरी मानवजात को अपनी चपेट में लिया है। और वो एक सबसे बड़ी चुनौतियां पैदा कर रहा है। अतीत में हमने अनुभव किया है कि जब देश पर पहले इस तरह का बड़ा संकट आता था तो देश की तमाम व्यवस्थाएं बुरी तरह से चरमरा जाती थी, हिल जाती थीं। लोगों का विश्वास भी डिग जाता था। लेकिन आज भारत, भारत का प्रत्येक नागरिक पूरी ताकत से इस महामारी का मुकाबला कर रहा है। मेडिकल सेवाओं से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हो, दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त टीकाकरण अभियान हो या फिर भारतवासियों को भुखमरी से बचाने का सबसे बड़ा अभियान हो, लाखों करोड़ रुपए के ये कार्यक्रम आज भारत सफलता के साथ आगे बढ़ा रहा है। महामारी के इस संकट के बीच, भारत ने बड़ी संख्या में रोज़गार निर्माण करने वाले लोग और बड़े-बड़े मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी रुकने नहीं दिया। मुझे खुशी है कि यूपी और यूपी के लोगों ने देश के सामर्थ्य को बढ़ाने के लिए, कंधे से कंधा मिलाकर के काम किया। यूपी में चल रहे हाईवे, एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और डिफेंस कॉरीडोर जैसे प्रोजेक्टस जिस गति से आगे बढ़ रहे हैं। ये उसका जीता - जागता उदाहरण हैं।

साथियों,

इतने संकट के बावजूद आज देश राशन से लेकर के दूसरे खाने-पीने के सामान की कीमतों को पूरी दुनिया में तूफान मचा हुआ है। ऐसे में हमे मालूम है छोटी सी भी ज्यादा बाढ़ भी आ जाये। दूध और सब्जी के भाव भी कितने बढ़ जाते हैं। थोड़ी भी असुविधा हो तो महंगाई कितनी बढ़ जाती है। हमारे सामने भी बड़ी चुनौती है। लेकिन मैं मेरे गरीब मध्यम वर्ग के भाई – बहनों को विश्वास दिलाता हूं। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। ताकि इसको नियंत्रण में हम रख पाएं, और ये भी आप सब को सहयोग से संभव होने वाला है। कोरोना काल में भी खेती और इससे जुड़े कामों को रुकने नहीं दिया गया, उन्हें पूरी सतर्कता के साथ जारी रखा गया। किसानों को बीज से लेकर खाद तक और फिर उपज बेचने तक समस्याएं ना हों, इसके लिए उचित प्रबंध किए गए। परिणाम हुआ कि हमारे किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन किया और सरकार ने भी MSP पर खरीदने के नए कॉर्ड स्थापित किए। और हमारे योगी जी की सरकार ने तो बीते 4 सालों में MSP पर खरीद में हर साल नए-नए रिकॉर्ड बनाए हैं। यूपी में इस साल गेहूं और धान की खरीद में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी संख्या में किसानों को MSP का लाभ पहुंचा है। यूपी के 13 लाख से अधिक किसान परिवारों को उनकी उपज का लगभग 24 हज़ार करोड़ रुपए सीधा उनके बैंक अकाउंट में पहुंचाया गया है।

साथियों,

केंद्र और उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार सामान्य जन की सुविधा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कोरोना कालखंड के बावजूद गरीबों को सुविधाएं देने का अभियान मंद नहीं पड़ा। यूपी में अभी तक 17 लाख से अधिक ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों को अपने पक्के घर स्वीकृत हो चुके हैं। लाखों गरीब परिवारों को घर में ही शौचालय की सुविधा मिली है। लगभग डेढ़ करोड़ गरीब परिवारों को उज्जवला के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन और लाखों परिवारों को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। हर घर जल पहुंचाने का मिशन भी यूपी में तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। बीते 2 सालों के भीतर यूपी में 27 लाख ग्रामीण परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया जा चुका है।

भाइयों और बहनों,

डबल इंजन की सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों के लिए बनी योजनाएं ज़मीन पर तेज़ी से लागू हों। पीएम स्वनिधि योजना भी इसका एक बड़ा उदाहरण है। कोरोना से बनी परिस्थितियों में, इस कोरोना काल में जो परिस्थितियां बनी। रेहड़ी-पटरी-ठेला लगाने वाले बहनों-भाइयों की आजीविका फिर से पटरी पर आए इसके लिए उनको बैंकों से जोड़ा गया है। बहुत कम समय में ही इस योजना के तहत यूपी के लगभग 10 लाख साथियों को इसका लाभ देने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

साथियों,

बीते दशकों में उत्तर प्रदेश की हमेशा क्या पहचान बनीं, क्या उल्लेख होता था उत्तर प्रदेश का आपको याद होगा। उत्तर प्रदेश को हमेशा राजनीति के चश्मे से देखा गया है। यूपी देश के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है, इसकी चर्चा तक ही नहीं होने दी गई। दिल्ली के सिंहासन का रास्ता, यूपी से होकर गुज़रता है, इसका सपना देखने वाले तो बहुत लोग आए और गए, लेकिन ऐसे लोगों ने कभी ये याद नहीं रखा कि भारत की समृद्धि का रास्ता भी यूपी से होकर ही गुज़रता है। इन लोगों ने उत्तर प्रदेश को सिर्फ राजनीति का ही केंद्र बनाए रखा गया। किसी ने वंशवाद के लिए, किसी ने अपने परिवार के लिए, किसी ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, यूपी को सिर्फ इस्तेमाल किया गया। इन लोगों की संकीर्ण राजनीति में, भारत के इतने बड़े राज्य को भारत की आर्थिक प्रगति से जोड़ा ही नहीं गया। हां कुछ लोग जरुर समृद्ध हुए, कुछ परिवार जरूर आगे बढ़े। इन लोगों ने यूपी को नहीं बल्कि खुद को समृद्ध किया। मुझे खुशी है कि आज उत्तर प्रदेश, ऐसे लोगों के कुचक्र से बाहर निकलकर आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन की सरकार ने यूपी के सामर्थ्य को एक संकुचित नज़रिए से देखने का तरीका बदल डाला है। यूपी भारत के ग्रोथ इंजन का पावर हाउस बन सकता है, ये आत्मविश्वास बीते सालों में पैदा हुआ है। यूपी के इतिहास में पहली बार सामान्य युवाओं के सपनों की बात हो रही है। यूपी के इतिहास में पहली बार अपराधियों में भय का माहौल पैदा हुआ है। यूपी के इतिहास में पहली बार, गरीबों को सताने वालों, कमज़ोर वर्गों को डराने-धमकाने और अवैध कब्जा करने वालों के मन में डर पैदा हुआ है।

जिस व्यवस्था को भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की लत गई थी, उसमें सार्थक बदलाव की शुरुआत हुई है। आज यूपी में ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनता के हिस्से का एक-एक पैसा सीधे जनता के खातों में पहुंचे, जनता को लाभ हो। आज यूपी निवेश का केंद्र बन रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियां आज यूपी आने के लिए लालाइत हो रही हैं। यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर के मेगा प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन रहे हैं, रोज़गार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

भाइयों और बहनों,

उत्तर प्रदेश, यहां के परिश्रमी लोग, आत्मनिर्भर भारत, एक वैभवशाली भारत के निर्माण का बहुत बड़ा आधार हैं। आज हम आज़ादी के 75 वर्ष का पर्व मना रहे हैं, आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ये महोत्सव सिर्फ आज़ादी का उत्सव भर ही नहीं है। बल्कि ये आने वाले 25 वर्षों के लिए बड़े लक्ष्यों, बड़े संकल्पों का अवसर है। इन संकल्पों में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भागीदारी है, बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। बीते दशकों में उत्तर प्रदेश जो हासिल नहीं कर पाया, अब उसे हासिल करने की बारी आई है। ये दशक एक तरह से उत्तर प्रदेश के पिछले 7 दशकों में जो कमी रह गई उसकी भरपाई करने का दशक है। ये काम यूपी के सामान्य युवाओं, हमारी बेटियों, गरीब, दलित, वंचित, पिछड़ों की पर्याप्त भागीदारी और उनको बेहतर अवसर दिए बगैर नहीं हो सकता। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसी मंत्र के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। बीते समय में शिक्षा से जुड़े दो बड़े फैसले ऐसे हैं, जिसका उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा लाभार्थी होने वाला है। पहला फैसला इंजीनियरिंग की पढ़ाई से जुड़ा है। इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन से जुड़ी पढ़ाई से यूपी के गांव और गरीब की संतान बहुत हद तक भाषा की समस्या के कारण वंचित रह जाता था। अब इस बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। हिंदी सहित अनेक भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन की पढ़ाई शुरु हो रही है। आधुनिक टेक्नॉलॉजी का उपयोग करते हुए, बेस्ट कोर्स, श्रेष्ठपाठ्यक्रम तैयार किया गया है। देश के अनेक राज्यों के संस्थानों ने ये सुविधा लागू करनी शुरू कर दी है।

भाइयों और बहनों,

एक और अहम फैसला है मेडिकल शिक्षा से जुड़ा। मेडिकल शिक्षा में अखिल भारतीय कोटे से ओबीसी को, पिछड़ों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखा गया था। इस स्थिति को बदलते हुए हाल में हमारी सरकार ने इसमें ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया है। यही नहीं, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों के बच्चों के लिए भी जो 10 प्रतिशत आरक्षण है, उसको भी इसी सेशन से लागू किया गया है। इस फैसले से मेडिकल प्रोफेशन में जो डॉक्टर बनना चाहते हैं। उस क्षेत्र में एक बड़े टैलेंट पूल को अवसर मिलेगा और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने के लिए, बेहतर करने के लिए, प्रोत्साहन मिलेगा। गरीब की बच्चें को डॉक्टर बनने का रास्ता खोला है।

भाइयों और बहनों,

हेल्थ सेक्टर में भी बीते सालों में उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व काम हुआ है। कल्पना कीजिए 4-5 साल पहले अगर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी आती तो यूपी की क्या स्थिति होती? तब तो सामान्य सर्दी-बुखार, हैज़ा जैसी बीमारियां तक जीवन के लिए संकट बन जाती थीं। आज उत्तर प्रदेश कोरोना टीकाकरण के मामले में करीब-करीब सवा पाँच करोड़ के पड़ाव पर पहुंचने वाला पहला राज्य बन रहा है। वो भी तब जब राजनीतिक विरोध मात्र के लिए मेड इन इंडिया वैक्सीन को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाया गया, झूठ प्रचारित किया गया। लेकिन यूपी की समझदार जनता ने हर भ्रम, हर झूठ को नकार दिया। मुझे विश्वास है कि उत्तर प्रदेश, सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन अभियान को और तेज़ गति से आगे बढ़ाएगा। और मास्क, दो गज़ की दूरी के नियमों में ढील नहीं आने देगा। एक बार फिर से पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के सभी लाभार्थियों को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। और आने वाला समय तो त्योहारों का समय है। दीवाली तक त्योहार ही त्योहार आ रहे हैं। और इसलिए हमने तय किया है। कि इन त्योहारों में हमारे किसी गरीब परिवार को तकलीफ न हो। इसलिए दीवाली तक ये मुफ्त राशन देने का चालू रहेगा। मैं फिर एक बार आप सबको आने वाले सभी त्योहारों के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आप स्वस्थ रहें, आपका परिवार स्वस्थ रहे। बहुत बहुत धन्यवाद !!