PM Modi holds #ParivartanRally in Jehanabad, Bihar
Congratulate the election commission for their arrangements on polling day: PM #ParivartanRally
Once the followers of JP, now caught in corruption on his birth anniversary... Can't be anything worse than this: PM
Till BJP was a part of Government in Bihar, there was no corruption: PM
Our leaders talk about developing Bihar, other parties are busy attacking Modi: PM #ParivartanRally
I urge people of Bihar to vote for BJP led NDA Govt for development of the state: PM Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

तोहनी सबके प्रणाम करै हीयो। मंच पर विराजमान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता श्रीमान जीतन राम मांझी जी, यहीं के जनप्रिय सांसद एवं मेरे मित्र डॉ. अरुण कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमान शाहनवाज़ हुसैन जी, विधान पार्षद श्री कृष्ण कुमार जी, श्री अनिल शर्मा जी, श्री संजीव श्याम सिंह, श्री आशीष सूद जी, हम पार्टी के महासचिव श्री वीरेन्द्र कुमार सिंह, श्री राधा मोहन शर्मा, श्री नरेश कुमार, जिलाध्यक्ष श्रीमती पूनम शर्मा जी, भाई शिवराज सिंह, और इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार श्री प्रेम कुमार जी, चित्तरंजन कुमार जी, मसौढ़ी से हम पार्टी की उम्मीदवार नूतन पासवान जी, वजीरगंज से भाजपा के उम्मीदवार वीरेन्द्र सिंह जी, हमारे उम्मीदवार श्री अरविंद कुमार सिंह जी, कोसी से हम पार्टी के उम्मीदवार श्री राहुल कुमार, बेलागंज से हम पार्टी के उम्मीदवार श्यामली जी, जहानाबाद से रालोसपा के उम्मीदवार प्रवीण कुमार जी, रालोसपा के उम्मीदवार अशोक कुमार वर्मा जी; मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में आये हुए मेरे भाईयों और बहनों

ये मौसम ऐसा होता है जिस मौसम में बड़ी चिलचिलाती गर्मी होती है। चमड़ी को भी चीर डाले, ऐसी भयंकर गर्मी होती है। चुनाव की गर्मी भी होती है और ऐसे माहौल में भी इतनी बड़ी विशाल जनसभा होना... जहानाबाद के दोस्तों, मेरी शिकायत है और मेरी शिकायत मेरे मित्र अरुण से भी है। मैं लोकसभा के चुनाव में भी यहाँ आया था; लोकसभा के चुनाव में मैं ख़ुद चुनाव लड़ रहा था, अरुण चुनाव लड़ रहा था लेकिन आधे लोग भी नहीं आये थे और आज मैं देख रहा हूँ ऐसा जनसैलाब। हवा का रूख क्या है, उसका पूरा-पूरा पता चल जाता है। उस समय आधे लोग थे, फिर भी जीत गए और इस समय तो इतनी बड़ी भीड़ हमें समर्थन देने के लिए आई है।

भाईयों और बहनों, आज एक हिस्से में मतदान जारी है। मुझे जानकारी मिली कि मतदाता बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से और काफ़ी उमंग और उत्साह के साथ भारी संख्या में मतदान कर रहे हैं। आज जहाँ मतदान हो रहा है, मैं वहां के सभी मतदाताओं को ह्रदय से अभिनंदन करता हूँ। वे आज अपने अधिकार का उपयोग करने जा रहे हैं। मैं चुनाव आयोग का भी अभिनंदन करता हूँ क्योंकि जब मैं दिल्ली से निकला तो मैंने टीवी पर एक पोलिंग बूथ देखा जहाँ पर जो मतदाता लाईन में खड़े रहते हैं, उनके लिए बैठने और पानी पीने का प्रबंध था। मैं सच में मानता हूँ कि हमारे देश में मतदान के दिन चुनाव आयोग ऐसी व्यवस्था करे, ये अपने आप में एक गौरवपूर्ण विषय है। भारत के लोकतंत्र की ताकत, इसकी निष्पक्षता की ताकत, और चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा, पूरे विश्व में ऐसी प्रतिष्ठा बनी है जिस पर हम गर्व कर सकें। मैं सभी का ह्रदय से अभिनंदन करता हूँ और बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

कल लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जन्म जयंती थी। हिन्दुस्तान में हर जगह उनकी जन्मतिथि मनाई गई। 113वीं जन्म जयंती थी। सभी जगह से दो बातें प्रमुख रूप से उभर कर आई। एक – जयप्रकाश जी लोकतंत्र के प्रति समर्पण और दूसरा भ्रष्टाचार के खिलाफ़ उनका संघर्ष। हर जगह एक ही आवाज़ थी कि 1975 में लोकतंत्र की हत्या की गई थी, जयप्रकाश बाबू को जेल में डाल दिया गया था और जयप्रकाश बाबू का एक ही गुनाह था कि वे देश में भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए मैदान में आए थे और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ देश को तैयार कर रहे थे। पूरे हिन्दुस्तान ने जयप्रकाश जी की जयंती भ्रष्टाचार के खिलाफ़ संकल्प करके मनाया लेकिन जो उन्हीं के चेले कहे जाते हैं और उन्हीं की उंगली पकड़कर राजनीति में आए और दिन-रात जेपी-जेपी बोल करके राजनीति करते रहते थे, उन्होंने कल जयप्रकाश जी का जन्मदिन कैसे मनाया? मैंने तो रात को मुंबई से आने के बाद टीवी पर देखा, 4 लाख रूपया... जयप्रकाश जी के जन्मदिन पर उनकी विरासत का दावा करने वाले उनके जन्मदिन पर उनका ऐसा अपमान कभी नहीं हुआ होगा।

भाईयों-बहनों, जब तक भाजपा यहाँ सरकार का हिस्सा थी, तब तक कोई स्टिंग ऑपरेशन नहीं हुआ और न ही कोई भ्रष्टाचार की घटना घटी लेकिन जैसे ही ये महाशय ने नए जोड़ीदार ढूंढ लिये, जिनका इतिहास इन्हीं कामों में मशहूर है और जिन कामों पर न्यायालय ने भी ठप्पा मार दिया है, सारी बाजी बिगाड़ने लगी, लोग बिगड़ने लगे, उनके कारनामे बिगड़ने लगे। अगर यही चला तो बिहार में कुछ बचेगा क्या? ये रूपयों का खेल चलता रहेगा तो आप पैसे कहाँ से लाओगे? अगर आपको नौकरी चाहिए तो क्या आप 4 लाख रूपये ला पाओगे क्या? आपको कोई काम करवाना है तो 4 लाख रूपये ला सकते हो क्या? अगर 4 लाख रूपये की बोली लगती है, हिसाब-किताब इस तरह से होता है और सरकार में रहते हुए होता है... जयप्रकाश जी को अगर सच्ची श्रद्धांजलि देनी है तो इस पाप के साथ जिस राजनीतिक पार्टी का संबंध है, जिस गठबंधन का संबंध है, चुन-चुन कर ऐसे लोगों को साफ़ कर दो।

जब मैं आज जहानाबाद आया हूँ तो स्वाभाविक रूप से मुझे शहीद जगदेव बाबू की याद आती है। बिहार की राजनीति में वंचितों के लिए लड़ाई लड़ने वाले, जीवन खपाने वाले जगदेव बाबू; उनकी हत्या किस समय हुई, किसकी सरकार थी, सरकार में बैठे हुए किन-किन लोगों पर आरोप लगे थे? तब जगदेव बाबू खुद सरकार में मंत्री थे लेकिन इसके बावजूद उन्हें मार दिया गया था। वे वंचितों, पीड़ितों, शोषितों की आवाज़ थे, उस आवाज़ को दबा दिया गया और अब तक बिहार को पता तक नहीं चलने दिया कि जगदेव बाबू को कैसे मार दिया गया।

मैं आज जहानाबाद की धरती पर बिहार के मुख्यमंत्री, लालू जी से सवाल पूछता हूँ कि आप ऐसी कांग्रेस पार्टी के साथ कैसे बैठ सकते हो जिसने वंचितों के लिए उठाने वाली आवाज़ को दबा दिया, जगदेव बाबू को मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसे लोगों के साथ आप कैसे समझौता कर सकते हैं? सत्ता के लिए ये जो स्वार्थ का बंधन हुआ है, इनको पहचानने की आवश्यकता है। आपने देखा होगा इस चुनाव में दो बातें प्रमुख रूप से उभर करके आई हैं। एक बात जो हम सब लोग बोलते हैं कि बिहार के विकास के लिए हमें मौका दीजिए। हम बिहार के विकास के लिए वोट मांग रहे हैं। हमारा एक ही एजेंडा है – बिहार का विकास। उनके भाषण सुनिये, क्या बोलते हैं; पत्रकार प्रश्न पूछें या प्रेस कांफ्रेंस करें तो क्या बोलते हैं – हम मोदी का विनाश करके रहेंगे। भाईयों-बहनों, निर्णय आपको करना है कि इस चुनाव में बिहार के विकास के लिए वोट देना है कि नहीं देना है? बिहार को विकास चाहिए कि नहीं?

मोदी का विनाश – क्या ये चुनाव का मुद्दा हो सकता है क्या? चुनाव क्या ऐसे मुद्दों पर लड़ा जाता है क्या? आए दिन एक ही बात एक नेता तो यहाँ तक कहते हैं कि एक बार बिहार निपट जाएगा तो मोदी दिल्ली में भी ख़त्म हो जाएगा। लोकतंत्र किसी को ख़त्म करने के लिए नहीं होता है बल्कि लोकतंत्र जनता-जनार्दन की आशा-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए होता है। राजनीतिक दलों को विकास का एक एजेंडा लेकर जाना होता है और तब जाकर सामान्य मानविकी की आशा-आकांक्षाएं पूरी होती हैं।

हमने बिहार को 1 लाख 65 हज़ार करोड़ रुपये का पैकेज दिया। 1 लाख 25 हज़ार करोड़ रुपये का पैकेज नए विकास के लिए और 40 हज़ार करोड़ का पैकेज, जिसकी कागज़ पर तो योजना बनी थी लेकिन दिया नहीं गया। मुझे बताईये कि अगर इतना रूपया बिहार के विकास में लगता है तो बिहार का भाग्य बदलेगा कि नहीं बदलेगा? बिहार के नौजवान को रोजगार मिलेगा कि नहीं मिलेगा? चारों तरफ बिहार की जय-जयकार होगी कि नहीं होगी? मैं यही सपना लेकर आपके बीच आया हूँ। मैं चाहता हूँ बिहार हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी ताकत बन जाए; बिहार आर्थिक रूप से संपन्न बन जाए; यहाँ के नौजवान को रोजगार मिल जाए; बिहार विकास की नई ऊँचाईयाँ प्राप्त कर ले और इसलिए मैं आपका जन समर्थन मांगने के लिए आया हूँ।

बिहार में एक कठिनाई लंबे अर्से से चल रही है। मैं प्रार्थना करने आया हूँ पिछले 30 साल से बिहार में जिसकी सरकार होती है, दिल्ली में उससे हमेशा झगड़ा ही होता है या दिल्ली में जिसकी सरकार होती है, उसका बिहार से हमेशा झगड़ा होता है। बिहार और दिल्ली लड़ते रहें, दोनों में आशंका हो, ये स्थिति अच्छी है क्या? इसके कारण हमारे 30 साल बर्बाद हुए। पहली बार ऐसा मौका आया है जिसमें दिल्ली में जो सरकार है, लोगों ने उसकी मित्र सरकार बिहार में बनाने का फ़ैसला कर लिया है। पहले बिहार सरकार की ताकत दिल्ली से लड़ने में जाती थी। कुछ भी नहीं होता था तो दिल्ली को गाली देते थे और वे यहाँ बच जाते थे। अब बिहार को ऐसी सरकार चाहिए जिसका जवाब बिहार सरकार को भी देना पड़े और दिल्ली सरकार को भी देना पड़े।

मैं आग्रह करता हूँ कि आप इस बार ऐसी सरकार बनाईए जिसके साथ मुझे कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का अवसर मिले। मुझे बिहार के लिए काम करना है लेकिन अगर यहाँ रुकावट करने वाली सरकार होगी तो मैं दिल्ली से लाख कोशिश करूंगा, ये राजनीति करते रहेंगे और बिहार बर्बाद होता रहेगा और देश कभी आगे नहीं बढ़ेगा। बिहार के लिए एक मित्र सरकार चाहिए। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार चाहिए ताकि दिल्ली और बिहार के बीच 30 साल से जो संघर्ष चल रहा है, वो समाप्त हो जाए और बिहार विकास की नई ऊंचाईयों पर पहुँच जाए।

मैं आज कुछ आंकड़े देख रहा था और मैं हैरान हो गया कि क्या स्थिति है; बिहार सरकार कैसे काम कर रही है। भारत सरकार ने जो पैसे दिये, इन पैसों का क्या हाल है, आप देखिये। अगर ऐसी सरकार बिहार आई तो 1 लाख 65 हज़ार के पैकेज का क्या होगा। आज जो सरकार है, उसका हाल क्या है – शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार ने जो पैसे भेजे, उसमें से 1000 करोड़ रुपये का हिसाब बिहार सरकार ने नहीं दिया काम ऐसे चल सकता है? सरकार ऐसी चलाओगे क्या? सिर्फ़ शिक्षा में 1000 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिला। स्वास्थ्य के क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये का हिसाब अभी तक बिहार सरकार ने नहीं दिया है। गरीब, पिछड़े वर्ग की छात्राओं के लिए जो पैसे भेजे गए, उसमें से अब तक 300 करोड़ रुपये का हिसाब दिल्ली सरकार को नहीं दिया गया। अब बताईये कि अगर दिल्ली से पैसे आएं और यहाँ की सरकार हिसाब देने के लिए भी तैयार न हो और इतने पैसों का कोई अता-पता ही न हो तो बताईये कि वो पैसा क्या आपके काम आएगा?

पिछले वर्ष बिहार के विकास के लिए, अलग-अलग योजनाओं के लिए 9100 करोड़ रुपये भेजे गए और आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें से 5000 करोड़ रुपये बैंक में ही पड़े हुए हैं। ऐसी सोई पड़ी सरकार होगी, दिन-रात राजनीति में डूबी पड़ी सरकार होगी तो क्या होगा इनको लेने की फुर्सत नहीं है क्योंकि कोई योजना नहीं है। ये ऐसी सरकार है कि बैंक में पैसे सड़ते रहें, ये राजनीति करते रहें, उनका यही कारोबार चल रहा है। इसलिए मैं अनुरोध करता हूँ कि ऐसी सरकार जो पैसे के बावजूद योजना नहीं बना पा रही है और न काम कर पा रही है, ऐसी सरकार को आप कितने भी पैसे दे दो, कुछ नहीं कर पाएगी। बिहार का भाग्य बदलने का मेरा सपना है और इसके लिए मुझे साथ देने वाली सरकार दीजिए ताकि मैं बिहार का कल्याण कर सकूँ और आपको हिसाब दे सकूँ।

हमने इतना बड़ा पैकेज दिया और सिर्फ़ बातें नहीं की। यहाँ अच्छे रास्ते होने चाहिए और इसके लिए 54,000 करोड़ रूपया बिहार को सड़कें बनाने के लिए दी गई। गांवों में पक्की सड़क हों, 13,800 करोड़ रूपये की लगत से बिहार में 22 हज़ार किमी लंबी ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाने का हमने निर्णय किया है। जैसे शरीर में शिरा और धमनी होती है, वैसे ही बिहार की आर्थिक प्रगति के लिए एक तरफ राजमार्ग और एक तरफ ग्रामीण सड़क, इतना बड़ा अभियान हमें चलाना है। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि भाजपा की सरकार बनाईए, एनडीए की सरकार बनाईए; जीतन राम मांझी के साथ जो अन्याय हुआ है, उस अन्याय का बदला लीजिये। 25 साल हो गए, इन्होंने बिहार को बर्बाद किया है, इन्हें सजा देने का काम कीजिये।

ये स्वार्थबंधन के लोग, 25 साल इन्होंने सरकार चलाई और एक दूसरे की कैसी गाली देते थे, किस भाषा में बोलते थे, आप सब जानते हो। आज मिल गए हैं क्योंकि उन्हें कुर्सी की चिंता है, बिहार की चिंता नहीं है। सरकार उसकी बननी चाहिए जिसको बिहार की चिंता हो। यहाँ के किसानों का क्या हाल किया है; आप देखिये, चावल की खेती में - हिन्दुस्तान में  प्रति हेक्टेयर औसतन 2,400 किलो चावल पैदा होता है और बिहार में सिर्फ़ 1700 किलो प्रति हेक्टेयर उत्पादन होता है। अब देखिये कि यहाँ हमारे किसान को कितना नुकसान होता है। अगर देश की औसत जितना चावल पैदा होता तो यहाँ 75 लाख टन चावल पैदा होता लेकिन अभी यहाँ 20 लाख टन चावल पैदा होता है अर्थात किसान को लगभग 4000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। हम और कुछ करें न करें लेकिन देश के अन्य राज्यों के किसानों की स्थिति में बिहार के किसानों को ला सकते हैं कि नहीं? अगर लाएंगे तो यहाँ के किसान की आय 4000 करोड़ रुपये ज्यादा बढ़ जाएगी। किसानों को न सरकार के पास जाना पड़ेगा, न दिल्ली सरकार से मांगना पड़ेगा और विकास अपने आप होगा लेकिन इनको करना नहीं है।

मैं हमेशा कहता हूँ कि बिहार का पानी और यहाँ की जवानी बिहार की इतनी बड़ी ताकत है जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। आप देखिये कि पंजाब में पांच प्रमुख नदियाँ हैं और बिहार में इतनी सारी नदियाँ हैं कि आप गिनने जाओ तो भूल जाओगे। पंजाब में पांच नदियाँ होने के बावजूद भी पंजाब पूरे हिन्दुस्तान का पेट भरने में कामयाब हो गया तो बिहार में तो इतनी सारी नदियाँ हैं। पानी समुंदर में चला जाता है, यही पानी कभी-कभार गांवों को डुबा जाता है, खेतों को नष्ट कर देता है, इसी पानी का सही उपयोग हुआ होता तो बिहार का पानी यहाँ के किसान की ताकत बनता और बिहार की जवानी हिन्दुस्तान की ताकत बनकर उभरती।

मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि इस चुनाव में भारी संख्या में मतदान कीजिये। 16 को मतदान है। ज्यादा-से-ज्यादा मतदान कीजिये और मेरा नारा है – ‘पहले मतदान, फिर जलपान’। मतदान करना हमारा पवित्र दायित्व है। मतदान अवश्य करें और एक मजबूत सरकार बनाईए, दो-तिहाई बहुमत वाली सरकार बनाईए। आप देखिये, बिहार भी काफ़ी तेज़ी से आगे बढ़ेगा। मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूँ। सब लोग एक साथ मिल कर बोलिये -

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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April 27, 2026
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Ever since I left home, I have found joy and peace in being among you all and you are my family, says PM Modi, expressing an emotional connect
By abrogating Article 370 in Jammu and Kashmir, we fulfilled one of Dr. Syama Prasad Mookerjee’s resolutions, says PM Modi in Barrackpore
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In Barrackpore, PM Modi says not a single TMC leader has provided an account of their work or achievements over the past 15 years

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

मैं मेरा भाषण शुरू करूं उससे पहले मैं देख रहा हूं कि बहुत सारे कलाकार मित्र, छोटी-छोटी बेटियां बढ़िया-बढ़िया पेंटिंग कर के लाए हैं जो भी पेंटिंग कर के लाए हैं वो जरा आगे भेज दो। जो पीछे भी हैं वो आगे भेज दो। जो पीछे हैं उन्हें जरा लोग मदद कीजिए... जो पेंटिंग लेकर के आए हैं उनसे पेंटिग लेकर के आगे कर दीजिए.. सारे पेंटिंग आगे इकट्ठे कर दीजिए.. उधर भी कोई मेरी मां का चित्र बनाकर लाए हैं... शाबाश... मैं मेरे मेरे एसपीजी के साथियों को कहूंगा वे सारे चित्र कलेक्ट कर लें।
भारत माता की... भारत माता की... और जो लोग चित्र के पीछे अपना नाम पता लिखा होगा उनको मेरी तरफ से धन्यवाद की चिट्ठी जरूर आएगी। मैं भाषण शुरू करने से पहले यहां के मेरे सारे जो उम्मीदवार है मैं उन उम्मीदवारों से आग्रह करता हूं है कि जरा वे आगे खड़े हो जाएं, जो इस चुनाव में उम्मीदवार है वो आगे आके खड़े हो जाएं.. मैं एक-दो मिनट में उनसे मिलकर आता हूं। मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की... जय मां दुर्गा! जय मां दोखीणेश्वर काली! केमन आछेन?

साथियों,

1857 में इसी बैरकपुर की धरती ने...आज़ादी की पहली लड़ाई को ताकत दी थी। यही धरती आज... बंगाल में पोरिबोर्तन की राह को और प्रशस्त कर रही है। यहां हर तरफ एक ही गूंज है...पाल्टानो दोरकार! पाल्टानो दोरकार! पाल्टानो दोरकार!

साथियों,

आप सभी इतनी दूर-दूर से और सुबह-सुबह हमें आशीर्वाद देने आए हैं...मैं आपका बहुत आभारी हूं। मैं हेलीपैड से आ रहा था करीब दो किलोमीटर का रास्ता दोनो तरफ ऐसा लोगों का हुजूम था, मैं कल्पना नहीं कर सकता हूं कि सुबह-सुबह हजारों लोग आशीर्वाद देने के लिए आएंगे। इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है। साथियों, इस चुनाव में वैसे ये मेरी आखिरी सभा है। और बंगाल में मैं जहां-जहां गया हूं, बंगाल के लोगों को जो मैंने मिजाज देखा है। मैं इस विश्वास के साथ वापस जा रहा हूं कि 4 मई के नतीजों के बाद बीजेपी के शपथग्रहण समारोह में मुझे आना ही है। इसलिए मेरा उत्साह और बढ़ जाता है।

साथियों,

मैं पिछले तीन-चार दशक से देश के कोने-कोने में जाता रहा हूं...राजनीति में आने के बाद...भाजपा में आने के बाद...मैं बीजेपी के कार्यकर्ता के रूप में... पार्टी जो भी काम कहती है, वो मैं करता हूं। चुनाव की जिम्मेदारियां संभालना भी इसी का एक हिस्सा रहा है। मैं ना दिन देखता हूं, ना रात...ना मौसम देखता हूं चल पड़ता हूं... साथियों, जब से घर छोड़ा है...मुझे आपके बीच रहने में ही सुख मिलता है.. सुकून मिलता है और आप ही मेरा परिवार हैं। इस भागदौड़ में ये भी स्वभाविक है कि कुछ थकान हो जाए...आखिर हम सबका शरीर का अपना-अपना धर्म होता है। 30-40 साल पहले भी ऐसी भागदौड़ में थकान तो होती ही थी। लेकिन साथियों, इस चुनाव में, एक अलग ही अनुभव कर रहा हूं। इतनी गर्मी के बावजूद...इतनी रैलियों के बावजूद...मुझे बंगाल के इस चुनाव में जरा भी थकान महसूस नहीं हुई। मैं देखता था कि रोड शो तय स्थान पर खत्म होने के बाद भी...बहुत आगे तक लोग कतार में लगे हैं...तो मैं दोगुने उत्साह से फिर उनके बीच चला जाता था। हेलीपैड पर भी यही होता था। ये रोड शो मेरे लिए राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रहा। मैं अनुभव करता था ये रोड शो मेरे लिए तीर्थ यात्रा की तरह रहे हैं। मैं मां काली के भक्तों के बीच जाता था...तो संभवत: इसलिए मां काली भी मुझे निरंतर नई ऊर्जा से भरती जा रही थीं।

साथियों,

आपको याद होगा... जब जनवरी 2024 में अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ था...तो उससे पहले मैंने 11 दिनों का अनुष्ठान किया था...व्रत किया था। मैं दक्षिण भारत के अनेक मंदिरों में गया था...देवी-देवताओं से आशीर्वाद लिया था। इस चुनाव में भी मुझे वैसी ही अनुभूति हुई है जैसी अनुभूति किसी देवी मंदिर के दर्शन के समय होती है। इसके पीछे बंगाल के प्रति मेरा जो लगाव रहा है.. शक्ति की भक्ति रही है... मेरे व्यक्तिगत जीवन का आध्यात्मिक यात्रा का ये ऊर्जाकेंद्र रहा है। बंगाल के महान व्यक्तित्वों की प्रेरणा रही है... और ईश्वर रूपी आप जनता जनार्दन का अपार प्रेम रहा है...। बंगाल में जो आध्यात्मिक अनुभूति हुई है...बंगाल की इस धरती पर मैंने जो अनुभव किया है...उसे मैं स्वयं पर अपनेआप पर बहुत बड़ा आशीर्वाद समझता हूं।

साथियों,

बंगाल की इन रैलियों में, रोड शो में...मुझे इतने अपनत्व भरे संदेश मिले हैं...भांति-भांति की तस्वीरें मिली हैं...कि मैं उन्हें कभी भी भूल नहीं सकता। मैं रैलियों और रोड शो के बाद जब भी पहला मौका मिलता है रात में, कितनी ही देर क्यों ना हो जाए.... रात में बहुत तसल्ली से उन चित्रों को देखता हूं...और चित्रों के पीछे जो छोटे-छोटे कलाकारों के भाव हैं उसे महसूस करने की कोशिश करता हूं। आपके संदेशों को...आपके पत्रों को पढ़ता हूं... कहीं पर आपके दर्द भी होते हैं और कहीं पर मेरे लिए आपकी दुआ भी होती है। और बाद में मैं अपना जवाब भी लिखवाता हूं। और ये प्रक्रिया जब से चुनाव शुरू हुए...तब से चल रही है। बंगाल की जनता-जनार्दन का इतना असीम प्रेम मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। छोटे-छोटे बच्चे... युवा... महिलाएं... बुजुर्ग...मैं उनकी आंखों में जो स्नेह देखता हूं...चेहरे पर जो भाव देखता हूं... वो मेरे जीवन की बहुत बड़ी पूंजी है। कई बार जब वो मुझे देखकर रो पड़ते हैं...तो मुझे भी अपनी भावनाएं नियंत्रित करने में बहुत मेहनत पड़ती है...लेकिन जब मैं रैली स्थल या रोडशो से वापस आता हूं...तो बहुत देर तक आपकी आवाज गूंजती रहती है...आपके चेहरे मेरी नजर के सामने से हटते नहीं है।

साथियों,

मैं कल की ही बात करूं, कल आरामबाग में रैली के दौरान भी मैंने देखा, एक छोटी बहन....जब मैं वहां लोगों को संबोधित कर रहा था...उस समय रेलिंग तोड़कर आगे आना चाहतीं थीं। और तब सेक्योरिटी वालों से उस बहन की झड़प भी हो गई। वो बहन सुबह-सुबह ही रैली स्थल पर आ गई थी...बिना कुछ खाए...वो बहन अपने बच्चों को भी कहकर आई थी कि मुझसे मिलकर ही जाएगी। मैं अपनी उस छोटी बहन का क्षमाप्रार्थी हूं कि उनसे वहां मिल नहीं पाया...मैं उनकी भावना का कद्र करता हूं। उसके विश्वास का मैं आदर करता हूं। और मुझे विश्वास है...कभी ना कभी उस बहन से मिलना हो ही जाएगा...उस बहन का आशीर्वाद और आप जैसी करोड़ों बहनों का आशीर्वाद मुझ पर सदा-सर्वदा बना रहेगा। साथियों, बंगाल की सेवा करना...बंगाल को सुरक्षित करना...बंगाल के सामने उपस्थित एक विराट चुनौती से बंगाल को बचाना...ये मेरे भाग्य में भी है और मेरा दायित्व भी है। और इस दायित्व से...मैं पीछे नहीं हटूंगा।

साथियों,

पश्चिम बंगाल का ये चुनाव...बंगाल के साथ-साथ, पूर्वी भारत का हिंदुस्तान के पूर्वी हिस्से का पूर्वी भारत का भाग्य बदलने का भी चुनाव है। अतीत में जब भारत समृद्ध था...तब उसके तीन मजबूत स्तंभ थे। अंग, बंग और कलिंग। अंग यानि बिहार...बंग यानि बंगाल...और कलिंग यानि ओडिशा। ये तीनों स्तंभ कमज़ोर हुए, तो भारत के सामर्थ्य को भी झटका लगा। साथियों, आज भारत जब विकसित होने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है...तो अंग, बंग और कलिंग का मजबूत होना बहुत जरूरी है। भारत का भाग्योदय पूर्वोदय के बिना अधूरा है और भारत के भाग्योदय का सबसे बड़ी ताकत पूर्वोदय का भाग्योदय है और इसलिए भारत का भाग्योदय और पूर्वोदय दोनों एक दूसरे की पूरक शक्ति है। और इसलिए मैं 2013 से, प्रधानमंत्री बनने से पहले से इस बात को पूरे कमिटमेंट के साथ कह रहा हूं...कि जब पूर्वी भारत आगे बढ़ेगा, पूर्व का उदय होगा तो देश आगे बढ़ेगा। बीते समय में...अंग यानि बिहार ने कमल खिलाया है। कलिंग यानि ओडिशा ने कमल खिलाया है। अब बंग यानि बंगाल की बारी है...और यहां जो माहौल मैं देख रहा हूं... इस बार बंगाल में भी कमल खिलना तय है। अंग, बंग और कलिंग...इस त्रिशक्ति का भरोसा बीजेपी पर है।

साथियों,

यही बंगाल, यही प्रेसिडेंसी रीजन है...जिसने जनसंघ को राजनीतिक आधार दिया था। बंगाल ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सांसद चुना था... और उनकी प्रेरणा, बीजेपी का संकल्प बन गई। जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर हमने डॉक्टर मुखर्जी का एक संकल्प पूरा किया है। अब हमारे सामने डॉक्टर मुखर्जी का एक और संकल्प है... वो संकल्प है...बंगाल की समृद्धि... और शरणार्थियों की समस्याओं का पूरा-पूरा समाधान...और बंगाल में बनने जा रही बीजेपी सरकार... डॉ. मुखर्जी के उनके इस संकल्प को पूरा करके दिखाएगी।

साथियों,

भारत की प्रगति, संस्कृति और आज़ादी में बंगाल की संतानों ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। यहां से कुछ ही दूरी पर ऋषि बंकिम जी का घर है। ये कितना बड़ा संयोग है...जब वंदे-मातरम् के 150 साल पूरे हुए हैं... तभी, बंगाल भी एक ऐतिहासिक परिवर्तन करने जा रहा है।

साथियों,

वंदे मातरम्… गुलामी से मुक्ति का मंत्र बना था। 21वीं सदी में वंदे मातरम् को...हमें बंगाल के नव-निर्माण का मंत्र बनाना है। मैं बंगाल के हर परिवारजन को भरोसा दिलाता हूं... हम सुजलाम् सुफलाम् को नीति बनाएंगे... शस्य श्यामलाम् को रोज़गार की प्रेरणा बनाएंगे...मलयज शीतलाम् को सुख-समृद्धि का स्रोत बनाएंगे...और दुर्गा की शक्ति को सुरक्षा और न्याय की गारंटी बनाएंगे।

साथियों,

बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान.... मैंने बंगाल के विकास के लिए बीजेपी का विजन आपके सामने रखा...लेकिन इस चुनाव में मुझे एक बात बार-बार खटकती है...इस चुनाव में TMC के नेताओं ने...एक बार भी माँ, माटी, मानुष का नाम नहीं लिया...जिस नारे के साथ टीएमसी ने बंगाल में सरकार बनाई थी.. वो नारा ही टीएमसी ने भुला दिया है।

साथियों,

आपने 15 साल इन लोगों को मौका दिया। लेकिन इन्होंने मां के लिए...नारी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया। इन्होंने माटी के लिए, किसानों के लिए कुछ नहीं किया... TMC ने युवाओं के लिए भी कुछ नहीं किया। जब बताने के लिए कुछ नहीं है...तो TMC ने एक ही फॉर्मूला अपनाया है...TMC का फॉर्मूला है - गाली दो..धमकी दो, झूठ बोलो, जोर से बोलो, बार-बार बोलो... इन्होंने मोदी को गाली दी, इन्होंने सेना, संवैधानिक संस्थाएं...सबको गालियां दीं। TMC ने बंगाल के लोगों को धमकियां दीं...गुंडागर्दी की भाषा में उनसे बात की लेकिन किसी भी टीएमसी के नेता ने... इतना बड़ा चुनाव चल रहा है लेकिन अपना 15 साल के काम का रिपोर्ट कार्ड एक बार भी नहीं बताया। साथियों, जो अपने काम का रिपोर्ट नहीं बता सकते क्या उनको मौका देना चाहिए क्या? ऐसे लोगों को मौका देना चाहिए क्या? जब कुछ किया ही नहीं तो बर्बादी के लिए मौका देंगे क्या?

साथियों,

TMC के पास बंगाल के भविष्य का भी रोडमैप नहीं है। भविष्य में बंगाल के लिए ये लोग क्या करेंगे..बंगाल को कहां ले जाएंगे..TMC वाले ये भी नहीं बताते। क्योंकि इनके पास न विजन है और न ही कुछ करने की नीयत है।

साथियों,

बंगाल में पोरिबोर्तन क्यों आवश्यक है... इसका जवाब, बैरकपुर से बेहतर भला कौन जानता है? जिस बैरकपुर में बाहर से लोग काम के लिए आते थे...वहां से लोग पलायन के लिए मजबूर हैं। जहां कभी मिलों, फैक्ट्रियों और कारखानों से मशीनों की आवाज़ें आती थीं वहां अब बमबाज़ी और गोलियों की गूंज रहती है। साथियों, इस क्षेत्र की पूरी औद्योगिक बेल्ट बेहाल होती जा रही है। ऑकलैंड जूट मिल के साथ क्या हुआ...ये आप सभी ने देखा है। शाम को श्रमिक काम से आए, थके-हारे सो गए...सुबह, फिर काम पर गए...तो देखा गेट पर ताला लग चुका था। ऐसी खबरें...आज बैरकपुर का, बंगाल का दुर्भाग्य बन चुकी हैं। यहां जूट मिलें, पेपर मिलें, कपड़ा उद्योग...एक के बाद एक ये सब बंद हो रहे हैं। बीते कुछ महीनों में ही...बैरकपुर इंडस्ट्रियल बेल्ट में करीब एक दर्जन जूट मिलें बंद हो चुकी हैं।

साथियों,

एक तरफ, आपको रोजगार देने वाली मिलें बंद हो रही हैं और दूसरी तरफ, गुंडों को रोजगार देने वाली, कच्चे बम की फैक्ट्रियां, फल-फूल रही हैं। TMC के सिंडिकेट की दुकानों का विस्तार हो रहा है। ये है, TMC का महा-जंगलराज। आप सोचिए आपको अपना मकान, दुकान, खेत-खलिहान का फैसला करना हो...तो TMC के सिंडिकेट को पूछना होता है। तो फिर नई फैक्ट्री और कारखाना लगाने के लिए क्या-क्या नहीं करना पड़ता होगा। इसलिए, TMC के इस सिंडिकेट को भगाना ही होगा...TMC को हराना ही होगा। हराओगे? पूरी ताकत से हराओगे...

साथियों,

बीजेपी सरकार, यहां जनता-जनार्दन का राज लाएगी, बीजेपी सरकार यहां कानून का राज लाएगी। आज भारत में मैन्युफेक्चरिंग के लिए पूरी दुनिया उत्साहित है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं... कोलकाता के इर्दगिर्द का ये पूरा इलाका, मेक इन इंडिया अभियान का एक बड़ा हब बनेगा। बीजेपी सरकार...मिलों और फैक्ट्रियों से जुड़ी हर समस्या का समाधान खोजेगी। यहां जो भी इंडस्ट्री संघर्ष कर रही है... उसके लिए बीजेपी सरकार...एक ठोस रिवाइवल प्लान बनाएगी।
आप यहां बीजेपी का सीएम बनाइए और फिर...

पीएम-सीएम एक शाथे... उन्नोयन होबे दिने-राते !

साथियों,

बंगाल ने दशकों तक पलायन की तकलीफ सह ली...यहां रोजगार था नहीं...इसलिए बच्चे मजबूरी में बाहर कमाने चले गए...यहां कोलकाता और इस पूरे क्षेत्र में बड़े-बुजुर्ग अकेले रह गए...अपने लिए ओल्ड एज होम तलाशने वाले बुजुर्गों की संख्या यहां लगातार बढ़ रही है...ये स्थिति बहुत पीड़ा देने वाली है। इसलिए बंगाल की बीजेपी सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता होगी...बंगाल के युवाओं को बंगाल में रोजगार। मैं आज बंगाल के युवाओं को भी पांच गारंटी दे रहा हूं। और ये मोदी की गारंटी है। 4 मई के बाद, बंगाल में रोजगार से जुड़े पांच बड़े काम तेज़ी से होंगे।

पहला- बंगाल में सरकारी भर्तियां तय समय पर निकलेंगी। भर्तियां पारदर्शी तरीके से होंगी। और रोजगार मेलों में युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

दूसरा- जो भी पद खाली पड़े हैं, उनको तेज़ी से भरा जाएगा। और जो सरकारी कर्मचारी हैं, उनको TMC के भय से मुक्त किया जाएगा। बंगाल के मेरे सरकारी कर्मचारी भाई-बहन मोदी की एक गारंटी सुन लो कर्मचारियों को सेवन्थ पे-कमीशन का पूरा लाभ दिया जाएगा।

तीसरा- बंगाल में कंटेंट क्रिएशन से जुड़े रोजगार यानि क्रिएटिव इकॉनॉमी का विस्तार किया जाएगा। आर्ट और क्राफ्ट में, गेमिंग और अन्य क्रिएटिविटी की फील्ड में...युवाओं के लिए नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। बंगाल के स्कूल-कॉलेज में भी, Content creators लैब्स बने...इस पर काम किया जाएगा।

चौथा- गांव में, 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। यहां बीजेपी सरकार, गांव में रोजगार देने वाला...जी राम जी कानून लागू करेगी। साथ ही, पीएम विश्वकर्मा योजना और पीएम मत्सय संपदा योजना को पूरी तरह यहां लागू किया जाएगा। ताकि हमारे कारीगर, हमारे शिल्पी और हमारे जो मछुआरे साथी हैं...उनके रोजगार का विस्तार हो...उनकी कमाई और अधिक बढ़े।

और पांचवां- शहरों में, जो स्ट्रीट वेंडर हैं, जो रेहड़ी-ठेले-फुटपाथ पर काम करने वाले साथी हैं... उनको पीएम स्वनिधि योजना का पूरा लाभ मिलेगा। रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले साथियों को बैंकों से मदद मिलेगी। ठेले वालों की जेब में भी, स्वनिधि क्रेडिट कार्ड होगा।यानि लेन-देन के लिए कहीं भी हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।

साथियों,

याद रखिए...ये सिर्फ वादे नहीं हैं...ये मोदी की गारंटी है। आप यहां बीजेपी का सीएम बनाइए... और डबल इंजन का डबल लाभ पाइए। साथियों, अच्छा पब्लिक ट्रांसपोर्ट कोलकाता शहर में Ease of Living के लिए बहुत ज़रूरी है। बीजेपी को इसलिए वोट देना है...ताकि यहां कोलकाता मेट्रो का तेज़ी से विस्तार हो सके... कोलकाता की जो ट्राम की विरासत है, उसका संरक्षण हो सके...बंगाल में इलेक्ट्रिक बसों का नया नेटवर्क बने...

साथियों,

ये मिट्टी, रानी रश्मोनी के साहस और संकल्प की गाथा से समृद्ध उन्होंने मछुआरों के हक को बचाने के लिए अंग्रेज़ी हुकुमत से टक्कर ली थी। जिस बंगाल की विरासत ऐसी है...वहां की बेटियों को TMC ने भय-भीत करके रखा था। मैं एक बार फिर सभी बहनों-बेटियों से कहने आया हूं...TMC ने आपके वोट का मान नहीं रखा। TMC ने, इस महान राज्य को बेटियों के लिए असुरक्षित बना दिया है। आप जब वोट देने जाएं... तो उन गुंडों, उन मस्तानों के चेहरे याद करना, जो TMC के नाम पर अत्याचार करते हैं। आप कमल छाप पर वोट दीजिएगा...ताकि कानून व्यवस्था ऐसी अच्छी बने...कि बेटियां बिना चिंता के भी रात में बाहर निकल सकें...और जिन बहनों-बेटियों के साथ अन्याय हुआ है...उनको भी वादा करता हूं, उनको पूरा न्याय मिल सके इसलिए चुन-चुन कर हिसाब लेने का हमारा वादा है, सारी फाइलें खोली जाएंगी।

साथियों,

बेटियों की पढ़ाई, कमाई, दवाई, सुरक्षा और सुनवाई... ये बीजेपी की प्राथमिकता है। मातृशक्ति भोरशा कार्ड...ये एक प्रकार से, 36 हज़ार रुपए का चेक है। इतना सारा पैसा, एक साल में बंगाल की बहनों को मिलेगा। इतना ही नहीं साथियों, बंगाल की बहनों-बेटियों के लिए जीवन के हर चक्र में एक सुरक्षा कवच बुना गया है। बंगाल बीजेपी सरकार...गर्भावस्था के दौरान, 21 हजार रुपए की सीधी मदद देगी। बेटी हुई, तो सुकन्या समृद्धि योजना के तहत ज्यादा ब्याज मिलेगा। बेटियों को सर्वाइकल कैंसर का टीका मुफ्त लगाया जाएगा। साथियों, बेटी जब कॉलेज पहुंचेगी तो, उसकी पढ़ाई के लिए 50 हज़ार रुपए की मदद मिलेगी। और सरकारी नौकरी में भी बंगाल की बीजेपी सरकार...बेटियों को तैंतीस परसेंट आरक्षण देगी। इसके अलावा पुलिस फोर्स में बहुत बड़ी संख्या में बेटियों को भर्ती किया जाएगा। गांव की जो बहनें हैं...उन्हें लखपति दीदी अभियान के तहत मदद दी जाएगी। अगर कोई बेटी स्वरोजगार करना चाहती है... तो उसको 20 लाख रुपए तक का बिना गारंटी का मुद्रा लोन दिया जाएगा।

साथियों,

शादी के बाद... गरीब परिवार की बेटी को अपने घर की चिंता नहीं होगी। बीजेपी, पीएम आवास योजना के तहत, डेढ़ लाख रुपए बहनों को देगी... ताकि वे अपना पक्का घर बना सकें। घर बन गया... तो बिजली-पानी की भी चिंता होती है। बीजेपी, हर घर नल से जल पहुंचाएगी। और आपका बिजली बिल ज़ीरो हो...इसके लिए लगभग 80 हज़ार रुपए बीजेपी सरकार देगी। ताकि आप अपनी छत पर सोलर पैनल लगा सकें।

साथियों,

मोदी ने गरीब परिवारों की बहनों-बेटियों के लिए...मुफ्त अनाज और मुफ्त इलाज की सुविधा दी है। लेकिन TMC के मंत्री आपके हिस्से का चावल भी लूट लेते हैं। बीजेपी सरकार, इस लूट को बंद करेगी।
एक और गारंटी आप लिख लीजिए...बीजेपी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में ही, आयुष्मान भारत योजना लागू करने पर निर्णय होगा।

इससे लाखों बहनों-बेटियों को, बुजुर्ग माताओं को...5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।

साथियों,

TMC ने कोलकाता को लंदन बनाने का वादा किया था। लेकिन 15 साल में इन्होंने कोलकाता की पहचान ही बदल दी। यहां घुसपैठियों को बसा दिया। मैं हर कोलकाता वासी से कहूंगा...हमें मिलकर, कोलकाता को कोलकाता ही बनाना है... उसकी पहचान बदले जाने से रोकना है। सिटी ऑफ जॉय... 21वीं सदी में सिटी ऑफ फ्यूचर भी बने, ये काम हमें करना है।

साथियों,

मैं फिर अपनी बात दोहराऊंगा...बीजेपी के सेवाकाल में, किसी भी भारतीय नागरिक, चाहे वो किसी भी मत-मज़हब का हो.. उनको कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन घुसपैठियों को छोड़ा नहीं जाएगा, घुसपैठियों को खदेड़ा जाएगा। और साथियों, मैं सभी शरणार्थियों को, मतुआ-नामशूद्र परिवारों को भरोसा देता हूं... कि आपको नागरिकता मिलकर रहेगी। आपको हर वो कागज़ मिलेगा, हर वो हक मिलेगा...

जो किसी भी भारतीय को मिल रहा है। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने कहा था...तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा... तुम मुझे खून दो... मैं आज आपसे एक अवसर मांग रहा हूं... आपने 70 साल कांग्रेस, लेफ्ट और टीएमसी को दिए हैं। आज ये तीनों ही एक गठबंधन में हैं। एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। आप एक मौका...भाजपा को देकर देखिए... आप एक मौका मोदी को देकर देखिए...हम सब मिलकर, बंगाल को हर बेड़ी से आज़ादी दिलाएंगे। आज़ादी...हिंसा और दंगों से। आज़ादी...टीएमसी के भय और भ्रष्टाचार से। आज़ादी...टीएमसी के सिंडिकेट से। आजादी...घुसपैठ और घुसपैठियों से आज़ादी...बेरोजगारी और बेकारी से। आज़ादी...तुष्टिकरण और परिवारवाद की बीमारी से। साथियों, यही वो आज़ादी है...जो 21वीं सदी में बंगाल का पुराना गौरव फिर से लौटाएगी। इन सभी साथियों को दिया आपका एक-एक वोट... यहां बीजेपी का सीएम बनाएगा। और फिर... पीएम-सीएम, एक शाथे… उन्नोयोन होबे दिने-राते! इसी आग्रह के साथ...आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। आप पूरी ताकत लगा देंगे... पहले चरण का रिकॉर्ड तोड़ देंगे.. उनसे भी ज्यादा वोटिंग करेंगे। हर बूथ में से टीएमसी को साफ कर देंगे... घर-घर जाएंगे। कमल जिताएंगे... मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...