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PM Modi holds #ParivartanRally in Jehanabad, Bihar
Congratulate the election commission for their arrangements on polling day: PM #ParivartanRally
Once the followers of JP, now caught in corruption on his birth anniversary... Can't be anything worse than this: PM
Till BJP was a part of Government in Bihar, there was no corruption: PM
Our leaders talk about developing Bihar, other parties are busy attacking Modi: PM #ParivartanRally
I urge people of Bihar to vote for BJP led NDA Govt for development of the state: PM Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

तोहनी सबके प्रणाम करै हीयो। मंच पर विराजमान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता श्रीमान जीतन राम मांझी जी, यहीं के जनप्रिय सांसद एवं मेरे मित्र डॉ. अरुण कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमान शाहनवाज़ हुसैन जी, विधान पार्षद श्री कृष्ण कुमार जी, श्री अनिल शर्मा जी, श्री संजीव श्याम सिंह, श्री आशीष सूद जी, हम पार्टी के महासचिव श्री वीरेन्द्र कुमार सिंह, श्री राधा मोहन शर्मा, श्री नरेश कुमार, जिलाध्यक्ष श्रीमती पूनम शर्मा जी, भाई शिवराज सिंह, और इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार श्री प्रेम कुमार जी, चित्तरंजन कुमार जी, मसौढ़ी से हम पार्टी की उम्मीदवार नूतन पासवान जी, वजीरगंज से भाजपा के उम्मीदवार वीरेन्द्र सिंह जी, हमारे उम्मीदवार श्री अरविंद कुमार सिंह जी, कोसी से हम पार्टी के उम्मीदवार श्री राहुल कुमार, बेलागंज से हम पार्टी के उम्मीदवार श्यामली जी, जहानाबाद से रालोसपा के उम्मीदवार प्रवीण कुमार जी, रालोसपा के उम्मीदवार अशोक कुमार वर्मा जी; मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में आये हुए मेरे भाईयों और बहनों

ये मौसम ऐसा होता है जिस मौसम में बड़ी चिलचिलाती गर्मी होती है। चमड़ी को भी चीर डाले, ऐसी भयंकर गर्मी होती है। चुनाव की गर्मी भी होती है और ऐसे माहौल में भी इतनी बड़ी विशाल जनसभा होना... जहानाबाद के दोस्तों, मेरी शिकायत है और मेरी शिकायत मेरे मित्र अरुण से भी है। मैं लोकसभा के चुनाव में भी यहाँ आया था; लोकसभा के चुनाव में मैं ख़ुद चुनाव लड़ रहा था, अरुण चुनाव लड़ रहा था लेकिन आधे लोग भी नहीं आये थे और आज मैं देख रहा हूँ ऐसा जनसैलाब। हवा का रूख क्या है, उसका पूरा-पूरा पता चल जाता है। उस समय आधे लोग थे, फिर भी जीत गए और इस समय तो इतनी बड़ी भीड़ हमें समर्थन देने के लिए आई है।

भाईयों और बहनों, आज एक हिस्से में मतदान जारी है। मुझे जानकारी मिली कि मतदाता बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से और काफ़ी उमंग और उत्साह के साथ भारी संख्या में मतदान कर रहे हैं। आज जहाँ मतदान हो रहा है, मैं वहां के सभी मतदाताओं को ह्रदय से अभिनंदन करता हूँ। वे आज अपने अधिकार का उपयोग करने जा रहे हैं। मैं चुनाव आयोग का भी अभिनंदन करता हूँ क्योंकि जब मैं दिल्ली से निकला तो मैंने टीवी पर एक पोलिंग बूथ देखा जहाँ पर जो मतदाता लाईन में खड़े रहते हैं, उनके लिए बैठने और पानी पीने का प्रबंध था। मैं सच में मानता हूँ कि हमारे देश में मतदान के दिन चुनाव आयोग ऐसी व्यवस्था करे, ये अपने आप में एक गौरवपूर्ण विषय है। भारत के लोकतंत्र की ताकत, इसकी निष्पक्षता की ताकत, और चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा, पूरे विश्व में ऐसी प्रतिष्ठा बनी है जिस पर हम गर्व कर सकें। मैं सभी का ह्रदय से अभिनंदन करता हूँ और बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

कल लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जन्म जयंती थी। हिन्दुस्तान में हर जगह उनकी जन्मतिथि मनाई गई। 113वीं जन्म जयंती थी। सभी जगह से दो बातें प्रमुख रूप से उभर कर आई। एक – जयप्रकाश जी लोकतंत्र के प्रति समर्पण और दूसरा भ्रष्टाचार के खिलाफ़ उनका संघर्ष। हर जगह एक ही आवाज़ थी कि 1975 में लोकतंत्र की हत्या की गई थी, जयप्रकाश बाबू को जेल में डाल दिया गया था और जयप्रकाश बाबू का एक ही गुनाह था कि वे देश में भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए मैदान में आए थे और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ देश को तैयार कर रहे थे। पूरे हिन्दुस्तान ने जयप्रकाश जी की जयंती भ्रष्टाचार के खिलाफ़ संकल्प करके मनाया लेकिन जो उन्हीं के चेले कहे जाते हैं और उन्हीं की उंगली पकड़कर राजनीति में आए और दिन-रात जेपी-जेपी बोल करके राजनीति करते रहते थे, उन्होंने कल जयप्रकाश जी का जन्मदिन कैसे मनाया? मैंने तो रात को मुंबई से आने के बाद टीवी पर देखा, 4 लाख रूपया... जयप्रकाश जी के जन्मदिन पर उनकी विरासत का दावा करने वाले उनके जन्मदिन पर उनका ऐसा अपमान कभी नहीं हुआ होगा।

भाईयों-बहनों, जब तक भाजपा यहाँ सरकार का हिस्सा थी, तब तक कोई स्टिंग ऑपरेशन नहीं हुआ और न ही कोई भ्रष्टाचार की घटना घटी लेकिन जैसे ही ये महाशय ने नए जोड़ीदार ढूंढ लिये, जिनका इतिहास इन्हीं कामों में मशहूर है और जिन कामों पर न्यायालय ने भी ठप्पा मार दिया है, सारी बाजी बिगाड़ने लगी, लोग बिगड़ने लगे, उनके कारनामे बिगड़ने लगे। अगर यही चला तो बिहार में कुछ बचेगा क्या? ये रूपयों का खेल चलता रहेगा तो आप पैसे कहाँ से लाओगे? अगर आपको नौकरी चाहिए तो क्या आप 4 लाख रूपये ला पाओगे क्या? आपको कोई काम करवाना है तो 4 लाख रूपये ला सकते हो क्या? अगर 4 लाख रूपये की बोली लगती है, हिसाब-किताब इस तरह से होता है और सरकार में रहते हुए होता है... जयप्रकाश जी को अगर सच्ची श्रद्धांजलि देनी है तो इस पाप के साथ जिस राजनीतिक पार्टी का संबंध है, जिस गठबंधन का संबंध है, चुन-चुन कर ऐसे लोगों को साफ़ कर दो।

जब मैं आज जहानाबाद आया हूँ तो स्वाभाविक रूप से मुझे शहीद जगदेव बाबू की याद आती है। बिहार की राजनीति में वंचितों के लिए लड़ाई लड़ने वाले, जीवन खपाने वाले जगदेव बाबू; उनकी हत्या किस समय हुई, किसकी सरकार थी, सरकार में बैठे हुए किन-किन लोगों पर आरोप लगे थे? तब जगदेव बाबू खुद सरकार में मंत्री थे लेकिन इसके बावजूद उन्हें मार दिया गया था। वे वंचितों, पीड़ितों, शोषितों की आवाज़ थे, उस आवाज़ को दबा दिया गया और अब तक बिहार को पता तक नहीं चलने दिया कि जगदेव बाबू को कैसे मार दिया गया।

मैं आज जहानाबाद की धरती पर बिहार के मुख्यमंत्री, लालू जी से सवाल पूछता हूँ कि आप ऐसी कांग्रेस पार्टी के साथ कैसे बैठ सकते हो जिसने वंचितों के लिए उठाने वाली आवाज़ को दबा दिया, जगदेव बाबू को मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसे लोगों के साथ आप कैसे समझौता कर सकते हैं? सत्ता के लिए ये जो स्वार्थ का बंधन हुआ है, इनको पहचानने की आवश्यकता है। आपने देखा होगा इस चुनाव में दो बातें प्रमुख रूप से उभर करके आई हैं। एक बात जो हम सब लोग बोलते हैं कि बिहार के विकास के लिए हमें मौका दीजिए। हम बिहार के विकास के लिए वोट मांग रहे हैं। हमारा एक ही एजेंडा है – बिहार का विकास। उनके भाषण सुनिये, क्या बोलते हैं; पत्रकार प्रश्न पूछें या प्रेस कांफ्रेंस करें तो क्या बोलते हैं – हम मोदी का विनाश करके रहेंगे। भाईयों-बहनों, निर्णय आपको करना है कि इस चुनाव में बिहार के विकास के लिए वोट देना है कि नहीं देना है? बिहार को विकास चाहिए कि नहीं?

मोदी का विनाश – क्या ये चुनाव का मुद्दा हो सकता है क्या? चुनाव क्या ऐसे मुद्दों पर लड़ा जाता है क्या? आए दिन एक ही बात एक नेता तो यहाँ तक कहते हैं कि एक बार बिहार निपट जाएगा तो मोदी दिल्ली में भी ख़त्म हो जाएगा। लोकतंत्र किसी को ख़त्म करने के लिए नहीं होता है बल्कि लोकतंत्र जनता-जनार्दन की आशा-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए होता है। राजनीतिक दलों को विकास का एक एजेंडा लेकर जाना होता है और तब जाकर सामान्य मानविकी की आशा-आकांक्षाएं पूरी होती हैं।

हमने बिहार को 1 लाख 65 हज़ार करोड़ रुपये का पैकेज दिया। 1 लाख 25 हज़ार करोड़ रुपये का पैकेज नए विकास के लिए और 40 हज़ार करोड़ का पैकेज, जिसकी कागज़ पर तो योजना बनी थी लेकिन दिया नहीं गया। मुझे बताईये कि अगर इतना रूपया बिहार के विकास में लगता है तो बिहार का भाग्य बदलेगा कि नहीं बदलेगा? बिहार के नौजवान को रोजगार मिलेगा कि नहीं मिलेगा? चारों तरफ बिहार की जय-जयकार होगी कि नहीं होगी? मैं यही सपना लेकर आपके बीच आया हूँ। मैं चाहता हूँ बिहार हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी ताकत बन जाए; बिहार आर्थिक रूप से संपन्न बन जाए; यहाँ के नौजवान को रोजगार मिल जाए; बिहार विकास की नई ऊँचाईयाँ प्राप्त कर ले और इसलिए मैं आपका जन समर्थन मांगने के लिए आया हूँ।

बिहार में एक कठिनाई लंबे अर्से से चल रही है। मैं प्रार्थना करने आया हूँ पिछले 30 साल से बिहार में जिसकी सरकार होती है, दिल्ली में उससे हमेशा झगड़ा ही होता है या दिल्ली में जिसकी सरकार होती है, उसका बिहार से हमेशा झगड़ा होता है। बिहार और दिल्ली लड़ते रहें, दोनों में आशंका हो, ये स्थिति अच्छी है क्या? इसके कारण हमारे 30 साल बर्बाद हुए। पहली बार ऐसा मौका आया है जिसमें दिल्ली में जो सरकार है, लोगों ने उसकी मित्र सरकार बिहार में बनाने का फ़ैसला कर लिया है। पहले बिहार सरकार की ताकत दिल्ली से लड़ने में जाती थी। कुछ भी नहीं होता था तो दिल्ली को गाली देते थे और वे यहाँ बच जाते थे। अब बिहार को ऐसी सरकार चाहिए जिसका जवाब बिहार सरकार को भी देना पड़े और दिल्ली सरकार को भी देना पड़े।

मैं आग्रह करता हूँ कि आप इस बार ऐसी सरकार बनाईए जिसके साथ मुझे कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का अवसर मिले। मुझे बिहार के लिए काम करना है लेकिन अगर यहाँ रुकावट करने वाली सरकार होगी तो मैं दिल्ली से लाख कोशिश करूंगा, ये राजनीति करते रहेंगे और बिहार बर्बाद होता रहेगा और देश कभी आगे नहीं बढ़ेगा। बिहार के लिए एक मित्र सरकार चाहिए। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार चाहिए ताकि दिल्ली और बिहार के बीच 30 साल से जो संघर्ष चल रहा है, वो समाप्त हो जाए और बिहार विकास की नई ऊंचाईयों पर पहुँच जाए।

मैं आज कुछ आंकड़े देख रहा था और मैं हैरान हो गया कि क्या स्थिति है; बिहार सरकार कैसे काम कर रही है। भारत सरकार ने जो पैसे दिये, इन पैसों का क्या हाल है, आप देखिये। अगर ऐसी सरकार बिहार आई तो 1 लाख 65 हज़ार के पैकेज का क्या होगा। आज जो सरकार है, उसका हाल क्या है – शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार ने जो पैसे भेजे, उसमें से 1000 करोड़ रुपये का हिसाब बिहार सरकार ने नहीं दिया काम ऐसे चल सकता है? सरकार ऐसी चलाओगे क्या? सिर्फ़ शिक्षा में 1000 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिला। स्वास्थ्य के क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये का हिसाब अभी तक बिहार सरकार ने नहीं दिया है। गरीब, पिछड़े वर्ग की छात्राओं के लिए जो पैसे भेजे गए, उसमें से अब तक 300 करोड़ रुपये का हिसाब दिल्ली सरकार को नहीं दिया गया। अब बताईये कि अगर दिल्ली से पैसे आएं और यहाँ की सरकार हिसाब देने के लिए भी तैयार न हो और इतने पैसों का कोई अता-पता ही न हो तो बताईये कि वो पैसा क्या आपके काम आएगा?

पिछले वर्ष बिहार के विकास के लिए, अलग-अलग योजनाओं के लिए 9100 करोड़ रुपये भेजे गए और आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें से 5000 करोड़ रुपये बैंक में ही पड़े हुए हैं। ऐसी सोई पड़ी सरकार होगी, दिन-रात राजनीति में डूबी पड़ी सरकार होगी तो क्या होगा इनको लेने की फुर्सत नहीं है क्योंकि कोई योजना नहीं है। ये ऐसी सरकार है कि बैंक में पैसे सड़ते रहें, ये राजनीति करते रहें, उनका यही कारोबार चल रहा है। इसलिए मैं अनुरोध करता हूँ कि ऐसी सरकार जो पैसे के बावजूद योजना नहीं बना पा रही है और न काम कर पा रही है, ऐसी सरकार को आप कितने भी पैसे दे दो, कुछ नहीं कर पाएगी। बिहार का भाग्य बदलने का मेरा सपना है और इसके लिए मुझे साथ देने वाली सरकार दीजिए ताकि मैं बिहार का कल्याण कर सकूँ और आपको हिसाब दे सकूँ।

हमने इतना बड़ा पैकेज दिया और सिर्फ़ बातें नहीं की। यहाँ अच्छे रास्ते होने चाहिए और इसके लिए 54,000 करोड़ रूपया बिहार को सड़कें बनाने के लिए दी गई। गांवों में पक्की सड़क हों, 13,800 करोड़ रूपये की लगत से बिहार में 22 हज़ार किमी लंबी ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाने का हमने निर्णय किया है। जैसे शरीर में शिरा और धमनी होती है, वैसे ही बिहार की आर्थिक प्रगति के लिए एक तरफ राजमार्ग और एक तरफ ग्रामीण सड़क, इतना बड़ा अभियान हमें चलाना है। इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि भाजपा की सरकार बनाईए, एनडीए की सरकार बनाईए; जीतन राम मांझी के साथ जो अन्याय हुआ है, उस अन्याय का बदला लीजिये। 25 साल हो गए, इन्होंने बिहार को बर्बाद किया है, इन्हें सजा देने का काम कीजिये।

ये स्वार्थबंधन के लोग, 25 साल इन्होंने सरकार चलाई और एक दूसरे की कैसी गाली देते थे, किस भाषा में बोलते थे, आप सब जानते हो। आज मिल गए हैं क्योंकि उन्हें कुर्सी की चिंता है, बिहार की चिंता नहीं है। सरकार उसकी बननी चाहिए जिसको बिहार की चिंता हो। यहाँ के किसानों का क्या हाल किया है; आप देखिये, चावल की खेती में - हिन्दुस्तान में  प्रति हेक्टेयर औसतन 2,400 किलो चावल पैदा होता है और बिहार में सिर्फ़ 1700 किलो प्रति हेक्टेयर उत्पादन होता है। अब देखिये कि यहाँ हमारे किसान को कितना नुकसान होता है। अगर देश की औसत जितना चावल पैदा होता तो यहाँ 75 लाख टन चावल पैदा होता लेकिन अभी यहाँ 20 लाख टन चावल पैदा होता है अर्थात किसान को लगभग 4000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। हम और कुछ करें न करें लेकिन देश के अन्य राज्यों के किसानों की स्थिति में बिहार के किसानों को ला सकते हैं कि नहीं? अगर लाएंगे तो यहाँ के किसान की आय 4000 करोड़ रुपये ज्यादा बढ़ जाएगी। किसानों को न सरकार के पास जाना पड़ेगा, न दिल्ली सरकार से मांगना पड़ेगा और विकास अपने आप होगा लेकिन इनको करना नहीं है।

मैं हमेशा कहता हूँ कि बिहार का पानी और यहाँ की जवानी बिहार की इतनी बड़ी ताकत है जिस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। आप देखिये कि पंजाब में पांच प्रमुख नदियाँ हैं और बिहार में इतनी सारी नदियाँ हैं कि आप गिनने जाओ तो भूल जाओगे। पंजाब में पांच नदियाँ होने के बावजूद भी पंजाब पूरे हिन्दुस्तान का पेट भरने में कामयाब हो गया तो बिहार में तो इतनी सारी नदियाँ हैं। पानी समुंदर में चला जाता है, यही पानी कभी-कभार गांवों को डुबा जाता है, खेतों को नष्ट कर देता है, इसी पानी का सही उपयोग हुआ होता तो बिहार का पानी यहाँ के किसान की ताकत बनता और बिहार की जवानी हिन्दुस्तान की ताकत बनकर उभरती।

मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि इस चुनाव में भारी संख्या में मतदान कीजिये। 16 को मतदान है। ज्यादा-से-ज्यादा मतदान कीजिये और मेरा नारा है – ‘पहले मतदान, फिर जलपान’। मतदान करना हमारा पवित्र दायित्व है। मतदान अवश्य करें और एक मजबूत सरकार बनाईए, दो-तिहाई बहुमत वाली सरकार बनाईए। आप देखिये, बिहार भी काफ़ी तेज़ी से आगे बढ़ेगा। मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूँ। सब लोग एक साथ मिल कर बोलिये -

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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“Sacrifice of Sahibzadas of Guru Gobind Singh Ji for India's civilization, culture, faith and religion is incomparable”
“Today we feel proud when we see the youth of India excelling in the world of startups. We feel proud when we see that the youth of India are innovating and taking the country forward”
“This is New India, which does not hold back from innovating. Courage and determination are the hallmark of India today”
“Children of India have shown their modern and scientific temperament in the vaccination program and since January 3, in just 20 days, more than 40 million children have taken the corona vaccine”

कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रीपरिषद के हमारे साथी स्मृति ईरानी जी, डॉक्टर महेंद्रभाई, सभी अधिकारीगण, सभी अभिभावक एवं शिक्षकगण, और भारत के भविष्य, ऐसे मेरे सभी युवा साथियों!

आप सबसे बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। आपसे आपके अनुभवों के बारे में जानने को भी मिला। कला-संस्कृति से लेकर वीरता, शिक्षा से लेकर इनोवेशन, समाजसेवा और खेल, जैसे अनेकविध क्षेत्रों में आपकी असाधारण उपलब्धियों के लिए आपको अवार्ड मिले हैं। और ये अवार्ड एक बहुत बड़ी स्‍पर्धा के बाद आपको मिले हैं। देश के हर कोने से बच्‍चे आगे आए हैं। उसमें से आपका नंबर लगा है। मतलब कि अवार्ड पाने वालों की संख्‍या भले कम है, लेकिन इस प्रकार से होनहार बालकों की संख्‍या हमारे देश में अपरम्‍पार है। आप सबको एक बार फिर इन पुरस्कारों के लिए बहुत बहुत बधाई। आज National Girl Child Day भी है। मैं देश की सभी बेटियों को भी बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों

आपके साथ-साथ मैं आपके माता-पिता और टीचर्स को भी विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ। आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं, इसके पीछे उनका भी बहुत बड़ा योगदान है। इसीलिए, आपकी हर सफलता आपके अपनों की भी सफलता है। उसमें आपके अपनों का प्रयास और उनकी भावनाएं शामिल हैं।

मेरे नौजवान साथियों,

आपको आज ये जो अवार्ड मिला है, ये एक और वजह से बहुत खास है। ये वजह है- इन पुरस्कारों का अवसर! देश इस समय अपनी आज़ादी के 75 साल का पर्व मना रहा है। आपको ये अवार्ड इस महत्वपूर्ण कालखंड में मिला है। आप जीवन भर, गर्व से कहेंगे कि जब मेरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, तब मुझे ये अवार्ड मिला था। इस अवार्ड के साथ आपको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी मिली है। अब दोस्तों की, परिवार की, समाज की, हर किसी की आपसे अपेक्षाएँ भी बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं का आपको दबाव नहीं लेना है, इनसे प्रेरणा लेनी है।

युवा साथियों, हमारे देश के छोटे छोटे बच्चों ने, बेटे-बेटियों ने हर युग में इतिहास लिखा है। हमारी आज़ादी की लड़ाई में वीरबाला कनकलता बरुआ, खुदीराम बोस, रानी गाइडिनिल्यू जैसे वीरों का ऐसा इतिहास है जो हमें गर्व से भर देता है। इन सेनानियों ने छोटी सी उम्र में ही देश की आज़ादी को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, उसके लिए खुद को समर्पित कर दिया था।

आपने टीवी देखा होगा, मैं पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गया था। वहां मेरी मुलाकात श्रीमान बलदेव सिंह और श्रीमान बसंत सिंह नाम के ऐसे वीरों से हुई जिन्होंने आज़ादी के तुरंत बाद जो युद्ध हुआ था कश्‍मीर की धरती पर, अभी तो इनकी उम्र बहुत बड़ी है, तब वो बहुत छोटी उम्र के थे और उन्‍होंने उस युद्ध में बाल सैनिक की भूमिका निभाई थी। और हमारी सेना में पहली बार बाल-सैनिक के रूप में उनकी पहचान की गई थी। उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए उतनी कम उम्र में अपनी सेना की मदद की थी।

इसी तरह, हमारे भारत का एक और उदाहरण है- गुरु गोविन्द सिंह जी के बेटों का शौर्य और बलिदान! साहिबज़ादों ने जब असीम वीरता के साथ, धैर्य के साथ, साहस के साथ पूर्ण समर्पण भाव से बलिदान दिया था तब उनकी उम्र बहुत कम थी। भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था और धर्म के लिए उनका बलिदान अतुलनीय है। साहिबज़ादों के बलिदान की स्मृति में देश ने 26 दिसम्बर को 'वीर बाल दिवस' की भी शुरुआत की है। मैं चाहूँगा कि आप सब, और देश के सभी युवा वीर साहिबज़ादों के बारे में जरूर पढ़ें।

आपने ये भी जरूर देखा होगा, कल दिल्ली में इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नेताजी से हमें सबसे बड़ी प्रेरणा मिलती है- कर्तव्य की, राष्ट्रप्रथम की! नेताजी से प्रेरणा लेकर हम सबको, और युवा पीढ़ी को विशेष रूप से देश के लिए अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ना है।

साथियों,

हमारी आजादी के 75 साल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आज हमारे सामने अपने अतीत पर गर्व करने का, उससे ऊर्जा लेने का समय है। ये समय वर्तमान के संकल्पों को पूरा करने का है। ये समय भविष्य के लिए नए सपने देखने का है, नए लक्ष्य निर्धारित करके उन पर बढ़ने का है। ये लक्ष्य अगले 25 सालों के लिए हैं, जब देश अपनी आज़ादी के सौ साल पूरे करेगा।

अब आप कल्‍पना कीजिए, आज आप में से ज्‍यादातर लोग 10 और 20 के बीच की उम्र के हैं। जब आजादी के सौ साल होंगे तब आप जीवन के उस पड़ाव पर होंगे, तब ये देश कितना भव्‍य, दिव्‍य, प्रगतिशील, ऊंचाइयों पर पहुंचा हुआ, आपका जीवन कितना सुख-शांति से भरा हुआ होगा। यानी, ये लक्ष्य हमारे युवाओं के लिए हैं, आपकी पीढ़ी और आपके लिए हैं। अगले 25 सालों में देश जिस ऊंचाई पर होगा, देश का जो सामर्थ्य बढ़ेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारी युवा पीढ़ी की है।

साथियों,

हमारे पूर्वजों ने जो बोया, उन्‍होंने जो तप किया, त्‍याग किया, उसके फल हम सबको नसीब हुए हैं। लेकिन आप वो लोग हैं, आप एक ऐसे कालखंड में पहुंचे हैं, देश आज उस जगह पर पहुंचा हुआ है कि आप जो बोऐंगे उसके फल आपको खाने को मिलेंगे, इतना जल्‍दी से बदलाव होने वाला है। इसीलिए, आप देखते होंगे, आज देश में जो नीतियाँ बन रही हैं, जो प्रयास हो रहे हैं, उन सबके केंद्र में हमारी युवा पीढ़ी है, आप लोग हैं।

आप किसी सेक्टर को सामने रखिए, आज देश के सामने स्टार्टअप इंडिया जैसे मिशन हैं, स्टैंडअप इंडिया जैसे प्रोग्राम चल रहे हैं, डिजिटल इंडिया का इतना बड़ा अभियान हमारे सामने है, मेक इन इंडिया को गति दी जा रही है, आत्मनिर्भर भारत का जनआंदोलन देश ने शुरू किया है, देश के हर कोने में तेजी से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर विस्तार ले रहा है, हाइवेज़ बन रहे हैं, हाइस्पीड एक्सप्रेसवेज़ बन रहे हैं, ये प्रगति, ये गति किसकी स्पीड से मैच करती है? आप लोग ही हैं जो इन सब बदलावों से खुद को जोड़कर देखते हैं, इन सबके लिए इतना excited रहते हैं। आपकी ही जेनेरेशन, भारत ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी इस नए दौर को लीड कर रही है।

आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों के CEO, हर कोई उसकी चर्चा कर रहा है, ये CEO कौन हैं, हमारे ही देश की संतान हैं। इसी देश की युवा पीढ़ी है जो आज विश्‍व में छाई हुई है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि भारत के युवा स्टार्ट अप की दुनिया में अपना परचम फहरा रहे हैं। आज हमें गर्व होता है, जब हम देखते हैं कि भारत के युवा नए-नए इनोवेशन कर रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं। अब से कुछ समय बाद, भारत अपने दमखम पर, पहली बार अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने वाला है। इस गगनयान मिशन का दारोमदार भी हमारे युवाओं के पर ही है। जो युवा इस मिशन के लिए चुने गए हैं, वो इस समय कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

साथियों,

आज आपको मिले ये अवार्ड भी हमारी युवा पीढ़ी के साहस और वीरता को भी celebrate करते हैं। ये साहस और वीरता ही आज नए भारत की पहचान है। कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई हमने देखी है, हमारे वैज्ञानिकों ने, हमारे वैक्सीन Manufacturers ने दुनिया में लीड लेते हुये देश को वैक्सीन्स दीं। हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी बिना डरे, बिना रुके देशवासियों की सेवा की, हमारी नर्सेस गाँव गाँव, मुश्किल से मुश्किल जगहों पर जाकर लोगों को वैक्सीन लगा रही हैं, ये एक देश के रूप में साहस और हिम्मत की बड़ी मिसाल है।

इसी तरह, सीमाओं पर डटे हमारे सैनिकों की वीरता को देखिए। देश की रक्षा के लिए उनकी जांबाजी हमारी पहचान बन गई है। हमारे खिलाड़ी भी आज वो मुकाम हासिल कर रहे हैं, जो भारत के लिए कभी संभव नहीं माने जाते थे। इसी तरह, जिन क्षेत्रों में बेटियों को पहले इजाजत भी नहीं होती थी, बेटियाँ आज उनमें कमाल कर रही हैं। यही तो वो नया भारत है, जो नया करने से पीछे नहीं रहता, हिम्मत और हौसला आज भारत की पहचान है।

साथियों,

आज भारत, अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। इससे आपको पढ़ने में, सीखने में और आसानी होगी। आप अपनी पसंद के विषय पढ़ पाएं, इसके लिए भी शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश भर के हजारों स्कूलों में बन रही अटल टिंकरिंग लैब्स, पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही बच्चों में इनोवेशन का सामर्थ्य बढ़ा रही हैं।

साथियों,

भारत के बच्चों ने, युवा पीढ़ी ने हमेशा साबित किया है कि वो 21वीं सदी में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कितने सामर्थ्य से भरे हुए हैं। मुझे याद है, चंद्रयान के समय, मैंने देशभर के बच्चों को बुलाया था। उनका उत्साह, उनका जोश मैं कभी भूल नहीं सकता। भारत के बच्चों ने, अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी अपनी आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है। 3 जनवरी के बाद से सिर्फ 20 दिनों में ही चार करोड़ से ज्यादा बच्चों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ये दिखाता है कि हमारे देश के बच्चे कितने जागरूक हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का कितना एहसास है।

साथियों,

स्वच्छ भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा श्रेय भी मैं भारत के बच्चों को देता हूं। आप लोगों ने घर-घर में बाल सैनिक बनकर, स्‍वच्‍छाग्रही बनकर अपने परिवार को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित किया। घर के लोग, स्वच्छता रखें, घर के भीतर और बाहर गंदगी ना हो, इसका बीड़ा बच्चों ने खुद उठा लिया था। आज मैं देश के बच्चों से एक और बात के लिए सहयोग मांग रहा हूं। और बच्‍चे मेरा साथ देंगे तो हर परिवार में परिवर्तन आएगा। और मुझे विश्‍वास है ये मेरे नन्‍हें-मुन्‍हें साथी, यही मेरी बाल सेना मुझे इस काम में बहुत मदद करेगी।

जैसे आप स्वच्छता अभियान के लिए आगे आए, वैसे ही आप वोकल फॉर लोकल अभियान के लिए भी आगे आइए। आप घर में बैठ करके, सब भाई-बहन बैठ करके एक लिस्‍ट बनाइए, गिनती करिए, कागज ले करके देखिए, सुबह से रात देर तक आप जो चीजों का उपयोग करते हैं, घर में जो सामान है, ऐसे कितने Products हैं, जो भारत में नहीं बने हैं, विदेशी हैं। इसके बाद घर के लोगों से आग्रह करें कि भविष्य में जब वैसा ही कोई Product खरीदा जाए तो वो भारत में बना हो। उसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो, जिसमें भारत के युवाओं के पसीने की सुगंध हो। जब आप भारत में बनी चीजें खरीदेंगे तो क्‍या होने वाला है। एकदम से हमारा उत्‍पादन बढ़ने लग जाएगा। हर चीज में उत्पादन बढ़ेगा। और जब उत्पादन बढ़ेगा, तो रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। जब रोजगार बढ़ेंगे तो आपका जीवन भी आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए आत्मनिर्भर भारत का अभियान, हमारी युवा पीढ़ी, आप सभी से भी जुड़ा हुआ है।

साथियों,

आज से दो दिन बाद देश अपना गणतन्त्र दिवस भी मनाएगा। हमें गणतन्त्र दिवस पर अपने देश के लिए कुछ नए संकल्प लेने हैं। हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए, और पूरे विश्व के भविष्य के लिए हो सकते हैं। जैसे कि पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है, और इसका लाभ पूरे विश्व को मिलेगा।

मैं चाहूँगा कि आप उन संकल्पों के बारे में सोचें जो भारत की पहचान से जुड़े हों, जो भारत को आधुनिक और विकसित बनाने में मदद करें। मुझे पूरा भरोसा है, आपके सपने देश के संकल्पों से जुड़ेंगे, और आप आने वाले समय में देश के लिए अनगिनत कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

इसी विश्वास के साथ आप सभी को एक बार फिर बहुत बहुत बधाई,

सभी मेरे बाल मित्रों को बहुत-बहुत प्‍यार, बहुत-बहुत बधाई, बहुत बहुत धन्यवाद !