Mahayuti in Maharashtra, BJP-NDA in the centre, this means double-engine government in Maharashtra. This means 'double-raftaar' of development: PM Modi
For years, Congress has been undermining the rights and welfare of the SC/ST communities, using them as political tools: PM Modi in Chimur

जय भवानी// जय भवानी// जय माता महाकाली// ‘जय सेवालाल’// ‘जय बिरसा’ आपल्या सर्वांना// माझा नमस्कार।

श्री हरी बालाजी महाराज देवस्थानम् की पुण्य भूमि, क्रांतिकारियों की, वीरों की ये धरती। मैं चिमूर की इस महान मिट्टी को नमन करता हूं। इस भूमि के गोंड सरदार वीर बाबुराव पुल्लेसुर शेडमाके को मैं नमन करता हूं।

साथियों,

महाराष्ट्र में चुनाव के क्या नतीजे आने वाले हैं, ये आपने आज ही बता दिया है। ये जनसैलाब बता रहा है, महाराष्ट्र में महायुति की भारी बहुमत की सरकार बनने जा रही है। चिमूर की जनता ने, और पूरे महाराष्ट्र ने ठान लिया है। भाजपा-महायुति //आहे// तर गति आहे// महाराष्ट्राची// प्रगति आहे।

साथियों,

मैंने सालों तक संगठन में कार्यकर्ता के रूप में काम किया है। और इस प्रकार का कार्यक्रम आर्गेनाइज करने में लोहे के चने चबाने पड़ते हैं, इसका मुझे पूरा अंदाज है। और उसमें भी 12-1 बजे ऐसा कार्यक्रम करना, मैं गुजरात में तो नहीं कर सकता। आपने क्या कमाल कर दिया, जहां भी मेरी नजर पहुंच रही है लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे केसरिया सागर लहरा रहा है।

साथियों,

मैं आज महाराष्ट्र भाजपा को भी बधाई दूंगा जिसने बहुत ही शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। इस संकल्प पत्र में लड़की बहिनों के लिए, हमारे किसान भाई-बहनों के लिए, देश की युवा शक्ति के लिए, महाराष्ट्र के विकास के लिए एक से बढ़कर एक शानदार संकल्प लिए गए हैं। AI यूनिवर्सिटी की बात हो, वॉटर ग्रिड प्रोजेक्ट हो, हर घर पाइप से पानी हो, देहात में पक्का घर हो, डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाना हो, इसमें महाराष्ट्र के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए बहुत सारी योजनाएं और संकल्प की प्रस्तुति है। मैं महाराष्ट्र के आप सभी लोगों को इस संकल्प पत्र के लिए बधाई देता हूं। ये संकल्प पत्र, अगले 5 साल के लिए महाराष्ट्र के विकास की गारंटी बनेगा।

साथियों,

महायुति के साथ-साथ केंद्र में NDA की सरकार, यानी महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार यानी, विकास की डबल रफ्तार! महाराष्ट्र के लोगों ने पिछले ढाई वर्षों में विकास की इस डबल रफ्तार को देखा है। आज महाराष्ट्र, देश का वो राज्य है, जहां सबसे ज्यादा विदेशी निवेश हो रहा है। यहां नए एयरपोर्ट्स बन रहे हैं, नए एक्स्प्रेसवेज़ बन रहे हैं। आज महाराष्ट्र में करीब एक दर्जन वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। राज्य के 100 से ज्यादा स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। राज्य में कई रेल मार्गों का विस्तार हो रहा है।

साथियों,

महायुति की सरकार किस स्पीड से काम करती है और, ये आघाडी वालों की जमात कैसे कामों को रोकते हैं, चंद्रपुर के लोगों से बेहतर ये बात और कौन जानेगा? यहां के लोग दशकों से रेल कनेक्टिविटी की मांग कर रहे थे। लेकिन, कांग्रेस और अघाड़ी वालों ने कभी ये काम नहीं होने दिया। हमारी सरकार ने कांपा-वरोरा रेलवे लाइन को मंजूरी दी। नागपुर से गढ़चिरौली रेलवे लाइन का काम भी अब पूरा होने वाला है। इससे किसको सुविधा मिलेगी? आपको सुविधा मिलेगी, आपका समय बचेगा, आपका पैसा बचेगा।

भाइयों बहनों,

महाराष्ट्र का तेज विकास, अघाड़ी वालों के बस की बात नहीं है। अघाड़ी वालों ने केवल विकास पर ब्रेक लगाने में ही पीएचडी की है। कामों को अटकाना, लटकाना और भटकाना, ये कांग्रेस वालों को इसमें डबल पीएचडी है, एक्सपर्ट हैं। ढाई साल में इन्होंने मेट्रो से लेकर वाढवण पोर्ट और समृद्धि महामार्ग तक, हर विकास परियोजना को रोकने का काम किया। इसलिए याद रखिएगा, अघाड़ी यानी- भ्रष्टाचार के सबसे बड़े खिलाड़ी! आप इन्हें दोबारा लूट का लाइसेन्स मिलने देंगे क्या? जरा पूरी ताकत से बताइए, मिलने देंगे क्या? लूट करने देंगे? खजाना भरने देंगे? साथियों, मैं आपसे पूछना चाहता हूं जरा पूरी ताकत से जवाब दीजिए। आप महाराष्ट्र की प्रगति पर ब्रेक लगने देंगे क्या?

साथियों,

कांग्रेस और उसके साथी दल, हिंसा और अलगाववाद पर राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं। अभी कुछ ही दिन पहले जम्मू कश्मीर की विधानसभा में क्या हुआ, पूरे देश ने देखा! आपने भी टीवी में देखा होगा, अखबारों में पढ़ा होगा, सोशल मीडिया में आया होगा। ये हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा। महाराष्ट्र के मेरे कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते-करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए। और ये हालत बनी कैसे? ये पाप पनपा कैसे? जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370 और ये कांग्रेस की देन थी। और जैसे ही हमने 370 को खत्म किया। कश्मीर को भारत और भारत के संविधान से पूरी तरह नाता जोड़ा। हमारे देश के बहुत लोगों को पता ही नहीं है। शायद आपके लिए भी ये जानकारी पहली बार होगी। बाबा साहेब आंबेडकर ने जो संविधान बनाया। जिस संविधान को पूरे देश ने स्वीकार किया, लागू किया लेकिन आपको जानकर दुख होगा कि ये संविधान की माला जपने वाले लोगों ने सात दशक से भी ज्यादा समय जम्मू-कश्मीर में बाबा साहेब आंबेडकर के दिए हुए संविधान को लागू नहीं किया था। सात दशक तक, देश आजाद होने के बाद, जब तक मोदी नहीं आया तब तक इस देश में दो संविधान चलते थे। एक संविधान जो बाबा साहेब आंबेडकर ने दिया, जिसका पालन हम सबलोग करते थे। और दूसरा विधान जम्मू-कश्मीर था। जम्मू-कश्मीर का हाईकोर्ट का जज शपथ लेता था भारत के संविधान के नाम पर नहीं। जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री शपथ लेता था भारत के संविधान के नाम पर नहीं। धारा 370 की ऐसी दीवार थी जो बाबा साहेब के संविधान को जम्मू-कश्मीर में घुसने नहीं देती थी। ये मोदी को आपने आशीर्वाद दिया और 370 को हमेशा-हमेशा के लिए जमीन में गाड़ दिया दोस्तों। लेकिन कांग्रेस वालों को, उनके साथियों को ये बात पच नहीं रही है। इसलिए कांग्रेस और उसके साथी कश्मीर में फिर से धारा 370 वापस लाकर लागू करने का प्रस्ताव सदन में लाए हैं। सदन में पास करवा रहे हैं। यहां कांग्रेस वालों को पूछिए, उनके साथियों पूछिए, कि जो धारा 370 खतम हो गई। जिस जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान पैर नहीं रख सकता था उस जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान पहुंचा। आप फिर से उनको रोक लोगे। ये लोग वो काम कर रहे हैं जो काम पाकिस्तान चाहता है। मैं जरा यहां के लोगों से पूछना चाहता हूं। क्या कांग्रेस को ये करने देंगे आप? ये करने देंगें? 370 वापस आने देंगे? जम्मू-कश्मीर को हमसे दूर रखने देंगे? उनको और उनके साथियों को सजा देंगे?

साथियों,

हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है। इस क्षेत्र ने क्या कुछ नहीं सहा? नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हुआ! हिंसा का खूनी खेल चलता रहा! औद्योगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया! कांग्रेस और उसके साथियों ने आपको सिर्फ और सिर्फ खूनी खेल दिए हैं। ये हमारी सरकार है जिसने नक्सलवाद पर लगाम लगाई है। आज ये पूरा क्षेत्र खुलकर सांस ले पा रहा है। अब चिमूर और गढ़चिरौली के क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं! इस क्षेत्र में नक्सलवाद फिर ना हावी हो जाए, इसके लिए आपको कांग्रेस और उसके साथियों को यहां फटकने भी नहीं देना है। मेरी बात मानोगे न? जरा जोर से बताइए, मानोगे न?

साथियों,

बीजेपी और महायुति सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर काम कर रही है। मैं गरीब के जीवन की मुश्किलों को समझता हूं, इसलिए आपका जीवन आसान बनाने के लिए दिन-रात काम करता हूं। हमारी सरकार में करोड़ों गरीबों को पीएम-आवास मिले। हमारी सरकार में करोड़ों गरीबों को मुफ्त इलाज की गारंटी मिली। नई सरकार बनते ही हमने आयुष्मान योजना का लाभ 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी दे दिया। हमने गांव-गांव सड़क पहुंचाई, बिजली पहुंचाई। करोड़ों परिवारों को जल-जीवन मिशन के तहत पानी का कनेक्शन मिला। अकेले चिमूर में ही 16 लाख परिवारों को मुफ्त राशन मिल रहा है, ताकि गरीब के घर का चूल्हा जलता रहे। गरीब कल्याण की योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ हमारे वंचित समाज को ही हुआ। दलित हो, पीड़ित हो, शोषित हो, आदिवासी हो, ओबीसी हो उनको मिला। और ऐसे ही प्रयासों से पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। महायुति की सरकार, इस क्षेत्र में भी गरीबों को मजबूत करने के लिए, उन्हें नए अवसर देने के लिए हर काम करेगी।

साथियों,

हमें हमारे महाराष्ट्र को समृद्ध बनाने के लिए हमारे किसानों को समृद्ध बनाना है। आज यहां किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा मिल रहा है। महायुति सरकार साथ में नमो शेतकरी योजना का डबल फायदा भी दे रही है। चंद्रपुर जिले में और इस क्षेत्र में धान की पैदावार भी होती है। तुमचा चिन्नोरची चव// किती मधूर असते// आप सभी को महाराष्ट्र भाजपा की घोषणाएं बहुत मदद करने वाली हैं।

साथियों,

हमारी सरकार सोयाबीन किसानों को संकट से उबारने के लिए भी आर्थिक सहायता दे रही है। सोयाबीन किसानों को अलग से 5 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। महायुति की सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6 हजार प्रति क्विंटल करने का भी वायदा किया है। हमने प्याज निर्यात शुल्क को भी कम किया गया है, ताकि हमारे किसान भाइयों की आय बढ़े।

भाइयों बहनों,

महाराष्ट्र में किसानों का कांग्रेस और अघाड़ी की सरकार ने बहुत नुकसान किया है। आपको याद है, अपने शासन में इन्होंने जलयुक्त शिवार योजना को रोक दिया था। महायुति सरकार ने ये काम फिर से शुरू किया। बीते वर्षों में निलवंडे बांध औऱ कैनाल के काम पूरे हुए हैं। विशाल गोसी खुर्द प्रोजेक्ट भी अब पूरा होने जा रहा है।

साथियों,

चंद्रपुर के तो बैम्बू दुनिया भर में मशहूर हैं। ये भी हमारी ही सरकार है जिसने बैम्बू से जुड़े अंग्रेजों के जमाने के पुराने नियमों को बदला, कानून को बदला, जिससे आपके लिए बैम्बू की खेती आसान हो जाए। गढ़चिरौली और चंद्रपुर में बांस शिल्पकारों की स्किल ट्रेनिंग पर भी हमारी सरकार जोर दे रही है।

साथियों,

मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं। हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10 प्रतिशत के आसपास है। कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर टुकड़े-टुकड़े करके कमजोर करना चाहती हैं। यहां चिमूर-चंद्रपुर में भी बडी संख्या में मेरे आदिवासी भाई-बहन रहते हैं। कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई एसटी के रूप में उनकी पहचान खो दें, आदिवासी के रूप में उनकी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाएं। सारे आदिवासी समाज की छोटी-छोटी जातियां अपने आप को एसटी के नाते भूल जाएं, आदिवासी के नाते भूल जाएं सिर्फ जाति के रूप में याद रखें और आपस में लड़ें, आपकी एकता टूट जाए यह कांग्रेस का खतरनाक खेल है। कांग्रेस गोंड समाज को राज गोंड से लड़वाना चाहती है। अरख समाज को परधान समाज से लड़वाना चाहती है। कांग्रेस पठारी को सरोटी से, हलबा को हलबी से, कोलम को मन्नेरवारलू से लड़वाना चाहती हैं। आदिवासी समाज जातियों में बंटेगा तो उसकी ताकत कम होगी। विदेश में जाकर कांग्रेस के शहजादे खुद ये ऐलान कर चुके हैं। इसीलिए मैं कहता हूं, हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है। हमें एकजुट रहना है। और इसलिए मेरा तो आपसे एक ही आग्रह है हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। हम एक रहेंगे तो... हम एक रहेंगे तो...। और साथियों, आप जानते हैं, अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी, तो सबसे पहले क्या होगा? कांग्रेस आपका आरक्षण छीन लेगी। कांग्रेस के शाही परिवार की हमेशा से ये मानसिकता रही है कि वो इस देश पर राज करने के लिए पैदा हुआ है। आजादी के बाद इसलिए ही कांग्रेस ने दलितों-पिछड़ों और आदिवासियों को कभी आगे नहीं बढ़ने दिया। और आरक्षण से दलितों-पिछड़ों और आदिवासियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। इसलिए ही कांग्रेस आरक्षण से चिढ़ती है। 80 के दशक में तो कांग्रेस ने जब राजीव गांधी नेतृत्व करते थे, चुनाव का समय... चुनाव चल रहे थे। और उनकी हिम्मत देखी है बकायदा उन्होंने अखबारों में एडवर्टाइजमेंट दी थी, पोस्टर जारी किए थे और दलितों पिछड़ों और आदिवासियों को मिलने वाले विशेष अधिकार पर सवाल उठा दिया था। अगर आप सोशल मीडिया खोजोगे तो ये सब मिलेगा और मैं तो यहां के पत्रकारों से आग्रह करता हूं जरा 84 के एडवरटीजमेंट खोल करके निकाल के दिखाइए लोगों को। कैसा पाप किया इन लोगों ने। कांग्रेस, तब दबंगों की भाषा बोल रही थी। कांग्रेस ने तब भी एक तरह से कह दिया था कि आरक्षण की कोई जरूरत नहीं। ऐसा कांग्रेस वाले बोलने की हिम्मत करते थे। आज भी कांग्रेस दबंगों की भाषा बोल रही है कि दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों का आरक्षण खत्म कर देंगे। इसलिए आपको कांग्रेस और उसके साथियों से सतर्क रहना है।

साथियों,

हमें चंद्रपुर और महाराष्ट्र के विकास अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। ये काम केवल और केवल महायुति सरकार ही करेगी। मेरी अपील है, आप महायुति के उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताइए। और साथियों, इतना बड़ा जन सैलाब इस बात की गारंटी बन जाता है कि यहां सब की सब सीटें आप जिताने वाले हों। आप सभी इतनी बड़ी तादाद में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं फिर से एक बार आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।
पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए, भारत माता की। दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए, भारत माता की, जय भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।