The spirit of Seva, Sangathan, and Samarpan defines Bihar’s BJP cadre: PM Modi to BJP karyakartas at “Mera Booth Sabse Mazboot” campaign
Every booth is a building block of India’s journey towards becoming a developed and self-reliant nation: PM Modi to BJP karyakartas of Bihar
Development must always be seen as “Seva ka sadhan, not a tool of politics": PM Modi

बिहार के सब भाई-बहन लोगिन के हम नरेंद्र मोदी प्रणाम करत वाणी। नमो ऐप के माध्यम से मेरे साथ जुड़े सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को भी मेरा नमस्कार। आजकल दीपावली, छठ पूजा और अन्य उत्सवों की तैयारियां जोरों पर है। बिहार में लोकतंत्र का महा उत्सव की शुरुआत भी हो चुकी है। आप भी दिन भर चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं। आप सभी के परिश्रम को भाजपा का हर कार्यकर्ता बहुत ही गौरव के साथ देखता है। परिश्रम भले बिहार में भाजपा कार्यकर्ता करता होगा लेकिन गर्व पूरे हिंदुस्तान के बीजेपी के कार्यकर्ताओं को होता है। आपको मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

मेरा बूथ सबसे मजबूत यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है। यह जमीनी स्तर पर भाजपा की सफलता की सबसे मजबूत कड़ी है। जैसे पुरानी कहावत है ना कि बूंद-बूंद से घड़ा भरता है। वैसे ही जब हर बूथ सबसे मजबूत रहता है तभी पार्टी को सफलता मिलती है। और इसलिए मुझे देखकर बहुत प्रसन्न और बहुत अच्छा लगा कि बिहार भाजपा का हर कार्यकर्ता मेरा बूथ सबसे मजबूत का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। मैं ज्यादा लंबा बोलना नहीं चाहता हूं। मैं आज आपको भी सुनना चाहता हूं। लेकिन साथ-साथ यह भी जरूरी है कि बिहार के घर-घर से एक ही आवाज सुनाई दे रही है। देश भर के जो पत्रकार वहां है वो भी इस बात को बताते रहते हैं। और वो आवाज क्या है? एकजुट एनडीए, एकजुट बिहार फिर से बनेगी सुशासन की सरकार।

साथियों,

हमें ये भी याद रखना है कि हर बूथ में हमारे साथ एनडीए के अन्य दलों के कार्यकर्ता भी होंगे। भाजपा के अलावा जेडीयू है, लोक जनशक्ति पार्टी है, राष्ट्रीय लोक मोर्चा है, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा है। इन सभी सहयोगी पार्टियों के साथ हमारा तालमेल बेहतरीन होना चाहिए। कई बूथ ऐसे भी होंगे जहां भाजपा का उम्मीदवार नहीं होगा। एनडीए के किसी साथी का कैंडिडेट होगा। जहां भाजपा उम्मीदवार नहीं है, वहां एनडीए के हर उम्मीदवार के साथ पूरी मजबूती से हमें जुड़ना है। हमें अपने संगठन की पूरी ताकत दिखानी है। जब फिर से एनडीए की एक मजबूत सरकार बिहार में बनेगी तो इससे बिहार के हर भाजपा कार्यकर्ता का ही सम्मान बढ़ेगा। साथियों मैंने सोशल मीडिया पर आप सभी से कहा था कि अपने सुझाव भेजें कि किन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। मुझे लाखों की संख्या में संदेश मिले हैं। चलिए बिना समय गंवाए बातचीत शुरू करते हैं।

आइए पहले साथी किस बूथ से बात करेंगे?

दिलीप पासवान - नमस्कार सर मैं दिलीप पासवान पटना महानगर 184 पटना विधानसभा क्षेत्र के सतीश समिति सतवा मंडल के अध्यक्ष से बात कर रहा हूं

पीएम मोदी- हां दिलीप जी नमस्कार बताइए अपने विषय में

दिलीप पासवान - जी मैं एक गरीब दलित किसान परिवार से हूं सर। आज मुझे अपने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी से बात करने का शुभ अवसर मिला है। इसके लिए मैं बहुत उत्साहित हूं और खुश हूं सर।

पीएम मोदी- दिलीप जी आपके जीवन में बहुत बड़ा संकट आ गया। अभी 15 दिन पहले मुझे बताया गया कि आपकी श्रीमती जी का निधन हुआ। लेकिन उसके बावजूद भी इस जुनून से शोक की इस घड़ी में भी आप भाजपा के लिए इतने समर्पित होकर के काम कर रहे हैं दिलीप जी जब मैं आपसे बात कर रहा हूं मेरे रोंगटे खड़े हो रहे हैं कि मेरी पार्टी कितना भाग्यवान हैं कि हमारे पास दिलीप जी जैसे साथी है परिवार पर इतना बड़ा संकट इस सबके बावजूद भी आपके लिए भाजपा को जिताने के लिए मैं समझता हूं आपने गीता को पचा दिया है, गीता के सिद्धांतों को पचा दिया है आइए आपसे कुछ सुनना चाहता हूं दिलीप जी

दिलीप पासवान - जी सर हम लोग संगठन के लिए सर काम तो कर रहे हैं हम लोग एक टोली बनाए हैं सर और मंडल पदाधिकारी मंडल के जितने भी कार्यकर्ता लोग मंडल में हम लोग सब क्षेत्र व क्षेत्र बांटे हुए हैं जो उनका मोहल्ला है वह पांच आदमी में एक ग्रुप प्रमुख होते हैं वो घर-घर जाकर बताते हैं केंद्र सरकार की योजना के बारे में। पेंशन योजना बहुत बड़ा एक हो गया पेंशन योजना जो 400 से अभी 1100 किया गया एक गरीब का बहुत बड़ा फायदे हो रहे हैं सर। बिजली जो 125 यूनिट फ्री मुफ्त में दिया गया है। इसलिए गरीब का बहुत बड़ा आसान है, बहुत खुश है वो लोग सर। घर-घर में जा कर देखते हैं। दूसरा है सर कि योजना के बारे में हम जल नल योजना के तहत 5000 घरों में पानी पहुंचाने का काम किया है सर। वोटर र आईडी में बहुत हम लोग के गांव है सर। अभी तक लोग को यह पता नहीं कि वोटर लिस्ट में नाम कैसे चढ़ेंगे। तो हम लोग 1500 से 2000 तक का नाम चढ़ाएं हैं घर-घर जाकर कि आप अपना वोटर आईडी कार्ड घर का एक दीजिए। फोटो दीजिए, आधार कार्ड दीजिए, उनका नाम चढ़ाने का काम किए हैं सर। और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 450 घर बने हमारे वार्ड में सर।

पीएम मोदी- अरे वाह

दिलीप पासवान- तो हम संगठन संगठन के लिए काम करते हैं रात दिन सर और हम चाहते हैं कि भारी बहुमत से हमारी सरकार बने। जीत ना हो। बहुत भारी मत से जीत हो।

पीएम मोदी- देखिए अगर आप हर बूथ में दिलीप जी हर बूथ में हर परिवार को सरकार का क्या लाभ मिलता है इसकी अगर सूची बना दे और हर परिवार को पूछे भाई चलिए किसान सम्मान निधि मिलता है, वीडियो पेंशन मिलता है फलाना मिलता है तो आप देखेंगे एक-एक परिवार और जब जोड़ के उनको बताएंगे देखिए आपके परिवार में हर साल इतना रुपया आता है तो, उसको भी आश्चर्य होगा अरे वाह हमने तो कभी गिना ही नहीं। क्योंकि अलग-अलग तरीके से आता है तो यह आपको तो मैं सब खुद के कार्यकर्ताओं से आग्रह करूंगा कि आपके बूथ में जितने परिवार हैं उन सब परिवारों को सरकार की किस-किस योजना का बेनिफिट हो रहा है। अगर अनाज का ही हिसाब लगा देंगे तो साल भर के इतने रुपए उनके घर में आते हैं। अब थोड़ा मान लीजिए फर्टिलाइजर लेता है। फर्टिलाइजर में सब्सिडी जो देते हैं उसका हिसाब लगा के बताओ कि भाई आपने साल भर में इतना फर्टिलाइजर लिया मतलब सरकार ने आपको इतना पैसा दिया। यह अगर आप करते हैं तो मैं जरूर मानता हूं कि आपको बहुत लाभ होगा। अच्छा दिलीप जी केंद्र सरकार की जो गरीब कल्याण की योजना है जैसे उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन यह आपने तो कई नाम बताए, कई योजनाओं का उल्लेख किया। इन सभी लाभार्थी लोगों से आप कैसे संपर्क करते हैं? उनके लिए आप कैसी रणनीति बनाकर काम करते हैं?

दिलीप पासवान- सर हम लोग पहले मंडल के जितना भी सदस्य हैं, मंडल पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष, सक्रिय सदस्य एक जगह बैठ जाते हैं और हम लोग एक पांच का ग्रुप बना बना के बांट दिए हैं। सर हर घर जाकर पूछना किनका घर नहीं है? किनका राशन कार्ड नहीं है। इस ढंग से घरे घर एक आदमी तो घूम नहीं सकता मंडल अध्यक्ष। वो हम लोग बांट दिए कार्य को और अपने अपने क्षेत्र में घर जाना है। पांच रोज करना है। फिर शाम को पांच 10 घर करना है। वो ग्रुप उधर घूम रहा है। अपना ग्रुप इधर घूम रहा है। सब मोहल्ला भाई वो घूमते हैं सर और पूर्ण विश्वास के साथ कह रहे हैं सर हम लोग चुनावी माहौल में काम नहीं करते हैं। तीन सौ पैंसठों दिन काम करते हैं। सब दिन काम करते हैं। ई नहीं कि चुनावी माहौल आया तो काम करने गए। हम लोग कोरोना काल में भी घर-घर खाना पहुंचाने का काम किया। जनता सब जानती है कि कौन काम कर रहे हैं। हम लोग एक दिन काम नहीं करते हैं। सर दिन भर जनता के बीच में रहते हैं।

पीएम मोदी -आपका तो अपने परिवार के इतने संकट के बाद भी जिस जुनून से कर रहे हैं ना इसलिए मुझे लगता है कि आप 365 दिन दौड़ने वाले कार्यकर्ता हैं। सभी बूथ के कार्यकर्ताओं को मैं कहूंगा दिलीप जी जैसे कार्यकर्ताओं से हमें प्रेरणा लेनी है। मैं एक और भी सुझाव दूंगा। हम सबके पास मोबाइल फोन होता है। जी भिन्न-भिन्न योजना की अच्छी-अच्छी वीडियो होती है। हमारे मोबाइल फोन में ऐसी 10 12 15 वीडियो अगर हमारे पास लैपटॉप हो तो लैपटॉप में और जब लोगों को मिलने जाए तो घरों में बैठकर के हमारे मोबाइल से वो वीडियो घर वालों को दिखाना चाहिए और हो सके तो उनको कह करके उनके मोबाइल पर ट्रांसफर कर देना चाहिए। फॉरवर्ड कर देना चाहिए और उनको बताना चाहिए कि एक पूरी वीडियो को बार-बार देखिए आप तो घरघर बीजेपी की वीडियो दिखाने का संपर्क होना चाहिए हमारा मोबाइल फोन पर दिखाना परिवार के चार लोग होते हैं तो बैठकर के वीडियो पर देखेंगे तो उसका हम बात जो करते हैं उससे भी ज्यादा असर होता है हां बताइए दिलीप जी क्या बता रहे थे।

दिलीप पासवान- माननीय किशोर यादव वो टीचर हेड मास्टर होते हैं। उस तरह से हम लोग को पढ़ाते हैं। सर हम लोग उनहीं के ज्ञान ले रहे हैं। माननीय विधायक जी हम लोग को एक प्रिंसिपल के तरह डांटते भी हैं। समझाते भी हैं। उन्हीं के सिद्धांत पर चलना चाहते हैं। वो बहुत संघर्ष और जनता के बीच में एक-एक कार्यकर्ता को नाम वो बता सकते हैं। कहां घर है ये हम अभी देखा नहीं और एक एकक आदमी का नाम बता देते हैं। बस उन्हीं का सिद्धांत पर चल रहे हैं।

पीएम मोदी- देखिए बिहार के मेरे सभी बूथ के कार्यकर्ता भाई बहन मेरे लिए सौभाग्य रहा है कि मैं भी एक कार्यकर्ता की तरह जमीन पर काम किया हूं तो मुझे भी इसका एक आनंद है उसका एक अनुभव भी है। और उस अनुभव के आधार पर और फिर मैंने संगठन का दायित्व भी लंबे समय तक संभाला तो कुछ सूत्र देता हूं मैं जरूर चाहता हूं कि आप लोग अगर इसको लिख लेंगे तो आप लोगों को जरूर काम आएंगे। एक आप एनडीए सरकार की चाहे केंद्र की सरकार हो चाहे नीतीश जी की सरकार हो अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थी की लिस्ट बनाए उनके घर तक पहुंचे उनके साथ उनके ही बात करें उनका जीवन कैसे बदला जैसे आयुष्मान से मानो किसी ने ऑपरेशन करवाया होगा तो बड़े चाव से वर्णन करेगा और उसका आप वीडियो भी बना सकते हैं आप उनकी की बातें भी सुने और उनका कोई सवाल हो तो उनको सरल भाषा में जवाब भी दें। आपके पास मोबाइल फोन है, इसमें ऐप है। इसमें हर जानकारी है। उसे लोगों तक बताएं। लाभार्थी को ही संदेशवाहक बनाएं। आपका लाभार्थी वोटर भी है, कैनवासर भी है। तो हमें उस ध्यान में रख के उससे बात करनी चाहिए। और जिसको लाभ मिला है वह आपके साथ चलेगा तो ज्यादा भरोसा होगा। इसलिए मैं चाहता हूं जब कार्यकर्ता हम बूथ में जाए ना तो उस इलाके में भी 12-15 लोगों को साथ-साथ लेकर के चले। उसका बड़ा असर होता है बूथ पर। देखिए मोदी दिल्ली में नहीं है। मेरे लिए तो दिलीप जी मोदी है। और इसलिए हर बूथ पर काम पर करने वाला मेरे लिए हर बूथ का कार्यकर्ता मेरा मोदी है। और जब बूथ पर आप स्वयं मोदी बन जाएंगे। तो जिनको किसी स्कीम का लाभ अभी नहीं मिला है उनको मेरी तरफ से गारंटी भी देना कि उनको उस योजना का लाभ जरूर मिलेगा। मैं चाहूंगा कि जो सूत्रों को मैंने बताया है हम एनआई बनाने के लिए अगर इन सूत्रों पर चलेंगे हमें बहुत आशीर्वाद मिलेगा। चलिए दिलीप जी इस दुख की घड़ी में भी आप काम कर रहे हैं। मेरा आपको आपके पूरे परिवार को मेरी संवेदनाएं आपके साथ है।

आइए अब मेरे साथ कौन जुड़ रहे हैं? किसके साथ बात करेंगे?

मेघा देवी

पीएम मोदी

मेघा देवी- नमस्ते। मेरा नाम मेघा देवी है।

पीएम मोदी- मेघा देवी जी नमस्ते।

मेघा देवी- नमस्ते भैया।

पीएम मोदी- बताइए बहन क्या बताती हैं?

मेघा देवी- मैं पूर्णिया से बोल रही हूं। मैं पूर्णिया बिहार से बोल रही हूं। जिला पूर्णिया हुआ मेरा। बेली पंचायत हुआ। विधानसभा मेरा बाईसी विधानसभा 57 नंबर है। 61 मेरा बूथ नंबर है। मैं बूथ अध्यक्ष हूं। और मेरा काम यही है भैया कि मैं जितने भी बूथ की कार्यकर्ता होता है हम संभालते हैं और घर-घर जाकर सभी से जानकारी लेते हैं जिसका कोई चीज का दिक्कत होता है, कमी होता है। हम लोग सब जाते हैं।

पीएम मोदी- आप और भी कुछ काम करती होगी? जी मैं जीविका में भी हूं। 2014, 15 सितंबर से काम करती हूं। और पहले ₹10 से बचत होता था। ₹10 से हम लोग देखते थे ना तो दीदी लोग बोलती ₹10 से क्या होगा? आज दीदी लोग बोलती है 2025 में कि दस हजार रुपया यह हुआ है दस रुपया से बचत।

पीएम मोदी- अरे वाह... किस प्रकार का वर्ग है वहां जिनकी आप सेवा करती हैं। किस समाज की बहने हैं ज्यादा गरीबी है? कैसा है? पढ़े लिखे हैं। किस प्रकार का है?

मेघा जी- जानते हैं भैया जी पढ़ी लिखी तो कम ही थी जीविका में ही आके वो लोग साइन करना जान गई बैंक देखना जान गई पैसा गिनना जान गई एक्टिव हो गई है पांच 10 साल में जीविका की दीदी लोग हम और सबसे अच्छा सौगात ये मिला कि 10,000 योजना देके हम लोग का भी वैल्यू हो गया कि हां आज जीविका की दीदी आ रही है बैठक कराने। तो इसके लिए तो कोटि-कोटि धन्यवाद सर कि आपने सभी महिला को तो इज्जत दिए और मान सम्मान के साथ इतना अच्छा जीविका दीदी को आगे बढ़ाए हैं।

पीएम मोदी- इन सभी इन सभी हमारी दीदी जो है वो सरकार के लिए क्या सोचती है? क्या उनका भाव होता है मन में?

मेघा जी- भाव यही रहते हैं कि आज के डेट में कोई दस रुपयादे नहीं सकते हैं। किसी से ऋण लेंगे तो वह ब्याज लेने के लिए आ जाएंगे। जीविका ही ऐसा योजना है कि वह ब्याज के लिए हल्ला नहीं करते हैं। ऋण के लिए भी हल्ला नहीं करते हैं और 10 दीदी मिलके उनको सपोर्ट करते हैं।

पीएम मोदी- मेघा दीदी जी

मेघा जी- जी सर

पीएम मोदी- आपका दायित्व है बूथ के प्रमुख का। अब देखिए दिवाली आने वाली है। छठ पूजा का महापर्व आने वाला है। अब नवरात्रि के दिनों में जीएसटी बचत उत्सव भी चल रहा है। जी और जैसा आपने कहा 10,000 रुपया का बहुत बड़ी योजना उस समय नीतीश जी और मुझे लॉन्च करने का और सब लोग कहते थे मोदी भैया नीतीश भैया तो दोनों भाई आपकी सेवा में लगे थे। तो ऐसी बहुत सारी योजनाएं चल रही है तो बहनों का कोई भाव हो जो आपने सुना हो कुछ बहनों ने बोला हुआ ऐसा कुछ मुझे आप बता सकती हैं?

मेघा जी- हां बता सकते हैं बता ये सकते हैं कि पहले तो बाढ़ पानी या कुछ भी आता था तो जलावन में खाना के चलते दिन तो खाना नहीं बनाती थी। अभी गैस योजना चल गया है आ गया है तो गैस के कारण आदमी आंधी रहे या तूफान रहे गैस भरा रहे और छप्पन भोग आगे में रहा आराम से खाती है दीदी लोग रहती है और दूसरी शौचालय सबसे बड़ा शौचालय था शौचालय भी उन लोग का मिल गया और सबसे बड़ी बात यह है भैया जी कि जो वृद्धा पेंशन 400 रुपया था माता और चाचा लोग का वो आप 1100 करके इतना ही अच्छा किए हैं ना इतना ही अच्छा किए जो माता और बूढ़े बाबा सब जो रहते हैं अपना बेटा-पतौह के पास हाथ नहीं फैलाते हैं कि हमको कुछ दो। ये 1100 सौ रुपये वो उसके लिए बहुत सारा पैसा आ गया है ये चीज के लिए

पीएम मोदी- ऐसे सब बड़े बाबा लोग है ना उनको कहिए आपका बेटा दिल्ली में रहता है वो आपकी चिंता करता है आपके आशीर्वाद हम पर रहेंगे?

मेघा जी- जी सर जी भइया, आशीर्वाद ही है। आप वहां से इतने देख रहे हैं तो हम लोग नहीं देख रहे हैं। हम लोग तो इतना उत्सव है ना हम तो कल से ही क्या बोले खुशी का तो खजाना जो होता है ना मिल जाता है। हमको खुशी का खजाना कल से हम बात करेंगे। नर्वस भी होते थे। पर मगर आपका आवाज सुनके नर्वस खत्म हो गया है। बहुत अच्छा लगा। जिला मनोज सर के माध्यम से विनोद भैया के माध्यम से आपसे बात होने का उत्सव मिला है। इसके इसके लिए तो मेरे लिए सौगात कुछ नहीं है।

पीएम मोदी- मेघा दीदी आपकी बात सुनकर के हम लोगों का भी उत्साह बढ़ रहा है। हमें भी लगता है कि हमें ज्यादा काम करना चाहिए।

मेघा जी- और सबसे अच्छा काम हम जब जीविका में थे ना भैया तो वैक्सीन वाला काम किए थे पांच दिन। तो सभी दीदी को हम बोलते थे प्राइवेट में तो लेते हैं 2500 का और इसमें तो फ्री देते हैं। यह भी जीविका योजना तरफ से आई है। आज वो जीविका दीदी लोग बची है कोरोना काल से तब उन्होंने 10,000 का लाभ उठाई है। सबसे बड़ा तो यह योजना बहुत सबसे अच्छा खुशी का बात हुआ कि पूर्णिया में हवाई अड्डा वंदे भारत का अलाउंस करके भैया जी यह तो हम लोग के लिए दीपावली धनतेरस जो है ना सबके घर में मना रहे हैं ये उत्सव देख के।

पीएम मोदी- चलिए मेघा दीदी आपने माताओं बहनों की भावनाओं को काफी अच्छे से रखा मैं आपको और आपके परिवार को फिर से दीपावली और छठ पूजा की ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

बात तो मेरी मेघा दीदी से हो रही थी, लेकिन आप भी सुनते होंगे कि बिहार में किस प्रकार का उत्साह उमंग हमारी माताओं बहनों में है और कितनी बड़ी मात्रा में हमें आशीर्वाद मिल रहे हैं। साथियों, इस बार बिहार में डबल दिवाली आने वाली है। एक तो नवरात्रि के पहले दिन जीएसटी के कारण लोगों ने दिवाली मनाई। अब 20 अक्टूबर को दिवाली है। वह हम मनाने जा रहे हैं। लेकिन इस बार बिहार का मिजाज 14 नवंबर को एनडीए की विजय वाली दिवाली भी मनानी है। और इसमें हर बार की तरह बिहार की बहनों बेटियों की बहुत बड़ी भूमिका रहेगी।

साथियों,

मुझे जानकर अच्छा लगा कि बिहार की एनडीए सरकार ने हाल में जो महिला रोजगार योजना शुरू की है उससे बहनें बहुत खुश हैं। बिहार की 1 करोड़ 20 लाख बहनों के खाते में हर एक बहन को दस हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। आप इन बहनों से मिलिए। आप इन बहनों को यह जरूर बताइए कि यह पैसा सिर्फ एक बार की मदद नहीं है। यह नया रोजगार करने का प्रोत्साहन है। और अब यह पैसों के मालिक वही है। उसका और कोई मालिक नहीं है। आप उन्हें बताइए कि इस पैसे से वह जो काम शुरू करेगी उसे आगे बढ़ाने के लिए और उस काम को देख कर के हम और भी मदद करने वाले हैं।

साथियों,

जीएसटी में जो कमी हुई है उससे कैसे बहनों को फायदा हुआ यह भी हमें घर-घर जाकर बताना है। आज आप देखिए तेल साबुन, दंत मंजन, जूता, शर्ट, बच्चों की पढ़ाई का सामान, परिवार में बुजुर्गों की दवाइयां अगर हमें बीमा लेना है तो बीमा यानी जीवन में जो भी चीजों की जरूरत है, करीब-करीब सभी सस्ती हो गई है। यह बात हर परिवार में हमें गिन करके बतानी चाहिए और हमारे मोबाइल फोन पर आंकड़े रेडी रखने चाहिए। तुरंत दिखाना चाहिए।

साथियों,

बहनों को अपनी सरकार की रोजगार और बचत वाली योजनाओं को बताने के लिए मैं आपको कुछ उपाय बताता हूं। अपने बूथ के जो दीदियों के समूह है, जीविका दीदियां है, डेरी से जुड़ी बहनें हैं। उनसे मिले, उनकी बातें सुने। हो सके तो मोबाइल पर उन बातों के उत्साहजनक बातों को रिकॉर्ड करें और आगे लोगों को उसको पहुंचाए। आपके बूथ में जो लखपति दीदी बनी है, जिनको रोजगार योजना का लाभ मिला है। इनके वीडियो रिकॉर्ड करें। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करें। आपके गांव में ड्रोन दीदी हो तो बूथ के अंदर सब इकट्ठे होकर के उस ड्रोन दीदी का सम्मान करें। आपके बूथ में कोई लखपति दीदी बने तो बूथ वाले इकट्ठे होकर के उनके सम्मान का कार्यक्रम करें। उससे उत्साह बहुत बढ़ता है और यह हमने करना चाहिए और मेरी सभी दीदियों से एक आग्रह है जब आप मतदान करने के लिए जाए ना तो जैसे हम गाना गाते-गाते जाते हैं। थाली बजाते-बजाते जाते हैं। यह उत्सव है चुनाव। तो मतदान के दिन एक-एक मोहल्ले के या चाल के या सोसाइटी के लोग 10-15 10-15 लोग एक साथ थाली बजाते बजाते गीत गाते-गाते जाना चाहिए। ताकि लोकतंत्र का उत्सव हम मना रहे हैं। ऐसा लगना चाहिए। और मैं तो और भी कहूंगा जो बूथ के कार्यकर्ता हैं हमने बूथ की बहनों का टिफिन भोज रख सकते हैं, और सब बहनें अपना टिफिन ले के आए आधे घंटा बैठे पूरे बूथ के लोग समूह भोजन करें और लाभार्थी बहने हैं वह अपनी सफलता की बातें बताएं कि भाई मुझे यह फायदा हुआ तो मेरे इस महीने यह काम किया मुझे बैंक से पैसा मिलता है तो मैं यह काम करता हूं। जब सुनते हैं ना तो हमारा विश्वास और बढ़ जाता है। देखिए 23 अक्टूबर को भैया दूज है। इस अवसर पर अपने बूथ में बहनों के लिए विशेष कार्यक्रम बनाने चाहिए। इस बार भैया दूज लोकतंत्र के उत्सव बन जाना चाहिए। और हम सभी भाइयों ने वह दिन पूरे दिन हमारे बूथ की जितनी दीदी हैं जितनी बहनें हैं उनके साथ मिलकर के भैया दूज मनाना चाहिए। आपके बूथ में समूह की बहनें जो उत्पाद बनाती हैं उनके उत्पाद खरीदें और रिश्तेदारों को उपहार दें। इससे स्वदेशी का संदेश भी सशक्त होगा और वोकल फॉर लोकल यह तो हमारा मंत्र है ही। और इन सारे प्रयासों के साथ मतदाताओं को छ तारीख जिनका मतदान है उनको छ तारीख 11 को जिनका मतदान है उनको 11 तारीख वो बार-बार याद कराते रहना होगा और जल्दी-जल्दी मतदान कराने के लिए तय करना चाहिए। आइए बहुत बातें हुई और मेघा दीदी को तो मैं बहुत फिर से याद जरूर करूंगा। इतनी बढ़िया उन्होंने बातें बताई है।

आइए अब आगे बढ़ते हैं। वहां के कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। कौन मेरे साथ बात कर कौन है अब मेरे साथ?

ओम प्रकाश- नमस्कार मैं ओम प्रकाश कुमार गुप्ता, बोधगया मंडल अध्यक्ष, बोधगया विधानसभा-229

पीएम मोदी- ओमप्रकाश जी नमस्कार, ओमप्रकाश जी जरा विस्तार में बताइए

ओम प्रकाश जी- जी मैं ओम प्रकाश कुमार एक बनिया व्यापारी हूं। मेरा छोटा-मोटा एक उषा पेपर प्लेट जो आपकी पीएम जी योजना से पेपर प्लेट का उद्योग डाले हुए हैं, जिससे कागज के प्लेट और कटोरियां बनती हैं।

पीएम मोदी - अच्छा तो आप रोजगार देने वाले बन गए, कितने लोगों को काम देते हैं

ओम प्रकाश- मेरी टीम में 12 आदमी काम कर रहे हैं। जिसमें 8 महिला हैं।

पीएम मोदी - अच्छा देखिए, आपने कितना बड़ा साहस किया और कितने लोगों की जिंदगी आपने बदल दी। छोटा सा काम भी जब खुद शुरू करते हैं ना औरों की जिंदगी बदल जाती है।

ओम प्रकाश- ये आपका ही देन है भाई साहब

पीएम मोदी- ओम प्रकाश जी आजकल दिल्ली से मीडिया के बहुत लोग बिहार पहुंचे हुए हैं और वे तो देर रात तक कार्यक्रम करते हैं और वो तो बताते हैं मैं इस रोड पर हूं। रात के 12:30 बजे हूं। मैं इस पर हूं। रात को 1:30 बजे हूं। ऐसा लोग चाहते हैं। आरजेडी के जमाने में तो कोई शाम के बाद सूरज ढलने के बाद कोई निकल ही नहीं पाता था। अब सुरक्षा तो बहुत बढ़ी है। आप मैं जरा आपसे जानना चाहूंगा। आप कैसे देखते हैं इन चीजों को? क्या कहना चाहेंगे आप?

ओम प्रकाश- आज पूरा संपूर्ण बिहार गुंडा राज से मुक्त है। सुरक्षित एवं सुरक्षा अपने आप को समझ रहे हैं। यह माननीय हमारे प्रधान मंत्री एनडीए सरकार की देन है जो आज सभी लोग सुरक्षित हैं।

पीएम मोदी- और क्या बताना चाहेंगे ओम प्रकाश जी।

ओम प्रकाश- आज हमारे जो महिला जो रात में निकलती नहीं थी डरती थी महिला के साथ जो पुरुष लोग भी थे शाम होते ही चौखट बंद कर लिया करते थे कि नहीं शाम में निकल नहीं सकते। वो जंगल राज से आज भय मुक्त पूरे बिहार हुआ है।

पीएम मोदी- अभी जो जंगल राज के उस जमाने के अखबारों की जो प्रदर्शनी चल रही है वो आपके बोधगया के इलाके में आई क्या? वो प्रदर्शनी देखी क्या?

ओम प्रकाश- जी भाई साहब बहुत सारे प्रदर्शनी बोधगया बाजार में भी लगी है। चौराहे पे भी लगी थी। उनको देख के बहुत लोग प्रचारित हुए हैं। ये क्या है? तो वो चीज का आज सारे लोग में चर्चा का भी विषय बना हुआ है कि 1990 से 2005 तक की जो सरकार बनी थी वो जंगलराज की सरकार थी। आज उस सरकार के देखते हुए हमारे आज का जो एनडीए सरकार है उससे लोग बहुत खुश है कि जो पहले के राज्य में जो हमारी माता-बहनें बाहर नहीं निकल पाती थी। आज बिना डरे हुए आज बाहर निकल रही है। अपने शॉपिंग कर रही है। आज बिहार के रफ्तार में अपनी स्कूटियां इस तरह से रोड पे चलाती है कि कह नहीं सकते कि हमारी बिहार की बेटी विकास की रफ्तार की तरह स्कूटी चला रही है।

पीएम मोदी- ओम प्रकाश जी देखिए उस जमाने में जो लोग 10-15 साल के थे वे आज 30-40 साल के हो गए। लेकिन उस जमाने में क्या था उनको कुछ पता ही नहीं था। क्योंकि उस उम्र के लोगों को कुछ पता नहीं होता है और अब बड़े हो गए और बाद में नीतीश जी आ गए तो उनको पहले क्या हाल था बिहार का वो मालूम ही नहीं है। तो यह हमारा काम है कि हर 30-40-45 साल की उम्र के जो भी लोग हैं 18 से 40-45 की उम्र के लोगों को बहुत डिटेल में बताना चाहिए कि कैसे दिन थे और गांव के जो बुजुर्ग हैं ना उनके मुंह से कहलवाना चाहिए कि भई उस दिन कैसे जीते थे कैसी मुसीबतें थी अब कैसा बदलाव आया तो उनकी बातें ये जो नई पीढ़ी है ना वो सुनेगी क्योंकि उनको तो मालूम नहीं है कि कितने इतने बुरे हाल थे। तो हमारा काम है उनको बार-बार यह बताना। ओम प्रकाश जी आपका तो बहुत अच्छा अनुभव है और आपने बहुत अच्छी तरह से बात को बताया।

साथियों

आज बिहार में बेहतर माहौल बना है। इसका सबसे अधिक फायदा हमारे नौजवानों को हो रहा है। आज जो 18, 20, 25 साल के नौजवान हैं। इन्होंने वो दौर नहीं देखा। जिसने बिहार को तबाह कर दिया। हम लोगों ने तो बिहार में वह दौर देखा है जब यहां का बहुत बड़ा हिस्सा नक्सलवाद से प्रभावित था। हालत ये थी कि नक्सली आए दिन रेल की पटरियां उड़ा देते थे। मालगाड़ी से अनाज की कोयले की सीमेंट की लूट हुआ करती थी। लोग शाम को 5- 6:00 बजे के बाद घर से निकलने से डरते थे। कोई गर्भवती महिला हो तो उसको अस्पताल ले जाने तक की स्थिति नहीं होती थी और सिर्फ सामान्य आदमी नहीं, सरकारी अफसर अगर एक इलाके से दूसरे इलाके में जाते थे तो उनको भी सीआरपीएफ और पुलिस का एस्कॉट लेना पड़ता था। अब इस दहशत के माहौल में लोग चैन से जी नहीं सकते। बच्चे पढ़ाई नहीं कर सकते। कोई रोजी-रोटी कमा नहीं सकता और विकास के काम तो ठप हो जाते हैं। कोई सोच ही नहीं सकता है। और यह तो आप सब जानते हैं बिहार की स्थिति बदली है और बहुत मेहनत करके बदली है। समाज के एक-एक व्यक्ति चिंता करके बदली है। आज हम नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की स्थिति में आ गए हैं। हर दिन स्थितियां बदल रही है और इसलिए यह समय सबसे महत्वपूर्ण है। इस समय में हम एकदम रिस्क नहीं ले सकते कि ऐसे लोग सरकार में आएं जो फिर से नक्सलवाद को शह दें।

साथियों,

नीतीश जी, स्वर्गीय सुशील मोदी जी, स्वर्गीय रामविलास पासवान जी और आज का जो एनडीए का नेतृत्व है सभी ने बहुत मेहनत की है और मैं तो जब भी हमारे माझी जी को मिलता हूं तो मैं उनको हमेशा हंसते हुए देखता हूं। मुझे बहुत प्रसन्नता होती है। देखिए जब तक ये सारे लोग मेहनत कर रहे हैं तब जाकर के बिहार में स्थितियां सुधरी है। इसलिए मेरी आप सबसे आग्रहपूर्वक यही बात कहनी है कि अपने बूथ पर जितने भी नौजवान 30-35 साल से कम उम्र के हैं उनकी अलग लिस्ट बनाइए। उनके साथ हर रोज किसी ना किसी माध्यम से संपर्क कीजिए। उन्हें भूतकाल की बातें याद कराइए। उनके माताजी पिताजी के मुंह से कहलवाइए। उस बूथ में जितने बुजुर्ग हैं उनके मुंह से पुरानी बातें बुलवाइए। छोटी सी मीटिंग करके कथा वाचन हो सकता है कि कैसे होता था उन दिनों में। और उन्हें बताइए कि कैसे वहां के बिहार के लोगों के एक वोट ने एक-एक नागरिक के एक वोट ने एनडीए को कितनी जबरदस्त ताकत दी और अपने वोट की ताकत से आरजेडी कांग्रेस की बुरी नजर से बिहार को बचाया और इसलिए उनके वोट की ताकत क्या है? अगर बिहार को उनका वोट बचा सकता है तो उनका एक वोट बिहार को बना भी सकता है। बचाने का काम बखूबी हुआ है। लेकिन अभी भी हमें बिहार आगे तो बढ़ा है लेकिन बहुत आगे बढ़ाना है। देश में पहले पांच राज्यों में अब बिहार का नाम चमकना चाहिए और यह काम उनका एक वोट कर सकता है। जो नौकरी के बदले गरीबों की जमीन अपने नाम लिखवा लेते हैं और जिसका संज्ञान अदालत ले रही है। यह कोई राजनीति नहीं है। अदालत कह रही है। ऐसी नियत वालों से बिहार को जितना दूर रखेंगे जितना दूर रखेंगे बिहार में आपके बच्चों का भविष्य उज्जवल हो जाएगा। बिहार के नौजवानों का भविष्य बहुत शानदार हो जाएगा और इसलिए आपके वोट से अब हमें बिहार का उज्जवल भविष्य बनाना है। ओम प्रकाश जी मुझे अच्छा लगा आपसे बात करने का।

अब आइए हम किसी और एक कार्यकर्ता से बात करने का मौका मिलेगा मुझे। आइए आगे कौन बात करेगा? धन्यवाद प्रधानमंत्री जी। कौन बात करेंगे मेरे साथ?

रेखा देवी- मै रेखा देवी बोल रही हूं दरभंगा जिला से, महिला मोर्चा में काम करती हूं।

पीएम मोदी- रेखा दीदी आपको प्रणाम

रेखा देवी - प्रणाम अहां के करै छी नरेंद्र मोदी भैया जी अहूं के हम मिथिला से

पीएम मोदी- जी.जी… ये मिथिला की अच्छी भाषा बोलते हैं

रेखा देवी - हम दूनू भाषा बोलै छियै, लेकिन हमरा में मिथिला के सांस छै नै तई द्वारे अहां जे कहबै सेहे बजबै। हमर मिथिला के लेल अहां एतना सोचलियै, एयरपोर्ट बनेलिये, रोड बनेलिये गली कूची सब बैन गेले। आब सब अच्छा स चलै छै बच्चा सब पढ़ै लेल जाई छै पानी के दिक्कत नै होई छै। बहुत फायदा भेलै, सबसे पहिला जे अहां मान सम्मान केलियै औरत के बारे में अहां शौचालय के बारे में सोचलियै, अहां हर चीज के बारे में सोचलियै। अहां जे होई के चाही सब महिला के लेल, पूरा परिवार पूरा देश भारत के लेल अहां सब चीज योजना देलियै। राशन के लेल, जकरा घर में खाई के राशन नै हई, दू गो पाई नै हइ, त ओकरा राशन दे के ओकर पेट भरलियै, अहां सब के दुआ लेलियै अई के चलते अहां के सब यही दुआ देत कि हमर नरेंद्र मोदी भैया जी जुग-जुग जीऊ…अहां जो भी केलियै, हमरा सब के लेल बहुत किछ केलियै अहां

पीएम मोदी - रेखा दीदी, मैं तो हमेशा कहता हूं कि मेरे भारत की जो मातृशक्ति है ना, आप जैसी दीदी है ना वही मेरी सबसे बड़ी सुरक्षा कवच, वही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है, वही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है, वही मेरी सबसे बड़ी ऊर्जा है। और रेखा दीदी आपके मुंह से जब ये सुनता हूं ना तो मेरा काम करने का हौसला और बुलंद हो जाता है। रेखा दीदी आप इतना बढ़िया बोलती है। इतनी सारी योजनाएं कितनी दो मिनट में लगी नहीं आपको। आप कितनी पढ़ी हो?

रेखा देवी- सर हम तो नौवा पास हैं।

पीएम मोदी- हां, और अभी घर में ही काम करती है।

रेखा देवी- जी घर में बकरी दो पोसे हुए हैं। उसी को बस चलाते हैं। घर में करते हैं काम। आइए महिला जी के मोर्चा से लगे हुए प्रवक्ता बने हुए हैं। उन्हीं के साथ आपके लिए घूमते हैं कि मेरे मोदी भैया जी खाली जीत जाए। बस यही दुआ करते हैं। मेहनत भी करते हैं घर-घर जाके और वीडियो भी करते हैं।

पीएम मोदी- अच्छा रेखा जी आज जो बिहार में शानदार सड़कें पुल बन रहे हैं। गंगा जी पर पुल बना। अभी पटना में मेट्रो चली है। आपके यहां जैसा आपने कहा अभी दरभंगा में तो एयरपोर्ट होगा। ये सब जो चीजें बन रही है। नौजवानों को कैसा लगता है? महिलाओं को कैसा लगता है?

रेखा देवी- सबको सर इतना खुशी मिल रहा उसका क्या कहें? सबसे पहले तो आपसे बात करके सब बहुत अपने आप को खुशनसीब मान लिए कि सर से हमको बात हो गया। जो कभी सपना में भी नहीं सोचे थे कि सर से हमको बात होगा इसका खुशी रहेगा

पीएम मोदी- दीदी हम सर नहीं है हम तो भैया हैं आपका

रेखा देवी- हां भैया जी ये बहुत खुशी हमको जिंदगी भर रहेगा जब तक जिंदा रहेंगे तब तक हमको याद रहेगा कि हम भैया जी से बात किए

पीएम मोदी- हमें भी याद रहेगा हमें तो हमें तो अगले जन्म में भी याद रहेगा दीदी

रेखा देवी- एयरपोर्ट तो आप देखकर तो दरभंगा के लिए सौगात इतनी बड़ी दे दिए कि जो वो इतिहास बन गया

पीएम मोदी- ये नौजवानों में चर्चा होती है?

रेखा देवी- तब क्या, नौजवानों में कि सब जगह चर्चा होती है सर, भैया जी सब जगह कितना खुश है ना कि मत पूछिए बहुत परेशानी से बच गए सब।

पीएम मोदी- मैं दूसरे तीसरे दिन एक वीडियो देख रहा था या थोड़े दिन के बाद का होगा मुझे याद नहीं है सब जिनके पैर में जूते नहीं थे वो भी सब एयरपोर्ट पे थे और हवाई जहाज में जाने के लिए लाइन में खड़े थे। अब मुझे इतना आनंद हुआ कि वाह मेरे देश में गरीब को भी कितना बड़ा अवसर मिला है। मुझे इतना संतोष हो रहा था कि सामान्य परिवार के लोग एयरपोर्ट पर वो जा रहे थे और हवाई जहाज से अपने बच्चों को मिलने जाते होंगे। कहीं पर जा रहे थे। देख के मुझे बहुत आनंद आया।

रेखा देवी- बहुत खुश है। हम लोग तो बहुत खुश है सर।

पीएम मोदी- साथियों... हां रेखा दीदी बताइए कुछ बता रही थी आप

रेखा देवी- हम चाहते हैं कि आपके इतना मतलब मेहनत करके मेरे भैया जी की इस बार भी इन एनडीए सरकार इतना दिल से दुआ दे रहे श्यामा माई से भी पूरा

पीएम मोदी- आशीर्वाद भी देना है और वोट भी देना है

रेखा देवी- जी सर पूरा कोशिश दूसरे से भी कोशिश घर-घर जाकर है अब बोलते हैं

पीएम मोदी- हां घर-घर जाना है बस सही बात और मैंने कहा ना सब दीदी को जुलूस निकाल के वोट करने जाए गाना गाते-गाते जाना चाहिए।

रेखा देवी जी जी जी सर आप बोले तो करेंगे ये भी करेंगे।

पीएम मोदी- अच्छा रेखा दीदी बहुत अच्छा लगा मुझे आपसे बात करके

रेखा देबी- आपने आपने तो 10,000 देकर के तो आगे के सौगात दे दिए सबके रोजगार दे दिए कि जो महिला कभी-कभी ₹10 के लिए तरसती थी। अब ये 10,000 देकर उसके लिए यह सौगात दे दिए कि उस रोजगार उस 10,000 से रोजगार कर कर कम से कम अपने अपने बच्चे का कुछ खर्चा निकाल लेगी। अपने घर में कुछ मदद कर लेगी।

पीएम मोदी- मुझे दीदी पता है कि जो बहन के पास ₹10,000 है ना वो जैसा किसान एक दाना बोता है और हजारों दाने पैदा कर देता है ना वैसे महिलाएं 10,000 का 10 लाख बना देगी। देखना महिलाओं की बहुत बड़ी ताकत होती है। अच्छा रेखा दीदी बहुत अच्छा लगा मुझे आपका आपका अनुभव बहुत बढ़िया बता रही हो आप।

अच्छा साथियों देखिए रेखा दीदी रेखा दीदी कितने उत्साह और उमंग से भरी हुई है।

साथियों,

आपके बूथ में जो भी रेल रोड या दूसरे प्रोजेक्ट बने हैं या कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। आज बिहार में किसी भी दिशा में आप 25-50 कि.मी.जाएंगे तो कोई ना कोई डेवलपमेंट का काम चल रहा है। कितना बड़ा काम हो रहा है। कोई नई ट्रेन चली है। रेलवे स्टेशन का आधुनिकरण हुआ है। मतदाताओं से मुलाकात के दौरान आप इसकी विस्तार से चर्चा करें। वे खुद पुरानी यादों की तुलना आज की सुविधाओं से करें। ऐसा माहौल बनाएं।

साथियों,

हमारे लिए विकास कैसे सर्वोपरि है? इसे आप आंकड़ों के साथ लोगों को बताएं। जैसे मैं आपको एक आंकड़ा बताता हूं। 2004 से 2014 यानी जब आपने मुझे सेवा करने का मौका दिया उसके 10 साल पहले की बात करता हूं मैं। 2004 से 2014 तब तक केंद्र में कांग्रेस आरजेडी की सरकार थी। तब बिहार को सिर्फ दो लाख करोड़ मिले थे। 10 साल में दो लाख करोड़ आंकड़ा याद रखोगे ना। लेकिन आपने मुझे मौका दिया तो हमने 14 से 2024 इन 10 साल में 9 लाख करोड़ बिहार के लिए दिए। अब कहां 2 लाख करोड़ और कहां 9 लाख करोड़। आपको जानकर के खुशी होगी 4 लाख करोड़ तो सिर्फ रोड, पूल, रेल, एयरपोर्ट, मेट्रो ऐसे प्रोजेक्ट में लगे हैं। और तभी चारों तरफ इतने सारे निर्माण कार्य आप देख रहे हैं। इससे सुविधाएं तो बन ही रही है। इस पैसे से बिहार के युवाओं को रोजगार भी मिला है। रेखा दीदी आपका भी और बूथ के कार्यकर्ताओं को भी बात करने का मुझे बहुत अच्छा लगा। अभी मुझे एक और फोन कॉल का इंतजार हो रहा है। उनको भी लगता होगा।

आइए अब मेरे साथ कौन बात करेंगे?

कैलाश- नमस्कार सर मैं कैलाश कुमार बोल रहा हू

पीएम मोदी- नमस्ते कैलाश जी

कैलाश - सर मैं पूर्वी चंपारण जिला के पिपरा विधानसभा से बोल रहा हूं। मैं वर्तमान में ततैया मंडल प्रभारी हूं। मैं पहले उपाध्यक्ष रह चुका हूं और पेशे से मैं डॉक्टर हूं सर।

पीएम मोदी - अच्छा डॉक्टर है। अभी क्या दायित्व देखते हैं कैलाश जी?

कैलाश - वर्तमान में मैं मंडल प्रभारी हूं सर। 

पीएम - अच्छा तो आप तो डॉक्टर ही करते हैं तो सारे तो वहां के बूथ के लोग तो आपके पेशेंट होंगे सब जानते होंगे आपको तो

कैलाश- जी जी जी जी जानते हैं। और डॉक्टर होने के नाते मैं 50 से 60 लोगों से मिलता हूं...

पीएम मोदी- आप कितने लोगों को दिनभर मिलते होंगे, हां चुनाव है तो बातें भी होती होगी और मैंने तो देखा है पूरे हिंदुस्तान में राजनीति अगर समझनी है और राजनीति की शिक्षा पानी है तो बिहार के लोगों से बात करो। आपको बहुत कुछ सीखने को मिल जाता है। तो बिहार के लोग इतने तेजस्वी होते हैं तो आपके पास तो बहुत कुछ होगा। आपको तो रोज 50-60 लोगों से बातें करने का मौका मिलता होगा। क्या सुनने को मिलता है?

कैलाश - आपकी सर जितनी भी काम है वह काबिले तारीफ है और सभी लोग उसकी चर्चा करते रहते हैं और सर से ही सीखकर अपने सांसद और हमारे जो माननीय विधायक हैं इन लोगों से मैंने प्रेरणा लेकर के सर हम भी साल में दो बार मुफ्त कैंप करते हैं और लोगों का मुफ्त में इलाज करते हैं। मैं सर को बहुत-बहुत धन्यवाद दूंगा कि आप सर जो जनऔषधि केंद्र खुलवाए हैं जिसमें ₹100 की दवा ₹20 में मिलती है। 80% दवा की दाम कम हो गई है। हम सर ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। गरीब लोग हमारे पास इलाज के लिए आते थे। वो बोलते थे कि डॉक्टर साहब यह दवा बड़ी जो है कि महंगा मिलता है। लेकिन सर को मैं कोटि-कोटि धन्यवाद देता हूं कि यह जो जन औषधि केंद्र सर खुला है इससे लोग बहुत ही ये अति कर रहे हैं कि उनको बचत के साथ उनका इलाज हो रहा है और ये सब जो है कि गुणगान करते हैं। सर का नाम लेते हैं।

पीएम मोदी - आपके यहां जो पेशेंट आते होंगे वो बीमारी की बात करते होंगे दवाई की चर्चा करते होंगे लेकिन बिहार के पुराने दिनों की भी बातें करते होंगे। बिहार में जो बदलाव आया, क्या बातें करते हैं लोग

कैलाश- जिस इलाके में हम लोग रहते हैं उस इलाके में दूर-दूर तक कहीं बिजली बत्ती नहीं थी और ना ही सड़कें थीं और हम लोग जब बच्चे थे तो साइकिल से जाते थे कहीं और शहर जाने के लिए घर से 40 किलोमीटर दूर जो शहर थी वहां पहुंचने में पूरा दिन लग जाता था। लेकिन आज सर आपकी आशीर्वाद से मेरे सांसद महोदय की कृपा और हमारे माननीय विधायक के पहल से अभी हम लोग एक घंटा में शहर में चले जाते हैं जो 50 किलोमीटर दूर है एक घंटा में हम लोग सफर कर लेते हैं। हमारी राजधानी पटना है जो पटना जाने के लिए भोर में निकलना पड़ता था घर से और रात में लोग पहुंचते थे। लेकिन आपकी सर कृपा है जो आज हम लोग दो घंटा में यहां से पटना चले जाते हैं। जहां पर अंधेरा था वो अंधेरा को छांट करके आपकी सर कृपा और हमारे सांसद और विधायक का जो काम है इससे पूरा जो है कि बत्ती से रोशनी माने हम लोग अब उजाला में अंधेरा को छांट करके उजाला में रह रहे हैं और गांव में भी शहर के अनुभव करते हैं।

पीएम मोदी - देखिए कमलेश कैलाश जी यह हमारे कारण हुआ है ऐसा नहीं है। यह हुआ है बिहार के लोगों के एक वोट के कारण। जब बिहार का एक-एक नागरिक ने वोट दिया और बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए वोट दिया तब यह संभव हुआ है। लेकिन आपको क्या लगता है? लोग संतुष्ट हैं जो काम हो रहा है उससे?

कैलाश - जी काफी संतुष्ट हैं सर। 

पीएम मोदी - तो इस बार चुनाव जनता लड़ेगी कि हमको लड़ना पड़ेगा?

कैलाश - नहीं तो जनता आपके आशीर्वाद में जितने भी कार्यकर्ता हैं वह आज मोदी के रोल में हैं और मोदी के रोल अदा कर रहे हैं। यहां हमारे विधायक चुनाव नहीं लड़ रहे हैं बल्कि जितने भी कार्यकर्ता हैं आपके बूथ लेवल का जो कार्यकर्ता है वो सब अपने आप को आज यहां के विधायक सांसद और प्रधानमंत्री अपने आपको समझ रहे हैं सर। और सर आपसे बात करते हुए आपसे बात करते हुए काफी हर्ष हो रही है। हम बड़ी सौभाग्यशाली हैं सर कि आपसे हमारी बात हो रही है। अभी हम यह बयां नहीं कर सकते।

पीएम मोदी - कैलाश जी मैं जानता हूं एक डॉक्टर के व्यवसाय में कितनी व्यस्तता रहती है और कभी-कभी आधी रात दौड़ना पड़ता है। उसके बावजूद भी आपने समाज सेवा देश सेवा का काम छोड़ा नहीं है। आप स्वयं समय देकर के पार्टी को भी संभाल रहे हैं। इलाके के नागरिकों को संभाल रहे हैं। साल में दो-दो आप मुफ्त कैंप लगाते हैं। यानी आपकी सेवाभाव की बड़ी स्वाद उस क्षेत्र में है। यह सुनकर के मुझे बहुत अच्छा लगा और आप जब बूथ में काम करेंगे तो आपके तो एक-एक शब्द को मानने वाले लोग होंगे। आपके सारे पेशेंट सिर्फ वोटर नहीं एक बहुत बड़े कैनवासर बनेंगे। तो मुझे बहुत अच्छा लगा कैलाश जी आपसे सुनकर के। आइए, मैं सभी साथियों से आप बात करके मेरे ये दो-चार मिनट में ही बात को समाप्त करूंगा क्योंकि मैं ज्यादा समय आप लोगों का लेना नहीं चाहता हूं।

देखिए,

आप जो काम कर रहे हैं मेरा भी आपकी तरह एक कार्यकर्ता के नाते सौभाग्य रहा है कि मुझे लंबे समय तक ऐसा बूथ के कार्यकर्ताओं के बीच रहकर के काम करने का मौका बहुत कुछ सीखने को मिला बहुत कुछ समझने को मिला और मैं काम करता भी था और काम करवाता भी था। और इसलिए आप सब का महत्व कितना है? सारा चुनाव को विजय दिलाने का सामर्थ्य आप लोगों में कितना है वह मैं भली-भांति जानता हूं। और आपका काम कितना महत्वपूर्ण है। बूथ मजबूत हो। हमें चुनाव जीतना है मतलब बूथ जितना है। अगर जो बूथ जीत गया तो चुनाव कभी हारता ही नहीं है। और हमारा सारी कोशिश बूथ जीतने पर होनी चाहिए। बूथ जीत गए तो चुनाव जीत गए। और बूथ जीतना है तो बूथ मजबूत बनाना है। बूथ मजबूत बनाना है तो बुद्ध के एक-एक परिवार को हमें मजबूती से हमारे साथ जोड़ना है और इसके लिए लगातार मेहनत करनी होती है। और मैं तो हमेशा कहता हूं कि चुनाव नेता नहीं लड़ते। चुनाव तो बूथ का कार्यकर्ता लड़ता है और चुनाव नेता नहीं जीतता है, बूथ का कार्यकर्ता जीतता है। हम विधानसभा तो बाद में जीतते हैं पहले बूथ जीतते हैं और जैसे-जैसे बूथ जीतते जाते हैं विधानसभा जीतना हमारा पक्का हो जाता है। प्रचार, मतदान और वोटों की गिनती विजय की जो त्रिवेणी होती है ना यह हमारे कार्यकर्ता के पसीने से बनती है। उनके त्याग और तपस्या से बनती है। आने वाले दिनों में आप सबको क्या करना है? इसके लिए मैं आपको कुछ बातें बताना चाहता हूं। कुछ तरीके बताता हूं।

बूथ में महिलाओं की अलग-अलग टोली बने। पुरुषों की अलग टोली बने और नुक्कड़ सभाओं में अपनी बातें रखें। किसान, कर्मचारी, विश्वकर्मा साथी, युवा, महिला सबके लिए अलग-अलग कार्यकर्ताओं की टोली बनाएं। आप यह तय करें कि हर घर में कम से कम मतदान के दिन तक 10 बार जाना मतलब जाना है। संभव है, कुछ साथियों के पोलिंग बूथ बदल गए हो। ऐसे लोगों की मदद करें। मतदान के लिए मोहल्ले के लोग 20-25 लोग मतदान केंद्रों पर मिलकर के जाए। गाना बजाता जाए गाते बजाते लोकतंत्र का जय जयकार करके एक उत्सव का माहौल बना के जाने का तय करना चाहिए। और मैं तो हमेशा कहता हूं एक सूत्र कि पहले मतदान फिर जलपान और देखिए हमारे इस बार चुनाव में त्योहार के दिन बहुत है। तो चुनाव में प्रचार करने में त्योहारों को भी संभालना है। लोगों की अपनी जो जिंदगी है उसको भी संभालना है और प्रचार भी करना है। तो हमें समय का सदुपयोग सबसे ज्यादा करना पड़ेगा। जैसा ही मौका मिले हमने काम करना शुरू कर देना पड़ता है। तो त्योहार भी चले और त्योहारों को भी लोकतंत्र के उत्सव में हम बदल सकते हैं और बदलना चाहिए। और मतदान करने का एक अच्छा उपाय होता है। हमारा मतदाता भी एक प्रकार से हमारा प्रचारक बन जाए। हमारा प्रचार करने वाला साथी बन जाए तो मतदान बहुत तेजी से बढ़ता है।


साथियों,

आप सभी की बात सुनकर मेरा उत्साह और आत्मविश्वास और दृढ़ हो गया है। भाजपा के आप जैसे जागरूक और कर्मठ कार्यकर्ता ही भाजपा और एनडीए की विजय की गारंटी है। फिर से आप सभी को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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The strong foundation of Viksit Rajasthan is giving more strength to the resolution of Viksit Bharat: PM Modi
March 07, 2026
Today is a day of new hope and new achievement for the entire Hadoti region including Kota, Bundi, Baran and Jhalawar: PM
This modern airport, to be built at a cost of ₹1,500 crore, will give new momentum to the development of the entire region in the coming time: PM
When this airport becomes operational, travel will be easier and trade will grow rapidly across the entire area, including Kota : PM
Kota is today advancing rapidly in the field of connectivity: PM
Under the Amrit Bharat Station Scheme, both major railway stations of Kota are being equipped with modern facilities: PM
The Delhi-Mumbai Expressway, which passes through Kota and Bundi, is opening a new gateway for the development of the entire region: PM

My dear companions from Kota and the entire Hadoti region, Namaskar once again.

Just last week, I had the opportunity to visit Rajasthan. From the sacred land of Ajmer, we inaugurated and laid the foundation stones for development projects worth thousands of crores of rupees. In that same program, appointment letters were handed over to more than 21,000 young people of Rajasthan. And now, only a few days after the Ajmer visit, today I have the privilege of launching this important airport project connected to Kota. Within a single week, these two major development programs in Rajasthan send a powerful message. They show how rapidly Rajasthan is progressing today. Whether it is infrastructure, employment opportunities for youth, schemes for farmers and women, or initiatives in every sector-work is happening at great speed across Rajasthan.

Friends,

Today is a day of new hope and achievement for Kota, Bundi, Baran, Jhalawar, and the entire Hadoti region. This modern airport, being built at a cost of around 1,500 crore rupees, will accelerate the development of the entire region in the coming years. I extend my heartfelt congratulations to the people of Kota and Hadoti on the occasion of the foundation stone laying of this important airport project.

Friends,

I remember, when I came to Kota in November 2023, I made a promise to the people of Kota. I had said that the airport would not remain just a dream, but it would be turned into reality. Today, I am happy that the moment has arrived when the construction of Kota Airport is beginning. Until now, people of Kota had to travel to Jaipur or Jodhpur to catch flights. This consumed a lot of time and caused inconvenience. That situation is now going to change. Once this airport becomes operational, travel will become easier and trade will grow rapidly in Kota and the surrounding areas.

Friends,

Kota is not only a hub of education but also a major center of energy. It is a unique region where electricity is produced from almost all sources-nuclear, coal-based, gas, and water. The land of Hadoti is equally famous for its heritage. The taste of Kota Kachori, the elegance of Kota Doria sarees, and the shine of Kota stone and sandstone have earned recognition worldwide. The coriander from here, Bundi’s basmati rice-their aroma reaches international markets. This region is known for its hard work, production, and immense potential. Now, this new airport in Kota will multiply these possibilities many times over.

Friends,

The land of Kota and Hadoti is also a great center of enterprise and faith. For centuries, devotees from across the country and the world have been coming here to visit the sacred Mathuradheesh Ji Peeth, the Keshav Rai Patan pilgrimage, Khade Ganesh Ji Maharaj, and Godavari Balaji Dham. The view of Chambal from Garadia Mahadev mesmerizes everyone. Wildlife sanctuaries like Mukundra Hills and Ramgarh Vishdhari make this region a major hub of wildlife tourism. With increased air connectivity, tourists from across the country and the world will come here, directly benefiting the youth, traders, and the local economy.

Friends,

Kota is already rapidly advancing in connectivity. Under the Amrit Bharat Station scheme, both major railway stations of Kota are being equipped with modern facilities. The Delhi-Mumbai Expressway, which passes through Kota and Bundi, is opening new doors of development for the entire region. Now, big cities like Delhi, Vadodara, and Mumbai are only a few hours away. With better road and rail connectivity, new industries are being established here. Especially for agro-based industries, this region will become a major hub. After rail and road, this new chapter of air connectivity will further accelerate Kota’s development. The Kota Airport will bring new opportunities of progress for the entire Hadoti region and nearby districts.

Friends,

I also want to appreciate the continuous efforts of Kota’s Member of Parliament, Shri Om Birla Ji, for this important project. His constant endeavor has been to improve the lives of the people of Kota and provide them with new opportunities. Whether it is the airport, the new campus of IIIT, or the expansion of roads, he has been working tirelessly for Kota’s development. It is because of his efforts that Kota and the entire region are witnessing new momentum in growth.

Friends,

Om Birla Ji is not only an excellent Member of Parliament but also a remarkable Speaker of the Lok Sabha. He is fully dedicated to the Constitution and deeply committed to parliamentary traditions. Today, he stands above party and opposition, embodying neutrality. When I see him in the House, I often feel that perhaps coming from the city of education has influenced his role as Speaker-he leads like a good head of the family, taking everyone along. He respects the feelings and requests of all Members of Parliament. He is a Speaker who naturally honors MPs the most. Even when some arrogant and disruptive individuals occasionally create disturbances, he manages everything with dignity, never insulting anyone, patiently enduring harsh words, and always smiling with warmth. Perhaps that is one reason why he is universally admired in the House.

Friends,

When connectivity increases, the speed of development also rises. In the past 11 years, new airports built across different parts of the country have given fresh momentum to growth. Before 2014, there were around 70 airports in the country. Today, that number has risen to more than 160. These new airports have made air travel easier, boosted tourism, created employment opportunities for youth, and accelerated regional development. Even around Delhi, several new airports have come up-Hisar, Hindon, Jewar. When new airports and terminals are built, new enterprises and companies reach smaller cities too. I am confident that Kota’s new airport will similarly give new momentum to the development of this region in the coming times.

Friends,

When the state government and the central government work together, when intentions are clear and determination is strong, the pace of development multiplies. That is exactly what is happening in Rajasthan today. This strong foundation of a developed Rajasthan is giving greater strength to the resolve of a developed India. I am fully confident that together we will succeed in building a Rajasthan that is prosperous, strong, and full of opportunities. With this belief, I extend my heartfelt congratulations to all of you on this foundation stone laying ceremony. Thank you very much. Vande Mataram.