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Our government is working tirelessly to ensure no family remains without a LPG connection: PM Modi
The growing number of women entrepreneurs is a blessing for our society: PM Modi in Aurangabad
Our government is committed to further encourage more women to become entrepreneurs and provide them all the support they need: PM Modi

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

मंच पर उपस्थित सभी महानुभाव और दूर-दूर से बड़ी संख्‍या में पधारे माताएं, बहने और साथियो। मैं वहाँ देख रहा हूँ, दूर-दूर तक बहनें खड़ी हैं, शायद उनको तो कुछ दिखता भी नहीं होगा। लेकिन उसके बावजूद भी इतनी बड़ी तादाद में आपका आना, हम सबको आशीर्वाद देना, मैं हृदय से आपका बहुत-बहुत आभारी हूँ।

आप सभी देश के विकास में हमारे गांव, देहात को, अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्‍त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। स्‍वयं सहायता समूहों के माध्‍यम से देश को सशक्‍त करने वाली नए भारत के निर्माण में जुटी आप सभी बहनों को मैं नमन करता हूँ और बहन पंकजा को विशेष रूप से बधाई देता हूँ।

साथियो, आज औरंगाबाद के विकास से जुड़ी एक अहम इमारत का उद्घाटन थोड़ी देर पहले किया गया है। औरंगाबाद इं‍डस्ट्रियल सिटी की सिग्‍नेचर बिल्डिंग अब सेवा के लिए तैयार है। नए औरंगाबाद शहर की ये महत्‍वपूर्ण इमारत होगी। इस इमारत से पूरे औद्योगिक शहर की अनेक व्‍यवस्‍थाओं का संचालन होगा।

साथियो, औरंगाबाद नया smart city तो बन ही रहा है, देश की औद्योगिक गतिविधियों का भी बड़ा सेंटर होने वाला है। दिल्‍ली–मुम्‍बई इं‍डस्ट्रियल कॉरिडोर का भी ये एक अहम हिस्‍सा है। अनेक बड़ी कंपनियाँ यहाँ काम करना शुरू कर चुकी हैं। आने वाले समय में और कंपनियाँ भी यहाँ आएंगी। ये कंपनियाँ यहाँ के लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने वाली हैं।

साथियो, औरंगाबाद आज एक और बहुत बड़ी सिद्धि का साक्षी बन रहा है। ये सिद्धि आपकी है, देश की करोड़ों बहनों की है।

उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन देने का जो संकल्प हमने लिया था, वो आज इस मंच पर इन लाखों बहनों की हाजिरी में सिद्ध हुआ है। सिर्फ सिद्ध ही नहीं हुआ बल्कि तय समय से 7 महीने पहले ही लक्ष्य को हमने पा लिया है।

इन 8 करोड़ कनेक्शन में से करीब 44 लाख, अकेले महाराष्ट्र में दिए गए हैं।इस उपलब्धि के लिए मैं आप सभी को, देश की हर उस बहन को, जिसको धुएं से मुक्ति मिली है, बहुत-बहुत बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं। मैं देशभर के उन साथियों को भी नमन करता हूँ जिन्‍होंने इस योजना को सफल बनाने में बहुत मेहनत की है, मदद की है।

साथियो, धुएं में घुटती अपनी गरीब बहनों की सहायता करने के लिए पहले पाँच करोड़ गैस कनेक्‍शन मुफ्त देने का लक्ष्‍य रखा गया था। पिछले साल मार्च में इस लक्ष्‍य को विस्‍तार देते हुए आठ करोड़ कर दिया गया। चुनाव के दरम्‍यान जब भी मैं आपके बीच आया था, तो इस लक्ष्‍य को हासिल करने की बात कही थी। मुझे संतोष है कि सरकार बनने के 100 दिन के भीतर ही ये काम पूरा हो गया।

साथियो, ये काम सिर्फ कनेक्शन देनेभर तक सीमित नहीं था। इसके लिए और भी व्यापक प्रबंध किए गए, holistic तरीके से काम किया गया।एक बहुत बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर इसके लिए जरूरी था, जिसको बहुत ही कम समय में तैयार किया गया। इसके लिए जो 10 हज़ार नए LPG Distributers तैयार किए उनमें से अधिकतर को गांवों में नियुक्त किया गया।इतना ही नहीं, देशभर में नए LPG Bottling plant लगाए गए ताकि गैस सिलिंडरों का अभाव न हो। सरकार ने बंदरगाहों के आसपास terminal capacity बढ़ाने के साथ ही गैस पाइप लाइन के नेटवर्क का विस्‍तार भी किया।

सा‍थियो, हमारा प्रयास है कि अब देश में एक भी ऐसा परिवार ना रहे जिसके घर पर LPG कनेक्शन ना पहुंचा हो। इसके साथ-साथ इस योजना को और सुविधाजनक बनाने के लिए 5 किलो के सिलेंडर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। देश के अनेक इलाकों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम भी तेज़ी से चल रहा है।

भाइयो और बहनों, अब एक बहुत बड़ा मिशन लेकर हम चले हैं,जिसका सीधा सरोकार भी आप सभी से है, देश की करोड़ों-करोड़ों बहनों से है। आप सभी बहनों को पानी के लिए कितनी परेशानी उठानी पड़ती है, इसका मुझे भलीभांति एहसास है। देश की हर बहन को इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए ही जल जीवन मिशन की शुरुआत की गई है।इस मिशन के तहत, पानी बचाने के लिए, घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पूरा देश संकल्पबद्ध हुआ है। ये तय किया गया है कि आने वाले 5 वर्ष में लगभग साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए इस पानी के अभियान पर खर्च किए जाएंगे।

आपने शायद सुना होगा समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया जी 60-70 के दशक में उन्‍होंने पार्लियामेंट में एक भाषण दिया था। उन्‍होंने कहा था कि हिन्‍दुस्‍तान की महिलाओं की दो प्रमुख समस्‍याएँ हैं। उसका तत्‍काल हमें समाधान करना चाहिए। ये 60-70 के कालखंड में कही गई बातें, लोहिया जी के द्वारा कही गई बातें हैं। कौन सी दो समस्‍याएँ बताईं- उन्‍होंने कहा हिन्‍दुस्‍तान की महिलाओं की दो प्रमुख समस्‍याएँ हैं, एक पैखाना और दूसरा पानी। यानी महिलाओं के लिए शौचालय नहीं है, और महिलाओं को घर चलाने के लिए पानी उपलब्‍ध नहीं है। अगर इन दो समस्‍याओं का समाधान करें तो इस देश की महिलाएं देश की समस्‍याओं का समाधान करने की ताकत बन जाएंगी। लोहिया जी तो चले गए, सरकारें भी आईं और चली गईं, नेता भी आए और चले गए, एक हमीं हैं जिसने ठान ली है कि हर घर में शौचालय भी होगा और हर घर में पानी भी होगा।

मराठवाड़ा का ये क्षेत्र तो, वैसे भी इसका बड़ा लाभार्थी भी होने वाला है और आप सभी देवेन्‍द्र जी की सरकार के साथ मिलकर सराहनयी प्रयास भी कर रहे हैं। अभी देवेन्‍द्र जी ने विस्‍तार से, उनके मन में क्‍या सपना है इस क्षेत्र में पानी पहुँचाने के लिए, इसका गहरा वर्णन किया है आपके सामने। मराठवाड़ा में जो पहला water grid बनाया जा रहा है, वो प्रशंसनीय कोशिश है। ये grid जब तैयार हो जाएगा तो इस क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ जाएगी। हर गांव तक पीने का पानी पहुंचाने, हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में इससे मदद मिलेगी।

साथियो, किसानों को सिंचाई की सुविधा देने से लेकर अनेक कदम केंद्र और राज्य की सरकारें उठा रही हैं। हर किसान परिवार के बैंक अकाउंट में सीधी मदद, 60 वर्ष की आयु के बाद किसानों को पेंशन की सुविधा, पशुधन को स्वस्थ रखने के लिए टीकाकरण अभियान, ऐसे अनेक प्रयास किए जाए रहे हैं।

भाइयो और बहनों, गांव की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में आप सभी का योगदान बहुत अहम है। Self Help Group, महिला बचत घटों के रूप में आप जो काम कर रहे हैं, उससे आपका सशक्तिकरण, आर्थिक सशक्तिकरण तो हो ही रहा है, परिवार की स्थिति भी सुधर रही है। जब परिवार आर्थिक रूप से सशक्‍त होता है तो देश की ताकत अपने-आप बढ़ती है।

सा‍थियो, देश के विकास में आपकी इसी भूमिका को देखते हुए बीते पाँच वर्षों में इस आंदोलन को विस्‍तार, और अधिक विस्‍तार देने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं के लिए उद्यमशीलता के नए अवसर बनाए जा रहे हैं। नए भारत में हम महिला कल्याण से आगे निकलकर महिलाओं की अगुवाई में राष्ट्र कल्याण की सोच लेकरके आगे बढ़ रहे हैं।

यही कारण है कि इस वर्ष के बजट में स्वयं-सहायता समूहों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए ब्याज पर जो सब्सिडी मिलती थी, इसको अब पूरे देश में लागू किया जा रहा है।इसी तरह समूह की जिन सदस्यों के पास जन-धन बैंक खाता है, उनको 5 हज़ार रुपए तक के ओवर ड्राफ्ट की अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। अब किसी साहूकार से ज्‍यादा ब्‍याज से पैसा नहीं लेना पड़ेगा। मतलब ये कि अगर आपके खाते में एक भी पैसा जमा नहीं है, तब भी आप 5 हजार रुपये अपनी जरूरत के लिए उससे निकाल सकेंगी। ये एक प्रकार से आसान ऋण है, जिसकी सुविधा जन-धन खाते पर आपको मिलेगी।

इसी तरह मुद्रा योजना के तहत भी हर स्व-सहायता समूह की एक महिला सदस्य को 1 लाख रुपये तक का कर्ज मिलेगा। इससे आपको अपना कारोबार शुरू करने या फिर उसे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

साथियो, मुद्रा योजना बहनों को उद्यमी बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। योजना के तहत अभी तक देशभर में करीब 20 करोड़ ऋण बांटे गए हैं। इनमें से लगभग 14 करोड़ ऋण हमारी बहनों और बेटियों के हाथ में गए हैं। महाराष्ट्र में भी मुद्रा योजना के डेढ़ करोड़ लाभार्थियों में से सवा करोड़ लाभार्थी हमारी माताएं-बहने हैं। महिला उद्यमशीलता के क्षेत्र में आ रहे इस बदलाव को हमें और तेज करना है, और मजबूत करना है। इसके लिए सरकार के स्‍तर पर जो भी कदम उठाने होंगे वो जरूर उठाए जाएंगे।

साथियो, स्वयं सहायता समूह के रूप में आप आर्थिक सशक्तिकरण के मजबूत माध्यम तो हैं ही, आप सामाजिक परिवर्तन की भी अहम प्रहरी हैं। बेटियों का जीवन बचाने से लेकर, उनकी पढ़ाई और उनके लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। यहां देवेन्‍द्र जी की सरकार ने इस दिशा में सराहनीय काम किया है। लेकिन सिर्फ सरकारी योजना और कानून ही काफी नहीं है। हमें बेटियों के प्रति समाज की सोच में व्यापक परिवर्तन लाने की जरूरत है। इसमें आप बहनों-बेटियों की भूमिका भी अहम है।

हाल में आपने देखा है कि मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की कुरीति से निजा दिलाने के लिए एक कड़ा कानून बनाया गया है। अब आपको समाज के भीतर इस कानून को लेकर जागरूकता फैलानी होगी।

साथियो, समय से पहले जब लक्ष्‍य हम हासिल करते हैं तो बड़े संकल्‍पों को सिद्ध करने का हौसला अपने-आप बढ़ जाता है।जब ईमानदारी से काम किया जाता है, जब साफ नीयत से काम किया जाता है, तो प्रयासों में भी कोई कमी नहीं रहती।आप सभी चंद्रयान को लेकर जो हुआ, उससे परिचित होंगे।

आप सभी चंद्रयान को लेकर जो हुआ, उससे भलीभांति परिचित होंगे। हमारे वैज्ञानिकों ने एक बड़ा लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया था, लेकिन उसमें एक बाधा आ गई। इस मिशन के लिए वैज्ञानिक काफी समय से मेहनत कर रहे थे।

भाइयो और बहनों, कल रात और आज सुबह मैं उनके बीच था। वो भावुक थे, लेकिन साथ-साथ ही बुलंद हौसले से भरे हुए थे कि अब और तेजी से काम करना है;जो हुआ उससे सबक लेकर, सीखकरके आगे बढ़ना है।इसरो जैसी प्रतिबद्धता के साथ ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है, लोगों के जीवन को आसान बनाया जा सकता है।

साथियो, अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे ही लगनशील लोगों की प्रतिबद्धता के चलते देश के हर गांव तक बिजली पहुंचाना, 8 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन देना, ऐसे अनेक काम समय से पहले पूरे हो चुके हैं। अब बहुत जल्द पूरा देश खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने की तरफ बढ़ रहा है।

मुझे विश्वास है कि 2022 में, जब हम आजादी के 75 वर्ष का पर्व मनाएंगे, तब के लिए हमने जो संकल्प हमने लिए हैं, वो जरूर पूरे होंगे।

भाइयो और बहनों, 2022 तक हर गरीब को पक्की छत देने के लक्ष्य की तरफ हम तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। अब तक देश के गांवों और शहरों में लगभग 1 करोड़ 80 लाख घर बन चुके हैं। लाभार्थी उसमें रहने के लिए चले गए हैं। कई लोग हमसे पूछते हैं कि गरीबों के घर की योजना तो पहले भी चलती थी, फंड पहले भी थे, लेकिन आपने इसमें अलग क्‍या किया?

सबसे पहले तो मैं ये बताना चाहता हूं कि हम इस बात को समझते थे कि हमें house नहीं, बल्कि homes का निर्माण करना है, चारदीवारी से घिरे मकान नहीं, आपके सपनों का घर बनाना है। हम ऐसे घर बनाना चाहते थे जहाँ सभी सुविधाएँ भी मौजूद हों। यानी घर के नाम पर चार दीवारें खड़ी करने के तौर-तरीकों से अलग हमें कुछ बेहतर करने की जरूरत थी। हमारी कोशिश कम से कम समय में, बगैर किसी ज्‍यादा लागत के अधिक से अधिक सुविधाएँ देना, ये हमारा इरादा था।

साथियो, हमारी सरकार ने जो घर बनवाए, उसके लिए कोई फिक्स्ड फॉर्मूला नहीं अपनाया कि जो कागज पर ढाल दिया, वैसे ही घर पूरे देश में बनने चाहिए। जी नहीं, बल्कि इसके विपरीत हमने घरों के निर्माण में स्थानीय लोगों की जरूरतों और वहां के लोगों की इच्छा को भी केन्‍द्र में रखा, उसी को ध्‍यान में रखते हुए मकान बनाने की योजना बनाई। घर में सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए हमने विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ दिया। ताकि उन घरों में बिजली, गैस कनेक्शन, शौचालय और ऐसी तमाम सुविधाएं भी साथ के साथ मिल सकें।

ये घर लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप बन सकें इसके लिए हमने आप लोगों की जरूरतों को सुना। इसके बाद ना सिर्फ घर का एरिया बढ़ाया गया बल्कि निर्माण राशि में भी बढ़ोत्‍तरी की गई। हमने इस प्रक्रिया में स्‍थानीय कारीगरों और श्रमिकों को भी शामिल किया, जैसे- अनेक महिलाएं भी आज अगर झारखंड जाएंगे तो रानी मिस्‍त्री शब्‍द सुनाई देगा आपको। बिना किसी अतिरिक्‍त लागत के, कम से कम समय में घरों की डिलीवरी हो, इस पर भी हमने फोकस किया। इसके लिए इसके लिए टैक्‍नोलॉजी को एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍से के रूप में अपनाया गया।

भाइयो और बहनों, हमने उन लोगों के सपनों को भी बल देने की कोशिश की, जो अपना घर खुद खरीदने की इच्छा रखते हैं। सस्ते मकानों को और बढ़ावा देने के लिए सरकार ने होम लोन पर डेढ़ लाख रुपये के ब्याज पर आयकर में अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया ताकि मध्‍यम वर्ग का परिवार अपना घर बसा सके।

साथियो, हमारा जोर पारदर्शिता पर भी रहा। घ्ररों के निर्माण के अलग-अलग चरण की तस्‍वीरों को ऑनलाइन अपलोड किया गया। पारदर्शी तरीके से प्रशासन को सही जानकारी उपलब्‍ध कराई गई। यही नहीं, रियल एस्टेट के क्षेत्र में पारदर्शिता की बहुत कमी थी। इससे घर खरीदने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सरकार ने रेरा कानून लाकर घर खरीदने वालों के मन में विश्वास भरने का काम किया है। आज अधिकतर राज्‍यों में रेरा कानून notify किया जा चुका है। Tribunal भी काम कर रहा है। इस प्रोजेक्‍ट के तहत लाखों नए flats का निर्माण किया जा रहा है।

कुल मिलाकर देखें तो घर को लेकर हमनेholistic approach से काम किया है। अगर हम अलग-अलग] एक-एक योजना के साथ सामने आते, तो इतनी बड़ी सफलता मिलना मुश्किल था। बड़े पैमाने पर समाधान तभी संभव है जब सारे विभाग, सारे फैसले, एक बड़े लक्ष्य को सोचकर किए जाएं।सारे मंत्रालय और सारी योजनाएं मिलकर एक ट्रैक पर काम करें। यही हमारी सरकार के कामकाज की पहचान रही है- टुकड़ों में नहीं समग्रता में सोचो और सबको इकट्ठा करके काम करो।

साथियो, पिछले 5 वर्षों में स्वच्छता से लेकर बैंक से लेनदेन तक, समाज के व्यवहार में परिवर्तन के जितने भी जन-आंदोलन हुए हैं, उसमें आप सभी ने बढ़-चढ़करके योगदान दिया है।यही कारण है कि आने वाले 5 वर्षों के लिए भी जो संकल्प लिए गए हैं, उनकी सिद्धि के लिए आप पर मुझे बहुत भरोसा है।ये विश्वास निरंतर मजबूत होगा, इसी कामना के साथ आपका बहुत बहुत आभार।

धन्‍यवाद और इतनी बड़ी संख्‍या में त्‍योहार के दिन माताओं-बहनों का हमें आशीर्वाद देने के लिए आना, ये हमारे लिए अपने-आप में एक शक्ति की अनुभूति है। इस मातृ शक्ति को नमन करते हुए मैं मेरी वाणी को विराम देता हूँ। मेरे साथ दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

भारत माता की – जय

बहुत-बहुत धन्‍यवाद

 

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PM congratulates President-elect of Sri Lanka Mr. Gotabaya Rajapaksa over telephone
November 17, 2019
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Prime Minister Shri Narendra Modi congratulated President-elect of Sri Lanka Mr. Gotabaya Rajapaksa over telephone on his electoral victory in the Presidential elections held in Sri Lanka yesterday.

Conveying the good wishes on behalf of the people of India and on his own behalf, the Prime Minister expressed confidence that under the able leadership of Mr. Rajapaksa the people of Sri Lanka will progress further on the path of peace and prosperity and fraternal, cultural, historical  and civilisational ties between India and Sri Lanka will be further strengthened. The Prime Minister reiterated India’s commitment to continue to work with the Government of Sri Lanka to these ends.

Mr. Rajapaksa thanked the Prime Minister  for his good wishes. He also expressed his readiness to work with India very closely to ensure development and security.

The Prime Minister extended an invitation to Mr. Rajapaksa to visit India at his early convenience. The invitation was accepted