UDAN has immensely helped to boost air connectivity in India: PM Modi

Published By : Admin | January 30, 2019 | 13:30 IST
For Ease of Doing Business, the infrastructure of this country must improve and extension of Surat airport is an effort in this direction: PM
We want to make air travel accessible to everybody. UDAN has immensely helped to boost air connectivity in India: PM Modi
In four years of our rule, we constructed 1.30 crore houses while in UPA rule they built 25 lakh houses: PM Modi

मेरे प्‍यारे भाइयोंऔर बहनों,

आज पूज्‍य बापू की पुण्‍यतिथि है और आज में इसके बाद दांडी में बापू के नमक सत्‍याग्रह को लेकर बने राष्‍ट्रीय नमक सत्‍याग्रह स्‍मारक का लोकार्पण करने वाला हूं। कर्मयोगियों के इस शहर सूरत से मैं बापू को श्रद्धासुमन करता हूं, उन्‍हे अर्पित करता हूं। सूरत का बापू के नमक सत्‍याग्रह से बहुत गहरा नाता रहा है। सूरत के सैंकड़ों सत्‍याग्रही तो बापू के साथ जुड़े ही थे, साथ में ये देश के उन पहले सेंटर्स में से एक था जहां दांडी मार्च से भी पहले नमक कानून का विरोध किया गया था, ये सूरत ने किया था।

सूरत ने गांधीजी के मूल्‍यों को हमेशा से सम्‍मान दिया। स्‍वच्‍छता हो, स्‍वावलंबन हो या फिर स्‍वदेशी, गांधीजी के दर्शन को सूरत ने जमीन पर उतारा है। और मुझे खुशी है, मैं देख रहा हूं वो धवल की पूरी टीम। धवल मुझे मिला था दिल्‍ली में, इन सारे नौजवान, कोई इंजीनियर हैं, कोई चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं, कोई शिक्षक हैं, कोई व्‍यापारी हैं। मन में ठान लिए सफाई का काम करेंगे और उन्‍होंने सफाई के लिए अपने-आपको समर्पित किया है, मैं इन सभी नौजवानों को बधाई देता हूं। आज हीरे और कपड़े के साथ-साथ अनेक छोटे-छोटे उद्योगों सेमेक इन इंडिया को ये शहर सशकत कर रहा है।

साथियों, सूरत की स्पिरिटको और मजबूती देने के लिए आज सैंकडों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्सका उद्घाटन और शिलान्‍यास किया गया है। इसमें सूरत एयरपोर्ट का विस्‍तारीकरण तो है ही, साथ में शहर को स्‍मार्ट बनाने के लिए दर्जनों प्रोजेक्ट्सका उद्घाटन और शिलान्‍यास भी किया गया है। विकास से जुड़े इन सभी प्रोजेक्ट्सके लिए मैं सूरतवासियों को, आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।

साथियों, हमारी सरकार देश मेंईज़ ऑफ़ लिविंग और ज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस की नई संस्‍कृति विकसित करने में जुटी है। इसके लिए देश में इंफ्रास्ट्रक्चरके विकास, कनेक्टिविटीके विकास पर बल, ये हमारी प्राथमिकताएं हैं। सूरत तो देश के उन शहरों में है जहाँविश्‍व की सबसे तेजी से विकसित हो रही हमारी अर्थव्‍यवस्‍था में चार चांद लगाता है।

हाल में आई एक अंतर्राष्‍ट्रीय रिपोर्ट के बारे में हर सूरती जानता है, लेकिन शायद देशवासियों को पता नहीं होगा। और उस रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले 10-15 वर्षों में दुनिया के सबसे तेजी से विकसित होने वाले टॉप टेन शहरों में, दुनिया के टॉप टेन, ये सारे के सारे 10, हिन्‍दुस्‍तान के हैं। और खुशी की बात है इसमें भी सबसे टॉप पर, सबसे टॉप पर कौन है? सूरत को गर्व हो रहा है? सूरत को बधाई।

यानी स्‍पष्‍ट है कि आने वाला समय सूरत का है, भारत के शहरों का है। ये सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की आर्थिक गतिविधियों के सेंटर होने वाले हैं। यहां दुनियाभर से निवेश होने वाला है, व्‍यापार और कारोबार कई गुना बढ़ने वाला है, लाखों युवा सा‍थियों को रोजगार के अवसर बनने वाले हैं।

साथियों, जब दुनिया भारत के शहरों को लेकर इतनी आशावादी है, तो ये हमारा दायित्‍व है कि इन शहरों को वर्तमान के साथ-साथ भविष्‍य के लिए तैयार किया जाए। और ये भी सही है कि हमें सूरत को भविष्‍य के लिए तैयार करने का मतलब यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर, यहां की व्‍यवस्‍थाएं, यहां की शिक्षा, यहां का आरोग्‍य; ये सब तो है ही है, यहां के मानवी के मन को भी उस ऊंचाई पर ले जाना है। और इसी सोच के साथ देशभर में हर प्रकार की कनेक्टिविटी को एक के बाद प्रोजेक्‍ट हम लगाए चले जा रहे हैं।

सूरत का ये एयरपोर्ट, अभी गुजरात का तीसरा बड़ा एयरपोर्ट, यानी व्‍यस्‍त एयरपोर्ट बन गया है। आज से नए टर्मिनल का जो काम शुरू हुआ है, जब ये पूरा हो जाएगा तब यहां पर 1200 डोमेस्टिक और 600 इंटरनेशनल पैसेंजर कोमैनेजकरने की क्षमता तैयार होगी। इसका मतलब ये कि एक दिन में 1800 यात्रियों को ये एयरपोर्ट हैंडलकर पाएगा। सूरत एयरपोर्ट की क्षमता भी सालाना चार लाख यात्री की है। जिस प्रकार के विस्‍तारीकरण का काम यहां हो रहा है, उसके बाद भविष्‍य में एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ करके चार लाख से 26 लाख यात्री से ज्‍यादा हो जाएगी।

पैसेंजर के अलावा यहां की कार्गो कैपेसिटी भी बढ़ाने वाले हैं। यानी आने वाले समय में आप सभी को अपने व्‍यापार-कारोबार के लिए देश-विदेश में सुविधा होगी। बाहर से भी बिजनेस के लिए जो यहां व्‍यापारी आते हैं, उनके समय की भी बचत होगी।

साथियों, मुझे बताया गया है कि कुछ ही दिनों में यहां से शारजाह के लिए एयर इंडिया एक्‍सप्रेस की सीधी फ्लाईट भी शुरू होने वाली है। शुरूआत में ये सुविधा सप्‍ताह में दो दिन होगी, लेकिन मार्च से इसको सप्‍ताह में चार दिन किया जाना है। इस फ्लाईट से आप सभी को व्‍यापार की दृष्टि से भी बहुत मदद मिलने वाली है। इसके लिए भी मैं आपको बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,सरकार हवाई कनेक्टिविटी से पूरे देश को जोड़ने में जुटी है और इसके लिए बीते तीन-चार वर्षों में तेज गति से काम किया गया है। और इसी का परिणाम है कि 17एयरपोर्ट्सकोअपग्रेड या एक्सपेंड किया जा चुका है और अनेक एयरपोर्ट में काम तेजी से चल रहा है। सरकार का लक्ष्‍य है कि अगले चार वर्षों में देशभर के 50 ऐसे एयरपोर्ट्स को विकसित किया जाए जो या तो अभी सेवा में नहीं हैं या फिर बहुत कम उपयोग में लाए जा रहे हैं।

साथियों,मेरा ये सपना, और ये सपना है कि हवाई चप्‍पल पहनने वाला भी हवाई सफर कर सके। इसके लिए ही ‘उड़े देश का आम नागरिक’ यानी उड़ान योजना शुरू की गई। आज मुझे ये बताते हुए खुशी है कि उड़ान ने देश को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट में शामिल करने में बड़ी मदद की है। उड़ान योजना से देश के एविएशनसेक्टरमें 12 लाख सीटें कम कीमत पर उपलब्‍ध हुई हैं।

इस योजना के तहत देशभर में करीब 40 एयरपोर्ट देश के एविएशनमैपमें जोड़े गए हैं। गुजरात में भी चार रूट्सपोरबंदर-मुम्‍बई, कांडला-अहमदाबाद, केशोड-अहमदाबाद और पोरबंदर-अहमदाबाद को उड़ान-1 और उड़ान-2 के तहत कनेक्टकिया गया है।

अब उड़ान-3 के जरिए भविष्‍य में सूरत सहित गुजरात के लगभग एक दर्जन छोटे और बड़े एयरपोर्टस को देश के अलग-अलग शहरों से कनेक्टकिया जाएगा। इसमें साबरमती रिवर फ्रंट, शत्रुंजयडैमऔरस्टेच्यू ऑफ़ यूनिटीजैसे वाटर-ड्रोमसया वाटर एयरपोर्टकी संभावना वाले क्षेत्र भी शामिल हैं।जो लोग भावनगर जाना चाहें, तीर्थ यात्रा करना चाहते हैं, वो सी-प्लेन सेशत्रुंजयडैम से हो करके आसानी से पहुंच पाएंगे। यानी भविष्‍य में साबरमती रिवर फ्रंट से उड़कर विमान सरदार सरोवर पानी के डैम में उतरे, इसी तरह की परियोजना पर विचार हो रहा है।

साथियों,एयर कनेक्टिविटी के साथ-साथ ये भी ध्‍यान रखा जा रहा है कि पासपोर्ट के लिए लोगों को बड़े शहरों के चक्‍कर न लगाने पड़ें। साल 2014 में देश में पासपोर्ट केंद्रों की कुल संख्‍या करीब 80 थी। सूरत के लोग याद रखेंगे- हमारे इतने बड़े देश में, इतनी बड़ी जनसंख्‍या, आजादी के 60-65 साल के दरम्‍यान, हमारे देश में पासपोर्ट देने वाले ऑफिस 80 थे। कितनी? आपने गुजराती में बोलो- कितनी?अस्‍सी।

आपको खुशी होगी कि पिछले चार साल में जो हमने अभियान चलाया, वो आंकड़ा अब 400 पार कर चुका है। कहां 80 और कहां 400। बड़ा सोचना, ज्‍यादा करना, अच्‍छे ढंग से करना, समय पर करना; और गुजरात वाले तो जानते हैं मुझे। इसके अलावा ‘एम पासपोर्ट सेवा मोबाइल ऐप’ जैसे माध्‍यम से पासपोर्ट के लिए अप्लाईकरना आसान हुआ है। ज्‍यादा संख्‍यामें पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने और पासपोर्ट नियमों को सरल करने के कारण दूरी में और देरी, दोनों में बहुत कमी आई है।

साथियों,केंद्र सरकार देश के गरीब और मध्‍यम वर्ग के हर व्‍यक्ति के जीवन को सरल और सुगम बनाने में पूरी ईमानदारी से जुटी हुई है। हमारा प्रयास है कि हमारे शहर साफ-सुथरे रहें, ट्रैफिक जाम की समस्‍या न रहे, पानी और सीवर से जुड़ी सुविधाएं बेहतर हों, सीसीटीवी कैमरों के माध्‍यम से सुरक्षा का एहसास मिले, कानून व्‍यवस्‍था की स्थिति बेहतर हो; ये सारी व्‍यवस्‍थाएं ‘स्मार्ट सिटी मिशन’और ‘अमृत योजना’ के माध्‍यम से साकार की जा रही हैं। एक फोकस्ड अप्रोच के साथ मिशन मोड पर काम किया जा रहा है।

साथियों,आज यहां जिन दर्जनोंप्रोजेक्ट्सका उद्घाटन और शिलान्‍यास किया गया है, वो हमारे इस अभियान को और गति देने वाले हैं। इसमें सीवर, पानी, फ्लाईओवर, सड़़क, शिक्षा से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्सहैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों घरों का भी आज यहां उद्घाटन और शिलान्‍यास किया गया है। ये सारे घर सूरत के गरीब बहन-भाइयों के जीवन को समृद्ध करने वाले हैं।

भाइयोंऔर बहनों, बीते साढ़े चार वर्षों में शहर में रहने वाले गरीब भाई-बहनों के लिए 13 लाख से अधिक घर बनाए जा चुके हैं, 37 लाख घरों पर काम चल रहा है और शहरों में नए 70 लाख और बनाने के लिए सरकार स्‍वीकृति दे चुकी है। इस तरह देश के ग्रामीण इलाकों में भी साल 2014 के बाद से एक करोड़ 30 लाख से ज्‍यादा घरों का निर्माण किया जा चुका है, वो उस घर में रहने के लिए चले गए हैं, ये दिवाली भी उन्‍होंने अपने घर में मनाई।

ये संख्‍या अपने-आप में कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि पहली की सरकार ने, और ये आंकड़ा भी जरा सूरत के लोग याद रखें, उनके कार्यकाल में 25 लाख घर बनवाएथे। कितने? कितने? 25 लाख। जरा बताइए ना कितने? 25 लाख घर बनवाए थे। गरीब को, अपने बेघर भाई-बहनों को पक्‍की छत मिले, इसके लिए आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार एक करोड़ 30 लाख मकान बना दिए, एक करोड़ 30 लाख। उनके कालखंड में कहां 25 लाख और हमारे चार साल में कहां एक करोड़ 30 लाख।

अगर मैं जितना काम कर रहा हूं, उतना उनको करना होता तो और 25 साल लग जाते। इतना ही नहीं, इसी सरकार ने पहली बार मध्‍यम वर्ग के लिए भी, और मैं सूरत और शहरों के लोगों से आग्रह करूंगा कि इस बात को समझें कितनी बड़ी मदद आपको हो सकती है, इसका फायदा उठाइए आप।

पहली बार, हमारे देश में ये योजना हमारी सरकार बनने से पहले नहीं थी, अगर मध्‍यम वर्ग का परिवार का व्‍यक्ति अपना घर बनाना चाहता है, बच्‍चे बड़े हुए हैं, नया घर लेना चाहता है; कोई व्‍यवस्‍था नहीं थी। मध्‍यम वर्ग को उसके नसीब पर छोड़ दिया गया था।

हमने आ करके पहली बार मध्‍यम वर्ग के लिए भी घरों की एक नई कैटेगरीबनाकर उसे ब्‍याज में राहत का अभियान चलाया हुआ है। और इससे फायदा क्‍या होता है, एक अनुमान के तहत अगर मध्‍यम वर्ग का व्‍यक्ति 20 लाख रुपये का लोन लेता है और उस 20 लाख रुपये के लोन से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने जाता है, तो उसके ब्‍याज में कटौती की जाएगी। और उसका परिणाम ये आएगा कि जब पूरे मकान के पैसे बैंक को वापिस देगा तब करीब-करीब 6 लाख रुपये की बचत हो रही है उसको। यानी मध्‍यम वर्ग के परिवार को एक घर बनाने में 6 लाख रुपये की बचत।

हिन्‍दुस्‍तान में इतनी सरकारें आ करके गईं, न किसी सरकार ने सोचा था, न किसी सरकार ने किया था। ये हमारे में दम है कि भारत के बढ़ते जाते मध्‍यमवर्गीय परिवारों की हम चिंता कर रहे हैं और इसके साथ सबसे बड़ा लाभ मध्‍यम वर्ग के उन युवाओं को मिला है जो करियर के शुरूआती वर्षों में ही अपना घर खरीदने की इच्‍छा रखते हैं।

कुछ लोग सवाल पूछते हैं कि नोटबंदी से क्‍या फायदा हुआ? उन्‍हें ये सवाल उन युवाओं से भी पूछना चाहिए जिन्‍हें नोटबंदी के बाद कम हुई घरों की कीमतों का लाभ मिलना शुरू हुआ है। उस गरीब और मध्‍यम वर्ग से सवाल पूछना चाहिए, जिसका घर का सपना अब साकार होना संभव हुआ है। वरना, नोटबंदी से पहले इस तरह रियल एस्टेट सेक्टर में काला धन हावी था, और सूरत वालों को तो इसका भलीभांति पता है। बड़े-बड़़े दिग्‍गज लोगों के नाम जानते हैं आप।

भाइयोंऔर बहनों, हमारी सरकार ने‘रेरा कानून’ बनाकर ये भी सुनिश्चित किया है कि गरीब और मध्‍यम वर्ग के लोगों की कमाईहाउसिंग प्रोजेक्ट्स में फंसनी नहीं चाहिए। ‘रेरा कानून’ के तहत 30-35 हजार बिल्‍डरों ने अपना रजिस्‍ट्रेशन करवाया है और तय नियम के मुताबिक लाखों घरों का निर्माण कर रहे हैं।

साथियों, अब सरकार में, और जब सरकार में इच्‍छाशक्ति हो तो कैसे परिवर्तन आता है, इसका एक उदाहरण LED बल्बभी है। पहले जो LED बल्ब350 रुपये तक में मिलता था, अब उसे 40-50 रुपये में उपलब्‍ध कराया जा रहा है। अब आप मुझे मत पूछना कि 40-50 का बल्‍ब350 में बिकता था तो बीच वाले पैसे कहां जाते थे, वो मुझे मत पूछना। उसका जवाब राजीव गांधी दे करके गए हैं। उन्‍होंने कहा हुआ है, एक रुपया जाता है तो 15 पैसा पहुंचता है, 85 पैसा कौन सा पंजा खाता था, वो सारी दुनिया जानती है।

बीते साढ़े चार साल में सरकार ने 32 करोड़ LED बल्बवितरित किए हैं, इस वजह से लोगों के बिजली बिल में सालाना करीब-करीब साढ़े 16 हजार, 16 हजार 500 करोड़ रुपयों की बचत हुई है। ये पैसा ज्‍यादातर मध्‍यम वर्ग के परिवारों में बचा है।

इसी तरह हमारी सरकार की मुद्रा योजना ने गरीब और निम्‍न-मध्‍यम वर्ग के युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। पहले युवा अगर अपना रोजगार करने के बारे में सोचता था तो उसे बैंक से कर्ज लेते समय गारंटी की समस्‍या आती थी।

हमारी सरकार ने मुद्रा योजना के तहत अब तक 15 करोड़ से ज्‍यादा लोन बिना बैंक गारंटी दे चुकी है। आप सोचिए, इसके तहत लोगों को अपना रोजगार शुरू करने के लिए बिना बैंक गारंटी सात लाख करोड़ रुपये का सरकार की तरफ से दिया गया है। इनमें से 4 करोड़ 25 लाख से ज्‍यादा ऐसे लोग हैं जिन्‍होंने पहली बार कर्ज लिया है। यानी बीते साढ़े चार साल में देश को 4 करोड़ 25 लाख नए उद्यमी भी मिले हैं।

भाइयोंऔर बहनों, इन व्‍यापक योजनाओं और बड़े फैसलों के पीछे सबसे बड़ी वजह है, आपके एक-एक वोट की ताकत से बनी पूर्ण बहुमत की सरकार। आपको लगता होगा, अभी जब मैं मकान की चाबी दे रहा था, आपको लगता होगा ये मकान मोदी दे रहा है; किसी को लगता होगा ये मकान भारत सरकार दे रही है।

जी नहीं, ये मकान न मोदी दे रहा है, न भारत सरकार दे रही है; ये मकान आप दे रहे हैं। ये आपके एक वोट की ताकत है कि गरीब को घर मिला है। ये आपके वोट की महत्‍ता है जो गरीब को घर देने की व्‍यवस्‍था देता है। और इसलिए ये जो बदलाव आप देख रहे हैं, वो बदलाव आपके वोट की ताकत के कारण है, मोदी की ताकत के कारण नहीं है।

भाइयोंऔर बहनों, आपको मालूम है 30 साल तक हमारे देश में अस्थिरताका दौर रहा। त्रिशंकु पार्लियामेंट बनी, किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। जोड़-तोड़ करके सरकारें चलाई गईं। जिसका मर्जी पड़े, उस तरफ खींचता चला गया। देश वहीं का वहीं अटक गया और कुछ बातों में पीछे चला गया। पिछले चार-साढ़े चार साल से हम आगे बढ़ पा रहे हैं, उसका एक प्रमुख कारण है- देश की जनता ने समझदारी से वोट डाला और त्रिशंकु की 30 साल पुरानी बीमारी से देश को मुक्‍त कर दिया, पूर्ण बहुमत की सरकार बना दी। और नई पीढ़ी देख सकती है कि पूर्ण बहुमत की सरकार कड़े फैसले भी ले सकती है, बड़े फैसले भी ले सकती है; हिम्‍मत के साथ देश को आगे बढ़ा सकती है, और ये काम हमने किया है।

पूर्ण बहुमत की सरकार का ये माहात्म्य है, पूर्ण बहुमत की सरकार जवाबदेह भी होती है। आज कोई भी मुझे पूछ सकता है, बताओ मोदीजी, साढ़े चार साल में क्‍या किया। अगर पूर्ण बहुमत की सरकार न होती तो मोदी आराम से कह देता, अरे क्‍या करें भई, वो मिली-जुली सरकार है, कुछ फैसले करना बड़ा मुश्किल होता है, चल जाती गाड़ी; लेकिन नहीं देश की जनता ने पूर्ण बहुमत का फैसला करके दुनिया में देश का नाम बढ़ाया है। और इसलिए एक-एक मतदाता अपने वोट की ताकत समझता है, देशको आगे बढ़ाने में उसकी भागीदारी देखता है। तो देश कैसे बढ रहा है, वो चार-साढ़े चार साल में हमने देखा है।

आप याद करिए, सरकारें कैसे चलती थीं। मुझे बताइए, आज सूरत एयरपोर्ट पर 70-72 हवाई जहाज चल रहे हैं। अभी सी.आर. पाटिल जी बता रहे थे कि 70-72 जहाज आते-जाते हैं। लेकिन क्‍या कभी हम ये भूल सकते हैं कि किस प्रकार से यहां एयरपोर्ट के लिए आंदोलन करने पड़ते थे,मेमोरंडमदेने पड़ते थे, दिल्‍ली सरकार तक दरवाजे खटखटाने पड़ते थे। मैं भी उस समय की दिल्‍ली की सरकार को मुख्‍यमंत्री के नाते चिटिठ्यां लिख-लिख करके थक गया था, लेकिन उनके दिमाग में कोई राजनीतिकबद्ध इरादा था कि सूरत को ये सुविधा नहीं दी जाती थी, रोड़े अटकाए जाते थे।

मैं उनको समझाता था, सूरत में ताकत है, एयरलाइन्‍स को फायदा होगा, देश को फायदा होगा; सुनने को तैयार नहीं थे। आप मुझे बताइए, चार लाख पैसेंजर्ससे 26 लाख पैसेंजर्स की क्षमता करने की नौबत आ गई, ये कितनी ताकत थी, जो हमें दिखता था, उनको नहीं दिखता था। सूरत वालों को दिखता था, उनको नहीं दिखता था; क्‍योंकि हम ‘सबका साथ, सबका विकास’ इसकी मंत्र को लेकर काम करने वाले लोग।

साथियों, एक तरफ हम पूरी शक्ति से पुरानी व्‍यवस्‍था की कमियों को बदलने में जुटे हैं, नया भारत बनाने में जुटे हैं; वहीं दूसरी तरफ- कुछ ऐसे भी लोग हैं जो हमारे इन प्रयासों की मजाक उड़ाते रहते हैं। वो लोग जिन्‍होंने बीते छह-सात दशक में देश की सुध नहीं ली, सिर्फ अपनी चिंता की, वो बदलते हुए इस भारत को देख नहीं पा रहे। ऐसे नकारात्‍मक सोच वाले लोगों की परवाह किए बिना हम आगे बढ़ने वाले हैं। नए भारत की नई ऊर्जा को हम विकास में ही लगाने वाले हैं।

मैं फिर एक बार आप सभी को जीवन और कारोबार को आसान करने वाली इन परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

आप इतनी बड़ी संख्‍या में आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे, इसके लिए भी मैं आपका बहुत आभारी हूं। मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की – जय

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भारत माता की – जय

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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PM Modi interacts with Energy Sector CEOs
January 28, 2026
CEOs express strong confidence in India’s growth trajectory
CEOs express keen interest in expanding their business presence in India
PM says India will play decisive role in the global energy demand-supply balance
PM highlights investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government
PM calls for innovation, collaboration, and deeper partnerships, across the entire energy value chain

Prime Minister Shri Narendra Modi interacted with CEOs of the global energy sector as part of the ongoing India Energy Week (IEW) 2026, at his residence at Lok Kalyan Marg earlier today.

During the interaction, the CEOs expressed strong confidence in India’s growth trajectory. They conveyed their keen interest in expanding and deepening their business presence in India, citing policy stability, reform momentum, and long-term demand visibility.

Welcoming the CEOs, Prime Minister said that these roundtables have emerged as a key platform for industry-government alignment. He emphasized that direct feedback from global industry leaders helps refine policy frameworks, address sectoral challenges more effectively, and strengthen India’s position as an attractive investment destination.

Highlighting India’s robust economic momentum, Prime Minister stated that India is advancing rapidly towards becoming the world’s third-largest economy and will play a decisive role in the global energy demand-supply balance.

Prime Minister drew attention to significant investment opportunities in India’s energy sector. He highlighted an investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government. He also underscored the USD 30 billion opportunity in Compressed Bio-Gas (CBG). In addition, he outlined large-scale opportunities across the broader energy value chain, including gas-based economy, refinery–petrochemical integration, and maritime and shipbuilding.

Prime Minister observed that while the global energy landscape is marked by uncertainty, it also presents immense opportunity. He called for innovation, collaboration, and deeper partnerships, reiterating that India stands ready as a reliable and trusted partner across the entire energy value chain.

The high-level roundtable saw participation from 27 CEOs and senior corporate dignitaries representing leading global and Indian energy companies and institutions, including TotalEnergies, BP, Vitol, HD Hyundai, HD KSOE, Aker, LanzaTech, Vedanta, International Energy Forum (IEF), Excelerate, Wood Mackenzie, Trafigura, Staatsolie, Praj, ReNew, and MOL, among others. The interaction was also attended by Union Minister for Petroleum and Natural Gas, Shri Hardeep Singh Puri and the Minister of State for Petroleum and Natural Gas, Shri Suresh Gopi and senior officials of the Ministry.