These elections will decide if the ‘Tukde-Tukde’ gang and its sympathisers will prevail or the proponents of ‘Ek Bharat, Shreshth Bharat’ will prevail: PM Modi in Gujarat
While on one hand, we have given a free hand to our armed forces to act against terrorists, on the other hand, the Congress’ ‘Dhakosala Patr’ promises measures that will weaken our security apparatus: PM Modi
Congress is anti-middle class. Whenever it comes to power, both inflation and corruption soar in the country: Prime Minister Modi

 

भाइयो और बहनो, चरोतर में आने का अपना एक सुखद अनुभव है। इसके पूर्व दिशा में पावागढ़, पावागढ़ पर पर्वत माता कालका विराजमान हैं। पश्चिम दिशा अहमदाबाद में मां भद्रकाली उपस्थित हैं और दक्षिण में समंदर के तट पर सिकोतर मां हमें आशीर्वाद दे रही हैं। मां का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे ऐसी मैं मां को चरणों में विशेष प्रार्थना करता हूं। ये हमारी धरती संतराम मंदिर, सत केवल परंपरा और स्वामी नारायण। एक ही समय की इन तीनों परंपराओं ने भक्त युग में ना सिर्फ चरोतर को, ना सिर्फ खेड़ा डिस्ट्रिक्ट को, पूरे गुजरात की सामाजिक, सांस्कृतिक चेतना जगाने का काम किया था। इन तीनों महान परंपराओं, सत केवल हो, संतराम मंदिर हो, स्वामी नारायण मंदिर हो। मैं इन तीनों परंपराओं के चरणों में, आज आदरपूर्वक वंदन करता हूं। आज भगवान महावीर जी की जयंती भी है, मैं गुजरात के लोगों को, देश और दुनिया के लोगों को इस पावन दिन महावीर जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आज के वैश्विक वातावरण में भगवान महावीर के संदेश हमें शांति प्रकृति और मानवीय प्रवृत्ति से जोड़ने की प्रेरणा देते हैं। साथियो, ये हमारा आणंद श्वेत क्रांति की जन्मभूमि है और आणंद के सभी लोग श्वेत क्रांति के नायक-नायिकाएं हैं। इस पूरे क्षेत्र के और विशेष कर की यहां गांवों के हमारे किसानों को, हमारे पशुपालकों को मैं आज सर झुका कर के नमन करता हूं। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, वीर विट्ठल भाई पटेल, इंदुलाल याग्निक, गोवर्धन राम त्रिपाठी अनगिनत महापुरुष। बहुरत्ना वसुंधरा किसको कहते हैं, इस भूमि के कण-कण में अनुभव करते हैं, उस भूमि को मेरा शत-शत प्रणाम।

भाइयो-बहनो, आणंद वो जगह है जिसने देश को नई दिशा दी है। आणंद, सम्मान और स्वाभिमान की भूमि है। इस मिट्टी ने सरदार साहब को गढ़ा है, करमसद की धरती ने वल्लभ भाई को सरदार बनाने की पहली शिक्षा दी थी। मैं जब पिछले साल यहां आया था तो हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास का मुझे अवसर मिला था। अमूल डेरी के विस्तार और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े प्लांट्स देशवासियों को समर्पित किए थे।

साथियो, बीते पांच वर्षों में आप सभी के सहयोग से मैंने देश के विकास के लिए बहुत ईमानदारी से प्रयास किया है। आपके ही आशीर्वाद से, आपके ही समर्थन से मैं सामान्य मानवी की मूल आवश्यकताओं को पूरा करने की तरफ बड़े कदम उठा पाया। हम गरीबों के लिए पिछली सरकार के मुकाबले 6 गुना ज्यादा घर बना पाए हैं, ये संभव हुआ है आपके आशीर्वाद के कारण। हम गरीब बहन के किचन तक मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने का काम भी कर पाए, अगर उसका यश किसी को जाता है तो आप सब के आशीर्वाद को जाता है। हर गांव-हर घर तक बिजली पहुंचाने का काम भी मैं आपके आशीर्वाद से ही कर पा रहा हूं। आजादी के सात दशक बाद देश की गरीब बहन-बेटियों को शौचालय की सुविधा दे पाया हूं वो आप ही के सहयोग के कारण संभव हुआ है। देश भर के युवा साथियों को करीब सात लाख करोड़ रुपए बिना बैंक गारंटी के ऋण, स्वरोजगार के लिए दे पाया वो भी आपके आशीर्वाद की बदौलत।

भाइयो और बहनो, पांच वर्ष पहले आपने अपने एक वोट से दिल्ली की सल्तनत को बदल डाला और एक चौकीदार को बिठा दिया। आपके सहयोग से हमने, वहां जा कर के ना सरकार बदली है ना बोर्ड बदला है, हमने सरकार की पूरी सोच बदल डाली है, काम करने का तरीका बदल डाला है। मैं आपको वादा करने आया हूं आज, सरदार वल्लभ भाई की मिट्टी की कसम देकर के वादा करता हूं। मैं सरदार साहब के सारे सपने पूरे करने के लिए अपने आप को खपा दूंगा। दिल्ली से चलने वाली सरकार, उसको हम दिल्ली से बाहर ले गए, पूरे हिंदुस्तान के हर कोने में मैंने दिल्ली को लाकर के खड़ा कर दिया है। सरकारी योजनाओं को सरकार के दफ्तर से निकालकर, जन भागिदारी और जन आंदोलन से जोड़ दिया, सामान्य मानवी पर विश्वास किया, देश के सामर्थ्य पर विश्वास किया। साथियो, बीते पांच वर्ष हम आवश्यकताओं को पूरा करने की तरफ बढ़े, अब हमें आकांक्षाओं की पूर्ती के लिए आगे बढ़ना है। बीते पांच वर्ष में भारत आत्मविश्वास से भरा, अब विकसित भारत की तरफ कदम बढ़ाने हैं। बीते पांच वर्ष में हमने सरदार साहब के एक भारत-श्रेष्ठ भारत की सोच को बुलंदी दी, अब उसको मजबूती देनी है। लेकिन साथियो, आपको इन प्रयासों के बीच सावधान भी रहना है, सतर्क रहना है। कांग्रेस ने सरदार पटेल का अपमान तो हमेशा किया, मणि बहन का भी वही हाल किया। अब सरदार साहब के संस्कारों को भी, उनके विचारों को भी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस के नेता, ये परिवार उसको भी रौंदने का प्रयास कर रहा है। कांग्रेस, उन्होंने अपने मेनिफेस्टो में लिखा है, जो मेनिफेस्टो सिवाए ढकोसलापत्र के कुछ नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने ऑफिशियली घोषित किया है की कांग्रेस राष्ट्रद्रोह का कानून हटाना चाहती है ताकी जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज मजबूत हों और देश के अन्य भागों में नक्सवादी मजबूत हों। टुकड़े-टुकड़े गैंग, देश के टुकड़े करने की अपनी शरारतें, खुलेआम हिम्मत से कर पाएं, ये कांग्रेस ने विधिवत रूप से आज देश के सामने कहा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश के एकीकरण के लिए जीवन लगा दिया, कांग्रेस अलगाववादियों को गले लगाने के लिए बेचैन बन गई है। कांग्रेस ने जिस कश्मीर समस्या को पैदा किया आज उसी जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने वालों के साथ खड़ी है।

भाइयो-बहनो, कश्मीर में साथी दल का एक केंडीडेट बोल रहा है और भाइयो-बहनो, मीडिया ने जिसको थोड़ी देर चलाया बाद में बंद कर दिया। वो कह रहा है अगर कोई पाकिस्तान को गाली देगा तो मैं उससे ज्यादा गाली भारत को दूंगा। ये कांग्रेस के साथ खड़ा हुआ व्यक्ति चुनाव लड़ रहा है क्या ऐसे लोगों को वोट देने की गलती आणंद कर सकता है? छोटा उदयपुर कर सकता है? खेड़ा कर सकता है? इस क्षेत्र का, गुजरात का एक भी नागरिक कर सकता है? इसलिए आज जब भी मैं कहता हूं की अगर सरदार पटेल साहब देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो देश की स्थिति अलग होती और जब मैं ये बोलता हूं तो ये बात सुनकर नामदार और उनके रागदरबारियों में खलबली मच जाती है। मत भूलिए कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार को आगे बढ़ाने के लिए कदम-कदम पर सरदार साहब का अपमान किया। जब आपके इस सेवक ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का संकल्प पूरा किया तब भी कांग्रेस ने और उनके रागदरबारियों ने इस बात को भी अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। आप मुझे बताइए दोस्तों, मैंने उतना ऊंचा कोई खंभा खड़ा कर दिया होता और दुनिया को मैं बताता की दुनिया का सबसे ऊंचा खंभा हमारे यहां बना है तो ये लोग तालियां बजाते की नहीं बजाते? उनके पेट में दर्द है ये दुनिया का सबसे ऊंचा स्टेचू तो भले बना लेकिन दुख इस बात का है की सरदार वल्लभ भाई पटेल का बना।

भाइयो-बहनो, आज दुनिया में जब भी चर्चा होती है, किसी बच्चे को पूछा जाए एग्जाम में, किसी को भी दुनिया में। दुनिया का सबसे ऊंचा स्टेचू कौन है, कहां है तो क्या लिखेगा, किसका नाम आएगा?  भारत का नाम आएगा की नहीं आएगा? गुजरात का नाम आएगा कि नहीं आएगा? सरदार पटेल का आएगा कि नहीं आएगा? हमें खुशी होगी कि नहीं होगी, हमारा माथा गर्व से ऊंचा होगा कि नहीं होगा? इनको दर्द क्यों होता हैं, इनकी नींद हराम क्यों होती है? मैं आपसे चाहता हूं, भाइयो-बहनो, ऐसे लोगों को सबक सिखाओगे कि नहीं? ऐसा ढीला बोलोगे तो सबक कैसे सिखाओगे। ऐसे लोगों को सबक सिखाओगे कि नहीं, पक्का सिखाओगे, जम कर के सिखाओगे? 23 तारीख को ऐसे लोगों का जमानत समाप्त हो जानी चाहिए, भाइयो-बहनो। मेरे लिए राजनीति नहीं है, सरदार साहब का अपमान, देश का बच्चा जो देश को प्यार करता है कभी स्वीकार नहीं कर सकता है।    

साथियो, कांग्रेस के परिवार के सामने जो भी खड़ा हुआ है उसके पीछे ये पूरी दुनिया में फैले अपने रागदरबारियों को लगा देते हैं। अब सरदार साहब के बाद मोरारजी भाई की बारी आई और आज इनके निशाने पर आपका ये चौकीदार है। दो दशक से मुझे कैसे गालियां दी जा रहा हैं इसके गवाह आप हैं। यही किया कि नहीं है इन लोगों ने, झूठे आरोप लगाए कि नहीं लगाए, दिन-रात गंदी हरकतें की या नहीं की? लेकिन अब कांग्रेस सारी सीमाएं तोड़ने पर अड़ गई है, कांग्रेस के नामदार ने पूरे ओबीसी समाज को, पिछड़े समाज को ही चोर कह डाला। नरेंद्र मोदी से बदला लेने के लिए समाज के ईमानदार लोगों का इतना अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। साथियो, जब सिर्फ वंशवाद ही विजन बन जाए, देश का डिवीजन यही उनका विजन हो, समाज का डिवीजन यही उनका विजन हो, तब गाली-गलौज की नीति ही उनके लिए एक मात्र सहारा बन जाता है। और कांग्रेस सिर्फ मुझे ही गाली देती है, ऐसा नहीं है, गलती मत करना, कांग्रेस ने किसी को नहीं छोड़ा है। कांग्रेस ने गरीबों का ये कह कर अपमान किया की गरीबी एक मानसिक अवस्था है, कांग्रेस के लोग नार्थ-ईस्ट के पहनावे का अपमान करते हैं, उसे अजीबोगरीब बताते हैं। कांग्रेस की सरकार देश के बहुसंख्यक समाज को आतंक से जोड़ती है, हिन्दू आतंक, ऐसी थ्योरियां बढ़-चढ़ कर के दुनिया के सामने पेश करती है।

साथियो, कांग्रेस सरकार के समय कैसे देश की सुरक्षा को ताक पर रखा गया, उसका भी उदाहरण आपको देता हूं। इन्होंने मध्यम वर्ग को भी नहीं छोड़ा, मध्यम वर्ग को कहते हैं सेल्फिश है स्वार्थी है। क्या मध्यम वर्ग सेल्फिश है क्या? अगर कानून का पालन करता है तो मध्यम वर्ग, ज्यादा से ज्यादा टैक्स देता है तो मध्यम वर्ग, समाज पर-सरकार पर सबसे कम बोझ पड़ता है तो मध्यम वर्ग का, लेकिन ये लोग मध्यम वर्ग को स्वार्थी कहते हैं। क्या ऐसे लोगों को माफ करोगे क्या? भइयो-बहनो, मैं आज एक जानकारी यहां देना चाहता हूं, गुजरात की धरती से, देश के लिए भी नई जानकारी होगी, इनको भी आश्चर्य होगा। हमारे देश में ऐसे-ऐसे संगठन पैदा हो जाते हैं, 5-50 लोग की टोली मिलकर सरकारी कानून में रजिस्ट्री करवा दें, संस्थाएं चलाएं और विदेशों से हजारों-करोड़ रुपए ले रहे थे हजारों-करोड़, लेकिन ये पैसे कहां खर्च हो रहे थे, किन इलाकों में खर्च हो रहे थे, दूर-दराज इलाकों में ये करने वाले लोग कौन थे, इनका मकसद क्या था, कांग्रेस सरकार के ये सब रागदरबारी होने के कारण इतनी बड़ी सरकार, इतना बड़ा देश कभी इनसे हिसाब ही नहीं मांगा। भाई विदेशों से पैसे लाते हो, करते क्या हो, क्योंकि ये उनके काम आते थे। हर गलत काम के लिए इनका इस्तेमाल होता था और इसके पीछे भी कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ था। 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद, ऐसे सभी संगठनों को जो विदेशों से पैसे लाते हैं, हमने कहा भाई, कानून कहता है आपको हर वर्ष हिसाब देना पड़ेगा, आपने दिया क्यों नहीं। आप मुझे बताइए हिसाब मांगना चाहिए कि नहीं मांगना चाहिए? आज मध्यम वर्ग को अपनी कमाई का एक-एक हिसाब देना पड़ता है कि नहीं देना पड़ता है? ये कौन से खेत की मूली हैं जो उनसे हिसाब ही ना मांगा जाए। आप हैरान रह जाएंगे, जब मैंने विदेशों से रुपए लाकर कौन क्या खेल रहा है, कहां खेल रहा है, किसके लिए खेल रहा है, देश के स्वाभिमान से कौन खिलवाड़ कर रहा है, उसके जब सवाल पूछे। आप चौंक जाएंगे भाइयो-बहनो, 20 हजार संगठन ऐसे निकले जिन्होंने कोई जवाब ही नहीं दिया। विदेशों से पैसे लाकर के बैठ गए, कोई हिसाब देने के लिए तैयार नहीं और मैंने कानून को ऐसे ताकत से लागू किया की अब वो 20 हजार सरकारी दफ्तर में आना ही बंद कर दिया। उनका विदेशों से पैसा आना भी बंद हो गया और भागे-भागे फिर रहे हैं। आप मुझे बताइए, ऐसे लोगों का हिसाब मांगना चाहिए कि नहीं मांगना चाहिए, गलत करते हैं तो सजा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? और ये 20 हजार संगठन मोदी के पीछे पड़ जाएं तो मोदी को डरना चाहिए क्या? मोदी की रक्षा कौन करेगा, मोदी को आशीर्वाद कौन देगा? आपके आशीर्वाद होंगे तो भाइयो-बहनो, मैं इनसे पाई-पाई का हिसाब ले कर रहूंगा। मैं जानता हूं ये दुश्मनी कितनी महंगी पड़ती है लेकिन मैं देश के लिए पैदा हुआ हूं, देश के लिए जी रहा हूं और इसलिए ऐसी चीजों की परवाह नहीं करता हूं।

साथियो, दशकों तक कांग्रेस ने देश को अपने ही तरीके से चलाया, उसने अपने वर्षों के शासन में भरपूर मलाई खाई, दूध वाली नहीं कागज वाली और खाई इतना ही नहीं अपने रागदरबारियों को भी खिलाई। जिन्होंने मलाई खाई है वो कांग्रेस सत्ता में नहीं है तो भी वो पूरा अपना कर्ज चुका रहे हैं। इन लोगों के साथ मिलकर कांग्रेस झूठ का एक ऐसा तंत्र चला रहा है, मैं आपको इनके काम करने के तरीके बताता हूं। मैं जब गुजरात में था तब भी यही खेल खेलते थे। ये क्या करते हैं, सबसे पहले, आपके पास समय है ना, आराम से बोलूं ना? आज मेरा भी मन कर रहा है, आपका इतना प्यार है मैं कैसे जाऊं?

सबसे पहले ये लोग आपस में मिलीभगत करके किसी मलाई खाने वाले के यहां एक झूठा आर्टिकल तैयार करवाते हैं, फिर कोई मिल जाए उसके यहां छपवा देते हैं और वो जब छप जाता है तो उसको लेकर दुनिया में पहुंचाते हैं, उस आर्टिकल को पहुंचाते हैं उसका प्रचार करते हैं, वाट्स ऐप पर डाल देते हैं, घर-घर पहुंचाते हैं, कुछ मीडिया वाले भी उठा लेते हैं, अखबार वाले भी उठा लेते हैं और उसके बाद क्या करते हैं। दूसरे दिन वो उन मुद्दों की प्रेस कांप्रेंस करते हैं, उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है, कहते हैं की फलाने अखबार में छपा है। अखबार कौन है, क्या है, कितना सर्क्यूलेशन है कोई लेना-देना नहीं है, प्रेस कांफ्रेंस करते हैं फिर उनकी प्रेस कांफ्रेंस छपती है। फिर वो किसी को ढूंढ के ले आते हैं, उसको कहते हैं पीआईएल करो, कोर्ट में एक पीआईएल करवा देते हैं और पीआईएल होती है तो 3-4 दिन उसकी बहस चलती है और कांग्रेस के बड़े-बड़े वकील, ऐसे कोई अनाम व्यक्ति के लिए कोर्ट में जा कर काला कोट पहन कर के खड़े हो जाते हैं। इसके बाद जैसे ही पीआईएल पर सुनवाई शुरू हो जाती है, कांग्रेस उस मुद्दे को और ज्यादा उछालने लगती है। ये पूरी माडस ऑपरेंडी, ये पूरी पैटर्न है कांग्रेस की। जब हम गुजरात में चुनाव लड़ते थे, हर बुधवार को ये खेल शुरू होता था और अगले मंगलवार तक चलता था। दिल्ली में सप्ताह में दो बार ये खेल, खेले जा रहे हैं। हाल के दिनों में देखो, कई विषय आपको मिलेंगे, कांग्रेस के कई झूठ आपको मिलेंगे जो ऐसे ही तैयार किए गए, ऐसे ही उनका ढिंढोरा पीटा गया। हर कुछ हफ्तों पर कांग्रेस का ये ईको-सिस्टम नए विषय उछालने लगता है और इसलिए ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसा झूठ आज-कल सोशल मीडिया में डाल देते हैं, आप कल्पना नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस को तो आप जानते ही हैं उनके रागदबारियों को भी पहचानने की जरूरत है। पहले मोदी के विरोध में वो आए दिन गुजरात को बदनाम करते थे। यहां तक, जैसे हिंदुस्तान गुजरात में है ही नहीं, ऐसा बर्ताव कर रहे थे, गुजरात को दुश्मन बना दिया था कांग्रेस ने और जब मोदी भारत की सेवा करने में लगा है तो मोदी का विरोध करने में सीमाएं लांघ कर के भारत का विरोध करने लग गए हैं भाइयों, भारत को बदनाम करने लग गए हैं। ऐसी कांग्रेस को कोई देश भक्त माफ कर सकता है?

साथियो, देश के मिडिल क्लास के साथ कांग्रेस की दुश्मनी रही है लेकिन अब कांग्रेस ने खुलकर कह दिया है की वो देश के मध्यम वर्ग को लालची मानती है स्वार्थी मानती है। उनका मेनिफेस्टो देखिए कांग्रेस का 50 पन्नों का ढकोसलापत्र है, एक बार भी मध्यम वर्ग शब्द नहीं है उसमें। आप मुझे बताइए, आप गुनहगार हैं क्या? इस देश को आपके लिए सोचना चाहिए कि नहीं सोचना चाहिए? राजनीतिक दलों को आपके लिए सोचना चाहिए कि नहीं सोचना चाहिए? आपके सपनों पर सोचना चाहिए कि नहीं सोचना चाहिए? इनको परवाह ही नहीं है, उनको तो लगता है मिडिल क्लास की कोई जरूरत ही नहीं है। वो अब खुलेआम कह रहे हैं की हम जो योजनाएं लाए हैं उसको पूरा करने के लिए मिडिल क्लास पर दो गुना-चार गुना टैक्स लगाने की दिशा में जाएंगे। अगर मिडिल क्लास खत्म हो जाएगा तो ये देश कभी आगे नहीं बढ़ेगा, लिख कर के रखो। देश आगे बढ़ रहा है, ये मध्यम वर्ग के लोगों की मेहनत से बढ़ रहा है। मिडिल क्लास से कांग्रेस की दुश्मनी है इसलिए जब-जब कांग्रेस आती है, आपने देखा होगा महंगाई लेकर के आती है। कांग्रेस के शासन में 10 प्रतिशत की दर से महंगाई बढ़ रही थी, जिसको हमने चार प्रतिशत से नीचे रखा है। इतना ही नहीं, पीएम आवास योजना के तहत पहली बार मिडिल क्लास के लिए होम लोन में छूट दी। आज मिडिल क्लास को होम लोन पर 5 से  6 लाख तक की बचत हो रही है। एजुकेशन लोन पर पहले जो ब्याज लगता था 15 प्रतिशत से आज हमने कम कर लगभग 11 प्रतिशत कर दिया है। इतना ही नहीं दवाइयां सस्ती की गई हैं, हार्ट और नी सर्जरी 70-80 प्रतिशत तक सस्ते हुए हैं यानी स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च बहुत कम हुआ है। देश का मध्यम वर्ग, देश का ईमानदार करदाता, अच्छी सड़कें चाहता है, ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधाएं चाहता है, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर चाहता है। बीते पांच वर्षों में हमने इस ओर पूरा ध्यान दिया है, लोगों के जीवन भर की कमाई किसी गलत बिल्डर के पास ना पहुंचे, उसे समय पर अपना फ्लैट मिले उसके लिए हमारी सरकार ने रेरा कानून भी बनाया है। आज देश के तीस हजार से ज्यादा प्रोजेक्ट्स इसमें रजिस्टर हुए हैं।

साथियो, भाजपा सबको सुरक्षा-सबको सम्मान देने में विश्वास रखती है। इसी का परिणाम है की जिन लाखों लोगों को मुद्रा ऋण मिले हैं उनमें दलित भी है, ओबीसी भी है, आदिवासी भी है, महिलाएं भी हैं। आयुष्मान भारत के तहत जिन गरीबों को पांच लाख रुपए इलाज के लिए सुनिश्चित हुए हैं वो भी समाज के हर तबके को है। घर हो, गैस हो, शौचालय हो वो किसी की जाति पूछ कर नहीं दिया जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को रोकने के लिए सरकार ने बेटियों के साथ राक्षसी कृत्य करने वाले, बलात्कार करने वालों को फांसी की सजा देने का कानून, ये मोदी में दम है।

भाइयो-बहनो, आणंद जिले को एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाई-वे और स्टेट हाई-वे की संपर्क सेवा से बहुत गति मिली है। दिल्ली-मुंबई फ्लैट कोरिडोर हो, वासद-वडोदरा छे लेन रास्ता हो, इस क्षेत्र को बहुत लाभ होने वाला है। अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का काम भी प्रगति पर है इसका सीधा फायदा आणंद को मिलेगा। भाइयो-बहनो, अमूल आज सिर्फ खेड़ा का, गुजरात का ही गौरव नहीं रहा है बल्कि देश का ब्रांड बन गया है। अमूल ने दूध-दही मक्खन से आगे बढ़ते हुए अब आइसक्रीम, चॉकलेट, ना जाने कितने प्रोडक्शन में हाथ आजमाया है भाइयो-बहनो।

साथियो, आज मैं पशुपालकों का भी विशेष आभार व्यक्त करना चाहता हूं। आपके श्रम से आज भारत, दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना है। आपको फंड की कमी ना आए इसलिए पशुपालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी गई है। इतना ही नहीं इस बार के बजट में राष्ट्रीय कामधेनू आयोग बनाने का फैसला भी लिया गया है। ये आयोग पूरी तरह से हमारे पशुधन की रक्षा-सुरक्षा से लेकर नियम कायदों को लागू कराने का काम करेगा। भाइयो-बहनो, पिछली बार गुजरात ने 26 की 26 सीटों पर कमल खिलाया था, ये रिकॉर्ड दोबारा दोहराना है और चौकीदार को सशक्त बनाना है। भाइयो-बहनो, आप मुझे बताइए, ये कांग्रेस के लोग सेना को सवाल पूछते हैं, सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध करते हैं। पुलवामा में हमारे वीरों को मार दिया, क्या मोदी चुप बैठेगा क्या? मोदी को चुप बैठने के लिए आपने भेजा है क्या? मोदी माला जपेगा क्या, मारा, मारा, मारा जपेगा क्या? ये सरदार पटेल की धरती में पैदा हुआ मोदी है।

भाइयो-बहनो, हमारी सेना ने पुरी के हमले के बाद जाकर के सर्जिकल स्ट्राइक किया तो उन्होंने उस पर सवाल खड़े किए और अभी जब पुलवामा में हुआ तो पाकिस्तान को पता था की मोदी है कुछ तो करेगा, तो उन्होंने क्या किया? सीमा पर सेना तैनात कर दी, सारी चीजें लगा दीं, मोदी को भी मालूम था और इसलिए मोदी ने क्या किया, ऊपर से…। आतंकवादियों को पालने पोसने वालों के लेने के देने पड़ गए और सब साफ कर दिया दोस्तों। आप मुझे बताइए, आपको सेना पर भरोसा है, सेना की बात पर भरोसा है, सेना के पराक्रम पर भरोसा है?  देश के बच्चे-बच्चे को भरोसा है लेकिन स्वार्थ की राजनीति में अंधे पड़े इन लोगों को भरोसा नहीं है। क्या ऐसे लोग देश की रक्षा कर सकते हैं? आप मुझे बताइए, मोदी को ऐसा करना चाहिए था कि नहीं करना चाहिए था? मैं सही दिशा में हूं, मैं सही कर रहा हूं, मुझे पूरी ताकत से करना चाहिए? आपने मुझे चौकीदार बनाया, मैं सच्चा चौकीदार हूं कि नहीं हूं? चौकीदारी कर रहा हूं कि नहीं कर रहा हूं, मेरी चौकीदारी से आप खुश हैं? आप भी मेरे…चौकीदार, आप भी मेरे…चौकीदार।

मैं आज एक संकल्प कराना चाहता हूं, आप करेंगे और सब के सब करेंगे, हाथ ऊपर कर के करेंगे, सभी लोग पूरी ताकत से करेंगे?

अपना हाथ ऊपर कीजिए, मोबाइल फोन में जो लाइट है उसे भी चालू कीजिए। आपकी फ्लैश लाइट चालू कीजिए। मैं जब नारा बुलवाऊंगा तो आपको कहना है घर-घर में है चौकीदार। क्या बोलना है आपको? घर-घर में है चौकीदार।

भ्रष्टाचारियों होशियार… घर-घर में है चौकीदार, भगोड़ों पर कानून की मार…घर-घर में है चौकीदार, बंद हुआ काला कारोबार…घर-घर में है चौकीदार, देशद्रोहियों पर कड़ा प्रहार…घर-घर में है चौकीदार, आतंक पर हो आखिरी वार…घर-घर में है चौकीदार, दुश्मन हो जा खबरदार…घर-घर में है चौकीदार, घुसपैठिये भागे सीमा पार…घर-घर में है चौकीदार, टूटेगी जात-पात की दीवार…घर-घर में है चौकीदार, वंशवाद की होगी हार…घर-घर में है चौकीदार। बहुत-बहुत धन्यवाद, मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, धन्यवाद।

 

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

பிரபலமான பேச்சுகள்

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
IIT Delhi tops India in QS Rankings 2027; 52 Indian institutions feature

Media Coverage

IIT Delhi tops India in QS Rankings 2027; 52 Indian institutions feature
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of Prime Minister addresses the Indian Community in Paris
June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।