भारत माता की… जय, भारत माता की जय।
सबसे पहले, मुझे आने में देर हो गई, आप लोगों को इंतजार करना पड़ा, मैं आप सब से क्षमा मांगता हूं। मंच पर विराजमान यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जी, भूतपूर्व मुख्यमंत्री गण, सभी वरिष्ठ नेता गण, इस चुनाव में हमारे उम्मीदवार और विशाल संख्या में हम सब को आशीर्वाद देने के लिए आए हुए मंडी, कुल्लू, रामपुर, किन्नौर, लाहौल, स्पीति, भरमौर और आस-पास के क्षेत्रों से आए सभी साथियों को नमस्कार।
साथियो, मंडी का ये लोकसभा क्षेत्र विराट है। आप बहुत दूर-दूर से यहां सफर कर के आए हैं। आपका ये जोश हम सभी के लिए, आपका ये प्यार मुझे अभिभूत कर देता है। ये मेरा सौभाग्य रहा है की हिमाचल में चप्पे-चप्पे से जुड़ने का मुझे अवसर मिला है। हिमाचल ने हमेशा मेरा बहुत ख्याल रखा है और इसलिए जब भी आपके बीच आता हूं तो कई पुरानी बातें, किस्से फिर से याद आ जाती हैं, उन दिनों में खो जाता हूं। साथियो, आज जब दिल्ली से चलने वाला था तो मुझे बताया गया की मंडी में आज मौसम शायद परेशान कर सकता है, बारिश हो सकती है, हेलिकॉप्टर उतरने में परेशानी हो सकती है तो मैं मन में ऐसे ही सोच रहा था, अफसर लोग मुझे बता रहे थे। लेकिन अगर बिजली महादेव चाहेंगे तो मोदी जरूर पहुंचेगा और सभा भी करेगा। बिजली महादेव के दर्शन के साथ भी एक पुराना वाक्या भी जुड़ा हुआ है।
साथियो, मुझे याद है एक बार जब मैं बिजली महादेव के दर्शन के लिए गया था तो अचानक से भारी बारिश हो गई। अच्छा मैं भी बिना किसी तैयारी के निकलता हूं, आदत भी वैसी है क्योंकि अक्सर इस इलाके में घूमते हुए जैसे ही बिजली महादेव का नाम सोचता था तो मैं निकल पड़ता था की फिर एक बार दर्शन कर के आते हैं। और उस जमाने में आज जैसे रास्ते भी नहीं थे, एक तरह से ट्रैकिंग कर के ही मंदिर तक पहुंचना होता था। पहाड़ों की तेज हवाओं में छाते का तो कोई मतलब ही नहीं था। ऐसे ही समय में एक बार जब बिजली महादेव जाना हुआ और जोर की बारिश हुई तब वहां थोड़ी दूरी पर एक चाय वाले सज्जन थे, छोटा सा तिरपाल लगाकर अपनी दुकान चलाते थे तो मैं वहीं उसी तिरपाल के नीचे 3-4 घंटे तक बैठा रहा, बारिश रुकने तक का इंतजार करता रहा और गर्म-गर्म चाय भी पीता रहा। मुझे किसी ने बताया की वो चाय वाले सज्जन आज भी अपने इस चाय वाले को याद करते हैं। मैं भी उन्हें याद करता हूं और आप के माध्यम से उन्हें नमस्कार पहुंचाता हूं।

भाइयो-बहनो, जब मैं आप के बीच यहां आऊं और सेपू-बड़ी की याद ना आए, ये हो नहीं सकता। अभी तो आपके सांसद जब भी आते थे तो थोड़ी बहुत लेकर आते थे। और जब मैं यहां रहता था परिवारों में खाना खाने के लिए जाता था तो जिन-जिन घरों में जाता था तो मैंने देखा था की सेपू-बड़ी मुझे बराबर खिलाया करते थे लेकिन अब अगली बार आऊंगा तो पैक कर के ले जाऊंगा। हिमाचल के लोगों की आत्मीयता, उनका अपनापन मेरे जीवन के वो पल हैं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगे और कभी अटल जी के साथ आता था तो कई दिनों तक एक साथ रहने का मौका मिल जाता था। भाइयो-बहनो, 2014 में आपने चारों सीटों पर कमल खिलाए, चार की चार, फिर 2017 में आपने भरपूर प्यार दिया। अब आज फिर आपसे अपने लिए आशीर्वाद मांगने आया हूं और हिमाचल के तो चप्पे-चप्पे का मुझ पर अधिकार है और मेरा भी हिमाचल के हर इंसान पर अधिकार है, प्यार का। है कि नहीं है? आपका आशीर्वाद बना रहेगा ना?
साथियो, आपके ही आशीर्वाद से बीते पांच वर्ष में भारत हर प्रकार से तरक्की के नए रास्ते तय कर रहा है। आज पूरी दुनिया भारत की ताकत का लोहा मान रही है। भाइयो-बहनो, मुझे एहसास है की जब पुलवामा में हमारे जवान शहीद हुए थे तो हिमाचल के चप्पे-चप्पे में आक्रोश था और मैं आवाज सुनता था यहां से अरे मोदी जी आप तो हमारे हो, इंतजार किस चीज का करते हो, डांटते थे मुझे। हिमाचल के लोगों को मैंने वो हक दिया हुआ है। आप सभी चाहते थे की भारत आतंकी और उनके आकाओं को सजा दे। चाहते थे ना? आपके इस चौकीदार ने आपकी आवाज, आपकी भावनाओं की कद्र की और अपने वीर जवानों को सीमा पार करके आतंकियों को सजा देने की खुली छूट दे दी। आतंकी जहां ट्रेनिंग ले रहे थे, भारत पर हमले की साजिश कर रहे थे वहां हमारे वीर-जवानों ने घर में घुसकर उनको मारा। यही परिवर्तन भारत की शक्ति में बीते पांच वर्ष में आया है। भाइयो-बहनो, पूरे देश को भारत की शक्ति पर गर्व है लेकिन कांग्रेस के लोग, उनको ये पच नहीं रहा है। उनको हमारे देश के वीर सपूतों पर भरोसा नहीं है।

साथियो, 2016 में आपने देखा की हमारे वीर सपूतों ने सर्जिकल स्ट्राइक की तो कांग्रेस के नामदार ने पाकिस्तान के बजाए मुझे गालियां देना शुरू कर दिया। इस साल भी फरवरी में एयर स्ट्राइक के बाद, कांग्रेस के नामदार और उनके रागदरबारी फिर एक बार मोदी को गाली देने में जुटे हुए हैं। भाइयो-बहनो, कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथी कैसी राजनीति करना चाहते हैं, ये भी आपको जानना बहुत जरूरी है। कांग्रेस कहती है की अलगाववादियों से बातचीत होनी चाहिए, देशद्रोह का कानून खत्म होना चाहिए, सैनिकों को मिला विशेष अधिकार, एक रक्षा कवच है वो खत्म होना चाहिए। मैं जरा मंडी में इतने बड़े जन सागर को सवाल पूछना चाहता हूं। आप जवाब देंगे? ऐसी मरी-मरी जवाब मंडी की नहीं होती है। अरे फोटो नहीं दिखानी है, जवाब दोगे क्या, मान लिया फोटो हर एक के पास है।
भाइयो-बहनो, मैं आपसे पूछना चाहता हूं, जो भारत के टुकड़े करने और हमारे जवानों को लाचार करने की साजिश करते हैं क्या उनकी जमानत जब्त होनी चाहिए कि नहीं? उनको सजा होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? हिमाचल की धरती से ऐसे दल और दल की विचारधारा को हमेशा-हमेशा के लिए विदाई देनी चाहिए कि नहीं देनी चाहिए?
भाइयो-बहनो, कांग्रेस और उससे जुड़े लोग, हमारे वीर जवानों और उनके परिवारों के लिए कैसी सोच रखते हैं। भाइयो-बहनो, ये हिमाचल वीर माताओं-बहनों की भूमि है, वीरों की भूमि है। यहां की माताएं वीर संतानों को जन्म देती हैं, जो देश के लिए जीते हैं और देश के लिए मरते हैं। शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जिसका बेटा सीमा पर मातृभूमि की रक्षा ना करता हो, देश के लिए खड़ा ना हो। लेकिन साथियो, मैं नहीं जानता हूं कि हिमाचल के मीडिया ने ये बात छापी है कि नहीं छापी है, मैं ये भी नहीं जानता हूं की हिमाचल के टीवी वीडियो वालों ने भी कभी इसको दिखाया कि नहीं दिखाया लेकिन ये बहुत गंभीर बात है जो मैं आपको बताना चाहता हूं।

साथियो, कर्नाटक में अभी चुनाव हुआ, एक-आध साल हुआ। कर्नाटक में कांग्रेस ने जिसे मुख्यमंत्री बनाया है और ये ऐसे मुख्यमंत्री हैं कर्नाटक के की उनके पिताजी कभी भारत के प्रधानमंत्री थे, भले टंपरेरी लेकिन थे। उनके मुख्यमंत्री ने क्या कहा, उन्होंने कुछ दिन पहले कहा की सेना में वही जाता है जो भूखा मरता है, जिसके पास, सुनिए अभी तो सुनिए। ये कैसे लोग हैं और जिसको कांग्रेस का मुख्यमंत्री बनाया है और ये शब्द मुख्यमंत्री के हैं। उन्होंने कहा, जिसके पास पेट भरने के लिए कुछ नहीं होता वो सेना में जाता है। आप मुझे बताइए, मैं आपके गुस्से का इंतजार करता हूं, दोस्तों। आप मुझे बताइए, क्या हिमाचल की बहादुर मां अपने बेटे को इसलिए फौज में भेजती है की वो उसे दो टाइम की रोटी नहीं खिला पाती। ये आपका अपमान है कि नहीं है, हर माता का अपमान है कि नहीं है? यहां के वीरों का अपमान है कि नहीं है? क्या हिमाचल के वीर जवान इसलिए फौज में जाते हैं क्योंकि उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं होता। सेना में जाने वालों का ऐसा अपमान करने वालों को कांग्रेस सम्मान देती है, उन्हें मुख्यमंत्री बनाती है और आप ये भी कभी मत भूलिएगा की यहां की कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथी हैं जो देश के सेनाध्यक्ष को पब्लिकली गली का गुंडा कहते हैं, जो वायु सेना के अध्यक्ष को झूठा कहते हैं। भाइयो-बहनो, सेना के वीर-जवानों के अपमान की आदत कांग्रेस को हमेशा से रही है लेकिन चाहे देश की सुरक्षा हो या फिर हमारे जवानों का सम्मान, आपका ये चौकीदार चौकन्ना है। जिस वन रैंक-वन पेंशन को कांग्रेस ने चार दशकों से लटका रखा था वो भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा ही लागू किया गया है। और ये कैसे झूठ बोलते हैं, कैसे आंख में धूल झोंकते हैं ये बड़ा नमूनेदार है उनका काम, आप सुनोगे, समझोगे तो चौंक जाओगे, दोस्तों। इतना बड़ा वन रैंक-वन पेंशन का मसला, 40 साल से देश के जवान मांग कर रहे थे लेकिन जब चुनाव आया 2014 का तो अंतरिम बजट आया तो इन्होंने क्या किया, देश के जवानों के साथ धोखा किया। टोकन 500 करोड़ रुपया लिख दिया वन रैंक-वन पेंशन के लिए। क्योंकि हमने चुनाव में वादा किया था और मंडी में मेरी सभा में बहुत विस्तार से कहा था उस समय, 2014 में। उन्होंने 500 करोड़ रुपया रख दिया और जाकर मालाएं पहन रहे थे। यहां पर उन्होंने, हिमाचल में भी पूर्व सैनिकों के, उनके दरबारियों को बुला कर के, 15 लोग ही आए थे ज्यादा नहीं आए थे क्योंकि यहां के सेना के जवान जागरूक हैं, किसी को कोई खरीद नहीं सकता इन जवानों को, वो मरने के लिए तैयार होते हैं लेकिन किसी के टुकड़ों पर पलने के लिए तैयार नहीं होते हैं, मैं हिमाचल के जवानों को जानता हूं। भाइयो-बहनो, इन 12-15 जवानों को इकट्ठा किया मालाएं पहनाईं और टीवी पर 24 घंटे दिखा रहे थे की वन रैंक-वन पेंशन हो गया।
भाइयो-बहनो, जब मैं आया और मैंने काम शुरू किया तो इनके पास पेंशन की सूची का भी ठिकाना नहीं था। देश के लिए मर मिटने वाले लोग, रिटायर हुए, उनका दफ्तर भी ठिकाना नहीं था। मुझे वो सारा ठीक करना पड़ा, कुछ लोग नेपाल में भी हैं, उनका भी ठीक करना पड़ा और ये 500 करोड़, आपके वोट छीन कर ले गए। मुझे अब तक वन रैंक-वन पेंशन में हमारे फौजी परिवारों को 35 हजार करोड़ रुपया मैंने पहुंचाया, कहां 500 करोड़ और कहां 35 हजार करोड़, ऐसा झूठ बोलने की इनकी आदत है। क्या ऐसे लोगों को माफ करोगे?
बरसों से कांग्रेस सरकार ने हमारे जवानों को बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए तरसा रखा था। और जवान को बुलेटप्रूफ जैकेट ना मिलना मतलब हिमाचल की मेरी मां को रात में नींद नहीं आना, ये मतलब होता है। मां को चिंता रहती है की बेटा कैसे लौट के कब आएगा, इनको परवाह नहीं थी। भाइयो-बहनो, इतनी बड़ी कमी, हमारी सरकार बनने के बाद हमने उसे पूरा किया। भाइयो-बहनो, मंडी सहित हिमाचल के अनेक क्षेत्रों में हमारे सिख बंधु हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। छोटे-मोटे व्यापारी, मैं मंडी आता था कभी कुछ खाने का मन कर जाए तो चला जाता था गुरुद्वारे पर। यहां इतना बड़ा योगदान है सिख परिवारों का। मैं उनको याद दिलाने आया हूं की कांग्रेस के नामदारों के कारण जो पाप 1984 में हुआ, उसका न्याय देने का काम हमारी सरकार कर रही है। पहली बार सिख दंगों में न्याय हुआ है, दोषियों को फांसी की सजा तक हो चुकी है। सिख दंगों पर कांग्रेस की क्या सोच रही है, ये उसने फिर कल सार्वजनिक की है। टीवी के सामने बोला है, कोई इधर-उधर की बात नहीं है। कांग्रेस ने कहा की सिख दंगा हुआ तो हुआ, सिखों का कत्लेआम हुआ तो हुआ, इतना अहंकार, इतनी संवेदनहीनता। भाइयो-बहनो, जिनके जरा भी परवाह नहीं है, जिनका अहंकार सातवें आसमान पर पहुंचा है ऐसे लोगों के जितनी सजा दी जाए वो कम है, भाइयो-बहनो।
भाइयो-बहनो, वंशवाद और भ्रष्टाचार को जिस तरह कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजनीति का हिस्सा बनाया, उसकी जड़े यहां हिमाचल में भी मजबूत की हैं। लेकिन 21वीं सदी का युवा भारत कुछ परिवारों के इस गिरोह से हिमाचल को भी मुक्ति दिला कर रहेगा। साथियो, टेररिज्म जहां दुनिया के तोड़ता है वहीं टूरिज्म दुनिया को जोड़ता है, टेररिज्म डिवाइड्स-टूरिज्म युनाइट्स। भाइयो-बहनो, मुझे याद है, मनाली में जो सोलांग वैली है वहां पर कितने टूरिस्ट आते हैं पैराग्लाइडिंग करने के लिए। मुझे भी जब पहले मौका मिलता था तो वहां जाकर पैराग्लाइडिंग मैं भी कर लेता था और मेरे जो ट्रेनर थे भाई रोशन ठाकुर, पता नहीं अब तो बहुत साल हो गए, मिला नहीं हूं मैं। रोशन ठाकुर से मैंने पैराग्लाइडिंग से जुड़ी बहुत सारी बाते सीखीं थीं। और मैंने सुना है उनकी बेटी ने इंटरनेशनल गेम में उसने भारत को अवार्ड दिलाया है उसने, मैंने उस दिन ट्वीट भी किया था। तब तो मुझे मालूम नहीं था की वो रोशन जी की बेटी है लेकिन बाद में उसने लिखा की मोदी जी आपको पता नहीं होगा, मैं रोशन की बेटी हूं, तो मुझे और आनंद हो गया। देखिए देश के प्रधानमंत्री का नाता कैसा होना चाहिए, नमूना है जी, रोशन की बेटी कहीं नाम ले के आ जाए और भारत के प्रधानमंत्री का सीना फूल जाए। लेकिन अब क्या करें आप लोगों ने मुझे ऐसा काम दे दिया है की अब मौका मुझे मिलता नहीं है। वो हिमाचल की जो खुशी भरी मेरी जिंदगी थी अब मैं उसमें समय नहीं दे पा रहा हूं लेकिन हिमाचल के आसमान में जो उड़ान, उसका रोमांच मैं कभी नहीं भूल सकता। यहां हिमाचल प्रदेश में टूरिज्म की संभावनाओं को और बढ़ाने के लिए भाजपा सरकार यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व काम कर रही है। गांव की सड़कें हों, हाईवे हो, रेल हो या फिर उड़ान योजना के तहत हवाई सेवा, पूरी निष्ठा के साथ विकास करने का प्रयास मैंने किया है। बिलासपुर-लेह रेललाइन सहित अनेक रेलवे प्रजेक्ट्स को यहां तेजी से पूरा किया जा रहा है। अटल जी ने जिस रोहतांग टनल का शिलान्यास किया था उस पर भी अब काम तकरीबन पूरा हो चुका है और 23 मई को चुनाव का नतीजा आएगा, 23 मई को इस समय तक चुनाव का नतीजा आ गया होगा। 23 मई को चुनाव का नतीजा आएगा तो फिर एक बार मोदी सरकार, तो उसके बाद इस टनल के उद्घाटन के लिए मैं ही आने वाला हूं।
साथियो, मोबाइल फोन कनेक्टिविटी भी हिमाचल प्रदेश के चप्पे-चप्पे तक पहुंच रही है। कनेक्टिविटी पर इतना जोर इसलिए दिया जा रहा है ताकि टूरिज्म इंडस्ट्री को लाभ मिल सके। साथियो, पर्यटन क्षेत्र जितना मजबूत होता है उतना ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचता है। चाहे हस्तशिल्प से जुड़े लोग हो, चाहे होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोग हों, चाहे छोटे-छोटे दुकानदार हों, चाय वाले हों सब को बढ़ते हुए टूरिस्ट से फायदा होता है। जीएसटी के बाद खाने-पीने पर जो टैक्स कम हुआ है उसका लाभ भी होटल इंडस्ट्री को हो रहा है।
साथियो, पर्यटन बढ़ाने के सरकार के तमाम प्रयासों की वजह से ही देश में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या एक करोड़ के पार हो गई है। जब ये पर्यटक बढ़ते हैं तो देश में आने वाली विदेशी मुद्रा भी बढ़ती है। बीते चार-पांच साल में इसमें भी करीब 50 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। इतना ही नहीं भाजपा सरकार के दौरान देश में स्वीकृत होटलों की संख्या भी 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है। साथियो, किसानों के काते में आ रही सीधी मदद हो, आयुष्मान भारत के तहत मिल रहा मुफ्त इलाज हो या फिर बहनों को मिल रही रसोई गैस हो, सबको सुरक्षा-सबको सम्मान का हमारा काम जारी रहेगा। आपको पूरी शक्ति से कमल खिलाना है, जब आप कमल के निशान पर बटन दबाओगे तो आपका वोट सीधा मोदी के खाते में आएगा। भाइयो-बहनो, फिर से एक बार आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए, प्यार बरसाने आए और मेरे अपने घर में मुझे ऐसा मान-सम्मान मिलता है मेरा ताकत भी बहुत बढ़ जाती है। हिमाचल ने मुझे वो ताकत दी है। अपनेपन से जैसे घर के एक बेटे को संभालते हैं वैसे हिमाचल ने मुझे संभाला है और आपने जो मेरे पर विश्वास किया है। पांच साल में मेरे हिमाचल को कभी नीचा ना देखना पड़े ऐसा एक काम नहीं किया। ये आपके आशीर्वाद के कारण है, ये आपके साथ मिले संस्कारों के कारण है। इन सबके साथ मैं उंगली पकड़ कर सीखा हूं जी, ये सब बड़े-बड़े लोग रहे मेरे सामने, उन्होंने मुझे उंगली पकड़कर चलाया है। ऐसे लोगों के बीच जब आया हूं, मुझे विश्वास है आपका प्यार बना रहेगा। और आपने 14 जिताया, 17 जिताया, 19 में हैट्रिक करने की जिम्मेदारी आपकी है।
मेरे साथ बोलिए… भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।


