Social Media Corner 24th August

Published By : Admin | August 24, 2016 | 19:42 IST

The cabinet clears the bill on surrogacy

Opportunity to work for the Govt. & contribute towards nation building

Sugamaya Pustakalaya launched for print-disabled people

Kisan Suvidha Mobile App Launched in Punjab

GDP Growth Forecast revised to 7.8%

Rs 5 Lakh ex-gratia for victims of cross border firing

IIT Council agrees to increase student intake by 40%

Sakshi Malik is the new face for ‘BetiBachao, BetiPadhao’ initiative

Strengthening the India & USA diaspora: US postal department releasing Diwali Forever stamp

PM Modi: In a world of slow economy, India a ray of hope

Virender Sehwag &Ritu Beri join the Tiranga Yatra in Delhi

Akashvani Maitree to preserve composite Bengali cultural heritage

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

பிரபலமான பேச்சுகள்

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
PM Modi pitches India as stable investment destination amid global turbulence

Media Coverage

PM Modi pitches India as stable investment destination amid global turbulence
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
PM Modi, German Chancellor Merz attend the joint press meet in Ahmedabad
January 12, 2026

Your Excellency,

My Friend,

चांसलर फ़्रेडरिक मर्ज़, दोनों देशों के delegates, मीडिया के साथियों,

नमस्कार! गूटन टाग!

आज स्वामी विवेकानंद जयंती के दिन चांसलर मर्ज़ का भारत में स्वागत करना मेरे लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है। ये एक सुखद संयोग है कि स्वामी विवेकानंद जी ने ही भारत और जर्मनी के बीच दर्शन, ज्ञान और आत्मा का सेतु बनाया था। आज चांसलर मर्ज़ की यह यात्रा उसी सेतु को नई ऊर्जा, नया विश्वास और नया विस्तार प्रदान कर रही है। चांसलर के रूप में यह उनकी भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की पहली यात्रा है। यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि वे भारत के साथ संबंधों को कितना गहरा महत्व देते हैं। उनके personal attention और कमिटमेंट के लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूँ। भारत, जर्मनी के साथ अपनी मित्रता और साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुजरात में हम कहते हैं - ‘आवकारो मिठो आपजे रे’, यानी, स्नेह और आत्मीयता से स्वागत करना। इसी भावना के साथ हम चांसलर मर्ज़ का भारत में हार्दिक अभिनंदन करते हैं।

Friends,

चांसलर मर्ज़ की ये यात्रा एक विशेष समय पर हो रही है। पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए, और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं। ये milestones केवल समय की उपलब्धियाँ नहीं हैं, ये हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, परस्पर विश्वास, और निरंतर सशक्त होते सहयोग के प्रतीक हैं। भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारे स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप को नई ऊर्जा दी है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार अब तक के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुँच चुका है और 50 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। दो हज़ार से अधिक जर्मन कंपनियां लंबे समय से भारत में मौजूद हैं। ये भारत के प्रति उनके अटूट विश्वास और यहाँ मौजूद अनंत संभावनाओं को दर्शाता है। आज सुबह भारत-जर्मनी CEO फोरम में इसकी जीवंत झलक दिखाई दी।

Friends,

भारत और जर्मनी के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत हुआ है और आज इसका प्रभाव ground पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। Renewable Energy के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएँ समान हैं। इसमें सहयोग को बढ़ाने के लिए हमने India–Germany Centre of Excellence स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये knowledge, technology and innovation का साझा मंच बनेगा। हम climate, energy, urban development और urban mobility जैसे क्षेत्रों में मिलकर नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन में दोनों देशों की कंपनियों का नया मेगा प्रोजेक्ट, भविष्य की ऊर्जा के लिए एक game-changer साबित होगा। भारत और जर्मनी secure, trusted और resilient supply chains के निर्माण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इन सभी विषयों पर आज किए जा रहे MoUs से हमारे सहयोग को नई गति और मजबूती मिलेगी।

Friends,

रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी भरोसे और साझी सोच का प्रतीक है। रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मैं चांसलर मर्ज़ का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हम रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप पर भी काम करेंगे, जिससे co-development और co-production के नए अवसर खुलेंगे।

Friends,

भारत और जर्मनी के बीच ऐतिहासिक और गहरे people-to-people ties हैं। रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचनाओं ने जर्मनी के बौद्धिक जगत को नई दृष्टि दी। स्वामी विवेकानंद की विचारधारा ने जर्मनी सहित पूरे यूरोप को प्रेरित किया। और मैडम कामा ने जर्मनी में पहली बार भारत की आजादी का ध्वज फहराकर, हमारी स्वतंत्रता की आकांक्षा को वैश्विक पहचान दी। आज हम इस ऐतिहासिक जुड़ाव को आधुनिक साझेदारी का रूप दे रहे हैं। Migration, Mobility और Skilling बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है। भारत की talented युवाशक्ति जर्मनी की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आज Global Skills Partnership पर जारी Joint Declaration of Intent इसी भरोसे का प्रतीक है। इससे खास तौर पर healthcare professionals की आवाजाही आसान होगी। आज हमने खेलों के क्षेत्र में भी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। यह युवाओं को जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। आज Higher Education पर बना Comprehnsive Roadmap शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा। मैं जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने का आमंत्रण देता हूँ। भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा के लिए मैं चांसलर मर्ज़ का आभार व्यक्त करता हूँ। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच नज़दीकियाँ और बढ़ेंगी। मुझे खुशी है कि गुजरात के लोथल में बनाए जा रहे National Maritime Heritage Complex से German Maritime Museum जुड़ रहा है। यह दोनों देशों की maritime history को जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। Traditional Medicines के क्षेत्र में गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का जर्मनी के साथ करीबी सहयोग रहा है। इस महत्वपूर्ण विषय पर आज किए जा रहे MOU से हमारे सहयोग को और अधिक बल मिलेगा।

Friends,

भारत और जर्मनी हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं। हमारी दोस्ती का प्रभाव ग्लोबल स्टेज पर भी दिखाई देता है। घाना, कैमरून और मलावी जैसे देशों में joint projects से हमारी trilateral विकास साझेदारी दुनिया के लिए एक सफल मॉडल है। हम ग्लोबल साउथ के देशों के विकास के लिए अपने साझा प्रयासों को आगे भी निरंतर जारी रखेंगे। इंडो-पैसिफिक दोनों देशों के लिए high priority है। इस क्षेत्र में हमारे तालमेल को बढ़ाने के लिए हम एक Consultation Mechanism की शुरुआत करने जा रहे हैं। आज हमने यूक्रेन और गाज़ा सहित कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। भारत सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है, और इस दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है। हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे। भारत और जर्मनी सहमत हैं कि Global challenges से निपटने के लिए Global institutions में सुधार अत्यंत महत्वपूर्ण है। UN Security Council में सुधार के लिए G4 के माध्यम से हमारा संयुक्त प्रयास इसी सोच का प्रमाण है।

Excellency,

140 करोड़ भारतवासियों की ओर से मैं एक बार फिर आपका भारत में हार्दिक स्वागत करता हूँ। मुझे विश्वास है कि आज की चर्चा भारत-जर्मनी साझेदारी को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा देगी। आपकी यात्रा, आपके व्यक्तिगत जुड़ाव और भारत के प्रति आपकी गहरी मित्रता के लिए मैं आपको हृदय से धन्यवाद देता हूँ।

दाके शोन।