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It is an impressive fact that there have been improvements in 9 out of 10 parameters in Ease of Doing Business - such as Ease of Getting Electricity, Ease of Paying Taxes etc: PM
India will develop, will grow only when our states develop: PM Modi
We are creating a transparent eco-system for the creation of new India that minimizes the need for face to face interactions with Government agencies: PM
In the last 3 years we have abolished more than 1400 acts that had ceased to be relevant: PM Modi
Potential + Policy + Performance equals Progress: PM Modi
There are two factors that are the hallmark of the way this Government works – reform oriented budget and result oriented policies: PM
Our budget is not limited to outlay, our budget is not limited to outputs. Our budget is an outcome budget: PM Modi
The structural and policy changes that the Government has made are dedicated to the welfare of the poorest and most vulnerable of our society: PM
The Government will now provide, under Ayushman Bharat, health insurance for Rs. 5 lakh per annum to every poor family in the country: PM Modi
The Government will spend Rupees one lakh crore in the next 4 years to strengthen and improve the education system, says the PM

महाराष्ट्र के राज्यपाल श्रीमान सी विद्यासागर राव जी, मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, देश-विदेश से आए उद्यमीगण और अन्य महानुभाव। Magnetic Maharashtra में आप सभी का स्वागत है। 

समर्द्ध अणि सम्पन्न महाराष्ट्राचा निर्मिती करता होणारा मेग्नेटिक महाराष्ट्राला माझा खुप - खुप शुभेच्छा। 

बंधू भगिनीनो सर्वाना माझा नमस्कार। 

मुझे साइंस की बारीकियों का तो बहुत ज्ञान नहीं है लेकिन मुझे बताया गया है कि मेग्नेटिक फील्ड में Direction और Magnitude, दोनों का ही inclusion होता है। 

यहां आने से पहले मैं नवी मुंबई एयरपोर्ट और JNPT के कार्यक्रमों में था। आज के ये दो कार्यक्रम महाराष्ट्र की मेग्नेटिक फील्ड के Direction और Magnitude, दोनों ही की झलक हैं। वैसे ये भी Fact है कि आप जितना ज्यादा सेंटर के पास होते हैं, Magnetic Lines की ताकत भी उतनी ही महसूस होती है। 

आज यहां इस आयोजन में आपका ये उत्साह, आपका ये जोश, ये पूरा charged atmosphere इस बात का सबूत है कि Magnetic Maharashtra की Magnetic Lines कितनी शक्तिशाली हैं। 

साथियों, ये आयोजन cooperative competitive federalism का बेहतरीन उदाहरण है। 

आज देश के सभी राज्यों में आपस में एक कम्पटीशन हो रही है, स्पर्धा हो रही है। 

इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर, टेक्सटाइल, हेल्थकेयर, एजूकेशन, सोलर एनर्जी, ऐसे तमाम अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए इस प्रकार के Events का आयोजन देश के अलग अलग राज्यों में हो रहा है।

राज्य अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से किस क्षेत्र में कहां निवेश होना है, इस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 

हाल ही में मुझे असम में "Advantage Assam" Investors Summit में हिस्सा लेने का अवसर मिला था। कुछ वर्ष पहले तक, कोई सोच भी नहीं सकता था कि North East में निवेश को लेकर इतनी अच्छी ब्रांडिंग हो सकती है। 

झारखंड, मध्य प्रदेश, अनेक राज्यों में इस तरह के आयोजन हो रहे हैं। गुजरात से जो सिलसिला शुरू हुआ, उसका प्रभाव आज पूरे देश में देखने को मिल रहा है। 

साथियों, मैं महाराष्ट्र सरकार को इस आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। पिछले तीन साल में महाराष्ट्र सरकार ने Investment का माहौल मजबूत करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। राज्य सरकार की निरंतर कोशिशों ने वर्ल्ड बैंक की Ease of Doing Business की रैकिंग में रिकॉर्ड बदलाव लाने में बहुत बड़ी मदद की है। फडणवीस सरकार के Reforms ने महाराष्ट्र को Transform करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

Ease of Doing Business के 10 में से 9 पैरामीटर्स, जैसे Ease of Getting Electricity, Ease of Paying Taxes, इन सब चीज़ों में improvement होना अपने आप में बहुत बड़ा Noticeable factor है। 

इतने व्यापक स्तर पर बदलाव तब आते हैं जब Policy Reform के माध्यम से Governance में एक नया Work Culture विकसित किया जाता है। जब परियोजना के सामने आ रही दिक्कतों को सुलझाने के लिए प्रक्रियाओं की डी-बौटल-नेकिंग की जाती है, जब inter- departmental co-ooperation बढ़ाया जाता है,

जब Time Limit में फैसले लिए जाते हैं।

जिस Magnetic Field की मैं पहले बात कर रहा था, वो ऐसे ही Create होती है। इसका प्रभाव निवेश पर नजर आता है, राज्य के विकास में नजर आता है। और यही वजह है कि पिछले साल महाराष्ट्र Infrastructure Projects में Total Expenditure में देश के हर राज्य से आगे था। फ्रॉस्ट and सुलेवोन्स की रेंकिंग में महाराष्ट्र को Overall Development में देश का नंबर एक राज्य बताया गया था। वर्ष 2016-17 में देश में जितना भी Foreign Direct Investment आया है, उसका करीब करीब 51 प्रतिशत महाराष्ट्र में निवेश किया गया है। इसी तरह जब यहां फरवरी 2016 में Make in India Week मनाया गया, तो इंडस्ट्री सेगमेंट में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए के समझौते हुए। इनमें से 2 लाख करोड़ रुपए के Investment Projects पर काम भी शुरू हो चुका है। 

आज महाराष्ट्र में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्टर प्रोजेक्ट्स पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को पूरी दुनिया के 100 Most Innovative Project में से एक गिना गया है। नवी मुंबई एयरपोर्ट का निर्माण, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक का निर्माण, आने वाले दिनों में इस क्षेत्र के करोड़ों लोगों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव उससे आने वाला है। इसके अलावा मुंबई, नवी मुंबई, पुणे, नागपुर में तैयार होने वाले करीब-करीब 350 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क भी यहां पर विकास और निवेश, दोनों की नई संभावनाएं लेकर आ रहा है । 

साथियों, एक विशेष प्रोजेक्ट जिसकी मैं चर्चा करना चाहूंगा, वो है महाराष्ट्र समृद्धि कॉरिडोर। ये प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों को, यहां के Agriculture Sector, Agro-Based Industries को विकास की नई ऊँचाई पर ले जाने की क्षमता रखता है। महाराष्ट्र में 700 किलोमीटर लंबे Super Comunication Expressway का निर्माण, Expressway के किनारे स्मार्ट सिटी की तरह 24 नए Nodes का विकास, राज्य के कम से कम 20 से 25 लाख लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर इसके अंदर निहित है। 

मुझे खुशी है कि अब महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को देश का पहला Trillion Dollar Economy वाला राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया है। शिवाजी महाराज की भूमि पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त करना कठिन नहीं होता है। और मुझे उम्मीद है कि उनके आशीर्वाद से महाराष्ट्र सरकार इस लक्ष्य को भी प्राप्त करेगी और ये राज्य देश का पहला Trillion Dollar Economy वाला राज्य बनेगा। 

साथियों, मैं मानता हूं कि देश का विकास तभी संभव है, जब राज्यों का भी विकास हो। महाराष्ट्र का विकास भारत के बढ़ते हुए सामर्थ्य का प्रतीक है कि हम इस तरह के बड़े लक्ष्य तय कर पा रहे हैं। ये देश में बदली हुई सोच, बदले हुए हालात का जीता-जागता उदाहरण है। 

मुझे याद है कुछ साल पहले जब भारत पहली बार Trillion Dollar Economy क्लब में आया था तो कितनी बड़ी-बड़ी हेडलाइन बनी थी। लेकिन इसके बाद के कुछ वर्ष घोटालों की भेंट चढ़ गए। देश में तब एक अलग ही तरह का वातावरण बन गया था। तब Trillion Dollar क्लब की नहीं, Fragile Five की बात हुआ करती थी। 

पिछले तीन साढ़े तीन वर्षो में सरकार के निरंतर प्रयास का परिणाम है कि अब Five Trillion Dollar क्लब की बात होने लगी है। दुनिया की बड़ी-बड़ी एजेंसियां कह रही हैं कि अगले कुछ वर्षों में भारत Five Trillion Dollar क्लब में शामिल हो जाएगा। 

साथियों, ये विश्वास ऐसे ही नहीं आया है। इसके पीछे People friendly, Development friendly और Investment friendly माहौल बनाने का एक विजन है, उसके पीछे प्रयास है। छोटे-छोटे issues को पकड़कर, छोटी-छोटी चुनौतियों को समझते हुए, हम समस्याओं को सुलझा रहे हैं। Governance को हम उस स्तर पर ले गए हैं, जिसमें सरकार का दखल कम से कम हो। 

साथियों, देश प्रगति तब करता है जब Holistic Vision हो। जब Vision Inclusive हो और Comprehnsive हो। आज हम उस दिशा में आगे बढे हैं जहां State policy driven है, Governace performance driven है, Government accountable है, Democracy participative है। हम न्यू इंडिया के निर्माण के लिए देश में एक Transparent Ecosystem बना रहे हैं जो सरकारी तंत्र पर कम से कम आश्रित हो। इसके लिए नियमों को आसान बनाया जा रहा है, प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा रहा है, जहां कानून बदलने की आवश्यकता है, वहां कानून बदले जा रहे हैं। जहां कानून समाप्त करने की आवश्यकता है, वहां कानून समाप्त किए जा रहे हैं। 

यहां पर उपस्थित आप में से कुछ को जरूर ये जानकारी होगी कि पिछले तीन वर्ष में भारत सरकार ने 1400 से ज्यादा कानून खत्म कर दिए हैं । जो नए कानून बनाए भी जा रहे हैं, उसमें भी इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि वो चीजें और complicate ना करें बल्कि वो simplify करें। सरकारी प्रक्रियाओं के साथ Human to Human Interface जितना कम हो सकता है, वो हम कर रहे हैं। चाहे Labour Laws की बात हो, Tax Compliance की बात हो, हम technology का इस्तेमाल करते हुए सारे Process Easy बना रहे हैं। 

Friends, We believe, Potential + Policy + Planning + Performance leads to Progress. 

इसी सोच का नतीजा है कि आज National Highways बनाने की speed, नई रेल लाइनों के निर्माण की स्पीड, रेल लाइनों के electrification की स्पीड, सरकार द्वारा घर बनाने की स्पीड, Ports पर माल ढुलाई की स्पीड, Solar Power में कपैसिटी addition की स्पीड, पहले के मुकाबले, मैं और भी पचास चीज़ें बता सकता हूँ, पहले के मुकाबले ये दो गुना, तीन गुना हो चुकी है। 

साथियों, हमने एक ओर Optimum Utilization of Resources सुनिश्चित किया है, दूसरी ओर Resource आधारित Development Policies की ओर आगे बढ़े है, और Development Policies आधारित बजट पर जोर दे रहे हैं। पिछले तीन-चार साल में हमारी सरकार ने जो बजट में Reform किया है, बजट से जुड़ी जिस सोच को बदला है, वो पूरे देश में एक नया work culture ही नहीं develop कर रहा, बल्कि सामाजिक-आर्थिक जीवन को भी Transform कर रहा है। 

रेल बजट, अब बजट का हिस्सा बन गया है। बजट में पहले Plan, Non-Plan की जो Artificial दीवार थी, वो हमने खत्म कर दी है। बजट का समय भी बदलकर अब एक महीना पहले हो गया है। इन सारे फैसलों की वजह से अब बजट में आवंटित राशि विभागों के पास समय से पहले पहुंच जाती है, योजनाओं पर काम करने के लिए विभागों को अब ज्यादा समय मिल रहा है। मॉनसून की वजह से काम की जो गति धीमी हो जाती थी, उसका प्रभाव भी काफी हद तक अब खत्म हो गया है। 

सरकार ने जो structural changes किए हैं, Policy Interventions किए हैं, उसका लाभ देश के किसानों को, गरीबों, दलितों-पिछड़ों को और समाज के वंचित तबकों तक पहुंचे, ये साल दर साल हमारे हर बजट द्वारा सुनिश्चित किया गया है, पुनर्स्थापित किया गया है।

Friends, Our Budget is not limited to outlay, our Budget is not limited to only output, focuse of our Budget is on out-comes. हम 2022 तक Housing for All, 2019 के अंत तक Power for All , इन सारे क्षेत्रों पर पहले से ही काम कर रहे हैं।

इस वर्ष के बजट में Clean Fuel for All, Health for All, इन दो concepts पर काम और तेज किया गया है। हमने उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारो को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य 5 करोड़ परिवार से बढ़ाकर 8 करोड़ परिवार कर दिया है। भारत में total परिवारों की संख्‍या करीब-करीब 25 करोड़ है। उसमें से 8 करोड़ परिवार।

ये सिर्फ कुछ योजनाएं भर नहीं हैं बल्कि ये दिखाती हैं कि हम किस दिशा की तरफ बढ़ रहे हैं। देश के गरीब से गरीब व्यक्ति के सामाजिक - आर्थिक कल्याण, उसके Social और Financial Inclusion की यह फिलॉसफी हमारे बजट का एक आधारभूत मान्‍यता के रूप में आप अनुभव करते होंगे।

जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, Skill India, Digital India, मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, जैसी अनेक अनगिनत योजनाएं देश के गरीबों को, निम्‍न–मध्‍यम, मध्‍यम वर्ग को, नौजवानों को, महिलाओं को सशक्त कर रही हैं।

साथियों, हमने Health Care से जुड़े जिस बड़े initiative का ऐलान किया है, वो दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। बड़े-बड़े कॉरपोरेट हाउसेस के लोग यहां हैं, उनका मैनेजमेंट यहां बैठे हुए हैं। आपको पता होगा कि प्राइवेट कंपनियों में किस सैलरी स्लैब तक उस व्यक्ति को पूरे परिवार के लिए 5 लाख रुपए तक का हेल्थ एश्योरेंस मिलता है। आमतौर पर 60-70 हजार से लेकर एक-डेढ़ लाख रुपए की कमाई वाले व्यक्ति को इस ब्रेकेट स्‍थान मिलता है।

अब ये सरकार ऐसी है कि जिसने हमारी सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत साल भर में एक परिवार को 5 लाख रुपए तक का हेल्थ एश्योरेंस देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को देने का निर्णय किया हुआ है। और करीब-करीब 10 करोड़ परिवार, यानी कि 50 करोड़ से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलने वाला है। ये योजना गंभीर बीमारियों की वजह से लोगों को गंभीर आर्थिक संकट की दोहरी मार से भी बचाएगी।·आयुष्मान भारत योजना के तहत ही हमने देश की बड़ी पंचायतों में डेढ़ लाख wellness centres खोलने का भी तय किया है।आप सोच सकते हैं कि ये फैसले देश के Health Care system को किस तरह बदल डालेंगे। ये योजना देश में affordable healthcare institutions, नए doctors, नए पैरा-मेडिकल स्टाफ, Health Care से जुड़े हर सेक्टर के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी।

देश में Education Infrastructure को मजबूत करने के लिए भी हमने एक नया Initiative शुरू किया है। इसके तहत हमारी सरकार अगले चार साल में देश के Education System को सुधारने के लिए एक लाख करोड़ रुपए की योजना खर्च करने की बना करके आगे बढ़ रही है।

इसी तरह देश के नौजवानों में Self Employment औऱ विशेषकर MSME सेक्टर में काम कर रहे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए हम मुद्रा योजना का दायरा बढ़ा रहे हैं। जब से ये योजना शुरू हुई है, तब से लेकर अब तक लगभग साढ़े दस करोड़ लोन हमारे यहां स्वीकृत किए गए हैं। लोगों को बिना गारंटी अब तक 4 लाख 60 हजार करोड़ रुपए का कर्ज दिया जा चुका है। इस वर्ष के बजट में भी हमने 3 लाख करोड़ रुपए का मुद्रा लोन देना इसका निर्णय किया है।

ऐसे अलग-अलग मिशन, देश के गरीब, देश के मध्यम वर्ग में Ease of living को बढ़ावा दे रहे हैं। ये Ease of living जितनी बढ़ेगी, उतने ही लोग empower भी होंगे। जितना लोग empower होंगे, उतना ही हमारा social और economic development तेज होगा।

जैसे मैं देश के Rural सेक्टर की बात करूं तो इस साल के बजट में हमने Agriculture, Rural Infrastructure के विकास के लिए 14 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करना तय किया है। ये राशि farming activities पर तो खर्च होगी ही, इससे गांवों में 3 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनेंगी, 51 लाख नए घर बनेंगे, लगभग दो करोड़ नए Toilets बनाए जाएंगे, पौने दो करोड़ गरीब घरों में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा।

ये सारे प्रयास agriculture growth तो बढ़ाएंगे ही, Rural सेक्टर में employment की लाखों संभावनाएं भी पैदा करेंगे। इस साल हमने देश के इंफ्रास्ट्रक्टर पर खर्च का बजट भी एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा बढ़ाया है। नए पुल, नई सड़कें, नई मेट्रो, नए एयरपोर्ट, मुंबई जैसे Maximum City की Maximum Aspirations से जुड़े हुए हैं और खासकर देश के मिडिल क्लास की Aspirations को एड्रेस करते हैं।

साथियों, आज के इस Global World में, Disruptions और Discontent के दौर में हमें वर्तमान के साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए आगे का रास्ता बनाना होगा और हम सबको मिलकर करना होगा। जब हम सभी, देश की आवश्यकताओं को समझते हुए कार्य करेंगे, देश के लोगों की Aspirations को समझते हुए काम करेंगे, तभी न्यू इंडिया के अपने संकल्प को भी पूरा कर पाएंगे। तभी भारत के विशाल Demographic Dividend के साथ हम न्याय कर पाएंगे।

मुझे पूरी उम्मीद है कि महाराष्ट्र सरकार, यहां की ब्यूरोक्रेसी, यहां के करोड़ों नागरिक, अपने-अपने संकल्प को पूरा करेंगे और समय रहते पूरा करेंगे।

आखिर में, Magnetic Maharashtra के charismatic जनता जनार्दन को, यहां के परिश्रमी लोगों को,उद्यमियों को, उनका आभार व्यक्त करते हुए मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। फिर एक बार इस समारोह को हृदय से बहुत-बहुत शुभकमानाएं देता हूं। देश-दुनिया से आए हुए सभी महानुभावों को विश्‍वास दिलाता हूं कि भारत सरकार, राज्‍य सरकारों के साथ जुड़ करके राष्‍ट्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जो दुनिया की 1/6th population का भला होगा तो दुनिया का कितना भला होगा, जितना अंदाजा आप भलीभांति लगा सकते हैं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !!!

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Siddharthnagar, Etah, Hardoi, Pratapgarh, Fatehpur, Deoria, Ghazipur, Mirzapur and Jaunpur get new Medical Colleges
“Double Engine Government of Uttar Pradesh is the result of decades of hard work of many Karma Yogis”
“The name of Madhav Prasad Tripathi will continue to give inspiration for public service to the young doctors coming out of the medical college”
“Purvanchal, Uttar Pradesh previously maligned for meningitis will give a new light of health to Eastern India”
“When the government is sensitive, there is a sense of compassion in the mind to understand the pain of the poor, then such accomplishments happen”
“The dedication of so many medical colleges is unprecedented in the state. This did not happen earlier and why it is happening now, there is only one reason - political will and political priority”
“Till 2017 there were only 1900 medical seats in government medical colleges in Uttar Pradesh. The Double Engine government has added more than 1900 seats in just the last four years”

Prime Minister Shri Narendra Modi inaugurated 9 Medical Colleges in Siddharth Nagar, UP. These nine medical colleges are in the districts of Siddharthnagar, Etah, Hardoi, Pratapgarh, Fatehpur, Deoria, Ghazipur, Mirzapur and Jaunpur. Governor and Chief Minister of Uttar Pradesh

Addressing the event, the Prime Minister said the Union Government and the Government of Uttar Pradesh is the result of decades of hard work of many Karma Yogis. He said that Siddharthnagar has also given such a dedicated public representative in the form of Late Madhav Prasad Tripathi ji to the country, whose tireless hard work is helping the nation today. He added that to name the new medical college of Siddharthnagar after Madhav Babu is a true tribute to his service. The name of Madhav Babu will continue to give inspiration for public service to the young doctors coming out of the college, the Prime Minister said.

The Prime Minister remarked that with the creation of 9 new medical colleges, about two and a half thousand new beds have been created, new employment opportunities have been created for more than 5 thousand doctors and paramedics. “With this, a new path of medical education has been opened for hundreds of youth every year”, he said.

The Prime Minister said Purvanchal’s image was spoiled by the previous governments because of the tragic deaths due to meningitis. The same Purvanchal, the same Uttar Pradesh is going to give a new light of health to eastern India, Shri Modi remarked.

The Prime Minister recalled the episode in Parliament where current Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath ji, as the Member of Parliament, had narrated the agony of the poor medical system of the state in the Parliament. The Prime Minister said today, the people of Uttar Pradesh are seeing that Yogi ji, given a chance to serve by the people, has stopped the progress of encephalitis and saved the lives of thousands of children of this area. “When the government is sensitive, there is a sense of compassion in the mind to understand the pain of the poor, then such accomplishments happen”, the Prime Minister remarked.

The Prime Minister said that the dedication of so many medical colleges is unprecedented in the state. “This did not happen earlier and why it is happening now, there is only one reason - political will and political priority” emphasized the Prime Minister. The Prime Minister explained that previous governments in Delhi 7 years ago and the government in Uttar Pradesh 4 years ago, used to work for votes and used to get satisfied just by announcing some dispensary or some small hospital for votes consideration. The Prime Minister said for a long time, either the building was not built, if there was a building, there were no machines, if both were done, there would be no doctors and other staff. The cycle of corruption, which looted thousands of crores of rupees from the poor, used to relentlessly run round the clock.

The Prime Minister said before 2014, the medical seats in our country were less than 90,000. In the last 7 years, 60,000 new medical seats have been added in the country. Here in Uttar Pradesh too, till 2017 there were only 1900 medical seats in government medical colleges. Whereas in the government of double engine, more than 1900 seats have been increased in just the last four years.