Your Excellency राष्ट्रपति दिसानायक जी,

दोनों देशों के delegates,

Media के सभी साथी,

नमस्कार !

आयु बोवन !

वणक्कम् !

आज राष्ट्रपति दिसानायक द्वारा ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया जाना मेरे लिए गौरव की बात है। यह सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहरी मित्रता का सम्मान है।

इस सम्मान के लिए, मैं राष्ट्रपति जी का, श्रीलंका सरकार और यहाँ के लोगों का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

प्रधान मंत्री के रूप में, श्रीलंका का यह मेरा चौथा दौरा है। 2019 की मेरी पिछली यात्रा, एक बहुत ही संवेदनशील समय पर हुई थी। उस समय मेरा विश्वास था कि श्रीलंका will rise, and rise stronger.

मैं श्रीलंका के लोगों के धैर्य और साहस की सराहना करता हूं। और, आज श्रीलंका को वापिस प्रगति के पथ पर देख कर हर्ष महसूस कर रहा हूं। भारत के लिए यह गर्व का विषय है कि हमने एक सच्चे पड़ोसी मित्र के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया है। चाहे 2019 का आतंकी हमला हो, कोविड महामारी हो, या हाल में आया आर्थिक संकट, हर कठिन परिस्थिति में, हम श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े रहे हैं।

मुझे महान तमिल संत थिरुवलुवर की बात याद आ रही है। उन्होंने कहा था:

सेयर करिय याबुल
नट पिण
आदु पुल
विणैक्करिय याबुल कापु

अर्थात, चुनौतियों और शत्रुओं के विरुद्ध एक सच्चे मित्र और उसकी मित्रता की ढाल से बढ़कर और क्या सुरक्षा हो सकती है।

Friends,

राष्ट्रपति दिसानायक ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना था। और, उनके पहले विदेश अतिथि बनने का सौभाग्य मुझे मिला है। यह हमारे विशेष संबंधों की गहराई का प्रतीक है।

हमारी Neighbourhood First policy और Vision ‘MAHASAGAR’, दोनों में श्रीलंका का विशेष स्थान है। पिछले चार महीनों में, राष्ट्रपति दिसानायक की भारत यात्रा के बाद से, हमारे सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

सामपुर सोलर पावर प्लांट से श्रीलंका की ऊर्जा सुरक्षा में मदद मिलेगी। मल्टी-प्रोडेक्ट पाइपलाइन के निर्माण, और त्रिंकोमाली को ऊर्जा हब के रूप में विकसित किए जाने के लिए जो समझौता हुआ है, उसका लाभ श्रीलंका के सभी लोगों को मिलेगा। दोनों देशों के बीच Grid inter-connectivity समझौते से श्रीलंका के लिए बिजली export करने के विकल्प खुलेंगे।

मुझे ख़ुशी है कि आज श्रीलंका में धार्मिक स्थलों के लिए पाँच हजार सोलर रूफ टॉप सिस्टम का उद्घाटन किया जाएगा। श्रीलंका Unique Digital Identity प्रोजेक्ट में भी हम सहयोग करेंगे।

Friends,

भारत ने सबका साथ सबका विकास के विजन को अपनाया है। हम अपने पार्टनर देशों की प्राथमिकताओं को भी महत्व देते हैं।

पिछले 6 महीनों में ही हमने 100 मिलियन डॉलर से अधिक राशि के loan को grant में बदला है। हमारे द्विपक्षीय ‘डेट restructuring एग्रीमेंट’ से श्रीलंका के लोगों को तत्काल सहायता और राहत मिलेगी। आज हमने Interest की दर को भी कम करने का निर्णय लिया है। यह प्रतीक है कि आज भी भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है।

पूर्वी प्रांतों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए, लगभग 2.4 बिलियन लंकन रुपए का सहयोग पैकेज दिया जाएगा। आज हमने किसानों की भलाई के लिए, श्रीलंका के सबसे बड़े warehouse का भी उद्घाटन किया।

कल हम ‘माहो-ओमनथायी’ रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे, और ‘माहो-अनुराधापुरा’ सेक्शन पर सिग्नलिंग सिस्टम का शिलान्यास करेंगे। कांकेसंतुरई पोर्ट के आधुनिकीकरण के लिए काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।

श्रीलंका में Indian Origin Tamil community के लिए दस हजार घरों का निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। श्रीलंका के 700 अतिरिक्त कार्मिकों को भारत में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें सांसदों, न्यायपालिका से जुड़े लोगों, उद्यमियों, मीडियाकर्मियों, के साथ-साथ युवा लीडर्स भी शामिल होंगे।

Friends,

हमारा मानना है कि हमारे सुरक्षा हित समान हैं। दोनों देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी है और एक-दूसरे पर निर्भर है।

भारत के हितों के प्रति उनकी संवेदनाओं के लिए, मैं, राष्ट्रपति दिसानायक का आभारी हूँ। रक्षा सहयोग में संपन्न किये गए महत्वपूर्ण समझौते का हम स्वागत करते हैं। Colombo Security Conclave और हिन्द महासागर में सुरक्षा सहयोग पर भी मिलकर काम करने के लिए हम सहमत हैं।

Friends,

भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक और आत्मीयता भरे संबंध हैं।

मुझे यह बताते हुए अत्यन्त ख़ुशी है कि 1960 में मेरे होम स्टेट गुजरात के अरावली में मिले भगवान बुद्ध के relics को श्रीलंका में दर्शन के लिए भेजा जा रहा है।

त्रिंकोमाली के थिरुकोनेश्वरम मंदिर के renovation में भारत सहयोग देगा। अनुराधापुरा महाबोधी मंदिर परिसर में sacred city, और ‘नुरेलिया’ में ‘सीता एलिया’ मंदिर के निर्माण में भी भारत सहयोग करेगा।

Friends,

हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। हम सहमत हैं, कि हमें इस मामले में एक मानवीय approach के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हमने मछुआरों को तुरंत रिहा किये जाने और उनकी Boats को वापस भेजने पर भी बल दिया।

हमने श्रीलंका में reconstruction और reconciliation पर भी बात की। राष्ट्रपति दिसानायक ने अपने समावेशी दृष्टिकोण के बारे में मुझे बताया। हम आशा करते हैं कि श्रीलंका सरकार तमिलों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। और श्रीलंका में संविधान के पूर्ण इम्प्लीमेंटेशन, और Provincial Council Elections कराने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करेगी।

Friends,

भारत और श्रीलंका का संबंध आपसी विश्वास और सद्भावना पर आधारित है। अपने लोगों की आकांक्षाओं और आशाओं को पूरा करने के लिए हम साथ मिलकर काम करते रहेंगे।

एक बार फिर, मैं गर्मजोशी पूर्ण स्वागत के लिए राष्ट्रपति दिसानायक का हार्दिक धन्यवाद करता हूं। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में हम अपनी भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद !

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the spirit of selfless service and compassion
May 06, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that work done with a selfless spirit is the truest form of humanity. He noted that such actions not only bring inner happiness but also contribute to the welfare of society.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“अद्रोहः सर्वभूतेषु कर्मणा मनसा गिरा।
अनुग्रहश्च दानं च शीलमेतत्प्रशस्यते॥”

The Subhashitam conveys that to hold no hatred towards any living being-in thought, word, or deed, to act with compassion towards all, and to give generously-this is regarded as the highest form of conduct.

The Prime Minister wrote on X;

“निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही सच्ची मानवता है। इससे आत्मिक खुशी तो मिलती ही है, समाज का भी कल्याण होता है।

अद्रोहः सर्वभूतेषु कर्मणा मनसा गिरा।

अनुग्रहश्च दानं च शीलमेतत्प्रशस्यते॥”