Entire world is today looking towards India with a new hope: PM Modi
It has been 18 months since we formed Govt & there have been no charges of corruption: PM Modi
Be it the World Bank or any other rating agency, they are upbeat about India & consider the country as a bright spot: PM
Despite a global turmoil, India is scaling new heights of progress at fast pace: PM Modi
PM Modi sheds light on various aspects of Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana
Our focus is on ‘Jal Sanchay’ as well as ‘Jal Sinchan’: PM Modi
We want to focus on ‘Per Drop, More Crop’, says PM Modi highlighting benefits of micro-irrigation
With neem-coating of urea, we have been able to stop its theft as well as boost crop productivity: PM
Our new Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana is a boon for the farmers: PM Modi
With Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana, now farmers have to pay very low premium, 2% for Kharif, 1.5% for Rabi: PM
I urge more and more farmers to join the Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: PM Modi

मंच पर विराजमान कर्नाटक प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष श्रीमान प्रह्लाद जोशी जी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और गणमान्य किसान नेता श्रीमान येदुरप्पा जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्री अनंत कुमार, श्रीमान सदानंद गौड़ा, कर्नाटक विधान परिषद् विपक्ष नेता श्रीमान ईश्वरप्पा जी, विधानसभा नेता विपक्ष श्रीमान जगदीश जी, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव श्री संतोष जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्रीमान श्री सिद्धेश्वर जी, श्री मुरलीधर राव, राज्यसभा में सांसद श्री प्रभाकर राव, यहाँ के जनप्रिय सांसद श्रीमान सुरेश जी और विशाल संख्या में आये हुए मेरे लाखों-लाखों किसान भाईयों और बहनों।

आज हमारे किसान नेता श्रीमान येदुरप्पा जी के जन्मदिन पर मैं उनको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ और यह शुभ संयोग है कि उनके जन्मदिन के अवसर पर ये किसान रैली भी है। भाईयों-बहनों, आप लोग परसों आने वाले बजट का इंतज़ार कर रहे होंगे। देश भी और दुनिया भी आज भारत की विकासयात्रा का गौरवगान कर रही है। आपको पता है जिन दिनों मुझे दिल्ली की जिम्मेवारी मिली, तब देश की हालत क्या थी? अखबार किन बातों से भरे रहते थे? पूरा देश भ्रष्टाचार के कारण परेशान था। जल, थल, नभ, हर जगह बस एक ही बात कान पर आती थी, भ्रष्टाचार। 18 महीने हो गए जब आपने मुझे प्रधानसेवक के रूप में काम करने का अवसर दिया। हमारे विरोधी उन मुद्दों पर भी बयानबाजी करते हैं, जिन्हें कोई गिनता नहीं, इन लोगों ने भी इस सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगाया है। झूठा आरोप लगाने का भी हिम्मत नहीं कर पाए हैं।

एक तरफ दुनिया में हिन्दुस्तान की साख पूरी तरह गिर चुकी थी, विश्व भारत को गिनने को तैयार नहीं था। भारत आर्थिक संकटों से गुजर रहा था, हर तरह से देश की आर्थिक स्थिति बेहाल हो चुकी थी। ऊपर से भ्रष्टाचार भारत को दीमक की तरह तबाह कर रहा था और एक निराशा का माहौल था। आज वर्ल्ड बैंक हो या दुनिया की रेटिंग एजेंसी हो, पूरा विश्व एक स्वर से कह रहा है कि आज अगर आशा की एक किरण है तो वो हिन्दुस्तान है। सारी दुनिया में आर्थिक स्थिति ख़राब है, दुनिया के महारथी देश भी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। पूरे विश्व में इतना बड़ा भयंकर मंदी का माहौल होने के बावजूद भारत तेज़ गति से आर्थिक प्रगति कर रहा है। एक तरफ दुनिया में मंदी हो, दो साल लगातार भारत में सूखा रहा हो, विरासत में आर्थिक संकटों के सिवाय कुछ ना मिला हो, इसके बावजूद हमने डेढ़ साल के भीतर देश को इन संकटों से बाहर निकाला है और विश्वास से बढ़ते भारत को दुनिया के सामने खड़ा कर दिया है।

इस देश को आने वाले दिनों में और तेज़ गति से आगे बढ़ना है तो विकास की यात्रा को तीन मजबूत आर्थिक स्तंभों पर खड़ा करना होगा; एक-तिहाई हमारी खेती, एक-तिहाई मैन्युफैक्चरिंग, और एक-तिहाई सर्विस सेक्टर, इन तीनों को हम एक साथ बढ़ावा देंगे, तभी यह देश किसी भी संकट को पार कर सकता है। हमने विकास के लिए तीन मूलभूत बातों पर बल दिया है – हमारा किसान कैसे ताक़तवर बने, हमारे देश में कैसे नौजवानों को रोजगार मिले, इसके लिए नए-नए उद्योग कैसे प्रस्तावित हो और यहाँ सर्विस सेक्टर के लिए बहुत सुविधा हो, दुनिया को जो चाहिए उसे दे सकने की ताकत जिस देश में हो, वो देश क्यों न आगे बढ़े।

हमने कृषि क्षेत्र में बहुत सुविचारित रूप से कदम उठाए हैं और उन कदमों को आज नतीज़ा नज़र आने लगा है। हमारे देश में आजादी के बाद जल प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई होती तो आज सूखे की मार से हमारे किसानों को आत्महत्या करने की नौबत नहीं आती। किसान को अगर पानी मिल जाए तो मिट्टी में से सोना पैदा करने की ताकत रखता है। किसान किसी की मेहरबानी का मोहताज नहीं होता है।

भाईयों-बहनों, हमने 50 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना बनाई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचे। नदियों को जोड़ने का काम देश को बचाएगा। मेरा-तेरा का भाव छोड़कर हम सब को नदियों को जोड़ने का मन बनाना पड़ेगा। हमारे सामने दुनिया के कई ऐसे देश हैं जो बारिश नहीं होने, नदियाँ नहीं होने के बावजूद जल प्रबंधन कर उत्तम से उत्तम खेती कर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। इज़राइल एक बहुत बड़ा उदाहरण है जिसने कम से कम पानी में कृषि क्रांति कैसे हो, यह करके दिखाया है और इसलिए हमें भी जल संचय और जल सिंचन पर बल देना होगा।

पानी कारखाने में बनने वाली चीज़ नहीं है, यह तो परमात्मा का प्रसाद है। किसी तीर्थस्थल पर जाएं और अगर एक भी दाना प्रसाद का गिर जाए तो हमें अफ़सोस होता है और हम भगवान से माफ़ी मांगकर उस प्रसाद को उठा लेते हैं। उसी तरह पानी भी भगवान का प्रसाद है, इसकी अगर एक बूँद भी बर्बाद हो तो हमें ईश्वर से माफ़ी मांगनी चाहिए। इस पानी को बर्बाद होने से रोकना है।

हमने एक और बात पर बल दिया है कि मनरेगा सिर्फ़ गड्ढ़े खोदने के लिए नहीं होना चाहिए। पैसों का प्रोडक्टिव उपयोग होना चाहिए और इसलिए हमने गत वर्ष से मनरेगा से संबंधित कई आग्रह रखे हैं, राज्यों पर दवाब दिया है और कहा है कि मनरेगा पर काम होगा तो पहली प्राथमिकता पानी को ही दी जाएगी, केनल ठीक करना है, तालाब बनाने हैं, छोटे-छोटे चेक डेम बनाने हैं। अगर एक बार मनरेगा का पैसा पानी बचाने के लिए किया जाएगा तो पानी शुद्ध होगा, इसका स्तर बढ़ेगा।

दूसरी बात हमने कही है, पर ड्रॉप, मोर क्रॉप अर्थात एक-एक बूँद से ज्यादा से ज्यादा फ़सल। जितना महत्व जल संचय का है, उतना ही महत्व जल सिंचन का भी है। आज स्प्रिंकलर माइक्रो इरीगेशन के द्वारा फ़सल पैदा करना आसान हो गया है। हमारे किसानों के दिमाग में सालों से भरा पड़ा है कि जब तक खेत पानी से लबालब भरा न हो तब तक फ़सल पैदा नहीं होती है और इस वजह से जरुरत हो न हो, वे पानी डालते जाते हैं। किसान ये मानने को तैयार नहीं है कि माइक्रो इरीगेशन से गन्ने की खेती हो सकती है। मैंने देखा है कि माइक्रो इरीगेशन से भी गन्ने की उत्तम से उत्तम खेती हो सकती है। इतना ही नहीं, इससे सुगर केन मजबूत होता है और चीनी भी ज्यादा निकलती है। पानी बचता है और वो पानी अन्य जगहों पर काम आ सकता है। इसलिए हमने कोटि-कोटि रुपये जल संचय, माइक्रो इरीगेशन के लिए किसानों की योजनाओं के लिए दिया है।

अगर हमें किसान को सफल करना है तो पानी का प्रबंधन पहला कदम है। दूसरा कदम है –उसकी जमीन की चिंता। अगर हम इसी प्रकार से फ़सल लेते रहेंगे, दुनियाभर की दवाईयां और फ़र्टिलाइज़र डालते रहेंगे तो हमारी जमीन बर्बाद होती रहेगी। जब हम बीमार होते हैं तो लोग कहते हैं कि ज्यादा दवाईयां मत लो। जिस तरह से फालतू दवाईयां खा-खा करके शरीर बर्बाद हो जाता है तो वैसे ही हमारी भारतमाता भी बीमार हो जाती हैं। हमें यह पता होना चाहिए कि हमारी ज़मीन की तबीयत कैसी है, जमीन ने कोई ताकत खो तो नहीं दी और इसलिए हमने एक बहुत बड़ा अभियान चलाया है – स्वायल हेल्थ कार्ड। स्वस्थ धरा है तो खेत हरा है और इसलिए गाँव-गाँव में किसानों की ज़मीन का सैंपल लेकर लेबोरेटरी ले जाए जा रहे हैं, उसका रिपोर्ट किसानों को पहुँचाया जा रहा है। इस वर्ष में कोटि-कोटि किसानों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। 2017 में जब भारत की आज़ादी के 70 साल होंगे तो यहाँ के किसानों के पास स्वायल हेल्थ कार्ड पहुँचाने का हमारा इरादा है और हम लगे हैं। हमें हमारी ज़मीन की रिपोर्ट के आधार पर अपनी फ़सल तय करनी चाहिए।

हम एक तरफ जल पर और दूसरी तरफ ज़मीन पर जोर दे रहे हैं। मैं नौजवानों, खासकर बंगलौर के नौजवानों से आग्रह करता हूँ कि आज जब हमने स्टार्ट-अप का अभियान चलाया है, वे नए-नए इनोवेशन करें। आज विज्ञान का महत्व बढ़ रहा है और आप बहुत चीजें घर बैठे कर सकते हैं, क्या वे ऐसा छोटा सा इंस्ट्रूमेंट नहीं बना सकते जो किसान खुद अपनी जमीन की तबीयत को नाप सके। गाँव के नौजवानों से मैं कहता हूँ कि जिस तरह शहरों में पैथोलॉजी होती है, हमारे नौजवान जमीन की तबीयत देखने वाले लेबोरेटरी क्यों न खोलें। अगर आप ये करने के लिए तैयार हैं तो सरकार इसके लिए योजना बनाने को तैयार है, मुद्रा योजना के तहत पैसे देने के लिए तैयार है और किसान को आदत लग जाएगी कि वे अपनी ज़मीन के नमूनों को हर साल चेक करवाता रहे तो आप देखिये कि कितना बड़ा बदलाव आता है। नौजवानों को रोजगार मिल जाएगा, देश तकनीकी तौर पर आगे बढ़ेगा और किसान को हर साल पता लगेगा कि उनकी ज़मीन में कोई बीमारी तो नहीं घुस गई है।

तीसरी बात जो महत्वपूर्ण है, वो है बीज। उत्तम से उत्तम बीज हो, किसान ठगा न जाए क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि बीज रोप देने के महीनों बाद पता चलता है कि कुछ भी नहीं निकला, मैं तो बर्बाद हो गया। फिर उसके पास रोने के अलावा कोई सहारा नहीं रहता है। सरकार ने आग्रहपूर्वक बीज की दिशा में ध्यान देने का प्रयास किया है। किसान को फ़र्टिलाइज़र चाहिए। मुझे याद है कि पिछली बार जब हमारी नई सरकार बनी थी, सरकार को 1-2 महीने ही हुए थे और राज्यों के मुख्यमंत्री लिख रहे थे कि हमारे किसान परेशान हैं, उन्हें यूरिया चाहिए। उनके अफसर और कृषि मंत्री दिल्ली आते थे और अपनी चिंता जाहिर करते थे और कई-कई स्थानों पर तो यूरिया लेने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगती थी। यूरिया की कालाबाज़ारी होती थी और कई स्थानों पर भीड़ इतनी हो जाती थी कि पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ती थी।

हमने इन सभी बातों पर ध्यान दिया और मैं अपने मित्र आनंद कुमार को बधाई देता हूँ कि फ़र्टिलाइज़र मिनिस्टर के नाते उन्होंने इतना अद्भुत काम किया कि इस वर्ष मुझे एक भी मुख्यमंत्री ने यूरिया के लिए चिट्ठी नहीं लिखी। यूरिया के लिए लंबी लाइन लगी हो, किसी अख़बार या न्यूज़ पेपर में ऐसी फोटो देखने को नहीं मिली और कहीं पर भी किसान को लाठी चार्ज का शिकार नहीं होना पड़ा। हमने जो सबसे बड़ा काम किया, वो यह कि यूरिया की जो चोरी होती थी, भ्रष्टाचार होता था, उस पर हमने लगाम लगा दी। ये लोग जो परेशान रहते हैं, इसी लिए तो वे परेशान रहते हैं। अब वे मोदी से नाराज़ नहीं होंगे तो क्या होंगे; मोदी उनके आँखों में चुभता है क्योंकि 60 साल तक मुफ़्त की मलाई खायी हुई है और अब वो बंद हो गया है तो इसलिए वे परेशान हैं।

मैंने चुनाव में भी वादा किया था कि जब तक मैं बैठा हूँ, दिल्ली की तिजोरी पर कोई पंजा नहीं पड़ने दूंगा। फ़र्टिलाइज़र की चोरी रोकने के अलावा हमने एक और कदम उठाया है – नीम कोटिंग यूरिया। ये कोई मेरी खोज नहीं है और कागज़ पर सरकारें पहले भी इसके बारे में बातें करती थी लेकिन लागू नहीं करते थे। हमने तय किया कि सरकार का पैसा जाएगा और हम 100% यूरिया का नीम कोटिंग करेंगे। आज मैं गर्व से कहता हूँ कि अपने साथी आनंद कुमार के साथ मिलकर हमने यूरिया का 100% नीम कोटिंग कर दिया है।

नीम कोटिंग का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि मानो किसान अगर 10 किलो यूरिया का प्रयोग करता है लेकिन अगर नीम कोटिंग वाला इस्तेमाल करता है तो 7 किलो से भी काम चल जाएगा और 3 किलो का पैसा बच जाता है। नीम कोटिंग से यूरिया में एक नई ताकत आ जाती है। दूसरा फ़ायदा है कि पहले फ़र्टिलाइज़र केमिकल कंपनियों में सीधा चला जाता था क्योंकि सब्सिडी वाला होता था और उनको तो खरबों रुपये मिल जाते थे। नीम कोटिंग करने के कारण अब ये यूरिया किसान के अलावा किसी के काम नहीं आ सकता है। तीसरा फ़ायदा कि इन दिनों गांवों में वुमन सेल्फ़ हेल्प ग्रुप ने एक नया उद्योग शुरू किया है, नीम के पेड़ की जो फली होती है, उसे इकठ्ठा करती है और कंपनियों उसे खरीदती है क्योंकि वो नीम कोटिंग में इस्तेमाल होता है। इसके कारण गाँव के गरीब लोगों की कमाई होने लगी। मैं अपने किसान भाईयों से आग्रह करता हूँ कि आप नीम कोटिंग यूरिया का ही इस्तेमाल करना और पहले जहाँ 10 किलो का इस्तेमाल होता था, वहां सिर्फ़ 7 किलो से काम होगा। आप कीजिये, देखिये कैसे आपकी फ़सल भी बढ़ती है, जमीन भी सुधरती है, ये आपको नज़र आ जाएगा।

भाईयों-बहनों, किसान को सुरक्षा कैसे मिले, ये चिंता मुझे बारंबार सताती रहती थी। मैं किसानों को यह विश्वास दिलाना चाहता था कि परमात्मा रूठ जाए तो रूठ जाए लेकिन सरकार रूठनी नहीं चाहिए। इसके लिए मैं खुद समय देता था, किसान समूह से बात करता था, प्रोग्रेसिव किसानों, वैज्ञानिकों, अर्थशास्त्रियों से बात की। बड़े मंथन के बाद मैंने ये प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना प्रस्तुत की है। सबसे पहले हमारे देश में फ़सल बीमा योजना लाने का काम श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने किया था। उसके बाद दूसरी सरकार ने उसमें कुछ-कुछ कर दिया लेकिन इन सबके बावजूद ज्यादातर किसानों को बीमा योजना का लाभ नहीं मिला क्योंकि उन्हें लगता है कि पैसा जाएगा तो लेकिन आएगा नहीं। वो योजना ही ऐसी थी कि कोई किसान फ़सल बीमा योजना पर भरोसा नहीं कर सकता था। एक तो प्रीमियम ज्यादा थी और कुछ फ़सल ऐसी थी कि जिसमें 50% से भी ज्यादा की प्रीमियम की बातें होती थी। अब किसान इतना कैसे देगा।

हमने मौसम के अनुसार प्रीमियम तय किया; खरीफ़ के लिए 2% और रबी के लिए 1.5%; अतः किसानो जो पैसा देगा, उससे 90% ज्यादा पैसा सरकार के ख़जाने से जाएगा। हमने किसान को चिंतामुक्त कर दिया है। हमने कुछ नई चीजें भी जोड़ी हैं। पहले फ़सल कटाई के बाद जो नुकसान होता था, उसे बीमा में कवर नहीं किया जाता था। हम ऐसा बीमा लेकर आए हैं जिसमें अगर फ़सल कटाई के 14 दिनों के भीतर कोई नुकसान होता है तो भी किसान को उस फ़सल का बीमा दिया जाएगा। ये पहली बार देश में हो रहा है।

पहले फ़सल बीमा तय होता था तो औसतन 50 गांवों का हिसाब लिया जाता था। अगर कुछ गांवों में अच्छी बारिश हो गई और कुछ गांवों में बारिश नहीं हुई और औसत निकलने पर सब समान हो जाता था। हमने इसे भी ठीक करते हुए यह किया कि अगर किसी किसान का अपना नुकसान हुआ है तो उसे बीमा का लाभ मिलेगा भले ही दूसरे किसान को नुकसान न हुआ हो। दूसरी बात ये कि अगर ओले गिर जाएं, भूस्खलन हो जाए, जलभराव हो जाए तो हमारे किसानों को कुछ नहीं मिलता था और ओले तो ऐसा भी है नहीं कि सभी खेतों में ओले गिरे ही। हमने प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना में यह तय किया कि अगर एक भी किसान इन चीजों से प्रभावित होता है तो उसे इस योजना के तहत लाभ मिलेगा।

हमने एक और महत्वपूर्ण निर्णय किया अब तक होता था कि आप बारिश का अनुमान लगाएं और अगर बारिश न हो तो आप फ़सल बोते ही नहीं थे। पहली बार हम ऐसी योजना लेकर आए हैं कि मान लीजिए आपने सारी तैयारियां की लेकिन बारिश न आने की वजह से आप बौनी नहीं कर पाए तो साल भर अपना गुजारा करने के लिए पैसा दिया जाएगा। मैं बड़े विश्वास से कहता हूँ कि किसानों ने मेरा जो मार्गदर्शन किया और इसके बाद हमने पिछली सभी बीमा योजनाओं की कमियों को दूर किया है और एक परफेक्ट प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना लेकर आए हैं।

मैं चाहता हूँ कि आप भारी से भारी संख्या में प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना से जुड़ें। आजादी के बाद कर्नाटक को जितना पैसा अकाल के समय मिला है, उससे ज्यादा पैसा इस बार भारत सरकार ने कर्नाटक की सरकार को दिया है। किसानों के लिए 1540 करोड़ रूपया भारत सरकार ने दिया है। पैसे तो यहाँ आते थे लेकिन यहाँ के अफसर उसे खर्च नहीं करते थे। जब मुझे पता चला तो मैंने दवाब बनाया और तब जाकर किसानों को पैसा भेजना शुरू हुआ और हमारा आग्रह है कि ये पैसा उनके जन-धन अकाउंट में जाना चाहिए।

हम जब आए तो गन्ना किसानों का 21 हज़ार करोड़ रूपया बकाया था, हमने इस काम को हाथ में लिया, योजनाएं बनाईं, चीनी मीलों, गन्ना किसानों और बैंक वालों से बात की और आज मैं बड़े संतोष से कहता हूँ कि इतने कम समय में और सूखा होने के बावजूद 21 हज़ार करोड़ रूपया में सिर्फ़ 1800 करोड़ रूपया बकाया बच गया है। मेरा ट्रैक रिकॉर्ड कहता है कि अगर किसान किसी पर भरोसा कर सकता है तो दिल्ली में बैठी सरकार पर भरोसा कर सकता है।

मैं किसानों के लिए आया हूँ, उनके जीवन में बदलाव लाने के लिए आया हूँ। मुझे गांवों में, किसानों और गरीबों के जीवन में बदलाव लाना है। मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूँ कि आपकी कृपा और आशीर्वाद से हम और अच्छा काम करेंगे। सब पूरी ताकत के साथ बोलिये – जय जवान, जय किसान!
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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भारत माता की..

भारत माता की..

भारत माता की..

पूरे गावन-गावन से जित्ती जनता आई है, सब जने का हमार राम-राम। मैं माता बड़ी चंद्रिका और जमुना माता की धरती को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं रानी लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि बुंदेलखंड को नमन करता हूं। बुंदेलखंड के लोग राष्ट्रहित के लिए सबसे आगे खड़े होने वाले लोग हैं। जिसको 4 जून का नतीजा जानना हो, वो बुंदेलखंड में ये दृश्य देख लें, बुंदेलखंड कह रहा है- फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार।

साथियों,

यहां आप सबके बीच आने से पहले मैंने स्वामी ब्रह्मानन्द जी को भी प्रणाम किया। स्वामी ब्रह्मानन्द जी जैसे महान सेनानी, महान राष्ट्रसंत अमृत महोत्सव के दौरान हम सबने उनका पुण्यस्मरण किया था। हमारी सरकार ने उनके योगदान को इतिहास में दर्ज किया। लेकिन, पिछली सरकारों ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया। वो सारा श्रेय केवल एक शाही परिवार को देना चाहते थे। दलितों, पिछड़ों को सम्मान मिले ये उन्हें स्वीकार नहीं था।

साथियों,

आज मैं आपको सपा और कांग्रेस से सावधान करने के लिए आया हूं। सपा- कांग्रेस केवल आपका वोट तो ले लेते हैं लेकिन, ये लोग सरकार में आते हैं तो सौगात किसको बांटते हैं? वे सौगात उनको बांटते हैं जो उनके लिए वोट जिहाद करता है। (ये फोटो- फोटो वाले सब फोटो नीचे रख दो और अपने हाथ नीचे करके आराम से बैठो, पीछे लोग डिस्टर्ब हो रहे हैं। ये सब मातायें- बहनें भी अपनी जगह पर बैठें जरा, ये आप लोग जगह कब्जा करते हैं पीछे वाले परेशान होते हैं भाई। भारत माता की.. भारत माता की)

भाइयों- बहनों,

इस बार तो सपा-कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही इरादे साफ कर दिये हैं। कांग्रेस कह रही है कि वो सबकी संपत्ति की जांच करायेगी। फिर आपकी संपत्ति में से एक हिस्सा अपने जो वोट जिहाद करने वाली वोट बैंक है उन लोगों को दे देंगे। आप मुझे बताइये भाइयों, आपकी संपत्ति किसी भी सरकार को आप छीनने देंगे क्या? अगर मेरी बात पहुंची है तो सब लोग जवाब देना, क्या किसी भी सरकार को आप अपनी संपत्ति छीनने देंगे क्या? किसी को लूटने देंगे क्या? आपके माता-पिता ने जो मेहनत करके कमाया है उसपर आपका अधिकार है कि नहीं है? वो आपको मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए? लेकिन ये सपा- कांग्रेस वाले अपने चुनावी मेनिफेस्टो में कह रहे हैं कि वो एक्सरे निकालेंगे। आपके पास कितनी जमीन है? आपका घर कितना बड़ा है? आपके पास कोई गहने हैं क्या? आपका मंगलसूत्र कहां पड़ा है? और फिर आपकी जरूरत से ज्यादा जो भी है, जिसके पास नहीं है वो वोट जिहाद वालों को बांट देंगे। क्या आप अपने माता-पिता की संपत्ति को बांटने देंगे क्या? (आप फोटो निकालने में मशगूल हैं कि सुनते भी हैं, लग नहीं रहा है आप सुनते हैं। आपको फोटो में ज्यादा इंटरेस्ट है। देखिए, जगह कम है कृपा करके आगे आने की कोशिश मत कीजिए, जहां हैं वहां खड़े रहिये ना। अगर आप इजाजत दें तो मैं बोलना शुरू करूं, आप इजाजत दें तो मैं बोलना शुरू करूं)

साथियों,

बाबा साहेब अंबेडकर ने धर्म के आधार पर आरक्षण का घोर विरोध किया था और हमारी संविधान सभा ने भी तय किया था कि हमारे देश में कभी भी धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा लेकिन, जहां कांग्रेस सरकार है वहां ये लोग दलितों- पिछड़ों उनका आरक्षण कम करके उसे भी मुसलमानों को देना उन्होंने शुरू कर दिया है। आपको जानकर के आश्चर्य होगा ये संविधान की कैसी अवहेलना करते हैं? बाबा साहेब अंबेडकर के सपनों को कैसे चूर- चूर करते हैं? उन्होंने कर्नाटक में क्या किया, कर्नाटक में जितने भी मुसलमान है उन सबको रातों- रात उन्होंने ओबीसी बना दिया एक ठप्पा मार के कागज निकाल दिया, इसका परिणाम ये हुआ कि जो पिछड़ों का आरक्षण था उसमें वो आ गयें तो सारा डाका डालकर के ले गये और सारे पिछड़े रह गये और अब यही मॉडल ये पूरे देश में लागू करना चाहते हैं। आप क्या हमारे एससी, एसटी, ओबीसी का हक लूटने देंगे क्या? छीनने देंगे क्या? सपा- कांग्रेस को ये पाप करने देंगे क्या? साथियों, इतना ही नहीं अब ये संविधान बदलकर एससी, एसटी, ओबीसी का पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिमों को देना चाहते हैं। मैंने समाजवादी पार्टी से कहा था अरे आप तो दिन- रात पिछड़ों की बातें करते हो, पिछड़ों की राजनीति करते हो, आप तो हिम्मत करके ये पिछड़ों के साथ जो अन्याय करने का षड्यंत्र चल रहा है, पिछले दरवाजे से पिछड़ों का आरक्षण लूटने का जो जाल बिछाया जा रहा है जरा उसका विरोध तो कीजिए, लेकिन ये सपा वाले मुंह पर ऐसा ताला लगा के बैठ गये, ऐसा ताला लगाकर के बैठ गये कि वो बोलने को तैयार नहीं है, क्या ये सपा वालों को भी माफ कर सकते हैं क्या? साथियों, कांग्रेस आपका आरक्षण खत्म कर रही है और सपा उसका समर्थन दे रही है और किसकी खातिर? सिर्फ और सिर्फ जो वोट जिहाद करते हैं वो वोट बैंक के खातिर करना चाहते हैं।

साथियों,

सपा वाले तुष्टीकरण के लिए किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। हमारे कल्याण सिंह जी देश के इतने महान नेता थे। उन्होंने पिछड़ों का इतना सम्मान बढ़ाया। उनका निधन हुआ, तो सपा के मुखिया उन्हें श्रद्धांजलि देने तक नहीं गये और कारण क्या है? कारण ये ही है कि हमारे कल्याण सिंह जी बाबू जी राम भक्त थे इसलिए मृत्यु के बाद भी कल्याण सिंह जी ने राम मंदिर के लिए अपनी सरकार बलिदान कर दी थी अगर ये बाबूजी को श्रद्धांजली देने जाते तो इनका वोट बैंक नाराज हो जाता और वोट बैंक को खुश करने के लिए लोग क्या करते हैं, जब यूपी में एक माफिया की मौत होती है तो ये उसकी कब्र पर फातिहा पढ़ने पहुंच जाते हैं।

साथियों,

सपा-कांग्रेस के कुशासन में बुंदेलखंड ने कितनी पीड़ा झेली है? कितनी बदहाली यहां हुई थी? ये लोग भूले नहीं हैं। एक जमाना था, जब सूखा, बुंदेलखंड की पहचान बन गया था। बूंद-बूंद पानी के लिये हमारा बुंदेलखंड तरसता था और सपा- कांग्रेस की सरकारें क्या करती थीं? योजनाएं निकालती थी, फीते काटती थी, दिये जलाती थी, अखबारों में एडवरटाइजमेंट देती थी और फिर पैसा खा जाती थी। गर्मी में पानी की ट्रेनें चलाने की नौबत आ जाती थी। इतना ही नहीं दुर्भाग्य तो वो था कि लोग स्टेशन पर जब ट्रेनें चलती थीं वहां पहुंचकर के शौचालय में जो पानी आता है ट्रेन में उसमें से भी पानी भरकर के घर लाने ले जाने के लिए एक- दूसरे के साथ धक्का- मुक्की करने की नौबत आती थी। आज जो नई पीढ़ी के लोग है, जो फर्स्ट टाइम वोटर हैं, शायद ना उन्होंने ये देखा होगा ना सुना होगा। मैंने बहुत सालों तक यहां संगठन का काम किया है। मैं आपके दर्द को जानता था और मेरे गुजरात में इस क्षेत्र के बहुत लोग रहते हैं, उनसे मेरा बड़ा निकट नाता है वे जब यहां का वर्णन करते थे आंख में से आंसू आ जाते थे लेकिन सपा- कांग्रेस ने यही हाल बना रखा था बुंदेलखंड का। साथियों, इन लोगों ने सूखे को ये तो बुंदेलखंड की किस्मत है हम क्या करें, हाथ ऊपर कर दिए थे। लेकिन साथियों, चुनौती को चुनौती देना उसका दूसरा नाम है मोदी और जो चुनौती से जो टकराता है वो ही तो मोदी कहलाता है। लेकिन, आपने अपने इस सेवक मोदी पर भरोसा किया। मोदी ने इस संकट से लड़ने के लिए खुद को खपा दिया। हमने जलजीवन मिशन शुरू किया। सिर्फ 5 साल में हमने 12 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल से जल पहुंचाया है। हमने इस क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में पानी की टंकियां बनवायी हैं। आज इस क्षेत्र में 400 से ज्यादा गांवों में पानी पहुंच चुका है। करीब पौने दो लाख घरों में शुद्ध पानी के कनेक्शन दिये जा चुके हैं। मैं बुंदेलखंड में काम की रिपोर्ट लगातार लेता रहता रहता हूं। जो समस्याएं बची हैं, उन पर भी काम चल रहा है। हमारी सरकार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना पर भी काम शुरू कर दिया है और केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिये हमारी सरकार आपको पानी मिले, आपकी पानी की समस्या दूर हों इसलिए मोदी, ये सरकार 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर रही है। जब ये योजना पूरी होगी तो बुंदेलखंड के इतिहास में एक नया अध्याय शुरू होगा। विकास को नए पंख लग जायेंगे और याद रखियेगा ये योजना सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही पूरा कर सकती है और इसलिए बुंदेलखंड के तेज विकास के लिए मैं आपके पास, भाजपा को आशीर्वाद देने के लिए मांग करने के लिये आया हूं।

साथियों,

पिछली सरकारों ने बुंदेलखंड के किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया था। आज मोदी ने हमीरपुर, झांसी और जालौन में किसान सम्मान निधि के 1800 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किये हैं। हमने जालौन और हमीरपुर में स्टोरेज फैसिलिटी बनाई है। यूरिया की जो बोरी दूसरे देशों में 3 हजार की है वो भाजपा सरकार आपको 300 रुपये से भी कम कीमत पर दे रही है। हम गरीबों को मुफ्त राशन, मुफ्त इलाज और पक्के मकान दे रहे हैं और मोदी सिर्फ इतने पर ही नहीं रुका है, अगले 5 वर्षों में ये सुविधाएं हर गरीब तक पहुंचेगी। आप लोग मेरा एक काम करेंगे अगर आप सबके सब हाथ ऊपर करके बताते हैं तो फिर मैं बोलूंगा। क्या आप मेरा एक काम करेंगे? आप मेरा एक काम करेंगे? आप मेरा एक काम करेंगे? आप गांव- गांव जाते होंगे, अलग-अलग बस्तियों में जाते होंगे, अगर कहीं पर भी आपको इक्का- दुक्का ऐसे परिवार मिल जायें, जिनके पास पक्का घर नहीं है वो झोपड़ी में रहते हैं, कच्चे घर में रहते हैं, कोई ऐसे परिवार जिनको गैस का कनेक्शन नहीं मिला है तो मेरी तरफ से मैं आपको कहता हूं आप उनका नाम- पता लिखकर के मुझे भेज दीजिए और उनको कहना, उनको कहना कि मोदी जी हमीरपुर आए थे और मोदी जी ने गारंटी दी है कि 4 जून के बाद जब नई सरकार बनेगी तो आपका मकान भी बनेगा। आप मेरी तरफ से उनको गारंटी दे देंगे? गारंटी दे देंगे? मेरे लिए तो आप ही मोदी है और इस काम के लिए हम तीन करोड़ नए पीएम आवास बनायेंगे, ये मैं आपको गारंटी देता हूं।

साथियों,

हर परिवार में आजकल बुजुर्ग होते हैं, माता- पिता, दादा- दादी, चाचा- चाची, नाना- नानी और जो बेटे- बेटी कमाते हैं उनके पास दो जिम्मेवारी होती है, एक तो अपने बुजुर्गों की सेवा करना, उनकी चिंता करना, खुद का ख्याल रखना और अपने बच्चों की परवरिश करना और 70 साल की आयु के बाद कोई ना कोई छोटी- मोटी बीमारी तो आ ही जाती है तो स्वाभाविक जो बेटा- बेटी कमाते हैं उन पर एक नया खर्च आ जाता है हजार- दो हजार रुपया, कभी बड़ी बीमारी आ जाये तो सब कुछ गिरवी रख देना पड़ता है और इसलिए जो बेटे- बेटी कमाते हैं उनपर आर्थिक बोझ ना पड़े इसलिए मोदी ने तय किया है कि आपके परिवार में कोई भी व्यक्ति हो, आपके परिवार के 70 साल से ऊपर के जो भी लोग होंगे अगर उनको बीमारी हुई, इलाज की जरूरत हुई तो खर्चा आपका बेटा मोदी करेगा। अब वो इलाज का खर्चा आपको नहीं करना पड़ेगा।

भाइयों- बहनों,

मेरा एक और संकल्प है जो हमारी बहनें जिनके अंदर महारत है उनको मैं ऐसी नई- नई चीजें सिखाना चाहता हूं, काम के अवसर देना चाहता हूं और मैंने तय किया है कि मैं तीन करोड़, तीन करोड़ लखपति दीदी बनाना है मुझे, ये तीन करोड़ लखपति दीदी ये बहुत बड़ा काम है लेकिन मोदी को बड़े काम करने की आदत है और ये मोदी की गारंटी है और इसके लिए मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए।

साथियों,

पिछली सरकारें कहती थीं बुंदेलखंड तो बीहड़ है, बीहड़। वहां कौन जाएगा? मैं कहता हूं, बुंदेलखंड वीरता और विकास की धरती है। वो कहते थे कौन जायेगा, मैं कहता हूं कौन नहीं आयेगा? आज बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे यहां विकास को रफ्तार दे रहा है। एक्सप्रेस-वे के किनारे उद्योग-धंधे लग रहे हैं। हमीरपुर में बड़ी- बड़ी कंपनियां आ रही हैं। सुमेरपुर में सीमेंट फैक्ट्री भी लगी है। भाजपा सरकार, देश में दो डिफेंस कॉरिडोर बना रही है। मोदी ने तय किया, एक डिफेंस कॉरिडोर वीरों की धरती बुंदेलखंड में बनेगा। हमारा प्रयास है कि युवाओं को बुंदेलखंड छोड़कर के जाना ना पड़े, हमारा संकल्प है- बुंदेलखंड उद्योग और रोजगार का केंद्र बने।

साथियों,

आज आल्हा-ऊदल की धरती से मैं एक और प्रश्न पूछना चाहता हूं। आप मुझे बताइये, राष्ट्र का स्वाभिमान, इस मिट्टी का सम्मान, कुछ इससे भी ऊपर हो सकता है क्या? हो सकता है क्या? मोदी ने कश्मीर से 370 हटाई, मोदी ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। देश के स्वाभिमान के लिए मोदी दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतों से भिड़ा, क्या ये सब इसलिए था कि कांग्रेस इस पर पानी फेरने की बात करे? आप देख रहे होंगे कांग्रेस पार्टी कह रही है कि वो कश्मीर में फिर से आर्टिकल-370 वापिस लायेंगे और लगा देंगे। कांग्रेस आजकल हमें धमकी दे रही है कि पाकिस्तान से डरो, पाकिस्तान के पास एटम बम हैं। मैं तो कहता हूं कांग्रेस के लोगों को बुंदेलखंड की इस धरती पर आकर समझना चाहिए कि वीरता क्या होती है? आप मुझे बताइये, हम पाकिस्तान को घर में घुसकर मारकर आये थे या नहीं आये थे? पाकिस्तान ने फिर कभी मुंह उठाने की हिम्मत की क्या? पाकिस्तान के पास परमाणु बम है इसकी धमकी देने वालों को पता नहीं है, उनको उसके रख- रखाव का खर्चा नहीं है उनके पास, संभालने का खर्चा नहीं है उनके पास। साथियों, वो कहते हैं मिसाइलें हैं, हम बुंदेलखंड में जो डिफेंस कॉरिडोर बना रहे हैं ना वो पटाखे बनाने के लिए नहीं है, मिसाइल बनाने के लिए है। पाकिस्तान का डर दिखाकर वोट मांगने वालों को आप वोट देंगे क्या? जो पाकिस्तान का डर दिखाते हैं वो वोट देने लायक हैं क्या? हैं क्या?

साथियों,

20 मई को आपका वोट सशक्त भारत, विकसित भारत इसकी गारंटी होगा। हमीरपुर में कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल जी, जालौन में भानु प्रताप सिंह वर्मा जी और झांसी से श्री अनुराग शर्मा जी आप इनके पक्ष में ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाइये, कमल पर बटन दबायेंगे और जब आप कमल पर बटन दबायेंगे ना, तो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जायेगा, तो ज्यादा से ज्यादा मतदान करवायेंगे, पोलिंग बूथ जीतेंगे। 10 बजे से पहले मतदान हो जाये ऐसा करेंगे, पहले मतदान- फिर जलपान मेरी बात मानेंगे। अच्छा मेरा एक और काम करेंगे, कमाल है यार मैंने मेरा काम कहा तो ठंडे पड़ गए, मेरा एक काम करेंगे, सबके सब जरा हाथ ऊपर करके बताओ तो मैं बताऊं, करने वाले हैं तो वो ही हाथ ऊंचे करें, फालतू में हाथ ऊपर मत कीजिए, करेंगे अच्छा एक काम करना इन दिनों ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलना, ज्यादा से ज्यादा घरों में जाना, ज्यादा से ज्यादा परिवारों में जाना और परिवार में बैठकर के कहना सभी उस परिवार के मुखिया को कि बोले मोदी जी हमीरपुर आये थे और हमीरपुर में आये थे तो मोदी जी ने खास आपको जय श्रीराम कहा है। मेरा जय श्री राम पहुंचा देंगे, पक्का पहुंचा देंगे।

बोलिए, भारत माता की..

भारत माता की..

बहुत-बहुत धन्यवाद।