PM Modi's remarks at joint press meet with President Moon of Republic of Korea

Published By : Admin | February 22, 2019 | 08:42 IST
Defence sector plays an important role in growing partnership between India and Korea: Prime Minister Modi
MoU inked between India's Home Ministry and National Police Agency of Korea will further strengthen our counter-terrorism cooperation: PM Modi
We are committed to further strengthen our bilateral and international cooperation and coordination against terrorism: PM

Your Excellency राष्ट्रपति
मून-जे-इन
Distinguished delegates,

Friends,
आनयोंग
हा-सेयो!
नमस्कार!

कोरिया आने के निमंत्रण के लिए, और हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए, मैं राष्ट्रपति मून का ह्रदय से आभार प्रकट करता हूँ। मैंने पहले भी कई बार कहा है, और जब मैं प्रधानमंत्री नहीं बना था, तब से मेरा मानना रहा है, कि भारत के विकास के लिए, कोरिया का model शायद सबसे अधिक अनुकरणीय है। कोरिया की प्रगति भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत है। और इसलिए, कोरिया की यात्रा करना मेरे लिए हमेशा प्रसन्नता का विषय होता है।

Friends,

पिछले वर्ष जुलाई में हमें राष्ट्रपति मून का भारत में स्वागत करने का अवसर मिला था। East Asia Summit और G-20 Summit के समय भी हमारी मुलाकातें हुई। मैंने अनुभव किया है कि भारत कीAct East Policy और कोरिया की New Southern Policy का तालमेल हमारी Special Strategic Partnership को और अधिक गहराई और मजबूती देने का सुदृढ़ platform दे रहा है।

Indo-Pacific के संबंध में भारत का विजन समावेशिता, आसियान की केन्द्रीयता और साझी समृद्धि पर विशेष जोर देता है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें भारत और कोरिया साझा मूल्यों और हितों के आधार पर, पूरे क्षेत्र एवं विश्व के लाभ के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।

और मुझे प्रसन्नता है कि पिछले वर्ष राष्ट्रपति जी की भारत यात्रा के बाद बहुत ही कम समय में हमने अपने संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। यह प्रगति और भविष्य में हमारे संबंधों का रोडमैप, People, Peace और Prosperity के हमारे साझा विज़न पर आधारित है।

Friends,

पिछले सप्ताह भारत में पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद, राष्ट्रपति मून के संवेदना और समर्थन के संदेश के लिए हम उनके आभारी हैं। हम आतंकवाद के खिलाफ अपने द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समन्वय को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आज भारत के गृह मंत्रालय और कोरिया की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के बीच संपन्न हुआ MOU हमारे counter-terrorism सहयोग को और आगे बढ़ाएगा। और, अब समय आ गया है कि वैश्विक समुदाय भी बातों से आगे बढ़ कर, इस समस्या के विरोध में एकजुट हो कर कार्यवाही करे।

Friends,

भारत के आर्थिक परिवर्तन में हम कोरिया को मूल्यवान साझेदार मानते हैं। हमारे trade और investment संबंध बढ़ रहे हैं। आज राष्ट्रपित मून और मैंने 2030 तक हमारे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ा कर50 billion dollars तक ले जाने के लक्ष्य के प्रति अपना commitment दोहराया है।

Infrastructure, Port Development, Marine (मरीन) और Food Processing, Start-ups और Small and Medium Enterprises जैसे sectors में हम अपना सहयोग बढ़ाने पर सहमत हैं।

हमारी बढ़ती सामरिक साझेदारी में रक्षा क्षेत्र की अहम भूमिका है। इसका एक उदहारण भारतीय थल सेना में K-9 "वज्र” आर्टिलरी गन के शामिल होने में देखा जा सकता है।

रक्षा उत्पादन में इस उल्लेखनीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए हमने defence technology और co-production पर एक रोडमैप बनाने के लिए भी सहमति की है। और इसके अंतर्गत हम भारत में बनाए जा रहे defence industrial corridors में कोरियाई कंपनियों की भागीदारी का भी स्वागत करेंगे।

Friends,

पिछले वर्ष नवम्बर में अयोध्या में आयोजित 'दीपोत्सव' महोत्सव में First Lady किम की मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी हमारे लिए सम्मान का विषय था। उनकी यात्रा से हज़ारों वर्षों के हमारे सांस्कृतिक संबंधों पर एक नया प्रकाश पड़ा, और नई पीढ़ी में उत्सुकता और जागरूकता का वातावरण बना।

हमारे ऐतिहासिक people-to-people संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए हमने भारत में कोरिया के नागरिकों के लिए Visa on Arrival की सुविधा पिछले वर्ष अक्टूबर से शुरू कर दी है।

कोरिया द्वारा भारत के नागरिकों के लिए Group Visa के सरलीकरण के निर्णय का मैं स्वागत करता हूँ। इससे हमारे द्विपक्षीय पर्यटन का विकास होगा।

मेरी यह कोरिया यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण वर्ष में हो रही है, जब महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है। और कोरिया में लोकतंत्र के आन्दोलन का शताब्दी समारोह भी मनाया जा रहा है।

हमारे महात्मा गाँधी स्मरणोत्सव संग्रह के लिए राष्ट्रपति मून द्वारा लिखी गई श्रद्धांजलि के लिए मैं उनका आभारी हूँ।

Friends,

आज कोरियाई प्रायद्वीप में जो शांति और स्थिरता हमें नजर आती है उसका श्रेय राष्ट्रपति मून के अथक प्रयासों को जाता है। उनके दृढ़ विश्वास और धीरज के लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूँ।

और कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति के लिए भारत के पूरे सहयोग की वचन-बद्धता को दोहराता हूं। आज दोपहर सौल शांति पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान का विषय होगा।

मैं यह सम्मान अपनी निजी उपलब्धियों के तौर पर नहीं बल्कि भारत की जनता के लिए कोरियाई जनता की सद्भावना और स्नेह के प्रतीक के तौर पर स्वीकार करूंगा। मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल को दिए गए स्नेहपूर्ण स्वागत और आतिथ्य के लिए मैं राष्ट्रपति मून, कोरियाई सरकार और कोरियाई जनता को ह्रदय से धन्यवाद देता हूँ।

खम्सा-हम-निदा
धन्यवाद।

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Prime Minister shares a Sanskrit Subhashitam highlighting the power of unity, mutual cooperation and collective resolve
June 03, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today shared a Sanskrit Subhashitam, observing that when citizens are bound by the threads of unity and mutual cooperation, the strength of the nation multiplies manifold. Shri Modi highlighted that it is through this collective resolve of the people of India that the country is continuously scaling new heights of progress.

The Prime Minister posted on X:

"जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प से आज देश उन्नति की नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च।
धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥"

Just as pieces of wood cannot fully display their energy when separated, but burn brightly and produce light and warmth when brought together, in the same way, the progress, prosperity, and strength of a state depend on the unity, mutual cooperation and collective determination of its people.