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India is the fastest growing large economy in the world: PM Modi
Digital world has had a very positive impact on governance. It has made systems transparent: PM
Tourism has grown in the recent years: PM Modi

प्रश्‍न - Dear honorable Prime Minister I am K. Deepika pursuing B.A. Journalism Final year from government degree college for women Begumpet Hyderabad, Telangana. Sir we have seen many initiatives for education in the last five years. Are you satisfied with your efforts in the education sector? Thank you for giving me this opportunity.

एंकर - ह‍मने पिछले पांच सालों में शिक्षा के क्षेत्र में कई नए initiatives देखें हैं क्‍या आप education sector में आपके प्रयासों से संतुष्‍ट है। माननीय कृपया बताएं।

प्रधानमंत्री : मैं आपका आभारी हूं इस सवाल के लिए और देश भर में करीब ढाई करोड़ युवकों के साथ मुझे बातचीत करने का मौका मिला है। Thanks to technology. एक ही चीज को दो तरीके से देखा जा सकता है। जहां तक प्रयास का सवाल है मुझे इस बात का संतोष है कि हम सही दिशा में है। हम निश्चित टाइम टेबल के साथ आगे बढ़ रहे हैं और दुनिया में शिक्षा की जो मानदंड बने हैं। उस ग्‍लोबल standard को हम achieve करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे देश के उन सब नौजवानों को ये अवसर मिलना चाहिए अगर वो जिंदगी में शिक्षा के जिस क्षेत्र में जाना चाहता है। सरकार का एक काम है कि उन व्‍यवस्‍थाओं को विकसित करे। आधुनिक भारत के लिए जिस प्रकार के institutions की रचना होनी चाहिए। उसको हम बल दे रहे हैं।

IIT हो IIM हो उसके विस्‍तार के लिए बहुत तेजी से काम चल रहा है। उसी प्रकार से skill development एक बहुत बड़ा क्षेत्र है जिस पर हम बल दे रहे हैं। हमारी ये कोशिश है कि हमारे देश के नौजवान आज बहुत बड़ी मात्रा में शिक्षा प्राप्‍त करने के लिए विदेश जाते हैं। अरबों, खरबों रुपया हमारा विदेश चला जाता है। हम ऐसी शिक्षा व्‍यवस्‍थाओं का निर्माण करें। जिससे हमारे देश के लोग बाहर जाएं उसके बजाए दुनिया के देश के लोग भारत में आए। इस सपने को लेकर के मैं काम कर रहा हूं। जहां तक दिशा का सवाल है मैं बहुत ही संतुष्‍ट हूं। साढ़े चार साल के कम कार्यकाल में जितना काम हुआ है। मैं क्‍या, कोई भी संतुष्‍ट होगा लेकिन मैं संतोष अपनी पीठ थपथपाने के लिए कभी करता नहीं हूं। मेरा संतोष का मतलब है नए सपनों को जन्‍म देना, मेरे संतोष का मतलब होता है नए लक्ष्‍य तय करना, मेरे संतोष का मतलब होता है उन लक्ष्‍यों को पार करने के लिए फिर एक चल पड़ना। और संतोष सोने के लिए नहीं है, संतोष नए सपनों को साकार करने के लिए है। धन्‍यवाद......

एंकर – धन्‍यवाद माननीय प्रधानमंत्री जी, माननीय अब हम देश के पूर्वोत्‍तर क्षेत्र असम से जुड़ रहे हैं जहां Cotton University के अनामित्रा महंता आपसे कुछ पूछना चाहते हैं....

प्रश्‍न - Dear honorable Prime Minister I am Anamitra Mahanta from Assam. Sir, we are seeing many uses of this digital India in a day to day live including education. How do you see its impact on our country and our people? That concludes my question thank you.

एंकर - सर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में हम digital India के कई उपयोगों को देख रहे हैं। जिसमें शिक्षा भी शामिल है। आज हमारे देश और यहां के लोगों में इसकी वजह से क्‍या बदलाव आप देख रहे हैं। माननीय कृपया बताएं।

प्रधानमंत्री – देखिए मानव निरंतर विकास करता रहा है। technology एक बहुत बड़ा driving force रहा है। नए-नए Innovations ने मानव जीवन को लगातार बदला है। लेकिन आज 40 साल पहले जिस रफ्तार से दुनिया बदली। Innovations technology intervention ने दुनिया को पिछले 200-300 साल में बदलते बदलते जहां लाकर के खड़ा कर दिया था। पिछले 40-50 साल में technology ने एक ऐसा जंप लगाया है। जिसकी हम कल्‍पना नहीं कर सकते हैं। अगर पिछले 200-300 साल की तुलना में देंखे तो इन 40-50 साल एक quantum jump है। नए dimensions है। और वो स्‍पेस हो, समुद्री तल की बात हो। धरातल की बात हो और डिजिटल वर्ल्‍ड ने इसमें बहुत बड़ा रोल प्‍ले किया है। अब आज मैं आपसे इतना आराम से बात कर पा रहा हूं। मैं श्रीनगर में बैठा हूं और श्रीनगर से मैं हिन्‍दुस्‍तान के हर कोनें में ढाई करोड़ नौजवानों से शिक्षा के संबंध में बात कर रहा हूं। यही सबसे बड़ा प्रभाव है। अभी आपने देखा बांदीपुरा में एक बीपीओ का उद्घाटन हुआ और पहला बीपीओ अब ये digital revolution का परिणाम है। Digital revolution का सबसे बड़ा फायदा, अब आप देखिए हमारा आधार एक प्रकार से digital revolution का ही हिस्‍सा है।

दुनिया को जब मैं कहता हूं कि हमारे पास 120 करोड़ लोगों का इतना डिटेल हमारे पास डेटा है। जगत के लोगों को बड़ा आश्‍चर्य होता है। ऐसी wealth है हमारे पास, ये digital revolution का परिणाम है। हम JAM Trinity शुरू की है भारत सरकार ने JAM Trinity के द्वारा आधार, मोबाइल, जनधन कोई भी सामान्‍य व्‍यक्ति सरकार को कुछ सामान भेजना चाहता है, गांव गरीब होगा तो ऑनलाइन आएगा, भेज सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में आज इतनी ऐप भांति-भांति available है और कई तो बहुत बिना खर्च किए है। उसके कारण विद्यार्थी नई-नई शिक्षा प्राप्‍त करने के लिए ऐप के माध्‍यम से कुछ होम वर्क करता है। शायद हो सकता है एक जमाना ऐसा आएगा कि जो ट्यूशन और कोचिंग कलासिस की दुनिया ही खत्‍म हो सकती है। इतनी ताकत ये डिजिटल इंडिया में है। digital world ने governance में बहुत बड़ा रोल किया है।

Transparency के लिए बहुत बड़ी ताकत digital world है! अरे एक प्रकार से शिक्षा नहीं, समग्र जीवन व्‍यवस्‍था में एक प्रकार से digital world हमारे शरीर का एक नया हिस्‍सा बना गया है। हम उसके बिना जी नहीं सकते ऐसी स्थिति बन गई है। और इसलिए इसका प्रभाव हम उसका सही उपयोग कैसे करें, अधिकतम लोगों के कल्‍याण के लिए कैसे उपयोग करें। इस पर अगर हम बल देंगे। तो एक ये digital power एक बहुत बड़ा revolution हमारे सामने है। दूसरा long distance education. हम गरीब से गरीब व्‍यक्ति तक दूर से दूर पहाड़ों में जंगलों में long distance education के माध्‍यम से quality education दे सकते हैं digital connectivity उसके लिए बहुत बड़ा रोल कर सकती है। और मैं देख रहा हूं कि बहुत नौजवान virtual lab के द्वारा आज बच्‍चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। और वैसे ही वो पढ़ पाते हैं जैसे actually उन्‍होंने lab में जाकर के काम किया हो। उसका confidence level बढ़ जाता है। 3D projection के कारण आज विद्यार्थी अगर उसको हार्ट के संबंध में पढ़ना है, पहले टीचर कितना ही समझाते थे आज अगर 3डी उसको दिखा दें तो तुरंत उसका समझ आ जाता है कि हार्ट ऐसे काम करता है और बच्‍चा उसको receptive होता है।

मैंने एक बार जब मैं मुख्‍यमंत्री था तो मैंने एक छोटा सा सर्वे करवाया था। कि मध्‍यांह भोजन योजना के तहत primary government school में क्‍या impact होता है। और वहां पर अगर हम digital smart class room बनाएं तो क्‍या फर्क होता है। कुछ स्‍कूल ऐसे जहां smart class room बनवाया था कुछ स्‍कूल थी जहां smart class room नहीं था। मध्‍यांह भोजन पर बल था। smart class room थे वहां भी मध्‍यांह भोजन था फिर अनुभव आया कि smart class room ने बच्‍चों को ऐसा आकर्षित किया था। झुग्‍गी-झोंपड़ी के बच्‍चे वहां पढ़ते थे उनको बड़ा मजा आता था सीखने का आकर के बैठ जाते थे उनको मध्‍यांह भोजन की परवाह नहीं थी। वो मध्‍यांह भोजन के लिए उनको खींच-खींच के ले जाना पड़ता था। जबकि जहां मध्‍यांह भोजन था वहां पर उतनी बड़ी मात्रा में संख्‍या नहीं आती थी। वहां भी मध्‍यांह भोजन में रुचि नहीं थी लेकिन smart class नहीं होने के कारण वो जाकर के बैठने में रुचि नहीं लेता था। अब ये जो प्रभाव है। वो डिजिटल प्रभाव है और आने वाले दिनों में हायर एजुकेशन में उसका बहुत बड़ा रोल होने वाला है। धन्‍यवाद......

एंकर - माननीय कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी हरियाणा से गौरव आपसे बात करने के लिए उत्‍सुक हैं गौरव....

प्रश्‍न – माननीय प्रधानमंत्री मेरा नाम गौरव है और मैं कुरुक्षेत्र विश्‍वविद्यालय हरियाणा से हूं... Sir, it pains us to see poverty in our country we have seen your efforts to remove poverty in our country. Do you think we can become poverty free India in future?

एंकर – हमारे देश में गरीबी को देखकर बहुत दर्द होता है। गरीबी को दूर करने के आपके प्रयासों को हमने देखा है। क्‍या आपको लगता है कि निकट भविष्‍य में हमारा देश गरीबी मुक्‍त बन सकता है। माननीय कृपया बताएं।

प्रधानमंत्री – अगर देश तय कर ले हमें गरीबी से मुक्‍त होना है। तो दुनिया की कोई ताकत हमें गरीब नहीं रख सकती। सवा सौ करोड़ देशवासियों में इतना सामर्थ्‍य है अगर उस हमारे natural resources या human resources इसका अगर हम सही ढंग से प्‍लान करके आगे बढ़े। गरीबी से मुक्ति पाना मुश्किल नहीं है। मैं साढे चार के अनुभव से कह सकता हूं। इन दिनों दुनिया में दो चीजें उभर कर आई हैं। एक दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली बड़ी इकोनॉमी में भारत नंबर एक है। ये कोई भारतीय को गर्व होगा। दूसरा यूएन समेत इंटरनेशनल एजेंसी का कहना है कि विश्‍व में भारत पहले नंबर पर है। जो तेज गति से गरीबी से बाहर निकल रहा है। बहुत तेजी से न्‍यू मीडिल क्‍लास का बल बढ़ रहा है। और उस पर ये भी उन्‍होंने कहा है कि भारत का schedule caste के लोग और भारत के मुसलमान ये दो लोग इसके सबसे ज्‍यादा beneficiary हैं वो सबसे तेज गति से गरीबी से बाहर आ रहे हैं। अब किसी ने सोचा था, महात्‍मा गांधी कि आजादी और स्‍वच्‍छता दोनों में से मुझे एक पसंद करना होगा तो मैं पहले स्‍वच्‍छता पसंद करूंगा। गांधी जी ने बहुत प्रयास किए। आजादी का आंदोलन भी चल रहा था, स्‍वच्‍छता के लिए भी बात चल रही थी। आजाद होने के बाद हम उस काम को आसानी से आगे बढ़ा सकते थे।

लेकिन वो चलता है, कोई अगर कर ले तो कर ले न करे तो न करे। मैंने लालकिले से आवाह्न किया, देश को आग्रह किया और यह देश अपने प्रयत्‍नों से स्‍वच्‍छता के विषय में आज तेज गति से संतोषजनक आगे बढ़ रहा है। जम्‍मू-कश्‍मीर, मैंने ये अफसर यहां बैठे है, अनंतनाग में थे पहले, शायद वो स्‍वच्‍छता का इनाम मेरे हाथ से ले गए थे। बहुत बड़ा काम किया था जी, बहुत बड़ा काम किया था और देश के लोगों को बड़ा गर्व हुआ था। अब इतना बड़ा काम आज open defecation free जम्‍मू–कश्‍मीर का होना ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है। जब 2014 में हम आए तो हमारे देश में rural sanitation 38 percent था आज वो 98 percent है। ये सिर्फ सरकार के कारण हुआ है ऐसा मैंने कभी नहीं कहा। एक बार देश की जनता ठान लेती है कैसे परिणाम लाती है ला पा रही है। इस देश ने तय किया, देश में बैंकों का राष्‍ट्रीयकरण बहुत लंबे समय से हुआ था लेकिन खाते नहीं खुलते थे गरीबों के लिए। हमने तय किया हर गरीब का खाता खुलना चाहिए।

आज हिन्‍दुस्‍तान में 2014 में 40 प्रतिशत लोगों के बैंक अंकाऊट थे आज करीब-करीब 100 प्रतिशत बैंक अंकाऊट हैं। हमारे देश कुल 25-26 करोड़ परिवार हैं और मुझे आर्थिक हिसाब से मोटा-मोटा बताया गया था। क्‍योंकि राज्‍य जो आंकड़े देते थे। करीब 4 करोड़ परिवार ऐसे होंगे जहां बिजली नहीं है। हमने बीड़ा उठाया है। हर घर में बिजली होनी चाहिए और मुझे खुशी है कि आज जम्‍मू-कश्‍मीर ने इस काम को पूरा कर दिया। यानी एक बार हमारा देश तय करे कि इस समस्‍या से निकलना है, निकलेगें। अब जम्‍मू-कश्‍मीर ने एक सपना देखा है कि वो टैप वाटर घरों तक देंगे, ये बहुत बड़ा सपना है। ये मुझे विश्‍वास है जम्‍मू-कश्‍मीर की टोली है करके रहेगी। यहां की bureaucracy इसको भी achieve करके रहेगी। हमारे देश में हमने बस तय करना है। हमने गरीबी से लड़ना है और गरीबी से लड़ने का तरीका रेवड़ी बांटने से नहीं होता है। गरीब को empower करना होता है उसका सशक्तिकरण करना होता है। उसके भीतर गरीबी को पार करने का यानी एक प्रकार से मिजाज भर देना पड़ता है। और मुझे लगता है कि अगर स्‍वभाव उसमें पैदा कर सकते हैं, तो वो करेगा। जब हम आवाज देते हैं, शिक्षा देते हैं, आयुष्‍मान भारत से हेल्‍थ की बात करते हैं तो गरीब को भी लगता है कि अब मेरे दिन आ चुके हैं, मैं आगे बढ़ सकता हूं। मेरे मां-बाप ने गरीबी में जिंदगी गुजारी, मैं अपने बच्‍चों को गरीबी में जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर नहीं करूंगा। ये मैं वातावरण देख रहा हूं और जिस दिशा में चल रहे हैं। बहुत तेजी से गरीबी घटती चली जाएगी। गरीबी से मुक्ति मिलती चली जाएगी। और वो दिन होगा जब हम लोगों ने जीवित रहते हुए अपनी आंखों से देखा होगा, कि देश गरीबी से मुक्‍त हुआ है।

एंकर – धन्‍यवाद माननीय आज देश को बदला हुआ देखकर आज का जो यूथ है वो बहुत ही ज्‍यादा उत्‍साहित है माननीय अंकिता है जो उत्‍कल विश्‍वविद्यालय उड़ीसा से है आपसे कुछ कहना चाहती है।

प्रश्‍न - माननीय प्रधानमंत्री मैं अंकिता उत्‍कल विश्‍वविद्यालय उड़ीसा से हूं हमारे यहां अनेक heritage sides और शानदार beach हैं कई बार मेरा मन करता है कि मैं यहां के टूरिज्‍म को बढ़ावा देने के लिए कुछ कंरू, लेकिन फिर कुछ समझ नहीं आता। आपकी राय में हम किस तरह से education को tourism के साथ जोड़कर उड़ीसा के लिए कुछ कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री - एक तो मैं आपको बधाई देता हूं कि आपकी शिक्षा का एक प्रभाव जो मैं देख रहा हू आपमें कि आप उड़ीसा की ताकत को जानती हैं और आप उसको कैसे उपयोग किया जाए इस पर सोच रही हैं, मेरे सामने मैं देख रहा हूं, पंखे चल रहे है। श्रीनगर वालों को अचरज होता होगा। ये बात सही है कि हमारे देश में tourism का बहुत potential है, लेकिन हमनें tourism के संबंध में कुछ उदासीनता बरती। Tourism की पहली शर्त होती है। कि आपको अपनी चीजों पर गर्व करना सीखना पड़ता है। हमारी आदत हो कि हमारा तो सब बेकार है नहीं वो कुछ नहीं है, वो तो ठीक है, अगर हमीं हम नहीं देखेंगे। उसका गर्व नहीं करेगे तो दुनिया क्‍यों आएगी भई... आपने देखा होगा दुनिया में जहां भी tourism बढ़ा है। एक छोटा सा खंभा भी होगा तो गाइड ले जाकर ऐसी ऐसी उसकी कथा सुनाएगा, ऐसा गौरवगाण करेगा कि हमको लगता है कि यही कुछ है। और हम ... हां यार बना होगा.... अरे छोड़ों यार सब पैसे बर्बाद करते है.... देखिए tourism दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला अगर इकोनॉमी को कोई सेक्‍टर है तो tourism है।

Trillions of dollar का business tourism का बढ़ रहा है और बढ़ने वाला है। दुनिया को मुझे बराबर याद है मैं बहुत साल पहले अमेरिकन government के निमंत्रण से एक बार यूएस गया था तो वो पूछते है कि आपका interest क्‍या है। मैनें जो लिखकर के भेजा पता नहीं, मेरे जैसा इंसान पहले मिला नहीं होगा, मैंने उन्‍हें कहा कि मुझे गांव में जाकर आपके यहां खेती की प्रक्रिया क्‍या है वो देखना है। दूसरा मैंने कहा कि मुझे बिल्‍कुल ठेठ गांव की कोई स्‍कूल है तो वो देखना है। तीसरा मैंने कहा कि गांव के अंदर में जो हेल्‍थ सेक्‍टर है बिल्‍कुल गांव का जहां छोटी बस्‍ती रहती है वो मुझे देखना है और चौथा मैंने कहा कि अमेरिका की सबसे कोई पुरातन की चीज हो जिसके लिए अमेरिका गर्व करता हो वो मुझे देखनी है। अब हमारे यहां किसी गली में जाओ तो ये बताएगा ये तो 2 हजार साल पुराना है, 3 हजार साल पुराना है। कितनी महान परंपरा हमारे पास है। लेकिन हमने इसका जितना जज्‍बे के साथ करना चाहिए नहीं किया। Tourism बहुत रोजी-रोटी देता है अब आप देखिए उड़ीसा इतना richness है, इतनी richness है। वहां के beaches देखिए, स्‍थापतय देखिए, कोर्णाक देख लीजिए, technology की दृष्टि से भी वो एक नयापन है। उसको पता है उस रचनाकार को 2000 साल पुराना है। अपने आपमें ये बहुत अदभूत चीज है। हमें tourism को बढ़ावा देना चाहिए।

ये बात सही है कि पिछले कुछ समय से tourism बहुत बड़ा है हमारे देश में, पहले करीब 70 हजार tourist आते थे, इस वर्ष 1 करोड़ tourist आए हैं, विदेश से पहले करीब 18 मिलियन डालर ये tourist जो आते थे उनसे हमें विदेशी मुद्रा मिलती थी। वो इस 27 मिलियन पर पहुंची है। यानी 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है। तो tourist आने लगे हैं भारत का आकर्षण बढ़ा है। लेकिन स्‍वच्‍छता उसमें बहुत बड़ी ताकत देखी। नागरिकों का स्‍वभाव भी tourist को स्‍वीकार करने वाला है और आप जो विद्यार्थी मेरे साथ पढ़ रहे हैं, उड़ीसा से जुड़ने वाले हैं, technology से जुड़ने वाले हैं। मैं मानता हूं उबेर की लाइन पर आप नौजवान एक बहुत बड़ा बिजनेस स्‍टार्ट कर सकते हैं tourism का उबेर की लाइन पर। कौन परिवार होम स्‍टे देना चाहते हैं उस पर हो, कोई भी व्‍यक्ति एक ऐसा ऐप बना सकते हैं कि अगर वो भारत में tourism चाह सकते है तो अपने घर से निकल कर अपने घर पहुंचने तक आप उबेर की तरह पूरा एक mechanism develop कर सकते हैं। आऊटस्‍टोर करके क्राऊड सोरसिग करके और दुनिया को जोड़ सकते हैं और मैं चैलेंज देता हूं आज नौजवानों को कि उबेर की तरह देश भर में कौन होम स्‍टे देने वाले हैं, आप होम स्‍टे देने वाले हिन्‍दुस्‍तान में आपको आज जितने होटलों के कमरे है न इससे दस गुना ज्‍यादा कमरे नए मिल जाएंगे। मैंने अभी बनारस में प्रवासी भारतीय दिवस का कार्यक्रम किया था, मैं काशी का एमपी हूं लोगों से मैंने कहा और मैं हैरान था जी, हजारों की तादाद में लोग आए कि विदेश के मेहमान को हम एक कमरा देंगें, हमारे घर में, अब ये धीरे-धीरे काशी का होम स्‍टे का एक बहुत बड़ा बिजनेस डेवलेप हो जाएगा। उनको आदत हो गई हम भी होम स्‍टे आज पूरी दुनिया में popular है। अगर हम ऐसी उबेर जैसी ऐप बना करके इस बात को और मैं चाहूंगा कि मेरे सामने इतने सारे नौजवान हैं, technology के साथ जुड़े हुए नौजवान हैं, आइए आप मैदान में आइए उबेर से भ्‍ज्ञी आप आगे जाएंगे। ये मैं विश्‍वास देता हूं आपको.

एंकर – धन्‍यवाद माननीय प्रधानमंत्री जी, माननीय प्रधानमंत्री जी आप गुजरात से हैं और इस वक्‍त हम गुजरात ही चल रहे हैं। विजय कुमार from M.N. College, Gujarat से आपसे कुछ जानना चाह रहे हैं।

प्रश्‍न - माननीय प्रधानमंत्री श्री नमस्‍कार, मैं विजय कुमार एम.एन कॉलेज, विस नगर, गुजरात से बोल रहा हूं। सर जब से बजट आया है मैं चारों और किसानों के बारे में जो योजना लागू की गई है। उसकी चर्चा सुन रहा हूं, वाकई में कोई सोच नहीं सकता कि किसानों के बारे में इतनी बड़ी योजना लागू की जाएगी और सर मैंने ये भी सुना है कि आपने पश्चिम बंगाल में ये कहा कि अगले दस सालों में सरकार किसानों के लिए 7 लाख 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। सर मेरा प्रश्‍न ये है कि सरकार इतने पैसे लाएगी कहां से.... धन्‍यवाद।

प्रधानमंत्री – आप विरोध पक्ष की अखबार पढ़ते लगते हैं, खैर आप मेरे गांव के पड़ोसी हैं, मेरा गांव वडनगर है, आप विसनगर के हैं बिल्‍कुल बगल में ही हम दोनों का गांव है वहीं से आप बोल रहे हैं। मुझे खुशी हुई कि विसनगर से अपने गांव को भी आज ताजा कर रहा है मोदी। ये बात सही है जिस इलाके से आप हैं वहां किसानों को बहुत दिक्‍कत है, पानी की बहुत किल्‍लत है, एक प्रकार से सूखा इलाका है और वहीं से आप बोल रहे हैं क्‍योंकि मैं वहां से पैदा वहीं हुआ हूं तो मुझे पता है। बहुत दिक्‍कत वाली वो जगह है। देखिए हमारे देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। दुर्भाग्‍य ये है कि भारत के एक प्रधानमंत्री ने कहा था एक रुपया निकलता है 15 पैसे पहुंचता है। अब फायदा ये है कि 1 रुपया पहुंचता है पूरा 100 पैसा पहुंचता है। सबसे बड़ा कारण ये है। दूसरा जब आप पाई-पाई का सही उपयोग करते हैं। तो जो tax payers होते है उसको भी ईमानदारी से टैक्‍स पे करने का मन करता है। क्‍योंकि वो देखता है कि मेरे पैसों का सही उपयोग होता है। आप कल्‍पना कर सकते हैं मैंने देश के लोगों को कहा कि आपको गैस की सब्सिडी की जरूरत नहीं है तो छोड़ दीजिए न, कोई कानून नहीं बनाया था, सिर्फ request की थी और मेरे देश के सवा करोड़ परिवारों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी उसका परिणाम है कि सवा करोड़ गरीबों को गैस पहुंच गया। अब काम हो गया। इतनी ताकत है मैंने अभी रेलवे में senior citizens को रेलवे टिकट में कनसेशन मिलता है, सब्सिडी मिलती है, तो ऐसे मैंने कहा फार्म में लिखो तो सही कि मैं सब्सिडी सेरेंडर करना चाहता हूं, कोई अपील नहीं की, मैंने कभी भी अपील नहीं की है। किसी अखबार में भी नहीं छपवाया।

अगर फार्म भरकर के मैंने देखा इस देश में 42 लाख ऐसे पैसेंजर निकले जिन्‍होंने सब्सिडी छोड़ दी। रेलवे को पूरा पैसा दिया अपना पैसा छोड़ दिया। पैसे ऐसे आते हैं। अगर एक बार ईमानदारी का माहौल बनता है, तो लोग पैसे देने के लिए तैयार होते हैं, पैसों के कारण कोई रुकावट कभी नहीं आती है। आज हम अनुभव कर रहे हैं, कि देश बहुत तेजी से 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी की तरफ जा रहा है। और मैं आपको एक रहस्‍य बता दूं, कि आपके जो चीफ सेक्रेटरी हैं वो कभी प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करते थे। पहले वो डॉक्‍टर मनमोहन सिंह जी के साथ काम करते थे। जब मैं आया तो मैं भी उनको छोड़ नहीं रहा था, उन्‍होंने मुझे एक दिन बताया था कि साहब आप भाषण करने जा रहे हो, आप बताओ हमारा देश 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा, दो साल पहले उन्‍होंने मुझे बताया था। वो विचार मेरे मन में, और आज मैं देख रहा हूं कि हिन्‍दुस्‍तान 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनकर रहेगा, हमारी आंखों के सामने बनकर रहेगा और इसलिए पैसों की कोई कमी नहीं होती है। सही इस्‍तेमाल और आपने सही कहा आने वाले दस साल में जो हमने योजनाएं इस बजट में की हैं। किसानों को दस साल में साढ़े 7 लाख करोड़ रुपया उनकी जेब में जाएगा जी, वो किसी भी परिस्थिति में मुकाबला करने की ताकत करने वाला बन जाएगा और मुझे विश्‍वास है कि इस योजना से देश का किसान एक आत्‍मविश्‍वास के साथ आगे बढेगा। धन्‍यवाद.....

एंकर – बहुत-बहुत धन्‍यवाद प्रधानमंत्री जी, इस वक्‍त बहुत सारे students इस कार्यक्रम से जुड़े हुए है और आपको उन्‍होंने सुना, screen पर आप देख सकते हैं। बहुत-बहुत धन्‍यवाद माननीय प्रधानमंत्री जी, सभी students को प्रोत्‍साहित करने के लिए और उनकी हौसला अफजाई करने के लिए और राष्‍ट्र को नई रोशनी देने के लिए, अपने आपको देश का प्रधान सेवक मानने वाले माननीय प्रधानमंत्री जी देश की सेवा में जी-जान से जुटे हुए हैं।

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Prime Minister to visit Barauni in Bihar on 17th February 2019
February 16, 2019
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The Prime Minister, Shri Narendra Modi, will visit Bihar tomorrow on 17 February 2019. He will arrive in Barauni where he will launch a series of development projects for Bihar.

These projects will enhance connectivity, especially in the city of Patna and nearby areas. They will significantly augment the availability of energy in the city, and the region. The projects will also boost fertilizer production, and significantly enhance medical, and sanitation facilities in Bihar.

The sector wise project details are as follows -

Urban Development and Sanitation

The Prime Minister will lay the foundation stone of Patna Metro Rail Project which will give a boost to transport connectivity and add to ease of living for the people of Patna and adjoining areas.

The first phase of River Front Development at Patna will be inaugurated by PM.

Foundation Stone for the Karmalichak Sewerage Network spanning 96.54 kilometres will be laid by PM.

Works related to Sewage Treatment Plants at Barh, Sultanganj and Naugachia will be kicked off by PM. He will also lay the Foundation Stone for 22 AMRUT projects at various locations.

Railways

 

PM will also inaugurate the electrification of Railway Lines on the following sectors:

· Barauni-Kumedpur

· Muzaffarpur-Raxaul

· Fatuha-Islampur

· Biharsharif-Daniawan

Ranchi-Patna AC Weekly Express will also be inaugurated on the occasion.

Oil & Gas

The Prime Minister Modi will also inaugurate the Phulpur to Patna stretch of the Jagdishpur-Varanasi Natural Gas pipeline. He will also inaugurate the Patna City Gas Distributionproject.

Foundation Stone of the 9 MMT AVU of the Barauni Refinery Expansion Project will also be laid on the occasion.

PM will lay the Foundation Stone for the augmentation of the Paradip-Haldia-Durgapur LPG pipeline from Durgapur to Muzaffarpur and Patna.

He will also lay the Foundation Stone for the ATF Hydrotreating Unit (INDJET) at Barauni Refinery.

These projects will significantly augment the availability of energy in the city, and the region.

Health

The Prime Minister will lay the Foundation Stone for Medical Colleges at Saran, Chhapra and Purnia.

The Prime Minister will also lay the Foundation Stone for the upgradation of Government Medical Colleges at Bhagalpur and Gaya.

Fertilizers

The Prime Minister will also lay the Foundation Stone for the Ammonia-Urea Fertilizer Complex at Barauni.

From Barauni, PM will move to Jharkhand where he will visit Hazaribagh and Ranchi.