ଯେକୌଣସି ମୂଲ୍ୟରେ କ୍ଷମତା ଲୋଭରେ ଅଟଳ ରହିଛି ଇଣ୍ଡି ମେଣ୍ଟ: ସୋନିପତରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀ
ଜୁନ୍ ୪ରୁ ନୂଆ ସରକାର ଅଧୀନରେ ୭୦ ବର୍ଷରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ବ ସମସ୍ତ ବୟସ୍କଙ୍କୁ ମାଗଣା ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟସେବା ମିଳିବ: ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀ

भारत माता की…

भारत माता की…

आप सभी को मोदी की राम राम। मैं सोनीपत की पवित्र भूमि को प्रणाम करता हूं। हरियाणा की धरती युद्ध में भी गीता का ज्ञान सुनाती है। जब मुकाबला सत्य और असत्य के बीच में हो, तो विजय सत्य की ही होती है।

साथियों,

24 के कुरुक्षेत्र में आज एक ओर देश का विकास है, दूसरी ओर वोट जिहाद है। हरियाणे की जनता-जनार्दन मैं आपसे पूछना चाहता हूं जब एक तरफ विकास की बात है, दूसरी तरफ वोट जिहाद की बात है। तो कौन जीतेगा? आपके जवाब ने तय कर दिया है, फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार... तो 4 जून को ये मुतराम की जलेबी का क्या होगा? सारी की सारी खाली हो जाएगी?

साथियों,

कांग्रेस 10 साल से सत्ता से बाहर है और इसलिए पूरी तरह बोखला रही है। इन्हें वो पुराने दिन याद आ रहे हैं जब शाही परिवार रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाता था। देश की सारी योजनाएं एक ही परिवार के नाम पर होती थी। एक परिवार के सिवाय कुछ नहीं। योजनाओं के नाम पर देश का पैसा कहां जाता था, ये भ्रष्ट लोगों की तिजोरियों में जाता था। कैसे-कैसे घोटाले होते थे, करोड़ों के नहीं हजारों करोड़ के नहीं, लाखों करोड़ रुपए के घोटाले होते थे।

साथियों,

नाम बदलने से असलियत नहीं बदलती है। ये इंडी गठबंधन वाले वही भ्रष्टाचारी और घोटालेबाजों की जमात है। इन्हें किसी भी कीमत पर सत्ता चाहिए और कीमत क्या है? देश की सुरक्षा, देश की स्थिरता, देश का सम्मान और 5 साल में पांच प्रधानमंत्री, ये इनकी सरकार चलाने का फार्मूला है और कल तो इंडिया एंलायस के नेता ने मीडिया वालों को भी बताया कि पांच साल, पांच प्रधानमंत्री। अब मुझे बताइए भैया ये पांच, साल पांच प्रधानमंत्री से देश का कुछ भला होगा क्या? ये हर साल नया प्रधानमंत्री आएगा तो क्या करेगा? क्या करेगा? 5 साल में पांच प्रधानमंत्री क्या करेंगे? अरे इनसे जरा पूछिए ये प्रधानमंत्री का पद क्या हमारे मुतराम की जलेबी है क्या? ये देश चलाने की जिम्मेदारी है। ये मिठाई खाने का मौका नहीं है। क्या आप देश को वापस अस्थिरता के उस दौर में जाने देंगे क्या?

साथियों,

कांग्रेस अब अपने देश विरोधी एजेंडे को भी छिपा नहीं रही है। ये खुलेआम कह रहे हैं, मोदी जी ने 10 साल में जो कुछ भी किया है उसे वो चौपट कर देंगे। यानि चुनाव जीत कर के करना क्या है? एक काम मोदी ने जो किया है उसको उलट देना, उसको चौपट कर देना। यहां तक कहने की इनकी हिम्मत देखिए, इनके एक नेता कह रहे हैं कि जो हमने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाई। धारा 370 की दीवार हमने कब्रिस्तान में गाड़ दी है। ये कहते हैं कश्मीर में फिर से वो 370 को लगाएंगे यानि फिर से आतंकवाद को खुली छूट। फिर से कश्मीर में खून खराबा। मैं हरियाणा की वीर धरती से कहना चाहता हूं, कांग्रेस वालों सुन लो, अब कश्मीर में लहराएगा तो केवल हमारा तिरंगा लहराएगा और कांग्रेस वाले लिख लो ये मोदी है, ये 370 को वापस लाने के सपने छोड़ दो और अगर कोशिश करोगे ना लेने के देने पड़ जाएंगे।

साथियों,

आपको याद होगा कांग्रेस के समय हर रोज सीमा पर, बॉर्डर पर फायरिंग होती थी और मीडिया में हमेशा हेडलाइन चलती थी सीज फायर तोड़ा, सीज फायर तोड़ा, और गिनती होती थी इतनी बार तोड़ा, इतनी बार तोड़ा, दुश्मन तो वही है लेकिन हालात बदल गए कि नहीं बदल गए? बदले कि नहीं बदले? ये किसने किया? ये किसने किया? ये हालत किसने बदले? ये गोलियां किसने बंद कराई? ये मोदी ने नहीं आपके एक वोट ने किया है, आपके एक वोट ने। आपके वोट की ताकत है कि दुश्मन की बम बंदूक को भी ताले लग जाते हैं। आपके वोट की ताकत है। मोदी ने बस इतना किया, सीमा पर हमारे जो जवान खड़े हैं ना हमारे हरियाणा के जो छोरे खड़े हैं ना मोदी ने उनको खुली छूट दे दी। मोदी ने कह दिया अब गोलियां गिनने की जरूरत नहीं है। और आप देखते हैं नतीजा आपके सामने है। लेकिन भाइयो-बहनों मोदी के इन फैसलों से कांग्रेस और इंडी गठबंधन का कलेजा फट रहा है। उनसे पाकिस्तान की ये हालत देखी नहीं जा रही है और इसलिए अब कांग्रेस वाले पाकिस्तान के प्रवक्ता बन गए हैं। पाकिस्तान के प्रवक्ता और कांग्रेस के नेता कह रहे हैं उनकी तरफ से भारत को धमकी देते हैं। क्या कहते हैं, हमारे सामने देख कर आंखें खोल कर के चुप रहो, चुप रहो, जरा डरो डरो डरो ये पाकिस्तान के पास परमाणु बम है। ये कांग्रेस वाले पाकिस्तान के प्रवक्ता बन कर के मुझे आंखें दिखा रहे है बताओ भाई। इसका मतलब अभी तक वो मोदी को पहचान नहीं पाए हैं।

साथियों,

आप मुझे बताइए क्या भारत को पाकिस्तान से डरना चाहिए क्या? ये मोदी का दौर है हम घर में घुसकर मारते हैं। कांग्रेस सारे पैत्रे केवल तुष्टीकरण के लिए चल रही है। इन्होंने जो घोषणा-पत्र बनाया है, वो पूरा का पूरा मुस्लिम लीग वाला घोषणा पत्र है। ये कहते वो एक्सरे मशीन, सबका एक्सरे निकालेंगे। आपके पास जमीन कितनी है? गहने कितने है? जमीन जायदाद जांच करवाएंगे। मंगलसूत्र कहां है? ये ये और फिर वो सारी संपत्ति अगर आपकी जरूरत से ज्यादा है तो ये वोट जिहाद वाले हैं ना उनको बांट देंगे। क्या आप अपनी संपत्ति छीनने देंगे? क्या आपकी संपत्ति पर वोट जिहाद वालों को अधिकार करने देंगे? और कांग्रेस के तो प्रधानमंत्री कह चुके हैं कि इस देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुस्लिमों का है। मोदी कहता है इस देश की संपत्ति पर पहला अधिकार इस देश के गरीबों का है। ये लोग आपकी आधी कमाई हड़पने की बात करते हैं। आप मुझे बताएं भई अपने यहां किसी भी राज्य में चले जाओ। हर मां-बाप कैसी भी जिंदगी जीता हो, उसके मन में एक इच्छा रहती है कि भाई कुछ बचत करूं और मरने के बाद बच्चों के लिए कुछ छोड़ कर के जाऊं ये हर बाप की इच्छा रहती है कि नहीं रहती? अपने संतानों को कुछ देकर के जाने का हर एक का मन में इच्छा रहती है ना? कोई मां-बाप बच्चों के लिए कर्ज छोड़ कर के नहीं जाना चाहता। कुछ न कुछ दे कर के जाना चाहता है। अब ये कांग्रेस वाले लाए हैं कि आपके मरने के बाद आपकी जो संपत्ति है वो आपके संतानों को नहीं जाएगी। उसमें से आधी उससे भी ज्यादा ये वो सरकार बनी तो ले लेंगे और बचा हुआ आपके बच्चों को मिलेगा। क्या आपको ये विरासत कर मंजूर है क्या? क्या इसे स्वीकार कर सकते हैं क्या? भाइयो-बहनों बाबा साहब आंबेडकर ने दलितों पिछड़ों का आरक्षण उसको सुरक्षित किया। जब संविधान सभा में चर्चा चल रही थी तो सबने सर्वसम्मति से तय किया कि धर्म कि आधार पर आरक्षण नहीं होगा सहमति से हुआ। अब ये कांग्रेस वाले बाबा साहब आंबेडकर की पीठ में जुरा पौंक करके संविधान के लीरे-लीरे उड़ा कर के ये एससी, एसटी, ओबीसी का जो आरक्षण है वो मुसलमानों को देना चाहते हैं और ये काम उन्होंने कर्नाटक में शुरू कर दिया। कर्नाटक में क्या किया उन्होंने, उनकी सरकार बनने के बाद वहां जितने भी मुसलमान है, जितने भी मुसलमान। कितना धनी हो, अमीर हो, पैसे वाला हो, ऊंचा हो, कोई भी हो, सबको रातों-रात उन्होनें ओबीसी घोषित कर दिया। एक कागज पर थप्पा मार के कह दिया सब ओबीसी है। तो परिणाम ये आया कि ओबीसी को जो आरक्षण मिला हुआ था उसमें से डाका डाल दिया। एक बहुत बड़ा हिस्सा लूट लिया और जो ओरिजिनल ओबीसी हैं वो हाथ घिसते रह गए। अब ये यही मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहते हैं। क्या आपको ये मंजूर है क्या? ये होने देंगे क्या? ऐसे लोगों को सरकार में आने देंगे क्या? क्या ऐसे इंडी गठबंधन वालों को हरियाणा में एक भी सीट मिलनी चाहिए क्या?

साथियों,

इंडी गठबंधन वालों को आपकी भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। अब आप देखिए अयोध्या में 500 साल के इंतजार के बाद प्रभु राम का मंदिर बनाने की प्रतीक्षा पूरी हुई। रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए। आप खुश हुए कि नहीं हुए? आपको खुशी हुई कि नहीं हुई? हर हिंदुस्तानी को खुशी हुई कि नहीं हुई? बोलिए जय श्री राम... अब देश आजाद हुआ उसके दूसरे दिन ही राम मंदिर बनना चाहिए था कि नहीं बनना चाहिए था? इन्होंने लटकाए रखा, अदालतों में ले गए। अदालतों में भी अड़ंगे डाले। कांग्रेस ने अपने वोट जिहाद वालों को खुश करने के लिए जितनी रुकावटें कर सकते हैं, की। उसके बावजूद भी ये राम मंदिर की ट्रस्टी है वो उदारता पूर्वक उनको निमंत्रण देने गए। उनको न्यता दिया कि प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में आइए। इनकी प्रभु राम के प्रति इतनी नफरत, इतनी नफरत, उन्होंने निमंत्रण को ठुकरा दिया। जिन्होंने राम लला का निमंत्रण ठुकरा दिया। क्या उन्हें आपको कोई स्वीकार कर सकते हैं क्या? दूसरी तरफ, दूसरा उदाहरण इकबाल अंसारी नाम के व्यक्ति जो जीवन भर राम मंदिर के खिलाफ अदालत में केस लड़ते थे। उनके पिताजी भी लड़ते थे और बाबरी मस्जिद के लिए लड़ते थे लेकिन जब अदालत का निर्णय आ गया, तो उन्होंने कहा मेरी लड़ाई पूरी हो गई और राम मंदिर वाले जब उनको निमंत्रण देने गए तो इकबाल अंसारी जीवन भर हिंदुओं के खिलाफ अदालत में लड़े थे लेकिन जब राम मंदिर का निमंत्रण मिला तो खुद आकर के वहां बैठे और पूरे कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अब एक तरफ है इकबाल अंसारी, दूसरी तरफ है कांग्रेस जो रामलला का निमंत्रण ठुकरा देती है भई। ऐसी कांग्रेस को कोई स्वीकार करेगा क्या? हरियाणा स्वीकार करेगा क्या?

साथियों,

इंडी गठबंधन के नेता खुलेआम ऐसी बातें करते हैं। वो कहते हैं राम मंदिर तो बेकार है और कांग्रेस के एक नेता जो अभी वहां से निकल कर के बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि वहां तो जब अदालत का निर्णय आया तो चर्चा थी कि अदालत के निर्णय को कैसे उलट किया जाए और रामलला को वापस टेंट में कैसे भेजा जाए, उसकी योजना चल रही थी। मैं आपसे पूछना चाहता हूं, क्या आप कांग्रेस और इंडी वालों की जहरीली राजनीति को कामयाब होने देंगे क्या? इन्हें जवाब मिलेगा कि नहीं मिलेगा?

साथियों,

सरकार जब ईमानदार होती है, तो उसका सबसे बड़ा लाभ हमारे नौजवानों को होता है। हमारे हरियाणा के युवाओं के पास पहले भी भरपूर क्षमता थी। लेकिन आज वही युवा खेलों में अपना झंडा गाड़ रहा है। मोदी ने 2014 में सरकार में आने के बाद खेलों का बजट तीन गुना बढ़ा दिया है और मोदी कहता है, खूब खेलो खूब मेडल ले आओ। देश में एक से बढ़कर एक ट्रेनिंग सेंटर बनाने हो, अपने खिलाड़ियों को विदेश में ट्रेनिंग दिलवारी हो, मोदी सरकार खिलाड़ी को सुविधा देने के लिए एक पैसे का मुंह नहीं देखती है। आज हजारों खिलाड़ियों को टॉप जैसी योजना का लाभ मिल रहा है। इसके तहत हर खिलाड़ी को भारत सरकार हर महीने 50 हजार रूपये से ज्यादा दे रही है। ऐसे ही प्रयासों का नतीजा है, ओलंपिक्स में भारत ने अब तक सबसे ज्यादा मेडल जीते हैं। एशियन खेलों में तिरंगे की धाक बढ़ी है। यूनिवर्सिटी गेम में हमने रिकॉर्ड बनाया है।

साथियों,

भारत अभी से 2036 ओलंपिक भारत में लाने के लिए योजना करके काम कर रहा है। आप देखिएगा कुछ ही साल में भारत में पहला ओलंपिक भी हम होता हुआ देखेंगे दोस्तो, और उसमें तिरंगे की धूम होगी। उसमें हम हरियाणा और सोनीपत के युवाओं को देश के लिए सोना लाते देखेंगे।

साथियों,

आप लोग मुझे जानते हैं, मैंने सालों तक हरियाणा की रोटी खाई है। यहां की माताओ-बहनों का मुझ पर कर्ज है। ये कर्ज मोदी अपनी मेहनत से लौटाएगा और इसलिए हरियाणा का विकास, ये मोदी का सपना नहीं मोदी का संकल्प है। जो 60 साल में नहीं हुआ वो 10 साल में मोदी ने करके दिखाया है। आज अकेले हमारे हरियाणा से 12 एक्सप्रेसवे गुजर रहे हैं, 12 एक्सप्रेसवे। इनमें से चार एक्सप्रेसवे सोनीपत के पास से गुजर रहे हैं। सोनीपत में रेल कोच नवीनीकरण कारखाना बनाये। खरखौदा में मारुती सुजुकी का कारखाना बनाने का प्लान इस क्षेत्र में रोजगार के नए मौके बनाएगा। जींद सोनीपत में पीने के पानी की समस्या थी, इसके लिए भाखड़ा से 400 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को मंजूर कर दिया गया है।

साथियों,

मोदी आपके स्वास्थ की भी उतनी चिंता करता है। मोदी ने आयुष्मान कार्ड बनवाकर, मुफत इलाज की गारंटी भी दी। ये भी कहना चाहता हूं 4 जून के बाद मोदी जब तीसरी बार सरकार बनाएगा, तो आपके परिवार में 70 साल से ऊपर के जो भी लोग हैं। 70 साल के ऊपर के आपके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची, जो भी है अब इनके बीमारी में इलाज का जिम्मा आपका नहीं ये आपका बेटा मोदी करेगा। बुजुर्ग माताओ-बहनों को इलाज की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।

साथियों,

हमें भारत को मजबूत बनाना है। हरियाणा के सपनों को पूरा करना है। हरियाणा से मोदी को केवल सांसद चाहिए इतना नहीं है, हरियाणा मोदी को हिम्मत हौसला और आशीर्वाद भी देता है और सोनीपत से हमारे मोहनलाल बड़ौली जी और रोहतक से डॉक्टर अरविंद कुमार शर्मा जी, 25 मई को उनको दिया गया आपका एक-एक वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। तो ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे? पोलिंग बूथ जीतेंगे? मेरा अनुरोध है यहां से जाकर के बाद ज्यादा से ज्यादा परिवार में जाइए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलिए और कहना मोदी जी आए थे और मोदी जी ने आपको राम-राम कहा है। मेरा राम-राम पहुंचा देंगे? मेरा राम पहुंचा देंगे?

बोलिए भारत माता की…

भारत माता की…

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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PM Modi’s interaction with BJP booth Karyakartas from Assam ahead of Assembly Elections
March 30, 2026
‘Seva, Sangathan, and Samarpan’, PM Modi says Assam’s BJP karyakartas embody the true spirit of the organisation
When every booth becomes strong, victory becomes certain, and Assam’s future becomes brighter: PM Modi lauding the efforts of BJP karyakartas
The importance of protecting Assam’s identity and tackling issues like illegal infiltration is not just a political issue but one of security, culture and justice: PM Modi
Over a dozen key peace agreements have brought lasting stability, especially in regions like Bodoland: PM Modi

PM Modi interacted with BJP booth karyakartas across Assam as a part of the ‘Mera Booth, Sabse Mazboot’ programme via NaMo App. He energised booth-level members and reaffirmed that every booth remains the foundation of the party’s strength and electoral success. He hailed the true spirit of Assam, calling it a powerful force driving BJP’s growth in the Northeast.

Opening the interaction, PM Modi described himself as a karyakarta first, expressing pride in working alongside the grassroots cadre. He lauded booth karyakartas for their tireless dedication, emphasising that their connect with every household is the BJP’s greatest strength. “Booth jeetoge toh chunav jeetoge,” he reiterated.

Highlighting Assam’s transformation over the past decade, PM Modi underlined the shift from instability and violence to peace, progress, and prosperity under the double engine government. He noted that over a dozen key peace agreements have brought lasting stability, especially in regions like Bodoland.

He stressed the importance of educating first-time voters about Assam’s past challenges, urging karyakartas to actively communicate the contrast between earlier regimes marked by unrest and the current era of stability. He encouraged innovative booth-level engagements to emotionally connect with voters while showcasing developmental achievements.

PM Modi also called for focused outreach to beneficiaries of key welfare schemes such as PM Awas Yojana, PM-Kisan, Ujjwala, and others, urging workers to compile beneficiary lists and strengthen direct engagement. He emphasised turning polling day into a Jan Utsav, with collective participation ensuring maximum voter turnout.
Encouraging youth and women’s participation, PM Modi praised Assam’s Nari Shakti and highlighted initiatives empowering women economically and socially. He urged workers to leverage platforms like the NaMo App and social media to share real-life stories.

Addressing key regional concerns, PM Modi underscored the importance of protecting Assam’s identity and tackling issues like illegal infiltration, calling it not just a political issue but one of security, culture, and justice. He urged karyakartas to raise awareness at the grassroots and support efforts ensuring the rights and dignity of indigenous communities.

He also highlighted the empowerment of tea garden workers through land rights and welfare schemes, calling it a historic step towards dignity and long-term security for lakhs of families.

Reaffirming the guiding principles of ‘Seva, Sangathan, and Samarpan’, PM Modi said that Assam’s BJP karyakartas embody the true spirit of the organisation.

He concluded with a powerful call to action:“When every booth becomes strong, victory becomes certain, and Assam’s future becomes brighter.”