PM Modi reaffirms BJP's commitment to good governance in Bihar, engaging in a productive session with Karyakartas via NaMo App, highlighting grassroots initiatives, and seeking feedback
PM Modi urges Karyakartas to raise awareness about voting rights and gather suggestions by actively visiting households, ensuring citizens' voices are heard and considered
PM Modi lauds the youth for their stellar performance in Skill Development and suggests showcasing their success through reels to inspire others
PM Modi underscores the significant strides made in women's empowerment and development under NDA governance, ensuring law and order and effective scheme implementation
PM Modi affirms NDA's commitment to enhancing convenience, financial stability, and access to benefits for the people of Bihar

पीएम- रउआ सब के नमस्कार। बिहार के भाजपा कार्यकर्ता और उनके साथ बात करना, ये अपने आप में विशेष होता है, क्योंकि जब से मैं संगठन का कार्य करता आया हूं, मैंने हमेशा देखा है कि बिहार के भाजपा कार्यकर्ता मेहनत में कभी भी किसी से पीछे नहीं रहते हैं। कभी तो लगता है एक कार्यकर्ता दूसरे कार्यकर्ता के साथ मेहनत करने की स्पर्धा करता है। और जितनी निष्ठा से आप सब भाजपा कार्यकर्ता जनसेवा में लगे रहते हैं वो मेरे जैसे अनेकों को बहुत प्रभावित करता है। चाहे सरकार का हिस्सा हो या विपक्ष का, भाजपा कार्यकर्ता लोगों की सेवा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहता है। और सेवा ही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है। बिहार ने ही दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया था और G20 में जब मैं भारत Mother of Democracy है, उसकी बात करता था तो स्वाभाविक रूप से मैं बिहार का उदाहरण विस्तार से समझाता था। अब एक बार फिर बिहार के लोग लोकतंत्र को मजबूत करने जा रहे हैं। बिहार ने भाजपा और NDA को मजबूत करने का मन बना लिया है। बिहार के लोगों के संकल्प के बीच बीजेपी के बूथ अध्यक्षों की, पन्ना प्रमुखों की बहुत बड़ी भूमिका है। बूथ मजबूत होगा तो भाजपा मजबूत होगी। मेरा तो स्पष्ट मत है चुनाव कोई भी हो, पंचायत का हो, पालिका का हो, विधानसभा का हो या लोकसभा का, हमारा लक्ष्य रहता है पहले बूथ जीतना। और जो संगठन की इकाई बूथ जीतने पर जोर लगाती है वो हमेशा चुनाव जीतती रहती है। और इसलिए मेरा बूथ सबसे मजबूत, यह हम सबका संकल्प है। और इसके लिए आपलोग अनेक प्रयोग करते हैं, आपको जमीनी जानकारियां होती हैं, उत्साओं और उमंग के साथ आप लगातार काम करते रहते हैं। तो जब आप जैसे कार्यकर्ताओं से बात करता हूं तो मझे भी बहुत सारी नई जानकारियां मिलती है, जमीनी हकीकतें मिलती हैं, और वही तो मेरी सबसे बड़ी ताकत है और इसलिए मैंने सोचा, चलो चुनाव की धूम मची हुई है तो बिहार के कार्यकर्ताओं से बात करूंगा तो हो सकता है मुझे भी राजनीति के नए पाठ पढ़ने के मिल जाएंगे। आईए सबसे पहले हमारे कौन से बूथ कार्यकर्ता हमारे साथ जुड़ रहे हैं।

संगीता प्रसाद (औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र)- नमस्कार प्रधानमंत्री जी। मैं संगीता प्रसाद...
पीएम- संगीता जी नमस्कार।
संगीता प्रसाद- नमस्कार सर। मैं संगीता प्रसाद बोल रही हूं। औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से।
पीएम- और विधानसभा क्षेत्र कौन सा है।
संगीता प्रसाद- विधानसभा क्षेत्र हमारा रफी गंज है सर।
पीएम- रफी गंज से हैं। और आपका बूथ संख्या कौन सी है।
संगीता प्रसाद- बूथ संख्या 110 है सर।
पीएम- अच्छा तो संगीता जी, मैं आपसे कोई सवाल पूछूंगा ये कोई आपकी एक्जाम लेने के लिए नहीं है। यह सिर्फ मेरी जानकारी के लिए हैं। और हमारा संवाद ठीक से चले इसलिए मैं प्रशन पूछ रहा हूं। पहले तो संगीता जी मुझे खुशी है कि आज की चर्चा की शुरुआत बिहार की नारी शक्ति से हो रही है। अच्छा बताइए आपके यहां चुनाव प्रचार कैसे चल रहा है?
संगीता प्रसाद- जी चुनाव प्रचार बहुत ही अच्छे तरीके से चल रहा है। और इस बार नारियों में एक अलग सा जोश भरा हुआ है। नारियां जो हैं बहुत ही उत्साहित हैं आरक्षण हो जाने से। हालांकि पहले भी नारियों को बहुत सारे लाभ मिले हैं लेकिन उसके अलावा जब ये आरक्षण आया है पिछले साल तो बहुत की ज़्यादा उत्साहित हैं इस बार और भाज़पा के लिए समर्पित दिख रही हैं।
पीएम- लेकिन क्या गांव का एक सामान्य वोटर महिला है उसको भी ये नारी शक्ति वंदन अधिनियम से कोई लाभ महसूस होता है, उसको क्या फील होता है?
संगीता प्रसाद- जी आरक्षण का भले ही उन्हें लाभ न मिल रहा हो लेकिन नारियों के लिए पहले जिस तरह की योज़नाएं चलाई गई हैं चाहे वो मातृ वंदन कार्यक्रम चलाया गया है जिसमें उन्हें पैसे दिये जाते हैं या फिर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ या उन्हें शौचालय का जो लाभ दिया गया है तो ये सारी चीज़ें उन्हें बहुत प्रभावित कर रही हैं।


पीएम- अच्छा प्रचार के लिए आप क्या कर रहे हैं क्योंकि आपके यहां तो पहले राउंड में ही वोटिंग है। 19 तारीख को ही वोटिंग है आपके यहां तो, चुनाव तो बहुत जोर पकड़ गया होगा तो क्या करते हैं दिन भर कैसे करते हैं।
संगीता प्रसाद- जी हमारी सभाएं भी होती हैं और सभा होने के साथ हमलोग टोली बनाके घर-घर जाते हैं। महिलाओं के टोली होती हैं हर टोली में कुछ और महिलाएं शामिल होती हैं जो घर के अंदर तक जाती हैं। महिलाओं से बात करती हैं उन्हें आपके द्वारा दिया गया जो लाभ है उन सब बातों पे चर्चा करती हैं।
पीएम- ऐसा तो नहीं है न आपलोग एक जुलूस की तरह जा रहे हैं, नारे बुला रहे हैं। और लोग घर से बाहर आएं तो आप उन्हें पैंपलेट पकड़ा देते हैं। फिर नमस्ते वोट देना कि घर में बैठ करके आराम से बात करना। अलग-अलग योजनाएं बताना, उनके विषय में जानकारी, उनको क्या लाभ मिला है, ऐसा करते हैं क्या?
संगीता प्रसाद- जी, हमलोग दोनों तरह से जा रहे हैं, सभाएं होती हैं लेकिन अधिकतर घर-घर जा रहे हैं, घर के अंदर तक।
पीएम- बूथ लेवल पर तो सभा नहीं होती होगी।
संगीता प्रसाद- बूथ लेवल पे सभाई नहीं होती है, मीटिंग होती है छोटी-मोटी सर, जिसमें हमलोग तय करते हैं कि अगला कैसे जाएंगे। उसके बाद हमलोग घर-घर पहुंचते हैं और घर-घर पहुंचते हैं, अधिकतर जगह तो हमारा...(आडियो बंद) और फिर बैठकर चर्चा करते हैं।
पीएम- अच्छा आपके क्षेत्र में तो फर्स्ट टाइम वोटर हैं, महिलाएं हैं, बुजुर्ग हैं, अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थी हैं। ये संपर्क की योजनाएं हैं... क्या बूथ के सभी मतदाताओं का एक राउंड हो गया होगा?
संगीता प्रसाद- जी बिलकुल हो चुका है।
पीएम- आप जरा विस्तार से बताइए न।
संगीता प्रसाद- सारे बूथ पे सारे मतदाता जो है एक-एक घर का, अभी दूसरा राउंड चल रहा है हमारा सर। और दो-तीन दिन के बाद हमारा तीसरा राउंड भी शुरू हो जाएगा। हमलोग हर घर तक पहुंच चुके हैं आपका नमस्कार सारे लोगों तक जा चुका है। और हमलोग अभी बता रहे हैं कि इस बार हमारे प्रधानमंत्री जी ने किस तरह के लाभ आप लोगों को पहुंचाए हैं और आगे कौन सी योजनाएं जो आपको मिल सकती हैं और किस तरह का लाभ मिल रहा है। इसके बाद ही हमारी तीसरी राउंड भी चालू होगी। और पन्ना प्रमुख भी अपना काम अच्छे से कर रहे हैं। वो हमेशा संपर्क में बने हुए हैं अपने वोटर्स के साथ।
पीएम- उनके मन में...जब मतदाताओं से मिलते होंगे आप, जैसे फर्स्ट टाइम वोटर है, तो फर्स्ट टाइम वोटर तो ऐसा है कि जिसने जंगलराज भी नहीं देखा और न ही 2014 से पहले का जो यूपीए का राज था, उसमें जो बुराइयां थी, वो तो आठ-दस साल का होगा, उसको कुछ पता भी नहीं होगा। तो उसको समझाते हैं सारी बातें?
संगीता प्रसाद- जी बिलकुल समझाते हैं और साथ ही साथ फर्स्ट टाइम वोटर जो हैं मोस्टली एजुकेटेड हैं सर। आज का जेनेरेशन एजुकेटेड है, वो एजुकेटेड वोटर्स भले ही हमारे यहां के जंगलराज को न देखे हों, लेकिन वो ये समझने के लिए सक्षम हैं कि किस तरह से अगर सही चुनाव न किया जाए, सही लोगों को न लाया जाए तो किस तरह से हम पीछे की ओर जा सकते हैं। तो युवाओं को भी या जो नए वोटर्स हैं, उन्हें भी हम समझा पा रहे हैं कि किस तरह से आपको रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, और बाकी जो कौशल विकास योजना है, या जिस तरह से प्रधानमंत्री जी के अन्य लाभार्थी योजना, ये सब दी जा रही है। उससे कैसे उन्हें लाभ हो सकता है और इसलिए वो भी बहुत उत्साह में हैं।
पीएम- संगीता जी, बिहार में नारीशक्ति के उत्साह की बात सुनकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। बिहार ने तो वो दौर भी देखा है जब औरतों को घर बाहर निकलना तक मुश्किल होता था। लेकिन NDA के शासन में बिहार में कानून व्यवस्था का राज कायम हुआ और विकास योजनाओं का प्रभाव दिखने लगा। मेरी सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं को सलाह है कि हर क्षेत्र में NDA के सब साथी मिल करके काम करें। जो भी NDA के छोटे-मोटे जितने भी कार्यकर्ता हैं, हर बूथ लेवल पर सब मिल करके काम करें और कार्यकर्ताओं को सलाह कि लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें दो दशक पहले के जो हालात थे उसका विस्तार से वर्णन करके याद कराना चाहिए। आपको पता है कि अब 6 अप्रैल को भाजपा का स्थापना दिवस है। स्थापना दिवस पर आप अपने बूथ पर एक सम्मेलन करें और पुराने लोगों से कहें, जो बुजुर्ग लोग हैं गांव में, वो अपने पुराने अनुभव बताएं कि जंगल राज में क्या-क्या होता था, कैसी मुसीबतें थी, और जब वो लोग बताएंगे तो ये नई पीढ़ी को पता चलेगा, माताओं-बहनों को याद आएगा। बहुत से घर तो ऐसे होंगे जो लोग अब बाहर रहने चले गए होंगे। कहीं बहू बाहर से आयी होगी, इन सब को पुरानी चीज़ें बताना बहुत जरूरी है। और साथ साथ दस साल में हमने जो काम किये हैं। नीतीश जी के नेतृत्व में जो काम हुए हैं वो सारी बातें उनको बतानी चाहिए। और आप जब लोगों से मिलें तो उनके सामने दो स्थितियों की तुलना जरूर करें। एक तो उन्हें ये बताना है कि पिछले दस वर्षों में देशभर में विकास ने कैसे तेज रफ्तार पकड़ी है। दूसरा उनसे भ्रष्टाचार और परिवारवाद से होने वाले नुकसान की चर्चा करनी चाहिए। आप लोगों से मिलकर ये भी बताइए कि उनके एक वोट से केंद्र की NDA सरकार को बिहार के लिए और जादा से जादा काम करने की शक्ति मिलेगी। उनका वोट सीधा-सीधा मोदी को जाने वाला है। तो ये बात हर बूथ पर हर घर में, हर मतदाता को बार-बार बतानी चाहिए। चलिए संगेता जी मुझे अच्छा लगा आप से बात करके। आईए अगले कौन कार्यकर्ता है जिनसे हमें बात करने का मौका मिलेगा।

पीएम- धर्मेंद्र जी नमस्कार।
धर्मेंद्र पासवान- नमस्कार सर। मैं धर्मेंद्र पासवान अपने पश्चिमी चंपारण लोकसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं और माननीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल की तरफ से आपको सादर प्रणाम करता हूं।
पीएम- मेरी तरफ से भी संजय जी को ज़रूर नमस्कार कहिएगा। आपकी विधानसभा क्षेत्र कौन सा है।
धर्मेंद्र पासवान- नौतन
पीएम- नौतन से। और बूथ संख्या आपकी।
धर्मेंद्र पासवान- 222
पीएम- अच्छा वाह, ट्रिपल टू है आपका तो। अच्छा धर्मेंद्र जी, अभी मैं संगीता जी से बात कर रहा था वो तो सुना ही होगा आपने। धर्मेंद्र आपके पास अपने बूथ के सभी वोटर की पूरी लिस्ट तो पहुंच ही गई होगी।
धर्मेंद्र पासवान- जी सर, पहुंच चुकी है।
पीएम- और इसमें किसका वोट कौन सा पॉलिंग स्टेशन है उसको कहां वोट देने के लिए जाना है, ये सारी जानकारी अभी लोगों को पहुंच रही है क्या।
धर्मेंद्र पासवान- हां, पहुंचा रहे हैं सर।
पीएम- और क्या क्या कर रहे हैं जरा मुझे समझाएंगे।
धर्मेंद्र पासवान- जी सर, मेरे पास अपने बूथ के सभी वोटर्स की पूरी सूची पहुंच गई है। ये श्रीमान जी मैं सभी को यह जानकारी व्यक्तिगत रूप से मिलकर दे रहा हूं ताकि वे लोग असानी से बूथ संख्या 222 पर जाकर या अपने, जिनका जहां बूथ है वहां पे जाकर कमल के निशान पर और हमारे माननीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल जी को पुनः विजयी बनाने का संकल्प लें।
पीएम- अच्छा आपके बूथ में जो NDA के और साथी होंगे उनका भी मिलना जुलना हो जाता है
धर्मेंद्र पासवान- होता है सर।
पीएम- सब साथ में मिलकर निकलते हैं।
धर्मेंद्र पासवान- जी सर, पांच-दस की टोली लेते हैं अपने नौजवान साथियों को, और घर-घर जाकर आपका प्रणाम और नमस्कार बोलते हैं।
पीएम- अच्छा इस चुनाव में सबसे ताकतवर नारा कौन सा चल रहा है बिहार में। कौन सी चीज सबसे ज़्यादा चल रही है।
धर्मेंद्र पासवान- फिर एक बार मोदी सरकार। चार जून चार सौ पार।
पीएम- और मोदी की गरंटी।
धर्मेंद्र पासवान- मोदी जी की गारंटी। फिर एक बार मोदी सरकार।
पीएम- अच्छा आपके इलाके में योजनाओं के जो लाभार्थी हैं उनकी सूची, उन सभी लाभार्थी से बातचीत करना और उनके अनुभव सुनना, वो अनुभव की वीडियो बनाना, वीडियो को अपलोड करना, उस दिशा में कुछ काम हो रहा है क्या?
धर्मेंद्र पासवान- जी सर, मेरे इलाके के सभी लाभार्थियों की सूची मेरे पास उपलब्ध है। मैंने विभिन्न प्रकार के लाभार्थियों से आपके द्वारा दिए गए अनेक प्रकार की योजनाओं जैसे मुद्रा योजना, किसान सम्मान निधि योजना, का सम्मेलन कराया जिसमें हमारे स्थानीय नेता का भी मिलना हुआ। और मैं व्यक्तिगत रूप से लगातार उनके संपर्क में रहता हूं।
पीएम- देखिए आपको तो मालूम हैं जब 2014 में पार्टी ने और NDA के सब साथियों ने मुझे नेता चुना तो उस दिन मैंने भाषण किया था और भाषण में मैंने कहा था कि मेरी ये सरकार गरीबों को समर्पित है, वंचितों को समर्पित है। क्या गरीब और वंचित लोग हमारे 10 वर्ष के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, क्या बोलते हैं।
धर्मेंद्र पासवान- इन 10 वर्षों में जो सम्मान आपने और आपकी सरकार ने हमारे वर्ग के लोगों को दिया, हम आपका सदा अभारी रहेंगे। हमें आपकी सरकार ने आगे बढ़ने का उचित अवसर और हौसला दिया है।
पीएम- सारे गरीब, वंचित लोग बोलते हैं ऐसा?
धर्मेंद्र पासवान- जी सर।
पीएम- अच्छा आप महिला वोटर और नौजवानों से संवाद के लिए किस तरह से उनसे बातचीत करते हैं। आपके साथ महिलाएं भी निकलती होगी प्रचार में, फर्स्ट टाइम वोटर क्या बातें करता है।
धर्मेंद्र पासवान- महिलाओं को भी शामिल किया है, हमारे युवा साथी, स्कूल और कॉलेज में जाकर युवाओं के बीच आपके द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हैं। और हमारी महिला साथी घर-घर जाकर व्यक्तिगत रूप से भी...
पीएम- लेकिन स्कूल-कॉलेज में तो कहीं एग्जाम चलती होगी कहीं छुट्टियां चल पड़ी होगी।
धर्मेंद्र पासवान- जब भी एग्जाम चलता है उस पीरियड में नहीं जाते हैं। उसमें भी संगठन चलता है छात्र नेताओं का, उस पीरियड में हमलोग जाते हैं। आपके द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को महिलाएं बताती हैं और भारतीय जनता पार्टी को वोट करने के लिए प्रेरित करती है।
पीएम- ये जो मुफ्त राशन देते हैं हम। उनको पता है आने वाले पांच साल भी चालू रहने वाला है।
धर्मेंद्र पासवान- यस सर, जब तक आप रहेंगे, तब तक चलता रहेगा, ऐसा विश्वास है।
पीएम- धर्मेंद्र जी आप इतने उत्साह में हैं और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। आपको सुनकर मेरा भी उत्साह बढ़ रहा है।
धर्मेंद्र पासवान- मैं बहुत भाग्यशाली हूं सर कि मुझे ऐसे प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिला है सर।
पीएम- हम सब कार्यकर्ता हैं भई। सब कार्यकर्ता हैं। हरेक को अलग-अलग काम मिलता है मुझे यहां ये काम मिला है, आपको वहां वो काम मिला है लेकिन हम सब कार्यकर्ता हैं। अच्छा धर्मेंद्र जी आपके माध्यम से बिहार के जितने भी कार्यकर्ता अभी हमारे साथ जुड़े हैं, मैं उनसे यही कहूंगा कि आजादी के बाद के दशकों में बिहार के युवाओं को अगर अपने ही राज्य में शिक्षा और रोजगार का अवसर मिलता तो उनकी प्रतिभा बिहार के काम आती। इतना ही नहीं, देश के भी बहुत काम आती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे संतोष है कि अब एनडीए के शासन में स्थिति बदल रही है। बिहार के युवाओं ने स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इन युवाओं को केंद्र सरकार की मुद्रा योजना जैसी योजनाओं का फायदा मिल रहा है। और मैंने एक बार मन की बात में जब मैं बात कर रहा था तो मेरे बिहार के कुछ नौजवान, जिनको मुद्रा योजना का लाभ मिला है। उनसे जब मैंने बातें की तो इतनी सफलता उन्होंने पाई है। इतना ही नहीं, एक बार मेरी बात हुई एक भाई से। जो कोविड के समय शहर में से काम छोड़कर घर आए थे। अब कोविड का समय था लॉकडाउन था तो क्या करे। तो उन्होंने अपना एक काम शुरू कर दिया। और वो काम इतना आगे बढ़ गया कि वो खुद ही एक व्यापारी बन गए। तो मैंने तो देखा है कि बिहार के युवाओं में बहुत बड़ी ताकत है। और अब वो स्वरोजगार में भी काफी बढ़ रहे हैं। ऐसे युवाओं के बारे में सोशल मीडिया पर लिखकर मतदाताओं तक संदेश पहुंचाया जा सकता है। ऐसे युवाओं की छोटी-छोटी रील बनानी चाहिए, उनकी सफलता की बातें बतानी चाहिए और उन्हीं की भाषा में बतानी चाहिए और वो सोशल मीडिया पर लोगों को पहुंचाना चाहिए। और हमारे जो वंचित समुदाय के लोग हैं, उन्हें सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर लगातार बताते रहना चाहिए। आप समाज के प्रभावशाली लोगों के साथ छोटी-छोटी बैठकें भी जरूर करें। क्योंकि एक पोलिंग बूथ में आठ-दस ऐसे प्रमुख लोग होते हैं जिनका वहां के मतदाताओं पर प्रभाव होता है। किसी का 50 मतदाता पर प्रभाव होता है किसी का 100 पर होता है, किसी का 200 पर होता है। उन लोगों की मदद जरूर लेनी चाहिए। और अभी से उनको पक्का कर लेना चाहिए कि नहीं इस बार तो आपको मदद करनी ही होगी। तो जितना आप ऐसे जो प्रभावी मतदाता हैं, जिनका 50,100, 200, 500 पर प्रभाव रहता है, उनको साथ लेना, उनके साथ लगातार बैठना, हमारे कोई बड़े लीडर आ जाए तो मिलवाना, ये हमने जरूर करना चाहिए। देखिए इन दिनों गर्मी भी बहुत होगी। और इसलिए हमारे जो वरिष्ठ नागरिक हैं, बुजुर्ग माता-बहनें हैं, दादा-दादी हैं उन लोगों को मतदान केंद्रों तक ले जाने की व्यवस्था और सुबह-सुबह उनका मतदान हो जाए, हमें अभी से ये पता होना चाहिए कि भई हमारे बूथ में 40 लोग ऐसे हैं जो बुजुर्ग हैं उनकी व्यवस्था करनी है, तो अभी से काम तय करना चाहिए। कि चलो भई ये 40 लोग हैं, ये पांच लोगों की कौन जिम्मेवारी लेगा, ये पांच लोगों की कौन जिम्मेवारी लेगा, ऐसा पक्का कर लेना चाहिए। और जो पन्ना प्रमुख है न उनके साथ तो रोज शाम को सब काम पूरा करने के बाद डेली बैठना चाहिए। एक जगह तय कर देनी चाहिए। सब लोग दिनभर का काम पूरा करके वहां आ जाएं। और उनके बैठकर दिनभर क्या हुआ, क्या अनुभव आया, किसी क्षेत्र में बाहर से किसी का टेलीफोन कराने की जरूरत है क्या। किसी को मिलवाने की जरूरत है क्या। ये सारे काम रोज करना चाहिए। मुझे पक्का विश्वास है, बिहार के हमारे कार्यकर्ता तो बहुत अनुभवी हैं, शायद मैं जो कह रहा हूं, उससे भी ज्यादा करते होंगे। चलिए मुझे बहुत अच्छा लगा धर्मेंद्र जी। आइए हम आगे बढ़ते हैं, और कौन कार्यकर्ता है जिनसे बात करेंगे।

पुनीता बर्णवाल (नवादा लोकसभा क्षेत्र) – माननीय प्रधानमंत्री जी सादर प्रणाम। मैं पुनीता बर्णवाल नवादा लोकसभा क्षेत्र से बूथ संख्या 301 से हूं।
पीएम- पुनीता जी नमस्ते। आप कैसे हैं। परिवार में सब ठीक है।
पुनीता बर्णवाल- सभी अच्छा है। बस आपका आवाज सुनकर काफी उत्साहित हूं।
पीएम- अरे देखिए, गर्मी का मौसम है, और आपलोग इतनी मेहनत कर रहे हैं। तो मेरी तो सब कार्यकर्ताओं एक प्रार्थना है कि गर्मी के दिनों में जब बहुत काम करते हैं न। पानी बहुत पीना चाहिए। अपने साथ पानी रखना ही चाहिए। और जितना ज्यादा पानी...मैं तो कहता हूं संपर्क करने जाएं तो उससे पानी मांगना चाहिए। हर घर से पानी पीना चाहिए। क्योंकि गर्मी के दिन हैं, कार्यकर्ताओं की तबियत संभालना भी बहुत जरूरी है। अच्छा मुझे बताइए, ऐसे गर्मी के मौसम में काम का कैसे बनाया है, कैसे संपर्क करते हैं आपलोग? कैसे जाते हैं कैसे अभियान चलाते हैं।
पुनीता बर्णवाल- मोदी जी, सबसे पहले तो मैं कहना चाहूंगी कि आप हमारे प्रेरणास्रोत हैं। जहां पे आप 18-18 घंटे काम कर रहे हैं, वहां पे हमलोग जाहिर सी बात है कि प्रोत्साहन हमें आपसे मिलती है और मैं बिना किसी परेशानी फेश किए करती हूँ और कोशिश कर रही हूं कि सभी जनसभा में अपना बात रखकर चुनाव सही से हो सके और सभी इस चीज को समझ सकें।
पीएम- पुनिता जी देखिए हम सब कार्यकर्ता हैं और मैंने कार्यकर्ताओं को भी एक गारंटी दी है। आपको शायद याद है कि नहीं, मुझे मालूम नहीं, मैंने कार्यकर्ताओं को गारंटी दी है कि आप अगर 11 घंटे काम करेंगे तो मैं 12 घंटे काम करूंगा। आप अगर 12 घंटे काम करेंगे तो मैं 13 घंटा काम करूंगा आप अगर 15 घंटा काम करेंगे तो मैं 16 घंटा काम करूंगा। मैंने गारंटी दी है कार्यकर्ताओं को और मैं कार्यकर्ताओं को जो गारंटी दी है न उसका भरपूर पालन करता हूं। अच्छा पुनीता जी बताइए आप अपने बूथ के स्तर पर किस तरह के कार्यक्रम करके लोगों को साथ जोड़ रहे हैं।
पुनीता बर्णवाल- सर मैं गांव-गांव जाकर, जहां तक कोशिश होती हे महिलाओं के घरों में जाकर आपकी उपलब्धियां, योजनाएं बताती हूं।
पीएम- तो आप बूथ में काम नहीं करती, गांव-गांव जाकर के काम करती है।
पुनीता बर्णवाल- हां कुछ गांव भी गई हूं उसके बाद कई घर भी जाकर महिलाओं से संपर्क की हूं।
पीएम- देखिए, मेरी अपेक्षा ये है कि हम बूथ पर ही ताकत लगाएं लेकिन वर्ना सब लोग दौरा करते रहेंगे, इधर जाएंगे उधर जाएंगे तो हमारी शक्ति बहुत ज्यादा व्यवय हो जाएगी और इसलिए मेरा आग्रह है कि हर एक की शक्ति बूथ पर लगनी चाहिए और बूथ जीतने के लिए क्या करते हैं उस पर ही मैं जानना चाहता हूं।
पुनीता बर्णवाल- बूथ जीतने के लिए सभी योजनाएं जो हैं, उसके बारे में मैं बताती हूं, जिससे लाभार्थी लोग भी बताते हैं, उत्साहित होते हैं कि उन्होंने क्या क्या लाभ लिया है जैसे शौचालय योजना का था, उसके बाद विश्वकर्मा योजना था। इसमें कुछ लोगों ने रजिस्ट्रेशन भी करवाया है और लोन लिया है।
पीएम- सभी कार्यकर्ताओं से मेरा आग्रह है कि ये भी बताइए, हो सकता है गांव में दो-चार लोग होंगे जिनको घर नहीं मिला होगा। दो-चार लोग होंगे, शायद उज्जवला का कनेक्शन नहीं मिला होगा। दो-चार लोग होंगे जिनको नल से जल नहीं मिला होगा। उनको जरूर बताना कि मोदी जी ने ये जो काम शुरू किया है, कुछ घरों में पहुंचा है, कुछ घरों का बाकी है, उनका भी मोदी अगली बार आकर पूरा करने वाले हैं। ये बात हर घर में बताइए। ऐसा नहीं कि योजना बंद हो गई। नहीं, मैं तो जो भी हकदार है, उनको पूरा पहुंचाना चाहता हूं। ये बात सबको बतानी होगी।
पुनीता बर्णवाल- ये हमारी पूरी कोशिश है प्रधानमंत्री जी, कई लोगों ने बताया भी है कि जैसे पीएम आवास योजना के तहत बहुत लोगों को मिला भी है और कुछ लोग नहीं भी...उनको हमलोग संपर्क में लिए हैं। उसके अलावा भी और भी योजनाएं हैं, जो हमलोग बताएं हैं, और वो लोग लाभ लिए हैं।
पीएम- पुनीता जी हमारे कार्यकर्ता ज्यादा प्रचार करते हैं कि वोट पक्का करते हैं, क्या करते हैं? मेरा सवाल जरा कठिन है। देखिए होता क्या है प्रचार तो हम बहुत करते रहते हैं। देखिए, चुनाव एक विज्ञान है। और उसमें तो वोटों की गिनती होती है। और गिनती में जो जीतता है वही जीतता है। और इसीलिए हमारा काम सिर्फ प्रचार करना नहीं है, हमें वोट पक्का करना है। ये वोट पक्का करना बहुत बड़ा काम होता है। कभी-कभी हमको क्या लगता है कि हमने 10 लोगों को बता दिया तो हमारा काम हो गया है। 10 लोगों को बताना तो शुरुआत है। हमें कागज पर लिखकर तय करना चाहिए कि इस घर में पांच वोट है। तीन वोट पक्के हुए। दो लोगों से अभी बात करनी पड़ेगी। फलाने घर में चार वोट है एक वोट पक्का हो गया। बाकी तीन के लिए बात करनी पड़ेगी। ये करते हैं क्या।
पुनीता बर्णवाल- हां, हमलोग वोट पक्का करती हैं। इस सारे को हमलोग मिलकर करते हैं।
पीएम- पुनीता जी मुझे पता चला है कि बिहार में एनडीए की वापसी के बाद माताएं-बहनें बहुत खुश है। आप जब अपने बूथ पर महिलाओं से मिलती हैं। तो वो इससे कितना उत्साह में दिखती है।
पुनीता बर्णवाल- ये तो हम शब्द में बयां नहीं कर सकते हैं चूंकि जितनी प्रशंसा मैं करूं वो कम है। जब महिलाओं से बात करती हूं तो वो भी अपने मुख से ऐसी ही बात करती हैं। आप जो महिला सशक्तिकरण के लिए काम किए हैं। उसके लिए वो लोग उत्साहित हैं। शक्ति वंदन अधिनियम और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के तहत जो कार्य हुआ है। इससे महिलाएं काफी उत्साहित हैं।
पीएम- ये महिलाओं को मालूम है कि मैं तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए काम करने वाला हूं अगले पांच साल। और हिंदुस्तान में गांव में तीन करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन जाए, तो गांव की शकल-सूरत बदल जाएगी। अच्छा पुनीता जी इस बार के चुनाव में कौन से मुद्दे, जिसकी वजह से उन्होंने एनडीए को मोदी को वोट करने का फैसला कर लिया है।
पुनीता बर्णवाल- इसके लिए तो सर्वप्रथम तो महिला सशक्तिकरण का है, उसके बाद तीन तलाक योजना है, सुकन्या योजना है, फिर आयुष्मान योजना, ई-श्रमकार्ड है, किसान निधि योजना है, विश्वकर्मा योजना है, ये सभी फिलहाल इसका मुद्दा है।
पीएम- चलिए पुनीता जी मुझे बहुत अच्छा लगा। और आपकी हर बात से लगता है कि आप बहुत ही सक्रिय कार्यकर्ता हैं। आपके पास हर चीज की जानकारी है, मुझे बहुत सुन करके अच्छा लगा। पिछले 10 वर्ष में देश की माताओं-बहनों-बेटियों ने देखा है कि देश में एक ऐसी सरकार है जो नारीशक्ति की शक्ति बढ़ाने के लिए काम कर रही है। और आपको मालूम है मैं शक्ति की पूजा करता हूं। और ये इंडी अलायंस वाले कहते हैं शक्ति का विनाश करेंगे। इस शक्ति का विनाश करने की सोच वाले लोग ये देश का कितना बुरा करेंगे, इसका आप अंदाज कर सकते हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक भाजपा ने हर स्तर पर महिलाओं को सशक्त करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। अब केंद्र सरकार ने जैसा मैंने बताया लखपति दीदी बनाने का अभियान तेज किया है, इसी तरह ड्रोन दीदी योजना का विस्तार हो गया है। इन योजनाओं को महिलाओं तक लेकर जाएं और बताएं कि केंद्र की एनडीए सरकार उनके लिए कितना सोच रही हैं। मेरा एक और सुझाव है, अब ये चैत्री नवरात्रि आएगी, तो इस नवरात्रि में बिहार की जो नारीशक्ति है, हमने अपनी महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी देने के लिए इस नवरात्रि के दिनों में एक विशेष महिलाओं का संपर्क अभियान करना चाहिए। और उसको आप शक्ति संपर्क अभियान आप नाम दे सकते हैं। और नवरात्रि के अंदर ये मातृस्वपरूपा शक्तिस्वरूपा हमारी जो नारीशक्ति है उनके साथ बात करनी चाहिए। लोकतंत्र में नारीशक्ति की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, विकसित भारत का हमारा संकल्प भी उतना ही सशक्त होगा। पुनीता जी आपसे बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा। आइए हम अब और किसी कार्यकर्ता के पास चलते हैं। अब मेरे साथ कौन बात करेंगे।

संजीव कुमार साह (मधुबनी लोकसभा क्षेत्र)- जी नमस्कार सर, मैं संजीव कुमार साह, लोकसभा मधुबनी, विधानसभा जाले, बूथ संख्या 85 का मैं बूथ अध्यक्ष हूं सर।
पीएम- हां, संजीव जी बताइए। जरा आपके इलाके का हालचाल बताइए न।
संजीव कुमार साह- बहुत अच्छा है सर। इस बार तो रामनवमी तो बहुत अच्छे से मनेगा सर।
पीएम- हां, अरे भाई, मिथिला की धरती के लिए तो इस बार रामनवमी बड़ी अदभुत होने वाली है क्योंकि रामलला भव्य मंदिर में विराजे हैं तो पूरी मिथिला गर्व महसूस कर रही है। मुझे बताइए लोगों में कैसा उत्साह है।
संजीव कुमार साह- बहुत अच्छा उत्साह है सर। मां सीता को 500 वर्षों के बाद अपना घर मिला है। इस बार रामनवमी बड़ी उत्साह और श्रद्धा के साथ हमलोग मनाएंगे।
पीएम- तो लोग हमें आशीर्वाद दे रहे हैं क्या?
संजीव कुमार साह- जी डबल रामनवमी होगा सर इस बार।
पीएम- अच्छा गांव में गरीब को घर मिला और सीता माता को भी घर मिला। देखिए,
संजीव कुमार साह- जी।
पीएम- देखिए संजीव जी, ये जो दरभंगा का एयरपोर्ट शुरू हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को कितनी सहूलियत मिल रही है।
संजीव कुमार साह- बहुत सहूलियत मिल रही है। सहूलियत का तो सर एक घटना घटा था मेरे गांव में। मेरा एक छोटा सा कार्यकर्ता था पन्ना प्रमुख। उसकी मां का देहांत हो गया। पहले टाइम लगता था सर दो-तीन दिन आने में। बट हमलोग उसको कॉल किए तो फ्लाइट का टिकट बुक करा दिए तो एक-दो घंटे में घर पहुंच गया और मां के संस्कार में शामिल हो गया। बहुत खुशी है इस बारे में।
पीएम- चलिए, भले दुखद प्रसंग था लेकिन फिर भी बेटा जब मां के पास पहुंच जाता है तो सबको संतोष हुआ होगा। मुझे भी लगता है कि चलिए भाई एयरपोर्ट बना लेकिन ऐसे काम आया जहां बेटे को भी संतोष हुआ होगा और मां की आत्मा को भी शांति मिली होगी।
संजीव कुमार साह- जी डेढ़ घंटा में पहुंच गया सर।
पीएम- अच्छा संजीव जी, आपके बूथ के कुछ परिवार ऐसे भी होंगे जिनके सदस्य दूसरे राज्यों में रहते हैं। ऐसे परिवारों से दो शहरों के बारे में फीडबैक मिलता है। वह जहां रहते होंगे वहां का बताते होंगे भई वहां भाजपा का कैसा है, क्या चल रहा है, चुनाव का कैसा चल रहा है तो उनसे क्या जानकारी मिलती है।
संजीव कुमार साह- जी जानकारी उनसे यही मिलता है कि वन नेशन वन राशन कार्ड से राशन उठा लेता है। और आयुष्मान कार्ड जैसे हम लोग खुद बनाते हैं सर। वो कहीं से इलाज करवा लेते हैं।
पीएम- ये लोगों को पता है कि बिहार का व्यक्ति भी आयुष्मान कार्ड है और वह गुजरात में होगा तो भी उसका उपचार हो जाएगा, चेन्नई में होगा तो भी उपचार हो जाएगा। ये सबको मालूम है।
संजीव कुमार साह- जी। एक सर मेरा कार्यकर्ता था उसका पापा मुंबई में रहता था, उसका इलाज हम पारस, दरभंगा में करवाए थे।
पीएम- चलिए मुझे अच्छा लगा। देखिए, हां बताइए कुछ कह रहे थे संजीव जी।
संजीव कुमार साह- और भी आसानी हुई है सर। पैसा भेजने का भी सही तरीका हो चुका है, आसानी से यूपीआई से।
पीएम- हां, यूपीआई से पैसा आ जाता है। मैंने देखा है, हमारे गुजरात में जो बिहार के भाई रहते हैं वह मुझे बताते हैं अब तो वे मां से वीडियो पर बात करते हैं। देखिए संजीव जी, मैथिल परंपरा में दामाद को ईश्वर का रूप कहा जाता है लेकिन आपके लिए तो ईश्वर ही दामाद है। मैंने देखा था कि कैसे 22 जनवरी को राम मंदिर का उत्सव होने पर मिथिला के लोगों ने अपनी बेटी के घर उपहार भेजे। मैंने देखा कि कैसे मिथिला की महिलाएं भावुक थी भगवान राम को पाहुन कहते हुए उनकी आंखें भर आई थी। मेरे लिए वह बहुत बड़ा भावुक क्षण था जी। वो हमेशा मुझे याद रहेगा। आप लोगों के आशीर्वाद से ही मुझे भगवान राम के प्राण-प्रतिष्ठा संकल्प का सौभाग्य मिला। लेकिन मुझे इसका दुख भी है कि बिहार के इंडी अलायंस के नेता उन लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व को ही नकार दिया था। मेरा आग्रह है कि मिथिला में जब आप जनसंपर्क करें, तो लोगों को ये सच भी जरूर बताइए। चलिए आगे बढ़ते हैं, संजीव जी से बहुत अच्छी बात हो गई। अब और कार्यकर्ता कौन है जिससे बात करेंगे।

राहुल शर्मा (खगड़िया लोकसभा क्षेत्र)- प्रधानमंत्री जी को बूथ अध्यक्ष राहुल शर्मा जी का प्रणाम।
पीएम- राहुल जी नमस्ते भैया।
राहुल शर्मा - नमस्ते।
पीएम- बताइए, अपने बारे में।
राहुल शर्मा – सर, मैं खगड़िया लोकसभा क्षेत्र से हूं। बूथ संख्या सर मेरा 174 है।
पीएम- आपका तो नाम ऐसा है कि पूरा गांव आपको जानता होगा।
राहुल शर्मा – सर नहीं समझे।
पीएम- मैंने कहा आपका तो नाम ऐसा है कि पूरे गांव के लोग...। अच्छा राहुल जी खगड़िया के ग्रामीण क्षेत्र को लेकर मैं जानने के लिए बहुत उत्सुक हूं। जिन बुजुर्गों ने बिहार में एक लंबे समय तक राजनीति को देखा है, वो बीते 10 वर्षों में हमारे कामकाज का कैसे तुलना करते हैं क्योंकि बिहार में तो सब लोग बैठते हैं तो राजनीति की बहुत बातें कर सकते हैं। तो वो क्या बातें करते हैं?
राहुल शर्मा – सर बुजुर्गों का कहना है कि जैसे धारा 370 हटी जो दशकों से थी, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके रहते-रहते ये चली जाएगी। तो वो सामने आए, उस पर बहुत चर्चा होती है। और सबसे बड़ा श्रीराम प्रभु जो सदियों से जो काम रुका था, प्रभु राम का घर जो उनको नहीं मिल रहा था, वह भी आपके नेतृत्व में पूरा हुआ। और सर ये हमारा जो जिला है पूरा ग्रामीण क्षेत्र है, सात नदियों से घिरा हुआ है, ये सर मक्का प्रधान क्षेत्र है। इन 10 वर्षों में हमारे क्षेत्र में पुल और सड़कों का बहुत बड़ा निर्माण हुआ है। जो पहले की अपेक्षा बहुत ज्यादा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यालय पहुंचने में गांव वालों को बुजुर्गों को बहुत आसानी होती है। और आप जब से प्रधानमंत्री बने हैं तब से बिजली की व्यवस्था भी अच्छी हुई है। और मुद्रा योजना जो चली, बिहार पलायन बहुत होता है, कमाने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है, तो बहुत से युवाओं को मुद्रा योजना के तहत लाभ मिला है, अब वे अपने घर में ही व्यापार कर रहे हैं। ये उनका कहना है कि पहले तो उनको जाना पड़ता था, घर में कठिनाई भी होती थी। और मोदी सरकार बनने के बाद...।
पीएम- आपके यहां खेती कौन सी ज्यादा होती है।
राहुल शर्मा – मकई की होती है सर।
पीएम- मक्का।
राहुल शर्मा – हां, मक्का।
पीएम- तो आपके यहां पीएम किसान सम्मन निधि के पैसे लोगों को मिलते हैं?
राहुल शर्मा – जी मिलते हैं।
पीएम- तो वो सब को खुश है कि मोदी जी घर बैठे पैसे भेज देता है।
राहुल शर्मा – जी सर, इसमें तो सब खुश है कि आज जो भी है वो सारे आनलाइन पैसे आ जाते हैं। किसी को दौड़ना नहीं पड़ता।
पीएम- देखिए आप किसानों को जरूर बताइए कि हमारा जो एथेनॉल का प्रोजेक्ट है ना, धीरे-धीरे हम मक्के से भी एथेनॉल बनाने वाले हैं और जब मक्के से एथेनॉल बनेगा तो किसानों को बहुत लाभ होने वाला है। ये आप किसानों को जरूर बताना। अच्छा राहुल जी, ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के बीच बिहार में हमारी एनडीए सरकार और केंद्र सरकार के काम को लेकर कैसा फीडबैक है?
राहुल शर्मा – एनडीए सरकार और केंद्र सरकार के काम को लेकर महिलाओं के प्रति किए गए...जैसे लखपति दीदी योजना, ग्रामीण इलाकों में बहुत प्रभाव डाल रही है सर। इस योजना से अधिक से अधिक महिलाएं जुड़ना चाहती हैं और जुड़ी भी है। इस योजना से बहुत सी महिला की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उज्ज्वला योजना की भी चर्चा होती है। पहले उनको उपले में खाना बनना पड़ता था जिससे कठिनाई होती थी। और आवास योजना, जो कि पहले झोपड़ी के और खपरे के घर हुआ करते थे, बरसात में और गर्मी में बहुत दिक्कत होती थी। अब पक्के मकान बन गए। शौचालय योजना...पहले बाहर जाना पड़ता था, अब घर में सुरक्षित है।
पीएम- राहुल जी, भारत में एक प्रधानमंत्री थे जो ऐसा कहते थे कि दिल्ली से 1 रुपया निकलता है तो गांव जाते-जाते 15 पैसा हो जाता है। कोई पंजा 85 पैसे खा जाता था। अब आप ये भी जानते हैं कि जो परिवार वाली पार्टियां है और जंगलराज में सारा पैसा लूट लेती थी। अब जब हम डीबीटी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर करते हैं, सीधे बैंक के खाते में पैसे जमा करते हैं, इससे बिहार के जो सामान्य नागरिक हैं, जो भ्रष्टाचार के शिकार होते थे, उनका कितना विश्वास बढ़ा है।
राहुल शर्मा – उनका सर पूरा विश्वास बढ़ा है क्योंकि पहले जो थे, जो पैसे आते वो बिचौलिये खा जाते थे। अब ये सीधे पैसे खाते में आ रहे हैं। राशन की भी सबसे बड़ी सुविधा की बात चलती है। क्योंकि उसमें भी यही... जैसे कहीं भी है कोई, दिल्ली में हो या कहीं भी हो राशन ले सकता हैं, पहले राशन में भी यही बिचौलिये खाते थे और पैसे में भी खाते थे। राशन और डीबीटी से अब बिचौलिये हट गए हैं, इससे बहुत फायदा मिल रहा है सर।
पीएम- चलिए राहुल जी, मुझे बहुत अच्छा लगा। और मैं सभी बिहार के मेरे कार्यकर्ता आज इतनी बड़ी तादाद में मेरे साथ टेलीफोन पर जुड़े हैं और मुझे भी आप सब से बात करने का सौभाग्य मिला है। मैं सबसे तो अलग-अलग बात करना तो मुश्किल है लेकिन फिर भी पिछले 1 घंटे से मैं लगातार आप सबसे गपशप कर रहा हूं, आपकी भावना को समझ रहा हूं, आपके काम को समझ रहा हूं और मेरे लिए बहुत ही आनंददायक अनुभव रहा। देखिए बीते वर्षों में बिहार के लोगों ने बड़े परिवर्तन देखा है। सामाजिक न्याय हो, लोगों की गरिमा की रक्षा हो, नौजवानों के नए अवसर हो, इस पर एनडीए सरकार लगातार जोर दे रही है। हमारी सरकार ने कर्पूरी बाबू को भारत रत्न देकरके भी अपना मान बढ़ाया है। हमारी सरकार के प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और मुझे तो ज्यादा खुशी इस बात की है कि इन 25 करोड़ में साढ़े तीन करोड़ हमारे भाई-बहन बिहार के हैं। साढ़े तीन करोड़ लोगों का 10 साल में गरीबी से निकलना ये मेरे लिए तो इतना संतोषकारक है। देखिए बिहार के 9 करोड़ जरूरतमंद लोगों को आज गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन मिल रहा है। करीब तीन करोड़ माताओं-बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है। कनेक्टिविटी और बेहतर करने के लिए हजारों करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अगर हर पन्ना प्रमुख सरकार की इन उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाएगा तो भाजपा में एनडीए में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा। जो पन्ना प्रमुख है वो वोटर से लगातार मिले। जो लोग चुनाव का प्रबंधन देख रहे हैं, वो उसकी पूरी मानीटरिंग करे। खासतौर से महिला वोटर्स को उनके बूथ की जानकारी हो, वहां तक जाने में कोई असुविधा न हो, इसका ध्यान रखना होगा। जो फर्स्ट टाइम वोटर उन्हें ज्यादा से ज्यादा वोट करने के लिए प्रेरित करना होगा। आप सबको अपने बूथ पर पिछली बार से कम से कम 10 प्रतिशत वोट ज्यादा प्राप्त करने चाहिए। लक्ष्य करना चाहिए कि पिछली बार अगर 500 मिला है तो इस बार 10 परसेंट और जोड़ेंगे 550 करेंगे। ये हमें कोशिश करनी चाहिए। आपकी सीट पर जो बीजेपी का सिंबल है, जो एनडीए के सहयोगी दल का सिंबल है, हमारे उम्मीदवार ईवीएम में कौन से नंबर पर है, ये सारी बातें भी बार-बार मतदाताओं को बतानी चाहिए। वह चित्र लेकर के जाना चाहिए। ईवीएम मशीन का कैसे बटन दबाना, कितने नंबर पर हमारे उम्मीदवार का नाम है, कमल का निशान हमारा कैसा है, हमारे साथी एनडीए दल के जो हैं, उनका निशान कैसा है, पूरा समझाना चाहिए। और देखिए संगठन स्तर पर हमारे जो पदाधिकारी हैं उन्हें चुनावी तैयारी के साथ-साथ यह भी ध्यान रखना है कि हमारे कार्यकर्ताओं का स्वास्थ्य या अन्य कोई परेशानी ना आ जाए। एक काम आप और कर सकते हैं अगले तीन-चार दिनों में बूथ लेवल के सभी कार्यकर्ता, एक टिफिन बैठक करें। घर से खाना लेकर टिफिन लेकर के बूथ के कार्यक्रम आए, पन्ना प्रमुख आए बैठे, साथ में खाना खाए और मिलकर के खाना खाए एक नई ताकत मिल जाएगी और काम की चर्चा भी करें। इससे एक टीम बन जाएगी सारे एनडीए के साथी मिलेंगे, खाएंगे तो टीम बन जाएगी। और मैं मानता हूं काम बहुत करेगा। बिहार के साथियों को मालूम है कि आने वाले कुछ दिनों में चुनाव प्रचार के लिए मैं बिहार के अलग-अलग इलाकों में जाने वाला हूं। और जब मैं वहां आऊंगा तो जरूर और भी बहुत सी बातें वहां करूंगा। मुझे बहुत अच्छा लगा बिहार के ग्रासरूट लेवल के आप सभी रथी- महारथियों से मुझे आज बात करने का मौका मिला। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। धन्यवाद।

 

Explore More
୭୭ତମ ସ୍ବାଧୀନତା ଦିବସ ଅବସରରେ ଲାଲକିଲ୍ଲା ପ୍ରାଚୀରରୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣର ମୂଳ ପାଠ

ଲୋକପ୍ରିୟ ଅଭିଭାଷଣ

୭୭ତମ ସ୍ବାଧୀନତା ଦିବସ ଅବସରରେ ଲାଲକିଲ୍ଲା ପ୍ରାଚୀରରୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣର ମୂଳ ପାଠ
India sets sights on global renewable ammonia market, takes strides towards sustainable energy leadership

Media Coverage

India sets sights on global renewable ammonia market, takes strides towards sustainable energy leadership
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
PM Modi's Interview to IANS
May 27, 2024

पहले तो मैं आपकी टीम को बधाई देता हूं भाई, कि इतने कम समय में आपलोगों ने अच्छी जगह बनाई है और एक प्रकार से ग्रासरूट लेवल की जो बारीक-बारीक जानकारियां हैं। वह शायद आपके माध्यम से जल्दी पहुंचती है। तो आपकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

Q1 - आजकल राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को पाकिस्तान से इतना endorsement क्यों मिल रहा है ? 370 ख़त्म करने के समय से लेकर आज तक हर मौक़े पर पाकिस्तान से उनके पक्ष में आवाज़ें आती हैं ?

जवाब – देखिए, चुनाव भारत का है और भारत का लोकतंत्र बहुत ही मैच्योर है, तंदरुस्त परंपराएं हैं और भारत के मतदाता भी बाहर की किसी भी हरकतों से प्रभावित होने वाले मतदाता नहीं हैं। मैं नहीं जानता हूं कि कुछ ही लोग हैं जिनको हमारे साथ दुश्मनी रखने वाले लोग क्यों पसंद करते हैं, कुछ ही लोग हैं जिनके समर्थन में आवाज वहां से क्यों उठती है। अब ये बहुत बड़ी जांच पड़ताल का यह गंभीर विषय है। मुझे नहीं लगता है कि मुझे जिस पद पर मैं बैठा हूं वहां से ऐसे विषयों पर कोई कमेंट करना चाहिए लेकिन आपकी चिंता मैं समझ सकता हूं।

 

Q 2 - आप ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम तेज करने की बात कही है अगली सरकार जब आएगी तो आप क्या करने जा रहे हैं ? क्या जनता से लूटा हुआ पैसा जनता तक किसी योजना या विशेष नीति के जरिए वापस पहुंचेगा ?

जवाब – आपका सवाल बहुत ही रिलिवेंट है क्योंकि आप देखिए हिंदुस्तान का मानस क्या है, भारत के लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं। दीमक की तरह भ्रष्टाचार देश की सारी व्यवस्थाओं को खोखला कर रहा है। भ्रष्टाचार के लिए आवाज भी बहुत उठती है। जब मैं 2013-14 में चुनाव के समय भाषण करता था और मैं भ्रष्टाचार की बातें बताता था तो लोग अपना रोष व्यक्त करते थे। लोग चाहते थे कि हां कुछ होना चाहिए। अब हमने आकर सिस्टमैटिकली उन चीजों को करने पर बल दिया कि सिस्टम में ऐसे कौन से दोष हैं अगर देश पॉलिसी ड्रिवन है ब्लैक एंड व्हाइट में चीजें उपलब्ध हैं कि भई ये कर सकते हो ये नहीं कर सकते हो। ये आपकी लिमिट है इस लिमिट के बाहर जाना है तो आप नहीं कर सकते हो कोई और करेगा मैंने उस पर बल दिया। ये बात सही है..लेकिन ग्रे एरिया मिनिमल हो जाता है जब ब्लैक एंड व्हाइट में पॉलिसी होती है और उसके कारण डिसक्रिमिनेशन के लिए कोई संभावना नहीं होती है, तो हमने एक तो पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस पर बल दिया। दूसरा हमने स्कीम्स के सैचुरेशन पर बल दिया कि भई 100% जो स्कीम जिसके लिए है उन लाभार्थियों को 100% ...जब 100% है तो लोगों को पता है मुझे मिलने ही वाला है तो वो करप्शन के लिए कोई जगह ढूंढेगा नहीं। करप्शन करने वाले भी कर नहीं सकते क्योंकि वो कैसे-कैसे कहेंगे, हां हो सकता है कि किसी को जनवरी में मिलने वाला मार्च में मिले या अप्रैल में मिले ये हो सकता है लेकिन उसको पता है कि मिलेगा और मेरे हिसाब से सैचुरेशन करप्शन फ्री गवर्नेंस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सोशल जस्टिस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सेकुलरिज्म की गारंटी देता है। ऐसे त्रिविध फायदे वाली हमारी दूसरी स्कीम, तीसरा मेरा प्रयास रहा कि मैक्सिमम टेक्नोलॉजी का उपयोग करना। टेक्नोलॉजी में भी..क्योंकि रिकॉर्ड मेंटेन होते हैं, ट्रांसपेरेंसी रहती है। अब डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर में 38 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हमने। अगर राजीव गांधी के जमाने की बात करें कि एक रुपया जाता है 15 पैसा पहुंचता है तो 38 लाख करोड़ तो हो सकता है 25-30 लाख करोड़ रुपया ऐसे ही गबन हो जाते तो हमने टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया है। जहां तक करप्शन का सवाल है देश में पहले क्या आवाज उठती थी कि भई करप्शन तो हुआ लेकिन उन्होंने किसी छोटे आदमी को सूली पर चढ़ा दिया। सामान्य रूप से मीडिया में भी चर्चा होती थी कि बड़े-बड़े मगरमच्छ तो छूट जाते हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़कर आप चीजें निपटा देते हो। फिर एक कालखंड ऐसा आया कि हमें पूछा जाता था 19 के पहले कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें करते थे क्यों कदम नहीं उठाते हो, क्यों अरेस्ट नहीं करते हो, क्यों लोगों को ये नहीं करते हो। हम कहते थे भई ये हमारा काम नहीं है, ये स्वतंत्र एजेंसी कर रही है और हम बदइरादे से कुछ नहीं करेंगे। जो भी होगा हमारी सूचना यही है जीरो टोलरेंस दूसरा तथ्यों के आधार पर ये एक्शन होना चाहिए, परसेप्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए। तथ्य जुटाने में मेहनत करनी पड़ती है। अब अफसरों ने मेहनत भी की अब मगरमच्छ पकड़े जाने लगे हैं तो हमें सवाल पूछा जा रहा है कि मगरमच्छों को क्यों पकड़ते हो। ये समझ में नहीं आता है कि ये कौन सा गैंग है, खान मार्केट गैंग जो कुछ लोगों को बचाने के लिए इस प्रकार के नैरेटिव गढ़ती है। पहले आप ही कहते थे छोटों को पकड़ते हो बड़े छूट जाते हैं। जब सिस्टम ईमानदारी से काम करने लगा, बड़े लोग पकड़े जाने लगे तब आप चिल्लाने लगे हो। दूसरा पकड़ने का काम एक इंडिपेंडेंट एजेंसी करती है। उसको जेल में रखना कि बाहर रखना, उसके ऊपर केस ठीक है या नहीं है ये न्यायालय तय करता है उसमें मोदी का कोई रोल नहीं है, इलेक्टेड बॉडी का कोई रोल नहीं है लेकिन आजकल मैं हैरान हूं। दूसरा जो देश के लिए चिंता का विषय है वो भ्रष्ट लोगों का महिमामंडन है। हमारे देश में कभी भी भ्रष्टाचार में पकड़े गए लोग या किसी को आरोप भी लगा तो लोग 100 कदम दूर रहते थे। आजकल तो भ्रष्ट लोगों को कंधे पर बिठाकर नाचने की फैशन हो गई है। तीसरा प्रॉब्लम है जो लोग कल तक जिन बातों की वकालत करते थे आज अगर वही चीजें हो रही हैं तो वो उसका विरोध कर रहे हैं। पहले तो वही लोग कहते थे सोनिया जी को जेल में बंद कर दो, फलाने को जेल में बंद कर दो और अब वही लोग चिल्लाते हैं। इसलिए मैं मानता हूं आप जैसे मीडिया का काम है कि लोगों से पूछे कि बताइए छोटे लोग जेल जाने चाहिए या मगरमच्छ जेल जाने चाहिए। पूछो जरा पब्लिक को क्या ओपिनियन है, ओपिनियन बनाइए आप लोग।

 

Q3- नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक सबने गरीबी हटाने की बात तो की लेकिन आपने आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया, इसे लेकर कैसे रणनीति तैयार करते हैं चाहे वो पीएम स्वनिधि योजना हो, पीएम मुद्रा योजना बनाना हो या विश्वकर्मा योजना हो मतलब एकदम ग्रासरूट लेवल से काम किया ?

जवाब – देखिए हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। पहले चीजें बाहर से आती थी तो कहते थे देखिए देश को बेच रहे हैं सब बाहर से लाते हैं। आज जब देश में बन रहा है तो कहते हैं देखिए ग्लोबलाइजेशन का जमाना है और आप लोग अपने ही देश की बातें करते हैं। मैं समझ नहीं पाता हूं कि देश को इस प्रकार से गुमराह करने वाले इन ऐलिमेंट्स से देश को कैसे बचाया जाए। दूसरी बात है अगर अमेरिका में कोई कहता है Be American By American उसपर तो हम सीना तानकर गर्व करते हैं लेकिन मोदी कहता है वोकल फॉर लोकल तो लोगों को लगता है कि ये ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ है। तो इस प्रकार से लोगों को गुमराह करने वाली ये प्रवृत्ति चलती है। जहां तक भारत जैसा देश जिसके पास मैनपावर है, स्किल्ड मैनपावर है। अब मैं ऐसी तो गलती नहीं कर सकता कि गेहूं एक्सपोर्ट करूं और ब्रेड इम्पोर्ट करूं..मैं तो चाहूंगा मेरे देश में ही गेहूं का आटा निकले, मेरे देश में ही गेहूं का ब्रेड बने। मेरे देश के लोगों को रोजगार मिले तो मेरा आत्मनिर्भर भारत का जो मिशन है उसके पीछे मेरी पहली जो प्राथमिकता है कि मेरे देश के टैलेंट को अवसर मिले। मेरे देश के युवाओं को रोजगार मिले, मेरे देश का धन बाहर न जाए, मेरे देश में जो प्राकृतिक संसाधन हैं उनका वैल्यू एडिशन हो, मेरे देश के अंदर किसान जो काम करता है उसकी जो प्रोडक्ट है उसका वैल्यू एडिशन हो वो ग्लोबल मार्केट को कैप्चर करे और इसलिए मैंने विदेश विभाग को भी कहा है कि भई आपकी सफलता को मैं तीन आधारों से देखूंगा एक भारत से कितना सामान आप..जिस देश में हैं वहां पर खरीदा जाता है, दूसरा उस देश में बेस्ट टेक्नोलॉजी कौन सी है जो अभीतक भारत में नहीं है। वो टेक्नोलॉजी भारत में कैसे आ सकती है और तीसरा उस देश में से कितने टूरिस्ट भारत भेजते हो आप, ये मेरा क्राइटेरिया रहेगा...तो मेरे हर चीज में सेंटर में मेरा नेशन, सेंटर में मेरा भारत और नेशन फर्स्ट इस मिजाज से हम काम करते हैं।

 

Q 4 - एक तरफ आप विश्वकर्माओं के बारे में सोचते हैं, नाई, लोहार, सुनार, मोची की जरूरतों को समझते हैं उनसे मिलते हैं तो वहीं दूसरी तरफ गेमर्स से मिलते हैं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात करते हैं, इन्फ्लुएंसर्स से आप मिलते हैं इनकी अहमियत को भी सबके सामने रखते हैं, इतना डाइवर्सीफाई तरीके से कैसे सोच पाते हैं?

जवाब- आप देखिए, भारत विविधताओं से भरा हुआ है और कोई देश एक पिलर पर बड़ा नहीं हो सकता है। मैंने एक मिशन लिया। हर डिस्ट्रिक्ट का वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पर बल दिया, क्यों? भारत इतना विविधता भरा देश है, हर डिस्ट्रिक्ट के पास अपनी अलग ताकत है। मैं चाहता हूं कि इसको हम लोगों के सामने लाएं और आज मैं कभी विदेश जाता हूं तो मुझे चीजें कौन सी ले जाऊंगा। वो उलझन नहीं होती है। मैं सिर्फ वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट का कैटलॉग देखता हूं। तो मुझे लगता है यूरोप जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। अफ्रीका जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। और हर एक को लगता है एक देश में। यह एक पहलू है दूसरा हमने जी 20 समिट हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्से में की है। क्यों? दुनिया को पता चले कि दिल्ली, यही हिंदुस्तान नहीं है। अब आप ताजमहल देखें तो टूरिज्म पूरा नहीं होता जी मेरे देश का। मेरे देश में इतना पोटेंशियल है, मेरे देश को जानिए और समझिए और इस बार हमने जी-20 का उपयोग भारत को विश्व के अंदर भारत की पहचान बनाने के लिए किया। दुनिया की भारत के प्रति क्यूरियोसिटी बढ़े, इसमें हमने बड़ी सफलता पाई है, क्योंकि दुनिया के करीब एक लाख नीति निर्धारक ऐसे लोग जी-20 समूह की 200 से ज्यादा मीटिंग में आए। वह अलग-अलग जगह पर गए। उन्होंने इन जगहों को देखा, सुना भी नहीं था, देखा वो अपने देश के साथ कोरिलिरेट करने लगे। वो वहां जाकर बातें करने लगे। मैं देख रहा हूं जी20 के कारण लोग आजकल काफी टूरिस्टों को यहां भेज रहे हैं। जिसके कारण हमारे देश का टूरिज्म को बढ़ावा मिला।

इसी तरह आपने देखा होगा कि मैंने स्टार्टअप वालों के साथ मीटिंग की थी, मैं वार्कशॉप करता था। आज से मैं 7-8 साल पहले, 10 साल पहले शुरू- शुरू में यानी मैं 14 में आया। उसके 15-16 के भीतर-भीतर मैंने जो नए स्टार्टअप की दुनिया शुरू हुई, उनकी मैंने ऐसे वर्कशॉप की है तो मैं अलग-अलग कभी मैंने स्पोर्ट्स पर्सन्स के की, कभी मैंने कोचों के साथ की कि इतना ही नहीं मैंने फिल्म दुनिया वालों के साथ भी ऐसी मीटिंग की।

मैं जानता हूं कि वह बिरादरी हमारे विचारों से काफी दूर है। मेरी सरकार से भी दूर है, लेकिन मेरा काम था उनकी समस्याओं को समझो क्योंकि बॉलीवुड अगर ग्लोबल मार्केट में मुझे उपयोगी होता है, अगर मेरी तेलुगू फिल्में दुनिया में पॉपुलर हो सकती है, मेरी तमिल फिल्म दुनिया पॉपुलर हो सकती है। मुझे तो ग्लोबल मार्केट लेना था मेरे देश की हर चीज का। आज यूट्यूब की दुनिया पैदा हुई तो मैंने उनको बुलाया। आप देश की क्या मदद कर सकते हैं। इंफ्लुएंसर को बुलाया, क्रिएटिव वर्ल्ड, गेमिंम अब देखिए दुनिया का इतना बड़ा गेमिंग मार्केट। भारत के लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं, पैसा लगा रहे हैं और गेमिंग की दुनिया में कमाई कोई और करता है तो मैंने सारे गेमिंग के एक्सपर्ट को बुलाया। पहले उनकी समस्याएं समझी। मैंने देश को कहा, मेरी सरकार को मुझे गेमिंग में भारतीय लीडरशिप पक्की करनी है।

इतना बड़ा फ्यूचर मार्केट है, अब तो ओलंपिक में गेमिंग आया है तो मैं उसमें जोड़ना चाहता हूं। ऐसे सभी विषयों में एक साथ काम करने के पक्ष में मैं हूं। उसी प्रकार से देश की जो मूलभूत व्यवस्थाएं हैं, आप उसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। हमें गांव का एक मोची होगा, सोनार होगा, कपड़े सिलने वाला होगा। वो भी मेरे देश की बहुत बड़ी शक्ति है। मुझे उसको भी उतना ही तवज्जो देना होगा। और इसलिए मेरी सरकार का इंटीग्रेटेड अप्रोच होता है। कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच होता है, होलिस्टिक अप्रोच होता है।

 

Q 5 - डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया उसका विपक्ष ने मजाक भी उड़ाया था, आज ये आपकी सरकार की खास पहचान बन गए हैं और दुनिया भी इस बात का संज्ञान ले रही है, इसका एक उदहारण यूपीआई भी है।

जवाब – यह बात सही है कि हमारे देश में जो डिजिटल इंडिया मूवमेंट मैंने शुरू किया तो शुरू में आरोप क्या लगाए इन्होंने? उन्होंने लगाई कि ये जो सर्विस प्रोवाइडर हैं, उनकी भलाई के लिए हो रहा है। इनको समझ नहीं आया कि यह क्षेत्र कितना बड़ा है और 21वीं सदी एक टेक्नॉलॉजी ड्रिवन सेंचुरी है। टेक्नोलॉजी आईटी ड्रिवन है। आईटी इन्फोर्स बाय एआई। बहुत बड़े प्रभावी क्षेत्र बदलते जा रहे हैं। हमें फ्यूचरस्टीक चीजों को देखना चाहिए। आज अगर यूपीआई न होता तो कोई मुझे बताए कोविड की लड़ाई हम कैसे लड़ते? दुनिया के समृद्ध देश भी अपने लोगों को पैसे होने के बावजूद भी नहीं दे पाए। हम आराम से दे सकते हैं। आज हम 11 करोड़ किसानों को 30 सेकंड के अंदर पैसा भेज सकते हैं। अब यूपीआई अब इतनी यूजर फ्रेंडली है तो क्योंकि यह टैलेंट हमारे देश के नौजवानों में है। वो ऐसे प्रोडक्ट बना करके देते हैं कि कोई भी कॉमन मैन इसका उपयोग कर सकता है। आज मैंने ऐसे कितने लोग देखे हैं जो अपना सोशल मीडिया अनुभव कर रहे हैं। हमने छह मित्रों ने तय किया कि छह महीने तक जेब में 1 पैसा नहीं रखेंगे। अब देखते हैं क्या होता है। छह महीने पहले बिना पैसे पूरी दुनिया में हम अपना काम, कारोबार करके आ गए। हमें कोई तकलीफ नहीं हुई तो हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। तो यूपीआई ने एक प्रकार से फिनटेक की दुनिया में बहुत बड़ा रोल प्ले किया है और इसके कारण इन दिनों भारत के साथ जुड़े हुए कई देश यूपीआई से जुड़ने को तैयार हैं क्योंकि अब फिनटेक का युग है। फिनटेक में भारत अब लीड कर रहा है और इसलिए दुर्भाग्य तो इस बात का है कि जब मैं इस विषय को चर्चा कर रहा था तब देश के बड़े-बड़े विद्वान जो पार्लियामेंट में बैठे हैं वह इसका मखौल उड़ाते थे, मजाक उड़ाते थे, उनको भारत के पोटेंशियल का अंदाजा नहीं था और टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य का भी अंदाज नहीं था।

 

Q 6 - देश के युवा भारत का इतिहास लिखेंगे ऐसा आप कई बार बोल चुके हैं, फर्स्ट टाइम वोटर्स का पीएम मोदी से कनेक्ट के पीछे का क्या कारण है?

एक मैं उनके एस्पिरेशन को समझ पाता हूं। जो पुरानी सोच है कि वह घर में अपने पहले पांच थे तो अब 7 में जाएगा सात से नौ, ऐसा नहीं है। वह पांच से भी सीधा 100 पर जाना चाहता है। आज का यूथ हर, क्षेत्र में वह बड़ा जंप लगाना चाहता है। हमें वह लॉन्चिंग पैड क्रिएट करना चाहिए, ताकि हमारे यूथ के एस्पिरेशन को हम फुलफिल कर सकें। इसलिए यूथ को समझना चाहिए। मैं परीक्षा पर चर्चा करता हूं और मैंने देखा है कि मुझे लाखों युवकों से ऐसी बात करने का मौका मिलता है जो परीक्षा पर चर्चा की चर्चा चल रही है। लेकिन वह मेरे साथ 10 साल के बाद की बात करता है। मतलब वह एक नई जनरेशन है। अगर सरकार और सरकार की लीडरशिप इस नई जनरेशन के एस्पिरेशन को समझने में विफल हो गई तो बहुत बड़ी गैप हो जाएगी। आपने देखा होगा कोविड में मैं बार-बार चिंतित था कि मेरे यह फर्स्ट टाइम वोटर जो अभी हैं, वह कोविड के समय में 14-15 साल के थे अगर यह चार दीवारों में फंसे रहेंगे तो इनका बचपन मर जाएगा। उनकी जवानी आएगी नहीं। वह बचपन से सीधे बुढ़ापे में चला जाएगा। यह गैप कौन भरेगा? तो मैं उसके लिए चिंतित था। मैं उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात करता था। मैं उनको समझाता था का आप यह करिए। और इसलिए हमने डेटा एकदम सस्ता कर दिया। उस समय मेरा डेटा सस्ता करने के पीछे लॉजिक था। वह ईजिली इंटरनेट का उपयोग करते हुए नई दुनिया की तरफ मुड़े और वह हुआ। उसका हमें बेनिफिट हुआ है। भारत ने कोविड की मुसीबतों को अवसर में पलटने में बहुत बड़ा रोल किया है और आज जो डिजिटल रिवॉल्यूशन आया है, फिनटेक का जो रिवॉल्यूशन आया है, वह हमने आपत्ति को अवसर में पलटा उसके कारण आया है तो मैं टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को समझता हूं। मैं टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपने हमें समय दिया।

नमस्कार भैया, मेरी भी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप भी बहुत प्रगति करें और देश को सही जानकारियां देते रहें।