पीएम मोदी ने नमो ऐप के माध्यम से बिहार के भाजपा कार्यकर्ताओं संग बातचीत में जमीनी स्तर की पहलों पर प्रकाश डाला और प्रतिक्रिया मांगी।
पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से मतदान के अधिकार के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सक्रिय रूप से परिवारों तक पहुंचने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने एनडीए सरकार में कानून-व्यवस्था, महिला सशक्तिकरण और विकास सुनिश्चित करने एवं योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में की गई महत्वपूर्ण प्रगति को रेखांकित किया।
पीएम मोदी ने बिहार के लोगों के लिए सुविधा, वित्तीय स्थिरता और लाभ तक पहुंच बढ़ाने के लिए एनडीए की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

पीएम- रउआ सब के नमस्कार। बिहार के भाजपा कार्यकर्ता और उनके साथ बात करना, ये अपने आप में विशेष होता है, क्योंकि जब से मैं संगठन का कार्य करता आया हूं, मैंने हमेशा देखा है कि बिहार के भाजपा कार्यकर्ता मेहनत में कभी भी किसी से पीछे नहीं रहते हैं। कभी तो लगता है एक कार्यकर्ता दूसरे कार्यकर्ता के साथ मेहनत करने की स्पर्धा करता है। और जितनी निष्ठा से आप सब भाजपा कार्यकर्ता जनसेवा में लगे रहते हैं वो मेरे जैसे अनेकों को बहुत प्रभावित करता है। चाहे सरकार का हिस्सा हो या विपक्ष का, भाजपा कार्यकर्ता लोगों की सेवा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहता है। और सेवा ही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहती है। बिहार ने ही दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया था और G20 में जब मैं भारत Mother of Democracy है, उसकी बात करता था तो स्वाभाविक रूप से मैं बिहार का उदाहरण विस्तार से समझाता था। अब एक बार फिर बिहार के लोग लोकतंत्र को मजबूत करने जा रहे हैं। बिहार ने भाजपा और NDA को मजबूत करने का मन बना लिया है। बिहार के लोगों के संकल्प के बीच बीजेपी के बूथ अध्यक्षों की, पन्ना प्रमुखों की बहुत बड़ी भूमिका है। बूथ मजबूत होगा तो भाजपा मजबूत होगी। मेरा तो स्पष्ट मत है चुनाव कोई भी हो, पंचायत का हो, पालिका का हो, विधानसभा का हो या लोकसभा का, हमारा लक्ष्य रहता है पहले बूथ जीतना। और जो संगठन की इकाई बूथ जीतने पर जोर लगाती है वो हमेशा चुनाव जीतती रहती है। और इसलिए मेरा बूथ सबसे मजबूत, यह हम सबका संकल्प है। और इसके लिए आपलोग अनेक प्रयोग करते हैं, आपको जमीनी जानकारियां होती हैं, उत्साओं और उमंग के साथ आप लगातार काम करते रहते हैं। तो जब आप जैसे कार्यकर्ताओं से बात करता हूं तो मझे भी बहुत सारी नई जानकारियां मिलती है, जमीनी हकीकतें मिलती हैं, और वही तो मेरी सबसे बड़ी ताकत है और इसलिए मैंने सोचा, चलो चुनाव की धूम मची हुई है तो बिहार के कार्यकर्ताओं से बात करूंगा तो हो सकता है मुझे भी राजनीति के नए पाठ पढ़ने के मिल जाएंगे। आईए सबसे पहले हमारे कौन से बूथ कार्यकर्ता हमारे साथ जुड़ रहे हैं।

संगीता प्रसाद (औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र)- नमस्कार प्रधानमंत्री जी। मैं संगीता प्रसाद...
पीएम- संगीता जी नमस्कार।
संगीता प्रसाद- नमस्कार सर। मैं संगीता प्रसाद बोल रही हूं। औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से।
पीएम- और विधानसभा क्षेत्र कौन सा है।
संगीता प्रसाद- विधानसभा क्षेत्र हमारा रफी गंज है सर।
पीएम- रफी गंज से हैं। और आपका बूथ संख्या कौन सी है।
संगीता प्रसाद- बूथ संख्या 110 है सर।
पीएम- अच्छा तो संगीता जी, मैं आपसे कोई सवाल पूछूंगा ये कोई आपकी एक्जाम लेने के लिए नहीं है। यह सिर्फ मेरी जानकारी के लिए हैं। और हमारा संवाद ठीक से चले इसलिए मैं प्रशन पूछ रहा हूं। पहले तो संगीता जी मुझे खुशी है कि आज की चर्चा की शुरुआत बिहार की नारी शक्ति से हो रही है। अच्छा बताइए आपके यहां चुनाव प्रचार कैसे चल रहा है?
संगीता प्रसाद- जी चुनाव प्रचार बहुत ही अच्छे तरीके से चल रहा है। और इस बार नारियों में एक अलग सा जोश भरा हुआ है। नारियां जो हैं बहुत ही उत्साहित हैं आरक्षण हो जाने से। हालांकि पहले भी नारियों को बहुत सारे लाभ मिले हैं लेकिन उसके अलावा जब ये आरक्षण आया है पिछले साल तो बहुत की ज़्यादा उत्साहित हैं इस बार और भाज़पा के लिए समर्पित दिख रही हैं।
पीएम- लेकिन क्या गांव का एक सामान्य वोटर महिला है उसको भी ये नारी शक्ति वंदन अधिनियम से कोई लाभ महसूस होता है, उसको क्या फील होता है?
संगीता प्रसाद- जी आरक्षण का भले ही उन्हें लाभ न मिल रहा हो लेकिन नारियों के लिए पहले जिस तरह की योज़नाएं चलाई गई हैं चाहे वो मातृ वंदन कार्यक्रम चलाया गया है जिसमें उन्हें पैसे दिये जाते हैं या फिर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ या उन्हें शौचालय का जो लाभ दिया गया है तो ये सारी चीज़ें उन्हें बहुत प्रभावित कर रही हैं।


पीएम- अच्छा प्रचार के लिए आप क्या कर रहे हैं क्योंकि आपके यहां तो पहले राउंड में ही वोटिंग है। 19 तारीख को ही वोटिंग है आपके यहां तो, चुनाव तो बहुत जोर पकड़ गया होगा तो क्या करते हैं दिन भर कैसे करते हैं।
संगीता प्रसाद- जी हमारी सभाएं भी होती हैं और सभा होने के साथ हमलोग टोली बनाके घर-घर जाते हैं। महिलाओं के टोली होती हैं हर टोली में कुछ और महिलाएं शामिल होती हैं जो घर के अंदर तक जाती हैं। महिलाओं से बात करती हैं उन्हें आपके द्वारा दिया गया जो लाभ है उन सब बातों पे चर्चा करती हैं।
पीएम- ऐसा तो नहीं है न आपलोग एक जुलूस की तरह जा रहे हैं, नारे बुला रहे हैं। और लोग घर से बाहर आएं तो आप उन्हें पैंपलेट पकड़ा देते हैं। फिर नमस्ते वोट देना कि घर में बैठ करके आराम से बात करना। अलग-अलग योजनाएं बताना, उनके विषय में जानकारी, उनको क्या लाभ मिला है, ऐसा करते हैं क्या?
संगीता प्रसाद- जी, हमलोग दोनों तरह से जा रहे हैं, सभाएं होती हैं लेकिन अधिकतर घर-घर जा रहे हैं, घर के अंदर तक।
पीएम- बूथ लेवल पर तो सभा नहीं होती होगी।
संगीता प्रसाद- बूथ लेवल पे सभाई नहीं होती है, मीटिंग होती है छोटी-मोटी सर, जिसमें हमलोग तय करते हैं कि अगला कैसे जाएंगे। उसके बाद हमलोग घर-घर पहुंचते हैं और घर-घर पहुंचते हैं, अधिकतर जगह तो हमारा...(आडियो बंद) और फिर बैठकर चर्चा करते हैं।
पीएम- अच्छा आपके क्षेत्र में तो फर्स्ट टाइम वोटर हैं, महिलाएं हैं, बुजुर्ग हैं, अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थी हैं। ये संपर्क की योजनाएं हैं... क्या बूथ के सभी मतदाताओं का एक राउंड हो गया होगा?
संगीता प्रसाद- जी बिलकुल हो चुका है।
पीएम- आप जरा विस्तार से बताइए न।
संगीता प्रसाद- सारे बूथ पे सारे मतदाता जो है एक-एक घर का, अभी दूसरा राउंड चल रहा है हमारा सर। और दो-तीन दिन के बाद हमारा तीसरा राउंड भी शुरू हो जाएगा। हमलोग हर घर तक पहुंच चुके हैं आपका नमस्कार सारे लोगों तक जा चुका है। और हमलोग अभी बता रहे हैं कि इस बार हमारे प्रधानमंत्री जी ने किस तरह के लाभ आप लोगों को पहुंचाए हैं और आगे कौन सी योजनाएं जो आपको मिल सकती हैं और किस तरह का लाभ मिल रहा है। इसके बाद ही हमारी तीसरी राउंड भी चालू होगी। और पन्ना प्रमुख भी अपना काम अच्छे से कर रहे हैं। वो हमेशा संपर्क में बने हुए हैं अपने वोटर्स के साथ।
पीएम- उनके मन में...जब मतदाताओं से मिलते होंगे आप, जैसे फर्स्ट टाइम वोटर है, तो फर्स्ट टाइम वोटर तो ऐसा है कि जिसने जंगलराज भी नहीं देखा और न ही 2014 से पहले का जो यूपीए का राज था, उसमें जो बुराइयां थी, वो तो आठ-दस साल का होगा, उसको कुछ पता भी नहीं होगा। तो उसको समझाते हैं सारी बातें?
संगीता प्रसाद- जी बिलकुल समझाते हैं और साथ ही साथ फर्स्ट टाइम वोटर जो हैं मोस्टली एजुकेटेड हैं सर। आज का जेनेरेशन एजुकेटेड है, वो एजुकेटेड वोटर्स भले ही हमारे यहां के जंगलराज को न देखे हों, लेकिन वो ये समझने के लिए सक्षम हैं कि किस तरह से अगर सही चुनाव न किया जाए, सही लोगों को न लाया जाए तो किस तरह से हम पीछे की ओर जा सकते हैं। तो युवाओं को भी या जो नए वोटर्स हैं, उन्हें भी हम समझा पा रहे हैं कि किस तरह से आपको रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, और बाकी जो कौशल विकास योजना है, या जिस तरह से प्रधानमंत्री जी के अन्य लाभार्थी योजना, ये सब दी जा रही है। उससे कैसे उन्हें लाभ हो सकता है और इसलिए वो भी बहुत उत्साह में हैं।
पीएम- संगीता जी, बिहार में नारीशक्ति के उत्साह की बात सुनकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। बिहार ने तो वो दौर भी देखा है जब औरतों को घर बाहर निकलना तक मुश्किल होता था। लेकिन NDA के शासन में बिहार में कानून व्यवस्था का राज कायम हुआ और विकास योजनाओं का प्रभाव दिखने लगा। मेरी सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं को सलाह है कि हर क्षेत्र में NDA के सब साथी मिल करके काम करें। जो भी NDA के छोटे-मोटे जितने भी कार्यकर्ता हैं, हर बूथ लेवल पर सब मिल करके काम करें और कार्यकर्ताओं को सलाह कि लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें दो दशक पहले के जो हालात थे उसका विस्तार से वर्णन करके याद कराना चाहिए। आपको पता है कि अब 6 अप्रैल को भाजपा का स्थापना दिवस है। स्थापना दिवस पर आप अपने बूथ पर एक सम्मेलन करें और पुराने लोगों से कहें, जो बुजुर्ग लोग हैं गांव में, वो अपने पुराने अनुभव बताएं कि जंगल राज में क्या-क्या होता था, कैसी मुसीबतें थी, और जब वो लोग बताएंगे तो ये नई पीढ़ी को पता चलेगा, माताओं-बहनों को याद आएगा। बहुत से घर तो ऐसे होंगे जो लोग अब बाहर रहने चले गए होंगे। कहीं बहू बाहर से आयी होगी, इन सब को पुरानी चीज़ें बताना बहुत जरूरी है। और साथ साथ दस साल में हमने जो काम किये हैं। नीतीश जी के नेतृत्व में जो काम हुए हैं वो सारी बातें उनको बतानी चाहिए। और आप जब लोगों से मिलें तो उनके सामने दो स्थितियों की तुलना जरूर करें। एक तो उन्हें ये बताना है कि पिछले दस वर्षों में देशभर में विकास ने कैसे तेज रफ्तार पकड़ी है। दूसरा उनसे भ्रष्टाचार और परिवारवाद से होने वाले नुकसान की चर्चा करनी चाहिए। आप लोगों से मिलकर ये भी बताइए कि उनके एक वोट से केंद्र की NDA सरकार को बिहार के लिए और जादा से जादा काम करने की शक्ति मिलेगी। उनका वोट सीधा-सीधा मोदी को जाने वाला है। तो ये बात हर बूथ पर हर घर में, हर मतदाता को बार-बार बतानी चाहिए। चलिए संगेता जी मुझे अच्छा लगा आप से बात करके। आईए अगले कौन कार्यकर्ता है जिनसे हमें बात करने का मौका मिलेगा।

पीएम- धर्मेंद्र जी नमस्कार।
धर्मेंद्र पासवान- नमस्कार सर। मैं धर्मेंद्र पासवान अपने पश्चिमी चंपारण लोकसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं और माननीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल की तरफ से आपको सादर प्रणाम करता हूं।
पीएम- मेरी तरफ से भी संजय जी को ज़रूर नमस्कार कहिएगा। आपकी विधानसभा क्षेत्र कौन सा है।
धर्मेंद्र पासवान- नौतन
पीएम- नौतन से। और बूथ संख्या आपकी।
धर्मेंद्र पासवान- 222
पीएम- अच्छा वाह, ट्रिपल टू है आपका तो। अच्छा धर्मेंद्र जी, अभी मैं संगीता जी से बात कर रहा था वो तो सुना ही होगा आपने। धर्मेंद्र आपके पास अपने बूथ के सभी वोटर की पूरी लिस्ट तो पहुंच ही गई होगी।
धर्मेंद्र पासवान- जी सर, पहुंच चुकी है।
पीएम- और इसमें किसका वोट कौन सा पॉलिंग स्टेशन है उसको कहां वोट देने के लिए जाना है, ये सारी जानकारी अभी लोगों को पहुंच रही है क्या।
धर्मेंद्र पासवान- हां, पहुंचा रहे हैं सर।
पीएम- और क्या क्या कर रहे हैं जरा मुझे समझाएंगे।
धर्मेंद्र पासवान- जी सर, मेरे पास अपने बूथ के सभी वोटर्स की पूरी सूची पहुंच गई है। ये श्रीमान जी मैं सभी को यह जानकारी व्यक्तिगत रूप से मिलकर दे रहा हूं ताकि वे लोग असानी से बूथ संख्या 222 पर जाकर या अपने, जिनका जहां बूथ है वहां पे जाकर कमल के निशान पर और हमारे माननीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल जी को पुनः विजयी बनाने का संकल्प लें।
पीएम- अच्छा आपके बूथ में जो NDA के और साथी होंगे उनका भी मिलना जुलना हो जाता है
धर्मेंद्र पासवान- होता है सर।
पीएम- सब साथ में मिलकर निकलते हैं।
धर्मेंद्र पासवान- जी सर, पांच-दस की टोली लेते हैं अपने नौजवान साथियों को, और घर-घर जाकर आपका प्रणाम और नमस्कार बोलते हैं।
पीएम- अच्छा इस चुनाव में सबसे ताकतवर नारा कौन सा चल रहा है बिहार में। कौन सी चीज सबसे ज़्यादा चल रही है।
धर्मेंद्र पासवान- फिर एक बार मोदी सरकार। चार जून चार सौ पार।
पीएम- और मोदी की गरंटी।
धर्मेंद्र पासवान- मोदी जी की गारंटी। फिर एक बार मोदी सरकार।
पीएम- अच्छा आपके इलाके में योजनाओं के जो लाभार्थी हैं उनकी सूची, उन सभी लाभार्थी से बातचीत करना और उनके अनुभव सुनना, वो अनुभव की वीडियो बनाना, वीडियो को अपलोड करना, उस दिशा में कुछ काम हो रहा है क्या?
धर्मेंद्र पासवान- जी सर, मेरे इलाके के सभी लाभार्थियों की सूची मेरे पास उपलब्ध है। मैंने विभिन्न प्रकार के लाभार्थियों से आपके द्वारा दिए गए अनेक प्रकार की योजनाओं जैसे मुद्रा योजना, किसान सम्मान निधि योजना, का सम्मेलन कराया जिसमें हमारे स्थानीय नेता का भी मिलना हुआ। और मैं व्यक्तिगत रूप से लगातार उनके संपर्क में रहता हूं।
पीएम- देखिए आपको तो मालूम हैं जब 2014 में पार्टी ने और NDA के सब साथियों ने मुझे नेता चुना तो उस दिन मैंने भाषण किया था और भाषण में मैंने कहा था कि मेरी ये सरकार गरीबों को समर्पित है, वंचितों को समर्पित है। क्या गरीब और वंचित लोग हमारे 10 वर्ष के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, क्या बोलते हैं।
धर्मेंद्र पासवान- इन 10 वर्षों में जो सम्मान आपने और आपकी सरकार ने हमारे वर्ग के लोगों को दिया, हम आपका सदा अभारी रहेंगे। हमें आपकी सरकार ने आगे बढ़ने का उचित अवसर और हौसला दिया है।
पीएम- सारे गरीब, वंचित लोग बोलते हैं ऐसा?
धर्मेंद्र पासवान- जी सर।
पीएम- अच्छा आप महिला वोटर और नौजवानों से संवाद के लिए किस तरह से उनसे बातचीत करते हैं। आपके साथ महिलाएं भी निकलती होगी प्रचार में, फर्स्ट टाइम वोटर क्या बातें करता है।
धर्मेंद्र पासवान- महिलाओं को भी शामिल किया है, हमारे युवा साथी, स्कूल और कॉलेज में जाकर युवाओं के बीच आपके द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हैं। और हमारी महिला साथी घर-घर जाकर व्यक्तिगत रूप से भी...
पीएम- लेकिन स्कूल-कॉलेज में तो कहीं एग्जाम चलती होगी कहीं छुट्टियां चल पड़ी होगी।
धर्मेंद्र पासवान- जब भी एग्जाम चलता है उस पीरियड में नहीं जाते हैं। उसमें भी संगठन चलता है छात्र नेताओं का, उस पीरियड में हमलोग जाते हैं। आपके द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को महिलाएं बताती हैं और भारतीय जनता पार्टी को वोट करने के लिए प्रेरित करती है।
पीएम- ये जो मुफ्त राशन देते हैं हम। उनको पता है आने वाले पांच साल भी चालू रहने वाला है।
धर्मेंद्र पासवान- यस सर, जब तक आप रहेंगे, तब तक चलता रहेगा, ऐसा विश्वास है।
पीएम- धर्मेंद्र जी आप इतने उत्साह में हैं और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। आपको सुनकर मेरा भी उत्साह बढ़ रहा है।
धर्मेंद्र पासवान- मैं बहुत भाग्यशाली हूं सर कि मुझे ऐसे प्रधानमंत्री से बात करने का मौका मिला है सर।
पीएम- हम सब कार्यकर्ता हैं भई। सब कार्यकर्ता हैं। हरेक को अलग-अलग काम मिलता है मुझे यहां ये काम मिला है, आपको वहां वो काम मिला है लेकिन हम सब कार्यकर्ता हैं। अच्छा धर्मेंद्र जी आपके माध्यम से बिहार के जितने भी कार्यकर्ता अभी हमारे साथ जुड़े हैं, मैं उनसे यही कहूंगा कि आजादी के बाद के दशकों में बिहार के युवाओं को अगर अपने ही राज्य में शिक्षा और रोजगार का अवसर मिलता तो उनकी प्रतिभा बिहार के काम आती। इतना ही नहीं, देश के भी बहुत काम आती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे संतोष है कि अब एनडीए के शासन में स्थिति बदल रही है। बिहार के युवाओं ने स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इन युवाओं को केंद्र सरकार की मुद्रा योजना जैसी योजनाओं का फायदा मिल रहा है। और मैंने एक बार मन की बात में जब मैं बात कर रहा था तो मेरे बिहार के कुछ नौजवान, जिनको मुद्रा योजना का लाभ मिला है। उनसे जब मैंने बातें की तो इतनी सफलता उन्होंने पाई है। इतना ही नहीं, एक बार मेरी बात हुई एक भाई से। जो कोविड के समय शहर में से काम छोड़कर घर आए थे। अब कोविड का समय था लॉकडाउन था तो क्या करे। तो उन्होंने अपना एक काम शुरू कर दिया। और वो काम इतना आगे बढ़ गया कि वो खुद ही एक व्यापारी बन गए। तो मैंने तो देखा है कि बिहार के युवाओं में बहुत बड़ी ताकत है। और अब वो स्वरोजगार में भी काफी बढ़ रहे हैं। ऐसे युवाओं के बारे में सोशल मीडिया पर लिखकर मतदाताओं तक संदेश पहुंचाया जा सकता है। ऐसे युवाओं की छोटी-छोटी रील बनानी चाहिए, उनकी सफलता की बातें बतानी चाहिए और उन्हीं की भाषा में बतानी चाहिए और वो सोशल मीडिया पर लोगों को पहुंचाना चाहिए। और हमारे जो वंचित समुदाय के लोग हैं, उन्हें सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर लगातार बताते रहना चाहिए। आप समाज के प्रभावशाली लोगों के साथ छोटी-छोटी बैठकें भी जरूर करें। क्योंकि एक पोलिंग बूथ में आठ-दस ऐसे प्रमुख लोग होते हैं जिनका वहां के मतदाताओं पर प्रभाव होता है। किसी का 50 मतदाता पर प्रभाव होता है किसी का 100 पर होता है, किसी का 200 पर होता है। उन लोगों की मदद जरूर लेनी चाहिए। और अभी से उनको पक्का कर लेना चाहिए कि नहीं इस बार तो आपको मदद करनी ही होगी। तो जितना आप ऐसे जो प्रभावी मतदाता हैं, जिनका 50,100, 200, 500 पर प्रभाव रहता है, उनको साथ लेना, उनके साथ लगातार बैठना, हमारे कोई बड़े लीडर आ जाए तो मिलवाना, ये हमने जरूर करना चाहिए। देखिए इन दिनों गर्मी भी बहुत होगी। और इसलिए हमारे जो वरिष्ठ नागरिक हैं, बुजुर्ग माता-बहनें हैं, दादा-दादी हैं उन लोगों को मतदान केंद्रों तक ले जाने की व्यवस्था और सुबह-सुबह उनका मतदान हो जाए, हमें अभी से ये पता होना चाहिए कि भई हमारे बूथ में 40 लोग ऐसे हैं जो बुजुर्ग हैं उनकी व्यवस्था करनी है, तो अभी से काम तय करना चाहिए। कि चलो भई ये 40 लोग हैं, ये पांच लोगों की कौन जिम्मेवारी लेगा, ये पांच लोगों की कौन जिम्मेवारी लेगा, ऐसा पक्का कर लेना चाहिए। और जो पन्ना प्रमुख है न उनके साथ तो रोज शाम को सब काम पूरा करने के बाद डेली बैठना चाहिए। एक जगह तय कर देनी चाहिए। सब लोग दिनभर का काम पूरा करके वहां आ जाएं। और उनके बैठकर दिनभर क्या हुआ, क्या अनुभव आया, किसी क्षेत्र में बाहर से किसी का टेलीफोन कराने की जरूरत है क्या। किसी को मिलवाने की जरूरत है क्या। ये सारे काम रोज करना चाहिए। मुझे पक्का विश्वास है, बिहार के हमारे कार्यकर्ता तो बहुत अनुभवी हैं, शायद मैं जो कह रहा हूं, उससे भी ज्यादा करते होंगे। चलिए मुझे बहुत अच्छा लगा धर्मेंद्र जी। आइए हम आगे बढ़ते हैं, और कौन कार्यकर्ता है जिनसे बात करेंगे।

पुनीता बर्णवाल (नवादा लोकसभा क्षेत्र) – माननीय प्रधानमंत्री जी सादर प्रणाम। मैं पुनीता बर्णवाल नवादा लोकसभा क्षेत्र से बूथ संख्या 301 से हूं।
पीएम- पुनीता जी नमस्ते। आप कैसे हैं। परिवार में सब ठीक है।
पुनीता बर्णवाल- सभी अच्छा है। बस आपका आवाज सुनकर काफी उत्साहित हूं।
पीएम- अरे देखिए, गर्मी का मौसम है, और आपलोग इतनी मेहनत कर रहे हैं। तो मेरी तो सब कार्यकर्ताओं एक प्रार्थना है कि गर्मी के दिनों में जब बहुत काम करते हैं न। पानी बहुत पीना चाहिए। अपने साथ पानी रखना ही चाहिए। और जितना ज्यादा पानी...मैं तो कहता हूं संपर्क करने जाएं तो उससे पानी मांगना चाहिए। हर घर से पानी पीना चाहिए। क्योंकि गर्मी के दिन हैं, कार्यकर्ताओं की तबियत संभालना भी बहुत जरूरी है। अच्छा मुझे बताइए, ऐसे गर्मी के मौसम में काम का कैसे बनाया है, कैसे संपर्क करते हैं आपलोग? कैसे जाते हैं कैसे अभियान चलाते हैं।
पुनीता बर्णवाल- मोदी जी, सबसे पहले तो मैं कहना चाहूंगी कि आप हमारे प्रेरणास्रोत हैं। जहां पे आप 18-18 घंटे काम कर रहे हैं, वहां पे हमलोग जाहिर सी बात है कि प्रोत्साहन हमें आपसे मिलती है और मैं बिना किसी परेशानी फेश किए करती हूँ और कोशिश कर रही हूं कि सभी जनसभा में अपना बात रखकर चुनाव सही से हो सके और सभी इस चीज को समझ सकें।
पीएम- पुनिता जी देखिए हम सब कार्यकर्ता हैं और मैंने कार्यकर्ताओं को भी एक गारंटी दी है। आपको शायद याद है कि नहीं, मुझे मालूम नहीं, मैंने कार्यकर्ताओं को गारंटी दी है कि आप अगर 11 घंटे काम करेंगे तो मैं 12 घंटे काम करूंगा। आप अगर 12 घंटे काम करेंगे तो मैं 13 घंटा काम करूंगा आप अगर 15 घंटा काम करेंगे तो मैं 16 घंटा काम करूंगा। मैंने गारंटी दी है कार्यकर्ताओं को और मैं कार्यकर्ताओं को जो गारंटी दी है न उसका भरपूर पालन करता हूं। अच्छा पुनीता जी बताइए आप अपने बूथ के स्तर पर किस तरह के कार्यक्रम करके लोगों को साथ जोड़ रहे हैं।
पुनीता बर्णवाल- सर मैं गांव-गांव जाकर, जहां तक कोशिश होती हे महिलाओं के घरों में जाकर आपकी उपलब्धियां, योजनाएं बताती हूं।
पीएम- तो आप बूथ में काम नहीं करती, गांव-गांव जाकर के काम करती है।
पुनीता बर्णवाल- हां कुछ गांव भी गई हूं उसके बाद कई घर भी जाकर महिलाओं से संपर्क की हूं।
पीएम- देखिए, मेरी अपेक्षा ये है कि हम बूथ पर ही ताकत लगाएं लेकिन वर्ना सब लोग दौरा करते रहेंगे, इधर जाएंगे उधर जाएंगे तो हमारी शक्ति बहुत ज्यादा व्यवय हो जाएगी और इसलिए मेरा आग्रह है कि हर एक की शक्ति बूथ पर लगनी चाहिए और बूथ जीतने के लिए क्या करते हैं उस पर ही मैं जानना चाहता हूं।
पुनीता बर्णवाल- बूथ जीतने के लिए सभी योजनाएं जो हैं, उसके बारे में मैं बताती हूं, जिससे लाभार्थी लोग भी बताते हैं, उत्साहित होते हैं कि उन्होंने क्या क्या लाभ लिया है जैसे शौचालय योजना का था, उसके बाद विश्वकर्मा योजना था। इसमें कुछ लोगों ने रजिस्ट्रेशन भी करवाया है और लोन लिया है।
पीएम- सभी कार्यकर्ताओं से मेरा आग्रह है कि ये भी बताइए, हो सकता है गांव में दो-चार लोग होंगे जिनको घर नहीं मिला होगा। दो-चार लोग होंगे, शायद उज्जवला का कनेक्शन नहीं मिला होगा। दो-चार लोग होंगे जिनको नल से जल नहीं मिला होगा। उनको जरूर बताना कि मोदी जी ने ये जो काम शुरू किया है, कुछ घरों में पहुंचा है, कुछ घरों का बाकी है, उनका भी मोदी अगली बार आकर पूरा करने वाले हैं। ये बात हर घर में बताइए। ऐसा नहीं कि योजना बंद हो गई। नहीं, मैं तो जो भी हकदार है, उनको पूरा पहुंचाना चाहता हूं। ये बात सबको बतानी होगी।
पुनीता बर्णवाल- ये हमारी पूरी कोशिश है प्रधानमंत्री जी, कई लोगों ने बताया भी है कि जैसे पीएम आवास योजना के तहत बहुत लोगों को मिला भी है और कुछ लोग नहीं भी...उनको हमलोग संपर्क में लिए हैं। उसके अलावा भी और भी योजनाएं हैं, जो हमलोग बताएं हैं, और वो लोग लाभ लिए हैं।
पीएम- पुनीता जी हमारे कार्यकर्ता ज्यादा प्रचार करते हैं कि वोट पक्का करते हैं, क्या करते हैं? मेरा सवाल जरा कठिन है। देखिए होता क्या है प्रचार तो हम बहुत करते रहते हैं। देखिए, चुनाव एक विज्ञान है। और उसमें तो वोटों की गिनती होती है। और गिनती में जो जीतता है वही जीतता है। और इसीलिए हमारा काम सिर्फ प्रचार करना नहीं है, हमें वोट पक्का करना है। ये वोट पक्का करना बहुत बड़ा काम होता है। कभी-कभी हमको क्या लगता है कि हमने 10 लोगों को बता दिया तो हमारा काम हो गया है। 10 लोगों को बताना तो शुरुआत है। हमें कागज पर लिखकर तय करना चाहिए कि इस घर में पांच वोट है। तीन वोट पक्के हुए। दो लोगों से अभी बात करनी पड़ेगी। फलाने घर में चार वोट है एक वोट पक्का हो गया। बाकी तीन के लिए बात करनी पड़ेगी। ये करते हैं क्या।
पुनीता बर्णवाल- हां, हमलोग वोट पक्का करती हैं। इस सारे को हमलोग मिलकर करते हैं।
पीएम- पुनीता जी मुझे पता चला है कि बिहार में एनडीए की वापसी के बाद माताएं-बहनें बहुत खुश है। आप जब अपने बूथ पर महिलाओं से मिलती हैं। तो वो इससे कितना उत्साह में दिखती है।
पुनीता बर्णवाल- ये तो हम शब्द में बयां नहीं कर सकते हैं चूंकि जितनी प्रशंसा मैं करूं वो कम है। जब महिलाओं से बात करती हूं तो वो भी अपने मुख से ऐसी ही बात करती हैं। आप जो महिला सशक्तिकरण के लिए काम किए हैं। उसके लिए वो लोग उत्साहित हैं। शक्ति वंदन अधिनियम और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के तहत जो कार्य हुआ है। इससे महिलाएं काफी उत्साहित हैं।
पीएम- ये महिलाओं को मालूम है कि मैं तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए काम करने वाला हूं अगले पांच साल। और हिंदुस्तान में गांव में तीन करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन जाए, तो गांव की शकल-सूरत बदल जाएगी। अच्छा पुनीता जी इस बार के चुनाव में कौन से मुद्दे, जिसकी वजह से उन्होंने एनडीए को मोदी को वोट करने का फैसला कर लिया है।
पुनीता बर्णवाल- इसके लिए तो सर्वप्रथम तो महिला सशक्तिकरण का है, उसके बाद तीन तलाक योजना है, सुकन्या योजना है, फिर आयुष्मान योजना, ई-श्रमकार्ड है, किसान निधि योजना है, विश्वकर्मा योजना है, ये सभी फिलहाल इसका मुद्दा है।
पीएम- चलिए पुनीता जी मुझे बहुत अच्छा लगा। और आपकी हर बात से लगता है कि आप बहुत ही सक्रिय कार्यकर्ता हैं। आपके पास हर चीज की जानकारी है, मुझे बहुत सुन करके अच्छा लगा। पिछले 10 वर्ष में देश की माताओं-बहनों-बेटियों ने देखा है कि देश में एक ऐसी सरकार है जो नारीशक्ति की शक्ति बढ़ाने के लिए काम कर रही है। और आपको मालूम है मैं शक्ति की पूजा करता हूं। और ये इंडी अलायंस वाले कहते हैं शक्ति का विनाश करेंगे। इस शक्ति का विनाश करने की सोच वाले लोग ये देश का कितना बुरा करेंगे, इसका आप अंदाज कर सकते हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक भाजपा ने हर स्तर पर महिलाओं को सशक्त करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। अब केंद्र सरकार ने जैसा मैंने बताया लखपति दीदी बनाने का अभियान तेज किया है, इसी तरह ड्रोन दीदी योजना का विस्तार हो गया है। इन योजनाओं को महिलाओं तक लेकर जाएं और बताएं कि केंद्र की एनडीए सरकार उनके लिए कितना सोच रही हैं। मेरा एक और सुझाव है, अब ये चैत्री नवरात्रि आएगी, तो इस नवरात्रि में बिहार की जो नारीशक्ति है, हमने अपनी महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी देने के लिए इस नवरात्रि के दिनों में एक विशेष महिलाओं का संपर्क अभियान करना चाहिए। और उसको आप शक्ति संपर्क अभियान आप नाम दे सकते हैं। और नवरात्रि के अंदर ये मातृस्वपरूपा शक्तिस्वरूपा हमारी जो नारीशक्ति है उनके साथ बात करनी चाहिए। लोकतंत्र में नारीशक्ति की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, विकसित भारत का हमारा संकल्प भी उतना ही सशक्त होगा। पुनीता जी आपसे बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा। आइए हम अब और किसी कार्यकर्ता के पास चलते हैं। अब मेरे साथ कौन बात करेंगे।

संजीव कुमार साह (मधुबनी लोकसभा क्षेत्र)- जी नमस्कार सर, मैं संजीव कुमार साह, लोकसभा मधुबनी, विधानसभा जाले, बूथ संख्या 85 का मैं बूथ अध्यक्ष हूं सर।
पीएम- हां, संजीव जी बताइए। जरा आपके इलाके का हालचाल बताइए न।
संजीव कुमार साह- बहुत अच्छा है सर। इस बार तो रामनवमी तो बहुत अच्छे से मनेगा सर।
पीएम- हां, अरे भाई, मिथिला की धरती के लिए तो इस बार रामनवमी बड़ी अदभुत होने वाली है क्योंकि रामलला भव्य मंदिर में विराजे हैं तो पूरी मिथिला गर्व महसूस कर रही है। मुझे बताइए लोगों में कैसा उत्साह है।
संजीव कुमार साह- बहुत अच्छा उत्साह है सर। मां सीता को 500 वर्षों के बाद अपना घर मिला है। इस बार रामनवमी बड़ी उत्साह और श्रद्धा के साथ हमलोग मनाएंगे।
पीएम- तो लोग हमें आशीर्वाद दे रहे हैं क्या?
संजीव कुमार साह- जी डबल रामनवमी होगा सर इस बार।
पीएम- अच्छा गांव में गरीब को घर मिला और सीता माता को भी घर मिला। देखिए,
संजीव कुमार साह- जी।
पीएम- देखिए संजीव जी, ये जो दरभंगा का एयरपोर्ट शुरू हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को कितनी सहूलियत मिल रही है।
संजीव कुमार साह- बहुत सहूलियत मिल रही है। सहूलियत का तो सर एक घटना घटा था मेरे गांव में। मेरा एक छोटा सा कार्यकर्ता था पन्ना प्रमुख। उसकी मां का देहांत हो गया। पहले टाइम लगता था सर दो-तीन दिन आने में। बट हमलोग उसको कॉल किए तो फ्लाइट का टिकट बुक करा दिए तो एक-दो घंटे में घर पहुंच गया और मां के संस्कार में शामिल हो गया। बहुत खुशी है इस बारे में।
पीएम- चलिए, भले दुखद प्रसंग था लेकिन फिर भी बेटा जब मां के पास पहुंच जाता है तो सबको संतोष हुआ होगा। मुझे भी लगता है कि चलिए भाई एयरपोर्ट बना लेकिन ऐसे काम आया जहां बेटे को भी संतोष हुआ होगा और मां की आत्मा को भी शांति मिली होगी।
संजीव कुमार साह- जी डेढ़ घंटा में पहुंच गया सर।
पीएम- अच्छा संजीव जी, आपके बूथ के कुछ परिवार ऐसे भी होंगे जिनके सदस्य दूसरे राज्यों में रहते हैं। ऐसे परिवारों से दो शहरों के बारे में फीडबैक मिलता है। वह जहां रहते होंगे वहां का बताते होंगे भई वहां भाजपा का कैसा है, क्या चल रहा है, चुनाव का कैसा चल रहा है तो उनसे क्या जानकारी मिलती है।
संजीव कुमार साह- जी जानकारी उनसे यही मिलता है कि वन नेशन वन राशन कार्ड से राशन उठा लेता है। और आयुष्मान कार्ड जैसे हम लोग खुद बनाते हैं सर। वो कहीं से इलाज करवा लेते हैं।
पीएम- ये लोगों को पता है कि बिहार का व्यक्ति भी आयुष्मान कार्ड है और वह गुजरात में होगा तो भी उसका उपचार हो जाएगा, चेन्नई में होगा तो भी उपचार हो जाएगा। ये सबको मालूम है।
संजीव कुमार साह- जी। एक सर मेरा कार्यकर्ता था उसका पापा मुंबई में रहता था, उसका इलाज हम पारस, दरभंगा में करवाए थे।
पीएम- चलिए मुझे अच्छा लगा। देखिए, हां बताइए कुछ कह रहे थे संजीव जी।
संजीव कुमार साह- और भी आसानी हुई है सर। पैसा भेजने का भी सही तरीका हो चुका है, आसानी से यूपीआई से।
पीएम- हां, यूपीआई से पैसा आ जाता है। मैंने देखा है, हमारे गुजरात में जो बिहार के भाई रहते हैं वह मुझे बताते हैं अब तो वे मां से वीडियो पर बात करते हैं। देखिए संजीव जी, मैथिल परंपरा में दामाद को ईश्वर का रूप कहा जाता है लेकिन आपके लिए तो ईश्वर ही दामाद है। मैंने देखा था कि कैसे 22 जनवरी को राम मंदिर का उत्सव होने पर मिथिला के लोगों ने अपनी बेटी के घर उपहार भेजे। मैंने देखा कि कैसे मिथिला की महिलाएं भावुक थी भगवान राम को पाहुन कहते हुए उनकी आंखें भर आई थी। मेरे लिए वह बहुत बड़ा भावुक क्षण था जी। वो हमेशा मुझे याद रहेगा। आप लोगों के आशीर्वाद से ही मुझे भगवान राम के प्राण-प्रतिष्ठा संकल्प का सौभाग्य मिला। लेकिन मुझे इसका दुख भी है कि बिहार के इंडी अलायंस के नेता उन लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व को ही नकार दिया था। मेरा आग्रह है कि मिथिला में जब आप जनसंपर्क करें, तो लोगों को ये सच भी जरूर बताइए। चलिए आगे बढ़ते हैं, संजीव जी से बहुत अच्छी बात हो गई। अब और कार्यकर्ता कौन है जिससे बात करेंगे।

राहुल शर्मा (खगड़िया लोकसभा क्षेत्र)- प्रधानमंत्री जी को बूथ अध्यक्ष राहुल शर्मा जी का प्रणाम।
पीएम- राहुल जी नमस्ते भैया।
राहुल शर्मा - नमस्ते।
पीएम- बताइए, अपने बारे में।
राहुल शर्मा – सर, मैं खगड़िया लोकसभा क्षेत्र से हूं। बूथ संख्या सर मेरा 174 है।
पीएम- आपका तो नाम ऐसा है कि पूरा गांव आपको जानता होगा।
राहुल शर्मा – सर नहीं समझे।
पीएम- मैंने कहा आपका तो नाम ऐसा है कि पूरे गांव के लोग...। अच्छा राहुल जी खगड़िया के ग्रामीण क्षेत्र को लेकर मैं जानने के लिए बहुत उत्सुक हूं। जिन बुजुर्गों ने बिहार में एक लंबे समय तक राजनीति को देखा है, वो बीते 10 वर्षों में हमारे कामकाज का कैसे तुलना करते हैं क्योंकि बिहार में तो सब लोग बैठते हैं तो राजनीति की बहुत बातें कर सकते हैं। तो वो क्या बातें करते हैं?
राहुल शर्मा – सर बुजुर्गों का कहना है कि जैसे धारा 370 हटी जो दशकों से थी, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके रहते-रहते ये चली जाएगी। तो वो सामने आए, उस पर बहुत चर्चा होती है। और सबसे बड़ा श्रीराम प्रभु जो सदियों से जो काम रुका था, प्रभु राम का घर जो उनको नहीं मिल रहा था, वह भी आपके नेतृत्व में पूरा हुआ। और सर ये हमारा जो जिला है पूरा ग्रामीण क्षेत्र है, सात नदियों से घिरा हुआ है, ये सर मक्का प्रधान क्षेत्र है। इन 10 वर्षों में हमारे क्षेत्र में पुल और सड़कों का बहुत बड़ा निर्माण हुआ है। जो पहले की अपेक्षा बहुत ज्यादा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यालय पहुंचने में गांव वालों को बुजुर्गों को बहुत आसानी होती है। और आप जब से प्रधानमंत्री बने हैं तब से बिजली की व्यवस्था भी अच्छी हुई है। और मुद्रा योजना जो चली, बिहार पलायन बहुत होता है, कमाने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है, तो बहुत से युवाओं को मुद्रा योजना के तहत लाभ मिला है, अब वे अपने घर में ही व्यापार कर रहे हैं। ये उनका कहना है कि पहले तो उनको जाना पड़ता था, घर में कठिनाई भी होती थी। और मोदी सरकार बनने के बाद...।
पीएम- आपके यहां खेती कौन सी ज्यादा होती है।
राहुल शर्मा – मकई की होती है सर।
पीएम- मक्का।
राहुल शर्मा – हां, मक्का।
पीएम- तो आपके यहां पीएम किसान सम्मन निधि के पैसे लोगों को मिलते हैं?
राहुल शर्मा – जी मिलते हैं।
पीएम- तो वो सब को खुश है कि मोदी जी घर बैठे पैसे भेज देता है।
राहुल शर्मा – जी सर, इसमें तो सब खुश है कि आज जो भी है वो सारे आनलाइन पैसे आ जाते हैं। किसी को दौड़ना नहीं पड़ता।
पीएम- देखिए आप किसानों को जरूर बताइए कि हमारा जो एथेनॉल का प्रोजेक्ट है ना, धीरे-धीरे हम मक्के से भी एथेनॉल बनाने वाले हैं और जब मक्के से एथेनॉल बनेगा तो किसानों को बहुत लाभ होने वाला है। ये आप किसानों को जरूर बताना। अच्छा राहुल जी, ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के बीच बिहार में हमारी एनडीए सरकार और केंद्र सरकार के काम को लेकर कैसा फीडबैक है?
राहुल शर्मा – एनडीए सरकार और केंद्र सरकार के काम को लेकर महिलाओं के प्रति किए गए...जैसे लखपति दीदी योजना, ग्रामीण इलाकों में बहुत प्रभाव डाल रही है सर। इस योजना से अधिक से अधिक महिलाएं जुड़ना चाहती हैं और जुड़ी भी है। इस योजना से बहुत सी महिला की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उज्ज्वला योजना की भी चर्चा होती है। पहले उनको उपले में खाना बनना पड़ता था जिससे कठिनाई होती थी। और आवास योजना, जो कि पहले झोपड़ी के और खपरे के घर हुआ करते थे, बरसात में और गर्मी में बहुत दिक्कत होती थी। अब पक्के मकान बन गए। शौचालय योजना...पहले बाहर जाना पड़ता था, अब घर में सुरक्षित है।
पीएम- राहुल जी, भारत में एक प्रधानमंत्री थे जो ऐसा कहते थे कि दिल्ली से 1 रुपया निकलता है तो गांव जाते-जाते 15 पैसा हो जाता है। कोई पंजा 85 पैसे खा जाता था। अब आप ये भी जानते हैं कि जो परिवार वाली पार्टियां है और जंगलराज में सारा पैसा लूट लेती थी। अब जब हम डीबीटी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर करते हैं, सीधे बैंक के खाते में पैसे जमा करते हैं, इससे बिहार के जो सामान्य नागरिक हैं, जो भ्रष्टाचार के शिकार होते थे, उनका कितना विश्वास बढ़ा है।
राहुल शर्मा – उनका सर पूरा विश्वास बढ़ा है क्योंकि पहले जो थे, जो पैसे आते वो बिचौलिये खा जाते थे। अब ये सीधे पैसे खाते में आ रहे हैं। राशन की भी सबसे बड़ी सुविधा की बात चलती है। क्योंकि उसमें भी यही... जैसे कहीं भी है कोई, दिल्ली में हो या कहीं भी हो राशन ले सकता हैं, पहले राशन में भी यही बिचौलिये खाते थे और पैसे में भी खाते थे। राशन और डीबीटी से अब बिचौलिये हट गए हैं, इससे बहुत फायदा मिल रहा है सर।
पीएम- चलिए राहुल जी, मुझे बहुत अच्छा लगा। और मैं सभी बिहार के मेरे कार्यकर्ता आज इतनी बड़ी तादाद में मेरे साथ टेलीफोन पर जुड़े हैं और मुझे भी आप सब से बात करने का सौभाग्य मिला है। मैं सबसे तो अलग-अलग बात करना तो मुश्किल है लेकिन फिर भी पिछले 1 घंटे से मैं लगातार आप सबसे गपशप कर रहा हूं, आपकी भावना को समझ रहा हूं, आपके काम को समझ रहा हूं और मेरे लिए बहुत ही आनंददायक अनुभव रहा। देखिए बीते वर्षों में बिहार के लोगों ने बड़े परिवर्तन देखा है। सामाजिक न्याय हो, लोगों की गरिमा की रक्षा हो, नौजवानों के नए अवसर हो, इस पर एनडीए सरकार लगातार जोर दे रही है। हमारी सरकार ने कर्पूरी बाबू को भारत रत्न देकरके भी अपना मान बढ़ाया है। हमारी सरकार के प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और मुझे तो ज्यादा खुशी इस बात की है कि इन 25 करोड़ में साढ़े तीन करोड़ हमारे भाई-बहन बिहार के हैं। साढ़े तीन करोड़ लोगों का 10 साल में गरीबी से निकलना ये मेरे लिए तो इतना संतोषकारक है। देखिए बिहार के 9 करोड़ जरूरतमंद लोगों को आज गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन मिल रहा है। करीब तीन करोड़ माताओं-बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है। कनेक्टिविटी और बेहतर करने के लिए हजारों करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अगर हर पन्ना प्रमुख सरकार की इन उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाएगा तो भाजपा में एनडीए में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा। जो पन्ना प्रमुख है वो वोटर से लगातार मिले। जो लोग चुनाव का प्रबंधन देख रहे हैं, वो उसकी पूरी मानीटरिंग करे। खासतौर से महिला वोटर्स को उनके बूथ की जानकारी हो, वहां तक जाने में कोई असुविधा न हो, इसका ध्यान रखना होगा। जो फर्स्ट टाइम वोटर उन्हें ज्यादा से ज्यादा वोट करने के लिए प्रेरित करना होगा। आप सबको अपने बूथ पर पिछली बार से कम से कम 10 प्रतिशत वोट ज्यादा प्राप्त करने चाहिए। लक्ष्य करना चाहिए कि पिछली बार अगर 500 मिला है तो इस बार 10 परसेंट और जोड़ेंगे 550 करेंगे। ये हमें कोशिश करनी चाहिए। आपकी सीट पर जो बीजेपी का सिंबल है, जो एनडीए के सहयोगी दल का सिंबल है, हमारे उम्मीदवार ईवीएम में कौन से नंबर पर है, ये सारी बातें भी बार-बार मतदाताओं को बतानी चाहिए। वह चित्र लेकर के जाना चाहिए। ईवीएम मशीन का कैसे बटन दबाना, कितने नंबर पर हमारे उम्मीदवार का नाम है, कमल का निशान हमारा कैसा है, हमारे साथी एनडीए दल के जो हैं, उनका निशान कैसा है, पूरा समझाना चाहिए। और देखिए संगठन स्तर पर हमारे जो पदाधिकारी हैं उन्हें चुनावी तैयारी के साथ-साथ यह भी ध्यान रखना है कि हमारे कार्यकर्ताओं का स्वास्थ्य या अन्य कोई परेशानी ना आ जाए। एक काम आप और कर सकते हैं अगले तीन-चार दिनों में बूथ लेवल के सभी कार्यकर्ता, एक टिफिन बैठक करें। घर से खाना लेकर टिफिन लेकर के बूथ के कार्यक्रम आए, पन्ना प्रमुख आए बैठे, साथ में खाना खाए और मिलकर के खाना खाए एक नई ताकत मिल जाएगी और काम की चर्चा भी करें। इससे एक टीम बन जाएगी सारे एनडीए के साथी मिलेंगे, खाएंगे तो टीम बन जाएगी। और मैं मानता हूं काम बहुत करेगा। बिहार के साथियों को मालूम है कि आने वाले कुछ दिनों में चुनाव प्रचार के लिए मैं बिहार के अलग-अलग इलाकों में जाने वाला हूं। और जब मैं वहां आऊंगा तो जरूर और भी बहुत सी बातें वहां करूंगा। मुझे बहुत अच्छा लगा बिहार के ग्रासरूट लेवल के आप सभी रथी- महारथियों से मुझे आज बात करने का मौका मिला। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। धन्यवाद।

 

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पीएम मोदी का 'प्रभात खबर' के साथ इंटरव्यू
May 19, 2024

प्रश्न- भाजपा का नारा है-‘अबकी बार 400 पार’, चार चरणों का चुनाव हो चुका है, अब आप भाजपा को कहां पाते हैं?

उत्तर- चार चरणों के चुनाव में भाजपा और एनडीए की सरकार को लेकर लोगों ने जो उत्साह दिखाया है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि हम 270 सीटें जीत चुके हैं. अब बाकी के तीन चरणों में हम 400 का आंकड़ा पार करने वाले हैं. 400 पार का नारा, भारत के 140 करोड़ लोगों की भावना है, जो इस रूप में व्यक्त हो रही है. दशकों तक जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को देश ने सहन किया. लोगों के मन में यह स्वाभाविक प्रश्न था कि एक देश में दो विधान कैसे चल सकता है. जब हमें अवसर मिला, हमने आर्टिकल 370 को खत्म कर जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान लागू किया. इससे देश में एक अभूतपूर्व उत्साह का प्रवाह हुआ. लोगों ने तय किया कि जिस पार्टी ने आर्टिकल 370 को खत्म किया, उसे 370 सीटें देंगे. इस तरह भाजपा को 370 सीट और एनडीए को 400 सीट देने का लोगों का इरादा पक्का हुआ. मैं पूरे देश में जा रहा हूं. उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम मैंने लोगों में 400 पार नारे को सच कर दिखाने की प्रतिबद्धता देखी है. मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि इस बार जनता 400 से ज्यादा सीटों पर हमारी जीत सुनिश्चित करेगी.

प्रश्न- लोग कहते हैं कि हम मोदी को वोट कर रहे हैं, प्रत्याशी के नाम पर नहीं. लोगों का इतना भरोसा है, इस भरोसे को कैसे पूरा करेंगे?

उत्तर- देश की जनता का यह विश्वास मेरी पूंजी है. यह विश्वास मुझे शक्ति देता है. यही शक्ति मुझे दिन रात काम करने को प्रेरित करती है. मेरी सरकार लगातार एक ही मंत्र पर काम कर रही है, वंचितों को वरीयता. जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, मोदी उनको पूजता है. इसी भाव से मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों, दलित, पिछड़े, गरीब, युवा, महिला, किसान सभी की सेवा कर रहा हूं. जनता का भरोसा मेरे लिए एक ड्राइविंग फोर्स की तरह काम करता है.

देखिए, जो संसदीय व्यवस्था है, उसमें पीएम पद का एक चेहरा होता है, लेकिन जनता सरकार बनाने के लिए एमपी को चुनती है. इस चुनाव में चाहे भाजपा का पीएम उम्मीदवार हो या एमपी उम्मीदवार, दोनों एक ही संदेश लेकर जनता के पास जा रहे हैं. विकसित भारत का संदेश. पीएम उम्मीदवार नेशनल विजन की गारंटी है, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने की गारंटी है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक टीम की तरह काम करती है और इस टीम के लिए उम्मीदवारों के चयन में हमने बहुत ऊर्जा और समय खर्च किया है. हमने उम्मीदवारों के चयन का तरीका बदल दिया है. हमने किसी सीट पर उम्मीदवार के चयन में कोई समझौता नहीं किया, न ही किसी तरह के दबाव को महत्व दिया. जिसमें योग्यता है, जिसमें जनता की उम्मीदों को पूरा करने का जज्बा है, उसका चयन किया गया है. हमें मिल कर हर सीट पर कमल खिलाना है. भाजपा और एनडीए की यह टीम 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमेशा समर्पित रहेगी.

प्रश्न- आपने 370 को हटाया, राम मंदिर बनवा दिया. अब तीसरी बार आपकी सरकार अगर लौटती है, तो कौन से वे बड़े काम हैं, जिन्हें आप पहले पूरा करना चाहेंगे?

उत्तर- जब आप चुनाव जीत कर आते हैं, तो आपके साथ जनता-जनार्दन का आशीर्वाद होता है. देश के करोड़ों लोगों की ऊर्जा होती है. जनता में उत्साह होता है. इससे आपके काम करने की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. 2024 के चुनाव में जिस तरीके से भाजपा को समर्थन मिल रहा है, ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद क्या बड़े काम होने वाले हैं.

यह चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि 2014 और 2019 में चुनाव जीतने के बाद ही सरकार एक्शन मोड में आ गयी थी. 2019 में हमने पहले 100 दिन में ही आर्टिकल 370 और तीन तलाक से जुड़े फैसले लिये थे. बैंकों के विलय जैसा महत्वपूर्ण फैसला भी सरकार बनने के कुछ ही समय बाद ले लिया गया था. हालांकि इन फैसलों के लिए आधार बहुत पहले से तैयार कर लिया गया था.

इस बार भी हमारे पास अगले 100 दिनों का एक्शन प्लान है, अगले पांच वर्षों का रोडमैप है और अगले 25 वर्षों का विजन है. मुझे देशभर के युवाओं ने बहुत अच्छे सुझाव भेजे हैं. युवाओं के उत्साह को ध्यान में रखते हुए हमने 100 दिनों के एक्शन प्लान में 25 दिन और जोड़ दिये हैं. 125 में से 25 दिन भारत के युवाओं से जुड़े निर्णय के होंगे. हम आज जो भी कदम उठा रहे हैं, उसमें इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इससे विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में कैसे मदद मिल सकती है.

प्रश्न- दक्षिण पर आपने काफी ध्यान दिया है. लोकप्रियता भी बढ़ी है. वोट प्रतिशत भी बढ़ेगा, लेकिन क्या सीट जीतने लायक स्थिति साउथ में बनी है?

उत्तर- देखिए, दक्षिण भारत में बीजेपी अब भी सबसे बड़ी पार्टी है. पुद्दुचेरी में हमारी सरकार है. कर्नाटक में हम सरकार में रह चुके हैं. 2024 के चुनाव में मैंने दक्षिण के कई जिलों में रैलियां और रोड शो किये हैं. मैंने लोगों की आंखों में बीजेपी के लिए जो स्नेह और विश्वास देखा है, वह अभूतपूर्व है. इस बार दक्षिण भारत के नतीजे चौंकाने वाले होंगे.

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हम सबसे ज्यादा सीटें जीतेंगे. लोगों ने आंध्र विधानसभा में एनडीए की सरकार बनाने के लिए वोट किया है. कर्नाटक में भाजपा एक बार फिर सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी. मैं आपको पूरे विश्वास से कह रहा हूं कि तमिलनाडु में इस बार के परिणाम बहुत ही अप्रत्याशित होंगे और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में होंगे.

प्रश्न- ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भाजपा को बहुत उम्मीदें हैं. भाजपा कितनी सीटें जीतने की उम्मीद करती है?

उत्तर- मैं ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जहां भी जा रहा हूं, मुझे दो बातें हर जगह देखने को मिल रही हैं. एक तो भाजपा पर लोगों का भरोसा और दूसरा दोनों ही राज्यों में वहां की सरकार से भारी नाराजगी. लोगों की आकांक्षाओं को मार कर राज करने को सरकार चलाना नहीं कह सकते. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लोगों की आकांक्षाओं, भविष्य और सम्मान को कुचला गया है. पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी का दूसरा नाम बन गयी है. लोग देख रहे हैं कि कैसे वहां की सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है.

संदेशखाली की पीड़ितों की आवाज दबाने की कोशिश की गयी. लोगों को अपने त्योहार मनाने से रोका जा रहा है. टीएमसी सरकार लोगों तक केंद्र की योजनाओं का फायदा नहीं पहुंचने दे रही. इसका जवाब वहां के लोग अपने वोट से देंगे. पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा को एक उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं. बंगाल में इस बार हम बड़ी संख्या में सीटें हासिल करेंगे. मैं ओडिशा के लोगों से कहना चाहता हूं कि उनकी तकलीफें जल्द खत्म होने वाली हैं. चुनाव नतीजों में हम ना सिर्फ लोकसभा की ज्यादा सीटें जीतेंगे, बल्कि विधानसभा में भी भाजपा की सरकार बनेगी.

पहली बार ओडिशा के लोगों को डबल इंजन की सरकार के फायदे मिलेंगे. बीजेडी की सरकार हमारी जिन योजनाओं को ओडिशा में लागू नहीं होने दे रही, हमारी सरकार बनते ही उनका फायदा लोगों तक पहुंचने लगेगा. बीजेडी ने अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा नुकसान उड़िया संस्कृति और भाषा का किया है. मैंने ओडिशा को भरोसा दिया है कि राज्य का अगला सीएम भाजपा का होगा, और वह व्यक्ति होगा, जो ओडिशा की मिट्टी से निकला हो, जो ओडिशा की संस्कृति, परंपरा और उड़िया लोगों की भावनाओं को समझता हो.

ये मेरी गारंटी है कि 10 जून को ओडिशा का बेटा सीएम पद की शपथ लेगा. राज्य के लोग अब एक ऐसी सरकार चाहते हैं, जो उनकी उड़िया पहचान को विश्व पटल पर ले जाए, इसलिए उनका भरोसा सिर्फ भाजपा पर है.

प्रश्न- बिहार और झारखंड में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, आप क्या उम्मीद करते हैं?

उत्तर- मेरा विश्वास है कि इस बार बिहार और झारखंड में भाजपा को सभी सीटों पर जीत हासिल होगी. दोनों राज्यों के लोग एक बात स्पष्ट रूप से समझ गये हैं कि इंडी गठबंधन में शामिल पार्टियों को जब भी मौका मिलेगा, तो वे भ्रष्टाचार ही करेंगे. इंडी ब्लॉक में शामिल पार्टियां परिवारवाद से आगे निकल कर देश और राज्य के विकास के बारे में सोच ही नहीं सकतीं.

झारखंड में नेताओं और उनके संबंधियों के घर से नोटों के बंडल बाहर निकल रहे हैं. यह किसका पैसा है? ये गरीब के हक का पैसा है. ये पैसा किसी गरीब का अधिकार छीन कर इकट्ठा किया गया है. अगर वहां भ्रष्टाचार पर रोक रहती, तो यह पैसा कई लोगों तक पहुंचता. उस पैसे से हजारों-लाखों लोगों का जीवन बदल सकता था, लेकिन जनता का वोट लेकर ये नेता गरीबों का ही पैसा लूटने लगे. दूसरी तरफ जनता के सामने केंद्र की भाजपा सरकार है, जिस पर 10 साल में भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा.

आज झारखंड में जिहादी मानसिकता वाले घुसपैठिये झुंड बना कर हमला करते हैं और झारखंड सरकार उन्हें समर्थन देती है. इन घुसपैठियों ने राज्य में हमारी बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. वहीं अगर बिहार की बात करें, तो जो पुराने लोग हैं, उन्हें जंगलराज याद है. जो युवा हैं, उन्होंने इसका ट्रेलर कुछ दिन पहले देखा है.

आज राजद और इंडी गठबंधन बिहार में अपने नहीं, नीतीश जी के काम पर वोट मांग रहा है. इंडी गठबंधन के नेता तुष्टीकरण में इतने डूब चुके हैं एससी-एसटी-ओबीसी का पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिम समाज को देना चाहते हैं. जनता इस साजिश को समझ रही है. इसलिए, भाजपा को वोट देकर इसका जवाब देगी.

प्रश्न- संपत्ति का पुनर्वितरण इन दिनों बहस का मुद्दा बना हुआ है. इस पर आपकी क्या राय है?

उत्तर- शहजादे और उनके सलाहकारों को पता है कि वे सत्ता में नहीं आने वाले. इसीलिए ऐसी बात कर रहे हैं. यह माओवादी सोच है, जो सिर्फ अराजकता को जन्म देगी. इंडी गठबंधन की परेशानी यह है कि वे तुष्टीकरण से आगे कुछ भी सोच नहीं पा रहे. वे किसी तरह एक समुदाय का वोट पाना चाहते हैं, इसलिए अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं. लूट-खसोट की यह सोच कभी भी भारत की संस्कृति का हिस्सा नहीं रही. वे एक्सरे कराने की बात कर रहे हैं, उनका प्लान है कि एक-एक घर में जाकर लोगों की बचत, उनकी जमीन, संपत्ति और गहनों का हिसाब लिया जायेगा. कोई भी इस तरह की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा. पिछले 10 वर्षों में हमारा विकास मॉडल लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने का है. इसके लिए हम लोगों तक वे मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, जो दशकों पहले उन्हें मिल जाना चाहिए था. हम रोजगार के नये अवसर तैयार कर रहे हैं, ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें.

प्रश्न- भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. आम आदमी को इसका लाभ कैसे मिलेगा?

उत्तर- यह बहुत ही अच्छा सवाल है आपका. तीसरे कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी. जब मैं यह कहता हूं कि तो इसका मतलब सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सम्मान के साथ देशवासियों के लिए समृद्धि भी लाने वाला है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मतलब है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी का विस्तार, ज्यादा निवेश और ज्यादा अवसर. आज सरकार की योजनाओं का लाभ जितने लोगों तक पहुंच रहा है, उसका दायरा और बढ़ जायेगा.

भाजपा ने तीसरे टर्म में आयुष्मान भारत योजना का लाभ 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को देने की गारंटी दी है. हमने गरीबों के लिए तीन करोड़ और पक्के मकान बनाने का संकल्प लिया है. तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने की बात कही है. जब अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो हमारी योजनाओं का और विस्तार होगा और ज्यादा लोग लाभार्थी बनेंगे.

प्रश्न- आप लोकतंत्र में विपक्ष को कितना जरूरी मानते हैं और उसकी क्या भूमिका होनी चाहिए?

उत्तर- लोकतंत्र में सकारात्मक विपक्ष बहुत महत्वपूर्ण है. विपक्ष का मजबूत होना लोकतंत्र के मजबूत होने की निशानी है. इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि पिछले 10 वर्षों में विपक्ष व्यक्तिगत विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगा. विपक्ष या सत्ता पक्ष लोकतंत्र के दो पहलू हैं, आज कोई पार्टी सत्ता में है, कभी कोई और रही होगी, लेकिन आज विपक्ष सरकार के विरोध के नाम पर कभी देश की सेना को बदनाम कर रहा है, कभी सेना के प्रमुख को अपशब्द कह रहा है. कभी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाता है, तो कभी एयरस्ट्राइक पर संदेह जताता है. सेना के सामर्थ्य पर उंगली उठा कर वे देश को कमजोर करना चाहते हैं.

आप देखिए, विपक्ष कैसे पाकिस्तान की भाषा बोलने लगा है. जिस भाषा में वहां के नेता भारत को धमकी देते थे, वही आज कांग्रेस के नेता बोलने लगे हैं. मैं इतना कह सकता हूं कि विपक्ष अपनी इस भूमिका में भी नाकाम हो गया है. वे देश के लोगों का विश्वास नहीं जीत पा रहे, इसलिए देश के खिलाफ बोल रहे हैं.

प्रश्न- झारखंड में बड़े पैमाने पर नोट पकड़े गये, भ्रष्टाचार से इस देश को कैसे मुक्ति मिलेगी?

उत्तर- देखिए, जब कोई सरकार तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दलदल में फंस जाती है तो इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं. 2014 से पहले, कांग्रेस के 10 साल के शासन में ईडी ने छापे मार कर सिर्फ 35 लाख रुपये बरामद किये थे. पिछले 10 वर्ष में इडी के छापे में 2200 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं. यह अंतर बताता है कि जांच एजेंसियां अब ज्यादा सक्रियता से काम कर रही हैं.

आज देश के करोड़ों लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं. कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से भेजे गये 100 पैसे में से लाभार्थी को सिर्फ 15 पैसे मिलते हैं. बीच में 85 पैसे कांग्रेस के भ्रष्टाचार तंत्र की भेंट चढ़ जाते थे. हमने जनधन खाते खोले, उन्हें आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया, इसके द्वारा भ्रष्टाचार पर चोट की. डीबीटी के माध्यम से हमने लाभार्थियों तक 36 लाख करोड़ रुपये पहुंचाये हैं. अगर यह व्यवस्था नहीं होती, तो 30 लाख करोड़ रुपये बिचौलियों की जेब में चले जाते. मैंने संकल्प लिया है कि मैं देश से भ्रष्टाचार को खत्म करके रहूंगा. जो भी भ्रष्टाचारी होगा, उस पर कार्रवाई जरूर होगी. मेरे तीसरे टर्म ये कार्रवाई और तेज होगी.

प्रश्न- विपक्ष सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों- इडी और सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है. इस पर आपका क्या कहना है?

उत्तर- आपको यूपीए का कार्यकाल याद होगा, तब भ्रष्टाचार और घोटाले की खबरें आती रहती थीं. उस स्थिति से बाहर निकलने के लिए लोगों ने भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया, लेकिन आज इंडी गठबंधन में शामिल दलों की जहां सरकार है, वहां यही सिलसिला जारी है. फिर जब जांच एजेंसियां इन पर कार्रवाई करती हैं तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर शोर मचाने लगता है. एक घर से अगर करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं, तो स्पष्ट है कि वो पैसा भ्रष्टाचार करके जमा किया गया है. इस पर कार्रवाई होने से विपक्ष को दर्द क्यों हो रहा है? क्या विपक्ष अपने लिए छूट चाहता है कि वे चाहे जनता का पैसा लूटते रहें, लेकिन एजेंसियां उन पर कार्रवाई न करें.

मैं विपक्ष और उन लोगों को चुनौती देना चाहता हूं, जो कहते हैं कि सरकार किसी भी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है. एक भी ऐसा केस नहीं हैं जहां पर कोर्ट ने एजेंसियों की कार्रवाई को गलत ठहराया हो. भ्रष्टाचार में फंसे लोगों के लिए जमानत पाना मुश्किल हो रहा है. जो जमानत पर बाहर हैं, उन्हें फिर वापस जाना है. मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि एजेंसियों ने सिर्फ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है.

प्रश्न- विपक्ष हमेशा इवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, आपकी क्या राय है?

उत्तर- विपक्ष को अब यह स्पष्ट हो चुका है कि उसकी हार तय है. यह भी तय हो चुका है कि जनता ने उन्हें तीसरी बार भी बुरी तरह नकार दिया है. ये लोग इवीएम के मुद्दे पर अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से हार कर आये हैं. ये हारी हुई मानसिकता से चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए पहले से बहाने ढूंढ कर रखा है. इनकी मजबूरी है कि ये हार के लिए शहजादे को दोष नहीं दे सकते. आप इनका पैटर्न देखिए, चुनाव शुरू होने से पहले ये इवीएम पर आरोप लगाते हैं. उससे बात नहीं तो इन्होंने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का मुद्दा उठाना शुरू किया है. जब मतगणना होगी तो गड़बड़ी का आरोप लगायेंगे और जब शपथ ग्रहण होगा, तो कहेंगे कि लोकतंत्र खतरे में है. चुनाव आयोग ने पत्र लिख कर खड़गे जी को जवाब दिया है, उससे इनकी बौखलाहट और बढ़ गयी है. ये लोग चाहे कितना भी शोर मचा लें, चाहे संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा लें, जनता इनकी बहानेबाजी को समझती है. जनता को पता है कि इसी इवीएम से जीत मिलने पर कैसे उनके नरेटिव बदल जाते हैं. इवीएम पर आरोप को जनता गंभीरता से नहीं लेती.

प्रश्न- आपने आदिवासियों के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं. आप पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातू भी गये. आदिवासी समाज के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?

उत्तर- इस देश का दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के बाद छह दशक तक जिन्हें सत्ता मिली, उन लोगों ने सिर्फ एक परिवार को ही देश की हर बात का श्रेय दिया. उनकी चले, तो वे यह भी कह दें कि आजादी की लड़ाई भी अकेले एक परिवार ने ही लड़ी थी. हमारे आदिवासी भाई-बहनों का इस देश की आजादी में, इस देश के समाज निर्माण में जो योगदान रहा, उसे भुला दिया गया. भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को ना याद करना कितना बड़ा पाप है. देश भर में ऐसे कितने ही क्रांतिकारी हैं जिन्हें इस परिवार ने भुला दिया.

जिन आदिवासी इलाकों तक कोई देखने तक नहीं जाता था, हमने वहां तक विकास पहुंचाया है. हम आदिवासी समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं. जनजातियों में भी जो सबसे पिछड़े हैं, उनके लिए विशेष अभियान चला कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है. इसके लिए सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये की योजना बनायी है.

भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को भाजपा सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया. एकलव्य विद्यालय से लेकर वन उपज तक, सिकेल सेल एनीमिया उन्मूलन से लेकर जनजातीय गौरव संग्रहालय तक, हर स्तर पर विकास कर रहे हैं. एनडीए के सहयोग से पहली बार एक आदिवासी बेटी देश की राष्ट्रपति बनी है.अगले वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती है. भाजपा ने संकल्प लिया है कि 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जायेगा.

प्रश्न- देश के मुसलमानों और ईसाइयों के मन में भाजपा को लेकर एक अविश्वास का भाव है. इसे कैसे दूर करेंगे?

उत्तर- हमारी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में एक काम भी ऐसा नहीं किया है, जिसमें कोई भेदभाव हुआ हो. पीएम आवास का घर मिला है, तो सबको बिना भेदभाव के मिला है. उज्ज्वला का गैस कनेक्शन मिला है, तो सबको मिला है. बिजली पहुंची है, तो सबके घर पहुंची है. नल से जल का कनेक्शन देने की बात आयी, तो बिना जाति, धर्म पूछे हर किसी को दी गयी. हम 100 प्रतिशत सैचुरेशन की बात करते हैं. इसका मतलब है कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, हर परिवार तक पहुंचे. यही तो सच्चा सामाजिक न्याय है.

इसके अलावा मुद्रा लोन, जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, स्टार्ट अप- ये सारे काम सबके लिए हो रहे हैं. हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के विजन पर काम करती है. दूसरी तरफ, जब कांग्रेस को मौका मिला, तो उसने समाज में विभाजन की नीति अपनायी. दशकों तक वोटबैंक की राजनीति करके सत्ता पाती रही, लेकिन अब जनता इनकी सच्चाई समझ चुकी है.

भाजपा को लेकर अल्पसंख्यकों में अविश्वास की बातें कांग्रेसी इकोसिस्टम का गढ़ा हुआ है. कभी कहा गया कि बीजेपी शहरों की पार्टी है. फिर कहा गया कि बीजेपी ऐसी जगहों में नहीं जीत सकती, जहां पर अल्पसंख्यक अधिक हैं. आज नागालैंड सहित नॉर्थ ईस्ट के दूसरे राज्यों में हमारी सरकार है, जहां क्रिश्चियन समुदाय बहुत बड़ा है. गोवा में बार-बार भाजपा को चुना जाता है. ऐसे में अविश्वास की बात कहीं टिकती नहीं.

प्रश्न- झारखंड और बिहार के कई इलाकों में घुसपैठ बढ़ी है, यहां तक कि डेमोग्रेफी भी बदल गयी है. इस पर कैसे अंकुश लगेगा?

उत्तर- झारखंड को एक नयी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. जेएमएम सरकार की तुष्टीकरण की नीति से वहां घुसपैठ को जम कर बढ़ावा मिल रहा है. बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से वहां की आदिवासी संस्कृति को खतरा पैदा हो गया है, कई इलाकों की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. बिहार के बॉर्डर इलाकों में भी यही समस्या है. झारखंड में आदिवासी समाज की महिलाओं और बेटियों को टारगेट करके लैंड जिहाद किया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन पर कब्जे की एक खतरनाक साजिश चल रही है.

ऐसी खबरें मेरे संज्ञान में आयी हैं कि कई आदिवासी बहनें इन घुसपैठियों का शिकार बनी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है. बच्चियों को जिंदा जलाया जा रहा है. उनकी जघन्य हत्या हो रही है. पीएफआइ सदस्यों ने संताल परगना में आदिवासी बच्चियों से शादी कर हजारों एकड़ जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है. आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के लिए, आदिवासी बेटी की रक्षा के लिए, आदिवासी संस्कृति को बनाये रखने के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है.

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स्रोत: प्रभात खबर