People of Assam have decided 'Phir ek baar, NDA sarkar': PM Modi in Tamulpur
Double engine BJP govt has given double benefits to Assam: PM Modi in Tamulpur
It is country's misfortune that working for a particular section is called secularism while working for everyone gets you called communal: PM Modi
I can say that people have decided to form NDA govt in Assam. They can't bear those who insult Assam's identity and propagate violence, says the PM

खुल्ंबई, नोंग थंग मोनहा मा बोरोई दांग?
आपोनालोकर कि खबर?

भाइयो और बहनो,
दो चरणों की वोटिंग के बाद आज तामुलपुर में आपके दर्शन करने का मुझे अवसर मिला है। इन दोनों चरणों ने असम में फिर एक बार एनडीए सरकार तय कर दिया है। एक प्रकार से, इस चुनाव की मेरी ये आखिरी सभा है। छह तारीख को आखिरी मतदान होने वाला है। तो ये सभा अगले चरण के लिए वोट मांगने के लिए तो है ही, लेकिन साथ-साथ असम के लोगों ने हम सब पर फिर एक बार जो आशीर्वाद बरसाए हैं, उसको नमन करने का, उसका धन्यवाद करने की भी मेरी ये सभा है।

आज तामुलपुर और इस क्षेत्र का उत्साह दिख रहा है, और ये साफ नजर आ रहा है कि महाजोत के महाझूठ की यहां भी पोल खुल चुकी है। बीते दिनों में, मुझे असम के अलग-अलग क्षेत्रों में जाने का सौभाग्य मिला है। लाखों लोगों से संवाद किया है। और मेरे राजनीतिक अनुभव के आधार पर मैं कहता हूं, जनता के प्यार की भाषा मैं समझता हूं, उस प्यार की भाषा के आधार पर कहता हूं, जनता के आशीर्वाद की ताकत मैं समझता हूं, उस आशीर्वाद की ताकत के आधार पर कहता हूं- असम में एक बार फिर आपलोगों ने एनडीए की सरकार बनाना तय कर लिया है। असम की पहचान का बार-बार अपमान करने वाले लोग, असम के लोगों को बर्दाश्त नहीं हैं। असम को दशकों तक हिंसा और अस्थिरता देने वाले, अब असम के लोगों को एक पल भी स्वीकार नहीं हैं। ये साफ दिखता है-
असम के लोग विकास के साथ हैं।
असम के लोग स्थिरता के साथ हैं।
असम के लोग शांति, भाईचारा, सद्भाव, एकता के साथ हैं।

ये NDA सरकार के प्रति सद्भावना का असर है कि नए साथी भी हमारे साथ जुड़ रहे हैं। असम के तेज विकास के लिए हम सभी का मिलकर काम करना जरूरी है। मिलकर काम करते हुए ही हम बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा, रुपेंद्रनाथ ब्रह्मा, गुरुदेव कालीचरण, सतीश चंद्र बासुमतारी, महाबीर चिलाराय जैसे अनगिनत हमारे महापुरुष, महान संतानों ने इस क्षेत्र के विकास का जो सपना देखा था, उसे पूरा कर पाएंगे।

साथियो,

बीते 5 वर्षों में डबल इंजन की एनडीए सरकार ने, असम की जनता को डबल फायदा दिलाने का प्रयास किया है। असम में हो रहा विकास यहां पर कनेक्टिविटी बढ़ा रहा है। असम में हो रहा विकास यहां पर लोगों का, महिलाओं का जीवन आसान बना रहा है। असम में हो रहा विकास, यहां पर नए अवसर बना रहा है, नौजवानों के लिए अवसर बढ़ा रहा है। आप बरसों से चाहते थे कि यहां तेजी से पुल बनें, सड़कें बनें, आपका कहीं पर भी आना-जाना आसान हो। ये काम हमारी एनडीए की ही सरकार ने किया है। बीते 5 सालों में भूपेन हजारिका सेतु, बोगीबील ब्रिज जैसे देश के सबसे बड़े सेतुओं की पहचान असम को मिली है। इस समय भी असम में करीब आधा दर्जन बड़े पुलों पर काम चल रहा है। बीते 70 साल में असम में जितनी ग्रामीण सड़कें बनीं, उससे भी ज्यादा सड़कें डबल इंजन की NDA सरकार ने बनाई हैं। बीते 5 साल में असम में सैकड़ों किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई गईं हैं या फिर उनका दोहरीकरण किया गया है। एक तरफ जहां गुवाहाटी के एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है तो दूसरी तरफ ढुबरी में रुपसी एयरपोर्ट की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। जहां-जहां कनेक्टिविटी सुधारने की जरूरत है, एक-एक करके हर क्षेत्र में नए काम शुरू किए जा रहे हैं। ये क्षेत्र देश-विदेश के साथ व्यापार का बड़ा सेंटर बने, इसके लिए बोंगईगांव के जोगीघोपा में बहुत बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टक हब बनाया जा रहा है। बोंगईगांव रिफाइनरी का आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण भी तेजी से जारी है। ये सारे काम असम के नौजवानों के लिए नई नौकरियां बना रहे हैं, स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बल दे रहे हैं। यही नए असम, आत्मनिर्भर असम का आधार हैं। आज पूरा असम ये मानता है कि इस वातावरण को बनाए रखने के लिए, इस मोमेन्टम को बनाए रखने के लिए, विकास की नई गति को बनाए रखने के लिए, प्रगति की इस राह को बरकरार रखने के लिए एनडीए सरकार बहुत जरूरी है। 

भाइयो और बहनो,
साथियो,

हम जब भी कोई योजना बनाते हैं, तो सबके लिए बनाते हैं। हर क्षेत्र के लोगों को, हर वर्ग के लोगों तक, बिना भेदभाव, बिना पक्षपात, उस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए हम कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से हमारे देश में कुछ बातें ऐसी गलत चल रही हैं, अगर हम समाज में भेदभाव करके, समाज के टुकड़े करके, अपनी वोटबैंक के लिए एक टुकड़े के लिए कुछ फेंक दें, कुछ दे दें, तो दुर्भाग्य देखिए, उसके देश में सेक्यूलरिज्म कहा जाता है, लेकिन अगर सबके लिए काम करें, जो भी इसके हकदार हैं, कोई भेदभाव नहीं, कोई टुकड़े किए बिना अगर सबको देते हैं, तो कहते हैं ये कम्यूनल है। भाइयो-बहनो, हमारा तो मंत्र है, सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास। ये सेक्यूलरिज्म-कम्यूनलिज्म के जो खेल चले हैं न, इसी खेल ने देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है।

ये जो पीएमओ की मेडिकल टीम है, वो जरा जाए वहां, वो कार्यकर्ता, पानी के अभाव में कुछ तकलीफ हुई है, तुरंत उनकी जरा मदद कीजिए। मेरे साथ जो डॉक्टर्स आए हैं, वो जरा हमारे उस साथी की मदद करें। यहां का कोई अपना बंधु शायद पानी के अभाव में उसे कोई तकलीफ हुई है।

भाइयो-बहनो,

हम परिश्रम करने वाले लोग हैं, समाज की सेवा के लिए दिन-रात एक करने वाले लोग हैं, विकास के लिए ईमानदारी से काम करने वाले लोग हैं। असम के लोग आज देख रहे हैं कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास हमारी नीति में भी है और नीयत में भी है। गरीबों को पक्का घर मिल रहा है, तो हर वर्ग, हर जनजाति के गरीबों को मिल रहा है। शौचालय मिला, तो भी कोई भेदभाव नहीं, कोई टुकड़े नहीं। गैस कनेक्शन मिला, तो कोई भेदभाव नहीं, कोई टुकड़े नहीं, सबको मिला। पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ, किसान छोटा हो या बड़ा हो, शहर के नजदीक हो या दूर, आदिवासियों के बीच में जंगल में हो, कोई भेदभाव नहीं, सबको दिया। यही तो हमारा काम है। आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की सुविधा भी, हमने कोई भेदभाव नहीं किया, वोटबैंक वाले को मिलेगा, वोटबैंक वाले नहीं हैं, उनको नहीं मिलेगा, पढ़े-लिखे को मिलेगा, अनपढ़ को नहीं मिलेगा, कोई भेदभाव नहीं, जो कैटेगरी तय की, सबको मिलेगा। यही हमारे सिद्धांत हैं, राजनीति से परे राष्ट्रनीति के लिए जीने वाले हमलोग हैं। हम देश के लिए जीने वाले लोग हैं, हम आपलोगों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए जिंदगी खपाने वाले लोग हैं। लॉकडाउन के दौरान बैंक खाते में मदद पहुंचानी हो या मुफ्त सिलेंडर की बात हो, हर वर्ग की गरीब बहनों को कोई भेदभाव किए बिना, हर किसी को पहुंचाने में हमने कोई कसर नहीं रखी है। अरुणोदय योजना का लाभ भी हर वर्ग, हर जनजाति की बहनों को मिला है।

भाइयो और बहनो,

डबल इंजन की सरकार आपकी जरूरतों, आपकी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। पहली बार देश में 100 से ज्यादा ऐसे जिलों पर नई ताकत से काम हो रहा है, जो विकास की दौड़ में पीछे रह गए थे। ये जिले अब विकास के लिए आकांक्षी हैं। बक्सा और बारपेटा सहित असम के 7 जिले इसमें शामिल हैं। इसमें भी अधिकतर लोअर असम में हैं। इन जिलों में बच्चों को पोषण, नौजवानों की शिक्षा, गरीब के स्वास्थ्य पर विशेष काम किया जा रहा है।  

साथियो,

एनडीए सरकार मानती है कि किसी भी क्षेत्र के लोगों का विकास भेदभाव से नहीं, सद्भाव से होता है। इसी सद्भावना का परिणाम है कि लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक बोडो अकॉर्ड तक हम पहुंच पाए। अनेक माताओं के आंसू पोंछने, अनेक बहनों की पीड़ा को दूर करने के लिए हम सभी ने मिलकर प्रयास किया। मैं जब पहले कार्यक्रम में आया था, इतनी बड़ी तादाद में तब से लेकर मैं देख रहा हूं, माताएं-बहनें बढ़-चढ़ के उत्साह के साथ आती हैं, तो मैं यहां कुछ जो विश्लेषण करने वाले लोग होते हैं, हमारे कार्यकर्ता नहीं बाहर के लोग, उनको मैंने पूछा कि इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, ये पॉलिटिकल सभा में इतनी संख्या में क्यों आती हैं। उन्होंने मुझे जो बताया, मेरे लिए सचमुच ये बहुत मन को सुकून देने वाला है। उन्होंने कहा, देखो भाई, हर मां को अपना बच्चा प्यारा होता है, लेकिन जब बच्चा हथियार उठाकर के जंगलों में चला जाता है, तो मां के आंसू कभी रुकते नहीं हैं। आपने बोडो अकॉर्ड करके उनको मुख्यधारा में वापस लाए हो, उनको बच्चे वापस मिल गए हैं, उनको मन में विश्वास हो गया है कि अब हमारा बच्चा बड़ा हो कर के बंदूक उठाकर के नहीं चला जाएगा। इसलिए, आज मुझे पूरे असम के, खासकर के बोडो इलाके की माताओं-बहनों का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। आज भी मेरी नजर जहां पहुंच रही है, माताएं-बहनें ही मुझे दिखाई दे रही हैं। ये माताओं-बहनों का आशीर्वाद, माताएं-बहनें मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, आपके बेटे के सपने पूरा करने के लिए हम लगे रहेंगे। आपके बेटों को बंदूक न उठानी पड़ी, आपके बच्चों को जंगलों में जिंदगी न गुजरानी पड़े, आपके बच्चों को किसी गोली का शिकार न होना पड़े, इसके लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है। आपके आशीर्वाद की ताकत से ये होकर रहने वाला है माताएं-बहनों। और पिछले डेढ़ साल से हम देख रहे हैं, शांति का कैसा माहौल बनता चला जा रहा है, और प्रमोद जी जैसे नेतृत्व में हमारे सारे साथी जिस प्रकार से लगे हैं, शांति-सद्भावना-एकता यही हमारे कल्याण का मार्ग है।

कांग्रेस सरकार ने अपने समय में असम को हिंसा, बम-बंदूक का लंबा दौर दिया। वहीं एनडीए सरकार असम के हर साथी को साथ लेकर शांति और समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।

भाइयो और बहनो,

जिन्होंने अपने जीवन के अनेक वर्ष संघर्ष में बिता दिए, मुख्यधारा में वापसी के बाद उनका साथ देना हम सभी की जिम्मेदारी है। जो अभी भी किसी कारणवश नहीं लौट पाए हैं, उनसे भी मेरा आग्रह है कि असम के बेहतरीन भविष्य के लिए, आपके स्वयं के बेहतरीन भविष्य के लिए हिंसा का मार्ग छोड़िए। आत्मनिर्भर असम के संकल्प की सिद्धि के लिए आपकी भी जरूरत है। असम अकॉर्ड के तहत जो भी बातें तय हुईं हैं, उन पर काम तेजी से जारी है। हर जनजाति की आकांक्षा को, सभी के हित को ध्यान में रखते हुए, असम की सरकार के प्रयास निरंतर चल रहे हैं। जिस प्रकार बरसों पुरानी समस्याओं को शांति के साथ हल किया गया है, उसी प्रकार बची हुई समस्याओं का भी समाधान तलाशा जाएगा।

साथियो,

यहां टूरिज्म के लिए, टूरिज्म आधारित रोजगार के लिए यहां बहुत स्कोप हैं। आपके पास पहले ही यहां मानस नेशनल पार्क, बोगामती, मोइना पुखुरी, मानस सौशी खोंग्खोर, ऐसे अनेक पर्यटक स्थल हैं। टूरिज्म को बढ़ाने के लिए यहां की रोड कनेक्टिविटी, तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास हमलोग तेजी से कर रहे हैं। जो काम अभी चल रहे हैं, एनडीए सरकार की वापसी के बाद उन्हें और तेजी से पूरा किया जाएगा। जहां भी नए पुलों की आवश्यकता है, नए पुल बनाए जाएंगे, आवाजाही को और आसान बनाया जाएगा। 

साथियो,

यहां साल के एक हिस्से में बाढ़ आती है और दूसरे हिस्से में किसानों को पानी की कमी से जूझना पड़ता है। इस स्थिति को बदलने के लिए हम पूरी ईमानदारी से काम कर भी रहे हैं और आगे भी करेंगे। पीने के पानी के लिए हर घर जल अभियान को भी 2 मई के बाद तेजी से और आगे बढ़ाया जाएगा। प्रयास ये है कि जल्द से जल्द असम के हर परिवार को पाइप से पानी की सुविधा दी जाए।

भाइयो और बहनो,

यहां के चाय बागान में काम करने वाले साथियों को भी कांग्रेस ने लंबे समय तक मुसीबत में, अभाव में रखा था। चाय बागान में काम करने वाले लोगों के लिए सबसे ज्यादा काम एनडीए सरकार ने ही किया है। इस साल के केंद्रीय बजट में चाय बागान में काम करने वालों के लिए 1000 करोड़ रुपए की विशेष व्यवस्था की गई है। शायद आजादी के बाद पहली बार एक साथ चाय बागान के लिए इतना खर्च करना तय हुआ है। चाहे मजदूरी में वृद्धि हो, आपको अनेक योजनाओं के तहत बैंक अकाउंट में सीधी मदद हो, स्वास्थ्य और घर की सुविधाएं हों, ये काम आगे निरंतर चलते रहेंगे।

भाइयो और बहनो,

मेरा उन युवा साथियों से विशेष आग्रह है जो पहली बार वोट डालने जा रहे हैं। देश की आजादी के 75वें वर्ष का पर्व मनाते हुए आप जो वोट डालेंगे, वो इस बात को भी तय करेगा कि जब हम आजादी के 100 वर्ष मनाएंगे, तो असम कितना आगे होगा। भाजपा के संकल्प पत्र में इसके लिए स्पष्ट रोडमैप है। आज डाला गया आपका वोट, आपके भविष्य के 25 वर्षों की नींव तय करेगा ! असम के एक बड़े हिस्से ने अपना दायित्व निभा दिया है। दो राउंड के मतदान में सबने बहुत उत्साह के साथ इस सपने को पूरा करने के लिए अपना काम किया है। अब बारी लोअर असम की है। महाजोत के महाझूठ को आपको सिरे से नकारते चलना है। जिस तरह पहले दो चरणों में आपने बीजेपी की, एनडीए की ज्यादा से ज्यादा सीटों पर विजय सुनिश्चित की है, वैसे ही आपको तीसरे चरण में भी करना है।

भाइयो-बहनो,

चुनाव अभी चल रहा है। मैंने कल सुना, कुछ लोगों ने घोषणा कर दी है, उसमें दो बातें हैं, एक तो उन्होंने मान लिया है कि ये चुनाव वो हार चुके हैं और अगली सरकार कैसी बनेगी, वो सरकार वालों ने क्या पहना होगा, वो सरकार वाले कैसे दिखते होंगे, इसका वर्णन किया है।

भाइयो और बहनो,
इससे बड़ा असम का कोई अपमान नहीं हो सकता। इससे बड़ा असम की संस्कृति का कोई अपमान नहीं हो सकता है। अभी से, पांच साल के बाद असम को कब्जा करने की व्यूह-रचना, सपने- ये चौंकाने वाली बातें हैं, मेरे भाइयो।

भाइयो-बहनो,
मेरा आपसे आग्रह है, आपको भारी संख्या में निकलकर मतदान करना है, एनडीए के लिए मतदान करना है। मैं फिर एक बार इतनी बड़ी तादाद में आकर के आपने जो प्यार दिया है, आशीर्वाद दिया है, विशेषकर माताएं-बहनें इतनी बड़ी संख्या में आई हैं, ये मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है। आप मेरे लिए शक्तिरूपेण हो, आप ही की शक्ति है, जो हमें नई ऊर्जा देती है, नई ताकत देती है। मैं फिर एक बार मातृशक्ति को भी प्रणाम करता हूं, आप सभी भाइयो-बहनो को भी प्रणाम करता हूं। मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए,

भारत माता की ....जय !
आवाज इतनी जबरदस्त निकले कि पूरे लोअर असम को खड़ा कर दे।
भारत माता की ....जय !
भारत माता की ....जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद !

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PM chairs valedictory session of National Departmental Summit on Water
September 02, 2026
This marks the first in a series of Summits envisioned by PM to strengthen spirit of Team India and deepen cooperative federalism
PM stresses adoption of a continuous process of review and follow up to act on actionable and time-bound outcomes
Emphasising Jan Bhagidari, PM calls for promoting Jal Utsav to deepen public awareness on water conservation
PM calls for greater adoption of water-saving technologies and learning from global best practices
PM calls for robust water data governance through effective use of AI
PM suggests structured inter-State Study-visits involving public representatives, officials and farmers on water related issues

Prime Minister Shri Narendra Modi today chaired the valedictory session of the two-day National Departmental Summit on Water, organised by the Ministry of Jal Shakti. The Summit is the first in a series of Departmental Summits envisioned by Prime Minister to strengthen the spirit of Team India, deepen cooperative federalism and foster collective ownership of national priorities through closer collaboration between the Centre and the States. It brought together Ministers and senior officials from States and Union Territories for focused deliberations on various dimensions of India’s water security.

Prime Minister appreciated the intensive two-day deliberations and emphasised that the actionable and time-bound action points emerging from the Summit should be pursued through a continuous process of review and learning. He suggested that the Summit should not remain a one-time exercise and called for a continuous process of review and follow-up.

Prime Minister called for sensitising Urban Local Bodies to the challenges arising from urbanisation, including population growth and future water requirements, and suggested organising similar Chintan Shivirs for Urban Local Bodies. He called for greater adoption of water-saving technologies. He also suggested dedicated exhibitions and workshops, including exposure to global best practices, to enable Indian manufacturers and stakeholders to develop and scale efficient solutions.

Emphasising Jan Bhagidari, Prime Minister suggested promoting “Jal Utsav” to create greater awareness among people. Prime Minister called for making de-silting a regular programme and developing clear criteria and SOPs for de-silting. On dam safety, he stressed rigorous preparedness before every monsoon, adherence to prescribed precautions and creating awareness among school students, including through suitable incorporation in educational curricula.

Prime Minister further called for strengthening knowledge and capacity on water management and governance in universities and higher educational institutions. He suggested structured inter-State study-visits involving public representatives, officials and farmers to facilitate practical learning and replication of successful interventions.

Prime Minister called for robust water data governance, with water-sector data brought together, systematically managed, analysed and effectively utilised. He recommended the use of AI for data collection and analysis through a uniform format. He also stressed anticipatory and integrated planning to address water scarcity through suitable utilisation of treated water for agriculture and industrial purposes.

Drawing upon his experience as Chief Minister of Gujarat, Prime Minister noted that instances of water scarcity could be transformed into opportunities through systematic planning, commitment and deployment of adequate resources and capable officers.

Union Minister for Jal Shakti Shri C. R. Patil highlighted four key outcomes of the summit: accelerated completion of water infrastructure projects; strengthening water conservation as a sustained people’s movement; ensuring long-term sustainability of drinking-water sources; and institutionalising effective operation and maintenance of rural drinking-water schemes.