PM Modi emphasizes the need for stability and development in the upcoming elections
PM Modi commends the unwavering spirit of Maharashtra's residents and their contribution to the grand Ram temple in Ayodhya
PM Modi highlights the transformative initiatives for Maharashtra's development, reinstating stalled projects for rapid progress
The INDI Alliance has always pushed the country into instability: PM Modi in Chandrapur
Congress party itself is the creator of problems: PM Modi in Chandrapur

माता महाकालीच्‍या पावन भूमीत शक्तिला नमन करतो.
भारतरत्‍न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांना वंदन करतो.
चंद्रपूरकरांना माझा नमस्‍कार!
देश में गर्मी का पारा बढ़ रहा है और सियासी पारा भी चढ़ रहा है.. लेकिन मैं देख रहा हूँ, आपके उत्साह में, आपके जोश में और आपके जज्बे में कोई कमी नहीं है। इस बार चंद्रपुर ने भी मन बना लिया है- फिर एक बार, मोदी सरकार। फिर एक बार... फिर एक बार... औऱ चंद्रपुर से स्नेह मिलना मेरे लिए और भी विशेष है। ये चंद्रपुर ही है जिसने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए ‘लकड़ी’ भेजी। नए भारत के प्रतीक, संसद की नई इमारत में भी चंद्रपुर की ही ‘लकड़ी’ लगी हुई है। चंद्रपुर की ख्याति पूरे देश में पहुंची है। मैं चंद्रपुर के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। कल से नववर्ष और नवरात्रि का पावन पर्व भी शुरू हो रहा है। सभी देशवासियों को इन पर्वों की हार्दिक शुभकामनाएं। समस्त मराठी बंधू- भगिनींना गुढी पाडव्याच्या आणि नूतन वर्षाच्या हार्दिक शुभेच्छा।

साथियों,
2024 का लोकसभा चुनाव ‘स्थिरता बनाम अस्थिरता’ के बीच का चुनाव है। एक ओर भाजपा-NDA है, जिसका ध्येय है- देश के लिए कड़े फैसले लो, बड़े फैसले लो। दूसरी ओर काँग्रेस और इंडी गठबंधन है, जिसका मंत्र है- जहां भी सत्ता पाओ, खूब मलाई खाओ। इंडी गठबंधन ने हमेशा देश को अस्थिरता में झोंका है। एक स्थिर सरकार क्यों और कितनी जरूरी होती है, ये महाराष्ट्र से बेहतर और कौन जानेगा? इंडी अलायंस की केंद्र में जब तक सरकार रही, महाराष्ट्र की लगातार उपेक्षा होती रही। जब ये इंडी अलायंस वाले ढेर सारी साजिशें करके, जनादेश लूटकर राज्य की सत्ता में पहुंचे, तो भी इन्होंने सिर्फ अपना ही विकास किया। महाराष्ट्र के विकास से जुड़ा कोई भी प्रोजेक्ट देखते ही ये कहते थे- कमीशन लाओ या काम पर ब्रेक लगाओ। जब यहां पर नए एयरपोर्ट की बात आई, इंडी अलांयस वालों ने कहा- कमीशन लाओ या काम पर ब्रेक लगाओ। इन लोगों ने जलयुक्त शिवार योजना बंद कर दी। बलीराजा जलसंजीवनी योजना, जो विदर्भ और मराठवाडा में सिंचाई के लिए थी, उसे भी इंडी गठबंधन वालों ने ठप्प कर दिया था। विदर्भ के विकास के लिए मैंने जिस समृद्धि महामार्ग का लोकार्पण किया, उसका भी इन लोगों ने विरोध किया था। इन लोगों ने मराठवाडा की वॉटर ग्रिड योजना बंद कर दी, कोंकण में रिफायनरी प्रोजेक्ट रोक दिया, मुंबई मेट्रो का काम रोक दिया था। यहाँ तक कि, पीएम-आवास के लिए केंद्र से पैसा आने के बावजूद इन्होंने गरीबों को घर देना बंद कर दिया था। इनका लक्ष्य एक ही था- कमीशन लाओ या काम पर ब्रेक लगाओ।

भाइयों बहनों,
हमारी सरकार ने महाराष्ट्र और विदर्भ के विकास के लिए इन सभी योजनाओं को फिर से शुरू किया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी, उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस जी, और अजित पवार जी के साथ पूरी सरकार दिन रात काम कर रही है। विकास के बड़े काम तेजी पूरे हो रहे हैं। और जब नीयत सही होती है, तो नतीजे भी सही होते हैं।

साथियों,
आज देश का दलित, पिछड़ा, आदिवासी और गरीब मोदी सरकार को अपनी सरकार मानता है। मोदी किसी शाही परिवार में पैदा होकर प्रधानमंत्री नहीं बना। मोदी एक गरीब परिवार में जन्म लेकर, आपके बीच रहकर, यहां तक आपने पहुंचाया है। इसलिए, मुझे पता है- जिन करोड़ों देशवासियों के पास अपना घर नहीं था, उनमें ज़्यादातर दलित, पिछड़ा आदिवासी ही थे। ये दलित, वंचित, आदिवासी ही थे, जिनकी बस्तियों में पीने को पानी नहीं था, बिजली नहीं, सड़कें नहीं। इसी समाज के बच्चों को शिक्षा के अभाव से सबसे ज्यादा जूझना पड़ता था।

साथियों,
इसलिए, मोदी ने गारंटी दी थी कि हमारी सरकार दलित, आदिवासी और पिछड़ा परिवारों का जीवन बदलने के लिए काम करेगी। मोदी ने वंचित वर्ग के हालातों को बदलने के लिए निरंतर मेहनत की है। देश में जिन 4 करोड़ गरीबों को पीएम आवास मिले हैं, उनमें सबसे ज्यादा इसी वर्ग के लोग हैं। हमने जिन 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को मुफ्त उज्ज्वला सिलिंडर दिया, वो कौन हैं? वो अधिकांश इसी वर्ग के लोग हैं। हमने वंचित वर्ग के हर परिवार के घर में शौचालय बनवाया है। आज हम 80 करोड़ से ज्यादा जरूरतमंदों को मुफ्त राशन दे रहे हैं। इसमें हमारे दलित, आदिवासी और पिछड़ा ही सबसे ज्यादा है।
(आपको पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है...आप खुदका लगाओगे तो भी दिखाई नहीं देगा, आखिर तक लोग खड़े हैं। यहां कुछ लोगों को मन करता है कि जरा देखें कि कितने लोग हैं। जहां मेरी नजर पहुंचती है, मुझे लोग ही लोग नजर आते हैं और इसलिए आपलोग पीछे मुड़कर नहीं देखोगे तो चलेगा।)
आज 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। आज जिन 11 करोड़ किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि का पैसा जा रहा है, वो छोटे और कमजोर किसान ही हैं। आज हमारे दलित, वंचित, पिछड़ा और आदिवासी समाज के लोग सिर उठाकर जिंदगी जी रहे हैं। ये सब कुछ हो रहा है, तो इसका श्रेय किसको जाता है? इसका श्रेय किसको जाता है? देश में इतनी प्रगति हो रही है श्रेय किसको जाता है? देश गरीब से गरीब व्यक्ति का भला कर रहा है इसका श्रेय किसको जाता है? आपका जवाब गलत है। ये मोदी के कारण नहीं, ये सब आपके एक वोट की ताकत ने किया है, आपने मोदी को आशीर्वाद दिया है और इसलिए ये जो पुण्य कार्य है उसके आप भी उतने ही हकदार हैं।

साथियों,
राजनैतिक पार्टियों का ये दायित्व होता है कि वो जनता की समस्याओं का समाधान करें। लेकिन, काँग्रेस पार्टी खुद ही समस्याओं की जननी है। आप आज़ादी के बाद से गिनना शुरू करिए। देश का विभाजन हुआ। मजहब के नाम पर ये विभाजन किसने करवाया? किसने करवाया? देश आज़ाद होते ही कश्मीर में समस्या खड़ी कर दी गई। कश्मीर में समस्याएं किसने पैदा कीं? जरा पूरी ताकत से बताइए, दिल्ली तक आवाज जानी चाहिए। ये कश्मीर को किसने मूसीबत में डाला? हमारे आस-पास ही दुनिया के कई देश आज़ाद हुये। वो हमसे कहीं आगे बढ़ गए, लेकिन हमारा भारत पिछड़ता गया। तब ज्यादातर समय देश में किसकी सरकार थी? देश दशकों तक आतंकवाद का शिकार रहा। आए दिन कहीं भी बम ब्लास्ट हो जाते थे। तुष्टीकरण के लिए आतंकवादियों को संरक्षण कौन देता था?
काँग्रेस पार्टी और उसके साथी... आतंकवादियों को संरक्षण कौन देता था? देश में नक्सलवाद जैसी समस्या इतनी विकराल हो गई। ये लाल आतंक किसकी देन था? किसकी देन था?

साथियों,
आज़ादी के 7 दशक बाद तक राम मंदिर का 500 साल पुराना विवाद बना हुआ था। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण पर अड़ंगा कौन लगाता था? अड़ंगा कौन लगाता था? कांग्रेस पार्टी के लोग भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे? कौन सी पार्टी के वकील सुप्रीम कोर्ट में जाकर कहते थे कि राममंदिर पर फैसला न सुनाएं?
किस पार्टी ने राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा आयोजन का बहिष्कार किया?
किस पार्टी ने दशकों तक बाबा साहेब आंबेडकर को भारत रत्न नहीं मिलने दिया? इतने दशकों से हमारे लोग पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कर रहे थे। किसने पिछड़ा वर्ग के साथ धोखा किया? हर बात का जवाब एक ही है। एक ही है कि नहीं है? एक ही है कि नहीं है?

साथियों,
पिछले 10 वर्षों से काँग्रेस सत्ता से बाहर है। आपने एनडीए को पूर्ण बहुमत दिया। हमने देश की बड़ी-बड़ी समस्याओं का स्थायी इलाज किया है। आज महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे देश में नक्सलवाद कमजोर पड़ गया है। जो गढ़चिरौली नक्सली हिंसा के लिए जाना जाता था, अब उसकी चर्चा विकास और स्टील कंपनी के लिए हो रही है।हमारा गढ़चिरौली अब फौलाद सिटी बनने जा रहा है।

भाइयों बहनों,
हमारे मराठी में एक कहावत होती है-
‘कडू कारले, तुपात तलले, साखरेत घोलले, तरी कडू ते कडूच’ यानि,
कड़वे करेले को घी में तलें या शक्कर में घोलें, वो फिर भी कड़वा का कड़वा ही रहता है।ये कहावत कांग्रेस पर सटीक लागू होती है। होती है कि नहीं होती है? वो सुधर ही नही सकते, वो कभी नहीं बदल सकती। अपनी करतूतों के कारण आज कांग्रेस पार्टी देश के भीतर जनसमर्थन खो चुकी है। इसलिए अब कांग्रेस खुलकर बांटो और राज करो के खेल पर उतर आई है। कांग्रेस ने अपना जो घोषणापत्र निकाला है, उसमें भी मुस्लिम लीग की भाषा लिखी गई है। क्या आपको ये मंजूर है? इसे ये देश स्वीकार करेगा? इनके सांसद भारत के एक और विभाजन की बात कर रहे हैं। इंडी अलायंस के लोग दक्षिण भारत को अलग करने की धमकी दे रहे हैं। इंडी अलायंस में शामिल डीएमके पार्टी, सनातन को डेंगू, मलेरिया कहकर उसके खात्मे की बात करती है। औऱ कांग्रेस -नकली शिवसेना वाले उन्हीं लोगों को महाराष्ट्र में लाकर उनसे रैली करवाते हैं। अभी दो-तीन दिन पहले ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक और बयान दिया है। उन्होंने कहा है मोदी देश में जहां जाता है दूसरे राज्यों में जाकर कश्मीर और आर्टिकल 370 की बात क्यों करता है। आप मुझे बताइये, क्या ये कांग्रेस की विभाजनकारी सोच है कि नहीं है? कश्मीर हमारा है कि नहीं है? पूरे हिंदुस्तान का है कि नहीं है? हमारा सिरताज है कि नहीं है? क्या कश्मीर के लिए ये भाषा हमें मंजूर है? जब छत्रपति शिवाजी महाराज ने दिल्ली सल्तनत से मोर्चा लिया था, तब उन्होंने क्या ये कहा था क्या कि दिल्ली में जो हो, उससे मेरा क्या वास्ता? क्या कभी छत्रपति शिवाजी महाराज ने कहा था। क्या लोकमान्य तिलक कभी सोच सकते थे कि पंजाब में जलियावाला बाग हत्याकांड हो तो उससे महाराष्ट्र का क्या वास्ता? कभी नहीं सोच सकते। जब कश्मीर आतंक की आग में झुलस रहा था, कश्मीरी पंडितों के घर जलाए जा रहे थे, तब स्वर्गीय बालासाहब ठाकरे खुलकर कांग्रेस के खिलाफ आए थे। तब बालासाहब ठाकरे जी ने ये नहीं सोचा कि कश्मीर में आग लगी है तो उससे महाराष्ट्र वालों का क्या वास्ता? मुझे खुशी है कि हमारे एकनाथ शिंदे जी और उनकी पार्टी, बाला साहेब के विचारों को पूरी मजबूती से आगे बढ़ी रही है।

साथियों,
भाजपा-एनडीए ने गढ़चिरौली-चिमूर से अशोक नेते जी को और चंद्रपुर से मेरे पुराने साथी भाई सुधीर जी को, अपना उम्मीदवार बनाया है।
सुधीर जी ने मंत्री रहते हुए इस क्षेत्र के लिए लगातार काम किया है।
इन उम्मीदवारों को आपका समर्थन मोदी को मजबूत करेगा। मेरा आप सबसे अनुरोध है, 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को भारी संख्या में मतदान करें। और मेरा आपसे आग्रह है, हर पोलिंग बूथ अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दे, तोड़ेंग? इस चुवाव में हमें सबसे पहले पोलिंग बूथ जीतना है। जीतेंगं? पोलिंग बूथ में घर-घर जाएंगें? लोगों से मतदान के लिए आग्रह करेंगे? गर्मी कितनी ही क्यों ना हो मतदान भारी होगा? सुबह-सुबह मतदान कराओगे? अच्छा मेरा एक और काम करोगे? ये सुधीर जी का काम नहीं है मोदी का है करोगे? ये अशोक जी का काम नहीं हे मेरा काम है करोगे? पक्का करोगे? सबके सब हाथ ऊपर करके बताइये कि करेंगे? मेरा एक काम करना, कि इस चुनाव तक घर-घर जाना और जाकर के कहना है कि अपने मोदी जी चंद्रपुर आए थे और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। पहुंचाएंगे मेरा प्रणाम, घर-घर मेरा प्रणाम पहुंचाएंगे? एक बार फिर आप सभी का बहुत-बहुत आभार।
भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

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Cabinet approves Startup India Fund of Funds 2.0 to Mobilize Venture Capital for India’s Startup Ecosystem
February 14, 2026
Rs. 10,000 crore corpus to support deep tech, tech-driven innovative manufacturing startups, and early-growth stage startups

In a major boost to India’s growing startup ecosystem, the Union Cabinet chaired by the Prime Minister, Shri Narendra Modi, has approved the establishment of the Startup India Fund of Funds 2.0 (Startup India FoF 2.0) with a total corpus of Rs. 10,000 crore for the purpose of mobilizing venture capital for the startup ecosystem of the country.

The Scheme is designed to accelerate the next phase of India’s startup journey by mobilising long-term domestic capital, strengthening the venture capital ecosystem, and supporting innovation-led entrepreneurship across the country.

Launched under the Startup India initiative, Startup India FoF 2.0 builds on nearly a decade of sustained efforts to make India one of the world’s leading startup nations. Since the launch of Startup India in 2016, India’s startup ecosystem has witnessed an extraordinary transformation growing from fewer than 500 startups to over 2 lakh Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT)-recognised startups today, with 2025 marking the highest ever annual startup registrations.

Building on Fund of Funds for Startups 1.0

The Startup India FoF 2.0 follows the strong performance of the Fund of Funds for Startups (FFS 1.0), which was launched in 2016 to address funding gaps and catalyse the domestic venture capital market for startups.

Under FFS 1.0, the entire corpus of Rs. 10,000 crore has been committed to 145 Alternative Investment Funds (AIFs). Such supported AIFs have invested over Rs. 25,500 crore in more than 1,370 startups across the country in sectors such as agriculture, artificial intelligence, robotics, automotive, clean tech, consumer goods & services, e-commerce, education, fintech, food & beverages, healthcare, manufacturing, space tech, and biotechnology amongst others.

FFS 1.0 played a pivotal role in nurturing first-time founders, crowding in private capital, and helping build a strong foundation for India’s venture capital ecosystem.

Key Features of the Scheme:

While the first phase built the ecosystem, Startup India FoF 2.0 is designed to take Indian innovation to the next level. The new fund will have a targeted, segmented funding approach to support:

  1. Deep tech and tech-driven innovative manufacturing: Prioritizing breakthroughs in high-tech areas that require patient, long-term capital.
  2. Empowering early-growth stage founders: Providing a safety net for new and innovative ideas, reducing early-stage failures caused by lack of funding.
  3. National reach: Encouraging investment beyond major metros so that, the innovation thrives in every corner of the country.
  4. Designed to address high‑risk capital gaps: Directing greater capital to priority areas which are important for self-reliance and boosting economic growth.
  5. Strengthen India’s domestic venture capital base, particularly smaller funds to further boost the domestic investment landscape.

Startup India FoF 2.0 is expected to play a pivotal role in shaping India’s economic trajectory, leading to transformational impact.

Startup India Fund of Funds 2.0 is expected to play a critical role in advancing India’s innovation-led growth agenda. By supporting startups that build globally competitive technologies, products, and solutions, the Fund will contribute to strengthening India’s economic resilience, boosting manufacturing capabilities, generating high-quality jobs, and positioning India as a global innovation hub.

Aligned with the national vision of Viksit Bharat @ 2047, the Fund represents the Government’s continued commitment to empowering entrepreneurs, fostering innovation, and unlocking the full potential of India’s startup ecosystem.