Congress shielded terrorism for vote bank: PM Modi in Ballari, Karnataka

Published By : Admin | May 5, 2023 | 19:38 IST
BJP Govt has given Hakku Patras to Banjara community and for giving revenue village status to Lambani Thandas. Congress ignored these people for decades: PM Modi Ballari
'The Kerala Story' film sheds light into how terrorism is corroding the society of Kerala. And now, the Congress is supporting those elements who are defending terrorism by trying to ban this film: PM

भारत माता की


भारत माता की


भारत माता की


बजरंग बली की


बजरंग बली की


आंजनेय स्वामी की


आंजनेय स्वामी की


बल्लारिया नन्ना सहोदरा सहोदरीयरिगे नमस्कारगलु
मां दुर्गा और कुमारास्वामी मंदिर को मेरा श्रद्धापूर्वक प्रणाम !
इस पूरे क्षेत्र को आंजनेय स्वामी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।
यहां हनुमान जी हुलीकुंटेराया स्वामी, उस रूप में विराजे हैं, मैं उनको भी शत-शत प्रमाण करता हूं।
आप सभी इतनी बड़ी संख्या में बीजेपी को आशीर्वाद देने के लिए आए हैं।
मैं आप सभी का भी बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। कल इतनी बारिश थी, इतनी सारी कठिनाइयां थी, उसके बावजूद भी आपका इतनी तादाद में आशीर्वाद देने आना और आपका जो जोश है और जो उमंग है, ये दिखाता है कि चुनाव के नतीजे क्या आने वाले हैं।


बंधु-भगिनियरे,


आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने देश की व्यवस्थाओं के साथ ही, देश की राजनीति को भी भ्रष्ट करने का काम किया है।
बीते कुछ वर्षों में कांग्रेस ने भारत की राजनीति में एक और बीमारी पैदा कर दी है।
चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस, पैसों के दम पर, अपने इकोसिस्टम के दम पर, झूठे नरैटिव गढ़ती है।
कांग्रेस की कोशिश होती है कि ऐसा करके वो जनता को भ्रमित कर दे।
बीते कई चुनावों से कांग्रेस ऐसे ही झूठे नरैटिव बनाकर, झूठे सर्वे कराकर अपनी झूठी वाहवाही कराती फिरती है।
यहां कर्नाटका में भी कांग्रेस यही कर रही थी।
लेकिन जिस तरह कर्नाटका के लोग बीजेपी को चुनाव जिताने के लिए खुद जनता जनार्दन ने मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस को समझ नहीं आ रहा कि अब नया क्या झूठ क्या बोलें। कौन सा झूठ गढ़ें।


सहोदर-सहोदरियरे ,


अब तक आप कर्नाटका के सभी दलों का घोषणापत्र मेनिफेस्टो देख चुके हैं, उसकी विवेचना भी कर चुके हैं।
बीजेपी का मेनिफेस्टो, उसके लिए वचन पत्र है, संकल्प पत्र है, जिसमें कर्नाटका को देश का नंबर वन राज्य बनाने का रोडमैप है।
आप बताइए मेरे भाइयों-बहनों
कर्नाटका को नंबर बन बनाना है....
कर्नाटका को नंबर बन बनाना है....
औऱ दूसरी तरफ कांग्रेस के घोषणापत्र में क्या है?
कांग्रेस के घोषणापत्र में है ढेर सारे झूठे वायदे।
कांग्रेस का घोषणापत्र मतलब, तालाबंदी और तुष्टिकरण का बंडल है।
कांग्रेस के पूरे घोषणा पत्र में क्या लिखा है, ये वापस ले लेंगे, ये हटा देंगे, वो निरस्त कर देंगे, उसे रोक देंगे, इस पर प्रतिबंध लगा देंगे, ये कर्नाटका की जनता को ये देने वाले हैं, यही इनका फोकस है।
और अब तो कांग्रेस की हालत इतनी बुरी है- हालत इतनी बुरी है कि उनके पैर कांप रहे हैं, अब कांग्रेस को मेरे ‘जय बजरंग बली’ बोलने पर भी आपत्ति होने लगी है।
तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस किस हद तक जा रही है, ये देश और कर्नाटका के लोग देख रहे हैं।

बंधु-भगिनियरे,


कर्नाटका को देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए, सुरक्षा व्यवस्था, Law and Order सबसे प्रमुख आवश्यकता है।
कर्नाटका का आतंकवाद से मुक्त रहना भी उतना ही जरूरी है।
बीजेपी हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ कठोर रही है।
लेकिन जब भी आतंकवाद पर कार्रवाई होती है, कांग्रेस के पेट में दर्द होने लगता है।

बंधु-भगिनियरे,


आज पूरा विश्व आतंकवाद के खतरे से चिंतित है।
भारत में भी हम कई बार आतंकियों के दुष्कर्मों को झेल चुके हैं।
इन हमलों में कितने ही निर्दोष नागरिक मारे गए हैं।
आतंकवाद मानवता विरोधी है, आतंकवाद जीवन मूल्य विरोधी है और आतंकवाद विकास विरोधी भी है।
मैं ये देखकर हैरान हूं कि अपने वोटबैंक की खातिर कांग्रेस ने आतंकवाद के सामने घुटने टेक दिए हैं।
ऐसी पार्टी क्या कभी भी कर्नाटका की रक्षा कर सकती है।
कर्नाटका की रक्षा कांग्रेस कर सकती है।
कर्नाटका के नागरिकों की रक्षा कर सकती है।

भाइयों-बहनों,


आतंक के माहौल में यहां के उद्योग, यहां की आईटी इंडस्ट्री, यहां की खेती-किसानी, यहां की गौरवमयी संस्कृति, सब कुछ तबाह हो जाएगी।
वोटबैंक के डर की वजह से आज कांग्रेस, आतंकवाद के खिलाफ एक शब्द बोलने की भी हिम्मत खो चुकी है।
वोटबैंक की इसी राजनीति की वजह से कांग्रेस ने आतंकवाद को पाला-पोसा और उसे पनाह दी।
बदलते हुए इस समय में आज आतंकवाद का स्वरूप भी बदल रहा है।
स्मग्लिंग हो, ड्रग्स का कारोबार हो, सांप्रदायिक उन्माद हो, अब सबके तार कहीं न कहीं आतंकवाद से जुड़ते हैं।
बीते कुछ वर्षों में आतंक का एक और स्वरूप, भयानक स्वरूप पैदा हो गया है।


स्नेहतिरे,


बम-बंदूक और पिस्तौल की आवाज तो सुनाई देती है, लेकिन समाज को भीतर से खोखला करने की आतंकी साजिश की कोई आवाज नहीं होती।
कोर्ट तक ने आतंक के इस स्वरूप पर चिंता जताई है।
ऐसी ही आतंकी साजिश पर, आतंकी साजिश पर बनी फिल्म, केरला स्टोरी, ये केरला स्टोरी की इन दिनों काफी चर्चा है।
कहते हैं, केरला स्टोरी, सिर्फ एक राज्य में हुई आतंकियों की छद्म नीतियों की साजिशों पर आधारित है।
देश का इतना खूबसूरत राज्य, जहां के लोग इतने परिश्रमी और प्रतिभाशाली होते हैं, उस केरला में चल रही आतंकी साजिश का खुलासा इस केरला फाइल्स फिल्म में किया गया है।
और देश का दुर्भाग्य देखिए कि कांग्रेस आज, समाज को तहस-नहस करने वाली इस आतंकी प्रवृत्ति के साथ खड़ी हुई नजर आ रही है।
इतना ही नहीं, ऐसी आतंकी प्रवृत्ति वालों से कांग्रेस, पिछले दरवाजे से राजनीतिक सौदेबाजी तक कर रही है।
कर्नाटका के लोगों को इसलिए, कांग्रेस से बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है।

सहोदर-सहोदरियरे,


येदियुरप्पा जी और बोम्मई जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को सिर्फ साढ़े 3 साल सेवा का अवसर मिला है।
जब यहां कांग्रेस की सरकार थी, तो उसने कर्नाटका के विकास के बजाय भ्रष्टाचार को ही प्राथमिकता दी।
इसका कारण क्या था?
इसका कारण, कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमान राजीव गांधी ने खुद ये बताया था।
श्रीमान राजीव गांधी ने कहा था कि अगर उनकी सरकार 100 पैसा भेजती है तो 15 पैसा ही गरीब तक पहुंचता है।
ये उन्होंने खुद ने कहा था, यानि एक तरह से उन्होंने खुद ही मान लिया था कि कांग्रेस Eighty Five परसेंट कमीशन लेने वाली पार्टी है।
आज भी कांग्रेस की पहचान, 85 परसेंट कमीशन खाने वाली पार्टी की है।
कांग्रेस की इसी संस्कृति ने कर्नाटका का बहुत नुकसान किया है।

बंधु-भगिनियरे,


यहां बहुत बड़ी संख्या में बंजारा-लंबानी समाज, वाल्मीकि समाज और दूसरे SC/ST/OBC वर्ग के साथी भी मौजूद हैं।
कांग्रेस ने तो आपको अभाव और अपमान के सिवाय कुछ नहीं दिया।
टॉयलेट का अभाव, पक्के घर का अभाव, पानी का अभाव, अस्पताल में इलाज का अभाव, शिक्षा का अभाव।
बीते 9 वर्षों से आपका ये बेटा, जो दिल्ली में बैठा है, आपका ये सेवक, इस अभाव को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
आज इन परिवारों को पक्के घर, घर में टॉयलेट, घर में बिजली, घर में पानी, मुफ्त राशन, मुफ्त इलाज, ऐसी हर सुविधा मिल रही है।
सिर्फ साढ़े 3 साल में ही डबल इंजन सरकार ने बल्लारी के करीब डेढ़ लाख ग्रामीण परिवारों को नल से जल दिया है।
हमारी सरकार ने पहली बार बंजारा, घूमंतु-अर्धघूमंतु साथियों के लिए अलग वेलफेयर बोर्ड बनाया है।
मैं तो येदियुरप्पा जी और बोम्मई जी की भी प्रशंसा करुंगा।
उन्होंने सिर्फ साढ़े 3 वर्षों में हजारों बंजारा-लंबानी साथियों को हक्कु पत्र दिए, तांडा बस्तियों को गांव का दर्जा दिया है।
कांग्रेस ने तो इनको भी भुला दिया था।
अभी मेरा बहुत पुराना दोस्त श्री रामलू ने मुझे बताया कि मैं हिंदी में ही भाषण करूं। ट्रांसलेशन की जरूरत नहीं है, आप सब सहमत हैं, आप सब सहमत हैं, हम तो जनता जनार्दन के सेवक हैं, आपका हुक्म हमारे सर आंखों पर। बेल्लारी का ये प्यार, बेल्लारी का ये जोश, बेल्लारी का ये उमंग मैं कभी भूल नहीं सकता हूं दोस्तों।

बंधु-भगिनियरे,


हमारे देश की आजादी में, हमारे देश के विकास में देश के आदिवासी समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
लेकिन कांग्रेस ने ना आदिवासी समाज को सशक्त किया और ना ही कांग्रेस को आदिवासी संस्कृति पर गौरव करने को तैयार है।
स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के योगदान को भी कांग्रेस ने कभी देश की जनता के सामने नहीं आने दिया।
जब बीजेपी ने...मेरे प्यारे साथियों. मेरी ये बात सुन लीजिए, मेरे दिल में बहुत दर्द है और दर्द मैं आपके सामने रखना चाहता हूं।
जब बीजेपी ने आजादी के बाद पहली बार गरीब घर से, जंगलों से आई हुई, एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, तो कांग्रेस ने उनका भी विरोध किया।
क्या ऐसी कांग्रेस को माफ कर सकते हैं। जो आदिवासी को अपमानित करे, उनको माफ कर सकते हैं, एक आदिवासी महिला को स्वीकार ना करे, ऐसी कांग्रेस को माफ कर सकते हैं।

और राजनीति समझिए, कांग्रेस का ये विरोध भाजपा के खिलाफ होता तो मैं मुझे कुछ नहीं कहना है। ये बीजेपी के खिलाफ नहीं था, क्योंकि उन्होंने जो उम्मीदवार खड़ा किया है, वो तो पुराना बीजेपी वाला ही था, सालों से बीजेपी में काम करता था, बीजेपी सरकार में मंत्री था, और कांग्रेस ने उसको उम्मीदवार बना दिया। इसका मतलब राष्ट्रपति के चुनाव में कांग्रेस का बीजेपी से विरोध नहीं था। कांग्रेस का आदिवासी महिला राष्ट्रपति उम्मीदवार का विरोध था। ऐसी कांग्रेस को सजा करने के लिए ये चुनाव है भाइयों, करोगे सजा, कांग्रेस को सजा करोगे। पूरी ताकत से करोगे...


बंधु-भगिनियरे,


आज मैं आपके सामने एक और बहुत गंभीर विषय उठाने जा रहा हूं। ये विषय बड़ा गंभीर है।
आप जानते हैं कि अभी सूडान में लड़ाई चल रही थी, अंदर-अंदर लड़ाई चल रही थी। कहीं से भी गोली चलती थी, कहीं से भी कोई बम फूटता था, घर के बाहर मुंडी निकालना मुश्किल था। हमारे हजारों भारतीय भाई-बहन सूडान में फंस गए थे। और उसमें हमारे कर्नाटका के भाई-बहन सैकड़ों की संख्या में थे। उनमें से और ज्यादातर हमारे कर्नाटका के भाई-बहन हक्की-पिक्की आदिवासी समुदाय से थे।
सूडान में गृह युद्ध की स्थिति ऐसी है कि बड़े-बड़े देशों ने भी अपने नागरिकों को वहां से निकालने से मना कर दिया था।
बावजूद इसके भारत सरकार अपनी कोशिशों में लगी हुई थी।


हमने पूरी वायुसेना लगा दी, नौसेना को खड़ा कर दिया, हमने कावेरी अम्मा के आशीर्वाद से ऑपरेशन कावेरी चलाया।
हम ऐसी-ऐसी जगहों से हमारे भारत के भाइयों-बहनों को वापस लाए, जहां विमान तक उतरना मुश्किल हो रहा था।
कहो भाइयों और बहनों ये कठिन काम था कि नहीं था, हमारे लोगों की जान खतरे में थी कि नहीं थी।
हम उनको बड़ी मुश्किल से ले आए, लेकिन ऐसे मुश्किल समय में भी कांग्रेस ने देश का साथ नहीं दिया।
कांग्रेस ने जानते-बूझते, सूडान में फंसे भारतीयों को, वहां के उपद्रवियों के सामने Expose कर दिया।
कांग्रेस पता नहीं क्या चाहती थी।
सूडान में भारतीयों के साथ कोई अनहोनी घट जाए, तो कर्नाटका में राजनीति की रोटी सिक जाए। ऐसे गंदे विचार ऐसे गंदे विचार लेकर के कोई पार्टी, कर्नाटका के लोगों को मुसीबत में डाल दे, बयानबाजी करके डाल दे। क्या यही है कांग्रेस की, देश के लोगों के प्रति संवेदनशीलता?


और साथियों,
ये राजनीतिक ओछापन दिखाते हुए कांग्रेस भूल गई, मोदी है, ये मोदी अपने देशवासियों को संकट में देख, किसी भी हद से गुजर सकता है।
ये हमारी सरकार है, जो पाकिस्तान के चंगुल से अपने एय़रफोर्स के जांबांज अभिनंदन को घंटों में ही छुड़ाकर लाई थी।
ये हमारी सरकार है, जो इराक में 50 जितनी नर्सों को सुरक्षित भारत लेकर आई थी।
ये हमारी सरकार है, जो अफगानिस्तान में किडनैप हुए फादर एलेक्स प्रेमकुमार को सुरक्षित भारत लेकर आई थी।
ये हमारी सरकार है जिसने यमन संकट के दौरान वहां फंसे हजारों भारतीयों को वहां से निकाल कर बाहर लाए थे।
ये हमारी सरकार है जिसने कोरोना के समय वंदे भारत अभियान चलाकर, लाखों भारतीयों की घर वापसी कराई।
अभी यूक्रेन-युद्ध के समय भी हमारी सरकार ही हजारों विद्यार्थियों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालकर लाई है।
संकट के समय में राजनीति करने की इस प्रवृत्ति की कांग्रेस को अब इस चुनाव में भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

सहोदर-सहोदरियरे,


बीजेपी सरकार, आज कर्नाटका को विकास की उस ऊंचाई पर ले जा रही है, जिसका वो हमेशा हकदार रहा है।
बीते वर्षों में जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण यहां हुआ है, वो यहां विकास को और गति दे रहा है।
यहां 4 लेन के हाईवे पर तेजी से काम चल रहा है।
इससे बैंगलुरू आने-जाने में लगने वाला समय बहुत कम हो जाएगा।
यहां एयरपोर्ट के लिए भी स्वीकृति मिल चुकी है।
बल्लारी-हुबली रेल लाइन का बिजलीकरण भी हो चुका है।
इस वर्ष कें केंद्रीय बजट में रिकॉर्ड 10 लाख करोड़ रुपए का बजट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हमने रखा है।
जब रेल, रोड, एयरपोर्ट, पोर्ट, गरीबों के लिए घर, बच्चों के लिए स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, ये सब बनता है तो, स्टील, सीमेंट, पेंट इनकी डिमांड भी बहुत बढ़ जाती है।
बल्लारी की पहचान तो स्टील सिटी के तौर पर भी है।
इसलिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर जितना ज्यादा निवेश होगा, उतना ज्यादा पैसा बल्लारी आएगा, उतने अधिक रोज़गार यहां बनेंगे।

सहोदर-सहोदरियरे ,


कोरोना की रुकावटों के बावजूद साढ़े 3 साल के समय में डबल इंजन सरकार ने बहुत कुछ किया है।
लेकिन हम इतने से ही संतुष्ट होने वालों में नहीं है।
अभी हमें परिश्रम की पराकाष्ठा करनी है।
अभी हमें कर्नाटका को नंबर वन बनाने के लिए दिन रात और मेहनत करनी है।
इसलिए, कर्नाटका को नंबर वन बनाने के लिए
कर्नाटका को नंबर वन बनाने के लिए
ई बारिया निर्धारा...
ई बारिया निर्धारा...
ई बारिया निर्धारा पूर्ण बहुमतदा बीजेपी सरकारा !


भाइयों-बहनों,
अब दो दिन तीन दिन के बाद प्रचार पूरा हो जाएगा।
अब 10 मई को बहुत कम दिन बचे हैं।
क्या आप इस सभा के बाद, पोलिंग बूथ पर बराबर काम करेंगे।
जोर से बताइए, करेंगे।
घर-घर जाएंगे, बूथ-बूथ पर डट जाएंगे।
बूथ को जिता करके लाएंगे।
बूथ में कमल को खिलाएंगे।
ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे
कमल के निशान पर बटन दबाएंगे।
भाइयों-बहनों ये सब तो आप करेंगे, इसके लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं।
लेकिन मेरा काम करेंगे क्या।


आप बताइए मेरा काम करेंगे। आप हाथ ऊपर करके बताइए, मेरा काम करेंगे। पूरी ताकत से करेंगे। पक्का करेंगे। देखिए, मेरा एक काम करना है। घर-घर जाना और मतदाताओं को मिलकर के हाथ जोड़ कर के उनको कहना कि मोदी जी बेल्लारी आए थे। और मोदी जी ने आपको नमस्कार भेजा है, मोदी ने आपको प्रणाम भेजा है। मेरा नमस्कार पहुंचाओगे, मेरा प्रणाम पहुंचाओगे, मेरा नमस्कार पहुंचाओगे तो वो लोग मुझे आशीर्वाद देंगे और जब बेल्लारी के लोगों का मुझे आशीर्वाद मिलेगा , तो मुझे भी स्टील जैसी ताकत मिल जाएगी और मैं उस ताकत से ज्यादा से ज्यादा आपकी सेवा कर पाउंगा।


तो मेरा नमस्कार पहुंचाओगे...


तो मेरा प्रमाण पहुंचाओगे.....


बोलो भारत माता की...


भारत माता की...


भारत माता की...


बजरंग बली की...


बजरंग बली की...


बजरंग बली की...


बहुत-बहुत धन्यवाद

Explore More
ଶ୍ରୀରାମ ଜନ୍ମଭୂମି ମନ୍ଦିର ଧ୍ଵଜାରୋହଣ ସମାରୋହରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣ

ଲୋକପ୍ରିୟ ଅଭିଭାଷଣ

ଶ୍ରୀରାମ ଜନ୍ମଭୂମି ମନ୍ଦିର ଧ୍ଵଜାରୋହଣ ସମାରୋହରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣ
Parliament on verge of history, says PM Modi, as it readies to take up women's bills

Media Coverage

Parliament on verge of history, says PM Modi, as it readies to take up women's bills
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Booth strength, people’s trust and grassroots outreach - PM Modi’s interaction with BJP Karyakartas from West Bengal
April 14, 2026
The citizens across West Bengal have described the BJP’s Sankalp Patra (manifesto) as practical, implementable and focused on holistic development and welfare: PM Modi
PM Modi constantly reiterated to the BJP karyakartas of West Bengal that booth-level strength is the foundation of electoral success
The scale of victory in West Bengal will directly translate into relief and better governance for its people: PM Modi to BJP karyakartas

PM Modi interacted with BJP karyakartas from across West Bengal under the ‘Mera Booth, Sabse Mazboot’ initiative, extending his best wishes for the Bengali New Year to all citizens of the state.


During the interaction, the PM reflected on his recent visits across various parts of West Bengal, highlighting the remarkable enthusiasm, energy and growing support for the BJP among the people. He credited this momentum to the tireless efforts and dedication of booth-level karyakartas.

The PM appreciated the positive response to the BJP’s Sankalp Patra (manifesto), stating that citizens across the state have described it as practical, implementable, and focused on holistic development and welfare.

During the interaction, several karyakartas shared their on-the-ground experiences, highlighting key concerns among the people, including safety, employment, corruption, political violence, and governance challenges. Women karyakartas spoke about concerns over security and dignity, while youth-related issues such as migration due to lack of opportunities were also raised.

PM Modi acknowledged these concerns and emphasised the need for continuous engagement with citizens at the grassroots level. He urged karyakartas to strengthen booth-level organisation through regular outreach and small group meetings, actively connect with women, youth, farmers and first-time voters , clearly communicate the benefits and vision outlined by the BJP, ensure transparency, development and safety, use social media and digital tools effectively to amplify facts and counter misinformation.
He also stressed the importance of documenting and communicating local issues, ensuring that the voices of the people are consistently heard and represented.

The PM constantly reiterated that booth-level strength is the foundation of electoral success, stating that “Booth jeeta, toh chunav jeeta.” He expressed confidence that the growing trust of the people in BJP presents a significant opportunity to bring transformation in West Bengal.

Concluding the interaction, PM Modi said that the scale of victory in West Bengal will directly translate into relief and better governance for its people. He encouraged all karyakartas to work with renewed energy, expand outreach, and ensure that every household becomes a partner in this journey of development.