Telangana is a land of art, skill and culture. The products of Telangana are being liked in the world: PM Modi in Mahabubnagar
Recently, we launched the PM Vishwakarma Scheme... A lot of Vishwakarma friends earn with their skills. They have been neglected for decades, says PM Modi
We are respecting our farmers. We are giving them the correct price for their hard work. Money is going directly into farmers' bank accounts. There is no place for any middleman: PM Modi
Family based parties are busy in the welfare of their own families, but BJP is worried about the families of common citizens of the country: PM Modi in Telangana

भारत माता की, भारत माता की।


पालमूरु प्रजलन्दरिकी ना नमस्कारालु मरियु शुभाभिनन्दनालु।

यहां आने से पहले मुझे आज सुबह स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। मैं देशवासियों से स्वच्छता के कार्यक्रम से जुड़ने का आह्वान करता हूं कि वे भी एक घंटा निकालकर इस अभियान में शामिल हों। लेकिन जिस प्रकार से भारत के लोगों ने अपने निरंतर सहयोग से स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाया है। और आज सुबह में भी मैं देख रहा था। देश के कोने-कोने में स्वच्छता का अभियान चल पड़ा है। मुझे विश्वास है कि आज शुरू हुए इस अभियान में भी ऐसी ही जबरदस्त भागीदारी होगी।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
आज मुझे, तेलंगाना के लोगों के कल्याण के लिए कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने का सौभाग्य मिला। 13 हजार 500 करोड़ से ज्यादा की ये परियोजनाएं तेलंगाना को विकास की नई बुलंदियों पर पहुंचाएंगी। इनसे तेलंगाना के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। वो प्यारी सी गुड़िया को मेरा बहुत-बहुत आशीर्वाद...।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
हाल के वर्षों में, तेलंगाना के लोगों ने लोकसभा, विधानसभा और निकाय चुनावों में भाजपा को मजबूत किया है। आज यहां जो जन सैलाब दिख रहा है, उससे मैं आश्वस्त हूं कि तेलंगाना के लोगों ने बदलाव का अपना इरादा पक्का कर लिया है। तेलंगाना बदलाव चाहता है, क्योंकि अब राज्य में भ्रष्टाचार नहीं पारदर्शी, ईमानदार सरकार चाहिए। तेलंगाना बदलाव चाहता है, क्योंकि अब उसे झूठे वादे नहीं जमीन पर काम चाहिए। तेलंगाना बदलाव चाहता है, क्योंकि अब उसे भाजपा सरकार चाहिए।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना की ये धरती रानी रुद्रमा देवी जैसी वीरांगनाओं की धरती है। कुछ दिन पहले ही, देश ने नारीशक्ति वंदन अधिनियम पास किया है। अब, सिर्फ संसद में ही नहीं बल्कि भारत की हर विधानसभा में महिलाओं की आवाज पहले से ज्यादा मजबूत होगी। तेलंगाना की माताओं-बहनों के वोट ने मोदी को मजबूत किया, और मोदी ने बदले में तेलंगाना समेत देशभर की महिलाओं को सशक्त किया है। मैं तेलंगाना की नारी शक्ति को इस विधेयक के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना की बहनें जानती हैं कि उनका एक भाई दिल्ली में है, जो निरंतर उनका जीवन बेहतर करने के प्रयास में जी-जान से जुटा है। बहनों के लिए लाखों शौचालय बनवाना हो, मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी के ऋण देना हो, पीएम आवास योजना के गरीबों को घर देना है, मुफ्त गैस कनेक्शन देना हो, हमने महिलाओं का जीवन आसान बनाने का बहुत काम किया है।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
भाजपा, तेलंगाना के लोगों का जीवन बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी देश की विकास यात्रा हाइवे के विस्तार के साथ ही रफ्तार पकड़ती है। 2014 तक, ये आंकड़ा याद रखना, 2014 तक तेलंगाना में 2500 किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण किया गया था। लेकिन हमने इतने ही लंबे हाइवे सिर्फ 9 वर्षों में पूरे करके दिखाए हैं। हमारा प्रयास है कि हर छोटे शहर, गांव-कस्बे के लोगों की बड़े शहरों तक पहुंच आसान हो। इससे व्यापारी, कारोबारी, नौकरीपेशा, छात्रों, प्रोफेशनल्स और किसानों को बहुत फायदा होगा।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
हम अपने अन्नदाता को सम्मान दे रहे हैं, उनकी मेहनत का सही मूल्य दे रहे हैं। 2014 में, तेलंगाना के किसानों से MSP पर धान की खरीद पर 3400 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। ये आंकड़ा याद रखना, 2014 पुरानी कांग्रेस के जमाने की सरकार की बात कर रहा हूं, 3400 करोड़ रुपये। लेकिन हमने, एक साल में, 27 हजार करोड़ रुपये किसानों के लिए खर्च किए हैं। ये राशि 8 गुना ज्यादा है। ये पैसे भी सीधे किसानों के खाते में जा रहे हैं, इसमें किसी बिचौलिए के लिए कोई जगह नहीं है। लेकिन मुझे अफसोस है कि यहां की सरकार ने किसान योजनाओं को अपनी काली कमाई का जरिया बना लिया है। तेलंगाना में सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है। आपने कहीं भी सुना है कि किसी सिंचाई परियोजना का उद्घाटन हो गया, लेकिन उसमें किसानों के लिए पानी नहीं मिल रहा। ऐसा तेलंगाना में हो रहा है, तेलंगाना के किसान ये रोज देख रहे हैं।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना के किसानों से कर्ज माफी का वादा किया गया था। लेकिन खोखले वादों की वजह से, कई किसानों को अपनी जान देनी पड़ी, क्योंकि राज्य सरकार ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। तेलंगाना में हमारी सरकार नहीं है, फिर भी हमने तेलंगाना के किसानों की मदद करने का भरपूर प्रयास किया। हमने वर्षों से बंद पड़े रामागुंडम फर्टिलाइजर प्लांट को फिर से शुरू किया। ताकि किसानों को इसका फायदा मिल सके। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत तेलंगाना के किसानों को करीब 10 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खाते में दिए गए हैं।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
अब से कुछ देर पहले मैंने तेलंगाना के हल्दी किसानों से जुड़ी बहुत बड़ी घोषणा की है। भारत विश्व में हल्दी का सबसे बड़ा producer, consumer और exporter है! 2014 की तुलना में आज भारत, करीब-करीब दोगुनी मात्रा में हल्दी का विदशों में एक्सपोर्ट करता है। भारत में अलग-अलग spices (स्पाइसेस) को बढ़ावा देने के लिए spices board पहले से काम करते आ रहे हैं। लेकिन हल्दी जैसे golden spice के लिए कोई बोर्ड नहीं था। अब भाजपा सरकार ने तय किया है कि देश में एक अलग National Turmeric Board बनाया जाएगा। इसका बहुत बड़ा लाभ तेलंगाना के किसानों को होगा। इससे हल्दी के उत्पादन में, वैल्यू चेन में, हल्दी के एक्सपोर्ट में किसानों को बहुत बड़ी मदद मिलेगी।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना कला, संस्कृति और कौशल से समृद्ध जगह है। यहां बनने वाले उत्पादों को दुनियाभर में पसंद किया जा रहा है। कुछ दिन पहले मैंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को बीदरी कला से तैयार गिफ्ट भेंट किया था। इससे देश-विदेश में इस कला की चर्चा तेज हो गई है। इस तरह के कई और स्किल हैं, जिसे सपोर्ट की जरूरत है। हाल ही में, हमने पीएम विश्वकर्मा योजना लॉन्च किया। बहुत सारे विश्वकर्मा साथी ST-SC-OBC बैंकग्राउंड से आते हैं। हाथ के हुनर से कमाई करने वाले ऐसे कारीगरों की दशकों से उपेक्षा की जा रही थी। ऐसे साथियों को सपोर्ट देने के लिए ही पीएम विश्वकर्मा योजना लाई गई है। इससे हमारे विश्वकर्मा भाई-बहनों को आधुनिक औजार मिलेंगे, उनके बनाए उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। आपके प्यार के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। इतना प्यार, इतना उत्साह, ये अद्भुत है। आपने तो कांग्रेस और बीआरएस, दोनों की नींद हराम कर दी है।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
मैं आपको भारत सरकार के एक बहुत ही अहम निर्णय के बारे में भी बताना चाहता हूं। भारत सरकार, तेलंगाना में मुलुगु जिले में एक Central Tribal University की स्थापना करने का निर्णय कर लिया है। इस विश्वविद्यालय का नाम आदिवासी देवियों सम्मक्का-सारक्का के नाम पर रखा जाएगा। और इस पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ये सेंट्रल यूनिवर्सिटी बहुत पहले बन गई होती, अगर यहां की भ्रष्ट सरकार ने इसमें दिलचस्पी दिखाई होती। मुझे अफसोस है कि यहां की राज्य सरकार Central Tribal University के लिए जमीन देने के काम को पांच साल तक टालती रही। ये दिखाता है कि तेलंगाना सरकार को आदिवासी हितों की, आदिवासी गौरव की कोई परवाह नहीं है।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
तेलंगाना सरकार, कार की है, लेकिन उस कार का स्टीयरिंग किसी और के पास है। आप भी जानते हैं कि तेलंगाना सरकार को कौन चला रहा है। तेलंगाना की प्रगति को 2 Family Run Parties ने रोक रखा है। इन दोनों ही Family Run Parties की पहचान, करप्शन और कमीशन से है। इस दोनों पार्टियों का एक ही फॉर्मूला है- “party of the family, by the family and for the family.” ये लोग प्रजातंत्र को परिवार तंत्र बना रहे हैं। ये एक पॉलिटिकल पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर चलाते हैं। इस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में प्रेसिंडेट भी परिवार का, CEO भी परिवार का, डायरेक्टर भी परिवार का, ट्रेजरर भी परिवार का, जनरल मैनेजर भी परिवार का, चीफ मैनेजर भी परिवार का, मैनेजर भी परिवार का होता है। हां सपोर्ट स्टाफ के लिए कुछ बाहरी लोगों को दिखावे के लिए जरूर रख लिया जाता है। यानि हर बड़े पद पर या तो परिवार के लोग खुद बैठते हैं या फिर अपने करीबी को ही बिठाते हैं। पार्टी का कोई भी फैसला इनकी मर्जी के बिना नहीं हो सकता। परिवारवादी पार्टियां अपने परिवार का ही भला करने में जुटी हैं, लेकिन भाजपा को देश के सामान्य नागरिक के परिवार की चिंता है। हमारा फोकस आपके परिवार को बेहतर जीवन और बेहतर अवसर देने पर है।


ना कुटुम्भ सभ्युल्लारा,
भाजपा पर तेलंगाना के लोगों का समर्थन और विश्वास लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यहां के युवाओं-महिलाओं-किसानों को सिर्फ मोदी की गारंटी पर भरोसा है। क्योंकि मोदी जो गारंटी देता है, वो पूरी करके रहता है। तेलंगाना के लोग भी यही चाहते हैं कि उनसे किए गए सभी वादे पूरे हों। हमें मिलकर तेलंगाना को प्रगति के नए रास्ते पर लेकर जाना है। आप सबने इतनी बड़ी संख्या में आकर आशीर्वाद दिए और स्वंय वरुण देवता भी हमें आशीर्वाद देने आ गए हैं। आज जिस प्रकार से यहां की पार्टी ने मुझे आपके बीच आने का अवसर दिया। मुझे बहुत पुराने मेरे साथियों के कई वर्षों के बाद दर्शन करने का मौका मिला। आज मेरा जीवन धन्य हो गया, आपके दर्शन करके, आप साथियों के दर्शन करके, तेलंगाना की जनता जनार्दन के दर्शन करके, और इसके लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए-


भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय! वंदे ! वंदे ! वंदे ! वंदे ! वंदे ! वंदे ! वंदे ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! बहुत-बहुत धन्यवाद।

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New India is finishing tasks at a rapid pace: PM Modi
February 25, 2024
Dedicates five AIIMS at Rajkot, Bathinda, Raebareli, Kalyani and Mangalagiri
Lays foundation stone and dedicates to nation more than 200 Health Care Infrastructure Projects worth more than Rs 11,500 crore across 23 States /UTs
Inaugurates National Institute of Naturopathy named ‘Nisarg Gram’ in Pune
Inaugurates and dedicates to nation 21 projects of the Employees’ State Insurance Corporation worth around Rs 2280 crores
Lays foundation stone for various renewable energy projects
Lays foundation stone for New Mundra-Panipat pipeline project worth over Rs 9000 crores
“We are taking the government out of Delhi and trend of holding important national events outside Delhi is on the rise”
“New India is finishing tasks at rapid pace”
“I can see that generations have changed but affection for Modi is beyond any age limit”
“With Darshan of the submerged Dwarka, my resolve for Vikas and Virasat has gained new strength; divine faith has been added to my goal of a Viksit Bharat”
“In 7 decades 7 AIIMS were approved, some of them never completed. In last 10 days, inauguration or foundation stone laying of 7 AIIMS have taken place”
“When Modi guarantees to make India the world’s third largest economic superpower, the goal is health for all and prosperity for all”

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

मंच पर उपस्थित गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी मनसुख मांडविया, गुजरात प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और संसद में मेरे साथी सी आर पाटिल, मंच पर विराजमान अन्य सभी वरिष्ठ महानुभाव, और राजकोट के मेरे भाइयों और बहनों, नमस्कार।

आज के इस कार्यक्रम से देश के अनेक राज्यों से बहुत बड़ी संख्या में अन्य लोग भी जुड़े हैं। कई राज्यों के माननीय मुख्यमंत्री, माननीय गवर्नर श्री, विधायकगण, सांसदगण, केंद्र के मंत्रीगण, ये सब इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग से हमारे साथ जुड़े हैं। मैं उन सभी का भी हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एक समय था, जब देश के सारे प्रमुख कार्यक्रम दिल्ली में ही होकर रह जाते थे। मैंने भारत सरकार को दिल्ली से बाहर निकालकर देश के कोने-कोने तक पहुंचा दिया है और आज राजकोट पहुंच गए। आज का ये कार्यक्रम भी इसी बात का गवाह है। आज इस एक कार्यक्रम से देश के अनेकों शहरों में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास होना, एक नई परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। कुछ दिन पहले ही मैं जम्मू कश्मीर में था। वहां से मैंने IIT भिलाई, IIT तिरुपति, ट्रिपल आईटी DM कुरनूल, IIM बोध गया, IIM जम्मू, IIM विशाखापट्टनम और IIS कानपुर के कैंपस का एक साथ जम्‍मू से लोकार्पण किया था। और अब आज यहां राजकोट से- एम्स राजकोट, एम्स रायबरेली, एम्स मंगलगिरी, एम्स भटिंडा, एम्स कल्याणी का लोकार्पण हुआ है। पांच एम्स, विकसित होता भारत, ऐसे ही तेज गति से काम कर रहा है, काम पूरे कर रहा है।

साथियों,

आज मैं राजकोट आया हूं, तो बहुत कुछ पुराना भी याद आ रहा है। मेरे जीवन का कल एक विशेष दिन था। मेरी चुनावी यात्रा की शुरुआत में राजकोट की बड़ी भूमिका है। 22 साल पहले 24 फरवरी को ही राजकोट ने मुझे पहली बार आशीर्वाद दिया था, अपना MLA चुना था। और आज 25 फरवरी के दिन मैंने पहली बार राजकोट के विधायक के तौर पर गांधीनगर विधानसभा में शपथ ली थी, जिंदगी में पहली बार। आपने तब मुझे अपने प्यार, अपने विश्वास का कर्जदार बना दिया था। लेकिन आज 22 साल बाद मैं राजकोट के एक-एक परिजन को गर्व के साथ कह सकता हूं कि मैंने आपके भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश की है।

आज पूरा देश इतना प्यार दे रहा है, इतने आशीर्वाद दे रहा है, तो इसके यश का हकदार ये राजकोट भी है। आज जब पूरा देश, तीसरी बार-NDA सरकार को आशीर्वाद दे रहा है, आज जब पूरा देश, अबकी बार-400 पार का विश्वास, 400 पार का विश्वास कर रहा है। तब मैं पुन: राजकोट के एक-एक परिजन को सिर झुकाकर नमन करता हूं। मैं देख रहा हूं, पीढ़ियां बदल गई हैं, लेकिन मोदी के लिए स्नेह हर आयु सीमा से परे है। ये जो आपका कर्ज है, इसको मैं ब्याज के साथ, विकास करके चुकाने का प्रयास करता हूं।

साथियों,

मैं आप सबकी भी क्षमा चाहता हूं, और सभी अलग-अलग राज्यों में माननीय मुख्यमंत्री और वहां के जो नागरिक बैठे हैं, मैं उन सबसे भी क्षमा मांगता हूं क्योंकि मुझे आज आने में थोड़ा विलंब हो गया, आपको इंतजार करना पड़ा। लेकिन इसके पीछे कारण ये था कि आज मैं द्वारका में भगवान द्वारकाधीश के दर्शन करके, उन्हें प्रणाम करके राजकोट आया हूं। द्वारका को बेट द्वारका से जोड़ने वाले सुदर्शन सेतु का लोकार्पण भी मैंने किया है। द्वारका की इस सेवा के साथ-साथ ही आज मुझे एक अद्भुत आध्यात्मिक साधना का लाभ भी मिला है। प्राचीन द्वारका, जिसके बारे में कहते हैं कि उसे खुद भगवान श्रीकृष्ण ने बसाया था, आज वो समुद्र में डूब गई है, आज मेरा सौभाग्य था कि मैं समुद्र के भीतर जाकर बहुत गहराई में चला गया और भीतर जाकर मुझे उस समुद्र में डूब चुकी श्रीकृष्‍ण वाली द्वारका, उसके दर्शन करने का और जो अवशेष हैं, उसे स्पर्श करके जीवन को धन्य बनाने का, पूजन करने का, वहां कुछ पल प्रभु श्रीकृष्ण का स्मरण करने का मुझे सौभाग्य मिला। मेरे मन में लंबे अर्से से ये इच्छा थी कि भगवान कृष्ण की बसाई उस द्वारका भले ही पानी के भीतर रही हो, कभी न कभी जाऊंगा, मत्था टेकुंगा और वो सौभाग्य आज मुझे मिला। प्राचीन ग्रंथों में द्वारका के बारे में पढ़ना, पुरातत्वविदों की खोजों को जानना, ये हमें आश्चर्य से भर देता है। आज समंदर के भीतर जाकर मैंने उसी दृश्य को अपनी आंखों से देखा, उस पवित्र भूमि को स्पर्श किया। मैंने पूजन के साथ ही वहां मोर पंख को भी अर्पित किया। उस अनुभव ने मुझे कितना भाव विभोर किया है, ये शब्दों में बताना मेरे लिए मुश्किल है। समंदर के गहरे पानी में मैं यही सोच रहा था कि हमारे भारत का वैभव, उसके विकास का स्तर कितना ऊंचा रहा है। मैं समुद्र से जब बाहर निकला, तो भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद के साथ-साथ मैं द्वारका की प्रेरणा भी अपने साथ लेकर लाया हूं। विकास और विरासत के मेरे संकल्पों को आज एक नई ताकत मिली है, नई ऊर्जा मिली है, विकसित भारत के मेरे लक्ष्य से आज दैवीय विश्वास उसके साथ जुड़ गया है।

साथियों,

आज भी यहां 48 हज़ार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स आपको, पूरे देश को मिले हैं। आज न्यू मुंद्रा-पानीपत पाइपलाइन प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है। इससे गुजरात से कच्चा तेल सीधे हरियाणा की रिफाइनरी तक पाइप से पहुंचेगा। आज राजकोट सहित पूरे सौराष्ट्र को रोड, उसके bridges, रेल लाइन के दोहरीकरण, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अनेक सुविधाएं भी मिली हैं। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद, अब एम्स भी राजकोट को समर्पित है और इसके लिए राजकोट को, पूरे सौराष्‍ट्र को, पूरे गुजरात को बहुत-बहुत बधाई! और देश में जिन-जिन स्‍थानों पर आज ये एम्स समर्पित हो रहा है, वहां के भी सब नागरिक भाई-बहनों को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।

साथियों,

आज का दिन सिर्फ राजकोट और गुजरात के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए भी ऐतिहासिक है। दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था का हेल्थ सेक्टर कैसा होना चाहिए? विकसित भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर कैसा होगा? इसकी एक झलक आज हम राजकोट में देख रहे हैं। आज़ादी के 50 सालों तक देश में सिर्फ एक एम्स था और भी दिल्ली में। आज़ादी के 7 दशकें में सिर्फ 7 एम्स को मंजूरी दी गई, लेकिन वो भी कभी पूरे नहीं बन पाए। और आज देखिए, बीते सिर्फ 10 दिन में, 10 दिन के भीतर-भीतर, 7 नए एम्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसलिए ही मैं कहता हूं कि जो 6-7 दशकों में नहीं हुआ, उससे कई गुना तेजी से हम देश का विकास करके, देश की जनता के चरणों में समर्पित कर रहे हैं। आज 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 200 से अधिक हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का भी शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इनमें मेडिकल कॉलेज हैं, बड़े अस्पतालों के सैटेलाइट सेंटर हैं, गंभीर बीमारियों के लिए इलाज से जुड़े बड़े अस्पताल हैं।

साथियों,

आज देश कह रहा है, मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। मोदी की गारंटी पर ये अटूट भरोसा क्यों है, इसका जवाब भी एम्स में मिलेगा। मैंने राजकोट को गुजरात के पहले एम्स की गारंटी दी थी। 3 साल पहले शिलान्यास किया और आज लोकार्पण किया- आपके सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने पंजाब को अपने एम्स की गारंटी दी थी, भटिंडा एम्स का शिलान्यास भी मैंने किया था और आज लोकार्पण भी मैं ही कर रहा हूं- आपके सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने यूपी के रायबरेली को एम्स की गारंटी दी थी। कांग्रेस के शाही परिवार ने रायबरेली में सिर्फ राजनीति की, काम मोदी ने किया। मैंने रायबरेली एम्स का 5 साल पहले शिलान्यास किया और आज लोकार्पण किया। आपके इस सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने पश्चिम बंगाल को पहले एम्स की गारंटी दी थी, आज कल्याणी एम्स का लोकार्पण भी हुआ-आपके सेवक ने गारंटी पूरी कर दी। मैंने आंध्र प्रदेश को पहले एम्स की गारंटी दी थी, आज मंगलगिरी एम्स का लोकार्पण हुआ- आपके सेवक ने वो गारंटी भी पूरी कर दी। मैंने हरियाणा के रेवाड़ी को एम्स की गारंटी दी थी, कुछ दिन पहले ही, 16 फरवरी को उसकी आधारशिला रखी गई है। यानि आपके सेवक ने ये गारंटी भी पूरी की। बीते 10 वर्षों में हमारी सरकार ने 10 नए एम्स देश के अलग-अलग राज्यों में स्वीकृत किए हैं। कभी राज्यों के लोग केंद्र सरकार से एम्स की मांग करते-करते थक जाते थे। आज एक के बाद एक देश में एम्स जैसे आधुनिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। तभी तो देश कहता है- जहां दूसरों से उम्मीद खत्म हो जाती है, मोदी की गारंटी वहीं से शुरू हो जाती है।

साथियों,

भारत ने कोरोना को कैसे हराया, इसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में होती है। हम ये इसलिए कर पाए, क्योंकि बीते 10 वर्षों में भारत का हेल्थ केयर सिस्टम पूरी तरह से बदल गया है। बीते दशक में एम्स, मेडिकल कॉलेज और क्रिटिकल केयर इंफ्रास्ट्रक्चर के नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। हमने छोटी-छोटी बीमारियों के लिए गांव-गांव में डेढ़ लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए हैं, डेढ़ लाख से ज्यादा। 10 साल पहले देश में करीब-करीब 380-390 मेडिकल कॉलेज थे, आज 706 मेडिकल कॉलेज हैं। 10 साल पहले MBBS की सीटें लगभग 50 हज़ार थीं, आज 1 लाख से अधिक हैं। 10 साल पहले मेडिकल की पोस्ट ग्रेजुएट सीटें करीब 30 हज़ार थीं, आज 70 हज़ार से अधिक हैं। आने वाले कुछ वर्षों में भारत में जितने युवा डॉक्टर बनने जा रहे हैं, उतने आजादी के बाद 70 साल में भी नहीं बने। आज देश में 64 हज़ार करोड़ रुपए का आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन चल रहा है। आज भी यहां अनेक मेडिकल कॉलेज, टीबी के इलाज से जुड़े अस्पताल और रिसर्च सेंटर, PGI के सैटेलाइट सेंटर, क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स, ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। आज ESIC के दर्जनों अस्पताल भी राज्यों को मिले हैं।

साथियों,

हमारी सरकार की प्राथमिकता, बीमारी से बचाव और बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ाने की भी है। हमने पोषण पर बल दिया है, योग-आयुष और स्वच्छता पर बल दिया है, ताकि बीमारी से बचाव हो। हमने पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति और आधुनिक चिकित्सा, दोनों को बढ़ावा दिया है। आज ही महाराष्ट्र और हरियाणा में योग और नेचुरोपैथी से जुड़े दो बड़े अस्पताल और रिसर्च सेंटर का भी उद्घाटन हुआ है। यहां गुजरात में ही पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़ा WHO का वैश्विक सेंटर भी बन रहा है।

साथियों,

हमारी सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि गरीब हो या मध्यम वर्ग, उसको बेहतर इलाज भी मिले और उसकी बचत भी हो। आयुष्मान भारत योजना की वजह से गरीबों के एक लाख करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। जन औषधि केंद्रों में 80 परसेंट डिस्काउंट पर दवा मिलने से गरीबों और मध्यम वर्ग के 30 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। यानि सरकार ने जीवन तो बचाया, इतना बोझ भी गरीब और मिडिल क्लास पर पड़ने से बचाया है। उज्ज्वला योजना से भी गरीब परिवारों को 70 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की बचत हो चुकी है। हमारी सरकार ने जो डेटा सस्ता किया है, उसकी वजह से हर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले के करीब-करीब 4 हजार रुपए हर महीने बच रहे हैं। टैक्स से जुड़े जो रिफॉर्म्स हुए हैं, उसके कारण भी टैक्सपेयर्स को लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए की बचत हुई है।

साथियों,

अब हमारी सरकार एक और ऐसी योजना लेकर आई है, जिससे आने वाले वर्षों में अनेक परिवारों की बचत और बढ़ेगी। हम बिजली का बिल ज़ीरो करने में जुटे हैं और बिजली से परिवारों को कमाई का भी इंतजाम कर रहे हैं। पीएम सूर्य घर- मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से हम देश के लोगों की बचत भी कराएंगे और कमाई भी कराएंगे। इस योजना से जुड़ने वाले लोगों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी और बाकी बिजली सरकार खरीदेगी, आपको पैसे देगी।

साथियों,

एक तरफ हम हर परिवार को सौर ऊर्जा का उत्पादक बना रहे हैं, तो वहीं सूर्य और पवन ऊर्जा के बड़े प्लांट भी लगा रहे हैं। आज ही कच्छ में दो बड़े सोलर प्रोजेक्ट और एक विंड एनर्जी प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है। इससे रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन में गुजरात की क्षमता का और विस्तार होगा।

साथियों,

हमारा राजकोट, उद्यमियों का, श्रमिकों, कारीगरों का शहर है। ये वो साथी हैं जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से अनेक साथी हैं, जिन्हें पहली बार मोदी ने पूछा है, मोदी ने पूजा है। हमारे विश्वकर्मा साथियों के लिए देश के इतिहास में पहली बार एक राष्ट्रव्यापी योजना बनी है। 13 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम विश्वकर्मा योजना से अभी तक लाखों लोग जुड़ चुके हैं। इसके तहत उन्हें अपने हुनर को निखारने और अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। इस योजना की मदद से गुजरात में 20 हजार से ज्यादा लोगों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इनमें से प्रत्येक विश्वकर्मा लाभार्थी को 15 हजार रुपए तक की मदद भी मिल चुकी है।

साथियों,

आप तो जानते हैं कि हमारे राजकोट में, हमारे यहाँ सोनार का काम कितना बड़ा काम है। इस विश्वकर्मा योजना का लाभ इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी मिला है।

साथियों,

हमारे लाखों रेहड़ी-ठेले वाले साथियों के लिए पहली बार पीएम स्वनिधि योजना बनी है। अभी तक इस योजना के तहत लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए की मदद इन साथियों को दी जा चुकी है। यहां गुजरात में भी रेहड़ी-पटरी-ठेले वाले भाइयों को करीब 800 करोड़ रुपए की मदद मिली है। आप कल्पना कर सकते हैं कि जिन रेहड़ी-पटरी वालों को पहले दुत्कार दिया जाता था, उन्हें भाजपा किस तरह सम्मानित कर रही है। यहां राजकोट में भी पीएम स्वनिधि योजना के तहत 30 हजार से ज्यादा लोन दिए गए हैं।

साथियों,

जब हमारे ये साथी सशक्त होते हैं, तो विकसित भारत का मिशन सशक्त होता है। जब मोदी भारत को तीसरे नंबर की आर्थिक महाशक्ति बनाने की गारंटी देता है, तो उसका लक्ष्य ही, सबका आरोग्य और सबकी समृद्धि है। आज जो ये प्रोजेक्ट देश को मिले हैं, ये हमारे इस संकल्प को पूरा करेंगे, इसी कामना के साथ आपने जो भव्‍य स्‍वागत किया, एयरपोर्ट से यहां तक आने में पूरे रास्ते पर और यहां भी बीच में आकर के आप के दर्शन करने का अवसर मिला। पुराने कई साथियों के चेहरे आज बहुत सालों के बाद देखे हैं, सबको नमस्ते किया, प्रणाम किया। मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं बीजेपी के राजकोट के साथियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इतना बड़ा भव्य कार्यक्रम करने के लिए और फिर एक बार इन सारे विकास कामों के लिए और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हम सब मिलजुल करके आगे बढ़ें। आप सबको बहुत-बहुत बधाई। मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

डिस्क्लेमर: प्रधानमंत्री के भाषण का कुछ अंश कहीं-कहीं पर गुजराती भाषा में भी है, जिसका यहाँ भावानुवाद किया गया है।