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ନୀତି, ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ, ଆନୁଗତ୍ୟ ଏବଂ ନେତୃତ୍ୱ: ବିଜେପି କିପରି ୟୁପିବାସୀଙ୍କ ହୃଦୟ ଜିତୁଛି ତାହା ଉପରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀ
2012-17 ମଧ୍ୟରେ ଜୌନପୁରର ସହରାଞ୍ଚଳରେ ମାତ୍ର 1ଟି ଘର ନିର୍ମାଣ କରାଯାଇଥିଲା, 2017ରୁ ବିଜେପି ସରକାର ଅଧୀନରେ 30,000 ଘର ମଞ୍ଜୁର ହୋଇଛି ଏବଂ 15000 ନିର୍ମାଣ ହୋଇସାରିଛି: ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀ
ୟୁପିରେ ରହୁଥିବା ସମସ୍ତ ଲୋକଙ୍କ ଆକାଂକ୍ଷା କେବଳ ଡବଲ ଇଞ୍ଜିନ ସରକାରଙ୍କ ପ୍ରୟାସ ମାଧ୍ୟମରେ ସାକାର ହୋଇପାରିବ:ଜୌନପୁରରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀ
ବିରୋଧୀ କେବଳ ନିର୍ବାଚନ ସମୟରେ ମହାରାଜା ସୁହେଲଦେବଙ୍କୁ ମନେ ପକାନ୍ତି। ଆମେ ଭୋଟ୍ ବ୍ୟାଙ୍କ ରାଜନୀତି କରୁ ନାହୁଁ: ଚନ୍ଦୌଲୀରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀ

भारत माता की जय

धान क कटोरा चंदौली के सभी लोगन के परणाम! बाबा कीनाराम, आ लाल बहादुर शास्त्री जी के धरती, चंदौली के सप्रेम नमन! चंदौली की धरती ने आज़ादी से लेकर राष्ट्रनिर्माण तक, हमारी संस्कृति और राष्ट्र की सुरक्षा तक कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान न दिया हो। इस योगदान को हमारी सरकार ने सम्मान भी दिया है और उसको रोज़गार की, पर्यटन और तीर्थाटन की संभावनाओं से भी जोड़ा है। आप देखिए, चंदौली में जो मेडिकल कॉलेज बन रहा है, वो मेडिकल कॉलेज बाबा कीनाराम जी के नाम से बन रहा है।

रामगढ़ में बाबा कीनाराम के धाम को सुंदर और भव्य बनाया जा रहा है। ताकि यहां अधिक से अधिक श्रद्धालु आ सकें। वाराणसी-चंदौली सीमा पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की विशाल मूर्ति बाग और संग्रहालय भी टूरिज्म को बहुत बल देने वाले हैं। हमारी सरकार ही है जो महाराजा सुहेलदेव के योगदान को पूरे देश में लेकर गई है। वरना पहले वो भी एक जमाना था, ये घोर परिवारवादियों को महाराजा सुहेलदेव सिर्फ और सिर्फ चुनावों के दौरान ही याद आते थे। घोर परिवारवादियों और घनघोर राष्ट्रभक्तों के बीच यही अंतर होता है। वो अपमान करना उपेक्षा करना बराबर जानते हैं। लेकिन हम आपकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मेहनत करना जानते हैं।

भाइयो और बहनो,

बीते 7 सालों में भाजपा ने देश की राजनीति को बदलने वाले कई महत्वपूर्ण काम किए हैं, लेकिन मैं दो बातों का जिक्र करना चाहता हूं। एक काम, हमने वोटबैंक की पॉलिटिक्स के बजाय, जात-पात के भेदभाव के बजाय, मेरा जिला-तेरा जिला, मेरा क्षेत्र-तेरा क्षेत्र, पश्चिमी यूपी, पूर्व यूपी, मध्य यूपी, ये सारे भेद मिटाकर के सिर्फ और सिर्फ सबका साथ, सबका विकास की राजनीति को हमने केंद्र में रखा है। दूसरा ये कि कोरी घोषणाओं के बजाय हमने सरकारी योजनाओं को उन लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयास किया है, जिनके वो हकदार हैं।

और जिनको सरकार की योजनाओं की सबसे अधिक ज़रूरत है। हम जानते हैं पहले छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए नेताओं के, सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। हमने गरीबों के बैंक खातों में सीधे पैसा भेजना शुरू कर दिया। आप देखिए- पीएम किसान का पैसा- सीधे आपके बैंक खाते में। बच्चों के वजीफे का पैसा- सीधा आपके बैंक खाते में। गैस सब्सीडी का पैसा- सीधे आपके बैंक खाते में। पेंशन का पैसा- सीधे आपको बैंक खाते में। यही सुशासन है जो आपके एक-एक वोट ने सुनिश्चित किया है। इस बार भी आपका हर वोट, यूपी में सुशासन वाली सरकार की वापसी कराएगा।

साथियो,

ये घोर परिवारवादी अभी भी, कुछ नेताओं और माफिया से गठबंधन की पुरानी राजनीति में ही अटके पड़े हैं। हमारा गठबंधन जनता से होता है। होता है कि नहीं होता है...होता है कि नहीं होता है। और ये गठबंधन पक्का होता है कि नहीं होता है। दूर-दूर तक पहुंचने वाला होता है कि नहीं होता है। और इसलिए हमारा गठबंधन जनता-जनार्दन से होता है। भाजपा का गठबंधन- चंदौली के उन लाखों लाख गरीब, दलित, पिछड़े भाई-बहनों से है, जिनको इस कोरोना काल में हमने भूखे पेट सोने नहीं दिया। गरीब के घर में चूल्हा जलता रहे..गरीब का बच्चा रात को भूखा न सो जाए..इसलिए पिछले 2 साल से हम मुफ्त राशन सुनिश्चित कर रहे हैं।

भाजपा का गठबंधन- चंदौली के हर नागरिक से है, जिसके जीवन की हमें चिंता थी, जिसे हमने कोरोना का मुफ्त टीका लगाया, सबको लगाया, तेज़ी से लगाया। आपका टीका लगा है क्या..दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइये...आपका टीका लगा है क्या आप सबको टीका लगा है। आपको टीका लगाने का पैसा देना पड़ा क्या। पैसा देना पड़ा क्या। जेब से एक रुपया भी देना पड़ा क्या। इसीलिए तो मेरा और आपका गठबंधन है। भाजपा का गठबंधन- चंदौली के उन 14 हज़ार गरीब परिवारों से है, जिनके पक्के घर के सपनों को पूरा करने के लिए हमने दिन रात मेहनत की।

भाइयो और बहनो,

जब 14 हजार गरीब गरीब परिवारों को पक्के घर मिलें। मतलब एक-एक परिवार लखपति हो गया। आज घर की कीमत देखें और जब घर बनता है। भाइयो और बहनो, घर तो गरीब के लिए बनता है, लेकिन जब घर बनता है तो ईंटें किसके यहां से खरीदते हैं...मध्यम वर्ग के परिवार के हाथ से। सीमेंट किसके हाथ से खरीदते हैं..मध्यम वर्ग की दुकान से। लकड़ी के सामान की जरूरत पड़े किससे खरीदते हैं मध्यम वर्ग की दुकान से और जब मकान बनता है मजदूरी भी मिलती है। नौजवानों को काम भी मिलता है। भाइयो और बहनो, सिर्फ गरीब को मकान मिलता है...इतना ही नहीं उस मकान बनाने की पूरी प्रक्रिया में यहां के मध्यम वर्ग के लोगों की रोजी-रोटी को भी ताकत मिलती है।

भाइयो और बहनो

भाजपा का गठबंधन- चंदौली की उन पौने 2 लाख गरीब बहन-बेटियों से है, जिनके चूल्हे से निकलता धूआं हमें तकलीफ देता था, जिनको हमने मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाया। भाजपा का गठबंधन- चंदौली के उन लाखों गरीब, दलित, पिछड़े साथियों से है, जिनकी सेहत की हमें चिंता थी, जिन्हें हमने 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान योजना की सुविधा दी।

भाइयो और बहनो,

मैं भी आपकी तरह एक बहुत सामान्य परिवार से आता हूं। और जो आप अनुभव करते हैं वो मैं अनुभव करके आया हूं। हमने देखा है..गरीब परिवार में किसी भी परिवार में अगर कोई गंभीर बीमारी आ जाए तो उस परिवार के सारे सपने चूर-चूर हो जाते हैं। और घर में मां अगर बीमार हो गई तो कभी परिवार को बताती नहीं है कि मुझे दर्द हो रहा है...मुझे पीड़ा हो रही है। वो परिवार को नहीं बताती है। पीड़ा झेलती है क्योंकि उसके मन में रहता है कि अगर बीमारी का बच्चों को पता चलेगा तो वो डॉक्टर के पास ले जाएंगे...खर्चा होगा बच्चों के सिर पर कर्ज लग जाएगा।

इसलिए मां जीवनभर पीड़ा सहन करती है। पर बच्चों के सिर पर बोझ नहीं होने देती है। ये मेरे देश की माताएं हैं। ये मेरे देश की बहनें हैं। भाइयो और बहनो, आप मुझे बताइये क्या ऐसी माताओं को पीड़ा में रहने दूं क्या। उनको पीड़ा सहने दूं क्या। मुझे पीड़ा से बाहर निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए। इन परिवारों को आरोग्य की सेवा देनी चाहिए कि नहीं देनी चाहिए। क्या पहले की सरकारों का ये काम था कि नहीं था। क्या तब लोग बीमार नहीं पड़ते थे क्या। उनको परवाह ही नहीं थी। हमने पांच लाख रुपये तक बड़े से बड़े अस्पताल में जाकर भी उपचार कराएं...पांच लाख रुपये तक का खर्चा मोदी करेगा मेरे भाइयो।

भाइयो और बहनो,

भाजपा का गठबंधन- चंदौली के हर गांव के, हर परिवार की बहनों से है, जिनकी गरिमा की रक्षा के लिए हमने पहले शौचालय बनाए और अब नल से जल देने के लिए हम तेज़ गति से काम कर रहे हैं। इस मज़बूत गठबंधन के आगे घोर परिवारवादियों का मिलावटी गठबंधन एक पल भी नहीं ठहर सकता। ठहर सकता है क्या। ठहर सकता है क्या। यूपी चुनाव के हर चरण में लगातार यही दिखाई दे रहा है...जो खबरें आ रही हैं घोर परिवारवादियों का यूपी की जनता ने पत्ता साफ कर दिया है। यहां भी करोगे ना...यहां भी करोगे ना। इस चरण में भी। आज जो मतदान चल रहा है वहां से खबरें यही आ रही हैं और आप तो ये रैली देखकर मैं ये कह सकता हूं कि आपने तो उनका सफाया करना तय कर लिया है।

भाइयो और बहनो,

घोर परिवारवादियों का लक्ष्य सत्ताभोग है, इसलिए वो समाज में बंटवारे की राजनीति करते हैं। हमारा लक्ष्य राष्ट्रनिर्माण का है, इसलिए सबको साथ लेकर, हम सेवाभाव से काम पूरा करते हैं। बीते 5 साल में चंदौली में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया जैसे हर इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम हुआ है। एक्सप्रेसवे के काम होने से.. आगे बढ़ाते हुए, इस साल के बजट में काशी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। इस एक्सप्रेसवे से यहां अनेकों रोज़गार चंदौली में बनेंगे। जब ये पूरा होगा तो यहां के किसानों के फल-सब्ज़ी तेज़ी से दिल्ली से लेकर कोलकाता तक के अनेक बाज़ारों तक पहुंच पाएंगे।

भाइयो और बहनो,

घोर परिवारवादियों ने सिर्फ अपने परिवार का, अपने नाते-रिश्तेदारों और उनके माफिया दोस्तों का ही ध्यान रखा। इन लोगों ने इतनी समृद्ध विरासत वाले चंदौली को पिछड़े होने का टैग लगा दिया था। भाजपा सरकार, गरीबों-शोषित-पीड़ित-वंचित के लिए काम करती है, उनकी सेवा करती है। इसलिए आज चंदौली जिला विकास के मामले में कई क्षेत्रों से बेहतर कर रहा है।

साथियो,

हम किसानों की आवश्यकताओं का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं। घोर परिवारवादी जब सत्ता में थे तो चंदौली के सिर्फ 12 हज़ार किसानों से गेहूं और धान की खरीद की जाती थी। सिर्फ 12 हजार। लेकिन योगी जी की सरकार ने करीब-करीब 50 हजार किसानों से धान और गेहूं खरीदा गया है। ये जितनी भी खरीद हो रही है, उसका पैसा सीधा किसानों के बैंक खाते में जमा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के लगभग 400 करोड़ रुपये...आप कल्पना कीजिए हमारे चंदौली में पीएम किसान सम्मान निधि के 400 करोड़ रुपये सीधे यहां के किसानों के बैंक खाते में गए हैं।

इसका बहुत बड़ा लाभ ये मेरे चंदौली के 2 लाख से अधिक छोटे किसानों को इसका लाभ मिला है। डबल इंजन सरकार विज्ञान से कैसे किसान की समृद्धि के रास्ते बना रही है, इसका बड़ा उदाहरण चंदौली का काला चावल है। सरकार के प्रयासों की वजह से आज चंदौली के किसान को काले चावल के तीन सौ-चार सौ रुपए प्रति किलो तक आज मिल रहे हैं।

भाइयो और बहनो,

कितनी भी सुविधा हो, कितनी भी समृद्धि हो, जहां मान-सम्मान और जीवन खतरे में होगा, वहां विकास संभव ही नहीं होता। आपने 5 साल पहले ऐसे ही दिन झेले हैं। अराजकता, गुंडागर्दी, थानों-स्कूलों-सरकारी विभागों में भाई-भतीजावाद, इसके सबसे बड़े भुग्तभोगी हमारे गरीब, दलित, पिछड़े परिवार होते हैं, बहन-बेटियां होती हैं। जब गरीब की सुनवाई नहीं होती, जब ट्रांस्फर-पोस्टिंग के नाम पर कर्मचारियों का, शिक्षकों का शोषण होता है, तो वो कैसे आगे बढ़ेंगे। इसलिए यूपी आज कानून के राज को, नियमों के राज को ही प्राथमिकता दे रही है। 10 मार्च के बाद यूपी के विकास का ये अभियान और तेज किया जाएगा।

भाइयो और बहनो,

इस बार की होली 10 मार्च से ही शुरु हो जाएगी। पूरा यूपी 10 मार्च को ही रंग वाली होली मनाने वाला है। भाइयो और बहनो, मैं जब आज इतनी बड़ी रैली देख रहा हूं। दूर-दूर मैं देख रहा हूं, कितने दूर मुझे लोग नजर आ रहे हैं। वहां ऊपर भी नजर आ रहे हैं। अब इतनी बड़ी रैली हो गई तो आपको तो बड़ा लगता होगा ना मोदी जी आ गए। केशव जी आ गए। इतनी बढ़िया रैली हो गई। अब तो बस सो जाओ। ऐसा करोगे। कितना बढ़िया हो गया। सो जाओ ऐसा करोगे। क्या करोगे। अच्छा बताइये मेरा एक काम करोगे।

दोनों हाथ ऊपर करके सब के सब लोग बताइये करोगे। मेरा एक काम करोगे। पक्का करोगे। घर-घर जाओगे। लोगों से मिलोगे और मेरी तरफ से...ये मेरी दिली इच्छा है...करोगे ना। और आप चुनाव के काम में हो। बहुत काम रहता है। इसके बीच में आपको काम देने आया हूं करोगे ना। चुनाव के बीच में भी करोगे ना। देखिए मतदान पूरा होने के पहले हर घर जाइये। उनको प्रणाम पहुंचा दीजिए। पहुंचा देंगे। उनको कहेंगे मोदी जी ने प्रणाम भेजा है। कहेंगे...पक्का। देखिए ज्यादा से ज्यादा मतदान करावइये कमल के निशान पर, कप-प्लेट पर और भोजन भरी थाली पर। भारतीय जनता पार्टी के साथियों समेत पूरे एनडीए को विजयी बनाइये।

आपको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

भारत माता की जय

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PM Modi's remarks ahead of Budget Session of Parliament
January 31, 2023
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BJP-led NDA government has always focused on only one objective of 'India First, Citizen First': PM Modi
Moment of pride for the entire country that the Budget Session would start with the address of President Murmu, who belongs to tribal community: PM Modi

नमस्‍कार साथियों।

2023 का वर्ष आज बजट सत्र का प्रारंभ हो रहा है और प्रारंभ में ही अर्थ जगत के जिनकी आवाज को मान्‍यता होती है वैसी आवाज चारों तरफ से सकारात्‍मक संदेश लेकर के आ रही है, आशा की किरण लेकर के आ रही है, उमंग का आगाज लेकर के आ रही है। आज एक महत्‍वपूर्ण अवसर है। भारत के वर्तमान राष्‍ट्रपति जी की आज पहली ही संयुक्‍त सदन को वो संबोधित करने जा रही है। राष्‍ट्रपति जी का भाषण भारत के संविधान का गौरव है, भारत की संसदीय प्रणाली का गौरव है और विशेष रूप से आज नारी सम्‍मान का भी अवसर है और दूर-सुदूर जंगलों में जीवन बसर करने वाले हमारे देश के महान आदिवासी परंपरा के सम्‍मान का भी अवसर है। न सिर्फ सांसदों को लेकिन आज पूरे देश के लिए गौरव का पल है की भारत के वर्तमान राष्‍ट्रपति जी का आज पहला उदृबोधन हो रहा है। और हमारे संसदीय कार्य में छह सात दशक से जो परंपराऐं विकसित हुई है उन परंपराओं में देखा गया है कि अगर कोई भी नया सांसद जो पहली बार सदन में बोलने के लिए में खड़ा होता है तो किसी भी दल का क्‍यों न हो जो वो पहली बार बोलता है तो पूरा सदन उनको सम्‍मानित करता है, उनका आत्‍मविश्‍वास बढ़े उस प्रकार से एक सहानूकूल वातावरण तैयार करता है। एक उज्‍जवल और उत्‍तम परंपरा है। आज राष्‍ट्रपति जी का उदृबोधन भी पहला उदृबोधन है सभी सांसदों की तरफ से उमंग, उत्‍साह और ऊर्जा से भरा हुआ आज का ये पल हो ये हम सबका दायित्‍व है। मुझे विश्‍वास है हम सभी सांसद इस कसौटी पर खरे उतरेंगे। हमारे देश की वित्त मंत्री भी महिला है वे कल और एक बजट लेकर के देश के सामने आ रही है। आज की वैश्‍विक परिस्‍थिति में भारत के बजट की तरफ न सिर्फ भारत का लेकिन पूरे विश्‍व का ध्‍यान है। डामाडोल विश्‍व की आर्थिक परिस्‍थिति में भारत का बजट भारत के सामान्‍य मानवी की आशा-आकाक्षों को तो पूरा करने का प्रयास करेगा ही लेकिन विश्‍व जो आशा की किरण देख रहा है उसे वो और अधिक प्रकाशमान नजर आए। मुझे पूरा भरोसा है निर्मला जी इन अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए भरपूर प्रयास करेगी। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्‍व में एनडीए सरकार उसका एक ही मकसद रहा है, एक ही मोटो रहा है, एक ही लक्ष्‍य रहा है और हमारी कार्य संस्‍कृति के केंद्र बिंदु में भी एक ही विचार रहा है ‘India First Citizen First’ सबसे पहले देश, सबसे पहले देशवासी। उसी भावना को आगे बढाते हुए ये बजट सत्र में भी तकरार भी रहेगी लेकिन तकरीर भी तो होनी चाहिए और मुझे विश्‍वास है कि हमारे विपक्ष के सभी साथी बड़ी तैयारी के साथ बहुत बारीकी से अध्‍ययन करके सदन में अपनी बात रखेंगे। सदन देश के नीति-निर्धारण में बहुत ही अच्‍छी तरह से चर्चा करके अमृत निकालेगा जो देश का काम आएगा। मैं फिर एक बार आप सबका स्‍वागत करता हूं।

बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। धन्‍यवाद।