ମୁଁ ଦ୍ୱିତୀୟ ଥର ପାଇଁ ବିଜେପି ସରକାରଙ୍କୁ ଏକ ମଜବୁତ ଜନାଦେଶ ଦେଇଥିବା ଲାଗି ସାରା ଦେଶକୁ ଧନ୍ୟବାଦ ଜ୍ଞାପନ କରୁଛି :ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀ
"ବିଜେପି କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ସରକାର ଗଠନ ପାଇଁ ରାଜନୀତିରେ ସାମିଲ ହେଉ ନାହାନ୍ତି ,ବରଂ ସେମାନେ ରାଜନୀତିକୁ ନିଜ ଜୀବନତମାମ ପାଇଁ ରାଷ୍ଟ୍ରର ସେବା କରିବାର ଏକ ପ୍ରକ୍ରିୟା ବୋଲି ବିଚାର କରନ୍ତି :ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ "
କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ସମ୍ପ୍ରତି ଚିହ୍ନଟ ହୋଇଥିବା ନିପାହ ଭାଇରସ ସଂକଟର ମୁକାବିଲା ପାଇଁ କେରଳକୁ ସମସ୍ତ ପ୍ରକାର ସମର୍ଥନ ଦେବା ପାଇଁ ପ୍ରତିଶୃତିବଦ୍ଧ ଅଛନ୍ତି :ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦୀ

भारत माता की जय

भारत माता की जय

केंद्र में मंत्री परिषद के मेरे साथी श्रीमान वी मुरलीधरन जी हम सबके वरिष्ठ नेता गोपालन जी। राज गोपालन जी के साथ हम लोग वर्षों तक हमें काम करने का अवसर मिला, हमेशा उनका मार्गदर्शन मिला। मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ नेतागण और विशाल संख्या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए पधारे हुए केरल के मेरे भाइयो और बहनो।

फूलों का बैकुण्ठ यानि भूमि पर बैकुण्ठ जहां है, वही ऐसी पावन धरती, वहां आना अपने आप में एक विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति होती है। गुरुवायुर की इस पवित्र धरती पर फिर एक बार मुझे आने का सौभाग्य मिला, ये मेरे लिए अपने आप में नई ऊर्जा देने वालानई प्रेरणा देने वालानई शक्ति देने वाला अवसर है। चाहे उडुपीहोगुरूवायुर होया द्वारकाधीश हो। हम गुजरात के लोगों का एक भावनात्‍मक रिश्‍ता है। आस्था के साथ-साथ जिस गुजरात में द्वारिका नगरी है, द्वारिकाधीश जहां विराजमान है, उस धरती से आकर के गुरूवायुर के चरणों में आना, ये अपने आप में एक विशेष अनुभूति कराता है। मैं मंदिर प्रशासन का, भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का और यहां के सभी नागरिकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस उत्तम पूजा पाठ का मुझे अवसर दिया और आप सबने स्वागत सम्मान की भी योजना की।

साथियोआज गुरूवायुर की इस धरती पर मैं केरल के हर साथी का अभिनंदन करता हूं। यहां के नागरिकों का अभिनंदन करता हूं क्योंकि अभी-अभी लोकतंत्र का एक महा उत्सव पूरे देश ने बनाया है। आपने ने भी उसमें बढ़-चढ़कर के इस लोकोत्सव को मनाने में अपना योगदान दिया है। लोकतंत्र के लिए, आपके इस योगदान के लिए, मैं आपका आज हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।

जनता-जनार्दन ईश्वर का रूप है, ये इस चुनाव में देश ने भली-भांति देखा है। राजनीतिक दल जनता के मिजाज के नहीं पहचान पाएपॉलीटिकल पंडित जनता के मिजाज के नहीं बता पाए, सर्वे की दुनिया से जुड़े लोग भी इधर-उधर होते रहे, लेकिन जनता-जनार्दन ने भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के पक्ष में एक प्रचंड जनादेश दिया है। मैं सर झुकाकर के जनता- जनार्दन के चरणों में नमन करता हूं। कई पंडितों को मन में विचार आता होगा कि केरल में बीजेपी का खाता भी नहीं खुला और फिर भी मोदी वहां जाकर के धन्यवाद करने पहुंच गया, यह मोदी की सोच क्या हैकई लोगों के दिमाग में रहता होगा। लेकिन हमारे संस्कार हैंहमारी सोच है और हम इस मत के हैं कि लोकतंत्र में चुनाव अपनी जगह पर हैंलेकिन चुनाव के बाद जीत कर आने वाले की विशेष जिम्मेदारी होती है, 130 करोड़ नागरिकों की। जो हमें जिताते हैंवो भी हमारे हैंजो इस बार हमें जिताने में चूक गए हैंवे भी हमारे हैं। केरल भी मेरा उतना ही हैजितना मेरा बनारस है। हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सिर्फ चुनावी राजनीति के लिए मैदान में नहीं होतेहम लोग 365 दिन अपने राजनीतिक चिंतन के आधार पर जन सेवा में डटे रहते हैं। जनता-जनार्दन की सेवा करने में लगे रहते हैं। और हम राजनीति में सिर्फ सरकार बनाने के लिए नहीं आए हैं, हम राजनीति में देश बनाने के लिए आए हैं। हम राजनीति में विश्व फलक पर भारत को अपना उचित स्थान मिलेइसके लिए एक तपस्या के रूप में हम लोग मैदान में आए हैं। क्या जीत मेंक्या हार मेंहमें इन सारे बंधनों से बंध कर के काम करने वाले हम लोग नहीं है और केरल तो एक उत्तम उदाहरण है, केरल के कार्यकर्ता ने जय-पराजय में अपने आप को बांधा नहीं है, जन सेवा के लिए ही अपने आप को समर्पित किया है।  

हमें जनप्रतिनिधि पांच साल के लिए जनता बनाती है लेकिन हम जनसेवक हैं, जो आजीवन होते हैं और जनता के लिए समर्पित होते हैं। आप भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की पहचान हैं। भारत सरकार सामान्य मानवी के कल्याण के लिए जिन योजनाओं को लेकर के आगे बढ़ रही हैउज्जवल भविष्य के लिए आगे बढ़ने वाली है। उसे जन-जन तक पहुंचाना, उस योजनाओं में जन-जन को जोड़ना और इस सामूहिक शक्ति से हमारे भव्य भारत कानए भारत का निर्माण करना, ये सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का हम संकल्प लेकर के चलने वाले लोग हैं।  

भारत में केरल उन प्रदेशों में है जहां आस्था और अध्यात्म की विरासत हमें सौभाग्य में मिली हुई है और इस अध्यात्म और आस्था इन दोनों के बलबूते पर, हम केरल एक हेरिटेज टूरिज्म का एक बहुत बड़ा डेस्टिनेशन है। उसको जितनी ताकत हम दे उतना केरल के उज्जवल भविष्य के लिए उपकारक होगा। टूरिज्म रोजगार के नए अनेक अवसर लेकर आता हैस्वरोजगार की नई संभावनाओं से जुड़ा हुआ होता है। केरल की युवा पीढ़ी के लिए टूरिज्‍म, ये अपने आप में आर्थिक गतिविधि का भी महत्‍वपूर्ण पहलू है। गत 5 वर्ष भारतीय जनता पार्टी एनडीए सरकार ने टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनेक इनिशिएटिव लिए और उसका परिणाम आज नजर आ रहा है। वर्ल्ड ट्रैवल और टूरिज्म काउंसिल की पावर रैंकिंग में भारत तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। ये दुनिया के टूरिस्टों को आकर्षित करने का एक बहुत बड़ा कारण बनने वाला है।

टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए, भारत की सांस्कृतिक विरासत का महात्म्य को बढ़ाने के लिए, भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत केरल में 7 प्रोजेक्ट लिए गए हैं और पिछले दिनों जब मैं केरल में तिरुवनन्तपुरम आया था तो उस समय कुछ कार्यक्रमों का तिरुवनन्तपुरम में मैंने प्रारंभ किया था चुनाव के पहले दिनों में, उन सात प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने की दिशा में हम काम कर रहे हैं। जब केरल आते हैं तो यहां के हाथी की चर्चा दुनिया के लिए बहुत बड़ा कौतुक रहती है लेकिन मूलतः भगवान कृष्ण के जीवन के साथ पशु प्रेमपशुपालन जुड़ा रहा। गोकुल, वृंदावन से लेकर के चाहे हम गुरुवायुर जाएउडुपी जाएया द्वारिकाधीश जाए और भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का एक बहुत बड़ा महत्व है। भारत सरकार ने इस बार मछुआरों के लिए, पशुपालकों के लिए, अलग मंत्रालय बनाकर के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मछुआरों को समुद्री तट की अर्थव्यवस्था को विशेष बल देने के लिए एक बीड़ा उठाया है।

हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशु का बहुत बड़ा योगदान है लेकिन किसी ना किसी कारण से हमारे यहां पशु, फुट माउथ डिजीज के कारण, बहुत मुसीबत गांव की भी पैदा करते हैं, हमारे ग्रामीण अर्थतंत्र में भी संकट होता है। दुनिया में कई देशों में इस बीमारी को इरेडिकेट किया गया है, नष्ट किया गया है। हमने अभी नई सरकार बनने के बाद जो निर्णय किया है, उसमें एक निर्णय इन अबोल पशुओं के लिए किया है। पूरे देश में टीकाकरण का वक्सीनेशन का एक बहुत बड़ा अभियान चलाया जाएगा, सालों-साल चलाया जाएगा और हिंदुस्तान से हमारे इन अबोल पशुओं की जो यातना है ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जो बीमारी, संकट है। उस फुट माउथ डिजीज को हिंदुस्तान में से पूरी तरह नष्ट करने का काम, जैसे पोलियो के खिलाफ एक आंदोलन चला, वैसा पशुपालन के लिए और पशु रक्षा के लिए फुट माउथ डिजीज के लिए एक बहुत बड़ा आंदोलन चलाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।  

साथियोदुर्भाग्य से पिछले दिनों केरल में निपाह वायरस को लेकर के एक चिंता सामने आई है। मैं आप सबको विश्वास दिलाता हूं की आप निश्चिन्त रहिए, भारत सरकार इस घड़ी में पूरी तरह आपके साथ हैकेरल सरकार के साथ है और निपाह वायरस के संकट से आप सभी नागरिकों को जो भी आवश्यक व्यवस्थाएं चाहिए उसको पूरा करने के लिए कंधे से कंधा मिला करके हम काम कर रहे हैं।

नागरिकों से मेरा आग्रह है की स्वच्छता के प्रति और सजग रहने की आवश्यकता है। राज्य सरकारकेंद्र सरकार की तरफ से ऐसे समय जो एडवाइजरी  दी जाती है उसका ट्रू स्पिरिट से पालन करना हम सबके हित में होता है। मैं आशा करता हूं की केरल इस काम में कहीं पीछे नहीं रहेगा।

भारत सरकार ने देश के गरीबों को बीमारी के कारण अपना घर बेचना न पड़ेजमीन बेचना न पड़ेकर्ज न लेना पड़े। इसके लिए पांच लाख रुपए प्रति वर्ष, बीमारी का खर्च भारत सरकार दे, ऐसी एक बहुत बड़ी योजना आयुष्मान भारत चलाई है। लाखों गरीब इसका फायदा ले रहे हैं लेकिन दुर्भाग्य से वो लाभ केरल के नागरिकों को नहीं मिल रहा है क्योंकि केरल सरकार ने इसमें जुड़ने से मना किया है। मैं आज सार्वजनिक रूप से केरल सरकार से आग्रह करूंगा की आयुष्मान भारत योजना का लाभ केरल के नागरिकों को देकेरल के गरीबों को दें ताकि बीमारी से जूझने में केरल के नागरिकों की बहुत बड़ी मदद हो सके।

साथियोगत 5 वर्ष में विश्व का भारत की तरफ देखने का नजरिया बहुत बड़ी मात्रा में बदला है। लेकिन इस चुनाव में देश की जनता ने जो विश्वास प्रकट किया है चुनाव मेंजो पाजिटिविटी को रिफ्लेक्ट किया हैनेगेटिविटी को पूरी तरह नकार दिया है। सकारात्मक सोच के साथ न्यू स्पिरिट के साथन्यू इंडिया के निर्माण के लिए 130 करोड़ देशवासी, जिस प्रकार से आगे आए हैं। उसने दुनिया को भारत की तरफ देखने के लिए और अधिक विश्वास, और अधिक आशा-अपेक्षा, और अधिक सम्मान का एक बहुत बड़ा काम भी इस चुनाव ने किया है।

गुरुवायुर की इस पवित्र भूमि पर इतनी बड़ी तादाद में आप आए हैं तब इस पवित्र भूमि से आज हम सब संकल्प करके चलें नकारात्मकता को छोड़े, सकारात्मक्ता का आविष्कार करते हुए आगे बढ़े और 130 करोड़ देशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए एक नई ऊर्जानई शक्तिनए सामर्थ्यनए संकल्प के साथ चल पड़ें। इसी एक भावना के साथ मैं फिर एक बार गुरुवायुर की इस पवित्र धरती को नमन करता हूं। केरल के सभी नागरिकों को आदरपूर्वक नमन करता हूं और हम सब मिलकर के उज्जवल भविष्य के लिए, भव्य भारत के लिए, नए भारत के लिए, नए स्पिरिट के लिए आगे बढ़े इसी एक भावना के साथ मैं फिर एक बार आपका बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं। बहुत बहुत धन्यवाद।

भारत माता की...जय

भारत माता की...जय

भारत माता की...जय।

 

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Prime Minister Welcomes French President to India, Emphasises Strengthening Bilateral Ties
February 17, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi extended a warm welcome to President Emmanuel Macron of France, expressing confidence that the visit will elevate India–France relations to new heights.

Highlighting the significance of the visit, Prime Minister Modi noted that the engagements in Mumbai and later in Delhi will provide fresh momentum to the strategic partnership between the two nations. He reaffirmed that their collaboration will continue to benefit not only both countries but also the wider global community.

In separate posts on X, Shri Modi wrote:

“Welcome to India!

India looks forward to your visit and to advancing our bilateral ties to new heights. I am confident that our discussions will further strengthen cooperation across sectors and contribute to global progress.

See you in Mumbai and later in Delhi, my dear friend @EmmanuelMacron.”

  “Bienvenue en Inde !

L’Inde se félicite de votre visite et entend donner un nouvel élan à notre partenariat stratégique. Je suis convaincu que nos discussions renforceront davantage la coopération dans divers secteurs et contribueront au progrès mondial.

À très bientôt à Mumbai, puis à Delhi, mon cher ami @EmmanuelMacron.”