In Nandigram, we have seen a glimpse of what is going to happen on May 2: PM Narendra Modi in Hooghly
Farmers of Bengal have been deprived of all the benefits of the Central government schemes: PM Modi
If players keep criticizing umpires, you should know 'khela sesh’: PM Modi on Mamata's allegations against EC

बोल बम !!! ताड़क बम !!!
बोल बम !!! ताड़क बम !!!
बोल बम !!! ताड़क बम !!!

एइ देबोत्तो भूमि ते एशे आमी, बाबा तारकनाथ आ माहाप्रोभु जगन्नाथ देब के शौतो-शौतो प्रोनाम जानाई!

मैं, रामकृष्ण परमहंस, क्रांतिवीर कनाईलाल दत्त, राजा राममोहन राय, नागेन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय, ब्रजेन्द्रनाथ शील जैसे अनगिनत राष्ट्रनायकों को भी आज इस पवित्र धरती से नमन करता हूं। ऐसे ही ऋषियों और मनीषियों के आशीर्वाद के कारण पश्चिम बंगाल हमेशा संस्कृति और संसाधनों के मामले में समृद्ध रहा है।

साथियो,
पश्चिम बंगाल को क्या चाहिए, क्या करना है, इसे लेकर बंगाल की महान जनता में कभी भी कोई भ्रम नहीं रहा है। इसी वजह से बंगाल के लोगों ने चुनाव में हमेशा स्पष्ट बहुमत को प्राथमिकता है। यहां का बौद्धिक वर्ग, यहां की अध्ययनशील प्रतिभाएं, हमेशा स्पष्ट सोच को लेकर चली हैं। बंगाल के लोग हमेशा अपनी परीक्षा में पास हुए हैं। फेल वो लोग हुए हैं, जिन्होंने बंगाल के लोगों की अपेक्षाओं को, उनकी आकांक्षाओं को पूरा नहीं किया। फेल वो लोग हुए जिन्होंने बंगाल का विकास नहीं किया, बंगाल को बरसों पीछे धकेल दिया। इसलिए, आज बंगाल के लोगों ने, यहां के जन-जन ने, यहां की माताओं-बहनों ने, यहां के नौजवानों ने, फिर एक बार परिवर्तन की कमान संभाल ली है। आशोल पोरिबोरतोन...। आशोल पोरिबोरतोन के उद्घोष में और शोनार बांग्ला के विजन में, बंगाल के लोगों की यही आकांक्षा है। इसलिए, उन्होंने पहले दो चरण के चुनाव से ही बीजेपी के प्रचंड बहुमत का रास्ता तय कर दिया है।

साथियो,
2 मई को क्या नतीजे आने वाले हैं, इसकी झलक हम दो दिन पहले नंदीग्राम में देख चुके हैं। मुझे पक्का पता है, हर चरण के चुनाव के साथ दीदी की ये बौखलाहट बढ़ती जाएगी, मुझ पर गालियों की बौछार भी बढ़ती जाएगी। और अब तो इलेक्शन कमीशन कहो… सुरक्षा प्रबंध वाले लोग हों, हर किसी पर, हम सब जानते हैं, क्रिकेट के मैदान में अगर कोई खिलाड़ी बार-बार अंपायर पर सवाल उठाए तो समझो उसके खेल में खोट है। चुनाव के मैदान में कोई कभी EVM को गाली दे, कभी चुनाव आयोग को गाली दे, तो समझो- उसका खैला शेष है।

दीदी, ओ दीदी, दीदी हार आपके सामने है। अब इसे स्वीकार करिए। हुगली के लोगों की ये आवाज सुनिए। दीदी...

निर्बाचोन खैला नॉय,
गोनोतोन्त्रो खैला नॉय,
गोनोतोन्त्रो होलो, मानुषेर शेबार पॉथ,
गोनोतोन्त्रो होलो, मानुषेर उन्नोतीर पॉथ।
आप ये सब भूल गईं दीदी, इसलिए बंगाल के लोगों के साथ आपने विश्वासघात किया।

मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, आपका उत्साह, आपका प्यार मेरे सिर आंखों पर, लेकिन जगह नहीं है, आप जहां हैं वहीं रहिए, आगे आने की कोशिश मत कीजिए, जगह छोटी पड़ गई। आपका प्यार उससे भी अनेक गुना ज्यादा है। आप जहां हैं, वहीं से सुनिए। और मुझे विश्वास है मेरी आवाज तो जरूर पहुंचती होगी। आप मुझे देख नहीं पाते होंगे, बहुत बड़ी तादाद में आपलोग आए हैं।

भाइयो-बहनो,

हद तो इस बात की है, अब दीदी आप बंगाल की जनता के अपमान पर उतर आई हैं। साथियो, दीदी ने कहा है कि बीजेपी की रैली में जो भीड़ जुटती है, वो पैसे के लिए जुटती है। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं, जो भी सच हो जवाब देना। मैं आपसे जानना चाहता हूं भाइयो-बहनो, क्या आप इतनी गर्मी में, इतने घंटों से, इतनी परेशानी उठाकर यहां आए हैं, क्या पैसे के लिए आए हैं क्या? पैसे के लिए आए हैं क्या? क्या कोई बंगाल का नागरिक बिक सकता है क्या, कोई उसको खरीद सकता है क्या? अरे ये तो स्वाभिमानी लोग हैं, पूरी अंग्रेजी सल्तनत कुछ नहीं कर पाई बंगाल के लोगों को। ये बंगाल के लोगों का स्वाभिमान है। दीदी बंगाल के लोग पैसे लेकर के रैली में जाते हैं, ये कहकर आपने बीजेपी को नहीं, मोदी को नहीं, आपने बंगाल की जनता का अपमान किया है। और इससे बड़ा अपमान हो नहीं सकता। अपनी बौखलाहट में आप मेरा अपमान करिए, लेकिन बंगाल की जनता, यहां की महिलाएं, यहां के गरीब, बंगाल के हमारे भाइयों-बहनों का अपमान मत करिए दीदी, अपमान मत करिए। यही वो लोग हैं, जिन्होंने दस साल पहले सिर-आंखों पर बिठाया था, आज आप उनको गाली दे रही हैं।


साथियो,
मुझ जैसे करोड़ों भारतवासी कालीघाट, तारोकेश्शोर, दक्खिनेश्शोर, गंगा सागर और बेलूरमठ जैसे पुण्य स्थानों पर आकर खुद को बहुत भाग्यशाली समझते हैं। ऐसे में, कोई जब इस पवित्र बंग-भूमि की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं के विपरीत आचरण करता है तो हर हिन्दुस्तानी को बहुत दुख होता है। बंगाल में एक विशेष मधुरता है, मिठास है। यहां की भाषा में मिठास है। यहां के भाई-बहनों की भावना में मिठास है, व्यवहार में मिठास है। यहां की मिष्टी दोई और मिठाइयों की तो बात ही अलग है। फिर इतनी कड़वाहट कहां से लाती हैं दीदी? कोथाय थेके पाच्चेन ऐतो तिक्तोता, दीदी? आप बंगाल के प्रतिभाशाली युवाओं के आचार-विचार में कड़वाहट घोल रही हैं। अब दीदी, आपको बंगाल के भविष्य के साथ ऐसा अन्याय नहीं करने दिया जाएगा।

भाइयो और बहनो,
दीदी की बौखलाहट का एक बहुत बड़ा कारण है, उनके 10 साल का रिपोर्ट कार्ड। मैं पहले दिन से कह रहा हूं दीदी, आपने क्या काम किया, बताइए न लोगों को। रिपोर्ट कार्ड मांग रहे हैं, बस यही उनकी परेशानी है। पुरानी इंडस्ट्री बंद, नई इंडस्ट्री का रास्ता बंद, नए निवेश, बिजनेस और चाकरी की संभावनाएं मंद। हुगली देश के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में से एक रहा है। लेकिन आज क्या हालत हो गई है, आप भी जानते हैं। एक समय भारत के अनेक राज्यों से लोग बंगाल की फैक्ट्रियों में काम करने आते थे। आज बंगाल के लाखों लोग चाकरी के लिए पलायन करने को मजबूर हैं।

 

साथियो,
तृणमूल सरकार तो अपने आप में पश्चिम बंगाल के लिए आपदा सिद्ध हुई है। मानवता कहती है कि जब भी किसी पर मुसीबत आए तो मदद का हाथ आगे बढ़ाना चाहिए। लेकिन, तृणमूल के लोगों ने तो मुसीबत को ही कमाई का साधन बना दिया। बार-बार आने वाले चक्रवातों से पश्चिम बंगाल परेशान होता है, चारों तरफ तबाही आती है, गरीब की बाड़ी मिट्टी में मिल जाती है। लेकिन, तृणमूल के तोलाबाजों की बाड़ी और उनकी गाड़ी का साइज बढ़ता ही जाता है।

दीदी, ओ दीदी,
एखोन बांग्लार मानुष बिस्शाशघातो कोतार जोबाब देबे!

इन लोगों ने पंचायतों को लूटा, पंचायत चुनावों को लूटा। हालत ये है कि शासन-प्रशासन की कमान भी टीएमसी के दफ्तरों को दे दी गई है।

साथियो,
विकास के लिए, किसी भी क्षेत्र के उन्नयन के लिए, विजन और पॉलिसी जितनी जरूरी होती है, उतनी ही आवश्यक राजनीतिक इच्छाशक्ति भी होती है। बीते 10 साल में पश्चिम बंगाल ने इसका बहुत बड़ा अभाव देखा है। ऐसी सरकार आपने कहां देखी, जो इस बात पर गर्व करती हो कि उन्होंने शिल्प को रोका है, उद्योग को रोका है? सिंगूर के साथ इन्होंने कितना बड़ा धोखा किया, ये बात मुझसे ज्यादा आप जानते हैं। सिंगूर का राजनीतिक उपयोग करने के बाद इन लोगों ने यहां के लोगों को अधर में छोड़ दिया। आज सिंगूर में न उद्योग हैं, न उतनी चाकरी है, और जो कृषक हैं वो बिचौलियों से परेशान हैं।

साथियो,
हुगली का आलू बड़ी मात्रा में सिर्फ और सिर्फ इसलिए बर्बाद होता है, क्योंकि दीदी की सरकार ने यहां पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज नहीं बनाए। जो कोल्ड स्टोरेज हैं भी, वो सिंडिकेट चला रहे हैं। आलू किसान औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर है। ये स्थिति तब है जब केंद्र सरकार इसके लिए राज्यों को हर संभव सहायता देती है, इसके लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बनाया गया है। यही स्थिति यहां जूट किसानों, जूट मिलों में काम करने वाले साथियों की है। केंद्र सरकार ने 6 सालों में जूट का MSP 85 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाया है।
गेहूं की पैकेजिंग जूट में हो, देश में प्लास्टिक की जगह जूट बैग का उपयोग हो, इसके लिए हमने कदम उठाए, जूट की डिमांड को बढ़ाया। लेकिन, यहां की सरकार जूट मिलों को प्रोत्साहित ही नहीं कर रही। इसलिए, आज आलू किसान, जूट किसान, श्रमिक हर कोई डबल इंजन की भाजपा सरकार के लिए वोट कर रहा है। बीजेपी सरकार बनने के बाद यहां कोल्ड स्टोरेज के साथ ही फूड प्रोसेसिंग में निवेश को और बढ़ाया जाएगा।

साथियो,
बंगाल के गरीब किसानों के साथ तो दीदी ने अपनी विशेष नफरत दिखाई है। पूरे देश में 10 करोड़ से ज्यादा किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल चुका है। देश भर में किसानों के बैंक खाते में सीधे सवा लाख करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं। न कोई कटमनी, न कोई रिश्वत। एक-एक टका, सीधा किसानों के बैंक खाते में पहुंचा है। लेकिन, ये लाभ बंगाल के किसानों को नहीं मिला। दीदी ने बंगाल के लाखों कृषकों को भारत सरकार के इस पैसे से वंचित रखा।

भाइयो और बहनो,
2 मई को यहां सिर्फ डबल इंजन की सरकार ही नहीं बनेगी, बल्कि डबल बेनिफिट, डायरेक्ट बेनिफिट देने वाली सरकार बनने वाली है। बंगाल में BJP सरकार आने के बाद सबसे पहला काम किसानों के हित में फैसला लेना होगा। पहली कैबिनेट में ही बंगाल में पीएम किसान सम्मान निधि को लागू करने का निर्णय लिया जाएगा। और जब भाजपा के मुख्यमंत्री के बंगाल में भाजपा की सरकार का शपथ समारोह होगा, मैं उस दिन जरूर आऊंगा। और आकर के जो नए मुख्यमंत्री बनेंगे, उनसे जरूर कहूंगा कि भाई दिल्ली से मुझे पैसा भेजना है, आप जल्दी इस काम को पहली कैबिनेट में लागू कीजिए, मैं कहूंगा। और सुनिए भाइयो, बंगाल के हर-एक किसान को जो दीदी ने नहीं देने दिया है, वो भी, जो पिछला बकाया पैसा है, उसको जोड़कर के हर किसान के खाते में 18 हजार टका मिलेगा। और मैं तो आग्रह करूंगा कि दस साल से सरकार को जरा सो जाने की आदत पड़ी है। नई सरकार को सारी मशीनरी को दौड़ाना पड़ेगा और इसलिए मैं तो कहूंगा कि दुर्गापूजा के पहले हर किसान के खाते में रुपया पहुंच जाना चाहिए। और इसलिए, मेरा आग्रह है कि बंगाल के किसान भाई- बहन और ये जो सरकार के मुलाजिम हैं, आज उनसे भी आग्रह करता हूं कि भाई दस साल जो हुआ सो हुआ, जितना बर्बाद होना था कर लिया, अब बंगाल की सेवा करने का आपके सामने मौका आ रहा है। अभी दो मई को नतीजा आने के बीच में समय है, जहां चुनाव पूरा हो गया है, वहां अधिकारी जरा किसानों की सूची बनाना चालू कर दें, उनके बैंक खाते चेक कर लें, उनका आधार नंबर चेक कर लें, ताकि जैसे ही निर्णय करें, फटाफट पैसा जाना शुरू हो जाए। बंगाल की बीजेपी सरकार जल्द से जल्द हरेक किसान के बैंक खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर करना चाहती है। टीएमसी सरकार ने किसानों के साथ जो इतना बड़ा अन्याय किया है, वो दूर करने का समय बहुत ही निकट दिख रहा है भाइयो।

साथियो,
अपने ही अहंकार में दीदी, केंद्र की हर योजना के रास्ते में दीवार बनकर खड़ी होती रही हैं। केंद्र सरकार ने शहरों में काम करने आए रिक्शा, रेहड़ी, ठेला चलाने वाले साथियों के लिए बिना गारंटी का बैंक लोन देने की जब भारत सरकार ने शुरुआत की, हिन्दुस्तान के हर शहर में शुरू हुआ। लेकिन, पता नहीं दीदी को क्या हो गया, दीदी ने, यहां की पश्चिम बंगाल की सरकार ने इसको भी लागू नहीं किया। पूरे देश में आयुष्मान भारत के तहत गरीबों को 5 लाख मुफ्त इलाज मिल रहा है। लेकिन, दीदी ने आयुष्मान भारत का लाभ किसी गरीब को मिलने नहीं दिया। और दीदी क्या कहती है, मेरी तो योजना इससे भी बड़ी है। अरे दीदी, आपकी योजना मानो बड़ी है, उसमें पांच लाख और जुड़ जाता है, तो गरीब का भला होगा कि नहीं होगा, गरीब का लाभ होगा कि नहीं होगा। अच्छा दूसरा दीदी, आपको पता भी नहीं है, आप पढ़ती तो हैं नहीं। इस योजना का एक दूसरा लाभ क्या था कि कोई भी बंगाल का व्यक्ति, अगर मानो किसी काम से दिल्ली गया है, जयपुर गया है, चेन्नई गया है, और वहां बीमार हो गया तो वहां के अस्पताल में भी इस योजना से लाभ मिलता है, आपकी योजना से नहीं मिलता है दीदी। लेकिन, उनको बंगाल के लोगों की चिंता नहीं है। बंगाल का संवेदनशील समाज, इस कठोरता को, इस निर्ममता को देख भी रहा है, समझ भी रहा है। और मौके के इंतजार में था कि चुनाव में मौका पा लिया है।

साथियो,
दीदी और उनकी पार्टी की रुकावटी सोच ने इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी प्रभावित किया। यहां रेल लाइन को लेकर टीएमसी के नेता कितनी रुकावट डाल रहे हैं, ये आप भलीभांति जानते हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार, यहां कनेक्टिविटी के कामों को तेजी से आगे बढ़ाएगी। इससे Ease of Living भी बढ़ेगी और Ease of doing business भी। Dedicated Freight Corridor तो पश्चिम बंगाल सहित पूरे पूर्वी भारत को विकास की नई बुलंदी देने वाला है। बहुत जल्द ही डानकुनी तक का पूरा कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाएगा। कोलकाता मेट्रो का विस्तारीकरण भी तेज़ी से किया जा रहा है। कुछ समय पहले ही नाओपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक के सेक्शन का उद्घाटन करने का अवसर मुझे मिला था। हुगली के अनेक हिस्सों में भी मेट्रो के पहुंचने से यहां के गरीब, मध्यम वर्ग को बहुत लाभ होने वाला है।

भाइयो और बहनो,
पश्चिम बंगाल की पहचान यहां की धरोहरें हैं, आस्था-अध्यात्म के स्थान हैं। तारोकेश्शोर नाथ- हमारी आस्था का ऐसा ही स्थान है।
लेकिन तृणमूल ने इस पावन स्थान को भी पॉलिटिक्स का, तुष्टिकरण का माध्यम बना दिया।

साथियो,
हमने भोले बाबा के आशीर्वाद से ही काशी में विश्वनाथ मंदिर के परिसर और आस-पास के क्षेत्र का विकास बड़े पैमाने पर शुरू किया है। उसी तरह यहां तारोकेश्शोर में भी बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बदलाव लाया जा सकता है। बंगाल की जनता के आशीर्वाद से हम ऐसा जरूर कर पाएंगे।

साथियो,
तारोकेश्शोर नाथ जी के साथ-साथ यहां की पहचान हुगली नदी को भी तृणमूल के सिंडिकेट ने बर्बाद कर दिया है।
अवैध निर्माण, औद्योगिक कचरे के खिलाफ कोई प्रभावी नीति लागू ही नहीं की, क्योंकि सरकार सिंडिकेट चलाती है। यहां सीवेज वॉटर ट्रीटमेंट के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च किए गए, लेकिन कई ट्रीटमेंट प्लांट आज भी काम नहीं कर रहे। आज अगर गंगा जी की निर्मलता को लेकर बेहतर काम हो सकता है, तो हुगली की स्वच्छता के लिए क्यों नहीं हो सकता?

अगर देश के दूसरे हिस्सों में आधुनिक रिवरफ्रंट बन सकते हैं, तो हुगली में भी उतना ही खूबसूरत रिवरफ्रंट बन सकता है। भाजपा के पास हमारी धरोहरों, हमारी नदियों की स्वच्छता और नदियों के सुंदरीकरण, दोनों का बेहतरीन अनुभव है। यही अनुभव 2 मई के बाद हुगली में काम आएगा, शोनार बांग्ला के निर्माण में काम आएगा !

शोनार बाङ्गलार शोनार गोउरब, आमरा फिरिए आनबोई !

भाइयो और बहनो,

आशोल पोरिबोरतोन की शुरुआत के लिए अब 30 दिन से भी कम का समय बच गया है !

पोद्दो फूल खिलेगा- हर बूथ में खिलेगा।

ईबार- बीजेपी सरकार !
ईबार- बीजेपी सरकार !

ईबार- जोर से छाप, कमल छाप !

इतनी बड़ी संख्या में आप यहां हमें आशीर्वाद देने आए, इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं !

और पूरे विश्वास के साथ, पूरे आत्मविश्वास के साथ उज्ज्वल भविष्य के लिए आप भारी संख्या में मतदान कीजिए और पहली बार जो मतदान हुआ, दूसरी बार उससे ज्यादा हुआ, तीसरी बार उसका भी रिकॉर्ड तोड़ने का काम आपके पास है, करोगे न...घर-घर जाओगे, लोगों से मिलोगे, मतदान कराओगे, एक-एक को लाओगे। मुझे पूरा विश्वास है ये सारे चुनाव का नेतृत्व बंगाल की जनता कर रही है, हम तो आपके उत्साह को प्रणाम करने के लिए आते हैं। मेरे साथ पूरे जोर से बोलिए...

भारत माता की... जय !
भारत माता की... जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद !

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Prime Minister pays tribute to Lokmata Ahilyabai Holkar on her birth anniversary
May 31, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has paid tributes to Lokmata Ahilyabai Holkar on her birth anniversary.

Shri Modi said that the entire nation remembers Lokmata Ahilyabai Holkar with deep respect and reverence for her wisdom, compassion and unwavering commitment to public welfare.

The Prime Minister noted that her life remains an exemplary model of good governance, patriotism and cultural pride. He said that she always led with courage and a strong sense of duty.

The Prime Minister highlighted her unparalleled contribution to ensuring justice and welfare for all, as well as her efforts towards the reconstruction of sacred temples and pilgrimage sites across the country. He remarked that her work further strengthened India’s cultural consciousness.

The Prime Minister stated that Lokmata Ahilyabai Holkar’s dedication to society, culture and nation-building will continue to inspire every generation of the country.

The Prime Minister wrote on X;

“लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन! बुद्धिमत्ता, करुणा और जनकल्याण के प्रति अटूट निष्ठा को लेकर पूरा देश उन्हें आदर और सम्मान के साथ स्मरण करता है। उनका जीवन सुशासन, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने सदैव साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नेतृत्व किया। देशभर में पावन मंदिरों और तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण से लेकर सभी के लिए न्याय और कल्याण सुनिश्चित करने में उन्होंने अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक चेतना को और सशक्त बनाया। समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका समर्पण भाव देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।”