The youth of Bihar has the ability to transform the state: PM #ParivartanRally
Bihar has decided to fight against those who ruled and ruined the state: PM #ParivartanRally
India will prosper only when Bihar develops: PM #ParivartanRally
If Bihar elects NDA Govt, our first priority will be to provide 24/7 electricity all villages: PM #ParivartanRally
We have come up with Mudra bank, Jan Dhan Yojana, social security schemes for the welfare of people: PM #ParivartanRally
Elect a stable NDA Govt with 2/3rd majority for development of Bihar: PM #ParivartanRally

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

मंच पर विराजमान हमारे वरिष्ठ नेता डॉ. सी पी ठाकुर जी, औरंगाबाद के सांसद श्रीमान सुशील जी, रालोसपा के सह-प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण जी, एवं औरंगाबाद से विधान पार्षद राजेंद्र कुमार सिंह, भाजपा, औरंगाबाद के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जी, लोजपा के श्री अनूप ठाकुर, रालोसपा के श्री अशोक मेहता, हम पार्टी के श्री अजय सिंह, और इस चुनाव में औरंगाबाद से भाजपा के उम्मीदवार श्री रामाधार सिंह, नवीननगर के उम्मीदवार गोपाल नारायण सिंह, कुटुम्बा से हम पार्टी के उम्मीदवार संतोष कुमार सुमन जी, ओबारा से लोजपा के उम्मीदवार चंद्रभूषण वर्मा जी, भाजपा के उम्मीदवार श्री मनोज शर्मा जी, रविगंज से लोजपा के उम्मीदवार श्री प्रमोद कुमार सिंह, गुरुवा से भाजपा के उम्मीदवार राजीव डांगी जी, शेरघाटी से हम पार्टी के उम्मीदवार श्री मुकेश कुमार; मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाईयों और बहनों

मुझे औरंगाबाद आने का ये पहला सौभाग्य मिला है और इस ऐसी चमचमाती धूप में आप लोगों ने इतना ताप होने के बावजूद जो मुझे आशीर्वाद और प्यार दिया है, मैं आपको नमन करता हूँ। आपका आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी है। मुझे दूर-दूर तक, जहाँ तक मेरी नज़र जाती है, लोग ही लोग नज़र आ रहे हैं। मैं नहीं मानता हूँ कि वहां तक मेरी आवाज़ पहुँच रही होगी जहाँ लोग खड़े हैं। चुनाव में रैलियां तो बहुत देखी हैं लेकिन यहाँ तो आंधी है। ये चुनाव 21वीं सदी में बिहार की जगह कहाँ होगी, न कि हिन्दुस्तान के नक़्शे पर बल्कि दुनिया के नक़्शे पर बिहार की जगह कहाँ होगी, इसके लिए यह चुनाव है।

कौन विधायक बने, न बने, किसकी सरकार बने, किसकी न बने, कौन पार्टी जीते, कौन न जीते, ये चुनाव इस बात के लिए नहीं है बल्कि इस बात के लिए है कि बिहार का भविष्य क्या होगा। ये चुनाव इस बात का है कि नौजवानों का भाग्य कौन बदलेगा, बिहार को विकास की नई ऊंचाईयों पर कौन ले जाएगा। इसलिए इस चुनाव में जब आप मतदान करें तो आप इस ‘महास्वार्थबंधन’ के इतिहास को पहले जान लें; ये लोग क्यों इकठ्ठा आए हैं। महास्वार्थबंधन बनाने वाले ये तीनों लोगों ने बिहार में कभी-न-कभी राज किया है। कांग्रेस ने 45 साल तक राज किया; लालू जी और नीतीश जी, बड़े भाई, छोटे भाई ने 25 साल राज किया और तीनों ने मिलाकर के 60 साल तक बिहार में राज किया। मुझे बताईये कि 60 साल कम समय है क्या? दुनिया में कुछ देश जो 30-40 साल पैदा हुआ, आज वे दुनिया में नंबर – 1 तक पहुँच गए और इन्होंने ने 60 साल सरकार चलाई लेकिन बिहार के नौजवान को रोजगार तक नहीं दे पाए।

बिहार ने दो-दो रेल मंत्री दिए। लालू जी और नीतीश जी, दोनों रेल मंत्री रहे अब मुझे बताईये कि अगर आपको कोलकाता जाना है तो टिकट मिलता है क्या? ट्रेन में जगह मिलती है क्या? जिन लोगों ने ऐसी सरकारें चलाई हो, ऐसे लोगों पर और भरोसा कर सकते हैं क्या? 16 को मतदान है। भारी संख्या में मतदान करें ताकि बिहार के भाग्य का रास्ता खुल जाए। आपका मिज़ाज ही परिवर्तन लाने वाला है इस बार बिहार में भाग्य बदलने का जिम्मा मेरे नौजवानों ने उठाया है। सारे बिहार का जवान एकजुट हो गया है कि अब बिहार को बर्बाद नहीं होने देना है।

आप मुझे बताईये कि ये जो सब लोग चुनाव लड़ रहे हैं, लालू जी हों, नीतीश जी हों, मैडम सोनिया जी हों, इन लोगों को अपने 60 वर्षों के काम का हिसाब देना चाहिए कि नहीं? बिहार में इन्होंने क्या सब काम किये, ये बताना चाहिए कि नहीं? लेकिन पूरा चुनाव देख लीजिये, अभी तक इन तीनों ने बिहार के लिए क्या किया, इस पर एक शब्द भी बोलते नहीं हैं। इनका एक ही काम है – मोदी को गाली देना। सुबह-सुबह डिक्शनरी खोल के बैठ जाएंगे कि आज मोदी को कौन सी नई गाली देंगे। अब तो डिक्शनरी भी खाली हो गई है और उन्होंने फैक्ट्री खोल कर रखी है, नई-नई गालियां बनाने की फैक्ट्री और उस फैक्ट्री से रोज माल लेकर निकलते हैं और दिन-रात मोदी को गालियां देते हैं। क्या ये चुनाव है? चुनाव में काम का हिसाब देना चाहिए कि नहीं? उनके पास कहने को कुछ बचा नहीं है। कोई भी सरकार जब चुनाव में जाती है तो उसका दायित्व बनता है कि वो जनता को अपने काम का हिसाब दे लेकिन ये अपना हिसाब नहीं दे रहे।

60 साल इन्होंने बर्बादी लाने का काम किया है। उद्योग-धंधे अगर नहीं आएंगे तो नौजवानों को रोजगार मिलेगा क्या? नौजवानों को रोजगार चाहिए और इनका पलायन बंद होना चाहिए। अभी कुछ दिन पहले मैं फ़रीदाबाद मेट्रो स्टेशन पर उद्घाटन के सिलसिले में गया था। मेट्रो में सफ़र के दौरान यात्री नमस्ते करने आते थे तो सभी यात्रियों से मैं उनके बारे में पूछता था और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मुझे जितने नौजवान मिले, उसमें एकाध कोई और हो तो हो, बाकि सारे नौजवान बिहार के थे। मैंने पूछा क्या कर रहे हो तो उन्होंने कहा कि नौकरी के लिए आया हूँ और किसी कारखाने में इंटरव्यू है तो वहीँ जा रहा हूँ। सारे लोग नौकरी की तलाश में थे और ज्यादातर नौजवान थे। वे मुझे कह रहे थे कि नौकरी के लिए आये तो हैं लेकिन चुनाव के समय जाने वाले हैं और इस सरकार को हटाने वाले हैं। पूरे देश में ये मिज़ाज है बिहारियों का।

अभी अमेरिका में भी मुझे बिहार के कुछ लोग मिले थे। उनसे मिलकर इतना गर्व हुआ कि मेरे देश के नागरिकों ने अमेरिका में आकर के ख़ुद को इतना आगे बढ़ाया है। ये सारे बिहार के थे। अगर बिहार के लोग अमेरिका और हिन्दुस्तान के किसी कोने में जाकर कमाल कर सकते हैं तो बिहार में क्यों नहीं कर पा रहे हैं। इसका कारण है कि बिहार में उन्हें अवसर नहीं मिल रहा है। बिहार की जवानी बिहार को बदलने के लिए दीवानी बन गई है और इसी के साथ बिहार को बर्बाद करने वालों की रवानगी भी तय हो गई है। आप मुझे बताएं कि बिहार के मुख्यमंत्री जी ने ये कहा था न कि वो हर घर में 24 घंटे बिजली पहुंचाएंगे? उन्होंने ये भी कहा था कि 2015 के चुनाव तक अगर हर घर बिजली नहीं पहुंचा पाया तो वोट मांगने नहीं आऊंगा; ऐसा कहा था? अब आप बताईये कि क्या हुआ? बिजली तो नहीं आई लेकिन वोट मांगने आये कि नहीं आये? धोखा किया न; वादे से मुकर गए न? क्या ऐसे लोगों पर भरोसा किया जा सकता है?

इसलिए मैं कहता हूँ कि अब बिहार ऐसी सरकार झेल नहीं सकता है जो बिहार को बर्बाद करने के लिए बने। मैं हैरान हूँ। हम जब जंगलराज को याद करते हैं तो लालू जी परेशान नहीं होते हैं लेकिन नीतीश जी परेशान हो जाते हैं। आपने ही तो लालू राज को जंगलराज कहा था और लालू जी के साथ बैठ गए। इसलिए अब आप जंगलराज बोलने से डरते हो और कोई अन्य बोले तो परेशान हो जाते हो। जंगलराज में कौन सा उद्योग चला – अपहरण का उद्योग। त्यौहार के समय लोग शाम में घर से बाहर निकलने से डरते थे; नई गाड़ी खरीदने के बाद डरते थे कि कहीं कोई उठा कर न ले जाए और अगर मांगने गए तो मार खाने का डर। अब आप बताएं कि बिहार को दुबारा उस स्थिति में लेकर जाना है क्या?

इसके आसार नजर आ रहे हैं। जनवरी से जुलाई तक बिहार में 4000 घटनाएं अपहरण की हुई हैं। अब आप मुझे बताईये कि क्या फिर से ये अपहरण के दिन आने देने हैं? कल रात की घटना लीजिये, एक पुलिस अफ़सर को गोलियों से भून दिया गया। उसका गुनाह सिर्फ़ इतना था कि वो कुछ लोगों को रोक कर पूछना चाहता था कि कौन हो और कहाँ जा रहे हो। सिर्फ़ इतनी बात पर उस पर गोलियां चलाई गई और वो भी पटना में, सरकार के सीने पर और एक पुलिस अफ़सर को। जहाँ एक पुलिस अफ़सर सुरक्षित नहीं है, वहां आम लोग सुरक्षित होंगे क्या? अभी तो उनके साथ बैठने का ये हाल है, चुनाव नतीजे आ गए और अगर आपने गलती कर दी तो सोचिए कि बिहार का क्या हाल होगा।

मैं आपसे कहने आया हूँ कि आप बिहार को बर्बाद होने से बचाईये। बिहार में वो ताकत है कि अगर बिहार आगे बढ़ गया तो सारा हिन्दुस्तान आगे बढ़ जाएगा लेकिन 60 साल तक बिहार की इस ताकत को दरकिनार किया गया। बिजली के क्षेत्र में हमने 24 घंटे बिजली देने का बीड़ा उठाया है। मैंने कहा है कि 2022 में जब भारत की आज़ादी के 75 साल होंगे, तब हम हिन्दुस्तान में 24 घंटे बिजली देने का काम पूरा कर देंगे। अकेले आपके औरंगाबाद जिले को बिजली के लिए 300 करोड़ रूपया देने का निर्णय कर लिया है। पूरे बिहार को 6000 करोड़ रूपया देने का निर्णय कर लिया है। जब मैं पूरे हिन्दुस्तान का अंदाज़ा लगा रहा था तो मैंने अफ़सरों को बुलाया और पूछा कि कितने गाँव हैं जहाँ बिजली नहीं है। उन्होंने हिसाब लगाया तो 18,000 गाँव ऐसे हैं जहाँ अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। फिर जब मैंने पूछा कि सबसे ज्यादा गाँव किस राज्य के हैं तो आपको ये जानकर हैरानी होगी कि बिहार के 4000 गाँव आज भी अँधेरे में हैं।

हमारी सरकार बनी तो सबसे पहले मेरा काम होगा – इन 4000 गांवों में बिजली पहुँचाना। ऐसा नहीं है कि पैसे नहीं हैं लेकिन उनके इरादे सही नहीं हैं। सरकार चलाना उनकी रुचि का विषय नहीं है और इसलिए वे 24 घंटे राजनीति करते रहते हैं। भूतकाल में पंचवर्षीय योजना के तहत भारत सरकार ने बिहार को बिजली के लिए करीब 8000 करोड़ रूपया देने का निर्णय किया लेकिन ये सरकार ऐसी थी कि उसमें से 1200-1300 करोड़ से ज्यादा ले नहीं पाई। अगर इनमें पैसे उठाकर काम करने की ताक़त नहीं है तो क्या ये आपका भला कर पाएंगे क्या? लेकिन अब बिहार के भाग्य को बदलने और जीवन में बदलाव लाने के उद्देश्य से मैं आपके पास आया हूँ।

आज मैं कोई भी हिसाब लगाता हूँ, जैसे सबसे ज्यादा शौचालय कहाँ बने हैं तो नाम आता है बिहार का। ये शौचालय अमीरों के घर में नहीं बने हैं बल्कि गरीबों के घर में बने हैं ताकि हमारी गरीब मां-बहनों को खुले में शौच के लिए न जाना पड़े। अब आप देखें कि ये गरीबों की बात करने वालों ने शौचालय क्यों नहीं बनाये? दिल्ली में हमारी सरकार बनाने के बाद हमने शौचालय बनाने का काम शुरू किया और पिछले एक साल में 95 लाख शौचालय बनाने का काम पूरा कर दिया है और आगे भी ये काम तेज़ गति से चल रहा है।

मुझे बताईये कि अमीरों का खाता होता है न लेकिन गरीब कभी बैंक में नहीं जा पता था। हमने जन-धन के माध्यम से ऐसा अभियान चलाया कि इस देश के हर गरीब परिवार का बैंक खाता खोल दिया गया और आज पहली बार गरीब को लगने लगा है कि वे साहूकारों के पास जाने की बजाय बैंक के पास जा सकते हैं। ब्याज के कारण मरने के बजाय वे सम्मान से जी सकते हैं।

हम मुद्रा योजना लेकर आए जिसके तहत जो छोटे-छोटे व्यवसाय करने वाले लोग हैं, दूध बेचते हैं, सब्ज़ी बेचते हैं, पशुपालन करते हैं, धोबी का काम करते हैं, नाई का काम करते हैं, कपड़े बेचते हैं, अख़बार बेचते हैं, ऐसे लोगों को पैसों की बहुत जरुरत पड़ती है; घर में कोई बीमार हो जाए या मेहमान आ जाएं तो भी औरों से पैसे मांगने पड़ते हैं; उन्हें पैसे उपलब्ध कराये गए। इन्हें बैंकों से पैसा नहीं मिल पाता है। मुद्रा योजना से अकेले बिहार में 3 लाख लोगों को पैसे देने का काम पूरा कर दिया। पूरे हिन्दुस्तान में करीब-करीब 26 हज़ार करोड़ रूपया बैंकों से इन गरीबों को देने का काम हमने किया है। गरीब को ताक़तवर बनाना है, उनकी आर्थिक शक्ति बढ़ानी है।

हमने अभी बीमा योजना शुरू की; हर महीने में सिर्फ़ एक रूपया अर्थात 12 महीने में 12 रूपया कल जब मैं नवादा में था कि वहां एक मुस्लिम परिवार ने 12 रुपये वाली स्कीम ली थी और उसके परिवार में अचानक कुछ हो गया; महीना भर हुआ था और उसे 2 लाख रुपये का चेक आ गया। गरीब के लिए कैसे काम होता है, ये हमारी सरकार ने करके दिखाया है।

मेरा एक और सपना है जिसे पूरा करने के लिए बिहार में एक ऐसी सरकार चाहिए जो बिहार का भला करना चाहती है। मैं चाहता हूँ कि 2022 में सबके पास अपना एक घर हो। गरीबों को घर मिले, ये बहुत बड़ा बीड़ा हमने उठाया है घर में पानी का नल हो, नल में जल हो, बिजली हो, शौचालय हो और नजदीक में गरीब बच्चों के पढने के लिए अच्छी शिक्षा की व्यवस्था हो। इस काम को करने के लिए अगर राज्य सरकार ऐसी होगी कि हम केंद्र से बात नहीं करेंगे, हम उसे घुसने नहीं देंगे तो क्या ये संभव हो पाएगा?

मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि आप भाजपा और एनडीए के हमारे साथियों, राम विलास पासवान, जीतन राम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा को इस चुनाव में विजयी बनाईए और बिहार के भाग्य को बदलने का फ़ैसला कर लीजिए। बिहार में तीन-तीन पीढ़ी बर्बाद हो गई लेकिन अब इसे बर्बाद होने नहीं देना है। ये चुनाव है, एक तरफ जंगलराज और दूसरी तरफ विकासराज। सारी समस्याओं का समाधान विकास में ही रखा है इसलिए मैं कहता हूँ कि विकास के लिए वोट दीजिये दलित हों, पीड़ित हों, शोषित हों, वंचित हों, गरीब हो, इन सबका भला विकास से ही होगा। जवानों को रोजगार मिलेगा तो परिवारों की स्थिति अपने आप बदल जाएगी। इस काम को पूरा करने के लिए बिहार में दो-तिहाई बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनाईए।

आज पूरी दुनिया में हिन्दुस्तान का डंका बज रहा है। अमेरिका, भूटान, रूस, चीन में भारत का गुणगान हो रहा है कि नहीं? ये मोदी के कारण नहीं बज रहा है बल्कि सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानियों के कारण बज रहा है। आपने ऐसा काम किया है जिस काम के कारण दुनिया में हिन्दुस्तान का डंका बज रहा है। आपने 30 साल के बाद पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनी है। इसके कारण दुनिया के किसी भी नेता से मिलता हूँ, उनसे हाथ मिलाता हूँ और गले लगाता हूँ तो उन्हें मोदी नहीं बल्कि सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी दिखाई देते हैं। आज वे सब भारत का लोहा मानने लगे हैं। हिन्दुस्तान में बिहार का डंका बजाने, बिहार का जय-जयकार करने के लिए बिहार में भी आपको दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनानी पड़ेगी। ये सारी दुनिया बिहार की ताक़त को मान लेगी और विकास के रास्ते खुल जाएंगे और बिहार बदल जाएगा। यहाँ आया हुआ एक-एक व्यक्ति 50-50 लोगों को समझाएगा और उन्हें वोट डालने के लिए प्रेरित करेगा और एनडीए की सरकार बनाएगा। मेरे साथ मुट्ठी बंद करके बोलिये -

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

 

 

 

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September 03, 2026

ମହାମହିମ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ,

ଉଭୟ ଦେଶର ପ୍ରତିନିଧିଗଣ,

ଗଣମାଧ୍ୟମର ବନ୍ଧୁଗଣ,

ନମସ୍କାର !

ବେଲଜିୟମର ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ ତାଙ୍କର ପ୍ରଥମ ଭାରତ ଗସ୍ତରେ ସ୍ୱାଗତ କରି ମୁଁ ଆନନ୍ଦିତ।

ଏହା ନିଶ୍ଚିତ ଭାବରେ ତାଙ୍କର ପ୍ରଥମ ଭାରତ ଗସ୍ତ, କିନ୍ତୁ ଭାରତ ସହିତ ତାଙ୍କର ଏକ ଦୀର୍ଘଦିନର ସମ୍ପର୍କ ରହିଛି। ସେ ବହୁ ବର୍ଷ ଧରି ଆଣ୍ଟୱର୍ପର ମେୟର ଭାବରେ କାର୍ଯ୍ୟ କରିଥିଲେ ଏବଂ ଆଣ୍ଟୱର୍ପରେ ରହୁଥିବା ବିଶାଳ ଭାରତୀୟ ସମ୍ପ୍ରଦାୟ ତଥା ଭାରତ-ବେଲଜିୟମ୍ ହୀରା ବ୍ୟବସାୟକୁ ସଦାସର୍ବଦା ସମର୍ଥନ କରିଆସିଛନ୍ତି।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ଭାରତ - ବେଲଜିୟମ୍ ସମ୍ପର୍କର ଗଭୀର ଐତିହାସିକ ଆଧାର ରହିଛି। ପ୍ରଥମ ବିଶ୍ୱଯୁଦ୍ଧ ସମୟରେ ବେଲଜିୟମରେ ହଜାର ହଜାର ଭାରତୀୟ ସୈନିକଙ୍କ ସାହସ ଏବଂ ବଳିଦାନ ଆମର ସହଭାଗୀ ସ୍ମୃତିର ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଂଶ।

ଆଜି, ଗଣତାନ୍ତ୍ରିକ ମୂଲ୍ୟବୋଧ, ବଜାର ଅର୍ଥନୀତି ଏବଂ ଗଭୀର ଲୋକ ସମ୍ପର୍କ ଆମକୁ ସ୍ୱାଭାବିକ ଅଂଶୀଦାର କରିଛି।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ଦଶ ବର୍ଷ ପୂର୍ବେ, ମୋତେ ବେଲଜିୟମ୍ ଗସ୍ତ କରିବାର ସୁଯୋଗ ମିଳିଥିଲା। ଏବଂ ମୁଁ ବହୁତ ଖୁସି ଯେ ଗତ ଦଶନ୍ଧିରେ ଆମର ସହଭାଗୀତା ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ପ୍ରଗତି କରିଛି।

ଆଜି, ଆମର ସହଯୋଗର ପରିସର ପାରମ୍ପରିକ କ୍ଷେତ୍ର ବାହାରେ ପ୍ରତିରକ୍ଷା ଏବଂ ସ୍ୱଚ୍ଛ ଶକ୍ତି ଭଳି ରଣନୈତିକ କ୍ଷେତ୍ରକୁ ବିସ୍ତାର କରିଛି। ଆମେ ଜୋରାୱାର ଟ୍ୟାଙ୍କ ଭଳି ଉନ୍ନତ ପ୍ରତିରକ୍ଷା ଉପକରଣ ଉପରେ ଏକାଠି କାମ କରୁଛୁ। ଆନ୍ଧ୍ରପ୍ରଦେଶର କାକିନାଡାରେ, ଆମେ ବିଶ୍ୱର ସର୍ବବୃହତ ସବୁଜ ଆମୋନିଆ ପ୍ରକଳ୍ପ ମଧ୍ୟରୁ ଗୋଟିଏ ବିକଶିତ କରୁଛୁ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ଆଜି, ବିଶ୍ୱ ଘଡିସନ୍ଧି ସମୟ ଦେଇ ଗତି କରୁଛି। ବିଶ୍ୱର ଅନେକ ସ୍ଥାନରେ ଦ୍ୱନ୍ଦ୍ୱ ଜାରି ରହିଛି। ଖାଦ୍ୟ, ଇନ୍ଧନ କିମ୍ବା ଯୋଗାଣ ଶୃଙ୍ଖଳ ହେଉ, ପ୍ରତ୍ୟେକ କ୍ଷେତ୍ର ଅନିଶ୍ଚିତତା ଦ୍ୱାରା ପ୍ରଭାବିତ ହେଉଛି।

ଏହି ଆହ୍ଵାନମୂଳକ ପରିବେଶରେ, ଭାରତର ଅର୍ଥନୀତି ଏହାର ଗତି ବଜାୟ ରଖିଛି। ଗତ ତ୍ରୈମାସିକରେ ଆମେ ୭.୮% ଅଭିବୃଦ୍ଧି ରେକର୍ଡ କରିଛୁ। ଆଜି, ଭାରତର ଅଭିବୃଦ୍ଧି କାହାଣୀ ବିଶ୍ୱ ପାଇଁ ବିଶ୍ୱାସ ଏବଂ ନୂତନ ସୁଯୋଗର ଉତ୍ସ ପାଲଟିଛି।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ଏହି ବର୍ଷ ଆରମ୍ଭରେ, ଆମେ ଐତିହାସିକ ଭାରତ - ୟୁରୋପୀୟ ସଂଘ ମୁକ୍ତ ବାଣିଜ୍ୟ ଚୁକ୍ତିନାମା ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ କରିଛୁ। ବିଶ୍ୱର ଦୁଇଟି ସର୍ବବୃହତ ଗଣତାନ୍ତ୍ରିକ ଶକ୍ତି ମଧ୍ୟରେ ଏହି ଅଭୂତପୂର୍ବ ସହଯୋଗ ବିଶ୍ୱ ସ୍ଥିରତା, ବିକାଶ ଏବଂ ସହଭାଗୀ ସମୃଦ୍ଧିକୁ ନୂତନ ପ୍ରେରଣା ଦେବ।

ଭାରତର ନିରନ୍ତର ଆର୍ଥିକ ପ୍ରଗତି ଏବଂ ଏହି ଚୁକ୍ତିନାମା ଆମର ଆର୍ଥିକ ସମ୍ପର୍କ ପାଇଁ ନୂତନ ମାର୍ଗ ଖୋଲିଛି। ଆଜି, ଆମେ ଏହି ସମ୍ଭାବନାଗୁଡ଼ିକୁ ଠୋସ୍ ଫଳାଫଳରେ ପରିଣତ କରିବା ପାଇଁ ଅନେକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ପଦକ୍ଷେପ ନେଇଛୁ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ବେଲଜିୟମ କମ୍ପାନୀଗୁଡ଼ିକ ପାଇଁ, ଆମେ ଭାରତରେ ଏକ ନିବେଶ ଫାଷ୍ଟ-ଟ୍ରାକ୍ ମେକାନିଜିମ୍ ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରିଛୁ। ଆମେ ଭାରତ - ବେଲଜିୟମ୍ ବ୍ୟବସାୟ ଫୋରମକୁ ଏକ ନିୟମିତ ବ୍ୟବସ୍ଥା ଭାବରେ ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରିବାକୁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନେଇଛୁ। ଆମେ ଉଭୟ ଦେଶର ଆର୍ଥିକ, ଫିନଟେକ୍ ଏବଂ ନିୟାମକ ପ୍ରତିଷ୍ଠାନ ମଧ୍ୟରେ ସମନ୍ୱୟକୁ ମଜବୁତ କରିବୁ।

ଏହି ସମସ୍ତ ପଦକ୍ଷେପ ମାଧ୍ୟମରେ, ଆମେ ଆଗାମୀ ପାଞ୍ଚ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଦ୍ୱିପାକ୍ଷିକ ବାଣିଜ୍ୟକୁ ଦ୍ୱିଗୁଣିତ କରିବାର ଆମର ଲକ୍ଷ୍ୟକୁ ସାକାର କରିବୁ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ପ୍ରତିରକ୍ଷା ଏବଂ ସୁରକ୍ଷା ସହଯୋଗ ଆମ ସମ୍ପର୍କରେ ଏକ ପ୍ରମୁଖ ସ୍ତମ୍ଭ। ଆଜି, ଆମେ ଦୁଇ ଦେଶ ମଧ୍ୟରେ ସାମରିକ ଆଦାନପ୍ରଦାନ ଏବଂ ତାଲିମ ସହଯୋଗକୁ ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ସହମତି ପ୍ରକାଶ କରିଛୁ।

ଆମ ସରକାର ଏବଂ ପ୍ରତିରକ୍ଷା ଶିଳ୍ପ ମଧ୍ୟରେ ଚୁକ୍ତିନାମା ପ୍ରତିରକ୍ଷା ସହ - ବିକାଶ ଏବଂ ସହ - ଉତ୍ପାଦନ ପାଇଁ ନୂତନ ସୁଯୋଗ ଖୋଲିବ। ଆମେ ଅପରାଧ ମୁକାବିଲାରେ ଆମର ଏଜେନ୍ସିଗୁଡ଼ିକ ମଧ୍ୟରେ ଗୁପ୍ତଚର ଆଦାନପ୍ରଦାନ ଏବଂ ସହଯୋଗକୁ ଆହୁରି ମଜବୁତ କରିବୁ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ଏକ ସ୍ୱଚ୍ଛ ଶକ୍ତି ଭବିଷ୍ୟତ ଏବଂ ନିର୍ଭରଯୋଗ୍ୟ ଯୋଗାଣ ଶୃଙ୍ଖଳ ଆମର ସହଭାଗୀ ପ୍ରାଥମିକତା। ଆଜି ସ୍ୱାକ୍ଷରିତ ନବୀକରଣ ଶକ୍ତି ଉପରେ ବୁଝାମଣାପତ୍ର ଆମର ନିରନ୍ତର ସହଯୋଗକୁ ନୂତନ ଗତି ଦେବ। ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଖଣିଜ ପଦାର୍ଥ କ୍ଷେତ୍ରରେ, ଆମେ ପ୍ରକ୍ରିୟାକରଣ ଏବଂ ପୁନଃଚକ୍ରଣରେ ସହଯୋଗ ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନେଇଛୁ।

ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟରରେ ବେଲଜିୟମର ବିଶେଷଜ୍ଞତା ଏବଂ ଭାରତର ପରିମାଣ ପରସ୍ପରର ପରିପୂରକ। ଏହି ଦିଗରେ, ଆମେ ବେଲଜିୟମର ଆଇଏମଇସି ପ୍ରତିଷ୍ଠାନକୁ ଭାରତର ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର ପାରିବେଶିକ ବ୍ୟବସ୍ଥା ସହିତ ସଂଯୋଗ କରିବା ପାଇଁ ଏକାଠି କାମ କରିବୁ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ଲୋକମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସମ୍ପର୍କ ଆମ ସମ୍ପର୍କର ସବୁଠାରୁ ବଡ଼ ଶକ୍ତି। ଆଜି, ଆମେ ଆମର ଷ୍ଟାର୍ଟ - ଅପ୍ ମଧ୍ୟରେ ସଂଯୋଗକୁ ମଜବୁତ କରିବା ଏବଂ ସାମୁଦ୍ରିକ କ୍ଷେତ୍ରରେ କ୍ଷମତା ନିର୍ମାଣ ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ସହମତ ହୋଇଛୁ।

ଆମେ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଏବଂ ଗବେଷଣା ସହଯୋଗକୁ ମଧ୍ୟ ମଜବୁତ କରିବୁ। ପ୍ରତିଭା ଗତିଶୀଳତାକୁ ସହଜ କରିବା ପାଇଁ, ଆମେ ଶୀଘ୍ର ଏକ "ପ୍ରବାସନ ଏବଂ ଗତିଶୀଳତା ସହଭାଗୀତା ଚୁକ୍ତିନାମା" ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ କରିବୁ।

ବନ୍ଧୁଗଣ,

ଆଜି, ଆମେ ଆଞ୍ଚଳିକ ସ୍ତରରେ ଏବଂ ବିଶ୍ୱର ବିକାଶ ଉପରେ ବିସ୍ତୃତ ଆଲୋଚନା ମଧ୍ୟ କରିଛୁ। ଭାରତ ଏବଂ ବେଲଜିୟମ୍ ଉଭୟ ଆଇନର ଶାସନ, ଆଲୋଚନା ଏବଂ କୂଟନୀତିରେ ବିଶ୍ୱାସ କରନ୍ତି।

ୟୁକ୍ରେନ୍ ହେଉ କିମ୍ବା ପଶ୍ଚିମ ଏସିଆ, ଆମେ ସଂଘର୍ଷର ଶୀଘ୍ର ସମାପ୍ତି ଏବଂ ଶାନ୍ତି ପୁନଃସ୍ଥାପନ ପାଇଁ ଲକ୍ଷ୍ୟ ରଖିଥିବା ସମସ୍ତ ପ୍ରୟାସକୁ ସମର୍ଥନ କରୁ। ଏବଂ ସମସ୍ତ ପ୍ରକାର ଆତଙ୍କବାଦକୁ ଦୂର କରିବା ହେଉଛି ଆମର ମିଳିତ ପ୍ରତିବଦ୍ଧତା।

ମହାମହିମ,

ଗତ ମାସରେ, ବେଲଜିୟମ୍ ଏବଂ ନେଦରଲ୍ୟାଣ୍ଡ ମିଳିତ ଭାବରେ ହକି ବିଶ୍ୱକପ୍ ଆୟୋଜନ କରିଥିଲେ। ଏହି ମହାନ ବିଶ୍ୱକପ୍ ସଫଳ ଆୟୋଜନ ପାଇଁ ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଉଛି। ଆମର ଖେଳାଳିମାନଙ୍କୁ ସେମାନଙ୍କର କଠିନ ପରିଶ୍ରମ ଏବଂ ପ୍ରଦର୍ଶନ ପାଇଁ ମଧ୍ୟ ମୁଁ ପ୍ରଶଂସା କରୁଛି।

ହୀରା ଦୀର୍ଘ ଦିନ ଧରି ଭାରତ ଏବଂ ବେଲଜିୟମ ମଧ୍ୟରେ ଏକ ସଂଯୋଗ ହୋଇ ରହିଛି। ଆଜି, ଆମେ ଏହି ଐତିହାସିକ ସଂଯୋଗକୁ ଏକ ନୂତନ ଏବଂ ଅଧିକ ବ୍ୟାପକ ସମ୍ପର୍କରେ ପରିଣତ କରୁଛୁ।

ମୁଁ ନିଶ୍ଚିତ ଯେ ଆଜିର ଆଲୋଚନା ଆମର ଦ୍ୱିପାକ୍ଷିକ ସମ୍ପର୍କରେ ଏକ ନୂତନ ଅଧ୍ୟାୟର ଆରମ୍ଭ। ପୁଣିଥରେ, ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଏବଂ ଆପଣଙ୍କ ପ୍ରତିନିଧିମଣ୍ଡଳକୁ ଭାରତରେ ସ୍ୱାଗତ କରୁଛି।

ଆପଣଙ୍କୁ ବହୁତ ବହୁତ ଧନ୍ୟବାଦ।