These elections in Bihar will change the fortune of the state: PM Modi #ParivartanRally
Bihar will lead the world in second green revolution: PM Modi #ParivartanRally
NDA’s vision - electricity, water & roads for people, medicine for elderly, education & jobs for youth: PM #ParivartanRally
The 'Mahaswarthbandhan' is arrogant and deceitful: PM Narendra Modi #ParivartanRally
The 'Mahaswarthbandhan' has four players, one is Lalu yadav, second is Nitish Kumar, third is Sonia Ganghi & fourth 'Tantrik': PM
The more mud you spread, more the Lotus will bloom: PM Modi #ParivartanRally
Loktantrik Nitish Kumar & Tantrik Lalu Yadav must answer that who made migrants of the youth of Bihar: PM #ParivartanRally

मंच पर विराजमान केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्रीमान गिरिराज सिंह जी, सांसद श्रीमान लालन पासवान जी, श्रीमान विश्वनाथ भगत जी, श्रीमान सत्यानन्द शर्मा जी, श्रीमान राजीव रंजन जी, हम पार्टी के श्रीमान विश्वजीत पासवान जी, श्री रविशंकर प्रसाद जी, श्री पी सी विद्यार्थी जी, श्रीमान राजू पासवान जी, श्रीमान छोटेलाल राजवंशी जी, श्री प्रेम रंजन पटेल जी, श्री भूपेन्द्र सहनी जी और इस चुनाव में आपके आशीर्वाद से जो इस विजय यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं, लोजपा के उम्मीदवार श्रीमान अरूण कुमार, लोजपा के उम्मीदवार श्रीमति दीपिका कुमारी, मोकामा से लोजपा के उम्मीदवार श्रीमान कन्हैया कुमार सिंह, नालंदा से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान कौशलेन्द्र कुमार, इस्लामपुर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान वीरेन्द्र गोप, बख्तियारपुर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान रणविजय सिंह, राजगीर से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान सत्यदेव नारायण आर्य, बिहारशरीफ से भाजपा के उम्मीदवार श्रीमान सुनील कुमार, अफसावा से लोजपा के उम्मीदवार श्रीमान छोटेलाल यादव, मेरे साथ बोलिये – भारत माता की जय

मुझे समझ नहीं आ रहा है कि एक सभा है कि चार सभाएं हैं। इस ताप में आज नालंदा ने कमाल कर दिया। चुनाव का नतीज़ा तो 8 तारीख को आएगा और उसके बाद उनका क्या होगा, ये सब जानते हैं लेकिन आज इस सभा की ख़बर सुनने के बाद लोकतांत्रिक नीतीश जी का क्या होगा। भाईयों-बहनों, ये बिहार की जनता की सूझ-बूझ है, ये मतदाताओं का राजनीतिक बड़प्पन है कि ये बड़ी आसानी से दूध का दूध और पानी का पानी कर सकते हैं। एक प्रकार से बिहार के नागरिकों की सोच राजहंस जैसी सोच है जो सच्चे मोती को परखने में पावरफुल है। मैं अभी जो माहौल देख रहा हूँ, ये सिर्फ़ चुनाव के विजय का, लोकतांत्रिक नीतीश जी या लालू जी के पराजय का माहौल नहीं है, ये सोनिया जी को दर्पण दिखाने का माहौल नहीं है, बल्कि ये माहौल उन लोगों को सजा देने का है जिन्होंने 60 साल तक बिहार को बर्बाद किया।

बिहार की जनता यह चुनाव किसी को पराजित करने के लिए नहीं बल्कि बिहार का भाग्य बदलने के लिए लड़ रही है और उन्होंने बिहार का भाग्य बदलने का फैसला कर लिया है। ये ऐसा इलाक़ा है जहाँ चाहे कोई भी हो, उसे नालंदा का पता होता है कि इसका कितना गौरवशाली इतिहास रहा है। हिन्दुस्तान का कोई बच्चा ऐसा नहीं होगा जिसने नालंदा के बारे में कभी सुना नहीं हो। आप कल्पना कर सकते हैं कि कितनी महान विरासत के आप धनी हैं जिस बिहार के पास नालंदा जैसी विरासत हो और जिस विरासत के कारण पूरा हिन्दुस्तान सदियों से सीना चौड़ा करके जी रहा हो, आजादी के बाद उस नालंदा की चिंता होनी चाहिए थी लेकिन सत्ता में डूबे लोगों को नालंदा की याद नहीं आई।

पूरा विश्व नालंदा की धरती पर ज्ञान की प्यास बुझाने आता था। दूर-सुदूर से लोग सालों तक यात्रा करके नालंदा आते थे और आखिरी तक ज्ञान पिपासा के लिए वो यही तक डूबे रहते थे लेकिन क्या हो गया जो नालंदा की यह धरती दुनिया को ज्ञान देती थी, बिहार के नौजवान को पढ़ने के लिए कहीं और जाना पड़ता है। शिक्षा के लिए उसे अपना नालंदा छोड़ना पड़ता है अपना गाँव, खेत-खलिहान, दोस्तों और अपने बूढ़े मां-बाप को छोड़ना पड़ता है। लोकतांत्रिक नीतीश जी को लगता है कि अब बिहार को सिर्फ़ तांत्रिक बचा सकता है। बिहार को तांत्रिकों की जरुरत नहीं है, इसे लोकतंत्र की ताकत ही बचा सकती है। बिहार के नौजवान में वो ताकत है और इसलिए बिहार को बचाने के लिए किसी जंतर-मंतर की जरुरत नहीं है।

आप बताएं कि बिहार के चुनाव का मुद्दा क्या होना चाहिए? लेकिन उनके भाषण में देखिए, कहते हैं, हम सफ़ेद कबूतर को काटेंगे, काले कबूतर को काटेंगे, क्या ये चुनाव का मुद्दा है? लोग पूछते हैं कि मोदी जी, नवराति के कारण पिछले 10 दिन आप बिहार गये नहीं, फिर भी नीतीश जी, लालू जी, दिन-रात आप पर कीचड़ क्यों उछाल रहे हैं, आप ही के पीछे क्यों पड़ गए हैं? इसका कारण है कि पिछले 20 साल से ये अगड़े-पिछड़े की राजनीति करते रहे, वे पिछड़ों के मसीहा बन गए, जातिवाद का जहर घोलते रहे और ये सपने देख रहे थे कि हम जो ये जहर लेकर निकले हैं, कभी न कभी हम प्रधानमंत्री बन जाएंगे। अब उनको परेशानी ये है कि 30 साल तक वे ये सब करते रहे और अचानक अति पिछड़ा और एक चाय वाले का बेटा प्रधानमंत्री कैसे बन गया। ये जहर इस बात का है कि एक गरीब परिवार का बेटा प्रधानमंत्री कैसे बन गया और इसलिए ये सभी मुझे अपमानित करते रहते हैं लेकिन मेरा कहना है कि आप जुल्म करके देखो, जनता हमारे साथ है और हम सेवा करके देखेंगे।

आजकल आरक्षण के नाम पर झूठ चलाया जा रहा है। मैं गुजरात में 14 साल मुख्यमंत्री रहा, मध्यप्रदेश में हम 15 साल से राज कर रहे हैं, हम झारखंड, छतीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा, हरियाणा में राज कर रहे हैं, किसी भी आरक्षण को कोई खरोच तक नहीं आई। हमने समाज को हमेशा साथ लेकर चलने का प्रयास किया है दलित, पीड़ित, शोषित और वंचित, जिन्हें बाबा अम्बेडकर ने हक़ दिया है, उन्हें हम साथ लेकर चलते रहे हैं। हमने गरीबी और पिछड़ापन देखा है, इस परिस्थिति में कैसे गुजारा करना पड़ता है, इस दर्द को मैं जी चुका हूँ और इसलिए उसकी रक्षा के लिए बाबा अम्बेडकर ने जो दिया है, उसको कोई हाथ नहीं लगा सकता है।

अटल जी की सरकार इतने समय रही, कभी ऐसा हमने हाथ नहीं लगाया लेकिन वे झूठा प्रचार कर रहे हैं क्योंकि उनके पास विकास का मुद्दा नहीं है। इस चुनाव में उनको इस प्रकार की चीज़ें बनानी पड़ती है। ये पहला चुनाव ऐसा है जिसमें ये बड़े भाई-छोटे भाई ने 80 प्रतिशत चुनाव आउटसोर्स कर दिया है और ये आउटसोर्स हुआ है दिल्ली में। दिल्ली के एयर-कंडिशन्ड रूम में रोज नई-नई कथाएं गढ़ने वाले, भ्रम फ़ैलाने वाले और झूठ को प्रचलित करने वाला एक कॉन्ट्रैक्ट दिया है। सिर्फ़ 20 प्रतिशत ही चुनाव उनका बिहार में बचा है, 80 प्रतिशत वे आउटसोर्स कर चुके हैं। लोगों को भ्रमित करने का प्रयास करके ही ये खुद को भ्रमित कर रहे हैं। मैं बिहार का पानी पीता-पीता घूम रहा हूँ, मैं देख रहा हूँ कि ये जन सैलाब भाजपा और एनडीए की विजय का बिगुल बजा रहा है।

आप बताएं कि आज पूरे विश्व में हिन्दुस्तान का डंका बज रहा है कि नहीं? अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, चीन, चारों तरफ हिन्दुस्तान की जय-जयकार हो रही है कि नहीं? ये मोदी के कारण नहीं हो रहा है बल्कि ये सवा सौ करोड़ देशवासियों के कारण हो रहा है। आज अगर दिल्ली में आपने हमें पूर्ण बहुमत नहीं दिया होता तो दुनिया में हिन्दुस्तान का डंका नहीं बज सकता था। ये डंका इसलिए बजता है क्योंकि देशवासियों ने 30 साल के बाद दिल्ली में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई है। दुनिया में कितना ही महान और ताक़तवर देश क्यों न हो, लेकिन उसका नेता जब मोदी से हाथ मिलाता है तो उसे मोदी नहीं बल्कि सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी दिखाई देते हैं।

अगर आप बिहार का डंका बजाना चाहते हो तो दो-तिहाई बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनाईए। आप देखिये कि दुनिया को बिहार का लोहा मानना पड़ेगा, ये मेरा आपको विश्वास है। इस चुनाव में एक तरफ हम विकास की राजनीति लेकर आए हैं और दूसरी तरफ जंगलराज की राजनीति की बगावत हो रही है। आपको चुनना है कि आपको कौन सी राजनीति चाहिए। बड़े भाई-छोटे भाई ने 25 साल सरकार चलाई, उनको अपने काम का हिसाब देना चाहिए कि नहीं? इनके पास एक ही काम है – बस मोदी को गाली देना, क्या लोकतंत्र ऐसे चलता है?

जहाँ तक रही बात महास्वार्थबंधन की तो मैं सोच रहा था कि इसमें तीन लोग हैं, एक लालू जी, दूसरे लोकतांत्रिक नीतीश कुमार, तीसरे सोनिया जी लेकिन अब पता चला कि ये तीन लोगों का गठबंधन नहीं है, ये चार लोगों का गठबंधन है, एक है आरजेडी, दूसरा है जेडीयू, तीसरी है कांग्रेस, और चौथा है तांत्रिक। 18वीं सदी की सोच लेकर के 21वीं सदी का बिहार बनाया जा सकता है क्या? क्या जंतर-मंतर से बिहार बनेगा क्या? बिहार को इस 18वीं सदी की सोच से मुक्ति दिलानी है, आधुनिक दिशा में जाना है। हमें जंतर-मंतर नहीं बल्कि कंप्यूटर चाहिए; हमारे नौजवानों के हाथ में लैपटॉप होना चाहिए न कि ताबीज। इसलिए मैं कहने आया हूँ कि हम बिहार को अगड़ा बनाना चाहते हैं। ये पिछड़ा बिहार का कलंक हमें मिटाना है और मैं अगड़े बिहार की लड़ाई के लिए आपके साथ खड़ा हूँ।

हमने 1 लाख 25 हज़ार करोड़ रूपये का विकास पैकेज दिया। लालू जी के युवराज को कहा जाए कि 1 लाख 25 हज़ार करोड़ रूपये लिखो, तो उसमें कितने जीरो होते हैं, उन्हें ये भी नहीं पता। जिनको 1 लाख 25 हज़ार करोड़ रूपया लिखना नहीं आता, वे इतने पैसों से विकास कार्य कर पाएंगे क्या? हमने कुल मिलाकर 1 लाख 65 हज़ार करोड़ रूपये का विकास पैकेज दिया, इससे बिहार का भाग्य बदलेगा कि नहीं?

हमारे लोकतांत्रिक नीतीश कुमार कहते हैं कि ये गठबंधन बहुत पवित्र है। नीतीश कुमार ने लालू जी को एक चिट्ठी लिखी थी। नीतीश कुमार ने लालू जी पर भ्रष्टाचार जातिवाद, संप्रदायवाद, कुशासन के कितने गंभीर आरोप लगाए थे। इन दोनों को पहचानने के लिए इससे ज्यादा किसी और सबूत की जरुरत है क्या? महास्वार्थबंधन की तीन पहचान है – दंभ, दगा और दमन यही इनकी पहचान है। बिहार में दमन की राजनीति का दौर ख़त्म। आज बिहार के नौजवानों और नागरिकों से मैं अनुरोध करने आया हूँ कि आप विकास के लिए मतदान कीजिये।

बिहार के लिए विकास का मेरा छह-सूत्रीय कार्यक्रम है – बिहार राज्य की भलाई के लिए तीन सूत्र है, बिजली, पानी एवं सड़क; बिहार के परिवारों के लिए तीन सूत्र है, पढ़ाई, कमाई और बुजुर्गों को दवाई। मेरे भाईयों-बहनों, विकास के इस छह-सूत्रीय कार्यक्रम को लेकर मैं आपके पास आया हूँ। लोकतांत्रिक नीतीश कुमार कहते हैं कि मोदी बाहरी हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि बिहार के नौजवानों को बिहार से बाहर किसने धकेल दिया, उन्हें किसने मजबूर किया? आपने मेरे बिहार के नौजवान को बाहरी बना दिया है। हम बिहार के नौजवानों को बाहरी बनाना नहीं चाहते, वो बिहार के भाग्य निर्माता बनें, हम इस दिशा में काम करना चाहते हैं। यहाँ उद्योग-धंधे हो, रोजगार के अवसर हों और इसलिए मेरे नौजवानों, पूरी ताकत से मतदान कीजिये, 25 साल से बैठे कुशासकों को भयंकर से भयंकर सजा दीजिए।

हिमालय में जब बर्फबारी होती है तो बिहार में तुरंत ठंड आती है। जो हिमालय में होता है, उसका असर बिहार पर तुरंत होता है। अभी कुछ दिनों पहले जम्मू-कश्मीर, लेह-लद्दाख में चुनाव में बाकि सभी राजनीतिक पार्टियां साफ़ हो गई अकेली भाजपा रह गई। जिस कांग्रेस के पास 22 सीटें थी, वो 5 पर आ गई। ये विजय की हवा बह रही है जो बिहार में भी पहुँच गई है। लद्दाख दिवाली माना रहा है और इस बार 8 तारीख को बिहार दो-दो दिवाली मनाएगा। लालू जी और नीतीश जी समझ लें कि आप जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही ज्यादा खिलने वाला है। मेरे साथ दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिये -   

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!       

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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Text of PM Modi’s speech at public rally in Mathurapur, West Bengal
April 23, 2026
A strong wave of change is visible across Bengal, driven by women and youth; the state is ready to reject corruption, fear and syndicate raj: PM Modi in Mathurapur
PM Modi promised better infrastructure, cold storage, fish export hubs and modern technology support in Mathurapur rally, Bengal

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

मैं अपना भाषण शुरू करूं... उससे पहले मैं देख रहा हूं... कुछ कलाकार साथी बढ़िया-बढ़िया पेंटिंग बनाकर के ले आए हैं। जो लोग ये पेंटिंग लेकर के आए हैं अगर आपने अपने पेंटिंग के पीछे अपना नाम पता लिखा होगा तो मैं आपको धन्यवाद का पत्र भेजूंगा। और मेरे एसपीजी के लोगों आ रहे हैं.. उनको आप दे दीजिए मुझे पहुंच जाएगा। सारे कलेक्ट कर लीजिए... जल्दवाजी मत कीजिए.. भारत माता की...आपका पता होगा तो मेरा पत्र आपको जरूर मिलेगा। बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत मता की... अब मैं भाषण शुरू करने से पहले इस चुनाव में जो हमारे कैंडिडेट हैं, और आपलोग अपना वोट देकर जिनको एमएलए बनाने वाले हो मैं उन सबसे आग्रह करता हूं उम्मीदवारों को.. वे उम्मीदवार थोड़े आगे आ जाएं खड़े हो जाएं... जितने उम्मीदवार है वो जरा आगे आ जाएं... बहुत आगे मत जाइए भाई.. मेरे साथ बोलिए भारत माता की... मैं इनके पास जाकर के आता हूं बाद में...

जय मां गंगा…

जय मां गंगा…

जय कपिल मुनि…

आप सबाई भालो आछेन? आज काशी और गंगा के इस सेवक को...फिर से गंगा सागर आने का सौभाग्य मिला है। मैं इस पुण्यभूमि से माँ गंगा को प्रणाम करता हूँ। यहां मथुरापुर के अलावा डायमंड हार्बर, जयनगर और दूसरी जगह से भी उत्साही नागरिक भाई-बहन आए हैं। आपने यहाँ आकर अपना फैसला भी सुना दिया है। आपने ये तय कर दिया है कि....4 मई को केवल परिणाम नहीं, परिवर्तन आएगा। TMC का भय हारेगा, बीजेपी का भरोसा जीतेगा। बीजेपी का भरोसा... बीजेपी का भरोसा... बीजेपी का भरोसा... मुझे अभी मेरे मित्र राकेश जी बता रहे थे कि सुबह 9-10 बजे से लोग आ गए हैं। इतना उत्साह... और मैं देख रहा हूं जितने लोग अंदर है उससे कही ज्यादा लोग बाहर धूप में तप रहे हैं। ये अद्भुत दृश्य है... .ये उत्साह... ये उमंग... और माताओ-बहनों की हाजिरी...नवजवानों की हाजिरी... चारों तरफ से एक ही आवाज आ रही है। गांव से, शहर से, गली से, मोहल्ले से, माताएं बोले... नौजवान बोले... हर कोई कह रहा है... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... बंगाल में परिवर्तन की आंधी चल रही है। आज पहले चरण की वोटिंग में...जिस तरह बंगाल की महिलाओं ने...बंगाल के युवाओं ने...TMC के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है..वो आज पूरा देश देख रहा है। बंगाल में हो रहा बंपर मतदान...दिखा रहा है कि भय हार रहा है और भरोसे की जीत पककी है। ठीक दस दिन बाद जब वोटों की गिनती होगी...तो मुझे विश्वास है... हर तरफ कमल ही कमल खिला होगा। मैं बंगाल के लोगों से कहूंगा...खासकर के फर्स्ट टाइम वोटर्स से कहूंगा...बंगाल की निर्मम सरकार को उखाड़ फेंकने का...यही समय है...सही समय है।

साथियों,

इस विशाल जनसमूह में… इतनी बड़ी संख्या में मेरी माताएँ-बहनें हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आई है। आपकी उपस्थिति टीएमसी की नींद उड़ाने वाली है। ये आपका प्यार मेरे सिर-आंखों पर... मैं साफ देख रहा हूं बंगाल में इस बार, परिवर्तन की कमान बंगाल की बहनों ने ही संभाल रखी है। क्योंकि, निर्मम सरकार की सबसे बड़ी अगर कोई शिकार रही है तो ये हमारी महिलाएं ही रही है हमारी बेटियां रही हैं। आए दिन बलात्कार...आरजी कर और संदेशखाली जैसी घटनाएँ....बलात्कारियों और गुंडों को TMC का खुला संरक्षण....हमारी बहन-बेटियाँ को जिस प्रकार से परेशान किया गया है। ये मेरी बहनें, ये मेरी बेटियां... बंगाल की एक-एक बेटी कभी नहीं भूल सकती।

साथियों,

तृणमूल और इन सारे दलों का महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। अभी कुछ दिन पहले संसद में जो कुछ हुआ...आप सबने देखा है। भाई, ये चित्र कोई बच्चा लेके आया है ले लो जरा, ये पीछे भी डिस्टर्ब कर रहा है और मुझे भी डिस्टर्ब कर रहा है। बेटा, मैं आपका बहुत आभारी हूं, आप इतना बढ़िया चित्र बनाकर ले आए हैं, ये छोटी बच्ची साथ में हैं। उसके चेहरे पर जो उत्साह है वो बड़ा गजब का है। इतनी प्यारी बच्ची है ये.. वाह.. उसके चेहरे पर जो उमंग है वो बड़ा अद्भुत है.. थैंक्यू बेटा थैंक्यू.. अगर तुम्हारा माम होगा तो चिट्ठी तेने नाम कर दूंगा। बहुत प्यारी बच्ची है।

साथियों,

बीजेपी सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव लेकर संसद में आई थी। लेकिन, TMC ने इसके खिलाफ वोटिंग की...TMC ने बंगाल की महिलाओं का हक छीन लिया। माताओं बहनों, बंगाल मां दुर्गा को पूजने वालों की धरती है। TMC ने यहाँ महिलाओं के सम्मान को जो ठेस पहुंचाई है....उनके ऊपर जो अत्याचार हुए हैं... आपका एक वोट इसका हिसाब करेगा। अब अन्याय नहीं सहना है। बहुत हो चुका है, 15 साल तक जुल्म करते रहे.. अब नहीं चलेगा.. आर नोय आर नोय एखोन बदोल चाई.. एखोन बदोल चाई.. बदोल चाई

साथियों,

बंगाल ने तीन दशक तक लेफ्ट वालों का कुशासन सहा था। इसीलिए, बंगाल की जनता ने TMC को मौका दिया, लेफ्ट वालों को भगाया। एक बार नहीं, 3-3 बार, 15 साल तक मौका दिया। भाइयों बहनों, एक ओर केंद्र में बीजेपी के 11 साल का कार्यकाल है...दूसरी ओर, बंगाल में TMC के 15 साल हैं। हमने 11 साल में देश के हर गाँव में बिजली पहुंचा दी। हमने 11 साल में देश के हर गांव में बिजली पहुंचा दी। हमने 11 साल में 4 करोड़ गरीबों को पीएम-आवास दिया। हमने 11 साल में गरीबों के घर में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाए। हमने 11 साल में 55 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक में जनधन खाते खुलवाए। हमने 11 साल में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाया। 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर मुफ्त इलाज की गारंटी दी। करीब 10 करोड़ किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ा। 25 करोड़ गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला।

साथियों,

ये लिस्ट इतनी लंबी है... अगर मैं गिनाना शुरू करूं तो शाम हो जाएगी

शाम हो जाएगी, लेकिन बीजेपी के कामों की गिनती पूरी नहीं होगी।

लेकिन भाइयों बहनों, 15 साल में TMC ने बंगाल को क्या दिया?

केवल झूठे वादे, और धोखा! बाढ़ से निपटने के लिए TMC ने घाटल मास्टर प्लान लाने का वादा किया था। क्या मिला- धोखा! हर डिस्ट्रिक्ट में एक मेगा फूड पार्क बनाने की घोषणा हुई थी। क्या मिला- धोखा! TMC ने 2 हजार बड़ी इंडस्ट्री लगाने की बात कही थी। क्या मिला- धोखा!

साथियों,

TMC के झूठे वादे उन वादों का सबसे बड़ा भुक्तभोगी ये हमारे मथुरापुर के लोग हैं। यहाँ पूरे देश से लाखों लोग गंगा सागर आते हैं। लेकिन आज भी यहां के लोगों को फेरी पर निर्भर रहना पड़ता है। आज भी गंगा सागर तक एक पक्का पुल नहीं है! हर बार चुनाव के समय वादा....और, चुनाव के बाद गायब! TMC वर्षों से इसी फॉर्मूले पर चल रही है।

साथियों,

नदी के किनारे तटबंध का भी हाल बहुत बुरा है। हर साल यहाँ बाढ़ आती है। लोगों के घर उजड़ते हैं। खेतों में पानी घुसने से फसल बर्बाद हो जाती है। लेकिन, निर्मम सरकार को आपकी तकलीफ से कोई फर्क नहीं पड़ता। भाइयों बहनों, यहाँ TMC सरकार खुद तो कोई काम नहीं करती है... केंद्र सरकार के हर काम में भी रोड़े अटकाती रहती है। बाढ़ और तूफान से राहत के लिए केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपए भेजे थे। आप में से किसी के पास भी एक कानी पाई पहुंची नहीं है। एक रुपया पहुंचा नहीं है। TMC तो केंद्र सरकार का भी पैसा खा जाती है।

साथियों,

बंगाल से ये आफत तभी हटेगी, जब यहां बीजेपी का सीएम होगा... और पीएम तो आपने बीजेपी का बना दिया है।

पीएम-सीएम, एक शाथे… उन्नोयोन होबे दिने-राते!

साथियों,

बंगाल की निर्मम सरकार को सिर्फ अपने हितों की चिंता है, उसे आपके सुख-दुख से कोई लेना-देना नहीं है। इसका एक उदाहरण है- मथुरापुर का भंग मेला। हमारे मथुरापुर के कारीगरों ने कबाड़ से कंचन बनाने का अभियान चला रखा है। लेकिन भंग मेले को राज्य सरकार से वो सपोर्ट नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था। यह मेला राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा सबूत है। साथियों, बीजेपी का संकल्प है, मथुरापुर के इस भंग मेले को हम “स्वच्छ भारत मिशन” का एक गौरव बनाएँगे। हम इस मेले के कारीगरों को डिजिटल स्किल देंगे,... उन्हें सेफ्टी गियर देंगे, और मेला स्थान को एक व्यवस्थित मार्केट हब बनाएँगे।

साथियों,

बंगाल की विरासत और बंगाल का सामर्थ्य पूरी दुनिया जानती है।

लेकिन इस सामर्थ्य पर TMC कुंडली मारकर बैठ गई है। यहां बिना करप्शन के कोई काम नहीं होता। हर काम में TMC को कटमनी चाहिए! हर जगह TMC के सिंडीकेट के लोग बैठे हैं। नौकरी चाहिए... तो भर्ती परीक्षा में करप्शन होता है! नौकरी किसको मिलेगी…. TMC वाले पैसा खाकर तय करते हैं। साथियों, बंगाल में अगर किसी जमीन खरीदनी होती है...तो, उसमें भी बीच में ‘दादा मस्तान’ को पैसा देना पड़ता है! दादा मस्तान के गुंडा टैक्स से गरीब और मिडिल क्लास सबसे ज्यादा परेशान है। घर बनाने में भी सिंडिकेट की मंजूरी लगती है। दोस्तो, अब आगे जगह नहीं है, जहा हैं वहीं रुकिए। आपका ये प्यार ये आशीर्वाद, ये मेरी बहुत बड़ी पूंजी है। अब आगे जगह नहीं है आप कहां जाओगे...प्लीज जहां है आप वहीं से मुझे सुनिए आपका प्यार आपका आशीर्वाद ये मेरे सर आंखो पर है। साथियों, राशन लेना हो… तो भी कटमनी देनी पड़ती है। यहां तक कि, खेत में किसान मेहनत करता है, पसीना बहाता है....लेकिन, मथुरापुर मंडी में TMC का सिंडिकेट बैठा है। वहाँ उसको कटमनी देनी पड़ती है।

भाइयों बहनों,

15 साल के इस सिंडिकेट सिस्टम की एक्सपायरी डेट आ गई है। वो एक्सपायरी डेट आप लिखकर रखिए....वो तारीख है- 4 मई...

मैं TMC के गुंडों से भी कहना चाहता हूँ.... 4 मई, ये TMC के सिंडिकेट और महाजंगलराज की एक्सपायरी डेट है। 4 मई के बाद इस लूट का पूरा हिसाब होगा। आर काटमानीर खेला... चोलबे ना, काटमानीर खेला... काटमानीर खेला... माफिया-देर मेला... माफिया-देर मेला... माफिया-देर मेला... चोलबे ना,

साथियों,

मथुरापुर और ये क्षेत्र समुद्र किनारे बसा है। समुद्र से जुड़ी कितनी असीम संभावनाएं इस क्षेत्र के पास हैं। लेकिन, TMC सरकार की वजह से यहाँ का मछुआरा समाज परेशानियों से घिरा हुआ है। यहाँ कोल्ड स्टोरेज की अच्छी सुविधाएं नहीं हैं, हमारे मछुआरा भाई-बहन इतनी मेहनत करते हैं... उन्हें जो आय हो सकती है, वो नहीं मिलती है।

क्योंकि, समंदर में TMC की प्राथमिकता ही दूसरी है! यहाँ समंदर के जरिए तस्करी और स्मगलिंग के कारोबार चल रहे हैं। गोल्ड की तस्करी... ड्रग्स की तस्करी....अवैध हथियारों की तस्करी...TMC सरकार ऐसे सभी अपराधों को संरक्षण देने में लगी है। इससे इस क्षेत्र की सुरक्षा, यहाँ के बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।

साथियों,

भाजपा सरकार में समंदर सुरक्षित भी बनेगा… और, बंगाल की समृद्धि का स्रोत भी बनेगा। ये बीजेपी सरकार ही है.... जिसने केंद्र में पहली बार मत्स्य पालन के लिए अलग से मंत्रालय बनाया। हम ब्लू कोनॉमी को आगे बढ़ाने में लगे हैं। हमने मछली पालन से जुड़े भाई-बहनों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा है। समंदर में जाने वाले हमारे मछुआरा भाई-बहनों का जीवन सुरक्षित हो... उन्हें मछ्ली पकड़ने के लिए बेहतर जानकारी मिले...इसके लिए हम आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। बंगाल में भी, भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में ‘फिश एक्सपोर्टिंग हब’ बनाने का ऐलान किया है।

साथियों,

बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही मछुआरों की समस्याओं पर फोकस किया जाएगा। हमारा प्रयास यह है कि काकद्वीप का मछुआरा सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे, उसकी मछली बड़े शहरों तक पहुंचे, देश के बाहर भी जाए। इससे यहां के हर परिवार की आय बढ़ेगी,  युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।

साथियों,

TMC ने कैसे यहां के समंदर को असुरक्षित कर दिया है...इसका मैं आपको एक और उदाहरण देता हूं। पिछले दिनों काकद्वीप में अनेक घुसपैठिए मछुआरे पकड़े गए। वो यहाँ आते-जाते रहे, यहां अवैध काम करते रहे… किसके संरक्षण पर? TMC सरकार के संरक्षण पर! वो घुसपैठिए यहाँ किसका हक मार रहे थे? हमारे बंगाल के मछुआरों का, यहाँ के स्थानीय लोगों का हक मार रहे थे। इसका विरोध होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? लेकिन टीएमसी चाहती है कि घुसपैठियों को ना रोका जाए। जब भी मैं घुसपैठियों पर कार्रवाई की बात करता हूं, तो टीएमसी इसका विरोध करती है। एक टीएमसी विधायक ने तो स्वीकार किया है कि पैसे लेकर बांग्लादेशियों का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया। आप सोचिए, अपना वोटबैंक बढ़ाने के लिए TMC किस हद तक जा चुकी है। ये बंगाल के लोगों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। ये देश की सुरक्षा को दांव पर लगा रही है।

साथियों,

भाजपा का संकल्प है कि हम घुसपैठ के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेंगे। बीजेपी सरकार में बंगाली मानुष सुरक्षित और निश्चिंत होकर रहेंगे। साथियों,TMC सरकार, यहां हर दिन लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रही है। कृष्ण चंद्रपुर ग्राम पंचायत में लोकतंत्र की शर्मनाक तस्वीर कोई नहीं भूल सकता। जनता ने जिन्हें चुनकर भेजा, उन विजयी प्रत्याशियों को क्या मिला? उन्हें विकास का मौका नहीं मिला...उन्हें अपहरण का अभिशाप मिला। क्यों? क्योंकि वे सत्ता के दबाव में झुकने को तैयार नहीं थे। मैं मथुरापुर की जनता से पूछना चाहता हूँ... क्या आप ऐसी सरकार चाहते हैं, जो आपके चुने हुए प्रतिनिधि को ही अगवा कर ले? दुर्भाग्य से बंगाल में अभी ऐसी ही सरकार है... जिसे अब आपको मिलकर हटाना ही होगा।

साथियों,

बंगाल की इस धरती ने सदियों पहले राजा प्रताप आदित्य जैसे वीर को जन्म दिया था। इस धरती से तेभागा आंदोलन में किसान और मजदूर अपने अधिकारों के लिए खड़े हुए। जब भी किसी ने अधिकार छीना, यहां के लोगों ने आवाज उठाई। बंगाल को कभी डराया नहीं जा सकता।

बंगाल पूरे भारत को दिशा दिखाने की ताकत रखता है। हमें एक ऐसे बंगाल के लिए वोट देना है...जो सुरक्षित हो, समृद्ध हो और विकसित हो! मैं आप सबसे अपील करता हूँ....आप बीजेपी के जो हमारे उम्मीदवार है इन सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाइए। आप इतनी बड़ी तादाद में आए, मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए भारत मता की... भारत माता की... भारत माता की.. वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... बहुत-बहुत धन्यवाद।