ಬಡವರ ಮಗನ ನೇತೃತ್ವದ ಈ ಸರ್ಕಾರ ಬಡವರ ಕಲ್ಯಾಣಕ್ಕೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಆದ್ಯತೆ ನೀಡಿದೆ: ಕಲ್ಯಾಣ್‌ನಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಸರ್ಕಾರ ರಚನೆಯಾದ ಮೊದಲ 100 ದಿನಗಳಲ್ಲಿ ಯಾವ ಕೆಲಸಗಳನ್ನು ಮಾಡಬೇಕು ಮತ್ತು ಯಾವ ನಿರ್ಧಾರಗಳನ್ನು ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳಬೇಕು ಎಂಬುದರ ಕುರಿತು ನಾವು ನಿರಂತರವಾಗಿ ಕೆಲಸ ಮಾಡಿದ್ದೇವೆ: ಪ್ರಧಾನಿ

छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या या भूमीला माझा नमस्कार। मैं मां दुर्गा, जरी-मरी तिसाई माता और अंबरनाथ महादेव को आदरपूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं पूज्य बाला साहेब ठाकरे और धर्मवीर श्री आनंद दिघे जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

साथियों,

मैं कल्याण की धरती पर राष्ट्र कल्याण के लिए आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं। राष्ट्र का कल्याण, गरीब का कल्याण मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि आज राजनीतिक माहौल में ये मुख्य कसौटी का केंद्र बना है। देश पहली बार 25 करोड़ मेरे गरीब भाई-बहनों को गरीबी से बाहर निकलते देख रहा है। पहली बार, हर गरीब के लिए पक्के मकान बनाने का पुरजोर काम चल रहा है। पहली बार, हर घर को नल से जल मिले ये अभियान सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पहली बार गरीब के पास बीमारी में मुफ्त इलाज के लिए गारंटी कार्ड है और गरीब के बेटे की इस सरकार ने गरीब को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी है। (साथियों, मुझे इसके बाद मुंबई के एक कार्यक्रम में पहुंचना है, माननीय मुख्यमंत्री जी भी वहां रहना चाहते हैं और इसलिए उनको बीच में से निकलना होगा ताकि वो वहां पहुंच पायें तो मैं शिंदे जी को प्रार्थना करता हूं आप निकलिए, मैं यहां संभाल लूंगा।)

साथियों,

आज पहली बार भारत में हम एक नया आत्मविश्वास देख रहे हैं, भारत आज छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणा से बुलंद हौसले के साथ बड़े लक्ष्य तय कर रहा है। सरकार बनने के बाद पहले 100 दिन में क्या काम करना है, कौन से फैसले लेने हैं, इसपर लगातार काम किया है, ऐसा नहीं कि अब सरकार बन गई तो चलो मालायें पहनते घूमते फिरेंगे, आज जितनी मेहनत करता हूं उतनी ही मेहनत 4 जून के बाद भी जारी रहेगी और इसलिए 100 दिन में क्या करना है इसका ब्लूप्रिंट रेडी करके हम आगे बढ़ रहे हैं? और मुझे कुछ लोग कहते हैं कि मोदी जी इतना आत्मविश्वास मुद्दा मोदी के आत्मविश्वास का नहीं है, मुद्दा जनता- जनार्दन का अरस- परस विश्वास का है लेकिन मैं जब कल काशी में था और बहुत सारे नौजवानों को इस समय चुनाव अभियान में मेरा मिलना हुआ, मैं देख रहा हूं कि देश का नौजवान उसके पास एक नई कल्पकता है, नए आइडियाज हैं, हर चीज को नए तरीके से करने का उसका तजुर्बा है और इन दिनों जो मेरी उनसे बातचीत हुई है तो मैं बहुत प्रभावित हुआ हूं अब मैं कोई लाखों नौजवानों के साथ तो बातचीत करना संभव नहीं हुआ मेरे लिए लेकिन मैं देश के युवाओं को एक पर्सनल रिक्वेस्ट भी करना चाहता हूं, आग्रह भी करना चाहता हूं क्योंकि इन दिनों जो मैं नौजवानों को मिला हूं उन्होंने मुझे बहुत अच्छे सुझाव दिए हैं तो मेरा मन करता है कि जो मेरा 100 दिन का विजन है इसको मैं 125 दिन का पीरियड तय करूं और जो 25 दिन नए मैं जोड़ रहा हूं मैं चाहता हूं कि मेरे देश के नौजवान उनके मन में जो ख्याल आयें वो मुझे भेज दें मैं उसमें से छांट करके ये 25 दिन बढ़ाकर के मैं उसमें उसको शामिल करना चाहता हूं। क्योंकि मैं मानता हूं कि देश अब जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है हर पल नया विश्वास, नये सपने, नये संकल्प और इसलिए मुझे पक्का विश्वास है कि देश के नौजवान मुझे वो सुझाव देंगे जो नॉर्मली हम लोगों की सोच में नहीं होते हैं उसमें नयापन हो, भविष्य के लिए नई बातें हों और मैं चाहता हूं कि मैं इन युवाओं को लेकर के उनके विचारों के लिए 100 के दिन का मेरा टाइम टेबल तो है ही है अतिरिक्त 25 दिन का टाइम टेबल उस दिशा में मैं सोच रहा हूं मतलब कि करीब चार महीने मैं बहुत तेजी से ऐसा फाउंडेशन तैयार करना चाहता हूं, जिसके कारण मेरा 2047 का जो लक्ष्य है ना वो और निकट आने लगे और इसलिए मोदी का तो मंत्र है आपके सपने- ये मोदी का संकल्प है और आपके सपनों को जिसे मैंने संकल्प बनाया है, उसको सिद्ध करने के लिए मेरा पल- पल आपके नाम, मेरा पल- पल देश के नाम और इसलिए मैं कहता हूं 24/7 फोर 2047।

साथियों,

आप मुझे बताइये आज भारत जिस ऊंचाई पर पहुंचा है 10 साल में दुनिया में, देश में, देश के हर कोने में, हर क्षेत्र में जो नई ऊर्जा, नया उमंग, नया विश्वास और नई गति आई है आप मुझे बताइये जो अभी हम पहुंचे हैं वहां से आगे देश को कौन ले जा सकता है? कौन ले जा सकता है? कौन ले जा सकता है? दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइये, कौन ले जा सकता है? कौन ले जा सकता है?

साथियों,

वो लोग जिन्होंने पीढ़ियों तक गरीबी हटाओ का झूठा नारा दिया और हर चुनाव में अफीम की गोली की माला बनाकर के ले आते थे, हर चुनाव में और आपने देखा होगा कि नेहरू जी के जमाने से लेकर के 2014 के चुनाव तक हर चुनाव में आपने देखा होगा वो गरीबी का जो अफीम के रूप उपयोग करते थे, उसकी माला जपते थे, गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. गरीब.. यही इनका खेल चलता था वो लोग जिन्होंने भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बना रखा था, शिवाजी की धरती पर से मैं आपसे पूछना चाहता हूं क्या ऐसे लोग देश का नेतृत्व कर सकते हैं? देश को आगे ले जा सकते हैं? आपके सपने पूरे कर सकते हैं? आपके बच्चों का भविष्य निश्चित कर सकते हैं?

साथियों,

मुझे खुशी है कि पिछली सरकार में यानी रिमोट वाली जो सरकार चलती थी ना मैं उसकी बात कर रहा हूं पिछली सरकार में विकास पर जो ब्रेक लगा था, मोदी ने आकर ब्रेक तो हटाया मैं गाड़ी को टॉप गियर में ले गया हूं। भिवंडी-कल्याण समृद्धि महामार्ग से जुड़ चुका है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भी बहुत जल्द पूरा होने वाला है। वडोदरा- मुंबई द्रुतगति मार्ग का लाभ भी भिवंडी को मिलेगा। वंदे भारत ट्रेनों ने रेलवे के सफर के मायने बदल दिये हैं। मेट्रो का काम यहां बहुत जल्द शुरू होने वाला है। इन विकास कार्यों से यहां का हमारा कपड़ा उद्योग उसको भी गति मिलेगी, नई औद्योगिक संभावनाएं पैदा होगी, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे इसलिए ही यहां हर तरफ पुकार है, हर तरफ विश्वास है, हर तरफ उमंग है और एक ही बात है- फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार।

साथियों,

कांग्रेस कभी भी विकास की बात नहीं कर सकती। कांग्रेस केवल हिन्दू- मुसलमान करना जानती है। इनके लिए विकास का मतलब है- सिर्फ उन लोगों का विकास, जो उन्हें वोट देते हैं। कांग्रेस किस कदर हिन्दू- मुसलमान, हिन्दू- मुसलमान करती रहती है और मैं लगातार इसको एक्सपोज करता हूं और जब मैं इनकी ये सारी बेईमानी बाहर लाता हूं तो इनका जो इकोसिस्टम है वो चिल्लाने लगता है बोले मोदी हिंदू- मुसलमान लाया है अरे मोदी तो हिंदू-मुसलमान के नाम पर देश को तोड़ने वाले लोग हैं ना उनका कच्चा चिट्ठा खोल रहा है। मैं इसका एक उदाहरण देना चाहता हूं और ये उदाहरण इतिहास में दर्ज है। मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं, अगर हिम्मत है कांग्रेस में तो मेरी इस बात का देश को जरा जवाब दें, नहीं देंगे वो इनकी तो हालत ऐसी है मुझे बताइये आपके घर में आपको कभी आपके माता-पिता अगर दादा उन सबको देखा हो उनको याद करने के लिए क्या आपको एल्बम खोलना पड़ता है क्या? अपने माता-पिता को याद करो एल्बम खोलो तब याद आते हैं क्या, इनकी तो हालत ये है कि अपने माता-पिता को याद करने के लिए एल्बम खोलकर याद करना पड़ता है, ये है, ये जिनकी स्थिति है जी..

भाइयों- बहनों,

कांग्रेस अपनी सरकार के समय खुलेआम कहती थी कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है और ये मनमोहन सिंह जी ने कहा और उस मीटिंग में मैं मौजूद था और मैंने इसका विरोध किया था अब मुझे बताइये कि ये कहते थे कि नहीं कहते थे? कहते थे कि नहीं कहते थे? अब कांग्रेस वाले कितने ही चू-चू करते रहे सब अवेलेबल है। हालत ये थी कि कांग्रेस और उसके साथी दलों ने क्या किया जो डेवलेपमेंट का बजट होता है उस बजट में भी दरार कर दी भाई, उसमें भी बंटवारा करने के लिए सोच रहे हैं और उन्होंने कहा अब बजट होगा हिंदू बजट- मुस्लिम बजट। ये इन्होंने सोचा था, क्या ये मेरा देश ऐसे चलेगा क्या? और कांग्रेस चाहती थी कि 15 परसेंट बजट मुसलमानों के लिए अलग से आवंटित हो जाये। भाइयों- बहनों, आप सबसे मैं ये पूछना चाहता हूं अब उनको धर्म के नाम पर देश बनाना था बना दिया, कांग्रेस की मजबूरी थी दे दिया, अब आप कहोगे कि हिंदू बजट, मुस्लिम बजट क्या ये देश का भला करेगा क्या? जरा हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताओ कि मेरी बात समझते हो, क्या इस देश का बजट हिंदू बजट, मुस्लिम बजट ऐसा हो सकता है क्या? हिंदू के लिए इतना, मुसलमान के लिए इतना हो सकता है क्या? ये पाप कांग्रेस पार्टी कर रही थी और मुझे याद है तब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था मैंने इसका सबसे पहले विरोध किया था। कांग्रेस और इंडी अलायंस अगर सत्ता में आये तो ये ही करने वाले हैं, क्या हमें देश को एक रखना है कि नहीं है? हर हिंदुस्तानी एक है ये जरूरी है कि नहीं है? क्या हिंदुस्तानियों को बांटना अच्छी चीज है क्या? मैं आपसे फिर एक बार पूछता हूं क्या ऐसे लोगों को सिर्फ यहां नहीं पूरे महाराष्ट्र में एक भी सीट जीतने देनी चाहिए क्या? एक भी पोलिंग बूथ में उनका नंबर लगना चाहिए क्या? और मैं महाराष्ट्र के लोगों को बधाई देता हूं पहले चार चरण में उन्होंने ये इंडी अघाड़ी को चारों कोने चित कर दिया है।

साथियों,

आज भी इंडी अघाड़ी और कांग्रेस के शहजादे तुष्टीकरण का वही पुराना खेल खेल रहे हैं। इन लोगों की नजर अब SC, ST, OBC के आरक्षण पर है और उन्होंने प्रयोग शुरू कर दिया है। कर्नाटक ये उनकी लेबोरेटरी बनाई है। कर्नाटक में उन्होंने क्या किया, सरकार में आने के बाद रातों- रात कर्नाटक में जितने मुसलमान थे, रातों- रात एक हुक्म निकाला कि सारे मुसलमान ओबीसी है, रातों- रात सब मुसलमान को ओबीसी बना दिया और ओबीसी का आरक्षण का जो कोटा था उसकी बहुत बड़ी लूट उन्होंने उनको दे दी, टुकड़े कर दिए और आरक्षण की यही लूट कांग्रेस पार्टी पूरे देश में करना चाहती है। आप मुझे बताइये ये एससी, एसटी, ओबीसी का आरक्षण के टुकड़े करके वो किसको देंगे? किसको देंगे? वही खेल करेंगे कि मुसलमान वोट देता है, मुसलमान को दो, जिनसे ये वोट जिहाद करवाने की बात कर रहे हैं, आप मुझे बताइये आपने महाराष्ट्र में इंडी अघाड़ी में एक भी व्यक्ति ने, एक भी नेता ने, इसका विरोध करते किसी को सुना है क्या? चुप बैठ गए और मोदी सब जगह पर बोलता है तो कहते हैं मोदी हिंदू- मुसलमान कर रहा है, मोदी हिंदू- मुसलमान नहीं कर रहा है मोदी उनके हिंदू- मुसलमान का जो खेल है देश की जनता के सामने उसको खुला कर रहा है और मुझे बताइये एक कर्तव्य मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? क्या मुझे चुप रहना चाहिए क्या? क्या मेरी छवि के लिए मुझे देश को तोड़ने देना चाहिए क्या? मेरे लिए मेरी छवि से ज्यादा मेरे हिंदुस्तान की एकता मेरे लिए प्राथमिकता है। भाइयों- बहनों, कदम- कदम पर देश को बांटने की सोचने वाले क्या आपके वोट के हकदार हैं क्या? आपके वोट के हकदार हैं क्या?

साथियों,

इंडी अलायंस के लोग जब तक सत्ता में थे, इन्होंने कैसे देश चलाया था? देश के भीतर बाज़ार सुरक्षित नहीं थे, सिनेमाहाल सुरक्षित नहीं थे, होटल हो, रेस्टोरेन्ट हो, रेलवे स्टेशन हो कुछ भी सुरक्षित नहीं था और जो आज फर्स्ट टाइम वोटर होंगे ना उनको तो ऐसी कोई चीज का पता ही नहीं होगा क्योंकि उस समय में उनकी उम्र 5 साल, 7 साल, 8 साल रही होगी उनको बताना जरा अपने 18- 20- 22- 25 साल के बच्चों को कि कांग्रेस के जमाने में अनाउंसमेंट होता था, कोई लावारिस चीज दिखाई दे तो छूना मत, रेलवे स्टेशन पर, एयरपोर्ट पर, बस स्टैंड पर लावारिस चीज दिखाई दे, कहीं लावारिस टिफिन दिखाई दे तो दूर रहना पुलिस को बताना, कहीं लावारिस बैग दिखाई दे तो दूर रहना पुलिस को बताना, कहीं लावारिस कुकर दिखाई दे दूर रहना बम होगा, ये लावारिस वाली चीजें यानी एक प्रकार से जीवन का हिस्सा बन गई थी और कहीं पर भी बम फूटते थे। भाइयों- बहनों, 2014 के बाद आपके कान पर लावारिस से दूर रहो ऐसा आया क्या? ये खेल करने वाले लावारिस हो गए कि नहीं हो गए? साथियों, 10 साल पहले आए दिन बम धमाके होते थे कि नहीं होते थे? अगर आपको याद हो तो बताइये अगर नहीं है तो मत बताना। बम धमाके होते थे? जरा हाथ ऊपर करके बताइये बम धमाके होते थे? आतंकवादी खुलेआम धमकियां जारी करते थे कि नहीं करते थे? सीमाओं पर गोलीबारी, राज्यों में नक्सली हमले, ये रोज की बात थी कि नहीं थी? लेकिन, कांग्रेस की सरकार क्या करती थी? वो पाकिस्तान से गुहार लगाती थी और कांग्रेस अमन के कबूतर उड़ाकर फोटो निकलवाती थी, अमन के कबूतर उड़ाये जाते थे। मोमबत्तियां जलाई जाती थी, मोमबत्तियां और क्या कहते थे प्लीज, प्लीज हम पर आतंकी हमला मत करो, ये ही बोलते रहते थे। अरे वीर भारत भूमि की साख पर कांग्रेस ने बहुत चोट पहुंचाई थी और जब से, जब से आपने मोदी को सेवा का मौका दिया तब से क्या हुआ? सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक अब पाकिस्तान ने एटम बम की धमकी देना बंद कर दिया है।

लेकिन साथियों,

आपको एक और बात नोट करनी चाहिए भारत को धमकी देने का काम पाकिस्तान की तो नहीं हिम्मत, अब कांग्रेस वाले वो फाइल लेकर घूम रहे हैं। कांग्रेस वाले कह रहे हैं, कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि पाकिस्तान का सम्मान करो, उनसे सिर झुकाकर के बात करो, क्यों, उनके पास एटम बम है, एटम बम। अरे उनके पास रख-रखाव के पैसे नहीं है यार। कोई मुझे बताये जब कांग्रेस सरकार में होती है, कांग्रेस जब सरकार में होती है तो धमकी पाकिस्तान देता है और कांग्रेस बाहर है तो पाकिस्तान की ओर से वो खुद धमकी दे रहे हैं। पाकिस्तान अपनी संसद के भीतर स्वीकार करता है कि उसने आतंकी हमले करवाए, लेकिन यहां कांग्रेस और इंडी अघाड़ी के लोग उसे क्लीन चिट दे देते हैं। कोई जरा बताइये, ऐसा क्यों है? इंडी अघाड़ी वाले पाकिस्तान की तरफ से बैटिंग क्यों कर रहे हैं?

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस की मानसिकता तो हमेशा से तुष्टिकरण वाली रही है। लेकिन, बाला साहेब की बात करने वाले भी कांग्रेस का कुर्ता पकड़कर के खड़े रहे हैं। कांग्रेस अलगाववादियों, आतंकवादियों का समर्थन करती है। नकली शिवसेना उसके साथ खड़ी है। कांग्रेस के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करते हैं। आपने देखा है ना कांग्रेस के शहजादे ने मंच पर कैसे छत्रपति शिवाजी महाराज का तिरस्कार किया था? पूरे महाराष्ट्र को वो तस्वीरें देखकर के गुस्सा आया लेकिन नकली शिवसेना ने मुंह पर ताला लगा लिया, आंख पर पट्टी बांध ली। कांग्रेस के शहजादे महाराष्ट्र की धरती पर वीर सावरकर का भी अपमान करते हैं, लेकिन नकली शिवसेना की हिम्मत नहीं पड़ती कि उन्हें ललकारें और मैं चुनौती देता हूं ये इंडी अघाड़ी वाले यहां बैठे हैं ना वो शहजादे के मुंह से 5 वाक्य वीर सावरकर के पक्ष में बुलवाकर के दे दें, करो भाई मेरी चुनौती उनको ये इंडी अघाड़ी के बड़े-बड़े नेता हैं ना यहां उन्होंने चुनाव जीतने के लिए उनको कह दिया कि भाई तुम वीर सावरकर बोलना बंद करो तब से उन्होंने बोलना बंद किया क्योंकि चुनाव का डर था। लेकिन हिम्मत है तो वीर सावरकर की महानता के 5 वाक्य इस शहजादे से बुलवाइये। मेरी ये नकली शिवसेना से चुनौती है, ये नकली एनसीपी से भी चुनौती है। क्या वीर सावरकर के लिए दो अच्छे शब्द बोल नहीं सकते आप? इंडी अघाड़ी की सरकार में याक़ूब मेमन की कब्र संवारी जाती है और इंडी अघाड़ी में राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकरा दिया जाता है, राम मंदिर के लिए आये दिन अपमानजनक भाषा बोली जाती है। मैं जरा महाराष्ट्र के लोगों से पूछना चाहता हूं, क्या आपको ये स्वीकार है? आपको ऐसे पाप स्वीकार है? क्या आप इंडी अघाड़ी वालों को इस बार इस चुनाव में सजा देंगे कि नहीं देंगे? ऐसी सजा दीजिए, ऐसी सजा दीजिए कि ऐसा पाप करने की हिम्मत ना रहे। साथियों, और अभी शिंदे जी बताकर के गये हैं कि 93 के बम ब्लास्ट के गुनहगार नकली शिवसेना के लिए प्रचार कर रहे हैं, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा?

साथियों,

20 मई को आपको सशक्त और विकसित भारत के लिए वोट देना है। 20 मई को आपको तुष्टीकरण के खिलाफ वोट देना है। कल्याण से एनडीए प्रत्याशी भाई श्रीकांत शिंदे जी और भिवंडी से भाजपा प्रत्याशी श्री कपिल मोरेश्वर पाटिल जी, इनको दिया गया आपका हर वोट मोदी को मजबूत करेगा और जब आप उनके लिए मतदान के लिए बटन दबायेंगे ना वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जायेगा। कपिल पाटिल ने मेरे साथ सरकार में भी काम किया है। ये हमेशा इस क्षेत्र के विकास के लिए सजग रहते हैं। मेरा अनुरोध है मेरे इन दोनों साथियों को भारी मतों से विजयी बनाइये। अच्छा मेरा एक काम करेंगे, मेरा एक काम करेंगे, घर- घर जाना ज्यादा लोगों से मिलना और कहना मोदी जी आए थे मोदी जी ने आपको प्रणाम कहा है। बोलिए, भारत माता की.. भारत माता की.. भारत माता की.. बहुत- बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister recalls the courage of those impacted by Partition on Partition Horrors Remembrance Day
August 14, 2026
PM shares Sanskrit Subhashitam highlighting the power of hard work and human endeavor

Prime Minister Shri Narendra Modi today stated that as we mark Partition Horrors Remembrance Day, we recall the courage of all those who were impacted by Partition. He noted that it was a moment in history that tore apart several lives, where families were uprooted, loved ones were lost, and immense suffering was endured.

The Prime Minister highlighted that at the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement, and contributed immensely to our nation’s progress. He observed that their life journeys remind us of the strength of the human spirit. Shri Modi expressed hope that this day may deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat.

The Prime Minister offered his heartfelt tributes to all those countrymen who, emerging from that horrific period, made invaluable contributions to the progress of the country. He stated that through their courage and capability, they showed how resolutions are accomplished even in adverse circumstances. Shri Modi called upon everyone to further strengthen the national spirit of goodwill and solidarity.

Sharing a Subhashitam, the Prime Minister emphasized that it is through hard work, enterprise, and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship, and innovations flourish, paving the way for success. He added that therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence, and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.

In a series of posts on X, the Prime Minister wrote:

"Today we mark #PartitionHorrorsRemembranceDay. We recall the courage of all those who were impacted by Partition. It was a moment in history that tore apart several lives…families were uprooted, loved ones were lost and immense suffering was endured.

At the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement and contributed immensely to our nation’s progress. Their life journeys remind us of the strength of the human spirit.

May this day deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.