I urge all the eligible voters in Kerala to turn out and exercise their franchise in support of the BJP: PM Modi
Only the BJP can ensure social justice for every group in Kerala like we did across the country: PM Modi
Everybody has seen how the UDF and LDF are threatening the traditions and religious practices of the people here: Prime Minister Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी और हमारे सभी साथी दलों के वरिष्ठ नेतागण और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, आपने जिस प्रकार से मोबाइल फोन का दीप प्रज्वलन करके इस पूरी जनसभा को रोशन कर दिया, आपके पवित्र वोट से पूरा हिंदुस्तान रोशन होने वाला है। आधुनिक ट्रावनकोर के निर्माता मार्तन्ड वर्मा की इस धरती को मैं नमन करता हूं। स्वाथी थिरूनल, वक्कोम खादर मौलवी, अय्या वैकुंदार स्वामी कल और श्री नारायण गुरु जैसी विभूतियों को मेरा कोटि-कोटि नमन।

 साथियो, आप भली-भांति जानते हैं की भारतीय जनता पार्टी ने इस बार भी तिरुवनंतपुरम में अपना उम्मीदवार श्री कुम्मनम राजशेखरन जी को बनाया है वो आपके बीच मशहूर हैं ही। इनका सादगी ईमानदारी और स्वच्छ छवि की दिल्ली तक बहुत चर्चा होती है। राजशेखरन जी ने कई साल केरला में बीजेपी की कमान भी संभाली है। मेरा आपसे आग्रह होगा की इस बार हमारे सभी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को भव्य विजय दिलाएं।

साथियो, पिछले पांच वर्षों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जो भरोसा आपने दिखाया उसके कारण भारत आज तेज गति से आगे बढ़ रहा है और जल में, थल में, नभ में और अंतरिक्ष में भी सुरक्षित है। आज मोबाइल से लेकर मिसाइल तक जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जो स्पेस से कंट्रोल नहीं होता, कल्पना कीजिए अगर कोई गलत ताकत कभी स्पेस में हमारे संसाधनों पर हमला कर दें तब क्या होगा। साथियो, ये काम पहले भी हो सकता था लेकिन कांग्रेस की सरकार के पास हिम्मत नहीं थी वो फैसले लेने से डरते थे। हां कुछ ऐसा करना हो जिससे देश को नुक्सान होता हो, वैज्ञानिकों का मनोबल टूटता हो तो कांग्रेस का सारा डर खत्म हो जाता है। केरला की धरती के सुपूत वैज्ञानिक नंबी नारायण जी के साथ क्या किया गया ये आपको पता है ना? साथियो, यही अंतर एक राष्ट्रवादी सरकार और एक वंशवादी सरकार के बीच होता है, यही अंतर एक निर्णायक सरकार और एक नारे देने वाली सरकार में होता है।

भाइयो-बहनो, इस बार का चुनाव सिर्फ एक सरकार बनाने के लिए नहीं हैं, ये चुनाव आने वाले वर्षों में भारत विकसित देश कैसे बने, इसके लिए है। भारत, दुनिया की टॉप थ्री इकोनॉमी के क्लब में कितनी जल्द पहुंच सके, आप इस चुनाव में आपके एक वोट से ये तय करने वाले हैं।


साथियो, ऐसे में तिरुवनंतपुरम के, केरल के हर वोटर, विशेष तौर पर फर्स्ट टाइम वोटर पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। साथियो, जब सरकारें विचार और विजन के बजाए राजनीतिक हिंसा से चलती हैं तो केरल जैसे स्वर्ग पर भी आंच आती है। कांग्रेस और कम्यूनिस्टों ने यहां के भाइचारे, आस्था और विश्वास के साथ क्या कर दिया है ये आपके सामने है। सिर्फ सत्ता पाने के लिए अपनों का खून बहाना ये केरल का कल्चर नहीं है, आए दिन हिंसा- आए दिन हत्याएं बच्चों को अनाथ कर देना, मांओं की कोख उजाड़ देना ये केरल का कल्चर नहीं है। ये केरल की महान परंपरा और संस्कृति के खिलाफ है, जब पूरा देश विकास के रास्ते पर चल पड़ा है तो केरल को कम्यूनिस्टों और कांग्रेस के इस कल्चर से मुक्ति दिलाना ये बहुत जरूरी रहेगा। इसी हिंसक कांग्रेस-कम्यूनिस्ट कल्चर ने यहां केरल में सैकड़ों संघ-बीजेपी कार्यकर्ताओं की जान ली है। उनके बलिदान को मैं नमन करता हूं, मैं बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता को कहूंगा की उनकी तपस्या एक ना एक दिन अवश्य सफल होगी। केरल को भी हिंसा की राजनीति करने वालों की महामिलावट से मुक्ति मिलेगी।

भाइयो-बहनो, लोकतंत्र में विचारधाराओं पर सरकारें बनती हैं-बिगड़ती हैं। नीतियों के आधार पर विरोध और समर्थन होते हैं लेकिन कांग्रेस और कम्यूनिस्ट की विचारधारा अवसरवाद की है। केरल में एक-दूसरे की नीतियों का विरोध करते हैं, आपस में लड़ते हैं और दिल्ली में सत्ता के लिए एक साथ आ जाते हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष को संसद पहुंचने के लिए यहां वायनाड आना पड़ रहा है, वो कहते हैं की वाम दलों के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे। केरल में कुश्ती और दिल्ली में दोस्ती ये इनका खेल है। साथियो, अगर ये सोचते हैं की केरल की जनता इसको समझती नहीं है तो ये बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं। साथियो, कांग्रेस के नामदार का कहना है की साउथ को मैंसेज देना था तभी वायनाड गया। अरे तिरुवनंतपुरम से मैसेज नहीं दिया जा सकता था क्या, ये तो राजधानी है।

 

 

भाइयो-बहनो, ये मैसेज साउथ के लिए नहीं बल्कि ये मैसेज अपीजमेंट पॉलीटिक्स का है जिसको कांग्रेस ने अपने विजन का हिस्सा बना लिया है। कांग्रेस अमेठी मॉडल ऑफ डेव्लपमेंट का विजन केरल के लिए लेकर आई है। आज के डिजिटल इंडिया के युग में जब स्मार्ट फोन हर हाथ में है और डेटा सबसे सस्ता दुनिया में हमारे यहां है, तब अमेठी की हालत जानने में केरल को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। कम्यूनिस्टों को हमारे पूजा-पाठ और धर्म-कर्म से दिक्कत है ये हम जानते हैं लेकिन वो आस्थावानों के अधिकारों को नहीं कुचल सकते। आज यहां स्थिति ये बना दी गई है की भगवान का नाम तक नहीं ले सकते, भगवान का नाम लेने पर यहां की कम्यूनिस्ट सरकार झूठे केस करती है, लाठियों से पिटवाती है।

भाइयो-बहनो, भारत में हजारों सालों से जो परंपराएं विकसित हुई हैं, उन पर राजनीति के लिए किसी प्रकार का प्रहार हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। केरल का बच्चा-बच्चा इसका विरोध करेगा, आस्था का चौकीदार बनकर खड़ा होगा। भाइयो-बहनो, मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं, 23 मई को जब फिर एक बार मोदी सरकार बनेगी तो कोर्ट से लेकर संसद तक हम आपकी आस्था के लिए लड़ेंगे, आस्था को संविधान संरक्षण दिलाने का काम हम करेंगे। साथियो, केरल में जाति-पंथ के आधार पर भेदभाव और भ्रष्टाचार गवर्नेंस का मॉडल बन चुका है, खुद मुख्यमंत्री पर लवलीन घोटाले के आरोप हैं, मंत्रियों पर गंभीर आरोप हैं, यहां तक की बाढ़ और तूफान से प्रभावित लोगों के लिए जो पैसा आया उसको भी नहीं छोड़ा। अब तो यह भी साबित हो रहा है की केरल की भीषड़ बाढ़ नेचुरल कैलिमिटी से ज्यादा सरकारी लापरवाही का परिणाम ही थी।

साथियो, ये तो भला हो केरल के माछीमार साथियों का जिन्होंने अपनी जान हथेली पर रख कर लोगों की जान बचाई, ये हमारे साथी सच में हमारे समंदर के चौकीदार हैं। मछुआरों को सशक्त करने के लिए, केंद्र की एनडीए की सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। मछुआरों को समय पर खतरे का अलर्ट मिले इसके लिए नए नाविक डिवाइस दिए जा रहे हैं। इसके अलावा फिशरीज के लिए अलग डिपार्टमेंट बनाने का हमने बजट घोषित किया है। वहीं मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दे दी गई है। इसके अलावा डीप सी फिशिंग के लिए बोट के आधुनिकीकरण के लिए भी मदद दी जा रही है।

साथियो, केरल में भाजपा हर वर्ग को उसका हक दिलाने के लिए खड़ी है। हम केरल के सामान्य मानवी को भी उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम पूरे देश में 10 प्रतिशत आरक्षण देकर गरीबों को उनका हक दिला रहे हैं, वो भी किसी का हक छीने बिना। बीजेपी सरकार ने ही पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया है।

भाइयो-बहनो, केरल के सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए भी हम कमटेड हैं। नेशनल हाईवे क प्रोजेक्ट्स हो, बाईपास हो, एयरपोर्ट का विकास हो हर प्रकार से कनेक्टिविटी को सशक्त किया जा रहा है। यहां के टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए प्रसाद योजना के तहत अनेक काम हुए हैं, हेरितेज टूरिज्म पर हमारा विशेष फोकस रहने वाला है, हम केरल में 100 से ज्यादा आस्था से जुड़े स्थानों को आध्यात्मिक सर्किट से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाइयो-बहनो, चौकीदार की सरकार ने सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर काम किया है। गरीबों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज हो या फिर गरीब से गरीब घर तक एलपीजी कनेक्शन देने का काम ये हमारी सोच को दिखाता है। इतना ही नहीं मिडिल क्लास के लिए विशेष तौर पर हमारी सरकार ने प्रयास किए हैं, बीते पांच वर्षों में महंगाई की दर 4 प्रतिशत के आस-पास रही है जो कांग्रेस के राज में दस प्रतिशत तक थी। पांच साल में हमने एक बार भी टैक्स नहीं बढ़ाया बल्कि अब तो पांच लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम को टैक्स के दायरे से ही बाहर कर दिया। इसी तरह पहली बार मिडिल क्लास के घर के लिए भी सरकारी सहायता देने का काम किया, एजुकेशन लोन भी बहुत सस्ता किया गया है।

साथियो, एक तरफ हम आनेस्ट टैक्सपेयर को थैंक्यू कहते हैं तो वहीं कांग्रेस मिडिल क्लास को सेल्फिश कहती है, टैक्स का बोझ लादने की बात करती है। कांग्रेस के ढकोसलापत्र उनके मेनिफेस्टो में मिडिल क्लास का जिक्र तक नहीं किया गया है। वो ये मान चुकी है कि मिडिल क्लास कांग्रेस का करेक्टर पहचान चुका है। भाइयो-बहनो, केरल के विकास में प्रवासी भारतीयों का बहुत बड़ा योगदान रहा है, हमारी सरकार ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और सम्मान के लिए बड़े कदम उठाए हैं। साथियो, आपको इस बार हिसां, अपमान और अवसरवाद को हराना है, केरल के उज्जवल भविष्य के लिए, केरल में शांति का वातावरण मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को जिताइए कमल के निशान पर बटन दबाइए।

भाइयो-बहनो, आज-कल कांग्रेस और कम्यूनिस्टों को और उनके महामिलावटी साथियों को भारतीय सेना का मजाक उड़ाने की आदत हो गई है और जब भारत की सेना पाकिस्तान में घुस कर के आतंकवादियों का हिसाब चुकता करती है। सर्जिकल स्ट्राइक करती है, एयर स्ट्राइक करती है, पाकिस्तान में घर में घुसकर मारती है तो ये कम्यूनिस्ट, ये कांग्रेस के महामिलावटी लोग हिंदुस्तान की सेना को भला-बुरा कहने में तुले हुए हैं। भाइयो-बहनो, देश की सेना, उसका सम्मान देश की सुरक्षा से सीधा-सीधा जुड़ा हुआ है लेकिन कांग्रेस को, जो अब तक सरकार में भागीदार रहे हैं उनके लिए देश की सेना और सुरक्षा और डिफेंस मंत्रालय सिर्फ एटीएम बन कर रह गया है, उसमें से रुपए मारना यही उनका काम रहा है। मजबूत भारत ही सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों को सपनों को पूरा कर सकता है। मजबूत भारत बनाने के लिए मजबूत सरकार होना जरूरी है और मजबूत सरकार में एक चौकीदार प्रधानमंत्री का ताकत का बहुत बड़ा महत्व रहता है। आपका एक-एक वोट चौकीदार को मजबूत करेगा, देश में एक मजबूत सरकार बनाएगा। एनडीए और कमल को दिया हुआ आपका वोट वो सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। इतनी बड़ी तादाद में आप हमें आशीर्वाद देने के लिए आए इसके लिए मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय। वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, बहुत-बहुत धन्यवाद।

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March 31, 2026
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In 2021, India launched the India Semiconductor Mission; This mission is not just an industrial policy but a declaration of India's confidence: PM
This period of the 21st century is not just a time for economic competition, it is the time to shape the future tech landscape: PM
The technology initiatives India is taking in this decade will strengthen its leadership in the decades to come: PM
21st century India is not merely a witness to change, but is moving forward with the resolve to lead that change: PM

गुजरात के मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष भाई संघवी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी अश्विनी वैष्णव जी, राज्य के मंत्री भाई अर्जुन मोढवाडिया जी, केन्स और अल्फा ओमेगा सेमीकंडक्टर्स के प्रतिनिधिगण अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों।

पिछले महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में था, और इस महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में हूं। 28 फरवरी को माइक्रोन के प्लांट में प्रोडक्शन की शुरुआत हुई, और आज 31 मार्च को, केन्स टेक्नॉलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट में प्रोडक्शन शुरु हो रहा है। ये मात्र संयोग नहीं है, ये इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, किस पेस से, किस गति से, किस स्पीड के साथ डेवलप हो रहा है। मैं केन्स टेक्नॉलॉजी की पूरी लीडरशिप को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। रमेश रघु congratulations. गुजरात सरकार को, इस प्लांट में काम कर रहे और सभी साथियों को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज सुबह मैं एक डिवाइन वाले कार्यक्रम में था और अभी मैं डिजिटल वाले कार्यक्रम में हूं।

साथियों,

मुझे इस बात की भी बेहद खुशी है कि भारत की कंपनी ने semiconductor चिप्स बनाने में रुचि दिखाई, और नतीजा हम सबके सामने है। हमारे भारत की अपनी कंपनी केन्स अब ग्लोबल semiconductor सप्लाई चेन का एक मजबूत हिस्सा बन गई है। ये एक बहुत शानदार शुरुआत है, एक गर्व का पल है, हर भारतवासी के लिए गर्व का पल है। आने वाले दिनों में भारत की बहुत सारी कंपनियां, ग्लोबल collaboration के माध्यम से, दुनिया को एक resilient semiconductor सप्लाइ चेन देने जा रही है।

साथियों,

आज का ये दिन, मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड, इस मंत्र को सही मायने में चरितार्थ करता है। इस प्रोजेक्ट में प्रोडक्शन शुरु होने से, भारत ग्लोबल मार्केट में, एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में अपना रोल और सशक्त कर रहा है। आज एक प्रकार से साणंद और सिलिकॉन वैली के बीच नया ब्रिज सा बन गया है। कैलिफोर्निया की कंपनी के लिए, साणंद का ये प्लांट Intelligent Power Modules दे रहा है। मुझे बताया गया है कि यहां बनने वाले प्रोडक्ट्स का एक बड़ा हिस्सा, पहले ही एक्सपोर्ट के लिए बुक हो चुका है। साणंद में बनने वाले modules अमेरिका की कंपनियों तक पहुंचेंगे, और वहां से पूरी दुनिया को पावर देंगे। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के मंत्र की सफलता की गूंज दुनिया के कोने-कोने में पहुंचेगी।

साथियों,

यहां बनने वाले इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स से, भारत और विश्व के इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम को, हैवी इंडस्ट्री को बहुत बल मिलेगा। यही ग्लोबल पार्टनरशिप ही दुनिया के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।

साथियों,

21वीं सदी का ये दशक आरंभ से दुनिया के लिए अनेक चुनौतियां लेकर आया है। संकट पेंडमिक का रहा है, conflicts का रहा है। इसमें भी सबसे बड़ी भुक्तभोगी, ग्लोबल सप्लाई चेन रही है। चाहे चिप्स हो, रेयर अर्थ मिनरल्स हों, एनर्जी हो, ये conflicts की वजह से बहुत प्रभावित हुए हैं। ये मानवता के तेज विकास से जुड़ी चीज़ें हैं, इनकी सप्लाई चेन में, इनके फ्लो में ब्रेक लगने से, पूरी ह्यूमैनिटी का विकास प्रभावित होता है। इसलिए भारत जैसे डेमोक्रेटिक देश का इस दिशा में आगे बढ़ना, पूरे विश्व के विकास के लिए बहुत अहम है।

साथियों,

हमने कोरोना की आपदा के समय ही तय कर लिया था, कि भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर का नया ग्लोबल हब बनेगा, इस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा। और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता, सिर्फ एक चिप तक सीमित नहीं है। इसका मतलब है, AI में, इलेक्ट्रिक व्हीकल में, क्लीन एनर्जी में, डिफेंस में, इलेक्ट्रॉनिक्स में, ऐसे अनेक सेक्टर में भी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। इसलिए, साल 2021 में भारत ने इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन शुरु किया। यह mission सिर्फ एक industrial policy नहीं है, यह भारत के आत्मविश्वास का ऐलान है। और इसका इंपैक्ट सबके सामने है। इस मिशन के तहत, देश के 6 राज्यों में एक लाख साठ हज़ार करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। केन्स और माइक्रोन के प्रोजेक्ट्स भी इसी का हिस्सा हैं। सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता के लिए भारत ने ध्रुव Sixty Four जैसा, आधुनिक माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया है। इससे 5G इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, industrial automation, ऐसे अनेक सेक्टर्स के लिए हमें एक अपना सुरक्षित platform मिला है।

साथियों,

सेमीकंडक्टर मिशन की अब तक की सफलता के बाद, अब भारत ने इसके अगले फेज की तरफ कदम बढ़ाया है। इसी सोच के साथ, इस वर्ष के बजट में इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। इस फेज का फोकस, भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट्स और मटीरियल्स के प्रोडक्शन पर है। अब हमारा प्रयास, एक फुल स्टैक भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने का है। ताकि हम डोमेस्टिक और ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़ी पार्टनरशिप कर सकें।

साथियों,

भारत आज industry led research and training centres को प्रोत्साहित कर रहा है। ताकि technology development भी हो और एक future ready skilled workforce भी तैयार हो। बहुत जल्द ही, देश में 85 हजार से अधिक डिजाइन प्रोफेशनल्स तैयार करने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। साथ ही, पूरे इकोसिस्टम की जरूरतों को देखते हुए प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए चिप्स टू स्टार्टअप भी कार्यक्रम चल रहा है। आज देश की करीब 400 यूनिवर्सिटीज और स्टार्टअप्स को, आधुनिक डिजाइन टूल्स तक access दी गई है। इससे फिफ्टी फाइव से अधिक चिप्स का डिजाइन और निर्माण किया जा चुका है।

साथियों,

इंडस्ट्री एस्टीमेट्स के अनुसार, आज भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट करीब फिफ्टी बिलियन डॉलर, यानी करीब-करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपए का है। ये इस दशक के अंत तक सौ बिलियन डॉलर यानी नौ लाख करोड़ रुपए को पार कर सकता है। ये दिखाता है कि भारत में इस सेक्टर में कितनी ज्यादा संभावनाएं हैं। हमारा टारगेट अपनी ज़रूरतों की अधिक से अधिक चिप्स, भारत में ही बनाने का है। भारत के इस संकल्प को लेकर दुनियाभर के निवेशकों में जो उत्साह है, वो हमारे लिए बहुत बड़ी पूंजी है।

साथियों,

भारत एक सशक्त सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तो बना ही रहा है, साथ ही, रॉ मटीरियल की रिज़ीलियन्ट सप्लाई चेन के लिए भी बड़े प्रयास कर रहा है। पैक्स सिलिका में भारत का शामिल होना इसी प्रयास का ही एक हिस्सा है। दुनियाभर में जो हमारे पार्टनर्स हैं, उनके साथ मिलकर भारत में हम एक सुरक्षित सप्लाई चेन सुनिश्चित करना चाहते हैं।

साथियों,

क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता के लिए, भारत ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन भी शुरु किया है। इसके तहत, क्रिटिकल मिनरल्स की माइनिंग और प्रोडक्शन पर बल दिया जा रहा है। मिनरल्स की री-साइकलिंग के लिए भी 1500 करोड़ रुपए की स्कीम शुरु की गई है। इस वर्ष के बजट में, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरलम् जैसे कोस्टल स्टेट्स को मिलाकर रेयर अर्थ कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की गई है। ये कॉरिडोर,एक ऐसा Integrated नेटवर्क होगा, जो माइनिंग, रिफाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग की एक सशक्त चेन बनाएगा। हमारा प्रयास है कि देश में क्रिटिकल मिनरल्स का एक राष्ट्रीय भंडार हो। अच्छा होता कि, ये काम 30-40 वर्ष पहले शुरु होता। लेकिन अब भारत इसके लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है।

साथियों,

भारत का मानना है, 21वीं सदी का ये कालखंड, सिर्फ economic competition का समय नहीं है। ये फ्यूचर के tech landscape को शेप करने का समय है। इसलिए, मैं इस दशक को, इस डैकेड को, भारत का टैकेड कहता हूं। इस दशक में भारत, टेक्नॉलॉजी से जुड़े जो initiatives ले रहा है, वो आने वाले दशकों में भारत की लीडरशिप को सशक्त करेंगे। आप सभी, हाल में हुई AI impact summit की सफलता से परिचित हैं। अगर AI adoption के मामले में देखें, तो भारत दुनिया में सबसे आगे है। हम भारतीय, टेक को एक्सप्लोर करते हैं। डिजिटल इंडिया की सफलता, फिनटेक में हो रहा शानदार काम, ये technology पर भारतीयों के भरोसे को ही हम देख पाते हैं, उसे दिखाता है। और भारत का जो AI इकोसिस्टम है, उसको हमारे सेमीकंडक्टर सेक्टर के उभार से बहुत मदद मिलेगी।

साथियों,

21वीं सदी का भारत केवल बदलाव का साक्षी नहीं, बल्कि बदलाव का नेतृत्व करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।हमारी नीतियां और हमारे निर्णय, आने वाले दशकों की टेक्नोलॉजी और एनर्जी सेक्टोरिटी की मजबूत नींव रख रहे हैं। इसलिए आज भारत हर क्रिटिकल टेक्नॉलॉजी पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है, रिफॉर्म्स कर रहा है। हमने space sector को private players के लिए खोला है, IN-SPACe जैसी संस्थाएं बनाई गईं हैं। इसका परिणाम आज दिख रहा है। स्पेस से जुड़े हमारे स्टार्ट अप्स बहुत ही शानदार काम कर रहे हैं। इसी तरह, हाल में ही हमने Nuclear sector में SHANTI Bill जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। ये रीन्युएबल एनर्जी मिक्स में, न्यूक्लियर एनर्जी के हिस्से को बहुत अधिक बढ़ाने जा रहा है। ये हमारे AI फ्यूचर के लिए भी बहुत ज़रूरी है।

साथियों,

भारत क्वांटम कंप्यूटिंग को भी एक स्ट्रटीजिक एसेट मानकर, मिशन मोड पर काम कर रहा है। ये भारत के डिजिटल फ्यूचर को सशक्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। यानी भारत, आज टेक्नॉलॉजी के विकास और टेक्नॉलॉजी के यूज, दोनों ही मामलों में बहुत तेज़ी से काम कर रहा है। ये पूरी दुनिया के इन्वेस्टर्स के लिए बहुत बड़ा अवसर है। हम Ease of Doing Business, Ease of Manufacturing, Ease in Logistics, इस पर भी निरंतर काम कर रहे हैं।

साथियों,

मुझे विश्वास है, केन्स के इस प्लांट से निकलने वाले प्रोडक्ट factory of the world के रूप में भारत के सफर को और मज़बूती देंगे। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत बहुत धन्यवाद।