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ಕೆಲವು ದಿನಗಳ ಹಿಂದೆ, ಈ ಜನರು ಪಂಜಾಬ್‌ನಲ್ಲಿ ಉತ್ತರ ಪ್ರದೇಶದ ಜನರನ್ನು ಅವಮಾನಿಸಿದರು, ಅವರು ಚಪ್ಪಾಳೆ ತಟ್ಟುತ್ತಲೇ ಇದ್ದರು ಆದರೆ ಈ ರಾಜವಂಶಗಳು ಅದನ್ನು ಖಂಡಿಸಲಿಲ್ಲ: ಸಿಎಂ ಚನ್ನಿ ಅವರ ವಿವಾದಾತ್ಮಕ ಹೇಳಿಕೆಗೆ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಯುಪಿ ರಾಜ್ಯದಲ್ಲಿ ಭದ್ರತೆ, ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಮತ್ತು ಬೆಳವಣಿಗೆಯನ್ನು ತಂದ ಯೋಗಿ ಜಿ ಅವರನ್ನು ಮರಳಿ ಕರೆತರುತ್ತದೆ: ಉನ್ನಾವೊದಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ

 

हर हर गंगे!

हर हर गंगे!

हर हर महादेव!

जिह धत्ती पर भगवान ने दुइ-दुइ अवतार लये, 

उहि हरदोई का हमारो प्रणाम हई! 

भक्त प्रहलाद की धत्ती के सब लोगन के हम पाइं छुअत हइं।

आपका ये उत्साह, ये जोश, हम सभी के लिए बहुत बड़ा आशीर्वाद है। ये धरती शांडिल्य ऋषि की तपोस्थली है। हरदोई की पुण्य भूमि से होली जैसे पवित्र त्योहार का जुड़ाव हम सभी जानते हैं और मुझे पता है, इस बार हरदोई के लोगों ने, यूपी के लोगों ने दो बार रंगों वाली होली खेलने की तैयारी कर ली है। पहली होली 10 मार्च को भाजपा की बंपर जीत के साथ मनाई जाएगी। मनाएंगे न, मनाएंगे, लेकिन अगर होली 10 मार्च को धूम-धाम से मनानी है तो अभी तैयारी पोलिंग बूथ में करनी पड़ेगी, करोगे... एक-एक पोलिंग बूथ में करोगे,  घर-घर जाओगे, देखिए आप लोगों पर मेरा कोई हक है, मैं बता सकता हूं न आपको, मैं काम बता सकता हूं न आपको, क्योंकि शायद ही कोई ऐसा चुनाव होगा कि आपने न बुलाया हो और मैं आया न हूं। अगर आप के कहने पर मैं हाजिर हो जाता हूं, तो मेरे कहने पर आप बूथ में लग जाएंगे न, पक्का लग जाएंगे। आज तीसरे चरण में भी बिना बंटे, एकजुट होकर कमल के निशान पर भारी मतदान हो रहा है। अब तक जो खबरें मिली हैं बहुत उत्साहवर्धक हैं और आज यूपी के साथ-साथ पंजाब में भी वोट पड़ रहे हैं। वहां के लोग भी पंजाब के विकास, पंजाब की सुरक्षा और देश की अखंडता के लिए बड़ी संख्या में मतदान कर रहे हैं, भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। 

भाइयों-बहनों

यूपी में अगले चरणों की ज़िम्मेदारी भी आप लोगों ने ले रखी है। जो तुष्टिकरण की खतरनाक राजनीति में हमारे त्योहारों को रोकते थे, उन्हें यूपी की जनता का उत्तर 10 मार्च को मिल जाएगा। मिलेगा न, 10 मार्च को जवाब मिलेगा न।

साथियों,

हरदोई के लोग ये बात जानते हैं, अत्याचार, आतंक और छल कितने भी ताकतवर क्यों न हो जाएं, सच्चाई के आगे वो टिक नहीं सकते। आप याद करिए, पांच साल पहले माफियावादियों ने यूपी का क्या हाल बना दिया था? व्यापारियों को व्यापार करने में डर लगता था। राहजनी, छिनैती, लूट आम बात हो गई थी। लोग कहते थे, ‘दिया बरे’ घर लौट आओ। ये कहते थे कि नहीं कहते थे, ‘दिया बरे घर लौट आओ’, हरदोई वालों ने वो दिन देखे हैं, कैसे इन लोगों ने कट्टा और सट्टा, ये कट्टा और सट्टा वालों को खुली छूट दे रखी थी। हमारी माताएं परेशान रहती थीं कि बेटे-बेटी घर से निकले हैं तो शाम को सुरक्षित घर लौट आएं, कोई दुर्घटना उनके साथ न हो जाए। अपराधियों को इन घोर परिवारवादियों की सरकार का पूरा संरक्षण होता था। लेकिन हरदोई की जनता देख रही है कि आज कैसे सबका हिसाब हो रहा है, हिसाब हो रहा है कि नहीं, बराबर ठीक हो रहा है न, माफिया अपराधी, खुद जमानत रद्द करवाकर जेल के भीतर पहुंचे हुए हैं।

भाइयों बहनों,

बुरी तरह चुनाव हार रहे ये घोर-परिवारवादी अब जात-पात के नाम पर जहर फैलाएंगे। लेकिन आपको केवल एक ही बात याद रखनी है, एक ही मंत्र, यूपी का विकास-विकास-विकास, देश का विकास-विकास-विकास। ये वो लोग हैं जो कुर्सी के लिए अपने परिवार से भी सबसे लड़ जाते हैं, इसलिए ये घोर परिवारवादी, किसी जाति या समाज के लिए भी नहीं हो सकते।

साथियों,

यूपी में आपने जिस डबल इंजन की सरकार को आशीर्वाद दिया है, वो किसी एक खानदान की सरकार नहीं है। कोई कह सकता है क्या, यूपी में खानदान की सरकार है, कोई कह सकता है दिल्ली में भारत की सरकार कोई खानदान की सरकार है, कोई कह सकता है क्या, ये गरीब, किसान-नौजवानों की सरकार है। हमने पांच साल आपके लिए जी- तोड़ मेहनत की है। लेकिन मुझे इस बात का अफसोस है कि 2014 से लेकर 2017 के बीच, यूपी में इन परिवारवादियों ने एक भी काम में मेरा साथ नहीं दिया भाइयों। मुझे बताइए यूपी का मैं सांसद हूं, यूपी के लोगों की मदद से मैं प्रधानमंत्री बन गया और मैं यूपी के लोगों के लिए कोई काम करूं और लखनऊ इनकी सरकार बैठी थी। 2017 तक मुझे कोई काम नहीं करने दिया भाइयों-बहनों।.ऐसे लोगों को फिर से अगर लाओगे, तो मुझे काम करने देंगे क्या, जरा पूरी ताकत से बताओ न, मुझे काम करने देंगे क्या। आपका भला करने देंगे, क्या माताओं और बहनों की सेवा करने देंगे क्या, नौजवानों के लिए काम करने देंगे क्या। तो ऐसे लोगों को आने देना है क्या, आने देना है क्या। पक्का! इन लोगों ने ठान लिया था कि यूपी में विकास का कोई काम केंद्र सरकार को करने ही देंगे। अरे इतने शर्माते थे, इतने शर्माते थे। शायद भीतर से इतने कांपते थे कि मैं यहां कार्यक्रम करता था तो वे यहां मंच पर भी नहीं आते थे। एयरपोर्ट से ही भाग जाते थे। इनको डर लगता था कि अगर मुझसे कुछ पूछ लेंगे और मैं जवाब नहीं दे पाउंगा तो क्या होगा। 

साथियों, 

यूपी में गरीब के लिए काम तब शुरू हुआ, जब 2017 में आपने यहां डबल इंजन की सरकार बनाई। इन पांच सालों में हमने हरदोई के करीब 7O हजार गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास दिए। ये आंकड़ा याद रहेगा आपको, आंकड़ा याद रहेगा। मैं आप लोगों से बात कर रहा हूं भाई, ये आंकड़ा याद रहेगा। हरदोई में हमने आकर के योगी जी की सरकार बनने के बाद, 70 हजार गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए। लेकिन इनके समय में हरदोई में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शायद मुश्किल से आप ऊंगली पर गिन सको इतने भी घर नहीं बनाए थे। क्या ये गरीब का भला हुआ था क्या, हमने गरीब का भला किया की नहीं किया। गरीब को पक्का घर मिला मतलब नई जिंदगी मिली की न मिली। इनके समय में शौचालय बने, गरीब के लिए शौचालय बने, केवल 34 (चौंतीस हजार) हजार! योगी जी के आने के बाद कितने शौचालय बने, उनके जमाने में 34 हजार और योगीजी के जमाने में 5 लाख, ये पैसा कहां जाता था भाई, योगी जी के समय शौचालय बनता था हिसाब लिया जाता था , उनके जमाने में 34 हजार शौचायल बने, बाकि क्या हुआ ये तो आपको पोलिंग बूथ पर जाकर बताना पड़ेगा। इसी तरह, योगी जी की सरकार आई तब हम पूरे प्रदेश में गरीब बहनों के लिए उज्ज्वला सिलेंडर दे पाये। गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की सुविधा दे पाये। योगी जी की सरकार ने अभियान चलाकर बिजली को हर घर गरीब के घर तक पहुंचाया, नए बिजली कनेक्शन दिये गए हैं। गांव-गांव बिजली पहुंची है।

लेकिन भाइयों बहनों,

जिन्होंने तब आपके घरों को अंधेरे में रखा, सिर्फ अपना घर रौशन किया वो आज आपसे झूठे वायदे कर रहे हैं। आप याद करिए, इनके समय में आपके गांवों में दिन में कितने घंटे बिजली आती थी? याद करिए, हफ्ते में दिन में कितने घंटे बिजली आती थी? हफ्ते में कितने घंटे बिजली आती थी। मुझे बराबर याद है,  उत्तर प्रदेश में बिजली आती थी तो खबर बन जाती थी एक जमाने में, बिजली का जाना स्वाभाविक था। जैसे घर में साल में एक दो बार मेहमान आ जाएं वैसे बिजली यहां मेहमान की तरह आती थी। ये भी याद करिए कि एक बार अगर ट्रांसफॉर्मर जल जाता था, तो कितने लग जाते थे और कितने बाबुओं के पैर पकड़ने पड़ते थे और पता नहीं कितनी-कितनी दक्षिणा देनी पड़ती थी, कितना प्रसाद चढ़ाना पड़ता था। तब जाकर ट्रांसफॉर्मर रिपेयर होता था। ये घोर परिवारवादी, आपको बिजली नहीं, बिजली का झटका देने के लिए तैयार बैठे हैं। जिनके काले कारनामे ही अंधेरे में फलते-फूलते हों, वो परिवारवादी कभी भी प्रदेश को उजाला नहीं दे सकते। 

साथियों,

माफियावादियों की सरकार में एक बड़ा गोरखधंधा धंधा जमीन पर अवैध कब्जों का भी चलता था। इनके नेताओं के गुर्गे किसी भी जमीन पर अपना कब्जा समझने लगते थे। लेकिन, डबल इंजन की सरकार ने इनके इस धंधे का शटर भी गिरा दिया है। स्वामित्व योजना के तहत हम गांव में ड्रोन के जरिए ज़मीनों का लेखा-जोखा तैयार करवा रहे हैं। आसमान से जमीन की नपाई हो रही है, और जमीन के मालिक को मालिकाना दिया जा रहा है, प्रॉपर्टी कार्ड दिए जा रहे हैं। यानी, दबंगई और कब्जे का खेल खत्म! यूपी में हमारी सरकार 23 लाख से ज्यादा लोगों को प्रॉपर्टी का कार्ड दे चुकी है। और ये काम आगे भी चलने वाला है। योगी जी सरकार में वापसी के बाद इस अभियान को बहुत तेज किया जाएगा।

भाइयों-बहनों,

वंशवादी, परिवारवादी, भ्रष्टाचार में लिप्त लोग, तुष्टीकरण की राह पर चलने वाले लोग कभी भी गरीब का भला नहीं कर सकते। आप देखिए, कोरोना की इतनी बड़ी वैश्विक महामारी आई। हमने किसी भी गरीब को भूखे नहीं सोने दिया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के जरिए हर गरीब को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। पूरी दुनिया में इतनी बड़ी महामारी आई, लेकिन भाइयों-बहनों मैने कभी मेरे गरीब परीवार को भूखा सोने नहीं दिया है, गरीब के घर का चूल्हा जलता रहे इसके लिए दिन रात काम किया है, भाइयों-बहनों ये बातें टीवी पर आती हो या न आती हो, अखबार में छपती हों या न छपती हो, लेकिन जब सच्चे मन से, पवित्र मन से और पूरे संकल्प के साथ, सिर्फ और सिर्फ सेवा भाव से काम करते हैं न, तो गरीब के दिलों में जगह बन जाती है। मैं कल सोशल मीडिया में एक वीडियो देख रहा था। और मेरा मन करता है कि मैं वह बताऊं कि मैंने क्या देखा, मैं चाहता हूं कि आपके सामने खास कर मेरे उत्तर प्रदेश के भाइयों के सामने, ये बात मेरे दिल को छू गई है इसलिए चाहता हूं। जो वीडियो मेरे पास पहुंचा उसमें एक बहुत ही गरीब बुजुर्ग महिला और मैं देख कर कह सकता हूं कि उस मां को कभी स्कूल में जाकर पढ़ाई करने का सौभाग्य नहीं मिला होगा। ऐसी एक गरीब मां, आज कल जाते हैं न हमारे मित्र सारे, ऐसे कोई पहुंच गया इंटरव्यू करने के लिए, उस गरीब मां को क्या मालूम, वो आकर खड़ा हो गया। उसने ऐसे ही उस बुजुर्ग मां से पूछा कि आपके यहां चुनाव कब है? उस मां ने सही तारीख बताई कि फलानी तारीख को हमारे यहां चुनाव है। लेकिन उसने साथ-साथ ये भी कह दिया, उन्होंने कहा चुनाव है फलानी तारीख को और हमने नमक खाया है, धोखा नहीं देंगे। एक गरीब बुजुर्ग अनपढ़ मां, उस बुजुर्ग महिला से फिर पूछा कि किसका नमक खाया है, किसे धोखा नहीं देंगी? तो उस मां ने कहा- मोदी का नमक खाया है। उस बुजुर्ग महिला के साथ उनके बुजुर्ग पति भी बैठे थे। उन्होंने भी उस मां ने जो कहा उसको समर्थन दिया, हां में हां मिलाई। फिर उस बुजर्ग महिला से पूछा गया कि मोदी ने ऐसा क्या किया?

साथियों, 

उस गरीब बुजुर्ग मां ने जो उत्तर दिया, ये उत्तर मैं कभी भूल नहीं सकता। उस महिला ने कहा-मोदी राशन दओ हमे। दुबारा कहा उस मां ने- मोदी राशन दओ हमे।

भाइयों और बहनों, 

फिर बाद में उस महिला ने बताया कि कितना राशन उनके परिवार को मुफ्त मिल रहा है। ये मेरा सौभाग्य है कि वो बूढ़ी गरीब मां, जो कभी मुझे मिली नहीं है, वो मां मुझे इतना आशीर्वाद दे रही थी। जब इतनी माताएं-बहनें मुझे आशीर्वाद दे रही हो, तो भाइयों -बहनों काम करने का मेरा हौसला बढ़ेगा कि नहीं बढ़ेगा। मैं ज्यादा से ज्यादा काम करूंगा कि नहीं करूंगा, हर नागरिक के लिए करूंगा कि नहीं करूंगा, माताओं और बहनों के लिए करूंगा कि नहीं करूंगा, नौजवान के लिए करूंगा कि नहीं करूंगा। आप जब इतना आशीर्वाद देते हो तो ये जिंदगी किस काम की। भाइयों-बहनों ये आपके लिए है। आपका ये प्यार मेरे सर आंखों पर दोस्तों, आपका प्यार सिर आंखों पर, दिल्ली के सत्ता के जिन गलियारों में ज्यादातर समय अमीरों और परिवारवादियों का कब्जा रहा, वहां आज आप सबने एक गरीब मां के बेटे को सेवा के लिए बैठाया है। साथियों दिल्ली में बैठ कर आपके इस प्यार की ताकत को मैं भी नहीं समझ सकता। इतना प्यार ...इतना प्यार, शायद दोस्तों आज के युग में इतने टीवी-मीडिया का जमाना हो, भांति-भांति की बातें चलती हो, उसके बाद भी जनता-जनार्दन जब इतना आशीर्वाद देती है तो भगवान के बराबर होता है। मैं जानता हूं कि महामारी के समय में मुफ्त राशन की योजना ने गरीबों की कितनी बड़ी सेवा की है। यूपी के गांव-गांव में इस तरह की चर्चा के मुझे कई संदेश मिले हैं जहां लोग यही कह रहे हैं कि हमने मोदी का नमन खाया है, हम मोदी को धोखा नहीं देंगे। लेकिन साथियों, मैं ये भी कहूंगा- हम सबने, मेरी ये बात ज्यादा याद रखिएगा, हम सबने मां भारती का नमक खाया है, हिंदुस्तान का नमक खाया है। हम सबका परिश्रम हिंदुस्तान के लिए होना चाहिए, मां भारती के लिए होना चाहिए। हमारे देश के लिए होना चाहिए। हम सबका लक्ष्य होना चाहिए कि गरीब के जीवन से हम मुश्किलें जल्द से जल्द कम कैसे करेंगे। 

साथियों,

जब गरीब की चिंता हो, तो गरीब का कल्याण सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। यही काम हमने कोरोना के टीके के लिए भी किया। गरीब, दलित, वंचित, पिछड़ा, किसी को भी ये नहीं सोचना पड़ा कि अमीर को कोरोना का टीका तो लग जाएगा, हम गरीब क्या करेंगे? ये उसको कभी सोचना नहीं पड़ा। भाइयों-बहनों आप सभी का टीका लगा है, जरा हाथ ऊपर कर के बताइए आप सबका टीका लगा है। आपका एक पैसे का खर्चा हुआ है, मुझे बताइए पहले की सरकारें होतीं तो ऊपर के लोगों को टीका लगता , लेकिन गरीब के घर टीका पहुंचते-पहुंचते, 10-10 साल 20-20 साल लग जाते। 

भाइयों-बहनों, 

लेकिन मैंने घर-घर टीका पहुंचा दिया,  हमने टीका लगाकर हिंदुस्तान के हर भाई-बहनों को गरीब से गरीब को भी सुरक्षा का कवच दिया है। लेकिन याद करिए, उस मुश्किल समय में ये घोर परिवारवादी, ये जो आपका आशीवार्द पचा नहीं सकते हैं, ये लोग क्या कर रहे थे? ये लोग भारत में बनी वैक्सीन को बदनाम करने के लिए भांति-भांति की अफवाहें चला रहे थे, भ्रम फैला रहे थे, लोगों को डरा रहे थे, ये लोग चाहते थे कि गरीब टीके से वंचित रह जाए, उसका जीवन खतरे में पड़ जाए। आज आपका व्यापार, धंधा, रोजगार फिर से पटरी पर लौट रहा है, तो ये वैक्सीन की वजह से ही तो संभव हो रहा है। यहीं ये लोग इस भली बात को पहचान नहीं पाते, पचा नहीं पाते, ये चाहते हैं कि लोग वंचित रह जाएं, दुखी रह जाएं। 

भाइयों बहनों,

पहले की सरकारों की गलत नीतियों का खामियाजा यहां के किसानों को भी भुगतना पड़ा है। पहले की सरकार में गेहूं की खरीद नहीं होती थी। गन्ने का भुगतान नहीं होता था। लेकिन इन पांच सालों में यूपी में गेहूं की रेकॉर्ड खरीद हुई है। किसान सम्मान निधि का पैसा भी सीधे किसानों के खातों में पहुंच रहा है। मैं मेरे छोटे किसानों के लिए नई नई योजना लेकर आता हूं, ताकि एक बार छोटा किसान आत्मनिर्भर बन जाए, तो मेरा छोटा किसान गांव से गरीबी को भगाने में मेरा बहुत बड़ा सिपाही बनने वाला है। गन्ने का भी जितना भुगतान योगी जी सरकार ने किया है, उतना सपा-बसपा, दोनों ही सरकारों के 10 साल में नहीं हुआ था। बल्कि पिछली सरकारों में तो प्रदेश की 21 चीनी मिलें बंद हो गईं थीं। इन्हें एक और मौका मिल जाता तो ये हरदोई की चीनी मिलों पर भी अलीगढ़ का ताला डलवा देते। लेकिन हरदोई के लोग समझदार हैं। इसलिए इनका खेल चलने नहीं दिया। अच्छा हुआ, आपने पहले ही इनकी फैमिली इंडस्ट्री पर ताला डाल दिया।

साथियों,

पहले की सरकारों में काम केवल कागजों पर होता था, और भुगतना यूपी को पड़ता था। लेकिन अब विकास होता भी है, और जनता तक पहुंचता भी है। आज हरदोई के पास अपना एक मेडिकल कॉलेज है। और ये मेरा सौभाग्य है इस मेडिकल कॉलेज के लोकार्पण का आपने मुझे अवसर दिया। बगल में शाहजहाँपुर में भी एक मेडिकल कॉलेज है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक, ये क्षेत्र हर दिशा में आगे बढ़ रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी सौगात हरदोई और इस पूरे इलाके को मिली है। यहाँ का हथकरघा उद्योग, यहाँ के कुटीर उद्योग, यहां के व्यापारी सबको छोटा-मोटा सहारा मिला है, लाभ मिला है। 

साथियों, 

आज मैं हरदोई से एक और महत्वपूर्ण विषय पर आपसे बात करना चाहता हूं। और मैं चाहूंगा सिर्फ आप ही नहीं, अगर टीवी पर कोई मेरा भाषण सुन रहा है। मैं देशवासियों को मैं कहना हूं, मैं गंभीर विषय की यहां से चर्चा करना चाहता हूं। आप भी मेरी बात को गौर से सुनिए, मेरे देशावसियों मैं विस्तार से एक बात आपको बताना चाहता हूं। ये ऐसा विषय है, जिससे सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि पूरा देश प्रभावित होता है। ये ऐसा विषय है-आतंकवाद। पिछले अनेक दशकों से हमारा देश, आतंकवाद का कहर झेलता रहा है। जेहादी संगठनों की कुदृष्टि हमारी धरती, हमारी संस्कृति और हम भारत के लोगों पर रही है। और हम-आप सभी जानते हैं कि जब आतंकी हमला होता है, आतंकवाद बढ़ता है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान गरीब को और मध्यम वर्ग को, उन्हीं को उठाना पड़ता है, उन्हीं को निभाना पड़ता है। जब आतंकी हमला होता है तो सामान्य मानवी की जिंदगी प्रभावित होती है, व्यापार-कारोबार प्रभावित होता है, पर्यटन ठप पड़ जाता है। आपको याद होगा, एक समय था जब हर कुछ सप्ताह के बाद देश में बड़े बम धमाके होते थे, सीरियल ब्लास्ट होते थे। कभी मुंबई में बम फूटता था तो कुछ दिनों के बाद मुंबई में बम फूटता था। थोड़े दिन बाद जयपुर में बम फूटता था, फिर थोड़े दिने के बाद बेंगलुरू में बम फूटता था, फिर थोड़े दिन बाद हैदराबाद में बम फूटता था, फिर गुवाहाटी में बम फूटता था, कभी लुधियाना, कभी अगरतला, कभी इंफाल, हिंदुस्तान में कितने ही शहर उस दौरान बम धमाकों से धर्राए, कितने ही निर्दोष नागरिक उन हमलों में मारे गए। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, वहां की सेवा कर रहा था, तो उस दौरान अमदाबाद में भी सीरियल बम धमाके हुए थे। उनका षडयंत्र तो और शहरों में भी था, मैं उस दिन को कभी भूल नहीं सकता हूं साथियों और उसी दिन जो लोग इन धमाकों में मारे गए थे, धरती खून से लाल हो चुकी थी, माताओं और बहनों के आंसू रूकते नहीं थे, मैने उस रक्त से गीली हुई मिट्टी को उठा करके मैं संकल्प लिया था कि मेरी सरकार इन आतंकवादियों को पाताल से भी खोजकर सजा देगी।

साथियों, 

आपने देखा है, कुछ दिन पहले ही अमदाबाद बम धमाके के दोषियों को सजा मिली है। जो हम भारतीयों को तबाह करना चाहते थे, उन्हें अदालत ने सजा सुनाई है। अनेक आतंकवादियों को फांसी की सजा भी मिली है दोस्तों। आज मैं विशेष तौर पर इसका जिक्र इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि कुछ राजनीतिक दल, ऐसे ही आतंकवादियों के प्रति मेहरबान रहे हैं। ये राजनीतिक दल, वोट बैंक के स्वार्थ में, आतंकवाद को लेकर नरमी बरतते रहे हैं। ये देश की सुरक्षा के लिए बहुत खतरे की बात है, इसलिए हर देशवासी को इसके बारे में जरूर जानना चाहिए।

साथियों, 

गुजरात में बम धमाके हुए कभी आपने सुना नहीं होगा, इस बम धमाके कैसे किए गए थे, दो प्रकार के धमाके किए गए थे, पहले शहर में एक साथ 50-60 जगह धमाके, उसके दो घंटे के बाद अस्पताल में एक गाड़ी रखी थी, उसमें बड़ा धमाका, ताकि इन लोगों को जब अस्पताल में लेकर आए, इनके रिश्तेदार आएं, अफसर आएं, नेता आएं। तब कार धमाका करेंगे। अस्पताल में अंदर शायद ही आतंकियों ने कभी धमाका किया होगा, उसमें भी काफी लोग मारे गए। लेकिन इन्होंने क्या किया, यहां समाजवादी पार्टी का जो चुनाव सिंबल है ना, उनका चुनाव का जो निशान है, तो शुरू में जो बम धमाके हुए, वे सारे के सारे धमाके उन्होंने बम साइकिल पर रखे हुए थे, आप देखिए जहां लोग सब्जी वैगरह खरीदने आते हैं वहां साइकिल पार्क करके चले गए थे और एक समय में चारो तरफ साइकिलों पर रखे ये सारे बम फूटे। मैं हैरान हूं, ये उन्होंने साइकिल को उन्होंने क्यों पसंद किया। यहां उत्तर प्रदेश में साथियों 2006 में काशी में बम धमाका हुआ था। संकट मोचन मंदिर में भी धमाका किया गया था। वहां के कैंट रेलवे स्टेशन पर भी हमला किया गया था। तब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। जब 2013 में समाजवादी पार्टी की सरकार फिर से सत्ता में आई, तो इन लोगों ने शमीम अहमद नाम के आरोपी पर चल रहे बम धमाकों के मुकदमों को वापस लेने का फैसला लिया था। भाइयों बहनों क्या ये आपको मंजूर है, जिन्होंने काशी में बम धमाके किए उनसे केस वापस लेने का निर्णय उचित था क्या, ऐसे लोगों को आप मौका देंगे तो ये अपनी वारदातें करेंगे की नहीं करेंगे। ऐसे ही आपको याद होगा, 2007 में गोरखपुर में आतंकी हमला हुआ था। 2013 में समाजवादी सरकार ने तारिक कासमी नाम के आरोपी से केस वापस ले लिया था। लेकिन अदालत ने मना किया, केस चला और फिर परिणाम क्या आया, 20 साल की सजा हुई दोस्तों, 20 साल की सजा। उसको वो बचाना चाहते थे। ऐसे ही 2007 में लखनऊ, अयोध्या के कोर्ट परिसर में बम धमाके हुए थे। 2013 में समाजवादी सरकार ने फिर आतंकी पर चल रहा मुकदमा वापस ले लिया था। लेकिन इस मामले में भी अदालत ने समाजवादी सरकार की साजिश नहीं चलने दी और उस आतंकी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

साथियों, 

आप कल्पना कर सकते हैं। ऐसे ही यूपी में एक दो नहीं आतंकी हमलों के 14 मुकदमों में समाजवादी सरकार ने बहुत सारे आतंकवादियों से मुकदमे वापस लेने का फरमान सुना दिया था, आप बताइए आतंकियों पर रहम करना ठीक है, ऐसे लोगों को बचाना ठीक है क्या, ये लोग विस्फोट कर रहे थे, धमाके कर रहे थे और समाजवादी पार्टी सरकार इन आतंकवादियों पर मुकदमा तक नहीं चलने दे रही थी। आतंकवादियों को केस वापसी का रिटर्न गिफ्ट दिया जा रहा था। इतना ही नहीं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं का रवैया, और भी खतरनाक रहा है। ये लोग ओसामा जैसे आतंकवादी को जी कहकर बुलाते हैं। ये लोग बाटला हाउस एनकाउंटर में आतंकवादियों के सफाए पर आंसू बहाते हैं। ये लोग किसी दिन भारतीय सेना का अपमान करते हैं, किसी दिन पुलिस को बेइज्जत करते हैं। जबकि हमारी सरकार ने National War Memorial और National Police Memorial बनाया है। हम हर शहीद का सम्मान करते हैं।

इतने वर्षों तक मैं इसलिए चुप रहा क्योंकि अमदाबाद ब्लास्ट केस की सुनवाई चल रही थी। आज जब अदालत ने आतंकियों को सजा सुना दी है, तो मैं अब विषय को देश के सामने उठा रहा हूं। और मैं आज गुजरात पुलिस की भी प्रशंसा करूंगा कि उसके प्रयासों से आतंकियों के कई मॉड्यूल्स का खात्मा हुआ है। मैं चाहता हूं मैं आज विशेष रूप से जो लोग अपने आप को बुद्धिजीवी कहते हैं, जो लोग मीडिया में अपना कर्तव्य भाव समझते हैं, जिनसे हम आशा कर सकते हैं,  जिनसे हम आशा नहीं करते, उनसे प्रार्थना भी नहीं करते , उनका समय हम बर्बाद करना नहीं चाहते। लेकिन बहुत लोग हैं जिनसे देश आशा कर सकता है, देश उनपर भरोसा कर सकता है।   इसलिए मैं ऐसे मीडिया हाउसेस को, मैं ऐसे अखबार वालों और ऐसे लेखनी लिखने वालों से आग्रह करूंगा कि इसे देश के सामने ऐसे तथ्यों को उजागर किया जाए। अब अदालत ने जब न्याय दे दिया है तो देश के लोगों के सामने पर्दे के पीछे की बातें खोज कर लाना पहुंचाना, मुझे विश्वास है कि अगर चुनाव की आपाधापी न होती, तो ये अहमदाबाद की अदालत का जो फैसला है हफ्तों तक चलता, मैं चाहता हूं कि ये सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए देश को जागृत करने का काम सिर्फ राजनीतिक दलों का नहीं है। हम सबका है इसलिए मैं विशेष रूप से मीडिया की चुप्पी सी चल रही है, मैं उनसे कहता हूं कि जी खोल कर के सच्चाई देश के सामने लाइए और देश की रक्षा में सहायक बनिए। 

भाइयों-बहनों  

हमें ऐसे लोगों से, ऐसे राजनीतिक दलों से हमेशा सतर्क रहना है। ये लोग कुर्सी के लिए, अपने स्वार्थ के लिए, देश को भी दांव पर लगा देते हैं, देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर देते हैं।

साथियों, 

यूपी का तेज विकास सबसे प्रयास से ही हो सकता है। इसलिए मैं हमेशा कहता हूं सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। सबका प्रयास होना चाहिए की नहीं, जरा जोर से बोलिए सबका प्रयास होना चाहिए की नहीं। हर किसी ने प्रयास करना चाहिए की नहीं करना चाहिए, इसलिए 23 तारीख को कमल के वटन पर वोट करना सबके प्रयास का हिस्सा है। सुबह जल्दी जल्दी निकलोगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान करोगे, ऐसा तो नहीं होता न अरे मोदी जी तो हर बार आते हैं, इस बार आए, बड़ी जोरदार सभा कर दी, बड़ा मजा आया, चलो अब तो जीत जाएंगे, चलो सो जाते हैं। ऐसा तो नहीं करेगें न, घर-घर जाएंगे, एक-एक मतदाता को मिलेंगे, हर मतदाता को हमारी बात पहुंचाएंगे। और मोदी जी ने प्रार्थना की वोट देने की वो करेंगे, मेरे नाम से प्रार्थना पहुंचाओगे।  देखिए मेरे उत्तर प्रदेश के मतदाताओं, मेरे क्षेत्र के मतदाताओं को प्रणाम करके मेरी बात पहुंचाइए, मोदी जी ने संदेश भेजा है, आप भारत के भविष्य के लिए, उत्तर प्रदेश के भविष्य के लिए, अपने बच्चों के भविष्य के लिए कमल के निशान पर वोट दीजिए। घर-घर पहुंचिए दोस्तों अभी भी आपके पास 2-3 दिन का समय है, पूरी ताकत लगा दीजिए।  

याद रखना है, पहले मतदान, फिर जलपान!

पहले मतदान, फिर जलपान!

बोलिए मेरे साथ

भारत माता की जय।

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PM calls on President
November 26, 2022
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The Prime Minister, Shri Narendra Modi has called on the President of India, Smt Droupadi Murmu.

Prime Minister's office tweeted;

"PM @narendramodi called on Rashtrapati Droupadi Murmu Ji earlier today."