Beware of Congress-AIUDF 'Mahajoth' as it's 'Mahajhoot': PM Modi in Assam

Published By : Admin | March 24, 2021 | 15:04 IST
Congress' hand is with those who are set to destroy the identity of Assam: PM Modi on Congress alliance with AIUDF
I can assure you that the decisions we have taken for Tea Garden workers will be implemented as soon as the NDA govt is formed again: PM Modi
Satras and Namghars of Assam which were captured by illegal immigrants during Congress rule are now free from encroachments: PM Modi in Bihpuria
In five years, we've already built 8 medical colleges. This will provide you better medical care & opportunities to our youth studying medicine: PM Modi in Assam
Beware of Congress-AIUDF 'Mahajoth' as it's 'Mahajhoot': PM Narendra Modi in Assam

भारत माता की… 

भारत माता की…

कुमरिग-छुडुङ, रैगाम

मोगोने दाखिया छुइना? मोगने छुइना

मोगने छुइना?

जिस प्रकार का उत्साह मैं देख रहा हूं, वो डबल इंजन की सरकार के प्रति आपका ये उत्साह, आपका ये विश्वास चरमसीमा पर देख रहा हूं। मैं दूर-दूर लोगों को देख रहा हूं, मुंड ही मुंड नजर आ रहे हैं, लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। और मैं उधर देख रहा हूं, ऐसा लग रहा है वहां दूसरी पब्लिक मीटिंग चल रही है। ये जो दीवार बनाई हुई है दीवार के पीछे इतनी बड़ी तादाद में लोग सुन रहे हैं। मुझे पता नहीं उनको सुनाई देता होगा कि नहीं, लेकिन इतनी बड़ी तादाद में वहां भी लोग खड़े हैं। मैं आप सब को प्रणाम करता हूं। आप आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी तादाद में आए, और मैं देख रहा हूं असम के हर कोने में जो मिजाज है, जो मूड है, जो उत्साह है लखीमपुर भी इससे अछूता नहीं है। 

भाइयो और बहनो,

महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव जी के पद्चिन्ह जहां पड़े हैं, जहां श्री श्री माधवदेव जी ने जन्म लिया है, ऐसी पावन धरती को मैं सर झुका कर के वंदन करता हूं। लेटेकु पुखुरी यहां से ज्यादा दूर नहीं है। आप सभी के पास अध्यात्म की, आस्था की एक बहुत समृद्ध धरोहर है। भारत रत्न डॉक्टर भूपेन हज़ारिका जी ने हमारी संस्कृति के इन दोनों साधकों के लिए कहा था-

शंकर-माधवर महा महा सृष्टिरे,

उज्ज्वल लुइतरे पार

महाबाहो ब्रह्मपुत्र के कोने-कोने को इन दोनों संत आत्माओं ने प्रकाशित किया है। बीजेपी सरकार का ये सौभाग्य है कि असम की संस्कृति को समृद्ध करने वाले इन महापुरुषों को, उन महापुरुषों की परंपरा को आने वाली पीढ़ियों के लिए जन-जन तक पहुंचाने का, बढ़ाने का हमें अवसर मिला है। कोरोना की मुश्किल परिस्थिति को जिस प्रकार यहां की सरकार ने संभाला है, भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जिस सेवा भाव से काम किया है, जिस प्रकार गरीब से गरीब की सहायता की है, ये संस्कार श्रीमंत शंकरदेव की संत परंपरा से ही मिलते हैं।

भाइयो और बहनो, 

कांग्रेस के लंबे कालखंड में जिन सत्रों, जिन नामघरों को अवैध कब्जाधारियों के हवाले किया गया था, उनको आज मुक्त किया गया है। ये हम सभी के लिए कितने कष्ट का कारण था कि ‘बताद्रवा थान’ उसको भी इन्होंने नहीं छोड़ा था। इन पवित्र स्थानों की सुरक्षा के लिए कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। उनको सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में रस था न कि हमारे सत्र बचाने में रस था। मैं असम सरकार को बधाई दूंगा कि उन्होंने ज़मीन से जुड़े कानून में संशोधन करके, बारपेटा, दखिनपट, पटेकिबोरी, ऐसे अनके सत्रों को अवैध कब्ज़े से मुक्त कराया है।

साथियो, 

एनएडीए सरकार की प्रतिबद्धता है कि बताद्रवा थान में एक बड़ा संस्थान बने। श्री श्री माधवदेव कलाक्षेत्र के लिए भी काम किया जा रहा है। श्री माधवदेव यूनिवर्सिटी के लिए काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। सिवसागर को देश की 5 महान धरोहरों में शामिल करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। यहां की कला, यहां का क्राफ्ट, संस्कृति से जुड़ी हर धरोहर को संजोने और संवारने के लिए काम किया जा रहा है। असम की शान काज़ीरंगा को भी कांग्रेस के पाले-पोसे कब्ज़ाधारियों से मुक्त किया गया है। घुसपैठ को रोकने के लिए ढूबरी के बॉर्डर को सील किया जा चुका है। जो हिस्सा बाकी रह गया है उसको सील करने का काम तेज गति से चल रहा है।  

भाइयो और बहनो,

आज जब असम को हिंसा, आतंक, घुसपैठ, अराजकता और अवैध कब्जों से मुक्ति मिल रही है। आज जब असम में विकास के सेतु बन रहे हैं। आज जब असम में विश्वास के सेतु मजबूत हो रहे हैं। आज जब असम में अध्यात्म और आस्था के सेतु हमें नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। तब असम को बहुत सावधान रहने की ज़रूरत है। मैं आपको जगाने आया हूं। कांग्रेस का हाथ आज ऐसे लोगों के साथ है, जिसका आधार है असम की पहचान को तबाह करना। क्या आप होने देंगे? पूरी ताकत से जवाब दीजिए होने देंगे? ये होने देंगे? बर्बाद होने देंगे? आपकी संस्कृति परंपरा को नष्ट होने देंगे? यहां के जीवन प्रथा को नष्ट होने देंगे? भाइयों-बहनों जो दल घुसपैठ पर ही फला-फूला हो, आज उसके वोट बैंक पर कांग्रेस असम की सत्ता हथियाना चाहती है। क्या ऐसे लोगों के हाथ में असम की सरकार की चाबी देनी चाहिए क्या? देनी चाहिए क्या? जो दल असम के मूल निवासियों के साथ भेदभाव का प्रतीक रहा हो, कांग्रेस आज उसके हाथ में असम को सौंपने की बात कर रही है। कांग्रेस वोट के लिए कुछ भी कर सकती है, किसी का भी साथ ले सकती है, और जरूरत पड़ने पर किसी को धोखा भी दे सकती है। यहां लखीमपुर में जिन वामपंथियों, जिन लेफ्ट के लोगों के साथ कांग्रेस मिल रही है, इन्हीं वाम वालों को इन्हीं लेफ्ट वालों को ये कांग्रेस वाले केरल में जाकर गालियां दे रहे हैं। यहां दोस्ती कर रहे हैं वहां कुश्ती कर रहे हैं। आपको याद रखना है, ये कांग्रेस का महाजोत नहीं, ये कांग्रेस का महाझूठ है! कांग्रेस का ऐसा महाझूठ- जिसका ना विचार है, ना संस्कार है। कांग्रेस का ऐसा महाझूठ- जिसके पास ना नेता है, ना नीति है। कांग्रेस का ऐसा महाझूठ- जो सिर्फ और सिर्फ घुसपैठ की, लूट की गारंटी देता है। ऐसा महाझूठ जो हमारे सत्रों-नामघरों-अभ्यारण्यों में अवैध कब्जे की गारंटी देता है। कांग्रेस का ऐसा महाझूठ जो अवैध शिकार की और करप्शन की गारंटी दे सकता है। ये कांग्रेस का एक ऐसा महाझूठ है- जो अपनी सत्ता के लिए असम के गौरव को, असम की चाय तक को पूरी दुनिया में बदनाम कर सकता है।

साथियो,

कांग्रेस के विश्वासघात के सबसे बड़े पीड़ित, असम के टी गार्डन्स में काम करने वाले हमारे मजदूर भाई-बहन हैं। दशकों तक कांग्रेस ने टी-गार्डन्स में काम करने वाले साथियों के लिए कुछ नहीं किया। 15 साल के शासन में ये लोग Tea Workers की मज़दूरी को बड़ा, बड़ा. बड़ा बढ़ाने के नाटक कर के 100 रुपए के ऊपर भी नहीं ले जा पाए थे, 100 रुपये पर आ कर के अटक गए थे। कांग्रेस की ये सच्चाई, असम का हर टी-गार्डन वर्कर जानता है।

साथियो, 

एनडीए की सरकार ने सिर्फ 5 साल में Tea Workers की मज़दूरी को बढ़ाकर दोगुने तक पहुंचाया है। अब वही कांग्रेस, बड़े-बड़े झूठ बोल रही है, श्रमिक भाई-बहनों में भ्रम फैला रही है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, यहां दोबारा एनडीए सरकार बनते ही टी-गार्डन्स में काम करने वालों के लिए जो फैसले हमने लिए हैं, वो और तेजी से लागू किए जाएंगे। टी गार्डन श्रमिकों का जीवन आसान बनाने के लिए हम कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। एनडीए की सरकार चाय जनजाति के साथियों को, विशेष रूप से बहनों को सम्मान का, गरिमा का जीवन देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस वर्ष केंद्र सरकार ने बजट में भी 1000 करोड़ रुपए की विशेष व्यवस्था सिर्फ और सिर्फ चाय बगान में काम करने वाले परिवारों के लिए की है। 

भाइयो और बहनो,

बीते 5 साल हमने असम के विकास की नींव मजबूत की, अब असम को आत्मनिर्भर भारत के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए हम काम करने वाले हैं। असम भारतीय जनता पार्टी ने असम की भाजपा इकाई ने आपके सामने संकल्प पत्र घोषित किया है, आपके सामने प्रस्तुत किया है। मैं आज असम भाजपा की पूरी टीम को राज्य के पूरे नेतृत्व को इस संकल्प पत्र के लिए, उनकी कल्पना शक्ति के लिए, असम के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनकी जो प्रतिबद्धता है जो संकल्प पत्र में उन्होंने पेश की है मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं आप सब को। ये संकल्प पत्र, असम की आकांक्षाओं, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस संकल्प पत्र में आत्मनिर्भर असम का रोडमैप है। इसमें आत्मनिर्भर असम के लिए अनेक संकल्प लिए गए हैं। ये संकल्प, असम के युवाओं के विकास, उनके लिए नए अवसर बनाने का है। ये संकल्प किसान परिवारों, यहां के मूल निवासियों के निरंतर विकास का है। ये संकल्प पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और आवाजाही बेहतर बनाने का है। इस संकल्प में असम की संस्कृति की सुरक्षा भी है, असम की समृद्धि भी है।

साथियो,

भाजपा की, एनडीए की, डबल इंजन की सरकार मूल सुविधाओं से लेकर विकास की आकांक्षाओं तक असम को आगे बढ़ाने में जुटी है। आज असम के हर हिस्से में रहने वाले गरीब परिवारों तक को एलपीजी गैस कनेक्शन मिल चुके हैं। उनको धुएं से मुक्ति मिली है। असम में एलपीजी कवरेज जो 5 साल पहले 50 प्रतिशत से भी कम थी, वो आज करीब-करीब शत-प्रतिशत होने को है। इसी तरह बिजली और टॉयलेट्स की सुविधा भी असम के गरीब से गरीब तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने एनडीए की सरकार ने दिन-रात मेहनत की है। आज आयुष्मान भारत योजना के तहत असम के लाखों परिवारों को 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की सुविधा से जोड़ा जा चुका है। इसी योजना के तहत असम के गांव-गांव में आधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। कोशिश ये भी है कि असम की हर 3 लोकसभा सीटों के बीच एक मेडिकल कॉलेज बनाया जाए। 5 सालों में 8 मेडिकल कॉलेज यहां बन चुके हैं। इनमें लखीमपुर और बिश्वनाथ चरिआली के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। इससे आपको बेहतर इलाज भी मिलेगा और मेडिकल की, नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले युवाओं को भी बेहतर अवसर मिलेंगे। 

भाइयो और बहनो, 

असम में गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत साढ़े 5 लाख से ज्यादा आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से अनेक लाभार्थियों को अपने पक्के घर मिले चुके हैं। जिनको अभी अपना घर नहीं मिला है, वो आश्वस्त रहे, उनको भी ज़रूर अपना पक्का घर मिलेगा। ये मेरा सपना है जब देश आजादी के 75 साल मनाएगा तब हिंदुस्तान का कोई गरीब पक्की छत के बिना नहीं होगा। इसके लिए हम काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि बहुत जल्द हर गरीब को अपनी पक्की छत मिले, किसी को भी घर के लिए तरसना ना पड़े। विशेष रूप से जो टी गार्डन में रहने वाले हमारे साथी हैं, उन तक ये मूल सुविधाएं जल्द से जल्द और तेज़ी से पहुंचाई जाए, इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।

भाइयो और बहनो,

गांव में सड़कों की स्थिति को बेहतर बनाने में हमारी डबल इंजन की सरकार दोगुनी शक्ति से काम कर रही है। 5 साल पहले तक असम में करीब 13 हज़ार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ था। यानि 70 साल में… याद रखिए.. याद रखोगे.. याद रखोगे.. 70 साल में 13 हजार किलोमीटर। बीते 5 साल में ही हमने इससे भी ज्यादा यानि करीब 15 हज़ार किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कें असम में बनाई हैं। इसमें से लखीमपुर जिले में ही लगभग 7 सौ किलोमीटर नई सड़कें बनी हैं। इसी तरह असम में सैकड़ों किलोमीटर के नए हाईवे बने हैं, पुराने हाईवे का चौड़ीकरण किया गया है। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में असम के नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बहुत बड़ी वृद्धि की गई है।

भाइयो और बहनो,

इस क्षेत्र में भारत की ऑर्गेनिक उत्पाद में आत्मनिर्भरता के लिए बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। ऑर्गेनिक उत्पादों की बहुत डिमांड देश में भी है और दुनिया में भी है। लखीमपुर सहित ये पूरा क्षेत्र तो बाओ-धान यानि लाल चावल के लिए मशहूर है। आत्मनिर्भर अभियान के तहत इस चावल को देश और विदेश के बाज़ारों में बेहतर पैकेजिंग, बेहतर मार्केटिंग के लिए काम किया जा रहा है। यहां के धान किसानों को और सुविधा मिले, भंडारण की अधिक से अधिक सुविधा मिले, इसके लिए काम किया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से भी यहां के किसान परिवारों को बहुत लाभ हो रहा है। ऐसी ही अनेक योजनाएं असम में बिना करप्शन के चलती रहे, हर क्षेत्र, हर व्यक्ति को इनका लाभ मिलता रहे, इसी भरोसे के साथ आपको भारी संख्या में बूथ पर पहुंचना है। कमल के निशान पर बटन दबाना है और डबल इंजन की सरकार को मजबूत बनाना है।

असम में फिर एक बार, NDA सरकार… 

असम में फिर एक बार, NDA सरकार…

असम में फिर एक बार, NDA सरकार… 

इसी आग्रह के साथ इतनी बड़ी तादाद में आप आशीर्वाद देने के लिए आए, मैं हृदय से आपका आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए.. 

भारत माता की.. 

भारत माता की..

भारत माता की…

बहुत-बहुत धन्यवाद

 

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Prime Minister condoles the loss of lives in the mishap in Chitradurga district of Karnataka
December 25, 2025
Announces ex-gratia from PMNRF

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has condoled the loss of lives due to a mishap in Chitradurga district of Karnataka. Shri Modi also wished speedy recovery for those injured in the mishap.

The Prime Minister announced an ex-gratia from PMNRF of Rs. 2 lakh to the next of kin of each deceased and Rs. 50,000 for those injured.

The Prime Minister posted on X:

“Deeply saddened by the loss of lives due to a mishap in the Chitradurga district of Karnataka. Condolences to those who have lost their loved ones. May those injured recover at the earliest.

An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM @narendramodi"