Published By : Admin |
November 9, 2020 | 20:02 IST
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ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಆದಾಯ ತೆರಿಗೆ ಮೇಲ್ಮನವಿ ನ್ಯಾಯಾಧಿಕರಣ (ಐಟಿಎಟಿ)ದ ಕಟಕ್ ಪೀಠದ ಅತ್ಯಾಧುನಿಕ ಸುಸಜ್ಜಿತ ಕಚೇರಿ ಸಹಿತ ವಸತಿ ಸಮುಚ್ಛಯವನ್ನು 2020ರ ನವೆಂಬರ್ 11ರಂದು ಸಂಜೆ 4.30ಕ್ಕೆ ವಿಡಿಯೋ ಕಾನ್ಫರೆನ್ಸಿಂಗ್ ಮೂಲಕ ಉದ್ಘಾಟಿಸಲಿದ್ದಾರೆ. ಕೇಂದ್ರ ಕಾನೂನು ಸಚಿವರು, ಕೇಂದ್ರ ಪೆಟ್ರೋಲಿಯಂ ಸಚಿವರು, ಒಡಿಶಾದ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ, ಒಡಿಶಾ ಹೈಕೋರ್ಟ್ ನ ಮುಖ್ಯ ನ್ಯಾಯಮೂರ್ತಿಗಳು ಮತ್ತು ನ್ಯಾಯಮೂರ್ತಿಗಳು ಮತ್ತು ಇತರ ಗಣ್ಯರು ಈ ಸಮಾರಂಭದಲ್ಲಿ ಪಾಲ್ಗೊಳ್ಳುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಐಟಿಎಟಿಯ ಇ-ಟೆಬಲ್ ಪುಸ್ತಕವನ್ನು ಸಹ ಬಿಡುಗಡೆ ಮಾಡಲಾಗುವುದು.
ಐಟಿಎಟಿ ಎಂದೂ ಕರೆಯಲಾಗುವ ಆದಾಯ ತೆರಿಗೆ ಮೇಲ್ಮನವಿ ನ್ಯಾಯಾಧಿಕರಣ ನೇರ ತೆರಿಗೆ ಕ್ಷೇತ್ರದಲ್ಲಿನ ಒಂದು ಪ್ರಮುಖ ಶಾಸನಾತ್ಮಕ ಕಾಯವಾಗಿದ್ದು ಇದರ ಆದೇಶಗಳು ಸತ್ಯಾನ್ವೇಷಣೆಯ ಆಧಾರದ ಮೇಲೆ ಅಂತಿಮ ಎಂದು ಪರಿಗಣಿಸಲಾಗುತ್ತದೆ. ಪ್ರಸ್ತುತ ಇದರ ನೇತೃತ್ವವನ್ನು ಈ ಹಿಂದೆ ಜಾರ್ಖಂಡ್ ಹೈಕೋರ್ಟ್ ಮತ್ತು ಗುಜರಾತ್ ಹೈಕೋರ್ಟ್ ನ್ಯಾಯಾಧೀಶರಾಗಿದ್ದ ನ್ಯಾಯಮೂರ್ತಿ (ನಿವೃತ್ತ) ಶ್ರೀ ಪಿ.ಪಿ. ಭಟ್, ವಹಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಐಟಿಎಟಿಯನ್ನು 1941ರ ಜನವರಿ 25ರಂದು ರಚಿಸಲಾದ ಮೊದಲ ನ್ಯಾಯಮಂಡಳಿಯಾಗಿದೆ ಮತ್ತು ಇದನ್ನು ‘ಮಾತೃ ನ್ಯಾಯಾಧಿಕರಣ’ ಎಂದೂ ಕರೆಯುತ್ತಾರೆ. ದೆಹಲಿ, ಬಾಂಬೆ ಮತ್ತು ಕೋಲ್ಕತ್ತಾದಲ್ಲಿ 1941ರಲ್ಲಿ ಮೂರು ಪೀಠಗಳಿಂದ ಪ್ರಾರಂಭವಾದ ಇದು ಈಗ ಭಾರತದ ಮೂವತ್ತು ನಗರಗಳಲ್ಲಿ 63 ಪೀಠಗಳು ಮತ್ತು ಎರಡು ಸಂಚಾರಿ ಪೀಠಗಳು ಹರಡಿ ಬೆಳೆದಿವೆ.
ಐಟಿಎಟಿಯ ಕಟಕ್ ಪೀಠವು 1970ರ ಮೇ 23ರಂದು ಆರಂಭವಾಗಿ ಕಾರ್ಯಾಚರಣೆಯಲ್ಲಿದೆ. ಕಟಕ್ ಪೀಠದ ವ್ಯಾಪ್ತಿ ಇಡೀ ಒಡಿಶಾಗೆ ಅನ್ವಯಿಸುತ್ತದೆ. ಇದು 50 ವರ್ಷಗಳಿಗೂ ಹೆಚ್ಚು ಕಾಲದಿಂದ ಬಾಡಿಗೆ ಕಟ್ಟಡದಲ್ಲಿ ಕಾರ್ಯ ನಿರ್ವಹಿಸುತ್ತಿತ್ತು. ಹೊಸದಾಗಿ ನಿರ್ಮಿಸಲಾಗಿರುವ ಕಟಕ್ ಐಟಿಎಟಿಯ ಕಚೇರಿ ಸಹಿತ ವಸತಿ ಸಮುಚ್ಛಯ 1.60 ಎಕರೆ ಪ್ರದೇಶದಲ್ಲಿದ್ದು, ಈ ಭೂಮಿಯನ್ನು ಒಡಿಶಾ ರಾಜ್ಯ ಸರ್ಕಾರ 2015ರಲ್ಲಿ ಉಚಿತವಾಗಿ ಮಂಜೂರು ಮಾಡಿತ್ತು. ಕಚೇರಿ ಸಮುಚ್ಛಯದ ಒಟ್ಟು ನಿರ್ಮಾಣದ ವಿಸ್ತೀರ್ಣ 1928 ಚದರ ಮೀಟರ್. ಇದರಲ್ಲಿ ವಿಶಾಲವಾದ ನ್ಯಾಯಾಲಯ ಕೊಠಡಿ, ಅತ್ಯಾಧುನಿಕ ಅಭಿಲೇಖಾಲಯ, ನ್ಯಾಯಪೀಠದ ಸದಸ್ಯರಿಗೆ ಸುಸಜ್ಜಿತ ಕೋಣೆಗಳು, ಗ್ರಂಥಾಲಯ ಕೊಠಡಿ, ಸುಸಜ್ಜಿತ ಆಧುನಿಕ ಸಮ್ಮೇಳನ ಸಭಾಂಗಣ, ದಾವೆ ಹೂಡುವವರಿಗೆ ಸಾಕಷ್ಟು ಸ್ಥಳಾವಕಾಶ, ವಕೀಲರಿಗೆ, ಚಾರ್ಟರ್ಡ್ ಅಕೌಂಟೆಂಟರುಗಳಿಗೆ ಕೊಠಡಿ, ಇತ್ಯಾದಿ ಒಳಗೊಂಡ 3 ಮಹಡಿಗಳಿವೆ.
Today’s projects will further strengthen the logistics system of Eastern India: PM Modi in Kolkata, West Bengal
March 14, 2026
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These initiatives will boost connectivity and improve the quality of life for people: PM
Today, a vigorous nationwide campaign to modernise railways is underway, and we are determined that West Bengal should not be left behind in this effort: PM
The central government is rapidly expanding the railway infrastructure in West Bengal: PM
Ports like Kolkata and Haldia have long been major centers of trade in Eastern India: PM
Mechanisation at the Haldia Dock Complex will speed up cargo operations, enhance port capacity and strengthen trade facilities: PM
राज्यपाल श्रीमान आर एन रवि जी, केंद्र में मेरे सहयोगी शांतनु ठाकुर जी, सुकांता मजूमदार जी, पश्चिम बंगाल के नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी जी, संसद में मेरे साथी शॉमिक भट्टाचार्य जी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों,
आज कोलकाता की धरती से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। सड़क, रेलवे और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, इनसे जुड़ी 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक, 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। यह प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत को नई रफ्तार देंगे, इनसे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, लाखों लोगों का जीवन आसान होगा, उन्हें नए अवसर मिलेंगे, खड़गपुर–मोरेग्राम एक्सप्रेसवे के पूरा होने से पश्चिम बंगाल के अनेक हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। दुबराजपुर बाईपास, कांग्सावती, शीलावती नदियों पर बनने वाले बड़े पुल और इनसे भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मैं इन परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल समेत पूरे पूर्वी भारत के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
आज देश में रेलवे को आधुनिक बनाने का तेज अभियान चल रहा है। हमारा यह संकल्प है कि पश्चिम बंगाल इस अभियान में पीछे न रहे! इसलिए, केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेज विस्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। आज कलाईकुंडा और कानिमहुली सेक्शन में ऑटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग प्रणाली को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इनसे व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी, यात्रा सुरक्षित होगी, साथ ही, यात्रियों के लिए स्पीड और सुविधा भी बढ़ेगी।
साथियों,
आज कामाख्या गुड़ी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी, इन छह स्टेशनों का अमृत स्टेशन के तौर पर उद्घाटन हुआ है। हमारे बंगाल की महान संस्कृति की झलक अब इन स्टेशनों पर और भी निखर कर आ रही है। अभी यहां कई और स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है। पुरुलिया और आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इस ट्रेन सेवा का लाभ पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लोगों को भी मिलेगा।
साथियों,
सड़क और रेल कनेक्टिविटी जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही अहम भूमिका पोर्ट और वाटर ट्रांसपोर्ट भी निभाते हैं। दशकों तक, पूर्वी भारत के इस सामर्थ्य की बड़ी उपेक्षा हुई है। लेकिन, आज वॉटरवेज व्यापार और औद्योगिक प्रगति के नए रास्ते खोल रहे हैं। इसी दिशा में, आज पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अहम परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ। कोलकाता और हल्दिया जैसे बंदरगाह लंबे समय से पूर्वी भारत में व्यापार के प्रमुख केंद्र रहे हैं। हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स, इसका मशीनीकरण हो रहा है। इससे कार्गो ऑपरेशन और तेज होगा, बंदरगाह की क्षमता बढ़ेगी और व्यापार के लिए नई सुविधाएं तैयार होंगी। कोलकाता डॉक सिस्टम में बास्कुल ब्रिज का रिनोवेशन भी किया जा रहा है। खिदिरपुर डॉक में कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने पर भी हमारा जोर है। इन सभी परियोजनाओं से पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक सिस्टम और मजबूत होगा।
साथियों,
सड़क, रेल और पोर्ट से जुड़ी नई-नई परियोजनाएं, यह पश्चिम बंगाल के आधुनिक भविष्य के लिए नया रास्ता खोल रही हैं। इसका फायदा किसान, व्यापारी, उद्यमी, स्टूडेंट्स, हर किसी को मिलेगा। पर्यटन जैसे सेक्टर्स में भी नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय उद्योग और सेवाओं को गति मिलेगी। हमारा संकल्प है, बंगाल ने हमेशा जिस तरह भारत को दिशा दिखाई है, बंगाल एक बार फिर ‘विकसित बंगाल’ बनकर उस गौरव को हासिल करे। मुझे पूरा विश्वास है, मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, यह विकसित बंगाल की बुनियाद बनेंगे। इसी कामना के साथ, मैं एक बार फिर आप सभी को इन विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। अब यह सरकारी कार्यक्रम पूरा होते ही मैं जरा खुले मैदान में जाऊंगा, वहां पूरा बंगाल आज इकट्ठा हुआ है, मुझे पूरे बंगाल के दर्शन होने वाले हैं और बहुत महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा बंगाल की जनता जनार्दन के बीच में करूंगा। इस कार्यक्रम में इतना काफी है।