Published By : Admin |
November 28, 2025 | 15:37 IST
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ದಿತ್ವಾ ಚಂಡಮಾರುತದಿಂದ ಉಂಟಾದ ವಿನಾಶದಿಂದ ತಮ್ಮ ಪ್ರೀತಿಪಾತ್ರರನ್ನು ಕಳೆದುಕೊಂಡ ಶ್ರೀಲಂಕಾದ ಜನರಿಗೆ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಇಂದು ತಮ್ಮ ಹೃತ್ಪೂರ್ವಕ ಸಂತಾಪ ಸೂಚಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಎಲ್ಲಾ ದಿತ್ವಾ ಚಂಡಮಾರುತದಿಂದ ಪೀಡಿತ ಕುಟುಂಬಗಳ ಸುರಕ್ಷತೆ, ಸಾಂತ್ವನ ಮತ್ತು ತ್ವರಿತ ಚೇತರಿಕೆಗಾಗಿ ಅವರು ಪ್ರಾರ್ಥಿಸಿದ್ದಾರೆ.
ಭಾರತದ ಸನಿಹದ ಕಡಲ ನೆರೆಯ ರಾಷ್ಟ್ರದೊಂದಿಗೆ ಒಗ್ಗಟ್ಟಿನ ಬಲವಾದ ಸೂಚನೆಯಾಗಿ, ಭಾರತ ಸರ್ಕಾರವು ಆಪರೇಷನ್ ಸಾಗರ್ ಬಂಧು ಅಡಿಯಲ್ಲಿ ಪರಿಹಾರ ಸಾಮಗ್ರಿಗಳು ಮತ್ತು ಪ್ರಮುಖ ಮಾನವೀಯ ನೆರವು ಮತ್ತು ವಿಪತ್ತು ಪರಿಹಾರ (ಹೆಚ್.ಎ.ಡಿ.ಆರ್.) ಬೆಂಬಲವನ್ನು ತುರ್ತಾಗಿ ಈಗಾಗಲೇ ರವಾನಿಸಿದೆ. ಪರಿಸ್ಥಿತಿ ವಿಕಸನಗೊಳ್ಳುತ್ತಿದ್ದಂತೆ ಹೆಚ್ಚುವರಿ ನೆರವು ಮತ್ತು ಸಹಾಯವನ್ನು ಒದಗಿಸಲು ಭಾರತ ಸಿದ್ಧವಾಗಿದೆ.
ಭಾರತದ “ನೆರೆಹೊರೆಯವರು ಮೊದಲು ನೀತಿ” ಹಾಗೂ “ಮಹಾಸಾಗರ ಯೋಜನೆ”ಯ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯ ದೃಷ್ಟಿಕೋನ ಮತ್ತು ತತ್ವಗಳಿಂದ ಮಾರ್ಗದರ್ಶನ ಪಡೆದ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು, “ಶ್ರೀಲಂಕಾದ ಅತಿಅಗತ್ಯದ ಸಮಯದ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಭಾರತವು ಜೊತೆಗೆ ದೃಢವಾಗಿ ನಿಲ್ಲುತ್ತದೆ” ಎಂದು ಪುನರುಚ್ಚರಿಸಿದರು.
ಎಕ್ಸ್ ತಾಣದ ಸಂದೇಶದಲ್ಲಿ ಶ್ರೀ ಮೋದಿ ಅವರು ಹೀಗೆ ಹೇಳಿದ್ದಾರೆ:
"ದಿತ್ವಾ ಚಂಡಮಾರುತದಿಂದಾಗಿ ತಮ್ಮ ಪ್ರೀತಿಪಾತ್ರರನ್ನು ಕಳೆದುಕೊಂಡ ಶ್ರೀಲಂಕಾದ ಜನರಿಗೆ ನನ್ನ ಹೃತ್ಪೂರ್ವಕ ಸಂತಾಪಗಳು. ಎಲ್ಲಾ ಪೀಡಿತ ಕುಟುಂಬಗಳ ಸುರಕ್ಷತೆ, ಸಾಂತ್ವನ ಮತ್ತು ತ್ವರಿತ ಚೇತರಿಕೆಗಾಗಿ ನಾನು ಪ್ರಾರ್ಥಿಸುತ್ತೇನೆ.
ನಮ್ಮ ಹತ್ತಿರದ ಕಡಲ ನೆರೆಯವರೊಂದಿಗೆ ಒಗ್ಗಟ್ಟಿನಲ್ಲಿ, ಭಾರತವು “ಆಪರೇಷನ್ ಸಾಗರ್ ಬಂಧು ಯೋಜನೆ”ಯಡಿಯಲ್ಲಿ ಪರಿಹಾರ ಸಾಮಗ್ರಿಗಳು ಮತ್ತು ಪ್ರಮುಖ ಮಾನವೀಯ ನೆರವು ಮತ್ತು ವಿಪತ್ತು ಪರಿಹಾರ (ಹೆಚ್.ಎ.ಡಿ.ಆರ್.) ಬೆಂಬಲವನ್ನು ತುರ್ತಾಗಿ ರವಾನಿಸಿದೆ. ಪರಿಸ್ಥಿತಿ ಅನುಸಾರವಾಗಿ, ಅವಕಾಶ ವಿಕಸನಗೊಳ್ಳುತ್ತಿದ್ದಂತೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ನೆರವು ಮತ್ತು ಸಹಾಯವನ್ನು ಒದಗಿಸಲು ನಾವು ಸಿದ್ಧರಿದ್ದೇವೆ.
ಭಾರತದ “ನೆರೆಹೊರೆಯವರು ಮೊದಲು ನೀತಿ” ಹಾಗೂ “ಮಹಾಸಾಗರ ಯೋಜನೆ”ಯ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯ ದೃಷ್ಟಿಕೋನದಲ್ಲಿ ಭಾರತವು, ಶ್ರೀಲಂಕಾದ ಅಗತ್ಯದ ಸಂದಿಗ್ದ ಸಮಯದಲ್ಲಿ ಜೊತೆಯಲ್ಲಿ ದೃಢವಾಗಿ ನಿಲ್ಲುವುದನ್ನು ಮುಂದುವರೆಸುತ್ತದೆ.
@anuradisanayake”
My heartfelt condolences to the people of Sri Lanka who have lost their loved ones due to Cyclone Ditwah. I pray for the safety, comfort and swift recovery of all affected families.
In solidarity with our closest maritime neighbour, India has urgently dispatched relief…
India and Vietnam are emerging as the fastest-growing economies in the world: PM Modi at the India-Vietnam Joint Press Meet
May 06, 2026
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Your Excellency, जनरल सेक्रेटरी एण्ड प्रेसीडेंट तो लम, दोनों देशों के delegates, मीडिया के साथियों,
नमस्कार!
सिन चाओ!
President तो लम का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। वियतनाम के President बनने के बाद, एक महीने के भीतर ही उनका भारत आना, और एक high-level delegation समेत कई business leaders के साथ आना, यह स्पष्ट करता है कि वे भारत-वियतनाम संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने भारत यात्रा की शुरुआत, बोध गया से की है। यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है। उनकी इस यात्रा और हमारी सार्थक चर्चाओं से, हम अपनेआपसी good-will को कई ठोस परिणामों में बदल रहे हैं।
Friends,
भारत और वियतनाम की साझेदारी में, विरासत और विकास - दोनों का महत्व है। पिछले वर्ष, जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो उनके दर्शन, डेढ़ करोड़ से अधिक, यानि पूरे वियतनाम की पाप्युलैशन के 15 पर्सेन्ट लोगों ने किया था। हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का रेस्टोरैशन कर रहे हैं। अब हम चम्पा सभ्यता की manuscripts को digitalize करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे।
Friends,
एक दशक पहले, मेरी वियतनाम यात्रा के दौरान, वियतनाम आसियान में, भारत का पहला Comprehensive Strategic Partner बना था। तब से, हमारे संबंधों ने तेज़ और व्यापक प्रगति की है। Civilizational ties के साथ-साथ, हमारे Trade, technology और tourism संबंध भी और मजबूत हुए हैं।
इस मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए, आज हम अपने संबंधों को Enhanced Comprehensive Strategic Partnership के स्तर पर ले जा रहे हैं। अब हम अपनी साझेदारी को और ऊँचे लक्ष्यों की ओर अग्रसर करेंगे। Culture, connectivity और capacity building के साथ-साथ, security, sustainability और supply chain resilience - हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर पर पहुँचेगा।
Friends,
भारत और वियतनाम का बाइलैटरल ट्रेड, पिछले एक दशक में डबल होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है। 2030 तक इसे 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हमारी ड्रग अथॉरिटीज़ के बीच MOU से अब भारत की दवाइयों का वियतनाम में एक्सेस बढ़ेगा। भारत के एग्रीकल्चर, फिशरीज़ और एनिमल प्रोडक्ट्स का भी, वियतनाम तक एक्सपोर्ट और सुगम होने जा रहा है। बहुत जल्द, वियतनाम भारत के अंगूर और अनार का स्वाद लेगा, और हम वियतनाम के डूरियन और पोमेलो का।
इतना ही नहीं, हमने भारत-आसियान ट्रेड एग्रीमेंट "आईटिगा” को वर्ष के अंत तक अपडेट करने पर भी सहमति बनाई है। इससे भारत और आसियान के सभी देशों के बीच, ट्रेड और इनवेस्टमेंट को नई ऊर्जा मिलेगी। क्रिटिकल मिनरल्स, रेअर अर्थ और एनर्जी सहयोग में नई पहलों से, हम दोनों देशों की इकोनॉमिक सिक्योरिटी और सप्लाई चैन रिज़िल्यन्स सुनिश्चित करेंगे।
Friends,
कनेक्टिविटी और कपैसिटी बिल्डिंग, हमारी पार्ट्नर्शिप के अहम स्तंभ हैं। हमें बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ रही है।
फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को भी बूस्ट करने के लिए, आज हमने अपने सेंट्रल banks के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय किया है। भारत के UPI और वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम भी जल्द ही लिंक होने जा रहे हैं। साथ ही, अब हम दोनों देशों के बीच स्टेट to स्टेट और सिटी to सिटी को-ऑपरेशन को भी मजबूत करने जा रहे हैं।
Friends,
वियतनाम भारत की ऐक्ट-ईस्ट पॉलिसी और विज़न महासागर का एक मुख्य स्तंभ है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी हमारा common outlook है। हम अपनी सुदृढ़ होती हुई रक्षा और सुरक्षा सहयोग से, rule-of-law, शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति योगदान देते रहेंगे। वियतनाम के सहयोग से भारत, आसियान के साथ अपने संबंधों को भी और व्यापक बनाएगा।
Your Excellency,
पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने, और आतंकवाद के विरुद्ध हमारे संघर्ष में साथ खड़े रहने के लिए हम वियतनाम के आभारी हैं।
वैश्विक उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में,अपने talent, good governance और economic reforms के बल पर, भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती economies के रूप में उभर रहे हैं। अब हमारी enhanced strategic partnership के माध्यम से, हम एक-दूसरे की rapid growth के सहायक बनेंगे।
जैसा कि बुद्ध की शिक्षाओं की भावना है कि "यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं, तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है।”
इसी भावना के साथ, हम एक-दूसरे के vision और goals को support करते हुए, विकसित राष्ट्र बनने की अपनी आकांक्षाओं को मिलकर साकार करेंगे।
हम साथ चलेंगे, साथ बढ़ेंगे, और साथ जीतेंगे।
बहुत बहुत धन्यवाद।
भारत और वियतनाम की साझेदारी में, विरासत और विकास- दोनों का महत्व है।
पिछले वर्ष, जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो उनके दर्शन, डेढ़ करोड़ से अधिक, यानि पूरे वियतनाम की population के 15% लोगों ने किया था: PM @narendramodi