ನಾನು‌ ನಿಮ್ಮ‌ಸೇವಕ, ಜಾರ್ಖಂಡ್ ಜನತೆಯ ಮುಂದೆ ಬಿಜೆಪಿಯ ಸಾಧನೆಗಳ ಲೆಕ್ಕವನ್ನು ನೀಡಲು ಬಂದಿದ್ದೇನೆ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ದುಮ್ಕಾದಲ್ಲಿ ಹೇಳಿದರು
ಪ್ರತಿಪಕ್ಷಗಳು ಅಧಿಕಾರದಲ್ಲಿದ್ದಾಗ ತಮಗೆ ಮತ್ತು ತಮ್ಮ ಕುಟುಂಬದವರಿಗೆ ಅರಮನೆಗಳನ್ನು‌ ನಿರ್ಮಿಸಿಕೊಂಡರು, ಅವರಿಗೆ ‌ಜನರ ಸಮಸ್ಯೆಗಳ ಬಗ್ಗೆ ಚಿಂತೆ ಇಲ್ಲ: ಜಾರ್ಖಂಡ್ ನಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ
ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಮತ್ತು ಅದರ ಮಿತ್ರ ಪಕ್ಷಗಳು ಪೌರತ್ವ ಕಾನೂನಿನ ಮೇಲೆ ಬಿರುಗಾಳಿ ಎಬ್ಬಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ, ದೇಶದ ಅಶಾಂತಿ ಮತ್ತು ಗಲಭೆಗೆ ಅವರೇ ಕಾರಣ: ದುಮ್ಕಾದಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ

शहीदों की धरती कोराष्ट्रभक्तों को जन्म देने वाली वीर माताओं की धरती को मैं नमन करता हूं। दानी नाथबासुकी नाथ और फौजदारी बाबा की भूमि को मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

भाइयो और बहनोबीते कुछ दिनों से मुझे झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में जनसभा करने का अवसर मिला है। मैं जहां भी जा रहा हूं वहां की जनसभा पहले की रैली का रिकॉर्ड तोड़ देती है और यहां भी जहां तक नजर जाती है लोग ही लोग आशीर्वाद देने के लिए आए हैं और अगर आपने मोबाइल फोन पर अपनी फ्लैश लाइट ना की होती तो शायद मुझे समझ ही नहीं आता कि आखिर कहां तक लोग हैंना मेरी आंखें वहां तक पहुंच पा रही हैं और ना ही ये कैमरा की आंख पहुंच पाएगी।

दूर-दूर तक लोग और आज तो मौसम भी जरा ज्यादा ठंडा हैसूरज भी नहीं निकला है दोपहर को ही शाम जैसा माहौल हो गया है उसके बाद भी इतनी ऊर्जा के साथइतनी उमंग के साथउत्साह के साथ हमें आशीर्वाद देने के लिए आपका आनाये हम सबका सौभाग्य है विशेषतौर पर बहनो और बेटियो का भारी उत्साह में यहां आकर के आशीर्वाद देना ये हमारी और एक नई शक्ति बन गया है। ये जन समर्थन दिखा रहा है कि झारखंड में भाजपा कोकमल के फूल को आप सभी काविशेषकर मेरे आदिवासी भाइयो-बहनो का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

भाइयो-बहनोये आशीर्वादये उत्साहये समर्थन आखिर इसका कारण क्या हैइसका कारण है आपके देश के गरीब कीहमारे जंगलों में रहने वालेवन्य क्षेत्रों में रहने वाले साथियो के लिए हम जिस सेवा भाव से काम कर रहे हैं उसी के कारण ये प्रेम भाव अभिव्यक्त हो रहा है। हम आपके सेवक बन कर के काम करते हैंमैं आपका सेवक बन कर के काम करता हूं आपके बीच आता हूं और अपने काम का हिसाब भी जनता जनार्दन के चरणों में रखता हूं। आदिवासी इलाकों में मैंने जीवन का एक लंबा अरसा उनके बीच में गुजारा हैएक कार्यकर्ता के रूप में आदिवासियों के बीच रह कर के उनकी सेवा करने का मुझे लंबे समय तक अनुभव रहा है और मेरे जीवन को बनाने में वो अनुभव भी बहुत काम आता है और इसलिए मैं और मेरे साथी आपकी तकलीफों को भलीभांति समझते हैं और उसे दूर करने के लिए दिन रात कोशिश करते हैं।

आपकी सेवा के लिएदेश की सेवा के लिए ये समर्पण ही हमें बाकी जो लोग होते हैं उनसे बहुत अलग पहचान बनाते हैं जबकि जिन लोगों पर आपने कभी भरोसा किया थाजिन्हें झारखंड के आदिवासियों ने इतना मान-सम्मान दिया था लेकिन उन्होंने अपना तो जितना भला कर सकते थे कर लियाबड़े-बड़े महल बना दिए खुद के लिएखुद के परिवार के लिए लेकिन वे सत्ता के सिंहासन पर बैठते ही आपको भूल गए थे और तब जाकर के आपको उन्हें सजा देनी पड़ी और अभी भी वो सुधरे नहीं हैंवो आदत उनकी जाने वाली नहीं है। ऐसे लोगों को आपकी चिंता नहीं हैआपके बच्चों कीआपके परिवार कीआपके भविष्यआपकी मुसीबतों कीआपकी आवश्यकताओं की इन लोगों को जरा सी भी चिंता नहीं है। वो लोग तो सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार की चिंता करते हैंअपनी तिजोरी भरते रहे और इसी में लगे रहे।

साथियोजेएमएम और कांग्रेस के पास झारखंड के विकास का कोई ना रोडमैप हैना इरादा हैना कभी भूतकाल में कुछ किया हैअगर वो जानते हैं तो उनको एक ही बात का पता हैबस जहां भी पता चले भाजपा का विरोध करोमोदी को गाली दोजहां भी जाओ दिन-रात सुबह-शाम मोदी को गाली दोयही कर रहे हैं और भाजपा का विरोध करते-करते इन लोगों को देश का विरोध करने की आदत हो गई है। उनको समझ ही नहीं आ रहा है कि वो भाजपा का विरोध कर रहे हैं कि भारत का कर रहे हैंसीमारेखा लांघ देते हैं।

साथियोआपने समाचारों में देखा होगा कि हमारे देश की संसद ने अभी नागरिकता कानून से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव किया और इस बदलाव के कारण पाकिस्तानबांग्लादेश और अफगानिस्तान सेजो वहां लघुमति में थे वो अलग धर्म का पालन करते थेअलग पंथ के अनुयायी थे इसलिए वहां उन पर जुल्म हुएउनका जीना मुश्किल हो गयाउनकी बहन-बेटियो की इज्जत बचना मुश्किल हो गईये तीन देशों से हिन्दूईसाईसिखपारसीजैनबौद्ध उनको वहां से अपना गांवघरपरिवारदोस्तयार सब कुछ छोड़कर के भारत में भागकर के यहां शरणार्थी की जिंदगी जीने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनके जीवन को सुधारने के लिए इन गरीबों के प्रति सेवाभाव सेउनको सम्मान मिले इसलिए भारत के दोनों सदनों ने भारी बहुमत से इन गरीबों के लिए नागरिकता का निर्णय किया।

लेकिन ये कांग्रेस वाले और उनके साथी क्या कर रहे हैंहो हल्ला मचा रहे हैंतूफान खड़ा कर रहे हैं और उनकी बात चलती नहीं है तो आगजनी फैला रहे हैं। भाइयो-बहनोये जो आग लगा रहे हैंटीवी पर उनके जो दृश्य आ रहे हैं ये आग लगाने वाले कौन है उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है और देशकांग्रेस के लोग उनके साथीहमारे विरोध करने वाले लोगअगर समझ सकते हो तो समझो आप ये जो कुछ कर रहे होआप लोग जो हो रहा है उसको मुख समर्थन दे रहे हो। आज जो ये आगजनी फैलाने के प्रयास हो रहे हैं उसको आप आंखें बंद करके मुंह मोड़ लेते होदेश उन्हें देख रहा है और देश का विश्वास पक्का हो जा रहा हैइन दृश्यों को देखकर पक्का हो रहा है कि मोदी ने देश की पार्लियामेंट नेभारत की सरकार ने नागरिकता का कानून बना कर के देश को भी बचा लिया है। हमारा फैसला सही है ये आप के इन कारनामों से पता चलता है और इसलिए जो कोशिशें की जा रही हैं। मैं आसाम केनार्थईस्ट के भाइयो-बहनो का सर झुका कर के अभिनंदन करता हूं।

उन्होंने हिंसा करने के इरादे वालों को अलग कर दियाशांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात बता रहे हैं। देश का मान-सम्मान बढ़े ऐसा व्यवहार आसामनार्थईस्ट कर रहा हैअपना गिला शिकवा भी बता रहा है यही तो लोकतंत्र है। आप हैरान हो जाएंगेलंदन में भारत का दूतावास हैदेश का दूतावास है 130 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करता है। जब राम जन्मभूमि का निर्णय हुआपाकिस्तान वालों ने जा कर के लंदन में भारत की एंबेसी के सामने प्रदर्शन किया। धारा 370 का निर्णय हुआपाकिस्तान के लोगों ने लंदन में हाई कमीश्नर के सामने जा कर के प्रदर्शन कियाहिंसक वारदातें भी कींआप हैरान हो जाएंगे जो काम लंदन में हमेशा पाकिस्तान करता रहता हैपाकिस्तान के पैसों से कुछ बिकाऊ लोग करते रहते हैंपाकिस्तान से आकर के जो लंदन में बसे हैं वो लोग करते हैं।

पहली बार जो काम पाकिस्तान हमेशा करता था ये कांग्रेस वालों ने कियाबताओ इससे ज्यादा शर्म की बात क्या हो सकती है। क्या दुनिया के देशों में भारत की ही एंबेसी के सामने कभी कोई भारत का व्यक्ति प्रदर्शन करता है क्याअगर गिला-शिकवा है तो जाता है मिलता हैअंदर कमरे में बैठता हैचाय पीता हैबात बताता है और एंबेसी जो कागज होते हैं भारत सरकार को पहुंचा देती है। दुनिया में हिंदुस्तान को बदनाम करने का काम हो रहा है और तब जाकर के लगता है कि भारत की संसद ने नागरिकता के कानून में सुधार किया है वो हजारों प्रतिशत सच्चा निर्णय है वो आपके कारनामों से अब सिद्ध होने लगा है। 

साथियोदेश का भला करने कीदेश के लोगों का भला करने की इस कांग्रेस और उसके साथियों से अब कोई उम्मीद नहीं बची हैये सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार के लिए ही सार्वजनिक जीवन में आए हैं और इसलिए जो देश के हित में काम करता हैसमाज के हित में काम करता है उसे ये कभी स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। भाइयो-बहनोकल्पना कीजिए और मैं विशेष रूप से आज संथाल के लोगों के बीच में आया हूंमैं आग्रह से कहना चाहता हूं कल्पना कीजिए अगर बाबा तिलका मांझी सिर्फ अपना ही हित सोचते तो क्या समाज के लिए इतना कुछ कर पातेअगर सिद्धू कान्हूचांद-भैरव सिर्फ अपना ही भला करने के लिए सोचतेअपने ही परिवार का भला करने के लिए सोचते तो क्या अंग्रेज हिंदुस्तान से जाते। ये तमाम सेनानीये तमाम शहीद परिवार अपने निजी हित से ऊपर उठकर समाज हित में राष्ट्र के हित में खड़े हुएभाजपा ऐसे ही संस्कारों को धारण करती है उनको सम्मान देती है।

साथियोयही कारण है कि आदिवासी समाज से निकले ऐसे सेनानियों की गाथाओं को अमर बनाने के लिए भाजपा की सरकार लगातार नई-नई योजनाएं बना रही है। देश भर में आदिवासी सेनानियों से जुड़े स्मारक और संग्रहालय बनाए जा रहे हैंबड़े संस्थान बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहींहमारा प्रयास है कि जनजातीय भाषासंस्कृति और परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए उच्च शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए। साथियोसंथाली भाषा और साहित्य देश के प्राचीनतम संसाधनों में से एक हैज्ञान का ऐसा अद्भुत खजाना इस धरती में छुपा हुआ है आप की जुबान पर वो प्रकट होता है और जिस पर रिसर्च करना बहुत जरूरी है। मुझे खुशी हुई इस बार जो राज्यसभा का सत्र हुआराज्यसभा के अंदर संथाली भाषा में भाषण हुआ और बाकी लोगों को उसका भाषण तक ट्रांसलेशन उनको अलग से सुना दिया गया। संथाल की इस भाषा को भारत की राज्यसभा में सम्मानित किया गया और इसके लिए मैं हमारे देश के उपराष्ट्रपति श्रीमान वैंकय्या नायडू जी को लाख-लाख अभिनंदन देता हूं इस प्रकार की उनकी सोच के लिए। यही कारण है कि देश भर में अनेक नए ट्रायबल इंस्टिट्यूट खोले जा रहे हैं। इतना ही नहीं दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आदिवासी संस्थान जल्द बने इस पर भी काम किया जा रहा है।

भाइयो-बहनोसंस्कृति और परंपरा के स्थानज्ञान और प्रेरणा के साथ-साथ पर्यटन के लिएरोजगार के लिए भी अहम होते हैं। यहां तो भगवान शंकर से जुड़े अनेक मंदिर हैंमलूटी मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थान हैं। ऐसे में यहां आस्था और आध्यात्म से जुड़े टूरिज्म के लिए बहुत संभावनाएं हैं और इसलिए भाजपा इस क्षेत्र में टूरिज्म के अवसरों को बढ़ाने पर भी काम कर रही है। साथियोपहले सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह जाते थे और रुपए मार लिए जाते थे क्योंकि सरकार और जनता के बीच एक बहुत बड़ी खाई थी और उनके इरादों में भर-भर के बेईमानी भरी पड़ी थी। ये खाई राजनीति की थीअफसरशाही की थीभ्रष्टाचार की थीअसंवेदनशीलता की थी। आपका ये सेवक इस खाई को पाटने में निरंतर जुटा है और इसमें अभूतपूर्व सफलता भी मिली है।

ये जन भागीदारी का ही परिणाम है जिसके कारण सिर्फ 60 महीने में ही देश भर में 11 करोड़ से अधिक शौचालय बने। यहां झारखंड में भी करीब 36 लाख शौचालय तैयार हो गए। आप याद कीजिए पांच साल पहले लोग चर्चा करते थे कि जिस झारखंड की आधी से ज्यादा आबादी खुले में शौच करने पर मजबूर हैजहां की माताएंबहनेंबेटियां घोर पीड़ा में हैंअंधेरे में उनके साथ अनहोनी होने की आशंका बनी रहती है वहां सफलता कैसे मिलेगी लेकिन झारखंड के आदिवासी साथियों नेबहनों ने इसको सरकारी अभियान नहीं रहने दियाइस अभियान को अपना बनाकर आगे बढ़ायापरिणाम आप देख ही रहे हैं। आज झारखंड के दूर-सुदूर इलाकों में घने जंगलों के बीच बसे गरीब परिवारों को आदिवासी भाई-बहनो को भी आज शौचालय मिला है। सरकार ने सिर्फ प्रोत्साहन दिया बाकी काम तो जनता-जनार्दन ने कर दियारानी मिस्त्री बहनों ने कर दियायही तो स्वराज हैयही तो सुशासन का आधार है।

भाइयो-बहनोयहां उज्जवला योजना के तहत बहुत बड़ा काम हुआ हैआज झारखंड के 33 लाख परिवारों को गैस का मुफ्त कनेक्शन मिला हैइसमें भी आदिवासी और दलित बहनो को करीब 12 लाख गैस कनेक्शन मिले हैं जो पहले कोई सोच भी नहीं सकता था वो हमने कर के दिखाया हैभाजपा की सरकार के काम करने का तरीका यही है। मैं आपको एक और उदाहरण देता हूं। साथियो2014 से पहले सिर्फ दिल्ली और रांची से ही शासन चलाने की व्यवस्था थीगांव में अगर कुंआ या नहर बनाने की जरूरत होती थी तो योजना कहीं और बनती थी। गरीब की घर बनाना है तो उसका नक्शाउसमें क्या सामान लगना वो भी दिल्ली में तय होता था उसके आधार पर ही पंचायतों को पैसे दिए जाते थे हमने इस व्यवस्था को बदलने का प्रयास किया है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो मकान बन रहे हैं जो आवास तैयार हो रहे हैं वो घर का मालिक और घर की मालकिन जो तय करेगी वैसा बनेगादिल्ली तय नहीं करता है। यही कारण है कि अब गरीबों के घर अच्छे भी बन रहे हैं और तेजी से भी बन रहे हैं। बीते चार साल में झारखंड में भी 10 लाख गरीबों के घर बने हैं और जिनको अभी घर मिला नहीं है उनको भी मैं कहता हूं8 लाख घर अभी बन रहे हैं और 2022 तक एक भी मेरा गरीब आदिवासीगरीब कोई भी पक्के मकान के बिना नहीं रहेगा ये मैं आप से वादा करने आया हूं।

भाइयो-बहनोयाद करिए 2014 से पहले यहां जो मुख्यमंत्री थे वो 30-35 हजार घरों के निर्माण का वादा करते थे और उसको ही बहुत बड़ी अपनी उपलब्धि बताते थे। अब कहां 30-35 हजार और कहां 10 लाख हमने इतने समय में 10 लाख करके दिखाए। अब हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि देश के हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर हो। साथियोइसके साथ ही हमने हर घर जल पहुंचाने के लिए भी बहुत बड़ा अभियान शुरू किया है। यहां जो पानी से संबंधितसिंचाई से संबंधित समस्या है हम उसे भलीभांति समझते हैं और उसे सुलझाने का प्रयास भी कर रहे हैं। जल-जीवन मिशन के तहत जो भी काम होगा उस पर ग्राम समितियों काजल समितियों का बहुत बड़ा व्यापक रोल होने वाला है। कहां और कैसे पानी जाना हैघरों में कैसे पानी पहुंचेखेत में कैसे पानी पहुंचेइसकी योजना से लेकर पानी के स्रोतों के संरक्षण और सप्लाई तक इन समितियों के साथ मिलकर के हम काम करने वाले हैं यानी एक तरह से आपको ही तय करना हैपानी का प्रबंधन कैसे करना हैपैसे सरकार देगी और प्लानिंग आप करेंगे।

साथियोये क्षेत्र तो मयूराक्षीअजय और मोतीहारी जैसी जीवनधारी धाराओं से समृद्ध है लेकिन आपके खेतों और घरों में पानी पहुंचाने के लिए पहले की सरकारों ने गंभीरता से काम नहीं किया है। जेएमएम और कांग्रेस का तो ध्यान ही इस बात पर रहा कि सिंचाई विभाग के बजट में किस नेताकिस पार्टी का अधिक हिस्सा रहेगा। सोचिएआजादी के अनेक दशकों बाद भी झारखंड में सिर्फ 12-15 प्रतिशत गांवोंकस्बों तक पानी की पाइप लाइन पहुंची थीइस स्थिति को बदलने का काम भाजपा ने किया। इसी का परिणाम है कि बीते पांच साल में झारखंड में पाइप लाइन कनेक्टिविटी दो गुना से अधिक हो चुकी है। मैं आपको फिर ये भरोसा देता हूंजल-जीवन मिशन से आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगायहां की सिंचाई व्यवस्था को हम उत्तम बनाएंगे। 

साथियोझारखंड के लोगों के लिएअपने आदिवासी भाई-बहनो के जीवन को आसान बनाने के लिए भाजपा के प्रयासहमारी नीयत और हमारे सेवाभाव के जीते जागते सुबूत हैं। यही सेवा भाव आपके जलआपके जंगल और आपके अधिकार को सुरक्षित करने की गारंटी देते हैं। भाजपा की सरकार आपको पूछे बगैरआपकी अनुमति के बगैर कोई भी कदम नहीं उठा सकती। जनहितजनभावना और आपकी इच्छा के साथ हीआपकी इच्छा हीये हमारे लिए सर्वोपरि है। हम ऐसी सरकार चलाते हैं जिसका कोई रिमोट कंट्रोल नहीं होता हैहम ऐसी सरकार चलाते हैं जिसका एक ही हाईकमान होता है और वो हाईकमान ये मेरी जनता जनार्दन होती हैमेरे देशवासी होते हैंमेरे संथाल के मेरे आदिवासी भाई-बहन यही हमारे हाईकमान होते हैं। भाइयो-बहनोसंवेदनशीलताजन समस्याओं के प्रति सजगता और उनके निराकरण के लिए ईमानदार प्रयास ही भाजपा की सरकार की पहचान रही है। वरना कांग्रेस और जेएमएम की सरकारों ने क्या किया था ये भी आपको याद रखना जरूरी है। जेएमएम लंबे समय से कांग्रेस की सहयोगी रही हैदिल्ली मेंबिहार में और फिर झारखंड में भी वो सरकार का हिस्सा रही है। इतने वर्षों में इन्होंने झारखंड की पहचान के साथ पिछड़ा शब्द जोड़ दिया। उन्होंने आप पर खर्च होने वाले पैसों को लूटा और आपको पाई-पाई के लिए मजबूरमोहताज होना पड़ा।

भाइयो-बहनोदुमका सहित झारखंड के बीस जिले ऐसे हैंजहां कांग्रेस और उसके साथी वर्षों से शासन के बावजूद बुनियादी सुविधाएं तक नहीं पहुंचा पाए। ये भाजपा की सरकार है जिसने झारखंड के अपने इन 20 जिलों को पिछड़े के बजाए आकांक्षी घोषित किया। आकांक्षी यानी जो विकास चाहता हैआकांक्षी यानी जिसका विकास करने का हमने संकल्प लिया है। आपको जानकर हर्ष होगा कि देश के 100 से अधिक ऐसे जिलों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जो टॉप-3 जिले हैं वो तीन जिले झारखंड के हैं। ये फर्क होता है सोच और संकल्प मेंजो जेएमएम और कांग्रेस के पास कतई नहीं है।

भाइयो-बहनोजेएमएम-कांग्रेस और वामपंथियों के लिए आपका विकास आदिवासी क्षेत्रों का विकास कभी प्राथमिकता नहीं रहा है। यही कारण है कि आजादी के अनेक दशकों तक सड़क से अगर वंचित रहे हैं तो वो आदिवासी क्षेत्र रहे हैंबिजली की सुविधा से अगर वंचित रहे हैं तो आदिवासी क्षेत्र के लोग रहे हैंसिंचाई की सुविधा से वंचित रहे हैं तो आदिवासी इलाके के किसान रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में जीने के लिए अगर कोई मजबूर रहा है तो आदिवासी क्षेत्र के लोग रहे हैंपढ़ाई-लिखाई से वंचित रहे हैं तो आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे रहे हैं।

भाइयो-बहनो21वीं सदी के भारत के लिए19 बरस के झारखंड के लिए ये स्थितियां हमें स्वीकार नहीं हैं। यही कारण है कि हर गांव तक बिजली पहुंचाने का काम भाजपा ने किया है। अब हर गांव को सड़क से जोड़ने का काम भी भाजपा कर रही है। इस क्षेत्र को रेलवे से जोड़ने का और दुमका हवाई अड्डे को सुधारने का काम भी भाजपा सरकार कर रही है। झारखंड के हर किसान परिवार को हर वर्ष हजारों रुपए की सीधी मदद बैंक खाते में जमा करने का काम भी भाजपा ही कर रही है। मुझे बताया गया है कि इस क्षेत्र के हजारों किसानों को इसका बहुत लाभ हुआ हैखेती में बहुत मदद मिली है। 

साथियोझारखंड के आदिवासी बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए ज्यादा दूर तक जाना ना पड़े इसके लिए हर ब्लाक में एकलव्य मॉडल स्कूल बनाने का संकल्प भी भाजपा की ही सरकार ने किया है। झारखंड में आईआईटी और एम्स जैसे उच्च शिक्षा के इंजीनियरिंग और डॉक्टरी के संस्थान खुले ये काम भी भाजपा ने किया है जबकि याद रखिएगा कांग्रेस और जेएमएम की सरकारों ने तो यहां एम्स के लिए भी रोड़े अटकाने का काम किया था।

साथियो, जिस झारखंड को जेएमएम और कांग्रेस ने पिछड़ेपन का प्रतीक बनाया उसी भारत को हम बदलते भारत की नई पहचान से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। बीते पांच वर्षों में देश की सबसे बड़ी और करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने वाली शुरुआत इसी झारखंड की धरती से हुई है। आपको याद होगा कि देश में स्वरोजगार की क्रांति लाने वाली मुद्रा योजना की शुरुआत यहीं दुमका से की गई थी। आज करीब दस लाख रुपए के लगभग 20 करोड़ के ऋण बैंकों से छोटे उद्योगों को मिल चुके है।

झारखंड के लाखों युवाओं को, बहनों को इससे रोजगार मिला है, बैंकों से गारंटी का ऋण मिला है, स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है इसमें से 55 प्रतिशत से अधिक दलित आदिवासी और पिछड़े उद्यमी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम आयुष्मान भारत इसकी योजना की शुरुआत भी ये झारखंड की धरती से की गई। देश के करोड़ों किसान परिवारों को और छोटे दुकानदारों के लिए पेंशन की ऐतिहासिक योजना की भी यहीं से शुरुआत की गई, उसका गौरव भी झारखंड को मिलता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को तहत अनेक दूर-सुदूर के गांवों तक सड़कें पहुंच रही हैं, पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ सैंकड़ों किसानों को पहुंचा है।

भाइयो और बहनो, जेएमएम और कांग्रेस के शासन में विकास को लेकर जो लापरवाही बरती गई उसने यहां की जनजातीय समुदाय का बहुत नुकसान किया है। भाजपा झारखंड को, यहां के आदिवासी समुदाय को इसी से बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। भाजपा हिंसा के रास्ते पर निकले युवाओं को सही रास्ते पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे खुशी है कि भाजपा के विकास कार्यों के बाद बहुत से युवा हिंसा का रास्ता छोड़ कर के मुख्य धारा में लौट रहे हैं, अपने परिवारों के बीच वापस आ रहे हैं।

साथियो, झारखंड के विकास का ये रास्ता भी तभी मजबूत हो सकता है जब आप एक बार फिर भाजपा की डबल इंजन की सरकार को मजबूत करेंगे। झारखंड में दलित, आदिवासी, पिछड़े, वंचित, शोषित, किसान, श्रमिक, माताएं, युवाओं के हित में चलने वाली योजनाएं तभी ठीक से आगे बढ़ पाएंगी जब दिल्ली और रांची में एक ही सोच और समझ वाली सरकार हो। झारखंड का तेज विकास तभी संभव हो पाएगा जब वादों वाली नहीं, इरादों वाली भाजपा सरकार हो। आपका हर वोट सिर्फ यहां विधायक नहीं बनाएगा, सिर्फ मुख्यमंत्री तय नहीं करेगा जबकि मेरे लिए भी झारखंड में आसानी से काम करने का रास्ता बनाएगा, मुझे सेवा करने का मौका मिलेगा। मुझे विश्वास है कि आप एक बार फिर कमल के फूल को पूरी शक्ति के साथ खिलाएंगे, कमल के फूल का बटन दबाएंगे, भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाएंगे और हम सबका एक ही मंत्र रहा, वादा रहा। झारखंड पुकारा भाजपा दोबारा, झारखंड पुकारा भाजपा दोबारा, मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister recalls the courage of those impacted by Partition on Partition Horrors Remembrance Day
August 14, 2026
PM shares Sanskrit Subhashitam highlighting the power of hard work and human endeavor

Prime Minister Shri Narendra Modi today stated that as we mark Partition Horrors Remembrance Day, we recall the courage of all those who were impacted by Partition. He noted that it was a moment in history that tore apart several lives, where families were uprooted, loved ones were lost, and immense suffering was endured.

The Prime Minister highlighted that at the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement, and contributed immensely to our nation’s progress. He observed that their life journeys remind us of the strength of the human spirit. Shri Modi expressed hope that this day may deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat.

The Prime Minister offered his heartfelt tributes to all those countrymen who, emerging from that horrific period, made invaluable contributions to the progress of the country. He stated that through their courage and capability, they showed how resolutions are accomplished even in adverse circumstances. Shri Modi called upon everyone to further strengthen the national spirit of goodwill and solidarity.

Sharing a Subhashitam, the Prime Minister emphasized that it is through hard work, enterprise, and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship, and innovations flourish, paving the way for success. He added that therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence, and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.

In a series of posts on X, the Prime Minister wrote:

"Today we mark #PartitionHorrorsRemembranceDay. We recall the courage of all those who were impacted by Partition. It was a moment in history that tore apart several lives…families were uprooted, loved ones were lost and immense suffering was endured.

At the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement and contributed immensely to our nation’s progress. Their life journeys remind us of the strength of the human spirit.

May this day deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.