We are not merely reforming India but are transforming India: PM Modi
An India free from poverty, terrorism, corruption, communalism, casteism is being created: PM
Good infrastructure is no longer about roads and rail only. It includes several other aspects that bring a qualitative change in society: PM
We have not shied away from taking decisions that are tough. For us, the nation is bigger than politics: PM
In addition to infrastructure, we are focussing on infraculture, which will help our hardworking farmers: PM Modi

ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಇಂದು ಮ್ಯಾನ್ಮಾರ್ ನ ಯಾಂಗನ್ ನಲ್ಲಿ ಭಾರತೀಯ ಸಮುದಾಯ ಉದ್ದೇಶಿಸಿ ಭಾಷಣ ಮಾಡಿದರು.


“ನೀವು ಐತಿಹಾಸಿಕವಾಗಿ ಹಾಗೂ ಭೌಗೋಳಿಕವಾಗಿ ಸಾವಿರಾರು ವರ್ಷಗಳ ಹಂಚಿಕೆಯ ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಮತ್ತು ನಾಗರೀಕತೆಯನ್ನು ಹಾಗೂ ಭಾರತ ಮತ್ತು ಮ್ಯಾನ್ಮಾರ್ ನ ಮಹಾನ್ ಪುತ್ರರ ಮತ್ತು ಪುತ್ರಿಯರನ್ನು ಪ್ರತಿನಿಧಿಸುತ್ತೀರಿ” ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಿ ಸಭಿಕರನ್ನುದ್ದೇಶಿಸಿ ಹೇಳಿದರು. ಮ್ಯಾನ್ಮಾರ್ ನ ಶ್ರೀಮಂತ ಆಧ್ಯಾತ್ಮಿಕ ಸಂಪ್ರದಾಯದ ಬಗ್ಗೆ ಸವಿಸ್ತಾರವಾಗಿ ಪ್ರಧಾನಿ ವಿವರಿಸಿದರು.

ಭಾರತೀಯ ಸಮುದಾಯ ಭಾರತಕ್ಕೆ ‘ರಾಷ್ಟ್ರ -ಮಿತ್ರ’ನಿದ್ದಂತೆ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಿ ಹೇಳಿದರು. ಯೋಗಕ್ಕೆ ಜಾಗತಿಕ ಮನ್ನಣೆ ದೊರೆತಿರುವುದು ಈ ಸಮುದಾಯದ ಸಾಧನೆಯಾಗಿದೆ. ಇವರು ಯೋಗವನ್ನು ವಿಶ್ವದ ಎಲ್ಲ ಮೂಲೆ ಮೂಲೆಗೂ ತಲುಪಿಸಿದರು ಎಂದರು.

“ನಾನು ನಿಮ್ಮನ್ನು ಭೇಟಿ ಮಾಡಿದಾಗ, ವಿದೇಶಗಳಲ್ಲಿ ನೆಲೆಸಿರುವ ನಮ್ಮ ಜನರ ಭಾರತದಲ್ಲಿರುವ ಸರ್ಕಾರಿ ಪ್ರಾಧಿಕಾರಗಳೊಂದಿಗಿನ ಸಂವಹನ ಏಕಮುಖವಾದುದಲ್ಲ ಎಂಬುದು ಅರಿವಾಯಿತು” ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಿ ತಿಳಿಸಿದರು.

“ನಾವು ಕೇವಲ ನಮ್ಮ ರಾಷ್ಟ್ರದ ಸುಧಾರಣೆ ಮಾಡುತ್ತಿಲ್ಲ, ನಾವು ಅದನ್ನು ಪರಿವರ್ತನೆ ಮಾಡುತ್ತಿದ್ದೇವೆ” ಎಂದು ಪ್ರತಿಪಾದಿಸಿದ ಪ್ರಧಾನಿ, ಬಡತನ, ಭಯೋತ್ಪಾದನೆ, ಭ್ರಷ್ಟಾಚಾರ, ಕೋಮುವಾದ ಮತ್ತು ಜಾತಿಪದ್ಧತಿ ಮುಕ್ತವಾದ ಭಾರತದ ನಿರ್ಮಾಣ ಮಾಡುತ್ತಿದ್ದೇವೆ ಎಂದೂ ತಿಳಿಸಿದರು.

ಭಾರತ ಸರ್ಕಾರ, ಮೂಲಸೌಕರ್ಯದ ಮೇಲೆ ಗಮನ ಹರಿಸಿದೆ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಿ ತಿಳಿಸಿದರು. ಉತ್ತಮ ಮೂಲಸೌಕರ್ಯ ಎಂಬುದು ರಸ್ತೆಗಳು, ರೈಲು ಮಾರ್ಗಗಳಿಗಷ್ಟೇ ಸೀಮಿತವಲ್ಲ, ಅದು ಸಮಾಜದಲ್ಲಿ ಗುಣಾತ್ಮಕವಾದ ಬದಲಾವಣೆ ತರುವ ಇತರ ಹಲವು ಅಂಶಗಳನ್ನೂ ಒಳಗೊಂಡಿರುತ್ತದೆ ಎಂದರು. ಸರ್ಕಾರ ಕಠಿಣ ನಿರ್ಧಾರ ಕೈಗೊಳ್ಳುವ ವಿಚಾರದಲ್ಲಿ ಹಿಂಜರಿಯುವುದಿಲ್ಲ ಎಂದೂ ಪ್ರಧಾನಿ ಸ್ಪಷ್ಟಪಡಿಸಿದರು.

ಜಿಎಸ್ಟಿ ಈಗ ದೇಶದಾದ್ಯಂತ ಹೊಸ ಸಂಸ್ಕೃತಿಯನ್ನು ಹುಟ್ಟುಹಾಕುತ್ತಿದೆ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಿ ತಿಳಿಸಿದರು. ಭಾರತ ಪರಿವರ್ತನೆ ಆಗುತ್ತದೆ ಮತ್ತು ನಮ್ಮ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯಲ್ಲಿ ನುಸುಳಿರುವ ಕೆಲವು ಕೆಟ್ಟತನವನ್ನು ಹೋಗಲಾಡಿಸಿ ಮುಕ್ತಗೊಳಿಸುತ್ತೇವೆ ಎಂಬ ವಿಶ್ವಾಸ ಭಾರತದ ಜನರಲ್ಲಿ ಮೂಡಿದೆ ಎಂದರು.

ಭಾರತ ಮತ್ತು ಮ್ಯಾನ್ಮಾರ್ ಬಾಂಧವ್ಯದಲ್ಲಿ ಜನರೊಂದಿಗಿನ ಸಂಪರ್ಕ ನಮ್ಮ ಬಲವಾಗಿದೆ ಎಂದರು.

ಯಾಂಗನ್ ವಲಯದ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ಪ್ಯೋ ಮಿನ್ ತೇಯಿನ್ ಅವರು ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಹಾಜರಿದ್ದರು.

 

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।