ಇಂದು ದೆಹಲಿಯ ಜನರು ಉತ್ಸಾಹ ಮತ್ತು ನೆಮ್ಮದಿಯಿಂದ ತುಂಬಿದ್ದಾರೆ. ವಿಜಯಕ್ಕಾಗಿ ಉತ್ಸಾಹ ಮತ್ತು ಪರಿಹಾರ ದೆಹಲಿಯನ್ನು ಎಎಪಿ-ಡಾದಿಂದ ಮುಕ್ತಗೊಳಿಸುವುದರಿಂದ: ಬಿಜೆಪಿ ಗೆಲುವಿನ ನಂತರ ಪ್ರಧಾನಿ
ದೆಹಲಿಯ ನಿಜವಾದ ಮಾಲೀಕರು ಅದರ ಜನರು ಎಂದು ದೆಹಲಿಯ ಜನಾದೇಶ ಸ್ಪಷ್ಟಪಡಿಸಿದೆ, ರಾಜಧಾನಿಯನ್ನು ತಮ್ಮ ವೈಯಕ್ತಿಕ ಕ್ಷೇತ್ರವೆಂದು ಪರಿಗಣಿಸುವವರನ್ನು ತಿರಸ್ಕರಿಸಿದೆ: ಪ್ರಧಾನಿ
ಆಡಳಿತವು ನೌಟಂಕಿಗೆ ವೇದಿಕೆಯಲ್ಲ: ಬಿಜೆಪಿ ದೆಹಲಿಯನ್ನು ಗೆದ್ದ ನಂತರ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ ಎಎಪಿ-ಡಾವನ್ನು ಟೀಕಿಸಿದರು
ದೆಹಲಿ ಚುನಾವಣೆಯಲ್ಲಿ ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಎರಡು ಹ್ಯಾಟ್ರಿಕ್ ಸೊನ್ನೆಗಳನ್ನು ಗಳಿಸಿದೆ: ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ನಾಯಕರು ಬಹಿರಂಗವಾಗಿ ಭಾರತ ವಿರುದ್ಧ, ಭಾರತೀಯ ರಾಜ್ಯದ ವಿರುದ್ಧ ಹೋರಾಡುತ್ತಿದ್ದೇವೆ ಎಂದು ಹೇಳುತ್ತಾರೆ. ಇದು ನಕ್ಸಲೀಯರ ಭಾಷೆ: ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಸಮರ್ಥ ಯುವಕರು ರಾಜಕೀಯ ಪ್ರವೇಶಿಸದಿದ್ದರೆ, ತಪ್ಪು ಜನರು ಅಧಿಕಾರ ವಹಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾರೆ. ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹೊಂದಿದ ಭಾರತವನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸಲು, ನಮಗೆ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಹಂತದಲ್ಲೂ ಹೊಸ ನಾಯಕತ್ವ ಮತ್ತು ನಾವೀನ್ಯತೆ ಬೇಕು: ಬಿಜೆಪಿ ಪ್ರಧಾನ ಕಚೇರಿಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ

भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !
यमुना मैया की...जय ! यमुना मैया की...जय ! यमुना मैया की...जय !

आज दिल्ली में, दिल्ली के लोगों में एक उत्साह भी है। एक सुकून भी है। उत्साह विजय का है और सुकून दिल्ली को आपदा से मुक्त कराने का है। साथियों, मैंने हर दिल्लीवासी के नाम एक पत्र भेजा था और आप सबने हर परिवार में मेरा एक पत्र पहुंचाया था और मैंने दिल्ली से प्रार्थना कि थी 21वीं सदी में भाजपा को सेवा का अवसर दीजिए। दिल्ली को विकसित भारत की विकसित राजधानी बनाने के लिए भाजपा को मौका दीजिए। मैं दिल्ली के हर परिवारजन को मोदी की गारंटी पर भरोसा करने के लिए दिल्लीवासियों को सर झुकाकर नमन करता हूं। मैं दिल्लीवासियों का आभार व्यक्त करता हूं। साथियों, दिल्ली ने दिल खोलकर हमें प्यार दिया है। और मैं दिल्लीवासियों को फिर से एक बार विश्वास दिलाता हूं आपके इस प्यार को सवा गुना कर के विकास के रूप में हम लौटाएंगे। दिल्ली के लोगों का ये प्यार, ये विश्वास हम सभी पर एक कर्ज़ है। इसे अब दिल्ली की डबल इंजन सरकार, दिल्ली का डबल तेजी से विकास करके चुकाएगी। साथियों, आज की ये विजय ऐतिहासिक है। ये सामान्य विजय नहीं है। दिल्ली के लोगों ने आप-दा को बाहर कर दिया है। एक दशक की आप-दा से दिल्ली मुक्त हो गई है। दिल्ली का जनादेश एकदम स्पष्ट है। आज दिल्ली में विकास, विजन और विश्वास की जीत हुई है। आज आडंबर, अराजकता, अहंकार और दिल्ली पर छाई आपदा की हार हुई है। इस नतीजे में भाजपा के कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत, उनका परिश्रम ये विजय को चार चांद लगा देता है। और आप सभी कार्यकर्ता इस विजय के हकदार हैं। मैं भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को भी आप सबको भी इस विजय की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथियों, आज दिल्ली की जनता ने साफ कर दिया है कि दिल्ली की असली मालिक सिर्फ और सिर्फ दिल्ली की जनता है। जिनको दिल्ली का मालिक होने का घमंड था, उनका सच से सामना हो गया है। दिल्ली के जनादेश से ये भी स्पष्ट है कि राजनीति में शॉर्ट कट के लिए, झूठ और फरेब के लिए कोई जगह नहीं है। जनता ने शॉर्ट कट वाली राजनीति का शॉर्ट सर्किट कर दिया है।

साथियों,
दिल्ली के लोगों ने लोकसभा चुनाव में मुझे कभी निराश नहीं किया है। 2014, 2019 और 2024 तीनों चुनावों में, दिल्ली के लोगों ने बीजेपी को 7 की 7 सीटों पर भव्य विजयी बनाया। (आप नीचे रहिए औरों को परेशानी हो रही है। आपका उत्साह मेरे सर आंखों पर। आपकी फोटो भी निकल चुकी है, वीडियो में आ चुका है अब आप प्यार से बैठिए)। साथियों, तीन-तीन बार लोकसभा में शत-प्रतिशत विजय दिलाने के बाद लेकिन मैं देख रहा था देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं के और दिल्ली के कार्यकर्ताओं के मन में भी एक टीस थी, कसक थी ये टीस दिल्ली की पूरी तरह से सेवा ना कर पाने की थी। लेकिन आज दिल्ली ने हमारा वो आग्रह भी मान लिया। दिल्ली की युवा पीढ़ी, इक्कीसवीं सदी में पैदा हुए साथी, अब पहली बार दिल्ली में भाजपा का सुशासन देखेंगे। आज के नतीजे दिखाते हैं कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के लिए, देश में कितना भरोसा है। लोकसभा चुनाव में जीत के बाद हमने पहले हरियाणा में अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया। फिर महाराष्ट्र में नया रिकॉर्ड बनाया। अब दिल्ली में नया इतिहास रचा गया है।

साथियों,
आज के नतीजों का एक और पक्ष भी है। ये हमारा दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं है। दिल्ली मिनी हिंदुस्तान है। ये लघु भारत है। दिल्ली, एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विचार को जीती है। जी-जान से जीती है। दिल्ली में दक्षिण भारत के लोग भी हैं। दिल्ली में पश्चिम भारत के लोग भी हैं। दिल्ली में पूर्वी भारत के लोग भी हैं। एक तरह से, दिल्ली विविधताओं से भरे भारत का लघु रूप है। और आज इसी विविधताओं वाली दिल्ली ने, भाजपा को प्रचंड जनादेश का आशीर्वाद दिया है। दिल्ली का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, कोई ऐसा वर्ग नहीं है, जहां कमल नहीं खिला। हर भाषा बोलने वालों ने, हर राज्य के लोगों ने भाजपा के कमल निशान पर वोट दिया। और साथियों इस चुनाव में मैं जहां भी गया, मैं गर्व से कहता था मैं तो पूर्वांचल से सांसद हूं। ये पूर्वांचल से मेरा अपनेपन का रिश्ता, पूर्वांचल के लोगों ने इस रिश्ते को प्यार की विश्वास की नई ऊर्जा दे दी नई ताकत दे दी। इसलिए मैं पूर्वांचल के लोगों का पूर्वांचल के सांसद के नाते विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं। जब हर एक का साथ मिलता है तो हर दिल्लीवासी को मेरी गारंटी है - सबका साथ सबका विकास, पूरी दिल्ली का विकास। साथियों दिल्ली के इस विजय उत्सव के साथ-साथ आज अयोध्या के मिल्कीपुर में भी भाजपा को शानदार जीत मिली है। हर वर्ग ने भारी संख्या में भाजपा के लिए मतदान किया है। अभूतपूर्व विजय दिया है। साथियों, आज देश तुष्टिकरण नहीं, बल्कि भाजपा के संतुष्टिकरण की पॉलिसी को चुन रहा है।

साथियों,
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की राजनीति, टकराव और प्रशासनिक अनिश्चितता ने दिल्ली के लोगों का बहुत नुकसान किया है। आज दिल्ली के विकास के सामने से एक बड़ी रुकावट आप सब दिल्ली वासियों ने दूर कर दी है। सोचिए…कैसी राजनीति रही होगी? कैसी सोच होगी इन लोगों की? इन लोगों ने मेट्रो का काम आगे बढ़ाने से रोका। इन आपदा वालों ने झुग्गी वालों को घर देने से रोका। इन आपदा वालों ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी दिल्ली के लोगों को मिलने नहीं दिया। अब दिल्ली के लोगों ने साफ संदेश दिया है- governance. और साथियों दिल्ली ने देखा है पहले का जमाना governance ये नौटंकी का मंच नहीं है, governance प्रचार का मंच नहीं है, governance प्रपंच का मंच नहीं है। अब जनता ने स्थिर और डबल इंजन की सरकार को चुना है। हम पूरी गंभीरता से धरातल पर रहकर काम करेंगे, हम दिल्ली के लोगों की सेवा में दिन-रात एक कर देने वाले लोग हैं।

साथियों,
पूरा देश जानता है कि जहां एनडीए है, वहां सुशासन है। विकास है, विश्वास है। एनडीए का हर कैंडिडेट, हर जनप्रतिनिधि, लोगों के हित में काम करता है। देश में एनडीए को जहां भी जनादेश मिला है, हमने उस राज्य को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। और इसलिए भाजपा को लगातार जीत मिल रही है। लोग हमारी सरकारों को दूसरी बार, तीसरी बार चुन रहे हैं। उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, एमपी में। गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, बिहार में। असम, अरुणाचल, मणिपुर में। हर राज्य में हमें दोबारा सत्ता मिली है। साथियों, यहां दिल्ली के बगल में यूपी है। एक जमाने में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था कितनी बड़ी चुनौती थी और सबसे बड़ा चैलेंज नारी शक्ति के लिए होता था। यूपी में दिमागी बुखार का कहर बरसता था। लेकिन हमने इसका अंत करने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम किया। आप याद करिए, महाराष्ट्र में हर साल सूखे के कारण हमारे अन्नदाताओं पर कितना बड़ा संकट आता था। लेकिन हमारी सरकार आने के बाद, हमने जल युक्त शिवर जैसे अभियान चलाकर किसानों तक पानी पहुंचाया। हरियाणा में किसी को बिना खर्ची, बिना पर्ची के सरकारी नौकरी नहीं मिलती थी। लेकिन आज बीजेपी, वहां सुशासन का नया मॉडल स्थापित कर रही है। पूर्वोत्तर में, हमारी सरकारों ने वहां के लोगों को विकास की नई धारा से जोड़ा है। एक जमाना था, जब गुजरात में पानी का इतना बड़ा संकट था। खेती-किसानी मुश्किल थी। लेकिन आज वही गुजरात एग्रीकल्चर पावर हाउस बनकर उभरा है। आप याद करिए, नीतीश जी के पहले, बिहार किस हालत में था। बिहार में नीतीश जी को अवसर मिला, बदलाव भी तभी आया, जब एनडीए की सरकार आई। ऐसे ही आंध्र प्रदेश में, चंद्रबाबू नायडू गारू ने अपना ट्रैक रिकॉर्ड साबित किया है। ये सारे उदाहरण बताते हैं कि एनडीए यानि विकास की गारंटी, एनडीए यानि सुशासन की गारंटी।

साथियों,
सुशासन का लाभ गरीब को भी होता है और मिडिल क्लास को भी होता है। इस बार दिल्ली में गरीब, झुग्गी में रहने वाले मेरे भाई-बहन, हमारे मिडिल क्लास ने भाजपा को जबरदस्त समर्थन दिया है। चाहे कोई भी प्रोफेशन हो, हर वर्ग के बहुत सारे प्रोफेशनल्स हमारी पार्टी में काम कर रहे हैं। और इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि हमारी पार्टी ने हमेशा मिडिल क्लास को अपनी प्राथमिकता पर रखा है। यहीं दिल्ली में हमने सबसे पहले मेट्रो का काम शुरू किया। हमने अन्य शहरों में एयरपोर्ट, मेट्रो और अर्बन डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट्स पर काम किया। हमारी योजनाओं में, बहुत ज्यादा फायदा मिडिल क्लास को मिलता है। स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों के कारण, छोटे शहरों के लोग अपने सपनों को पूरा कर रहे हैं। आयुष्मान भारत और जन औषधि केंद्रों के कारण देश के करोड़ों लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।

साथियों,
देश की नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारा सबसे बड़ा रक्षा कवच है। और आज एक बार फिर, नारी शक्ति ने दिल्ली में मुझे अपना आशीर्वाद दिया है। चाहे ओडिशा हो, महाराष्ट्र हो या हरियाणा हो, हमने हर राज्य में नारी शक्ति से किए हर वादे को पूरा किया। आज इन राज्यों में करोड़ों माताओ-बहनों को, हमारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मैं दिल्ली की मातृशक्ति से भी कहता हूं, चुनाव में उनसे किया वादा जरूर पूरा किया जाएगा। ये मोदी की गारंटी है। और मोदी की गारंटी यानि, गारंटी पूरा होने की गारंटी।

साथियों,
टूटती सड़कें, कूड़े के ढेर, सीवर ओवरफ्लो और प्रदूषित हवा—दिल्ली की जनता, इन सब समस्याओं से त्रस्त रही है। अब यहां बनने वाली भाजपा सरकार, दिल्ली को विकास की ऊर्जा के साथ एक आधुनिक शहर बनाएगी। साथियों, पहली बार दिल्ली-एनसीआर के हर प्रदेश में बीजेपी का शासन आया है। आजादी के बाद यह पहली बार हुआ है। राजस्थान में, यूपी में, हरियाणा में, ऐसे पड़ोस के हर राज्य में भाजपा की सरकारें हैं। ये बहुत ही सुखद संयोग है। (जरा इनको नींद आ रही है या तबीयत खराब है। जरा डॉक्टर देख लीजिए। कार्यकर्ता को पानी पिला दीजिए। शायद तबीयत ठीक नहीं है, इनको जरा संभालिए, नहीं वो थोड़े अनइजी लग रहे हैं, आप पानी पिलाएं, थोड़े अनइजी लग रहे हैं)। साथियों इन सभी क्षेत्रों में आजादी के बाद पहली बार एक साथ भाजपा की सरकारें हैं। इस एक संयोग से दिल्ली और पूरे एनसीआर में तरक्की के अनगिनत रास्ते खुलने जा रहे हैं। हमारी कोशिश होगी कि आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र में मोबिलिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ढेर सारा काम हो। और इस क्षेत्र के नौजवानों को भी तरक्की के नए-नए अवसर मिलें। साथियों, हम देख रहे हैं… आज देश तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। पहले के समय की सरकारों ने शहरीकरण को बोझ माना, इसे चुनौती समझा, उन लोगों ने शहरों को, सिर्फ पर्सनल वेल्थ कमाने का जरिया बना दिया। लेकिन मेरा मानना है, urbanization, एक opportunity है। Urbanisation गरीबों को, वंचिंतों को, सशक्त करने का भी एक माध्यम है। दिल्ली, भारत का गेटवे है और इसीलिए इसे देश का सर्वश्रेष्ठ urban infrastructure मिलना ही चाहिए। दिल्ली के लोगों ने हाउसिंग सेक्टर में हमारा काम देखा है। लोगों ने सड़कों के लिए हमारी परफॉर्मेंस देखी है। अब हम दिल्ली वालों की आकांक्षाओं को पूरा करने में पूरी शक्ति से जुट जाएंगे।

साथियों,
दिल्ली का जनादेश विकास के साथ ही विरासत की समृद्धि के लिए भी है। गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। कावेरी नर्मदे सिंधु। ये भारत का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उद्घोष है। मां यमुना हमारी आस्था का केंद्र हैं। तभी तो कहते हैं, नमो नमस्ते यमुने सदा त्वं, भवस्व मे मंगल कारणं च। हम लोग हमारा सदा मंगल करने वाली यमुना देवी को नमस्कार करते हैं। लेकिन, उसी यमुना जी की इन लोगों ने कैसी दुर्दशा कर दी? दिल्ली का तो अस्तित्व ही मां यमुना की गोद में पनपा है। दिल्ली के लोग यमुना की इस पीड़ा को देखकर कितना आहत होते रहे हैं! लेकिन, दिल्ली की आप-दा ने इस आस्था का अपमान किया। दिल्ली की आपदा ने लोगों की भावनाओं को, उनकी आस्था को पैरों तले कुचल दिया। अपनी नाकामी के लिए हरियाणा के लोगों पर इतना बड़ा आरोप लगा दिया। साथियों, मैंने चुनाव प्रचार के दौरान संकल्प लिया है कि यमुना जी को हम दिल्ली शहर की पहचान बनाएंगे। मैं जानता हूं ये काम कठिन है। मैं ये भी जानता हूं यह काम बहुत लंबे समय का है। गंगा जी का देखिए, राजीव गांधी के जमाने से वो काम चल रहा है। समय कितना ही क्यों ना जाए, शक्ति कितनी ही क्यों ना लगे, लेकिन अगर संकल्प मजबूत है तो यमुना जी के आशीर्वाद रहने वाले हैं। हम मां यमुना जी की सेवा के लिए हर प्रयास करेंगे, पूरे सेवा भाव से काम करेंगे।

साथियों,
ये आपदा वाले, ये कहकर राजनीति में आए थे कि हम राजनीति बदल डालेंगे। लेकिन ये कट्टर बेईमान निकले। मैं आज वरिष्ठ महानुभाव श्रीमान अन्ना हजारे जी का बयान सुन रहा था। अन्ना हजारे जी, काफी समय से, इन आपदा वालों के कुकर्मों की पीड़ा झेल रहे थे। आज उन्हें भी उस पीड़ा से मुक्ति मिली होगी। साथियों, जिस पार्टी का जन्म ही भ्रष्टाचार के विरुद्ध हुए आंदोलन से हुआ हो, वही भ्रष्टाचार में लिप्त हो गई। ये देश की ऐसी पार्टी बनी, जिसके मुख्यमंत्री, मंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में जेल गए। जो खुद को ईमानदारी का सर्टिफिकेट देते थे और दूसरों को बेईमानी का मेडल देते घूमते फिरते थे, वो खुद भ्रष्टाचारी निकले। ये दिल्ली के भरोसे के साथ बहुत बड़ा धोखा था। शराब घोटाले ने दिल्ली को बदनाम किया। स्कूल और अस्पताल में हुए घोटाले ने गरीब से गरीब को परेशान किया। और ऊपर से अहंकार इतना कि जब दुनिया कोरोना से निपट रही थी, तो ये आपदा वाले शीशमहल बना रहे थे। इन आपदा वालों ने अपने हर घोटाले को छिपाने के लिए रोज नई-नई साजिशें रचीं। लेकिन अब दिल्ली का जनादेश आ चुका है। मैं गारंटी दे रहा हूं। पहले विधानसभा सेशन में ही CAG की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी। भ्रष्टाचार के हर तार की जांच होगी और जिसने भी लूटा है, उसको लौटाना पड़ेगा। ये भी मोदी की गारंटी है।

साथियों,
आज जनता ने फिर एक बार फिर कांग्रेस को कड़ा संदेश दिया है। दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस ने ज़ीरो की डबल हैट्रिक लगाई है। देश की राजधानी में, देश की सबसे पुरानी पार्टी का लगातार दिल्ली में छह बार से खाता नहीं खुल रहा है। और ये लोग खुद को पराजय का गोल्ड मेडल देते फिर रहे हैं। सच्चाई ये है कि कांग्रेस पर देश बिल्कुल भरोसा करने के लिए तैयार नहीं है। पिछली बार मैंने कहा था कि कांग्रेस एक परजीवी पार्टी बन चुकी है। ये खुद तो डूबती है, अपने साथियों को भी डुबोती है। साथियों, कांग्रेस एक के बाद एक अपने सहयोगियों को खत्म कर रही है। इनका तरीक़ा भी बड़ा मज़ेदार है। आज की कांग्रेस अपने सहयोगियों की जो भाषा है, जो उनका एजेंडा है, उसी को चुराने में लगी हुई है। उनके मुद्दे चुराती है और फिर उनके वोट बैंक में सेंध मारती है। यूपी में कांग्रेस उस वोटबैंक को छीनने की कोशिश कर रही है, जिस पर समाजवादी पार्टी और बीएसपी अपना हक मानती थी। मुलायम सिंह जी इसको बराबर समझ गये थे। इसी तरह तमिलनाडु में कांग्रेस, आज DMK की भाषा डबल जोर से बोलती है उनको DMK के वोटर को लुभाना है, करके खुद की हैसियत बनानी है। बिहार में भी ये कांग्रेस ही है जो जातिवाद का जहर फैलाकर अपनी सहयोगी आरजेडी का जो पेटेंट है, उसी जमीन को खाने में जुट गई है। ठीक ऐसा ही हाल जम्मू-कश्मीर, बंगाल में भी कांग्रेस ने अपने सहयोगियों का किया है। अब आज दिल्ली में भी साफ हो गया कि जो भी कांग्रेस का हाथ एक बार थामता है, उसका बंटाधार होना तय हो जाता है। और जो राजनीति का अध्ययन करते हैं उनके लिए मैं आज एक काम छोड़ देता हूं।

देखिए इन्होंने 2014 के बाद 5 साल तक यह कोशिश की हिंदू बनने की कोशिश की। मंदिरों में जाना, माला पहनना, पूजा करना, भांति-भांति की कोशिश की। उनको लगा ये करेंगे तो बीजेपी की वोट बैंक में हम सेंध मार करके कुछ ले आएंगे, लेकिन उनकी दाल गली नहीं तो आपने देखा होगा पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने वो रास्ता बंद कर दिया। उन्होंने माना के ये भाजपा का क्षेत्र है उसमें पैर नहीं डाल सकते। अब जाएं तो जाएं कहां। तो ये राज्यों की जो अलग-अलग पार्टियां अलग-अलग अपने मुद्दों पर जो अपनी जान चला रही हैं। अब उनकी नजरें उन पर है। और इसलिए, और वो भी समझ गए होंगे, बोलते नहीं होंगे, समझ गए होंगे कि उनको ही खा रहे हैं। साथियों, इंडी गठबंधन के दल अब कांग्रेस का ये कैरेक्टर समझने लगे हैं। इंडी वालों को ये ऐहसास हो रहा है कि जिस वोटबैंक को उन्होंने कांग्रेस से छीना है, अब कांग्रेस उसे वापस पाने में जुटी है। इसलिए, दिल्ली में हमने देखा, इंडी के ही दलों ने एकजुट होकर कांग्रेस को हैसयित बताने की कोशिश की, अपने वोट बैंक को रोकने की कोशिश की। ये मीडिया वालों को पता नहीं समय नहीं मिला। अब तो समय ही समय है उनके पास। इंडी गठबंधन पूरा दिल्ली में कांग्रेस के खिलाफ मैदान में उतरा था और फिर भी क्या हाल हुआ देखिए, दोनों तरफ। साथियों वह कांग्रेस को रोकने में तो सफल रहे लेकिन आपदा को बचाने में कामयाब नहीं हो पाए।

साथियों,
कांग्रेस का हाथ थामने वाले इसलिए भी बर्बाद हो रहे हैं, क्योंकि आज कांग्रेस वो कांग्रेस नहीं है जो आजादी के आंदोलन के समय थी। जो आजादी के बाद कुछ दशकों तक थी। आज वो कांग्रेस नहीं है। आज कांग्रेस देशहित की नहीं, अर्बन नक्सलियों की राजनीति कर रही है। कांग्रेस के नेता जब कहते हैं कि वो भारत से लड़ रहे हैं, Indian state से लड़ रहे हैं। ये नक्सलियों की भाषा है। ये समाज में, देश में अराजकता लाने की भाषा है। और यहां दिल्ली में तो आप-दा भी उसी अर्बन नक्सली सोच को ही आगे बढ़ा रही थी। कांग्रेस की ये अर्बन नक्सली सोच, राष्ट्र की उपलब्धियों पर अटैक करती है। ये पूरी दुनिया में अपनी ही सोच का आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक निज़ाम लाना चाहते हैं। जब से कांग्रेस में अर्बन नक्सलियों का DNA घुसा है, तब से कांग्रेस हर कदम पर बर्बाद हो रही है।

साथियों,
आज दिल्ली से मैं देश के नौजवानों से भी अपना एक आग्रह दोहराना चाहता हूं। मैंने एक लाख नौजवानों को राजनीति में आगे आने के लिए कहा है। ये मैं इसलिए कहता हूं कि देश को सही मायने में एक गंभीर, पॉलिटकल ट्रांसफॉरमेशन की ज़रूरत है। विकसित भारत को नई प्राणशक्ति की जरूरत है। 21वीं सदी की राजनीति को नए idea, नई ऊर्जा की ज़रूरत है। नए चिंतन की ज़रूरत है। ये मैं इसलिए भी कह रहा हूं क्योंकि अगर अच्छे नौजवान, बेटे-बेटियां राजनीति में नहीं आएंगे, तो ऐसे लोग राजनीति पर कब्जा कर लेंगे जो राजनीति में नहीं आने चाहिए। सफलता-असफलता अपनी जगह पर है, लेकिन देश को धूर्तता और मूर्खता की राजनीति नहीं चाहिए। एक तरफ धूर्तता है तो दूसरी तरफ मूर्खता है। देश का तेजस्वी युवा अगर राजनीति में नहीं आएगा, तो देश धूर्तता और मूर्खता की राजनीति में फंस जाएगा। विकसित भारत बनाने के लिए हमें राजनीति में नयापन लाना है, हर स्तर पर इनोवेशन लाना है।

साथियों,
हमारी ये विजय, नई ज़िम्मेदारी लेकर आई है। भाजपा, ऱिफॉर्म और परफॉर्म की गारंटी देती है। और जब इसमें हर दिल्लीवासी जुड़ जाएगा तो ट्रांसफॉरमेशन और तेज गति से आएगा। हमें दिल्ली के विकास के लिए मिलकर काम करना है। हम कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। हम मिलकर दिल्ली को विकसित भारत की विकसित राजधानी बनाएंगे।

साथियों,
मैंने हमेशा जिस मंत्र को जिया है और जिस मंत्र को हमेशा मैं मेरे लिए भी पुनः स्मरण करता रहता हूं मेरे सभी साथियों के लिए भी पुनः स्मरण करता रहता हूं और वो है हमें हमेशा जब-जब विजय मिले, अपनी नम्रता को कभी छोड़ना नहीं है। अपने विवेक को कभी छोड़ना नहीं है। समाज सेवा के हमारे भाव को कभी छोड़ना नहीं है। हम सत्ता सुख के लिए नहीं, हम सेवा भाव से आए लोग हैं। हम हमारी शक्ति समय सत्ता सुख में नहीं बर्बाद करेंगे, हम इस अवसर को सेवा के लिए ही खपा देंगे। और इसलिए साथियों इस संकल्प के साथ हम आगे बढ़ें। दिल्ली और पूरे एनसीआर के विकास के जो सपने हमने सजे हैं, उसको हम परिपूर्ण करके रहें। मैं एक बार फिर सभी देशवासियों का भी निरंतर हम पर आशीर्वाद बनाए रखने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। मैं दिल्लीवासियों का फिर से आभार व्यक्त करता हूं और आप सभी साथियों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। जय, बोलिए, यमुना मैया की जय, यमुना मैया की जय, यमुना मैया की जय, यमुना मैया की जय, यमुना मैया की जय, यमुना मैया की जय।

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister condoles the passing of iconic and versatile singer Asha Bhosle Ji
April 12, 2026
PM highlights her extraordinary musical journey and timeless brilliance

Prime Minister Shri Narendra Modi today expressed deep sadness over the passing of Asha Bhosle Ji, acknowledging her as one of the most iconic and versatile voices India has ever known.

The Prime Minister remarked that her extraordinary musical journey, which spanned decades, enriched the nation's cultural heritage and touched countless hearts across the world. Shri Modi noted that whether through her soulful melodies or vibrant compositions, her voice carried a timeless brilliance, adding that he will always cherish the interactions he had with her.

The Prime Minister extended his heartfelt condolences to her family, admirers, and music lovers. Shri Modi observed that she will continue to inspire generations and her songs will forever echo in people’s lives.

The Prime Minister wrote on X:

"Deeply saddened by the passing of Asha Bhosle Ji, one of the most iconic and versatile voices India has ever known. Her extraordinary musical journey, spanning decades, enriched our cultural heritage and touched countless hearts across the world. Be it her soulful melodies or vibrant compositions, her voice carried timeless brilliance. I’ll always cherish the interactions I’ve had with her.
My condolences to her family, admirers and music lovers. She will continue to inspire generations and her songs will forever echo in people’s lives."

“भारतातील सर्वात ख्यातनाम आणि अष्टपैलू आवाजांपैकी एक असलेल्या आशा भोसले जी यांच्या निधनाने अतिशय दुःख झाले. त्यांच्या अनेक दशकांच्या अद्वितीय संगीत प्रवासाने आपल्या सांस्कृतिक वारशाला समृद्ध केले आणि जगभरातील असंख्य लोकांच्या मनाला स्पर्श केला. भावपूर्ण गीतांपासून ते जोशपूर्ण संगीत रचनांपर्यंत, त्यांच्या आवाजात कालातीत तेज होते. त्यांच्याशी झालेल्या संवादांच्या आठवणी मी सदैव जपून ठेवेन. त्यांच्या कुटुंबीयांना, चाहत्यांना आणि संगीतप्रेमींना माझ्या भावपूर्ण संवेदना. त्या पुढील पिढ्यांना प्रेरणा देत राहतील आणि त्यांची गाणी सदैव लोकांच्या आयुष्यात गुंजत राहतील.”