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NDA’s 6 sutras for development of Bihar –for people: Education, employment, Medical facilities & for state: Electricity, Water, Roads
NDA is dedicated to welfare of the poor; our only mantra is development of Bihar: PM Modi #ParivartanRally
Do not vote for ‘Jungle Raj’ & ‘Jantar Mantar Raj’. They would ruin Bihar: Narendra Modi #ParivartanRally
People of Bihar are fed up of Nitish Govt.; now they want development: PM Modi
Nitish-Lalu-Sonia responsible for Bihar’s plight: PM Narendra Modi #ParivartanRally
Those who do not have faith in democracy and have lost people’s faith are now turning towards ‘Jantar Mantar’: PM Modi
I assure the people of Bihar that the NDA would fulfill all aspirations of the people: PM Modi #ParivartanRally
The youth of Bihar have immense talent and could do wonders: PM Modi #ParivartanRally

सामाजिक न्याय के प्रणेता, गरीब, पिछड़ों के मसीहा और बिहार के गौरव बाबू विन्देश्वर प्रसाद मंडल जी के धरती के कोटि-कोटि नमन करै छी। अहाँ सब के पावन स्नेह देखकर मन भाव-विभोर भे गिल। मंच पर विराजमान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और दलितों के मसीहा श्रीमान जीतन राम मांझी जी, एनडीए के सभी घटकों के वरिष्ठ नेतागण और विशाल संख्या में पधारे हुए मधेपुरा के मेरे भाईयों और बहनों।

चुनाव में सहरसा से भाजपा के उम्मीदवार आलोक रंजन जी, मधेपुरा से भाजपा के उम्मीदवार विजय कुमार विमल, बिहारीगंज से भाजपा के उम्मीदवार रवीन्द्र चरण यादव, सुपौल से भाजपा के उम्मीदवार किशोर कुमार, पीपड़ा से भाजपा के उम्मीदवार विश्व मोहन कुमार, निर्मली से भाजपा के उम्मीदवार राम कुमार राय, छतापुर से भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिंह, महीसिंह से रालोसपा के उम्मीदवार चंदन कुमार जी, सोवरसो से लोजपा के उम्मीदवार श्रीमती सरिता देवी जी, सिंदरी से लोजपा के उम्मीदवार युसुफ़ अलाउद्दीन जी, आलमनगर से लोजपा के उम्मीदवार श्री चंदन सिंह, सिन्देश्वर से हम पार्टी के उम्मीदवार श्रीमती मंजू देवी, त्रिवेणीगंज से लोजपा के उम्मीदवार विजय पासवान जी और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाईयों और बहनों।

मैं कई बार अभियान के लिए आया लेकिन हर बार मैं बिहार आ न सकूँ, आपके दर्शन न कर सकूँ, आपके आशीर्वाद न ले पाऊं, इसके लिए भांति-भांति के अड़ंगे लगाने की कोशिश की गई एक बार जब मुझे आना था तो लालू जी, नीतीश जी चुनाव आयोग के पास पहुँच गए और शिकायत की कि बिहार में पहले चरण का मतदान चल रहा है और अगर मोदी इस समय आयेगा तो हमारा बचा-खुचा भी खा जाएगा इसलिए मोदी को बिहार में मत आने दो। चुनाव आयोग ने सारे नियम-कानून देखे और उनको कहा अगर किसी एक इलाक़े में चुनाव हो रहा है और दूसरे में नहीं है तो आप किसी को भी प्रचार करने से रोक नहीं सकते हैं; मोदी जी आयेंगे और सभा को संबोधित करेंगे। आज भी बिहार के कुछ स्थानों पर मतदान चल रहा है और मुझे आपका आशीर्वाद पाने का सौभाग्य मिला है।

लालू जी, नीतीश जी को पिछले 60 दिन में सभी सभाओं में जितने लोगों ने आशीर्वाद दिया होगा, मुझे अकेले मधेपुरा में उससे भी ज्यादा लोगों ने आकर आशीर्वाद दिया है। ये हिसाब है इस चुनाव का और बिहार की जनता राजनीति को भली-भांति समझती है। बिहार के लोग आधा-अधूरा नहीं बल्कि पूरा विश्वास करते हैं। उनको ख़ुद पर विश्वास है और इसलिए वे दूसरों पर भी विश्वास करते हैं लेकिन जब कोई उनका विश्वास तोड़ देता है तो चुन-चुन करके अपना हिसाब चुकता कर लेते हैं। यही बिहार के लोग है, 35 साल तक लोगों ने आँख बूँद करके कांग्रेस पर भरोसा किया, उनके वादे मानती रही लेकिन जब उन्होंने 35 साल का हिसाब देखा तो लोगों ने जिस कांग्रेस को 35 साल तक छप्पड़ फाड़ के दिया था, 35 साल के बाद ऐसा साफ़ कर दिया कि कांग्रेस नज़र ही नहीं आ रही है। अरे अभी उनको 40 सीट तोहफ़े में मिली है। ये 40 पर लड़ रहे हैं और एक प्रकार से हमारे लिए बिना कांटेस्ट के 40 सीट हो हमारी ज़ेब में वैसे ही आ गई है। उम्मीदवार पैसे लेकर घर पहुँच गए। ये पैसा ही खर्च नहीं कर रहे कि बच्चों को काम आएंगे। दिल्ली से जो थैली आई, उसे खर्च नहीं कर रहे क्योंकि उन्हें मालूम है कि कुछ बचने वाला नहीं है।

कांग्रेस को साफ करने के बाद लोगों को लगा कि लालू जी चल जाएंगे बड़ी अच्छी बातें बोलते हैं, ख़ुद भी अच्छे इंसान हैं, भैंस पर बैठ जाते हैं, बच्चों के बाल काट देते हैं बिहार के लोगों ने इतना भरोसा किया कि जिनको इन सारे कामों में मज़ा आता था, उन्हें सरकार चलाने का मौका दे दिया और नतीज़ा यह हुआ बिहार में बर्बादी के सिवा कुछ नहीं बचा। उसके बावजूद लोगों ने 15 साल तक उन पर भरोसा किया, उनपर गंभीर आरोप लगे, उन्हें सजा हुई और जब पत्नी को गद्दी पर बिठाया तो लोगों ने उन पर भी भरोसा किया। इसके बाद भी जब बिहार का भला नहीं हुआ तो बिहार की जनता का तीसरा नेत्र खुल गया। बिहार की जो जनता लालू जी को पलकों पर बिठाती थी, उसने हमेशा के लिए लालू जी की विदाई कर दी।

तीसरा जिस पर भरोसा किया, उनका अहंकार ही उनको खा गया जनता के साथ उनको कोई नाता नहीं रहा, जॉर्ज फ़र्नान्डिस के पीठ में छुरा भोंक दिया, जेपी को छोड़ दिया, जिस लोहिया जी ने कांग्रेस के खिलाफ़ लड़ाई लड़ी थी, उस लोहिया जी के चेले ख़ुद कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए। बिहार की जनता ने धोखाधड़ी देखी है और इसलिए बिहार की जनता का और भी ज्यादा गुस्सा फूट निकला है। बिहार की जनता ने कांग्रेस को 35 साल बाद निकाला, लालू जी को 15 साल बाद निकाला, इनको तो 10 साल के बाद हमेशा-हमेशा के लिए विदाई कर देगी।

भाईयों-बहनों, बिहार के पास पानी है, जवानी है, नौजवानों के पास सपने हैं, बिहार के लोग मेहनत करने को तैयार हैं, फ़िर भी बिहार पीछे है। आपको जानकर आनंद होगा कि 150 साल पहले अंग्रेज़ लोग यहीं के कुछ लोगों को उठाकर मजदूरी के लिए मॉरिशस ले गए। गरीब, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, इसी समाज के लोग थे वो। तब अंग्रेज़ों का ज़ुल्म चलता था, जहाजों में बिठाकर समुद्र के रास्ते मॉरिशस ले गए। आज अगर आप मॉरिशस जाकर देखो तो बिहार के लोगों नें मॉरिशस में स्वर्ग खड़ा कर दिया। ऐसा मॉरिशस बना दिया है कि सीना तन जाता है बिहार के लोगों का पराक्रम देखकर। जो बिहार के लोग मॉरिशस को बना सकते हैं, वो बिहार और मधेपुरा को भी बना सकते हैं। झारखंड बिहार का ही हिस्सा था और झारखंड अलग हुआ, नेता नए आए, भाजपा को सेवा करने का मौका मिला और आज झारखंड भारत के पहले 10 राज्यों में खड़ा हो गया लेकिन बिहार आखिरी नंबर पर है और उसका कारण है – 25 साल लालू जी और नीतीश जी की सरकार, बड़े भाई और छोटे भाई की जुगलबंदी।

बिहार जंगलराज, भ्रष्टाचार, और अहंकार से तबाह हो गया और ये तीनों इकट्ठे हो गए है और इससे पहले से ज्यादा बर्बादी होगी। आप बताएं कि आज पूरे विश्व में हिन्दुस्तान का डंका बज रहा है कि नहीं? अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, चीन, जापान चारों तरफ हिन्दुस्तान की जय-जयकार हो रही है कि नहीं? ये मोदी के कारण नहीं हो रहा है बल्कि ये सवा सौ करोड़ देशवासियों के कारण हो रहा है। आज अगर दिल्ली में आपने हमें पूर्ण बहुमत नहीं दिया होता तो दुनिया में हिन्दुस्तान का डंका नहीं बज सकता था। ये डंका इसलिए बजता है क्योंकि देशवासियों ने 30 साल के बाद दिल्ली में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई है। दुनिया में कितना ही महान और ताक़तवर देश क्यों न हो, लेकिन उसका नेता जब मोदी से हाथ मिलाता है तो उसे मोदी नहीं बल्कि सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी दिखाई देते हैं और इसलिए दुनिया हिन्दुस्तान का लोहा मानती है।

इसी तरह सभी राज्यों में भी बिहार का डंका बजे और जय-जयकार हो तो बिहार में भी दो-तिहाई बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनानी होगी। चौथे चरण का चुनाव अभी चल रहा है और आज सुबह से जो मुझे जानकारी मिल रही है, लोगों में काफ़ी उत्साह है और लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और भारी मतदान हो रहा है। मधेपुरा सारे बिहार का रिकॉर्ड तोड़ेगा और मुझे विश्वास है कि इस बार मधेपुरा नया इतिहास बनाने वाला है।

भाईयों-बहनों, हमारे मधेपुरा में रेल लोकोमोटिव फैक्ट्री... जो वर्षों से धीरे-धीरे गुजारा कर रही है, न उसमें कोई जान भरता है, न कोई विकास करता है और न कोई रोजगार के अवसर पैदा करता है हमने निर्णय किया है कि हम रेल लोकोमोटिव को नया बनाएंगे, उसका विस्तार करेंगे, नई टेक्नोलॉजी लाएंगे, बिहार में रोजगार की नई संभावनाएं पैदा करेंगे। टेंडर पास हो गया है, जैसे ही आचार संहिता पूरी होगी, टेंडर खुल जाएंगे, और तेज़ गति से ये रेल लोकोमोटिव आगे बढ़ना शुरू हो जाएगा।

अगर काम करने का इरादा हो और बिहार के प्रति प्यार हो, तो फ़िर ये काम कभी रुक नहीं सकता है। मैं कहना चाहता हूँ कि मुझे एक ही काम करना है – विकास। विकास के लिए आपके लिए मेरे मन में तीन चीज़ें हैं - पढ़ाई, कमाई और बुजुर्गों को दवाई। बिहार के गरीब बच्चों को सस्ती एवं अच्छी शिक्षा मिलनी जरुरी है और यहीं पर मिलनी चाहिए क्योंकि तब गरीब माँ-बाप को अपनी जमीन गिरवी रखने और अपनी बहू-बेटियों की अमानत गिरवी रखने की नौबत नहीं आएगी। अच्छी शिक्षा हो, सस्ती शिक्षा हो, गरीब से गरीब व्यक्ति को शिक्षा मिले, ये काम मुझे करना है, मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए। दूसरी बात है, कमाई; नौजवान के लिए रोजगार। बिहार में पलायन रूकना चाहिए। पलायन के कारण बूढ़े माँ-बाप को उनकी सेवा करने के उम्र में छोड़कर नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। ये पलायन रूकना चाहिए और बिहार के नौजवान को यहीं पर रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उद्योग नहीं लगेंगे तो रोजगार कैसे मिलेगा।

अभी वर्ल्ड बैंक ने एक रिपोर्ट निकाली थी कि किस राज्य में लोग निवेश करना चाहते हैं, ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस कहाँ है। आपको जानकर दुःख होगा कि झारखंड, जो कभी बिहार की हिस्सा था, वो आज चौथे नंबर पर है और ये बिहार 21वें – 22वें नंबर पर खड़ा है। मुझे बताईये कि ऐसी स्थिति में कोई आयेगा क्या? इसका परिणाम देखिये, जब भाजपा के लोग बिहार में सरकार में थे, तो करीब 17,500 रुपये का पूँजी निवेश आया और जैसे ही भाजपा वाले निकल गए, ये आंकड़ा 6000 पर आ गया। ये बिहार का नुकसान हुआ कि नहीं, बिहार में कारखाना आने से अटक गया कि नहीं, नौजवान का रोजगार गया कि नहीं। बिजली नहीं होगी तो कारखाना कैसे लगेगा। आज भी 21वीं सदी में बिहार के 4000 गाँव ऐसे हैं जहाँ बिजली का खंभा भी नहीं है। ये शर्म की बात है। मैंने इन 4000 गांवों में बिजली पहुँचाने का ठान लिया है। घरों, स्कूलों में बिजली होनी चाहिए। नीतीश बाबू कहते हैं कि हम कंप्यूटर देंगे। आप बताईये कि बिना बिजली के कंप्यूटर कैसे चलेगा। ये मूर्ख बना रहे हैं। नीतीश जी, पहले बिजली तो लाओ।

2010 में नीतीश कुमार ने कहा था कि मेरी सरकार बनाईए, मैं घर-घर बिजली पहुंचाऊंगा और अगर मैं बिजली न पहुंचाऊं तो मैं वोट मांगने नहीं आऊंगा। बिजली तो नहीं आई लेकिन वो वोट मांगने जरुर आये। उन्होंने आपसे धोखा किया, अपना वादा तोड़ा तो अब आप उनसे नाता तोड़ोगे? जो अपना बिजली का वादा नहीं निभा सकते, वो आने वाले दिनों में भी आपका कुछ नहीं करेंगे। वो कहेंगे कि जंतर-मंतर करो, बिजली आ जाएगी, पानी आ जाएगा, रोजगार आ जाएगा। जंतर-मंतर वाला जमाना गया। मुझे तो डर है कि यहाँ 15 साल जंगलराज चला, 10 साल जंतर-मंतर का राज चला और ये जंतर-मंतर और जंगलराज एकसाथ आ गया, फ़िर बिहार को कोई नहीं बचा सकता।

हमें न जंतर-मंतर चाहिए और न जंगलराज चाहिए, इसलिए उन्हें विदाई देने का समय आ गया है। तीसरा है – दवाई; बुजुर्गों के लिए सस्ती दवाई, डॉक्टर और दवाखाना होना चाहिए। इंसान अगर बीमार हो तो कहाँ जाएगा। इसलिए आपके लिए मेरे तीन मंत्र हैं - पढ़ाई, कमाई और बुजुर्गों को दवाई। बिहार राज्य की भलाई के लिए तीन सूत्र है, बिजली, पानी एवं सड़क। बिजली आएगी, उद्योग लगेंगे। कोसी की तबाही के कारण यहाँ के किसानों को कितनी परेशानी होती है। एक कोसी परेशान करे तो दूसरी तरफ़ सूखा। पानी का प्रबंध होना चाहिए बिहार के पास दो ताकत है जो बिहार का भविष्य बदल सकती है – बिहार का पानी और बिहार की जवानी। मैं तो हैरान हूँ कि यहाँ इतना पानी है, इतने गरीब लोग हैं लेकिन मछली पालन का भी काम सरकार ने नहीं किया। अगर ये पानी में मछलियाँ तैयार करते तो आज बिहार को खाने के लिए 400 करोड़ रुपये की मछली बाहर से नहीं लानी पड़ती और 400 करोड़ में यहाँ लाखों नौजवान को रोजगार मिल जाता। उनको करना ही नहीं है, पानी बह रहा है और मछली बाहर से आ रही है। यही तो मुसीबत है कि जवानी बाहर जा रही है और पानी समुंदर में जा रहा है। बिहार को आगे बढ़ने के लिए मुझे ये दोनों पूरी ताकत से चाहिए और इसलिए मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूँ।

भाईयों-बहनों, हम बिहार को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाना चाहते हैं। 1 लाख 25 हज़ार करोड़ का पैकेज और 40 हज़ार करोड़ पुराना वाला जो कागज़ पर पड़ा था लेकिन जिसे कोई देने का नाम नहीं लेता था, हमने कहा कि लिखा किसी ने भी हो लेकिन बिहार तो मेरा है, सरकार किसी पराये की होगी लेकिन बिहार पराया नहीं है। इसलिए हमने सब मिलाकर 1 लाख 65 हज़ार करोड़ का पैकेज दिया जो बिहार का भाग्य बदलने का ताकत रखता है। विकास के लिए, बिहार का भाग्य बदलने के लिए वोट कीजिये।

मैं पूरे बिहार में जा चुका हूँ और जनता-जनार्दन का आशीर्वाद ले चुका हूँ और मैं साफ़ कहता हूँ कि दो-तिहाई बहुमत से एनडीए की सरकार बनने वाली है। बिहार 8 तारीख को दिवाली मनाएगा और पूरा हिन्दुस्तान 8 तारीख को दिवाली मनाएगा। दो-दो दिवाली मनानी है भाईयों। यहाँ आया हुआ हरेक व्यक्ति कम-से-कम दस परिवार को वोट करा देगा? ये प्यार और आशीर्वाद हो तो कोई सरकार बनने से रोक सकता है क्या। मतदान भारी संख्या में हो और पांचवें चरण में सबसे ज्यादा मतदान करके दिखाईये, यही मेरी आपको शुभकामनाएं हैं। मेरे साथ ज़ोर से बोलिये -   

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!       

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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Corona period has proved importance of skill, re-skill and up-skill: PM Modi
June 18, 2021
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One lakh youth will be trained under the initiative in 2-3 months: PM
6 customized courses launched from 111 centres in 26 states
Virus is present and possibility of mutation is there, we need to stay prepared: PM
Corona period has proved importance of skill, re-skill and up-skill: PM
The pandemic has tested the strength of every country, institution, society, family and person of the world: PM
People below 45 years of age will get the same treatment for vaccination as for people above 45 years of age from June 21st: PM
PM Lauds ASHA workers, ANM, Anganwadi and health workers deployed in the dispensaries in the villages

नमस्कार, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान महेंद्र नाथ पांडे जी, आर के सिंह जी, अन्य सभी वरिष्ठ मंत्रीगण, इस कार्यक्रम में जुड़े सभी युवा साथी, प्रोफेशनल्स, अन्य महानुभाव और भाइयों और बहनों,

कोरोना के खिलाफ महायुद्ध में आज एक महत्वपूर्ण अभियान का अगला चरण प्रारंभ हो रहा है। कोरोना की पहली वेव के दौरान देश में हजारों प्रोफेशनल्स, स्किल डवलपमेंट अभियान से जुड़े। इस प्रयास ने देश को कोरोना से मुकाबला करने की बड़ी ताकत दी। अब कोरोना की दूसरी वेव के बाद जो अनुभव मिले हैं, वो अनुभव आज के इस कार्यक्रम का प्रमुख आधार बने हैं। कोरोना की दूसरी वेव में हम लोगों ने देखा कि कोरोना वायरस का बदलना और बार-बार बदलता स्वरूप किस तरह की चुनौतियां हमारे सामने ला सकता है। ये वायरस हमारे बीच अभी भी है और जब तक ये है, इसके म्यूटेट होने की संभावना भी बनी हुई है। इसलिए हर इलाज, हर सावधानी के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए हमें देश की तैयारियों को और ज्यादा बढ़ाना होगा। इसी लक्ष्य के साथ आज देश में 1 लाख फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स तैयार करने का महाअभियान शुरु हो रहा है।

साथियों,

इस महामारी ने दुनिया के हर देश, हर संस्था, हर समाज, हर परिवार, हर इंसान के सामर्थ्य को, उनकी सीमाओं को बार-बार परखा है। वहीं, इस महामारी ने साइंस, सरकार, समाज, संस्था और व्यक्ति के रूप में भी हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए सतर्क भी किया है। पीपीई किट्स और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कोविड केयर और ट्रीटमेंट से जुड़े मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का जो बड़ा नेटवर्क आज भारत में बना है, वो काम अब भी चल रहा है और वो इसी का परिणाम है। आज देश के दूर-सुदूर में अस्पतालों तक भी वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स पहुंचाने का भी तेज गति से प्रयास किया जा रहा है। डेढ़ हजार से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट्स बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और हिन्दुस्तान के हर जिले में पहुंचने का एक भगीरथ प्रयास है। इन प्रयासों के बीच एक स्किल्ड मैनपावर का बड़ा पूल होना, उस पूल में नए लोग जुड़ते रहना, ये भी उतना ही जरूरी है। इसी को देखते हुए, कोरोना से लड़ रही वर्तमान फोर्स को सपोर्ट करने के लिए, देश में करीब 1 लाख युवाओं को ट्रेन करने का लक्ष्य रखा गया है। ये कोर्स दो-तीन महीने में ही पूरा हो जाएगा, इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे और एक ट्रेन्ड सहायक के रूप में वर्तमान व्यवस्था को काफी कुछ सहायकता देंगे, उनका बोझ हल्का करेंगे। देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग के आधार पर, देश के टॉप एक्सपर्ट्स ने क्रैश कोर्स डिजायन किया है। आज 6 नए कस्टमाइज़्ड कोर्स लॉन्च किए जा रहे हैं। नर्सिंग से जुड़ा सामान्य काम हो, होम केयर हो, क्रिटिकल केयर में मदद हो, सैंपल कलेक्शन हो, मेडिकल टेक्निशियन हों, नए-नए उपकरणों की ट्रेनिंग हो, इसके लिए युवाओं को तैयार किया जा रहा है। इसमें नए युवाओं की स्किलिंग भी होगी और जो पहले से इस प्रकार के काम में ट्रेन्ड हो चुके हैं, उनकी अप-स्किलिंग भी होगी। इस अभियान से, कोविड से लड़ रही हमारी हेल्थ सेक्टर की फ्रंटलाइन फोर्स को नई ऊर्जा भी मिलेगी और हमारे युवाओं रोजगार के नए अवसर के लिए उनके लिए सुविधा भी बनेगी।

साथियों,

Skill, Re-skill और Up-Skill, ये मंत्र कितना महत्वपूर्ण है, ये कोरोना काल ने फिर सिद्ध किया है। हेल्थ सेक्टर के लोग Skilled तो थे ही, उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए बहुत कुछ नया सीखा भी। यानि एक तरह से उन्होंने खुद को Re-skill किया। इसके साथ ही, उनमें जो स्किल पहले से थी, उसका भी उन्होंने विस्तार किया। बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी स्किल को अपग्रेड या वैल्यू एडिशन करना, ये Up-Skilling है, और समय की यही मांग है और जिस गति से टेक्नोलॉजी जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है तब लगातार dynamic व्यवस्था Up-Skilling की अनिवार्य हो गई है। Skill, Re-skill और Up-Skill, के इसी महत्व को समझते हुए ही देश में Skill India Mission शुरु किया गया था। पहली बार अलग से कौशल विकास मंत्रालय बनाना हो, देशभर में प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र खोलना हो, ITI's की संख्या बढ़ाना हो, उनमें लाखों नई सीट्स जोड़ना हो, इस पर लगातार काम किया गया है। आज स्किल इंडिया मिशन हर साल लाखों युवाओं को आज की जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग देने में बहुत बड़ी मदद कर रहा है। इस बात की देश में बहुत चर्चा नहीं हो पाई, कि स्किल डवलपमेंट के इस अभियान ने, कोरोना के इस समय में देश को कितनी बड़ी ताकत दी। बीते साल जब से कोरोना की चुनौती हमारे सामने आई है, तब से ही कौशल विकास मंत्रालय ने देशभर के लाखों हेल्थ वर्कर्स को ट्रेन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Demand Driven Skill Sets तैयार करने की जिस भावना के साथ इस मंत्रालय को बनाया गया था, उस पर आज और तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

हमारी जनसंख्या को देखते हुए, हेल्थ सेक्टर में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स से जुड़ी जो विशेष सेवाएं हैं, उनका विस्तार करते रहना उतना ही आवश्यक है। इसे लेकर भी पिछले कुछ वर्षों में एक फोकस्ड अप्रोच के साथ काम किया गया है। बीते 7 साल में नए AIIMS, नए मेडिकल कॉलेज और नए नर्सिंग कॉलेज के निर्माण पर बहुत ज्यादा बल दिया गया। इनमें से अधिकांश ने काम करना शुरू भी कर दिया है। इसी तरह, मेडिकल एजुकेशन और इससे जुड़े संस्थानों में रिफॉर्म्स को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज जिस गति से, जिस गंभीरता से हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करने पर काम चल रहा है, वो अभूतपूर्व है।

साथियों,

आज के इस कार्यक्रम में, मैं हमारे हेल्थ सेक्टर के एक बहुत मजबूत स्तंभ की चर्चा भी जरूर करना चाहता हूं। अक्सर, हमारे इन साथियों की चर्चा छूट जाती है। ये साथी हैं- हमारे आशा-एनम-आंगनवाड़ी और गांव-गांव में डिस्पेंसरियों में तैनात हमारे स्वास्थ्य कर्मी। हमारे ये साथी संक्रमण को रोकने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान तक में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की स्थितियां, भौगौलिक परिस्थिति कितनी भी विपरीत हों, ये साथी एक-एक देशवासी की सुरक्षा के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। गांवों में संक्रमण के फैलाव को रोकने में, दूर-सुदूर के क्षेत्रों में, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को सफलता पूर्वक चलाने में हमारे इन साथियों ने बहुत बड़ी भूमिका अदा की है। 21 जून से जो देश में टीकाकरण अभियान का विस्तार हो रहा है, उसे भी हमारे ये सारे साथी बहुत ताकत दे रहे हैं, बहुत ऊर्जा दे रहे हैं। मैं आज सार्वजनिक रूप से इनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं, इन हमारी सभी साथियों की सराहना करता हूं।

साथियों,

21 जून से जो टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है, उससे जुड़ी अनेक गाइडलाइंस जारी की गई हैं। अब 18 साल से ऊपर के साथियों को वही सुविधा मिलेगी, जो अभी तक 45 साल से ऊपर के हमारे महानुभावों को मिल रही थी। केंद्र सरकार, हर देशवासी को टीका लगाने के लिए, 'मुफ्त' टीका लगाने के लिए, प्रतिबद्ध है। हमें कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखना है। मास्क और दो गज़ की दूरी, ये बहुत ज़रूरी है। आखिर में, मैं ये क्रैश कोर्स करने वाले सभी युवाओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मुझे विश्वास है, आपकी नई स्किल्स, देशवासियों का जीवन बचाने में लगातार काम आएगी और आपको भी अपने जीवन का एक नया प्रवेश एक बहुत ही संतोष देगा क्योंकि आप जब पहली बार रोजगार के लिए जीवन की शुरूआत कर रहे थे तब आप मानव जीवन की रक्षा में अपने आप को जोड़ रहे थे। लोगों की जिन्दगी बचाने के लिए जुड़ रहे थे। पिछले डेढ़ साल से रात-दिन काम कर रहे हमारे डॉक्टर, हमारी नर्सिस इतना बोझ उन्होंने झेला है, आपके आने से उनको मदद मिलने वाली है। उनको एक नई ताकत मिलने वाली है। इसलिए ये कोर्स अपने आप में आपकी जिन्दगी में एक नया अवसर लेकर के आ रहा है। मानवता की सेवा का लोक कल्याण का एक विशेष अवसर आपको उपलब्ध हो रहा है। इस पवित्र कार्य के लिए, मानव सेवा के कार्य के लिए ईश्वर आपको बहुत शक्ति दे। आप जल्द से जल्द इस कोर्स की हर बारीकी को सीखें। आपने आप को उत्तम व्यक्ति बनाने का प्रयास करें। आपके पास वो स्किल हो जो हर किसी की जिन्दगी बचाने के काम आए। इसके लिए मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !