बिहार का भाग्य बदलने के लिए मेरा छह सूत्री कार्यक्रम- परिवारों के लिए पढ़ाई, कमाई व दवाई और प्रदेश के लिए बिजली, पानी व सड़क: प्रधानमंत्री
मेरी सरकार गरीबों के प्रति समर्पित है और मेरा एक ही मूल मंत्र है - बिहार का विकास: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
जंगलराज और जंतर-मंतर राज को कभी इकट्ठा मत होने दीजिए, दोनों मिलकर बिहार को बर्बाद कर देंगे: नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
नीतीश सरकार से जनता परेशान हो चुकी है, बिहार की जनता इस चुनाव में उन्हें ऐसे भगाएगी कि जिंदगीभर उन्हें स्वीकार नहीं करेगी: प्रधानमंत्री
बिहार की बदहाली के लिए नीतीश, लालू व सोनिया जी जिम्मेदार: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली
जिन लोगों की लोकतंत्र में श्रद्धा नहीं है, जिनके ऊपर जनता का प्यार और आशीर्वाद नहीं है, वही जंतर-मंतर का सहारा ले रहे हैं: प्रधानमंत्री
मैं बिहार की जनता को इस बात का विश्वास दिलाता हूँ कि मैं उनकी तपस्या को बेकार नहीं जाने दूंगा: प्रधानमंत्री मोदी #परिवर्तनरैली
बिहार का पानी और बिहार की जवानी ही बिहार का भाग्य बदलेगी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी #परिवर्तनरैली

सामाजिक न्याय के प्रणेता, गरीब, पिछड़ों के मसीहा और बिहार के गौरव बाबू विन्देश्वर प्रसाद मंडल जी के धरती के कोटि-कोटि नमन करै छी। अहाँ सब के पावन स्नेह देखकर मन भाव-विभोर भे गिल। मंच पर विराजमान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और दलितों के मसीहा श्रीमान जीतन राम मांझी जी, एनडीए के सभी घटकों के वरिष्ठ नेतागण और विशाल संख्या में पधारे हुए मधेपुरा के मेरे भाईयों और बहनों।

चुनाव में सहरसा से भाजपा के उम्मीदवार आलोक रंजन जी, मधेपुरा से भाजपा के उम्मीदवार विजय कुमार विमल, बिहारीगंज से भाजपा के उम्मीदवार रवीन्द्र चरण यादव, सुपौल से भाजपा के उम्मीदवार किशोर कुमार, पीपड़ा से भाजपा के उम्मीदवार विश्व मोहन कुमार, निर्मली से भाजपा के उम्मीदवार राम कुमार राय, छतापुर से भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिंह, महीसिंह से रालोसपा के उम्मीदवार चंदन कुमार जी, सोवरसो से लोजपा के उम्मीदवार श्रीमती सरिता देवी जी, सिंदरी से लोजपा के उम्मीदवार युसुफ़ अलाउद्दीन जी, आलमनगर से लोजपा के उम्मीदवार श्री चंदन सिंह, सिन्देश्वर से हम पार्टी के उम्मीदवार श्रीमती मंजू देवी, त्रिवेणीगंज से लोजपा के उम्मीदवार विजय पासवान जी और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाईयों और बहनों।

मैं कई बार अभियान के लिए आया लेकिन हर बार मैं बिहार आ न सकूँ, आपके दर्शन न कर सकूँ, आपके आशीर्वाद न ले पाऊं, इसके लिए भांति-भांति के अड़ंगे लगाने की कोशिश की गई एक बार जब मुझे आना था तो लालू जी, नीतीश जी चुनाव आयोग के पास पहुँच गए और शिकायत की कि बिहार में पहले चरण का मतदान चल रहा है और अगर मोदी इस समय आयेगा तो हमारा बचा-खुचा भी खा जाएगा इसलिए मोदी को बिहार में मत आने दो। चुनाव आयोग ने सारे नियम-कानून देखे और उनको कहा अगर किसी एक इलाक़े में चुनाव हो रहा है और दूसरे में नहीं है तो आप किसी को भी प्रचार करने से रोक नहीं सकते हैं; मोदी जी आयेंगे और सभा को संबोधित करेंगे। आज भी बिहार के कुछ स्थानों पर मतदान चल रहा है और मुझे आपका आशीर्वाद पाने का सौभाग्य मिला है।

लालू जी, नीतीश जी को पिछले 60 दिन में सभी सभाओं में जितने लोगों ने आशीर्वाद दिया होगा, मुझे अकेले मधेपुरा में उससे भी ज्यादा लोगों ने आकर आशीर्वाद दिया है। ये हिसाब है इस चुनाव का और बिहार की जनता राजनीति को भली-भांति समझती है। बिहार के लोग आधा-अधूरा नहीं बल्कि पूरा विश्वास करते हैं। उनको ख़ुद पर विश्वास है और इसलिए वे दूसरों पर भी विश्वास करते हैं लेकिन जब कोई उनका विश्वास तोड़ देता है तो चुन-चुन करके अपना हिसाब चुकता कर लेते हैं। यही बिहार के लोग है, 35 साल तक लोगों ने आँख बूँद करके कांग्रेस पर भरोसा किया, उनके वादे मानती रही लेकिन जब उन्होंने 35 साल का हिसाब देखा तो लोगों ने जिस कांग्रेस को 35 साल तक छप्पड़ फाड़ के दिया था, 35 साल के बाद ऐसा साफ़ कर दिया कि कांग्रेस नज़र ही नहीं आ रही है। अरे अभी उनको 40 सीट तोहफ़े में मिली है। ये 40 पर लड़ रहे हैं और एक प्रकार से हमारे लिए बिना कांटेस्ट के 40 सीट हो हमारी ज़ेब में वैसे ही आ गई है। उम्मीदवार पैसे लेकर घर पहुँच गए। ये पैसा ही खर्च नहीं कर रहे कि बच्चों को काम आएंगे। दिल्ली से जो थैली आई, उसे खर्च नहीं कर रहे क्योंकि उन्हें मालूम है कि कुछ बचने वाला नहीं है।

कांग्रेस को साफ करने के बाद लोगों को लगा कि लालू जी चल जाएंगे बड़ी अच्छी बातें बोलते हैं, ख़ुद भी अच्छे इंसान हैं, भैंस पर बैठ जाते हैं, बच्चों के बाल काट देते हैं बिहार के लोगों ने इतना भरोसा किया कि जिनको इन सारे कामों में मज़ा आता था, उन्हें सरकार चलाने का मौका दे दिया और नतीज़ा यह हुआ बिहार में बर्बादी के सिवा कुछ नहीं बचा। उसके बावजूद लोगों ने 15 साल तक उन पर भरोसा किया, उनपर गंभीर आरोप लगे, उन्हें सजा हुई और जब पत्नी को गद्दी पर बिठाया तो लोगों ने उन पर भी भरोसा किया। इसके बाद भी जब बिहार का भला नहीं हुआ तो बिहार की जनता का तीसरा नेत्र खुल गया। बिहार की जो जनता लालू जी को पलकों पर बिठाती थी, उसने हमेशा के लिए लालू जी की विदाई कर दी।

तीसरा जिस पर भरोसा किया, उनका अहंकार ही उनको खा गया जनता के साथ उनको कोई नाता नहीं रहा, जॉर्ज फ़र्नान्डिस के पीठ में छुरा भोंक दिया, जेपी को छोड़ दिया, जिस लोहिया जी ने कांग्रेस के खिलाफ़ लड़ाई लड़ी थी, उस लोहिया जी के चेले ख़ुद कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए। बिहार की जनता ने धोखाधड़ी देखी है और इसलिए बिहार की जनता का और भी ज्यादा गुस्सा फूट निकला है। बिहार की जनता ने कांग्रेस को 35 साल बाद निकाला, लालू जी को 15 साल बाद निकाला, इनको तो 10 साल के बाद हमेशा-हमेशा के लिए विदाई कर देगी।

भाईयों-बहनों, बिहार के पास पानी है, जवानी है, नौजवानों के पास सपने हैं, बिहार के लोग मेहनत करने को तैयार हैं, फ़िर भी बिहार पीछे है। आपको जानकर आनंद होगा कि 150 साल पहले अंग्रेज़ लोग यहीं के कुछ लोगों को उठाकर मजदूरी के लिए मॉरिशस ले गए। गरीब, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, इसी समाज के लोग थे वो। तब अंग्रेज़ों का ज़ुल्म चलता था, जहाजों में बिठाकर समुद्र के रास्ते मॉरिशस ले गए। आज अगर आप मॉरिशस जाकर देखो तो बिहार के लोगों नें मॉरिशस में स्वर्ग खड़ा कर दिया। ऐसा मॉरिशस बना दिया है कि सीना तन जाता है बिहार के लोगों का पराक्रम देखकर। जो बिहार के लोग मॉरिशस को बना सकते हैं, वो बिहार और मधेपुरा को भी बना सकते हैं। झारखंड बिहार का ही हिस्सा था और झारखंड अलग हुआ, नेता नए आए, भाजपा को सेवा करने का मौका मिला और आज झारखंड भारत के पहले 10 राज्यों में खड़ा हो गया लेकिन बिहार आखिरी नंबर पर है और उसका कारण है – 25 साल लालू जी और नीतीश जी की सरकार, बड़े भाई और छोटे भाई की जुगलबंदी।

बिहार जंगलराज, भ्रष्टाचार, और अहंकार से तबाह हो गया और ये तीनों इकट्ठे हो गए है और इससे पहले से ज्यादा बर्बादी होगी। आप बताएं कि आज पूरे विश्व में हिन्दुस्तान का डंका बज रहा है कि नहीं? अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, चीन, जापान चारों तरफ हिन्दुस्तान की जय-जयकार हो रही है कि नहीं? ये मोदी के कारण नहीं हो रहा है बल्कि ये सवा सौ करोड़ देशवासियों के कारण हो रहा है। आज अगर दिल्ली में आपने हमें पूर्ण बहुमत नहीं दिया होता तो दुनिया में हिन्दुस्तान का डंका नहीं बज सकता था। ये डंका इसलिए बजता है क्योंकि देशवासियों ने 30 साल के बाद दिल्ली में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई है। दुनिया में कितना ही महान और ताक़तवर देश क्यों न हो, लेकिन उसका नेता जब मोदी से हाथ मिलाता है तो उसे मोदी नहीं बल्कि सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी दिखाई देते हैं और इसलिए दुनिया हिन्दुस्तान का लोहा मानती है।

इसी तरह सभी राज्यों में भी बिहार का डंका बजे और जय-जयकार हो तो बिहार में भी दो-तिहाई बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनानी होगी। चौथे चरण का चुनाव अभी चल रहा है और आज सुबह से जो मुझे जानकारी मिल रही है, लोगों में काफ़ी उत्साह है और लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और भारी मतदान हो रहा है। मधेपुरा सारे बिहार का रिकॉर्ड तोड़ेगा और मुझे विश्वास है कि इस बार मधेपुरा नया इतिहास बनाने वाला है।

भाईयों-बहनों, हमारे मधेपुरा में रेल लोकोमोटिव फैक्ट्री... जो वर्षों से धीरे-धीरे गुजारा कर रही है, न उसमें कोई जान भरता है, न कोई विकास करता है और न कोई रोजगार के अवसर पैदा करता है हमने निर्णय किया है कि हम रेल लोकोमोटिव को नया बनाएंगे, उसका विस्तार करेंगे, नई टेक्नोलॉजी लाएंगे, बिहार में रोजगार की नई संभावनाएं पैदा करेंगे। टेंडर पास हो गया है, जैसे ही आचार संहिता पूरी होगी, टेंडर खुल जाएंगे, और तेज़ गति से ये रेल लोकोमोटिव आगे बढ़ना शुरू हो जाएगा।

अगर काम करने का इरादा हो और बिहार के प्रति प्यार हो, तो फ़िर ये काम कभी रुक नहीं सकता है। मैं कहना चाहता हूँ कि मुझे एक ही काम करना है – विकास। विकास के लिए आपके लिए मेरे मन में तीन चीज़ें हैं - पढ़ाई, कमाई और बुजुर्गों को दवाई। बिहार के गरीब बच्चों को सस्ती एवं अच्छी शिक्षा मिलनी जरुरी है और यहीं पर मिलनी चाहिए क्योंकि तब गरीब माँ-बाप को अपनी जमीन गिरवी रखने और अपनी बहू-बेटियों की अमानत गिरवी रखने की नौबत नहीं आएगी। अच्छी शिक्षा हो, सस्ती शिक्षा हो, गरीब से गरीब व्यक्ति को शिक्षा मिले, ये काम मुझे करना है, मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए। दूसरी बात है, कमाई; नौजवान के लिए रोजगार। बिहार में पलायन रूकना चाहिए। पलायन के कारण बूढ़े माँ-बाप को उनकी सेवा करने के उम्र में छोड़कर नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। ये पलायन रूकना चाहिए और बिहार के नौजवान को यहीं पर रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उद्योग नहीं लगेंगे तो रोजगार कैसे मिलेगा।

अभी वर्ल्ड बैंक ने एक रिपोर्ट निकाली थी कि किस राज्य में लोग निवेश करना चाहते हैं, ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस कहाँ है। आपको जानकर दुःख होगा कि झारखंड, जो कभी बिहार की हिस्सा था, वो आज चौथे नंबर पर है और ये बिहार 21वें – 22वें नंबर पर खड़ा है। मुझे बताईये कि ऐसी स्थिति में कोई आयेगा क्या? इसका परिणाम देखिये, जब भाजपा के लोग बिहार में सरकार में थे, तो करीब 17,500 रुपये का पूँजी निवेश आया और जैसे ही भाजपा वाले निकल गए, ये आंकड़ा 6000 पर आ गया। ये बिहार का नुकसान हुआ कि नहीं, बिहार में कारखाना आने से अटक गया कि नहीं, नौजवान का रोजगार गया कि नहीं। बिजली नहीं होगी तो कारखाना कैसे लगेगा। आज भी 21वीं सदी में बिहार के 4000 गाँव ऐसे हैं जहाँ बिजली का खंभा भी नहीं है। ये शर्म की बात है। मैंने इन 4000 गांवों में बिजली पहुँचाने का ठान लिया है। घरों, स्कूलों में बिजली होनी चाहिए। नीतीश बाबू कहते हैं कि हम कंप्यूटर देंगे। आप बताईये कि बिना बिजली के कंप्यूटर कैसे चलेगा। ये मूर्ख बना रहे हैं। नीतीश जी, पहले बिजली तो लाओ।

2010 में नीतीश कुमार ने कहा था कि मेरी सरकार बनाईए, मैं घर-घर बिजली पहुंचाऊंगा और अगर मैं बिजली न पहुंचाऊं तो मैं वोट मांगने नहीं आऊंगा। बिजली तो नहीं आई लेकिन वो वोट मांगने जरुर आये। उन्होंने आपसे धोखा किया, अपना वादा तोड़ा तो अब आप उनसे नाता तोड़ोगे? जो अपना बिजली का वादा नहीं निभा सकते, वो आने वाले दिनों में भी आपका कुछ नहीं करेंगे। वो कहेंगे कि जंतर-मंतर करो, बिजली आ जाएगी, पानी आ जाएगा, रोजगार आ जाएगा। जंतर-मंतर वाला जमाना गया। मुझे तो डर है कि यहाँ 15 साल जंगलराज चला, 10 साल जंतर-मंतर का राज चला और ये जंतर-मंतर और जंगलराज एकसाथ आ गया, फ़िर बिहार को कोई नहीं बचा सकता।

हमें न जंतर-मंतर चाहिए और न जंगलराज चाहिए, इसलिए उन्हें विदाई देने का समय आ गया है। तीसरा है – दवाई; बुजुर्गों के लिए सस्ती दवाई, डॉक्टर और दवाखाना होना चाहिए। इंसान अगर बीमार हो तो कहाँ जाएगा। इसलिए आपके लिए मेरे तीन मंत्र हैं - पढ़ाई, कमाई और बुजुर्गों को दवाई। बिहार राज्य की भलाई के लिए तीन सूत्र है, बिजली, पानी एवं सड़क। बिजली आएगी, उद्योग लगेंगे। कोसी की तबाही के कारण यहाँ के किसानों को कितनी परेशानी होती है। एक कोसी परेशान करे तो दूसरी तरफ़ सूखा। पानी का प्रबंध होना चाहिए बिहार के पास दो ताकत है जो बिहार का भविष्य बदल सकती है – बिहार का पानी और बिहार की जवानी। मैं तो हैरान हूँ कि यहाँ इतना पानी है, इतने गरीब लोग हैं लेकिन मछली पालन का भी काम सरकार ने नहीं किया। अगर ये पानी में मछलियाँ तैयार करते तो आज बिहार को खाने के लिए 400 करोड़ रुपये की मछली बाहर से नहीं लानी पड़ती और 400 करोड़ में यहाँ लाखों नौजवान को रोजगार मिल जाता। उनको करना ही नहीं है, पानी बह रहा है और मछली बाहर से आ रही है। यही तो मुसीबत है कि जवानी बाहर जा रही है और पानी समुंदर में जा रहा है। बिहार को आगे बढ़ने के लिए मुझे ये दोनों पूरी ताकत से चाहिए और इसलिए मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूँ।

भाईयों-बहनों, हम बिहार को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाना चाहते हैं। 1 लाख 25 हज़ार करोड़ का पैकेज और 40 हज़ार करोड़ पुराना वाला जो कागज़ पर पड़ा था लेकिन जिसे कोई देने का नाम नहीं लेता था, हमने कहा कि लिखा किसी ने भी हो लेकिन बिहार तो मेरा है, सरकार किसी पराये की होगी लेकिन बिहार पराया नहीं है। इसलिए हमने सब मिलाकर 1 लाख 65 हज़ार करोड़ का पैकेज दिया जो बिहार का भाग्य बदलने का ताकत रखता है। विकास के लिए, बिहार का भाग्य बदलने के लिए वोट कीजिये।

मैं पूरे बिहार में जा चुका हूँ और जनता-जनार्दन का आशीर्वाद ले चुका हूँ और मैं साफ़ कहता हूँ कि दो-तिहाई बहुमत से एनडीए की सरकार बनने वाली है। बिहार 8 तारीख को दिवाली मनाएगा और पूरा हिन्दुस्तान 8 तारीख को दिवाली मनाएगा। दो-दो दिवाली मनानी है भाईयों। यहाँ आया हुआ हरेक व्यक्ति कम-से-कम दस परिवार को वोट करा देगा? ये प्यार और आशीर्वाद हो तो कोई सरकार बनने से रोक सकता है क्या। मतदान भारी संख्या में हो और पांचवें चरण में सबसे ज्यादा मतदान करके दिखाईये, यही मेरी आपको शुभकामनाएं हैं। मेरे साथ ज़ोर से बोलिये -   

भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!       

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार: पीएम मोदी
August 02, 2026
मैं प्रत्येक नागरिक, विशेषकर हमारे युवाओं से, इस आंदोलन में शामिल होने का आग्रह करता हूं: प्रधानमंत्री
आज जब देश ने 'विकसित भारत' का लक्ष्य तय किया है, तो यह बहुत जरूरी है कि देश के युवा फिट रहें, उनमें भरपूर आत्मविश्वास हो और वे नशीले पदार्थों से हमेशा दूर रहें: पीएम मोदी
हमें हर युवा को नशे के जाल में फंसने से बचाना होगा: प्रधानमंत्री
समाज का सहयोग, योग और ध्यान हमें नशे की लत से लड़ने के लिए अंदर से मजबूत बनाते हैं और आज नशा-मुक्ति केंद्र जैसी सुविधाएँ भी लत छोड़ने में मदद करती हैं: पीएम मोदी
यदि कोई युवा अनजाने में नशे के जाल में फंस भी गया है, तो इसका बिल्कुल भी यह अर्थ नहीं है कि उसके लिए सभी दरवाजे बंद हो गए हैं: प्रधानमंत्री
हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि अगर घर का कोई बच्चा नशे की लत का शिकार हो जाता है, तो हमें इसे छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि उसे लत से मुक्त कराने के लिए डॉक्टरी मदद लेनी चाहिए: पीएम मोदी
हमें परिवार में बच्चों के साथ खुलकर संवाद करने की संस्कृति भी विकसित करनी चाहिए, ताकि आप उन्हें इस तरह के दुष्चक्र में फंसने से पहले ही सहारा दे सकें: प्रधानमंत्री
मैं अपने प्रोफेसरों से अपील करता हूँ कि वे अपने छात्रों के साथ नशीले पदार्थों के सेवन के खतरों पर चर्चा करें और अच्छे नतीजे पाने के लिए कैंपस में नशे के खिलाफ एक अभियान चलाएँ: पीएम मोदी


नमस्‍कार!

आज हम सभी देशवासी एक महान और महत्वपूर्ण संकल्प के लिए एकजुट हुए हैं। इस संकल्प को लेकर, इसक कार्यक्रम से जुड़े सभी पूज्य संतजन, अलग-अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे सभी राज्यपाल, सभी मुख्यमंत्री, अन्‍य सभी जनप्रतिनिधिगण, 28 हजार से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से युवा साथी, मैं आज इस शुभ घड़ी पर, शुभ संकल्प के लिए करोड़ों-करोड़ों नौजवानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं। आज हम सभी जिस अभियान के साक्षी बन रहे हैं, वह अभियान व्यक्ति के लिए हैं, परिवार के लिए हैं, समाज के लिए भी है और सबसे बड़ी बात है, यह राष्‍ट्र के लिए है।

साथियों,

विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए ‘नशा मुक्त युवा’ इस मूवमेंट का नाम ही इसके संकल्प को स्पष्ट करता है, क्योंकि आज जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है, तो इसके लिए आवश्यक है, देश का युवा तन से स्वस्थ हो, मन से स्वस्थ हो, आत्‍मविश्‍वास से भरपूर हो और ड्रग्स जैसी घातक आदत से हमेशा-हमेशा दूर ही रहे, दूर हो। यही इस अभियान का उद्देश्य है। इसलिए हम सबको यह संकल्प लेना है, हमारे युवा नशे और ड्रग्स के खतरों को समझे, हर तरह से जागरूक रहे और उससे दूर रहें और इस संकल्प में अब ‘राष्‍ट्रीय नशा मुक्त युवा’ अभियान की बड़ी भूमिका है।

साथियों,

काशी का सांसद होने के नाते मुझे खुशी है कि यह अभियान का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले साल काशी की पवित्र धरती से शुरू हुआ था। इसलिए वैज्ञानिक स्‍पष्‍टता के साथ-साथ इसमें आध्यात्मिक ऊर्जा भी है, संतों के आशीर्वाद भी हैं और महान सांस्कृतिक विरासत भी हैं। इसमें वह सांस्कृतिक समर्पण भी है, जिसने सदियों से नशे को खारिज किया है। यही वजह है, देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन करोड़ों-करोड़ों देशवासियों के हित के लिए आज हमारे साथ जुड़ चुके हैं। सामाजिक संगठनों ने, NGOs ने इस दिशा में संकल्प लिया है। सबने मिलकर ‘काशी डिक्लेरेशन’ के जरिए रोडमैप तैयार किया है और आज हम देख रहे हैं, काशी से उठा वो कल्याणकारी विचार अब यह एक नेशनल प्रोजेक्ट्स बन गया है। आज से देशभर में ‘नशा मुक्त युवा’ अभियान आरंभ हो रहा है।

साथियों,

कुछ काम ऐसे होते हैं, जो व्यक्तिगत रूप से कोई प्रयास करे, तो कभी-कभी निराश हो जाता है, थकान महसूस करता है, लंबी दूरी चलने में मन तैयार नहीं होता है, लेकिन जब सामूहिक अभियान बन जाता है, कंधे से कंधा मिलाकर करोड़ों लोग चल पड़ते हैं, तो ऐसे सभी जो व्यक्तिगत रूप से अपने आप कुछ नहीं कर पाते हैं, उनको भी एक नई ऊर्जा मिल जाती है। सामूहिकता की एक ताकत होती है और आज उस ताकत को लेकर के यह अभियान हर युवा मन को छूने वाला है। थोड़ी देर पहले देश के लाखों युवाओं ने नशा मुक्ति की शपथ ली है। आपने अपने जीवन को नशे से दूर रखने का संकल्प लिया है। आपने अपने स्कूल, अपने कॉलेज और अपने समाज में नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया है।

साथियों,

आज लिया गया यह संकल्प आने वाले 100 सप्ताह तक लगातार ऐसे ही आगे बढ़ेगा। हर रविवार, कला, संस्‍कृति, स्पोर्ट्स, मेडिटेशन, आध्यात्म और सेवा से जुड़ी गतिविधियां होंगी। नशा मुक्ति का संदेश नए लोगों तक पहुंचेगा। आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे, हंड्रेड मजबूत स्‍टेप्‍स।

साथियों,

आज हजारों स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लाखों विद्यार्थी इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े हैं। माई भारत के वॉलंटियर्स भी लाखों की तादाद में आज इससे जुड़े हैं। मेरे एनएसएस के नौजवान भी आज हमारे साथ शामिल हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों से, अलग-अलग संस्‍थानों से, अलग-अलग बैकग्राउंड के एक करोड़ से अधिक युवा आज एक साथ हैं। मेरा आप सभी से आग्रह है, आप सब इस बड़े मोवमेंट के लीडर हैं। आपने मेरे इस विश्वास को और मजबूत किया है कि भारत का युवा कितना जागरूक है, कितना समझदार है और अपने कर्तव्यों के प्रति कितना गंभीर है। मैं आप सभी को इस अभियान के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे युवा साथियों,

आप भारत की अमृत पीढ़ी हैं। आप अगले 20-25 वर्षों में अपने जीवन को भी दिशा देंगे और आप ही 2047 में देश को विकसित भारत की मंजिल तक लेकर जाएंगे और उसको शिखर पर आप ही बैठे होंगे, उसका सारा रसपान करने का अवसर आप ही को मिलने वाला है। देश को आपकी ऊर्जा, आपकी कल्पनाशक्ति और आपके टैलेंट की जरूरत है। इसलिए, देश के लिए और अपने जीवन के लिए, खुद को नशा मुक्त रखना बहुत जरूरी है। नशा फोकस को भटकाता है, और धीरे-धीरे युवा को उसके अपने सपनों से दूर ले जाता है। अभी जिन नौजवानों ने नाट्य मंचन किया, बहुत कम समय में, बहुत अच्छे तरीके से नाट्य मंचन में उन्होंने समस्या भी बताई, समस्या के कारण पैदा हुए संकट भी बताए और बाहर निकलने के सामूहिक प्रयत्न का रास्ता भी दिखाया। नाट्य मंचन छोटा था, लेकिन जैसा उन्होंने कहा, आओ हम नाटक देखें! यह नाटक नहीं था, यह हम लोगों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश था। हमें जगा रहा था, हमें जूझने के लिए प्रेरित कर रहा था।

साथियों,

आजकल हम देखते हैं, आज के युवा स्‍टार्टअप्‍स की दुनिया में छाए हैं, AI को लीड कर रहे हैं, Sports में तिरंगा लहरा रहे हैं, स्‍पेस से लेकर Science तक नए कीर्तिमान बना रहे हैं। लेकिन साथियों, जब कोई युवा, अगर ड्रग्स के एडिक्‍शन में फंस जाए, तो केवल एक युवा नहीं हारता, एक सपना हार जाता है, एक सपने की बाल मृत्यु हो जाती है, एक परिवार हार जाता है, पूरा का पूरा परिवार टूट जाता है, समाज से भी नफरत का शिकार बन जाता है। नशा केवल शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता, नशा एक माँ की मुस्कान छीन लेता है। नशा एक पिता के सपनों को चूर-चूर कर देता है। एक बहन की राखी की उम्मीद को कमजोर कर देता है। एक छोटे भाई का आदर्श छीन लेता है। घर के बुजुर्ग हर दिन इस दर्द को जीते हैं कि उनका अपना बच्चा धीरे-धीरे खुद को खो रहा है, खुद को गला रहा है, तिल-तिल गल रहा है, आंखों के सामने उसे बर्बाद होते देख रहे हैं और जब परिवार में, समाज में ऐसा होता है और कहीं न कहीं, राष्ट्र की शक्ति भी कमजोर पड़ जाती है और इसलिए दुश्मन देश भी षड्यंत्र करके हमारे देश के युवाओं को इस नशे की लत में खींचने के लिए कोई कोशिश बाकी नहीं रखते हैं। ड्रग्स सप्लाई कर-करके कमाई करना और हमारे जैसे देश को तबाह करना, यह भी उनकी आतंकी साजिश का हिस्सा होता है और इसलिए हमें हर एक युवा को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना है।

साथियों,

नशा मुक्त रहकर आपको अपने पोटेंशियल को प्रोटेक्ट करना है! आपको ध्यान रखना है, ड्रग्स कुछ समय के लिए 'High' देता है। लेकिन आपके करियर और फैमिली लाइफ को 'Low' कर देता है। हमें नशे को किसी भी तरह की स्वीकार्यता नहीं देनी है।

साथियों,

हमारे समाज में भी हमेशा नशे को एक बुराई के रूप में देखा है। हमारे संतों ने, गुरुओं ने हमें इससे बचने के लिए चेताया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी कहा गया है- "जितु पीतै मति दूरि होइ बरलु पवै विचि आइ। आपणा पराइआ न पछाणई खसमहु धके खाइ॥'' अर्थात, जिस पदार्थ के सेवन से बुद्धि और विवेक साथ छोड़ दें, इंसान अपने और पराए की पहचान भूल जाए, ऐसा नशा उसे पतन की ओर ले जाता है।

साथियों,

हमारी संस्कृति में बचाव के लिए चेतावनी भी दी गईं है और नशे की आदत लगने पर उससे निकलने के रास्ते भी बताए गए हैं। समाज का सहयोग, योग और ध्यान की ताकत, यह नशे के खिलाफ हमारे अंतर्मन को ताकत देते हैं। और आज तो हमारे पास नशा छोड़ने के लिए rehabilitation center जैसी सुविधाएं भी हैं। इसलिए, अगर कोई युवा गलती से नशे में फंस भी गया है, तो इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि उसके सारे रास्ते बंद हो गए हैं। हमें हमेशा इस बात का ध्यान रखना है, घर का कोई बच्चा अगर नशे का शिकार बन गया है, तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में छिपाएं नहीं। जिसकी जरूरत हो, उसका सहयोग मांगे, मन खोलकर के उससे बात करें, जो एक्सपर्ट्स हैं, उनका सहयोग लें। मेडिकल हेल्प से अपने बच्चे को नशे से मुक्त कराने का प्रयास करें। हमें परिवार में बच्चों से खुलकर संवाद की संस्कृति भी बनानी चाहिए, ताकि ऐसे भंवर में फंसने से पहले ही आप उसका हाथ थाम सके। आपको भनक आ जाएगी, थोड़ा ध्यान रखिए पता चलेगा, उसमें बदलाव आ रहा है, वो खोया-खोया लग रहा है, वो मुँह छुपा रहा है, कमरे में बंद हो जा रहा है, देर रात आ रहा है, पैसे अनाब-शनाब मांग रहा है, यह सारी चीजों से पता चल जाता है, भनक आ जाती है, कुछ मामला गड़बड़ है।

साथियों,

एक आवाहन मैं कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ के हमारे प्रोफेसर्स साथियों से भी करना चाहता हूँ, आप भी कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट्स के साथ ड्रग्स के खतरों पर बात करें। नशे के खिलाफ अपने कैम्पस में एक मूवमेंट चलाएं। आपके प्रयास बड़े-बड़े परिणाम ला सकते हैं। और साथियों, हमें एक और बात ध्यान रखनी है, जो युवा नशे से लड़कर बाहर निकलते हैं, वह कमजोर नहीं होते, जो नशे को परास्‍त करके निकला है न, वह असली योद्धा होता है, समाज को उनका सम्मान करना चाहिए, अपनापन देना चाहिए, उसे दूसरा अवसर देना चाहिए क्योंकि ड्रग्स से जुड़ा किसी का अतीत उसकी पहचान नहीं हो सकता, उसका साहस उसकी पहचान होता है।

साथियों,

ड्रग्स के खिलाफ अभियान में आज सरकार भी मजबूती से युवाओं के साथ खड़ी है। देश में नशे के कारोबारियों और तस्करों पर सख्ती के साथ कार्रवाई हो रही है। पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। हजारों करोड़ रुपए की ड्रग्स भी जब्त की गई है। यह दिखाता है कि, ड्रग्स के खिलाफ हमारी सरकार कितनी सख्त है। मुझे विश्वास है, केन्‍द्र सरकार, राज्य सरकार, हर कोई इसे मिशन मोड में करेंगे। मुझे विश्वास है, हमारे देश का युवा नशे से मुक्त रहकर अपनी युवा ऊर्जा को न केवल संरक्षित करेगा, बल्कि विकसित भारत के संकल्पों को भी आगे बढ़ाएगा। और जब मैं आज अनेक महान संतों को मेरे सामने देख रहा हूं, दूर से मैं मन से उनको प्रणाम करता हूं। मैं इन सभी सामाजिक संस्‍थाएं, आध्यात्मिक संस्‍थाएं, आध्यात्मिक गुरुजन, आपका देश के कोने-कोने में संगठन है, आपके युवा साथी डिवोटीज हैं। आने वाले 100 दिन में हर एक संगठन, एक सप्ताह अपने जिम्मे ले सकता है, पूरा सप्ताह पूरे देश में वह संगठन नेतृत्व करे, बाकी सब शक्तियां उसके साथ जुड़े और रविवार को बहुत बड़ा कार्यक्रम करें। दूसरे सप्ताह, दूसरा संगठन, दूसरी शक्ति, सप्ताह भर प्रयोग करें, कार्यक्रम करे और रविवार को बड़ा कार्यक्रम करे। अगर 100 सप्ताह हमारे देश के ऐसे आध्यात्मिक, सामाजिक संगठन, युवा संगठन एक-एक सप्ताह अपने जिम्मे ले लें और बाकी सारी शक्तियां वह जुड़े और रविवार सब मिलकर के करें, आप कल्पना कर सकते हैं, देश में कितना बड़ा आंदोलन खड़ा हो जाएगा। मैं एक बार फिर आप सबने समय निकाला, इस पवित्र कार्य में हम सबको आशीर्वाद दिए, इसके लिए संतों का, आचार्यो का, संगठन के महारथियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इन एक करोड़ से ज्यादा जुटे नौजवानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं, आपने यह बहुत बड़ा काम किया है। मैं माई भारत के वॉलंटियर्स की बधाई करता हूं, वो जो भी ठान लेते हैं, आजकल करके दिखाते हैं। अभी पिछले दिनों मुझे माई भारत के वॉलंटियर्स को मिलने का मौका मिला, वह हिन्‍दुस्‍तान के सीमावर्ती गांवों में जाकर के एक-एक सप्ताह रूक करके आए हैं। जिसे कभी देश का आखिरी गांव कहा जाता है, जाता था जिसको आज हम देश का पहला गांव कहते हैं, वहां जाकर के आए। उनके अनुभव बड़े प्रेरक थे और आज इतना बड़ा कार्यक्रम माई भारत के वॉलंटियर्स कर पाते हैं, यह अपने आप में उनकी राष्‍ट्र के प्रति जागरूक समर्पित भावना का प्रतीक है, मैं उनकी बधाई देता हूं, उनका भी अभिनंदन करता हूं। और मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके सामूहिक प्रयत्नों से यह हमारी मोवमेंट घर-घर पहुंचेगी, हर युवा के दिन में पहुंचेगी और यह ड्रग्स के कारोबारियों के लिए बहुत बड़ा खौफ भी बन जाएगी। आइए, हम सब मिलकर के आगे चलें, मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!