प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के निमंत्रण पर, स्पेन सरकार के राष्ट्रपति श्री पेड्रो सांचेज़ 18-19 फरवरी 2026 को एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। यह उनकी दूसरी आधिकारिक भारत यात्रा है, इससे पहले वे 27-29 अक्टूबर 2024 को द्विपक्षीय यात्रा कर चुके हैं। उनके साथ स्पेन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और सिविल सर्विस मंत्री श्री ऑस्कर लोपेज़ अगुएदा और कृषि, मत्स्य पालन और खाद्य मंत्री श्री लुइस प्लानास पुचाडेस भी हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और राष्ट्रपति श्री पेड्रो सांचेज़ ने द्विपक्षीय वार्ता की और व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, अवसंरचना, जलवायु और नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, अंतरिक्ष, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के परस्‍पर आदान-प्रदान सहित भारत-स्पेन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग में सकारात्मक गति का स्वागत किया और वडोदरा संयंत्र में सी-295 परिवहन विमान की अंतिम असेंबली लाइन के लिए टाटा-एयरबस सहयोग में हुई प्रगति पर खुशी व्यक्त की, जिसका उद्घाटन दोनों नेताओं ने अक्टूबर 2024 में संयुक्त रूप से किया था। उन्होंने भावी परिदृश्‍य के रूप में सह-विकास और सह-उत्पादन पर आधारित रक्षा औद्योगिक सहयोग के महत्व पर बल दिया।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी, नवाचार, व्यापार और लोगों के बीच परस्‍पर संबंधों को और बढ़ावा देने में भारत-स्पेन के संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के द्विवार्षिक वर्ष की अपार संभावनाओं पर बल दिया, जिसे इस वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।

राष्ट्रपति श्री सांचेज़ ने एआई इम्पैक्ट समिट के महत्व को रेखांकित किया और विश्वास व्यक्त किया कि इसके परिणाम वैश्विक एआई शासन को आकार देने में सार्थक योगदान देंगे। दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में मान्यता दी और समावेशी विकास और सामाजिक लाभ के लिए इसकी क्षमता का लाभ उठाने हेतु भारत-स्पेन के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने विशेष रूप से भारत की नई शिक्षा नीति के आलोक में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस संदर्भ में, उन्होंने 19-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हो रहे भारतीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और स्पेनिश विश्वविद्यालयों के रेक्‍टर के सम्मेलन का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच पर्यटन में हो रही उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख किया, जो उनके संबंधित देशों में आर्थिक कार्यकलापों को बढ़ावा देने और लोगों के बीच परस्‍पर संबंधों को मजबूत करने में योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रमुख स्पेनिश विश्वविद्यालयों और संस्थानों, विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में, नई शिक्षा नीति के तहत भारत में परिसर खोलने के लिए आमंत्रित किया।

दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें स्पेन का हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने का निर्णय भी शामिल था। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता के सफल समापन को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, जिससे भारत और स्पेन के साथ-साथ यूरोप के बीच व्यापार और निवेश की अपार संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा दोहराई और आतंकवाद से निपटने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार, जो द्विवार्षिक अवधि के माध्यम से मजबूत हुआ है, भारत-स्पेन साझेदारी को नई गति प्रदान करेगा।

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पीएम मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और दृढ़ता के महत्व को रेखांकित करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
August 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीने के महत्व पर जोर डालते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। उन्होंने कहा कि सच्ची वीरता और ताकत किसी भी परिस्थिति में समझौता किए बिना अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर दृढ़ रहने में निहित है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया- 

“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।

अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥” 

इस सुभाषितम् का यह संदेश है कि व्यक्ति को सदैव आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीना चाहिए। सच्ची वीरता और ताकत इसमें है कि किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता किए बिना सत्य, धैर्य और आत्म-गौरव के साथ अपने आदर्शों पर दृढ़ रहें।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा; 

“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।

अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥”