"Narendra Modi addresses inaugural session of Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit"
"Punjab CM Parkash Singh Badal ji attends inaugural session of Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit"
"Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit is a platform that enables progressive farmers from all over the nation to share their experiences in farming: Narendra Modi"
"Increasing productivity is important. We should work on how to grow more in reduced amount of land: Narendra Modi"
"Narendra Modi stresses on integrating IT and E-Governance with farming"
"In the coming days the importance of organic farming will increase and the focus would be on holistic healthcare: CM"
"Such an event happening for the first time, it should happen all over India: Shri Parkash Singh Badal"
"For so many years the farmers have contributed to the nation thus, it is for the Government to help the farmers when they face any crisis: Shri Badal"
"Villages and farmers should get top priority: Shri PS Badal"

 

गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल एग्रीकल्चर समिटः विश्व कृषि सम्मेलन का शानदार प्रारंभ

महात्मा मंदिर, गांधीनगर में हिन्दुस्तान की किसान शक्ति का साक्षात्कार

किसान मैत्रीपूर्ण कृषि नीति आज के समय की मांग हैः श्री मोदी

हिन्दुस्तान के किसानों को आधुनिक कृषि टेक्नोलॉजी और वैज्ञानिक खेती से सशक्त करने की पहल गुजरात ने की

देश के किसान खेती छोड़ रहे हैं, वर्तमान भारत सरकार की घोर उदासीनता कृषि विकास के लिए बड़ा संकट

कृषिप्रधान भारत की खेती बाड़ी-पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक सशक्तिकरण के लिए गुजरात ने की ऐतिहासिक पहल

किसान पंचायत आयोजित, देश के २३ राज्यों के ४२५ जिलों के प्रगतिशील किसानों का गुजरात सरकार ने किया सम्मान

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में सर्वप्रथम विश्व कृषि सम्मेलन (वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट) का शानदार शुभारंभ करवाते हुए भारत में किसान मैत्रीपूर्ण नीतियों की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के किसान की क्षमता और पुरुषार्थ को प्रोत्साहित किया जाए तो वह भारत के अन्न भंडारों को भर देंगे, इतना ही नहीं, वह विदेशी मुद्रा हासिल करने के लिए कृषि उत्पादों के निर्यात से दुनिया के बाजारों पर प्रभुत्व हासिल कर लेंगे।

गांधीनगर में महात्मा मंदिर में आज से वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट-२०१३ का गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। पंजाब के मुख्यमंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल के विशेष आतिथ्य में आयोजित इस वैश्विक कृषि सम्मेलन में भारत भर के २३ राज्यों के ४५० से ज्यादा जिलों से प्रगतिशील किसानों के प्रतिनिधिमंडल और दुनिया के १४ देशों में से कृषि, पशुपालन क्षेत्र के विशेषज्ञों सहित कई विदेशी प्रतिनिधिमंडल पहुंचे हैं।

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

कृषि प्रधान भारत की अर्थव्यवस्था में खेतीबाड़ी और पशुपालन से संबद्ध ग्रामीण आर्थिक प्रवृत्तियों के आधुनिक कायाकल्प के लिए भारत में इस प्रकार का यह पहला विश्व कृषि सम्मेलन आयोजित करने की ऐतिहासिक पहल गुजरात ने की है।

आज गणेश चतुर्थी से दो दिवसीय इस वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट का गौरवपूर्ण शुभारंभ होने के बाद प्रथम दिन विभिन्न विषय पर आधारित चर्चा सत्र आयोजित किए गए। इस मौके पर देश में पहली बार किसान पंचायत आयोजित की गई। जिसमें हिन्दुस्तान के ४२५ से ज्यादा जिलों में से खेती और पशुपालन क्षेत्र में उत्तम सफलता हासिल करने वाले प्रगतिशील किसानों का शॉल और पुरस्कार प्रदान कर गुजरात सरकार ने ऐतिहासिक सम्मान किया।

रविवार देश शाम मुख्यमंत्री ने महात्मा मंदिर परिसर में विश्व कृषि सम्मेलन के अंतर्गत एग्रीटेक एशिया महाप्रदर्शनी की शुरूआत की थी। आज भारत के कोने-कोने से आए किसानों ने आधुनिक कृषि टेक्नोलॉजी का जमीन, पानी, पर्यावरण और पशुपालन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को शक्तिशाली बनाने में किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है, उसे इस प्रदर्शनी में निहारा।

भारत भर में से उत्साह-उमंग के साथ उमड़े किसानों की शक्ति का गर्मजोशी से अभिवादन करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश के किसी भी राज्य का किसान भारत के विकास में अपना योगदान देता है तब उसकी समस्याओं और कृषि विकास की आशाओं का इस प्रकार का सामूहिक मंथन केन्द्र सरकार को करना चाहिए। कोई करे या न करे, गुजरात ने विश्व कृषि सम्मेलन आयोजित कर इसकी पहल की है। सब साथ मिलकर कृषि विशेषज्ञों, कृषि वैज्ञानिकों, किसान, कृषि संस्थान और संशोधक कृषि विकास के लिए क्या कर सकते हैं, यह गुजरात ने कर दिखाया है।

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

किसान किसी भी सरकार से ज्यादा प्रगतिशील, नया सीखने और अपनाने की मानसिकता रखते हैं। इसका उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि गुजरात के इस विश्व कृषि सम्मेलन में देश भर के प्रगतिशील माने जाने वाले किसानों की सफलतागाथा का सम्मान करने की पहल की गई है। इसी प्रकार कृषि टेकनोलॉजी अपनाकर आधुनिक खेती, खेत उत्पादों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसान तत्पर हैं, ऐसे में इजरायल या विदेश जाकर जानने के बजाय देश में ही देश के किसानों को आधुनिक कृषि टेक्नोलॉजी और संशोधनों का ज्ञान साझा करने की पहल गुजरात सरकार ने की है। एग्रीटेक एशिया एक्जीबिशन ने विश्व भर के एग्रीटेक रिसर्च के अनुभवों के दरवाजे भारत के किसानों के लिए खोले हैं।

गुजरात में कृषि क्रांति की सफलतागाथा में कृषि महोत्सव और जल संचय व्यवस्थापन के अभियान की सफलता का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि परंपरागत खेत पद्धति की महिमा के साथ आधुनिक कृषि पद्धति, कम पानी और कम जमीन में ज्यादा उत्पादन हासिल करने के लिए ड्रिप इरीगेशन वरदान साबित हुआ है। इस सफलता से कृषि के लिए पर ड्रॉप-मोर क्रॉप और सॉइल हैल्थ कार्ड जैसे नए कृषि प्रयोगों की भूमि गुजरात बना है। दस वर्ष पहले गुजरात में मात्र १२ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप इरीगेशन होता था, जबकि आज ९ लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप इरीगेशन हो रहा है। दुनिया भर में कुल ६० प्रकार की सॉइल, जमीन, मिट्टी है, जिसमें से ४७ प्रकार भारत में पाए जाते हैं। ऐसे में इस जमीन का पृथ्थककरण और स्वास्थ्य के लिए आधुनिक कृषि विज्ञान और टेक्नोलॉजी का विनियोग किया जाना चाहिए। भारत के किसान जमीन और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों के जतन और संवर्धन के लिए जागरूक हैं। आईटी और ई-गवर्नेंस का महत्तम उपयोग कृषि क्षेत्र में करने के लिए अनेक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं, जिसके लिए केन्द्र सरकार को प्रयास करना चाहिए।

आज देश में किसान खेती छोड़ रहे हैं। किसान परिवारों की नई पीढ़ी को कृषि में दिलचस्पी नहीं है। और दुख के साथ कहना पड़ता है कि देश के मात्र ३० प्रतिशत किसानों को ही बैंक से कृषि ऋण मिलता है, और बाकी के ७० प्रतिशत किसान साहूकारों के ब्याज और कर्ज में डूबे पड़े हैं। सर्राफ के ऋण और कर्ज के बोझ में डूबे किसान लाखों की संख्या में आत्महत्या करते हैं, मगर हमारी सरकार कृषि ऋण की बैंकिंग व्यवस्था को किसान मैत्रीपूर्ण क्यों नहीं बनाती? इसलिए किसानों को कुदरत के और साहूकारों के भरोसे जीने को मजबूर होना पड़ता है।

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार की उदासीनता का उदाहरण देते हुए कहा कि गेहूं, गन्ना, प्याज, सोयाबीन और केले आदि कृषि उत्पादों की उत्पादकता में पेरु, तुर्की, नीदरलैंड और इंडोनेशिया जैसे भारत से छोटे और विकसित हो रहे देशों की सरकारों ने किसानों को प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इन देशों में कृषि उत्पादकता भारत की तुलना में ४-७ गुना तक ज्यादा है। भारत में पशुधन के संख्याबल के हिसाब से दूध उत्पादन काफी कम है। प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित करना होगा। इसके बिना कृषि क्षेत्र में परिवर्तन नहीं लाया जा सकेगा।

भारत में दलहन-दाल के उत्पादों की उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाने में कोई संशोधन या प्रोत्साहन नहीं मिलता और इन कृषि फसलों में स्थगितता आई है। किसान इस दिशा में नये प्रयोग करने को तत्पर हैं, लेकिन उन्हें प्रोत्साहन देने में केन्द्र सरकार की उदासीनता सबसे बड़ी बाधा है। किसानों के लिए खेती का उत्पादन खर्च बढ़ रहा है और समर्थन मूल्य भी बेहतर नहीं है। किसानों के कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए केन्द्र की नीतियां किसान विरोधी हैं।

भारत में प्रतिदिन ढाई हजार किसान खेती छोड़ रहे हैं और पिछले २० वर्ष में २.१७ लाख किसानों ने आत्महत्या की है। इस अधिकृत जानकारी का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि कृषि प्रधान देश की अर्थव्यवस्था पर इतना बड़ा संकट मंडरा रहा है जिसकी गंभीरता पर केन्द्र के शासक पूर्णतः उदासीन हैं। इस देश की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि-पशुपालन है। परन्तु उस पर कई संकट आ रहे हैं, जिसे लेकर केन्द्र सरकार गंभीर नहीं है।

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

कृषि उत्पादों की संग्रह शक्ति के व्यवस्थापन और सुविधा के अभाव में ४० प्रतिशत फल और सब्जियां नष्ट हो जाती हैं, इससे किसानों को भारी नुकसान होता है। इस दुखद बात का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि एरेटेड ड्रिंकिंग वाटर उत्पादकों की कंपनियों ने देश के प्रधानमंत्री द्वारा अप्रैल-२०१० में गुजरात के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जो कंज्यूमर्स अफेयर्स और खेती सुधार के लिए वर्किंग ग्रुप का गठन किया था।

इसकी रिपोर्ट जनवरी-२०११ में संपूर्ण पहलुओं की २० महत्वपूर्ण सिफारिशों के साथ प्रधानमंत्री को सौंपी थी लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। देश की जनता और किसानों की समस्याओं के बारे में केन्द्र सरकार इतनी संवेदनहीन बन गई है यह इससे पता चलता है। श्री मोदी ने सवाल पूछा कि, पांच प्रतिशत फल किसानों से अनिवार्य रूप से खरीदकर फलों का जूस के लिए उपयोग करने का कानून क्यों नहीं बनाया जाता।

जेएनएनआरयूएम के नेक्स्ट जनरेशन में देश के ५०० जिलों में शहरी क्षेत्र के वेस्ट वाटर मैनेजमेंट रिसायक्लिनिंग करके आसपास के क्षेत्र के किसानों को ऑर्गेनिक सब्जियों के उत्पादन के लिए प्रेरित करने के आर्थिक सक्षम मॉडल को प्रधानमंत्री के समक्ष पेश किया गया था। इसका उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने इस प्रस्ताव की प्रशंसा तो की लेकिन किया कुछ नहीं। गुजरात ने ५० शहरों में से घन कचरे और गंदे पानी के शुद्धिकरण के साथ आसपास के किसानों को जैविक सब्जी की ओर प्रेरित किया है।

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

श्री मोदी ने कहा कि विश्व में ऑर्गेनिक कृषि उत्पादों के बाजारों पर प्रभुत्व विकसित हो रहा है। हिन्दुस्तान के किसान जैविक खेती द्वारा ऑर्गेनिक कृषि उत्पादों से दुनिया के बाजारों में छा जाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्यों को एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी बनानी चाहिए।

विश्व में सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा नर्मदा नदी के सरदार सरोवर डैम के नजदीक स्टेचु ऑफ यूनिटी के स्वरूप में भव्य सरदार स्मारक निर्मित होगा। इसका उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि आगामी ३१ अक्टूबर से देश के ७ लाख गांवों में किसानों के पुराने लोहे के खेत औजार एकत्र करने का महाअभियान शुरू किया जाएगा। भारत के प्रत्येक राज्य में वाइब्रेंट कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की हिमायत करते हुए श्री मोदी ने किसानों की क्षमता और पुरुषार्थ को प्रोत्साहित करने के लिए किसान मैत्रीपूर्ण नीतियां लागू करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश के किसानों में अन्न भंडार भरने का पूरा सामर्थ्य है और अगर उन्हें अवसर मिले तो वह विदेशी पूंजी हासिल कर कृषि उत्पादों के निर्यात से दुनिया के बाजारों में छा जाएंगे।

इस मौके पर मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री रामकृष्ण कुशमारिया, मालदीव के मिनिस्टर काउंसिलर एडा साफीनजा आलियास, सेसल्स के हाई कमीश्नर वेवन विलियम, गांबिया के हाई कमीश्नर एलियू बाह, मालावा के एम्बेसेडर पर्क्स लिगोया, कंट्री डायरेक्टर वर्ल्ड फूड प्रोग्राम माइकल जेम्सन, नीदरलैंड के पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी एंड चेयरमैन एग्रीकल्चर बोर्ड बिनोजीनिबा, मेडागास्कर के एम्बेसेडर रेजन्डरोसा लिनोटी, रॉयल नीदरलैंड एम्बेसी के हाई कमीश्नर एरी वेल्धुकिन, एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड वैल्यू नई दिल्ली के अध्यक्ष अशोक गुलाटी, जोर्गे कार्डेनास रोबेल्स, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव और किसान अग्रणी मौजूद थे।

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

Vibrant Gujarat Global Agriculture Summit 2013

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।