छठी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-२०१३ का शानदार शुभारंभ
१२० से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए महात्मा मंदिर बना ग्लोबल बिजनेस, नॉलेज पार्टनरशिप का वाइब्रेंट डेस्टीनेशन
वैश्विक मंदी के वातावरण में भी गुजरात ने अपनी विकास दर बरकरार रखी है
एक समय गुजरातियों ने विश्व को अपना घर बनाया था, आज हमारी कोशिश है कि पूरा विश्व गुजरात को अपना घर बनाए
गुजरात की सामूहिक शक्ति के विकास सामर्थ्य की प्रतीति दुनिया ने की है
मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक गुजरात की अनुभूति करवाती छठी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के शानदार शुभारंभ पर संकल्प जताया कि विकास और मानवजाति के कल्याण के नीति निर्धारकों के लिए यह ग्लोबल समिट दिशादर्शक बन गई है। २१वीं सदी में वैश्विक चुनौतियों को अवसर में बदलने और टेक्नोलॉजी तथा नॉलेज में पार्टनरशिप बढ़ाने के लिए गुजरात की यह पहल विश्व की अर्थव्यवस्था को विश्वास और सकारात्मक संदेश देती है। गांधीनगर के महात्मा मंदिर परिसर में आज से प्रारंभ वाइब्रेंट गुजरात समिट की इस वैश्विक घटना ने इतिहास रच दिया। विश्व के १२० देशों से आए प्रतिनिधिमंडलों के लिए गुजरात नॉलेज और बिजनेस पार्टनरशिप का ग्लोबल डेस्टीनेशन बना है।
महात्मा मंदिर के विशाल कन्वेन्शन प्लेनरी हॉल में दुनिया के देशों की सरकारों के उच्च प्रतिनिधि, पदाधिकारी, प्रतिनिधिमंडलों के साथ ही विदेशों से प्रतिष्ठित और गणमान्य अंतरराष्ट्रीय उद्योग-व्यापार जगत के वरिष्ठ अग्रणी, कंपनी संचालक और विशेषज्ञों के प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहे।

वैश्विक विकास के सपने और संकल्पों के दर्शन का साक्षात्कार कराते गुजरात के सामर्थ्य और क्षमता की प्रतीति करवाती इस ग्लोबल समिट में सहभागी बने देश-विदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी आयोजन से खासे प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री श्री मोदी ने समिट में देश-विदेश के तमाम प्रतिनिधिमंडलों और महानुभावों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि, वैश्वीकरण की इस २१वीं सदी में विकास के लिए सहभागीदारी का यह सही मार्ग है। हम सभी ने विभिन्न संस्कृति और समाजों को मानवजाति का ज्यादा उज्जवल भविष्य बनाने के लिए संवेदनापूर्ण रूप से सामूहिक चिंतन शुरू किया है। क्रॉस कल्चर पार्टनरशिप का यह गुजरात एक्सपेरीमेंट विश्व की अर्थव्यवस्था को सकारात्मक विश्वास उपलब्ध करवाएगा।
श्री मोदी ने कहा कि एक समय था जब गुजरातियों ने समुद्र पार की दुनिया में जाकर अपना घर बनाया था, २१वीं सदी में गुजरात की यह कोशिश रही है कि पूरा विश्व गुजरात को अपना घऱ बनाए। महात्मा गांधी की भूमि पर १५०वीं स्वामी विवेकानंद जयंती के मौके पर गुजरात वसुधैव कुटुम्बकम् की भारतीय संस्कृति की अनुभूति करवा रहा है। इसका भावनात्मक स्वागत करते हुए श्री मोदी ने कहा कि गुजरात की इस ग्लोबल समिट का अंतरराष्ट्रीय अवसर में दस साल में रूपान्तरण हुआ है। जापान और कनाडा प्रणाली रूप से फिर से पार्टनर कंट्री बने हैं। इसके साथ ही विश्व के विकास के लिए चिंतन करने वाले अनेक देशों और महानुभावों ने इस समिट को नई ऊंचाई और प्रतिष्ठा प्रदान की है। भारत में सबसे बड़ा वैश्विक व्यापार प्रदर्शन, ग्लोबल ट्रेड शो एक लाख वर्ग मीटर के परिसर में विश्व भर के बाजार और उत्पादनों की गतिविधियों का आकर्षण बना है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से वैश्विक मंदी के वातावरण में दुनिया के सामाजिक और आर्थिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। ऐसे समय में भी गुजरात ने ग्लोबल समिट के सफल माध्यम द्वारा विश्व की अर्थव्यवस्था को सकारात्मक संदेश और विश्वास दिलाने की कवायद की है। इसके विधेयात्मक परिणामों की अनुभूति सभी को होगी। भारत की आर्थिक प्रगति में गुजरात के निर्णायक योगदान की भूमिका पेश करते हुए श्री मोदी ने कहा कि गुजरात ने विकास के मॉडल से जीवन की गुणवत्ता ऊपर लाने की कार्यसिद्धियां दर्शायी हैं। गुजरातियों की अनोखी उद्यमिता और राज्य सरकार के प्रोएक्टिव गुड गवर्नेंस की पॉलिसियां परिणामलक्षी रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि हम सभी का लक्ष्य अर्थव्यवस्था को ज्यादा मजबूत और मानव के सामाजिक जीवन को गुणवत्तापूर्ण बनाना है। इस ग्लोबल समिट के प्लेटफार्म के माध्यम से हम अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं।
गुजरात सभी को इकट्ठा करने, साथ रखने और सभी का साथ लेकर सामूहिक शक्ति से विकास के लिए कार्यरत रहने के समाज संस्कार का लक्ष्य रखता है। इसका गौरवपूर्ण उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने आधुनिक विश्व के विकास के लिए तीन आधारस्तंभ बतलाए। उन्होंने कहा कि स्केल-स्किल और स्पीड के तीन अविष्कारों की सामूहिक शक्ति से हमें आने वाली पीढ़ियों का विश्व तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास का बोध पाठ यह है कि शोषण आधारित अर्थव्यवस्था कामयाब नहीं होती। प्राकृतिक संसाधनों, मानवजाति और वंचितों के शोषण के बजाए जनशक्ति को विकास में भागीदार बनाकर २१वीं सदी की शोषणविहीन अर्थव्यवस्था की नीति यही ग्लोबल समिट है। गुजरात की यह ग्लोबल समिट आर्थिक नीति निर्धारकों के लिए दिशादर्शक बनेगी। उन्होंने टेक्नोलॉजी, नॉलेज और यूथ फोर्स की पॉवर शक्ति के सामर्थ्य वाले भारत में विकास के विराट सामर्थ्य को पहचान दिलाने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि गुजरात के विकास मॉडल से करोड़ों मानवीय चेहरों पर खुशी नजर आती है। और अब गुजरात अगली उड़ान में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और एग्रीकल्चर सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है। गुजरात ने विश्वस्तर के ढांचागत सुविधा विकास के लिए ऊंची उड़ान भरी है। विश्वस्तर के इन्वेस्टमेंट रिजन और स्मार्ट सिटीज के आयोजन अमल में लाए गए हैं। पोर्ट, रोड, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, रेल लॉजिस्टिक, कम्यूनिकेशन नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट, हैल्थ, एजुकेशन और टूरिज्म जैसे तमाम मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर गुजरात साकार कर रहा है।
गुजरात ने देश की समस्याओं के समाधान के लिए आधारभूत चिंतन कर अनेक नये आयाम सफल बनाए हैं। इसका उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि विकास में जनशक्ति को जोड़कर प्रगति में भागीदार बनाने की नीति फलदायी रही है। गुजरात विकास के लिए उपजाऊ भूमि है। इसमें भागीदारी के लिए आकर्षण बढ़ता रहा है। इसका स्वागत करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भू-भाग के लोकेशन एडवांटेज के साथ ही गुड गवर्नेंस, प्रोएक्टिव पॉलिसियों, टेक्नोलॉजी विनियोग से वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर की विकास उपलब्धियों ने गुजरात का नाम ग्लोबल नक्शे पर अंकित किया है। विकास की सीमाओं से गुजरात बाहर निकल चुका है। गुजरात आगामी वर्षों में विकास की आधुनिक गतिविधियों में लघु उद्योगों के मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर को प्राथमिकता से विशाल दायरे में बढ़ाना चाहता है। युवाशक्ति को स्किल डेवलपमेंट से तैयार किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा कि गुजरात आधुनिक विकास के लिए दिशानिर्देशक बनने के लिए संकल्पबद्ध है।











