प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रेखांकित किया कि हाल के वर्षों में रेलवे की बुनियादी ढांचा विकास के दृष्टिकोण में उल्लेखनीय बदलाव आया है इस बदलाव के चलते भारतीय रेलवे के के आधुनिकीकरण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी गुजरात के केवड़िया को देश के विभिन्न भागों से जोड़ने के लिए 8 रेलगाड़ियों को शुरू किए जाने के अवसर पर बोल रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने गुजरात में रेलवे की कई अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पहले मौजूद बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करते हुए पुरानी व्यवस्था को बनाए रखने तक ही ध्यान केन्द्रित किया जाता था जबकि नए विचारों और नई प्रौद्योगिकियों की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता था। इस सोच में बदलाव अपरिहार्य हो गया था। हाल के वर्षों में संपूर्ण रेलवे सिस्टम के कायाकल्प पर काम किया गया है और यह मात्र बजट में बढ़ोतरी तथा नई रेलगाड़ियां शुरू करने की घोषणा तक ही सीमित नहीं है। बदलाव विभिन्न मोर्चों पर आए हैं। उन्होंने केवड़िया को देश के विभिन्न स्थानों से जोड़े जाने की वर्तमान में परियोजनाओं का उल्लेख किया जिन्हें रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।

प्रधानमंत्री ने समर्पित माल गलियारे को पहले से जारी व्यवस्था में बदलाव की सोच का एक ताज़ा उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री ने पूर्वी-पश्चिमी माल गलियारे को हाल ही में राष्ट्र को समर्पित किया था। इस परियोजना के अंतर्गत 2006 से 2014 तक कार्य की प्रगति मात्र कागजों पर हुई थी और इस दौरान 1 किलोमीटर का भी नया ट्रैक नहीं बिछाया जा सका था। अब अगले कुछ दिनों में कुल 1100 किलोमीटर पर निर्माण कार्य पूर्ण होने वाला है।

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प्रधानमंत्री ने धैर्य और दृढ़ता की शक्ति को उजागर करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
July 08, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि साहस किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि साहस देश को कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए भी एकजुट रहने और प्रगति, समृद्धि तथा आत्मनिर्भरता की ओर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत में सुभाषितम् साझा किया।

“चलन्ति गिरयः कामं युगान्तपवनाहताः।

कृच्छ्रेऽपि न चलत्येव धीराणां निश्चलं मनः।। ”

यह सुभाषितम बताता है कि प्रलय के समय तूफानी हवाओं से घिरे पहाड़ भी कांप उठते हैं और गतिमान हो जाते हैं, फिर भी सबसे गंभीर परीक्षाओं के बीच भी दृढ़ व्यक्ति का मन अविचल और स्थिर रहता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखाः

"धैर्य किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। इससे कठिन चुनौतियों के बीच भी देश को एकजुट रहने के साथ ही प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।"

चलन्ति गिरयः कामं युगान्तपवनाहताः।

कृच्छ्रेऽपि न चलत्येव धीराणां निश्चलं मनः।"