रोजगार मेला, रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है
नवनियुक्त कर्मी ऑनलाइन मॉड्यूल कर्मयोगी प्रारंभ के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित भी करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 28 अक्टूबर, 2023 को दोपहर 1 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवनियुक्त कर्मियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित भी करेंगे।

रोजगार मेला देश भर में 37 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ इस पहल का समर्थन करने वाले राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों में नियुक्तियां की जा रही हैं। देश भर से चुने गए नए कर्मचारी रेल मंत्रालय, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय समेत विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में नियुक्त किये जायेंगे।

रोजगार मेला, रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। उम्मीद है कि रोजगार मेला, रोजगार सृजन में एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा तथा युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा।

नवनियुक्त कर्मियों को कर्मयोगी प्रारंभ के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का भी अवसर मिल रहा है। कर्मयोगी प्रारंभ आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एक ऑनलाइन मॉड्यूल है, जिसमें 'कहीं भी किसी भी डिवाइस' से सीखने के प्रारूप के तहत 750 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं।

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प्रधानमंत्री ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, गुरु सेवा को बताया ज्ञान प्राप्ति का मार्ग
May 12, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत में एक सुभाषितम को साझा किया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि केवल गुरु की समर्पित सेवा से ही ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया-

"यथा खात्वा खनित्रेण भूतले वारि विन्दति।

तथा गुरुगतां विद्यां शुश्रूषुरधिगच्छति॥"

सुभाषितम् यह बताता है कि जिस प्रकार पानी प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और धैर्य से धरती को खोदना पड़ता है, उसी प्रकार ज्ञान भी केवल गुरु की निष्ठापूर्वक सेवा करने, विश्वास, समर्पण, अनुशासन और ईमानदारी के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

"यथा खात्वा खनित्रेण भूतले वारि विन्दति।

तथा गुरुगतां विद्यां शुश्रूषुरधिगच्छति॥"